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Shayri Part 24

14 Nov

तुम मेरे पास थे ..हो.. और रहोगी…

ख़ुदा का शुक्र है यादों की कोई उम्र नहीं होती..

*******

औकात क्या है तेरी,
ए जिँदगी

चार दिन कि मुहोब्बत
तुझे तबाह कर देती है…

*******

इतनी क्या जल्दी है मुझे छोड़ने की ,
अभी तो हद बाकी है मुझे तोड़ने की !!

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हमनें आगोश-ऐ-मोहोब्बत से सिखा है सबक,
.
.
जिसको रोना नहीं आता वो मोहोब्बत कर लें।

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चेहरा बता रहा था कि मारा है भूख ने,
सब लोग कह रहे थे कि कुछ खा के मर गया..

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मेरी नींदें उज़ाडने वाली…
ये बता अब तेरे ख्वाब कौन देखेगा..?

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मुझे इंतज़ार करना बेहद पसंद है,
ये वक़्त उम्मीद से भरा होता है..

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मैं सफल होना नही चाहता,
मैं चाहता हूँ कि मेरी जिन्दगी सफल हो |

*******

मेरे हक मे खुशिओं क़ी दुआ करते हो
तुम खुद मेरे क्यो नही हो जाते …!!

*******

हमने तो खुद से इंतकाम लिया

तुमने क्या सोचकर मुहब्बत की ?

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किसान के लड़के ने अपने नाम के आगे Dr. जोड़ लिया….

गाँव मे हल ने कोने मे पड़े पड़े दम तोड़ दिया.

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नए अमीरों के घर भूलकर भी मत जाना
हरेक चीज़ की क़ीमत बताने लगते हैं…

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मेरे अलफ़ाज़ तो चुरा लोगे..

वो दर्द..

कहाँ से लाओगे ..

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समझ नहीं आता ,
उदासी के बाज़ार में…..
कहाँ-कहाँ खर्च करूँ ख़ुशी…..

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जीने के लिए रोज़ हँस लेता हुँ,
मगर, रोज़ थोड़ी थोड़ी
ज़िन्दगी बेच लेता हुँ…

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निकाल दे दिल से ख्याल उसका,

यादें किसी की तकदीर नहीं बदला करती….

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किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है । ये मुझे जितने नहीं देगी, और हार मैं मानुंगा नहीं…

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मैं अपने दुश्मन के भी गले लग जाऊँ…
शर्त ये है वो तुझसे
मिलकर आया हो…!

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आखिर गिरते हुऐ आँसुओं ने पूछ ही लिया…..
.
.
निकाल दिया न मुझे उसके लिऐ जिसके लिए तु कुछ भी नही…

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हो सके तो मुड़ के देख लेना, जाते जाते,

तेरे आने के भ्रम में,ज़िन्दगी गुज़ार लेंगे…

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मेरी आवारगी में कुछ कसूर तुम्हारा भी है….
ऐ.. दोस्त
जब तुम्हारी याद आती है तो घर अच्छा नही लगता……..

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मेरे बस मे हो तो लहरो को इतना हक़ भी ना दू….
लिखु नाम तेरा किनारे पे और लहरो को छुने तक ना दू….

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हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गये;

हम समंदर से भी गहेरे हो गये….

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दो हिस्सों में बंट गये मेरे दिल के तमाम अरमान…..

कुछ तुजे पाने निकले ..
कुछ मुजे समजाने निकले…

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किस तरह संभालोगे तुम जिंदगी के रिश्ते..
ज़रा सी एक जबान तो संभाली नहीं जाती..

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यूँ तो सिखाने को ज़िन्दगी बहुत कुछ सिखाती है…!! मगर….
झूठी हंसी हँसने का हुनर तो बस ‘मोहब्बत’ ही सिखाती है…!

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” बन्दा खुद की नज़र में सही होना चाहिए,
दुनिया तो भगवान से भी दुखी है ”

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“रुका हुआ है अज़ब धुप छाँव का मौसम,

गुज़र रहा है कोई दिल से बादलों की तरह..!!”

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“अब आई हो तो थोड़ी देर ठहर के जाना,

तुम बरसात हो,
कोई रूठी हुई महबूबा नहीं.”

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बचपन चवन्नी से हरे नोट में बदल गया…
मगर…बाज़ार बंद हो गया खुशियों का….

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दुसरा मौका सिफॅ कहानियां देती है, जिंदगी नहीं….

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गिनती ठीक से सीखा नहीं उस बच्चे ने…
मगर
इतना मालूम हैं खुशियाँ बांटने से बढती हैं …

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कुछ लोगों का दिल जीत लिया आकर इस
बरसात ने
और कुछ इस सोच में डूबे हैं की आज वो सोयेंगे कहां:(:(

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जी भर गया है तो बता दो,

हमें इनकार पसंद है….इंतजार नहीं…!

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लोग शोर से जाग जाते है….
मुजे तुम्हारी खामोंसी सोने नही देती….

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जिसको गलत तस्वीर दिखाई उसको ही बस खुश रख पाया…..
जिसके सामने आईना रक्खा हर शख्स वो मुझसे रूठ गया………

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हर कोई पूछता है ‘करते क्या हो तुम . . कि जैसे..मोहब्बत कोई काम ही नही..!

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जगडो का समाधा करता है. उसे वकील कहते है.
और
जो जगडा नही होने देता. उसे वडील
कहते है.

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दिल दुखाया करो इजाज़त है,
भूल जाने की बात मत करना ..!!

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सारी रात जागता रहा मै,
चाँद की एक झलक के खातिर…
पर कमबख्त बादलों को तरस भी ना आया,
मेरी बेचैनियों पर…….

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मिजाज अच्छा है आज हमारा,,,
ऐ_दोस्त,,,,,
सितम करना हो तो लौट आओ…..

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जिंदगी जख्मो से भरी हैं वक़्त को मरहम बनाना सीख लो ,

हारना तो मौत के सामने फिलहाल जिंदगी से जीतना सीख लो…

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बेख़बर हो गये हैं कुछ लोग,
जो हमारी ज़रूरत तक महसूस नही करते,
कभी बहुत बातें किया करते थे हमसे,
अब ख़ैरियत तक पूछा नही करते…

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“कांटो से बच बच के चलता रहा उम्र भर……

क्या खबर थी की चोट एक फूल से लग जायेगी……

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ज़रूरत’ दिन निकलते ही निकल पड़ती है ‘डयूटी’ पर,

‘बदन’ हर शाम कहता है कि अब ‘हड़ताल’ हो जाए ।।

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“इस कदर नसीब की हुकूमत है अपनी जिंदगी मे….

कि…

अब इन आँखों में ख्वाब और दिल में तमन्नाएँ भी इजाजतें लेकर आती हैं…

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तेरे नाम से ही जाने जाते हैं हम….!

ना जाने ये “शोहरत” है या “बदनामी”…!!

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हमारे मनाने की अदा इतनी हसीं होगी की….
तुम उम्र भर रूठे रहने को कोशिश करोगी…

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त्याग दी सब ख्वाहिशें, निष्काम बनने के लिए,
‘राम’ ने खोया बहुत कुछ, ‘श्री राम’ बनने के लिए !!

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“जिसे पूजा था हमने वो तो ख़ुदा ना हो सका
हम ही इबादत करते करते फ़क़ीर हो गये…….!!

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ताज्जुब न कीजिएगा गर कोई दुश्मन भी आपकी खैरियत पूछ जाए..
ये वो दौर है जहाँ, हर मुलाकात में मकसद छुपे होते है…

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एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी..

जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं..

और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं..

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जब भी होती है गुफ्तगु खुद से..
तेरा जिक्र जरूर आता है…!!

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गए थे उनके हुस्न को बेनकाब करने,
खुद उनके इश्क का नकाब पहनकर आ गए……

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कोई ना आएगा तेरे सिवा मेरी ज़िंदगी में ….!!
एक मौत ही है, जिसका हमवादा नहीं करते…!!!

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“दिल से बेहतर तो रावण है…
साल में एक ही दिन जलता है….

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इतनी तो सूरत
भी नही देखी मेने …….
जितनी तेरे इंतजार में घडी देखी है ।

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मैं अपने गम में रहता हूँ नबाबों की तरह
परायी ख़ुशी के पास जाना मेरी आदत नही…

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उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत,

हम तो बस भरोसे पे बिक गए…

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“ऐ ख़ुदा, तू रोज़ मेरे गुनाह गिना करता है…
मुझे आने दे, तेरी नाइंसाफ़ियों का हिसाब भी हम करेंगे…

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हम बेवजह बेवक्त मुस्कुरा देते हैं,
कइ दुश्मनों को तो हम युं ही हरा देते हैं..!

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“बड़े अज़ीबो-गरीब हैं ये दर्द के रिश्ते,
जिसे देखो अपना दिखाई देता है।।।

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कि एक बार आज फिर खुदखुशी की हमने,
कि तेरी गली से निकले और तेरा दीदार हो गया।”

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क्यूँ भटकते हो सरेराह , बारिश का लुफ्त लेने को ।।।

कभी मेरी आँखों में ठहर के देखो , ये बेइंतहा बरसती है…..

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आज फिर छाये है उनकी रहमत से बादल।
भीगना है या तरसना किस्मत में खुदा जाने।।

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बड़ी बड़ी खुवाहिशे,
खाली खाली जेब.

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ज़माने भर की ईदों से हमें
क्या वास्ता ग़ालिब,,…

हमारा चाँद दिख जाये, हमारी ईद
हो जाये…

*******

भूतकाल भव्य था…और भविष्य
उज्ज्वल है…
तकलीफ तो साली आज है ….

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इक तुम भी ना कितनी जल्दी सो जाते हो,
लगता है इश्क को तुम्हारा पता देना पड़ेगा…

*******

हालात हैं,
वक़्त हैं,
या खुदा हैं।।।
ये रह रह के मुझे परखता कौन हैं।

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आओ के तुम्हें देखकर इफ़्तार कर लें हम,

इक मुद्दत हो गई है, इन आँखों को रोज़ा रखे हुए.

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तजुर्बे ने शेरों को खामोश रहना सीखाया,

क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता..

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अगर जिन्दगी इतनी अच्छी होती तो हम इस दुनिया में रोते- रोते हुए न आते..!!
और यह जिन्दगी बुरी होती तो जाते-जाते लोगों को रुलाकर न जाते…!!

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किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया है ये दिल,
कोई रहता भी नही,
और कमबख्त बिकता भी नही…

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हमारी तडप तो कुछ भी नही है हुजुर.!
सुना है आपके दीदार के लिऐ
तो आईना भी इंतजार करता है..!!!

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आयने भि तुजे कम पसंद करते हे ,क्युकि उसे
भि पता हे तुजे हम पसंद करते हे..!!!

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सम्भाले तो हूँ खुदको तुझ बिन,
मगर
जो छू ले कोई तो बिखर जाऊं मैं…

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शायरी छोड़ दी तो भूलने लगी हैं दुनिया;
जब लिखते थे शायरी तो एक नाम था अपना घायल ।

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हम तो शिकवा भी नहीँ कर सकते तुम्हारे दूर जाने का?
हमेँ तो हक भी नहीँ दिया तुमने रुठने और मनाने का…!!!

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थक गया करते-करते याद तुझको
अब तुझे मैं याद आना चाहता हूँ.

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बलखाने दे अपनी जुल्फों को हवाओं में,
जूड़े बांधकर तू मौसम को परेशां न कर.

*******

लीजिये तोड़ दिया उसने मेरे भरोसे को,

मैं तो सोचता था,टूटने के लिये तो बस शीशा बना है…

*******

तेरे तो सिफॅ दोसत अचछे होंगे ,
हमारे तो दुशमन भी दमदार होते है..।।

*******

आदत हमारी ख़राब नहीं

दोस्तों

बस ज़िन्दगी नवाबी जीते है…

*******

जो मेरे बूरे वक्त मे मेरे साथ हैं,
में उन्हें वादा करता हूँ

मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिये होगा…!

*******

अकेला वारिस हूँ उसकी तमाम नफरतों का,
जो शख्स सारे शहर में प्यार बाटंता है!

*******

बस एक बात की उस को खबर ज़रूरी है,
के वो हमारे लिये किस क़दर ज़रूरी है !!

*******

तेरी जुदाई में और तो कुछ ना हो सका,
बस मोहब्बत से नफरत हो गयी…

*******

प्यार के नाम पे यहाँ तो लोग खून पीते है,
मुझे खुद पे नाज़ है की मैं सिर्फ शराब
पीता हु……

*******

अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी,
आशिक़ हो या हो आतंकवादी….

*******

जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ,
किस्मत की रोटी तो कुत्ते को भी नसीब होती है.!!

*******

जब मेरी नब्ज देखी हकीम ने तो ये
कहा,
कोई जिन्दा है ईस मे.. मगर ये मर
चुका है !!!!

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ये हुस्न ये मौसम ये बारिश और मस्त ये मदमस्त हवाएँ …
लगता है आज फिर मोहबत ने किसी का साथ दिया है।

*******

फुरसत मिले तो चाँद से मेरे दर्द की कहानी पुछ लेना…
एक वही तो है हमराज मेरा तेरे सो जाने के बाद…

*******

ये तों अच्छा हैं कि मेरे शहर के
लोगों के ख़वाब पूरे नहीं होते,
वरना हर गली में ना जाने
कितने ताजमहल होते..??

*******

शतरंज की चालों का खौफ़ उन्हें होता है जो सियासत करते है,

साहेब !हम तो मोहबबत करते हैं !!..

*******

इश्क है तो कुबूल कर लो सरेआम दुनिया के सामने…
वो जो बंद कमरों मे होता है उसे हवस कहते है…

*******

सुरज ढलते ही रख दिये उसनें मेरे होठो पर होठं,

इश्क का रोजा था और गज़ब की ईफतारी थी…

*******

शुकर मान के मेने तुझसे कभी मुलाकात नहीं कि…. !! वरना !!

तेरे दिल को तेरे खिलाफ कर देता……

*******

इतना रोई मेरी मौत पे मुझे जगाने के
लिए……….
मै मरता ही क्यो अगर वो थोड़ा रो देती
मुझे पाने के लिए !!.

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इस कदर भूखा हूँ ऐ मेरे दोस्तों….

कि आजकल धोखा भी खा लेता हूँ!!

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प्रेम वो चीज है जो इंसान को कभी मुरझाने नहीं देताऔर नफरत वो चीज है जो इंसान कोकभी खिलने नहीं देती….

*******

कितनी खुबसूरत सी हो जाती है उस वक़्त दुनिया,

जब हमारा अपना कोई कहता है तुम याद आ रहे हो..!!

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लोग ग़लतियां कर के बदनामी से बच गये…
मैं चंद ख्वाब देख के भी गुनहगार हो गया।

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जुलम इतना ना कर की लोग कहे तुझे दुश्मन मेरा ,
हमने जमाने को तुझे अपनी जान बता रखा है !!

*******

किस के लिए जन्नत बनायी है तूने एखुदा..
कौन है यहाँ जो गुनाह-गार नहीं …??

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दुनिया को अक्सर वो लोग बदल कर जाते है,
जिन्हे दुनिया कुछ बदलने लायक नहीं समझती है..‪.

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तरस गए हैं तेरे लब से कुछ सुनने को हम…..

प्यार की बात न सही….

कोई शिकायत ही कर दे……….

*******

अगर इश्क करना हैं तो जज्बातो को एहमियत देना सिखो;

चेहरे से शुरु हुई महोब्बत अक्सर बिस्तर पर खत्म हो जाती हैं !!

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जिस इंसान की हर बात आपको सोचने पर मजबुर कर दे …
उस इंसान के साथ कभी दुश्मनी मत करो ..

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मुझे दुश्मनों से भी खुद्दारी की उम्मीद रहती है…!
.
.
सर किसी का भी हो कदमो में अच्छा नहीं लगता…!!

*******

मुहब्बतें भी अजीब, उसकी नफरतें भी कमाल…
मेरी तरह का ही, मुझ में समां गया इक शख्स…

*******

चाँद से नजदीकियां बढ़ने लगी है,
आदमी में फासला था, फासला है.

*******

वो जान गयी थी हमें दर्द में मुस्कराने की आदत हैं,
वो रोज नया जख्म देती थी मेरी ख़ुशी के लिए…

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बस यही सोच कर तूझसे मोहब्बत करता हूँ,,

मेरा तो कोई नही मगर तेरा तो कोई हो……

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आज़मा ले मुझको थोडा और, ए खुदा…
तेरा बंदा बस बिखरा हैं अब तक, टूटा नही…

*******

बुलंदी की उडान पर हो तो… जरा सबर रखो,
परिंदे बताते हैं कि… आसमान में ठिकाने नही होते….

*******

लडकियोंसे अच्छे शराबी है….
ग्लास जरूर तोड़ते हैं लेकिन दिल नहीं…

*******

हंसने की इच्छा ना हो…
तो भी हसना पड़ता है…
कोई जब पूछे कैसे हो…??
तो मजे में हूँ कहना पड़ता है…

*******

मजबूरियां ओढ़ के निकलता हूँ घर से,
वर्ना शौक तो अब भी है
बारिशों में भीगने का….!!

*******

मत पुछ कि कितनी महोबत्त है उस से,,
,
,
,
बारीस की बुंद भी उसे छुले ,,!
तो दिल मेँ आग लग जाती ह…

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जीवन में अगर आप कामयाब हो तो सब माफ़ है ..
वर्ना सब आपके बाप है. . .

*******

मैं सफल होना नही चाहता, मैं चाहता हूँ कि मेरी जिन्दगी सफल हो |

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जिन्दगी के मजे लो,
नही तो वक्त तो तुम्हारे मजे लेता ही रहेगा…

*******

हर रात जान-बूझ कर रखता हूँ दर खुला,
कोई तो हो लूटेरा जो मेरे गम भी लूट ले…

*******

कभी पीठ पीछे आपकी बात चले तो घबराना मत,

बात उन्हीं की होती है..

जिनमें कोई बात होती है ..

*******

बुलंदियों को पाने कि ख्वाइश तो बहुत है मगर ,

दूसरों को रौंदने का हुनर कहाँ से लाऊं ??????

*******

उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ।।

ढूँढने उस को चला हूँ जिसे पा भी न सकूँ।।

*******

मैं अपने मुस्कराहट की आड़ में अपनी बेचैनी छुपा लेता हूँ,
मुस्कुराहटें सबके साथ बाँटी जा सकती हैं, बेचैनी नहीं…

*******

अब भला किस्मत में कहाँ वो छलकते पैमाने ,
हम तोह यादों के जाम चूम कर सूखे होंठ भिगो लें ….

*******

सरेआम ये शिकायत है मुझे ज़िन्दगी से,
क्यों मिलता नहीं मिजाज मेरा किसी से…!!

*******

मेरे व्यक्तित्व और मेरे व्यवहार को
कभी मत मिलाईयेगा !!

क्योंकि मेरा व्यक्तिव मै हूँ और मेरा
व्यवहार आप पर निर्भर करता है.!!

*******

ज़ख्म देने वालो पर, कोई असर नही होता…
लोग यूँही यादों से, ज़ख्मों को छेडते रहते हैं…!!

*******

नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं …..

*******

बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को…!
क्यू कि इश्क़ हार नही मानता और दिल बात नही मानता.

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किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये.
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता.

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जिदंगी तेरे ख्वाब भी कमाल के है…
तु गरीबों को उन महलों के सपने दिखाती है..
जिसमें अमीरों को नींद नहीं आती..

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शांत बैठा हुँ तो ये मत समझना कि आग
नहीँ है मेरे अंदर,
डरता हुँ कहीँ समन्दर कम ना पड़ जाये
बुझाने के लिये….।

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यूं तुझको पाने का ख्वाब देखने की कुछ तो सजा होगी,

पर हमारे फिर से मिलने की कोई तो वजह होगी…

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“ख़ूबसूरत था इस क़दर कि महसूस ना हुआ..!!

कैसे, कहाँ और कब मेरा बचपन चला गया”..!!

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नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की, तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं …..

*******

किसे फ़िक़र है ज़माने के ज़ुल्मो सितम की,
दर्द अच्छे लगते है जब वो ज़ख्मो पे हाथ रखते है…

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इक तेरा ही नशा था जो शिकस्त दे गया मुझे।
वरना मयखाने भी तौबा करते थे मेरी मयकशी से ।।

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हासिल करके तो हर कोई मोहब्बत कर सकता है,

बिना हासिल किए किसीको चाहना कोई हमसे पूछे !!

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हमदर्दी ना करो मुझसे ऐ मेरे हमदर्द दोस्तों !!
वो भी बड़े हमदर्द थे जो दर्द हजारों दे गए !!

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शब्द दील से नीकलते है,
दीमाग से तो मतलब नीकलते है…

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सब कुछ हासिल नहीं होता ज़िन्दगी में यहाँ….
किसी का काश तो किसी का अगर छूट ही जाता है…!!!!

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तेरी आँखों की कशिश भी खींचती है इस कदर,

ये दिल सिर्फ बहलता नहीं बहक जाने की जिद करता है।

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मेरे तो दर्द भी औरो के काम आते है
मै रो पङुं तो कई लोग मुस्कराते ह!!!ै

*******

उसी का शहर,
वही खुदा और वहीं के गवाह…

मुझे यकीन था,
कुसूर मेरा ही निकलेगा |।।

*******

एक पत्थर कभी आसमान मे उछाला था मैने,
आज अपनी हालत देखकर लगता है,
कही वो उपर वाले को तो नही लग गंई ..

*******

लोग इन्सान देखकर मोहब्बत करते हैं,

मैने मोहब्बत करके इन्सानों को देख लिया |

*******

हम सबको मिला है,
मौत से उधार कुछ वक्त,
जिसे हम,
ज़िन्दगी कहते हैं !………

******

बैठें तो किस उम्मीद पर बैठे रहें यहाँ,
उठें तो उठ के जायें कहाँ तेरे दर से हम ………

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तुम अगर लौट आओ तो मुझे ज़रा पहले बता देना,
मुझे खुद को ढूंढने में कुछ वक़्त लगेगा…..!!!

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फिर ,इश्क का ,जूनून सर पर है !…मयखानो ,से कह दो ,मधुशाला का ,दरवाजा खुला रखे !!

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हर साल पहली बरिश की ये बूँदे… चेहरे के साथ और भी बहुत कुछ गीला कर जाती है…

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“दुवा कभी खाली नही जाती,
बस लोग ईन्तजार नही करते…

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हज़ार तोड़ के आ जाऊं उस से रिश्ता,
मैं जानता हूँ वह जब चाहेगा बुला लेगा…

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जब भी में टुटता हुँ तुम्हे ढुढता हुँ !!!

तुमने एक बार कहां था ना हम एक है !!!!!!

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तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे…

अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती…

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उम्रकैद की तरह होते हैं कुछ रिश्ते , जहाँ जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नहीं…

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सोचता हूँ कि कभी भी तुझे अब याद ना करूँगा मैं,

फिर सोचता हूँ कि ये फर्क तो रहने दो हम दोनों में…………

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गलती स्वीकार करने और पाप छोड़ने में कभी देर नहीं करना चाहिए
क्योंकि सफर जितना लम्बा होगा, वापसी उतनी ही मुश्किल होगी………!!

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कौन कहता है कि मुहब्बत की शुरूआत निगाहों से होती है!!!!
हमने उन्हें भी इश्क करते देखा है , जिनके आँख नहीं होते .

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चुप रहना ही बेहतर है, जमाने के हिसाब से,
धोखा खा जाते है, अक्सर ज्यादा बोलने वाले !!

*******

बहुत नज़दीक आती जा रही हो,
बिछड़ने का इरादा कर लिया है क्या…..!!

*******

अजीब शर्त रखी दिलदार ने मिलने की,
सूखे पत्तों पर चलकर आना और आवाज़ भी न हो…

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तेज रफ़्तार ज़माने में फुरसत में बड़े हैं लोग…
मेरी बातें करते हुए चौराहों पर खड़े हैं लोग….

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नहीं करेंगे आज के बाद कभी मन्नतें तुम्हारी….
खुदा जब राजी होगा तब, हर चीज़ मेरी होगी….

*******

जब कभी भी बादलों में घिरता है,
चाँद लगता है आदमी की तरह l

*******

काफ़ी है मेरे दिल कि तसल्ली को यही बात।।
आप आ न सके आप का पैग़ाम तो आया।।

*******

बता किस कोने में,
सुखाऊँ तेरी यादें

बरसात बाहर भी है,
और भीतर भी है.

*******

ऐ बादल !
मेरी आँखे तुम रख लो . .
.
.
कसम सें बड़ी माहिर हैं
बरसने मे . . .

*******

शुक्र मना जिंदगी तुझपे अहसान किया है,
तुझपे मेरे क़त्ल का इल्ज़ाम नही है..!!

*******

वाह वाह बोलने की आदत डाल लो,
मै मोहब्बत में अपनी बरबादियां लिखने
वाला हुं……

*******

न जाने कैसे आग लग गई बहते हुए पानी में…

हमने तो बस कुछ खत बहाऐ थे उसके नाम के..!!!!!

*******

ज़माने भर की ईदों से मुझे क्या मतलब,
मेरा चाँद मिल जाये, मेरी ईद हो जाये.

*******

एक बाजी के सिवा क्या निकली,
ज़िंदगी भी तो इक जुआ निकली ।

*******

बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को
क्यू कि
इश्क़ हार नही मानता ,और दिल बात
नही मानता ,,,,,,!!!

*******

किसी पर मर जाने से शुरु होती है मोहब्बत……….

इश्क जिन्दा लोगों का काम नही.

*******

हमें आदत नहीं हर एक पे मर मिटने की…
तुझे में बात ही कुछ ऐसी थी दिल ने सोचने की मोहलत ना दी…

*******

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में..!!
एक ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आजतक किनारा ना मिला.!!

*******

क्यूँ शिकायत हो खताओं की कभी ऐ दोस्त,
ज़िंदगी यूँ भी खताओं के सिवा कुछ भी नहीं।।।

*******

मैं सुनाऊँगा तुम्हें अपना भी अफ़साना मगर,
इस कहानी में बलाओं के सिवा कुछ भी नहीं।।।

*******

कोशिशें की समझदार बनने की..

लेकिन खुशियाँ बेवकूफियों से
ही मिली….!!

*******

ये किस मोड़ पर ले आए हालात मुझे,
लोग दुआ देते हैं या ख़ैरात मुझे।।।

*******

कहीं मैं डूबने से बच न जाऊँ, सोचकर ऐसा
मेरे नज़दीक से होकर कोई तिनका नहीं निकला |

*******

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में..!!
एक ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आजतक किनारा ना मिला.!!

*******

राख से भी आयेगी खुशबू मोहब्बत की;
मेरे ख़त को तुम यूँ सरेआम जलाया न करो l

*******

आदत बना ली मैंने, खुद को तकलीफ देने की, ताकि जब अपना कोई तकलीफ दे, तो तकलीफ ना हो…

*******

वो मेरि होगि तो लोट आएगि एक दिन मेरे पास,
हम जिसे प्यार कर्ते हे उसे कैद नहि कर्ते..!!!

*******

यूँ तो मैं दुश्मनों के काफिलों से भी
सर उठा के गुजर जाता हूँ…
बस,
खौफ तो अपनों की गलियों से गुजरने में लगता है, कि कोई धोखा ना दे दे |।।

*******

लोग कहते हैं की ईद आई हैं ,
तूम आ जाओ तो यकीन आ जाये….

*******

बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी आज

ज़रा वक़्त पर आना…

मेहमान-ए-ख़ास हो तुम !!

*******

खुबसूरत तो नाला भी होता है,
बस नजर सूअर की चाहिए….

*******

बहुत खूबसूरत है ना वहम ये मेरा…

कि तुम जहाँ भी हो सिर्फ मेरे हो …

*******

है इश्क़ तो फिर असर भी होगा,
जितना है इधर उधर भी होगा…

*******

ऐ सुनो तुम इतने भी अच्छे नही हो..

बस मेरे चाहत -ए-दिल ने सिर पर चढा रखा है.

*******

शराब _शराब हैं , मैं ज़हर भी पी जाऊँ,
शर्त ये है कोई बाहों में सम्भाले मुझको..

*******

धमकियाँ देते हो जुदाई की…
उफ्फ…
मुहोब्बत में बदमाशियाँ…

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वक़्त की कीमत कोई उस अख़बार से पूछे . . .
दिन बीत जाने के बाद जिसकी कोई कीमत नहीं होती . . .

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वो पूछते हैं ईतने गम में भी खुश क्युँ हो..!!!
मैने कहा प्यार साथ दे न दे यार साथ हैं…..

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दिन गुज़र जाता है तपते हुए सूरज की तरह ,
शाम आती है तो ढल जाने को जी चाहता है….!!

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जिस दिन खुद से दोस्ती हो जायेगी,
इस कमबख्त अकेलेपन से निजात मिल जायेगी..

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दिखा ईद का चाँद तो मांगी ये दुआ रब से,
दे दे तेरा साथ ईद का तोहफा समझ कर…

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दो तरहसे देखने में इन्सान छोटे नजर आते हे,

एक दूर से और एक गुरुर से. . .

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उधर से चाँद तुम देखो,इधर से चाँद हम देखे..!
निगाहें यूँ टकराये के दो दिलो की ईद हो जाये..!

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अपने वजुद पे इतना ना इतरा ऐ जिंदगी..
वह तो मौत है जो तूझको मोहलत देती जा रही है..

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जाने क्यूँ बरसने से, मुकर जाता है हर बार,
मेरे हिस्से में आया है, जो टुकड़ा बादल
का…

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लोग मुझे पत्थर मारने आये तो वो भी साथ थे….
जिनके गुनाह कभी हम अपने सर लिया करते थे….

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बहुत ख़ूबसूरत है, ये वहम हमारा….

कि वो जहाँ भी हैं, सिर्फ हमारें हैं…….

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यारा उदास मुस्कुराहटों के पीछे, ग़म के रेले हैं,
अब तुम्हे क्या बताएं, कि तुम बिन हम कितने अकेले हैं……

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कौन कहता है की खुदा दिखाई नहीं देता,
एक वोही तो दिखता है जब कोई दिखाई नहीं देता…

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हुस्न हर बार शरारत में पहल करता है ,
बात बढती है तोह इश्क के सर आती है……….

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अगर देखनी है कयामत तो चले आओ हमारी महफिल मे. .
सुना है आज की महफिल मे वो बेनकाब आ रहे हैँ…!!!

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ऊसने आकर मिजाज पूछ लिया,
अब कहाँ तबिअत संभलती है …….

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तुम्हारे खुश होने के अंदाज से लगता है….
कुछ टुटा है बड़ी खामोशी से तेरे अन्दर….

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ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए….
वो अगर ज़ेहन से उतर जाएँ…..!!

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आसान सा रास्ता है बदनाम होने का यारो ,
ज्यादा कुछ नही फ़कत मोहब्बत कर लो …..

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खुद में भी तलाश किया लोगों से भी पूछा…
तेरे दूर जाने की वजह आज तक नहीं मिली…

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महबूब का घर हो या फरिश्तों की ज़मी..
जो छोड़ दिया फिर उसे मुड़ कर नहीं देखा…

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क्यों हम फिर अलग होके यहाँ नफरत को बो रहे हैं,
हासिल नहीं कुछ होता, बस अपनों को खो रहे हैं….

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बूँदे कुछ यूँ गिरी क़ि कुछ ख़्याल भीग गये…

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तूने प्यार सौदा समजके ही किया होता तो अच्छा होता.
मुनाफे के लिए ही सही तेरा प्यार थोडा तो सच्चा होता …

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जिनके इरादे नेक होते हैे..

उनके दोस्त अनेक होते हैं !!

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तुम्हीं ने अपनी लत लगाईं थी,
फिर तुम्हारी शामत तो आनी ही थी।

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अब तुम्हारे बिना ईद कैसे हो..!
चाँद ही तो दिखा है, तुम तो नही….

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कुछ तुम ले गये… कुछ ज़माना ….
इतना सकून …हम लाते भी कहाँ से..!!

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पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र,
आज हरे कल सूख जाएं……

क्यों ना जड़ों से सीखें, रिश्तेदारी निभाना….!!

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तु आये तो इद , नहीतो रोजा ,
तनहाइ अब बन गइ है बोजा ।

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मुबारकबाद तो देना चाहते थे हम ऊनको ईद की,
बीच में उनके फेके पत्थरो की दीवार आ गयी…

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आप आसमान में तकते रह गए.……
हमने चाँद खिड़कियों पर देखा है…..

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सोचता हूँ धोखे से ज़हर दे दूँ..

सभी ख्वाहिशों को दावत पे बुला कर ।।।

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जी भर गया है तो बता दो….
हमें इनकार पसंद
है….
इंतजार नहीं…!

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आज की रात कुछ ख़ास है . . कहो तो मांग लू तुम्हे…. .
कहते हैं के आज की रात दुआएं क़बूल होती हैं…

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नहीं चाहिए मुझे ऐसा कोई तोहफा जो मेरी उम्र बढ़ा दे;
दे दे मुझे कोई ऐसी दुआ जो मुझे चैन की नींद सुला दे।

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लोग कहते हे शराब पीने से कलेजा जलता हे…

और हम कहते हे शराब

तभी पी जाती हे जब कलेजा जलता हे।।

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शब्द शब्द सब कोइ कहे, शब्द के हाथ न पांव;
एक शब्द औषधि करे और इक शब्द करे सो घाव.

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भूखा पेट, खाली जेब, और झूठा प्रेम,

इंसान को जीवन में बहुत कुछ सिखा जाता है।

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तेरे प्यार की कोई दुसरी निशानी दे मुजे,
ये आंसु तो रोज गीर के सुख जाते हैं !

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इश्क़ के चर्चे भले ही सारी दुनिया में होते होंगे …
पर दिल तो ख़ामोशी से ही टूटते हैं ..

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वैसे तो एक आँसू ही बहा के मुझे ले जाए,
ऐसे कोई तूफ़ान हिला भी नहीं सकता..

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कभी हक़ीक़त में भी बढ़ाया करो ताल्लुक़ हमसे…..

अब ख़्वाबों की मुलाक़ातों से तसल्ली नहीं होती..!!

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सारी दुनियाँ मैं ईद है,
लेकिन
हमारा चाँद आज भी गुम है….

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आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख,
जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है।।।

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ख्वाहिशें रोज़ दंगे करतीं हैं घर में….
रिश्तों में अक्सर, कर्फ्यू लग जातें हैं…

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यूँ तो हर शाम उम्मीदों में गुज़र जाती थी।।
आज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया।।

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ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया।

जाने क्यों आज तेरे नाम पे रोना आया।

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अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें..
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं।

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पहले सौ बार इधर और उधर देखा है

तब कहीं डर के तुम्हें एक नज़र देखा है।

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कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते,

कुछ रिश्ते नाम के ही होते हैं…

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परेशानियों ने भी क्या खूब याद रखा मेरे घर का पता….
बस ये खुशिया ही है जो आवारा निकली….!!

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कुछ लोग मेरी शायरी से सीते है अपने ज़ख़्म,

कुछ लोगो को मैं चुभता हु एक नोक की तरह….

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तकलीफें तो हज़ारों हैं इस ज़माने में,
बस कोई अपना नज़रअंदाज़ करे तो, बर्दाश्त नहीं होता…

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पता है गलत हो, फिर भी अड़े हो…
तुम दिल दुखाने के, माहिर बड़े हो….!!!

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खबर नहीं मुझे यह जिन्दगी कहाँ ले जाए;
कहीं ठहर के मेरा इंतज़ार मत करना।

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जब मुझे यकीन है के खुदा मेरे साथ है।
तो इस से कोई फर्क नहीं पड़ता के कौन कौन मेरे खिलाफ है।।

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काश ये इश्क भी चुनावों की तरह होता…
हारने के बाद विपक्ष में बैठकर कम से कम दिल खोलकर बहस तो कर लेते.

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मिलने की तमन्ना मे जी रहा हूँ ………..!
यूँ ज़िन्दगी से मुझको भी कोई मोहब्बत
नहीं है………..!!

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आईना भला कब किसी को सच बता पाया है,
जब भी देखो दांया, तो बायां नज़र आया है….

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उनके खूबसूरत चेहरे से नकाब क्या उतरा,
जमाने भर की नीयत बेनकाब हो गयी…!

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कमाल का ताना दिया आज किसी ने कि….
अगर वो तेरा है तो तेरे पास क्यूँ नहीं..?

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बड़ा घाटे का सौदा है सदा ये साँस लेना भी,
बढ़े है उम्र ज्यूँ-ज्यूँ ज़िंदगी कम होती जाती है…

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तारीफ तेरी आखो की ज़माने से हमने बहुत सुनी है,

जब भी पलके जुखी तब महोब्बत लाखो को हुई हैं…

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एक बात पुछु जवाब मुस्कुराके देना ..

मुझे रुला कर खुश तो होना ??

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और तो कुछ नहीं चाहिए मुझे तुझसे…
ए ज़िन्दगी,
बस वो एक शख्स लौटा दे जो मुझे तुझसे भी प्यारा हैं ….

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पागल नहीं थे हम जो तेरी हर बात मानते थे ,

बस तेरी खुशी से ज्यादा कुछ अच्छा ही नही लगता था…

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जब तमन्ना जवान होती है,
ज़मीं भी आसमान होती है।।।

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मैं फिर से, ठीक तेरे जैसे की तलाश में हूँ..

गलती कर रहा हू लेकिन होशोहवास में हूँ…

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जाम का नशा होता तो पी जाता,
पर तुझे किस तरह पियूँ…!!!

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वो ज़ुल्म करते रहे,हम शिकार होते रहे,

हमें भी शौक़ था,ज़ालिम को आज़माने क़ा…

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तू जरा हाथ मेरा थाम के देख तौ सही …

लोग जल जायेगें मेहफील मे , चिरागो की तरह …

*******

यारा दिल की बातें जो तुम समझ
जाते ,
इन आँखों को आंसुओं की जरूरत
ना होती ………

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चुपचाप चल रहे थे सफर-ए-हयात में,

तुम पर नजर पड़ी तो गुमराह से हो गये…

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कहना ही पड़ा उसे
शायरी पढ़ कर हमारी
कंबख्त की हर बात मोहब्बत से भरी है.!!

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छोड तो सकता हुँ पर छोड नहीँ पाता …
वो शख्स मेरी बिगडी हुई आदत बन गया है___!!

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अगर गुलाम बनोगे तो कुता समजकर लात मारेगी दुनिया..
अगर गुलाम बनाओगे तो शेर समजकर सलाम ठोकेगी दुनिया…

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कमाई तो जनाज़े के दिन पता चलेगी..
दौलत तो कोई भी कमा लैता हे…….!!

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चलते थे इस जहाँ में कभी सीना तान के हम,
ये कम्बख्त इश्क़ क्या हुआ घुटनो पे आ गए हम !!!!!

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नहीं पसंद है ये सब, लेकिन कुछ तो ऐसा पसंद है, कि बस, इसके कारण इस धरती पर रहना पसंद है…

*******

आखिर देता मुझे ये कैसी सजा भी तू…
है गलती भी तेरी और खफ़ा भी है तू …!!

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हर रोज़ पीता हूँ तेरे छोड़ जाने के ग़म में,
वर्ना पीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं,
बहुत याद आते है तेरे साथ बीताये हुये लम्हें,
वर्ना मर मर के जीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं|

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काश मेरी ज़िन्दगी का अंत कुछ इस तरह हो,
की मेरी कबर पे बना उनका घर हो,
वो जब जब सोये ज़मीन पर,
मेरे सीने से लगा उसका सर हो…

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मैंने दिल के दरवाजे पर चिपका दी है एक चेतावनी,,,

फ़ना होने का दम रखना तभी भीतर कदम रखना..!!

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मुस्कराहट यूँ मेरे दिल के जख्मों को छुपा लेती है,
माँ जैंसे अपने बच्चों के ऐबों को सबसे छुपा लेती है…

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कभी भूख से बहुत गहरा रिश्ता रखता होगा..
वो जो आजकल अपनी रोटी बाँट कर खाता है !!

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हाथ में पैमाना , उँगलियों में सिगरेट फँसा है |
धुआँ धुआँ यादें हैं , हकीकत बस नशा है |

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जो मेरे बूरे वक्त मे मेरे साथ हैं,
में उन्हें वादा करता हूँ…
मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिये होगा…

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तेरी यादे भी समंदर के किनारों
पे आती लहेरो की तरह है ,
जो ना खुद सूखती है न किनारों
को सूखने देती ह…

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बरसती बारिशों से बस इतना ही कहना है —
के इस तरह का मौसम मेरे अंदर भी रहता है —

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मुझे मालूम है तूमनें बहुत बरसातें देखी है,
मगर मेरी इन्हीं आँखों से सावन हार जाता है…

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चाहत की राहो में काँटा भी फुल है,
चाहत को तौलना दुनिया की भूल है.

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लफ्ज़ दो ही अच्छे लगते है तुम और तुम्हारी याद…………………

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तेरे ही नाम से ज़ाना जाता हूं मैं,
ना जाने ये शोहरत है या बदनामी…

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दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में एक है,
समझदारों को समझाना…..

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कागज़ पे रख कर रोटियां खायें भी तो कैसे???

खून से लथपथ आता है अखबार आज कल…

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एक समंदर जो मेरे काबू में है
और इक कतरा है जो संभलता नही,
एक जिंदगी है जो तुम्हारे बगैर बितानी है
और इक लमहा है जो गुजरता नहीं ।

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दीवारो पर बस एक नाम लिखा था मुहब्बत….!
बारिश की बूंदों ने उसे चूम चूम के मिटा दिया…!!

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जितना छिड़का है….तूने ज़ख़्मों पे….उतना खाया नही….नमक तेरा….!

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गुजरूँगा तेरी गली से अब गधे लेकर ..!

तेरे नखरों के बोझ मुझसे उठाए नहीं जाते ..!!

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सच्चाई के आईने काले हो गये,
बुजदिलों के घर मेँ उजाले हो गए।

झूठ बाजार मेँ बेखौफ बिकता रहा,
मैंने सच कहा तो जान के लाले हो गए!

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उसीसे पुछलो उसके इश्क़ की किम्मत ..,

हम तो बस भरोसे पे बिक गए ….!!!

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नया हू अभी धिरे धिरे सिख जाऊंगा.. पर,
किसीके सामने झुक कर अपनी पेहचान
नहि बनाऊंगा…..!

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जिन्दा रहो जब तक ,लोग कमियां ही निकालते हैं ,

मरने के बाद जाने कहाँ से इतनी अच्छाइयां ढूंढ लाते हैं।

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ये चाँद चमकना छोड़ भी दे, तेरी चांदनी मुझे सताती है,
तेरे जैसा ही था उसका चेहरा, तुझे देख के वो याद आती है.

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लफ्जो की बनावट मुझे नहीं आती….

मुझे तुमसे मोहब्बत है…सीधी सी बात है ।

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अगर बिकी तेरी दोस्ती तो पहले ख़रीददार हम होंगे!

तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत पर,
पर तुझे पाकर सबसे अमीर हम होंगे…

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बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं…

अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती…

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#ChetanThakrar
#9558767835

 
2 Comments

Posted by on November 14, 2014 in અંગત, Shayri

 

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2 responses to “Shayri Part 24

  1. vishal vashisth

    December 3, 2014 at 4:55 pm

    Awesome collection luv all these shayri’s

     
  2. akil mirza

    March 2, 2015 at 7:01 pm

    nice shayri.s

     

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