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Monthly Archives: ડિસેમ્બર 2014

श्रद्धांजलि उन बच्चों के लिए जो पढ़ने गये और अनपढ़ों के हाथों शहीद हो गये !!!!!


किसी माँ ने सुबह बच्चे का…
डब्बा तैयार किया होगा !
किसी बाप ने अपने लाल को..
खुलते स्कूल छोड़ दिया होगा !!

किसे पता था वह ..
अब लौटेगा नहीं कभी !
किसे पता था गोलियों से..
भून जायेंगे अरमान सभी !!

बच्चो में रब है बसता..
उस रब से मेरी फ़रियाद है !!
तालिबान यह कैसा तेरा …
मजहब के नाम जिहाद है !!

मेमनों की तरह बच्चे…
मिमियाए जरूर होंगे !
खौफ से डर कर आँखों में
आंसू आये जरूर होंगे !!

तुतलाये शब्दों से रहम की…
भीख भी तुझसे मांगी होगी !
अपने बचाव को हर सीमाये..
उसने दौड़ कर लांघी होगी !!

मासूमो के आक्रन्द से भी न पिघले..
हिम्म्त की तेरे देनी दाद है !
हे आतंकी… यह कैसा तेरा …
मजहब के नाम जिहाद है !!

भारत से दुश्मनी निभाने…
मोहरा बनाया उसने जिसे !
जिस साप को दूध पिलाया..
वही अब डस रहा उसे !

हे आतंक के जन्मदाता….
अब तो कुछ सबक ले !
यदि शरीर में दिल है ..
तू थोड़ा सा तो सिसक ले !

आतंक के साये ने हिला दी..
पाकिस्तान की बुनियाद है !
तालिबान यह कैसा तेरा…
मजहब के नाम जिहाद है !!

कौन धर्म में हिंसा को..
जायज ठहराया गया है !
कुरान की किस आयत में ..
यह शब्द भी पाया गया है !!

कब तक तुम्हारा बच्चा..
इस तरह बेबस रहेगा !
मांग कर देखो हाथ…
साथ हमारा बेशक रहेगा !!

सबक बहुत मिल गया अब..
आतंक की खत्म करनी मियाद है !
तालिबान यह कैसा तेरा…
मजहब के नाम जिहाद है !

अश्रूपूरित श्रद्घाजंलि

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ત્યારે પ્રોબ્લેમ થાય છે


પાણી વગર હોડી ના ચાલી શકે એ હકીકત છે
પણ હોડીમાં પાણી આવી જાય ત્યારે પ્રોબ્લેમ થાય છે
 
પૈસા વગર સારી રીતે ના જીવાય એ હકીકત છે,
પણ પૈસો માણસને નમાવી જાય ત્યારે પ્રોબ્લેમ થાય છે
 
કદરૂપતા માણસને નથી ગમતી એ હકીકત છે,
પણ રૂપ માનવીને ફસાવી જાય ત્યારે પ્રોબ્લેમ થાય છે
 
સંબંધ વિના માનવી અધુરો છે એ હકીકત છે,
પણ પોતાનું માણસ રડાવી જાય ત્યારે પ્રોબ્લેમ થાય છે
 
વિશ્વાસ રાખ્યા વગર ચાલતું નથી એ હકીકત છે,
પણ કોઈ ખોટો લાભ ઉઠાવી જાય ત્યારે પ્રોબ્લેમ થાય છે
 
કોઈ માણસ પોતે સર્વજ્ઞાની નથી એ હકીકત છે,
પણ કોઈ અધુરો બહુ છલકાઈ જાય ત્યારે પ્રોબ્લેમ થાય છે.

 
1 ટીકા

Posted by on ડિસેમ્બર 15, 2014 in સરસ, સારી કવિતાઓ

 

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