RSS

Shayri Part 29

24 Apr

जिंदगी में सबसे ज्यादा दर्द
‘दिल’ टूटने पर नहीं,
‘यकीन’ टूटने पर होता है..!

*******

बादल चाँद को छुपा सकता है आकाश को नही…….
हम सबको भुला सकते है आप को नही…

*******

चाहा था मुक्कमल हो मेरे गम की कहानी,
मैं लिख ना सका कुछ भी, तेरे नाम से आगे !!

*******

जो लोग दूसरों की आँखों में आंसू भरते हैं..
वो क्यों भूल जाते है कि उनके पास भी दो आँखे है ..

*******

ये उदास शाम और तेरी ज़ालिम याद….!

खुदा खैर करे अभी तो रात बाकि है….

*******

वक्त ही नहीं मिलता मुझे दुखी होने का, क्योंकि..
उम्मीद ही नहीं करता मैं ज्यादा खुशी की ….!!

*******

ऐ यार, कुछ तू ही मेरा दर्द समझ ले.
हँसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है.

*******

गलती इतनी हुई की तुझें जान से ज्यादा चाहने लगे हम,

क्या पता था की मेरी इतनी परवाह तुझें लापरवाह कर देगी।

*******

पियो तो हद कर दो वर्ना प्रोग्राम रद्द कर दो…

*******

एक वक्त था …जब बातें ही खत्म
नही होती थी……!
आज सबकुछ खत्म हो गया मगर ..बात नही होती..!!…

*******

जब उसका हाथ मेरे हाथ में आता है …

दो हथेलियों के बीच एक ताज महल बन जाता है।

*******

माना कि बड़ा खुबसूरत हुस्न है तेरा… लेकिन,
दिल भी होता तो क्या बात होती…

*******

काश तुम भी हो जाओ
तुम्हारी यादो की तरह,
.
न वक़्त देखो न बहाना,
.
बस चली आओ!

*******

हाथ पकड़ ले, अब भी तेरा हो सकता हूँ मैं,,

भीड़ बहुत है, इस मेले में खो सकता हूँ मैं..!!

*******

बदला हुआ वक़्त है, ज़ालिम ज़माना है..
यहां मतलबी रिश्ते है, फिर भी निभाना है..!

*******

किसी से नाराजगी, इतने वक़्त तक न रखो के..
वो तुम्हारे बगैर ही, जीना सीख जाए…!

*******

करलो एक बार याद मुझको….
हिचकियाँ आए भी ज़माना हो गया…

*******

अपनी तकदीर ख़ुद लिखनी पडती है…
चिठठी नही जो किसी और से लिखवा लेते !!!

*******

हमारे जीवन का अंत उसी समय शुरू हो जाता है जब हम उन विषयों पर चुप्पी साध लेते हैं जो मायने रखते हैं.

*******

कैसे कहु के दिलको तुम्हारी आरजू नही ,
मगर ये और बात है के , मेरी किस्मत में तुम नहीं..

*******

लो, तुम रख लो ये दिल..
सीने में बहुत चुभता है अब !

*******

वो बोले महोब्बत का समुंदर बहोत गहरा होता है..
हमने भी कह दिया की डूबने वाले सोचा नहीं करते..

*******

” जरा तो शर्म करती तू..
मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम…”

*******

मरते वक्त एक दोस्त ने लिखी दिल को चिर डालने वाली बात,

मुझे जल्दी मत जला देना मेरे दोस्तों को लेट आने की आदत है.

*******

वो कहतें हैं , बहुत मजबूरियाँ हैं वक़्त की,
वो साफ़ लफ़्ज़ों में , ख़ुद को बेवफ़ा नहीं कहते..!!

*******

मुझसे दोस्ती ना सही पर दुश्मनी भी ना करना कयुंकी,
मे हर रिश्ता पुरी शिद्दत से नीभाता हुं..

*******

रोज रोते हुए कहती है जिंदगी मुझ से , सिर्फ एक शख्स की खातिर मुझे बर्बाद ना कर !!

*******

मुझे मालूम है कि वह मेरी कभी नही हो सकती,

मुझे तो बस शौक है,

उसके खातिर जिन्दगी बरबाद करने की..!!

*******

तुझमेँ और मुझमेँ फर्क है सिर्फ इतना. तेरा कुछ कुछ हूँ मैँ.. और मेरा सब कुछ है तू…

*******

” वो कहती है कि ,
पत्थरों में जान नहीं होती …??
.
.
.
” शायद उसे खुद के होने पर
यकीन नहीं है ”

*******

मै सपने नही देखता…क्योकी अक्सर मै जो हकीकत मे करता हु…वो लोगो के सपने हुआ करते है..

*******

किसी के लिए कभी इस दिल ने बूरा नहीं चाहा,
ये बात और हैं के मुझे ये साबित करना नहीं आया….

*******

बस एक शख्स मेरे दिल की जिद है,
ना उससे ज्यादा चाहिए ना कोई और
चाहिए !

*******

ऐ रात तू मेरे अकेले पन पर इस कदर मत हस,
वर्ना तू उस दिस बहुत पछताएगी .
जब मेरी मोहबह्त मेरी बहो में होगी .

*******

दिल के सागर मे लहरे उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया ना करो,
बहुत चोट लगती है मेरे दिल को,
तुम ख्वाबो में आ कर यू तडपाया ना करो….

*******

मरना होता तो कबके मर गए होते…
तेरी यादों में हर रोज़ मरने
का मज़ा ही कुछ अलग है …!!

*******

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना….
जरा सा भी चूके तो मोहब्बत हो जायेगी………

*******

बहुत खूब सूरत है आखै तुम्हारी,
इन्हें बना दो किस्मत हमारी,
हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियाँ,
अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी.

*******

हम उन दिनों अमीर थे ……
जब तुम करीब थे ……

*******

तुझ से नहीं तेरे वक़्त से नाराज हूँ…
जो कभी तुझे मेरे लिए नहीं मिला…

*******

यूं अकड मे रहना बंद कर दें,
वो तो प्यार है तूजसे…
वरना गरज तो किसी के बाप की भी नहीं…

*******

अच्छे समय से ज्यादा, अच्छे इंसान के साथ रिश्ता रखो.
अच्छा इंसान अच्छा समय ला सकता है, लेकिन अच्छा समय अच्छा इंसान नहीं ला सकता.

*******

तू बदनाम ना हो इसलिए जी रहा हूँ मैं……,
वरना मरने का इरादा तो रोज होता है…….!!

*******

गुन्हेगार तो सब बनते है..
हमें तो बस यादगार बनना है.

*******

सिर्फ इतनी गुजारिश खुदा से,
धोखेबाजों से बचाना,
दुश्मनों से खुद निपट लुंगा….

*******

हम क्या बताएं हमारे दिल का नसीब…
हम जिसको चाहते है उनसे मिलना तो दुर…हररोज देखना तक ‘किस्मत’ में नहीं है…

*******

नशा था उनके प्यार का जिसमे हम खो गये,
उन्हें भी नहीं पता चला कि कब हम उनके हो गये…

*******

पगली तेरे सिवा मै चौकलेट
किसी को ना दु….
दिल तो बहुत दूर कि बात है॥

*******

किस तरह संभालोगे तुम जिंदगी के रिश्ते…

ज़रा सी एक जबान तो संभाली नहीं जाती…

*******

तेरे हर दुख को अपना बना लूँ..
तेरे हर गम को दिल से लगा लूँ..
मुझे करनी आती नहीं चोरी वरना..
मैं तेरी आँखों से हर आँसू चुरा लूँ..

*******

हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा देते
हो मोहब्बत का,
कभी खुद से भी पूछा
है , इतने खूबसूरत क्यूँ हो ???

*******

शेर चाहे किसी भी नस्ल का हो …
कुत्तों पर हमेशा भारी पड़ता है…

*******

आज उसने बहुत अजीब सी बात कही ….
तुम जिन्दगी हो मेरी और मुझे जिन्दगी से नफरत है…!!!

*******

बहुत मुश्किल है समझना ज़िंदगी को….!!

जब से मिली है हर पल बदल रही है….!!

*******

हवा की मौजो मे आज
फिर गजब की नजाकत है,
जरुर आज उसने मुझे
दिल से याद किया होगा…

*******

तु हर साँस के साथ याद आती है ,
अब तु ही बता ….
तेरी याद को रोक दूँ या अपनी साँस को..

*******

इस मोहब्बत का बड़ा अजीब बंधन है
मिल जाती है तो बातें लम्बी होती हैं…
और बिछड जाए तो यादें लम्बी होती हैं…

*******

क्या लूटेगा जमाना खुशियो को हमारी…
हम तो खुद अपनी खुशिया दुसरो पर लुटाकर जीते है….

*******

जरूरी नही की इन्सांन सिफॅ ‘आग’ से जले.. कुछ
लोग मेरे स्टाईल से भी जल जाते हे…

*******

ये जो तुमने अपना अन्दाज बदला है..,, वाकई मे बदला है.. या फिर किसी बात का “बदला” है…!!

*******

उसके दिल पर भी, क्या खूब गुज़री होगी..
जिसने इस दर्द का नाम, मोहब्बत रखा होगा..!

*******

एक लम्हे मे मन को भिगो देती हैं…
दर्द जब भी होता हैं, आँखे रो देती हैं..

*******

गुजरे हुए कल की परछाईया साथ ही नहीं छोड़ती ,
और आने वाला कल है की दस्तक दिए जा रहा है …

*******

दीवार का कैलेंडर तो बदलता है हर साल,,
ए-ख़ुदा अब के बरस हालात भी तो बदल दे…!!

*******

बडा अजीब सा खोफ था उस शेर की आँखो मे..

जिसने जंगल मे हमारे जूतो के निशान देखे थे….!!

*******

इतने बुरे ना थे हम जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ..
अपने फैसले पर एक दिन अफसोस तुम्हेँ भी होगा.!!

*******

मैं इज़्ज़त करता हूँ सिर्फ दिल से चाहने वाले की..!!
हुस्न तो आज कल बाज़ार में भी बिकते हैं..!!!

*******

खुदा करे, सलामत रहें दोनों हमेशा.
एक तुम और दूसरा मुस्कुराना तुम्हारा:)

*******

हमने सोचा के दो चार दिन की बात होगी लेकिन,
तेरे ग़म से तो उम्र भर
का रिश्ता निकल आया…!

*******

बस आपकी ये अदाओं को देख कर दो लाईने लिख दी… वरना शायर तो हम भी नहीं।

*******

पलकें खुली सुबह तो ये जाना हमने…

मौत ने आज फिर हमें ,
ज़िन्दगी के हवाले कर दिया …

*******

मोहब्बत में झुकना कोई बङी बात नहीं,
चमकता सुरज भी ढल जाता है चाँद के लिए!!…

*******

अभी मुठ्ठी नहीं खोली है मैंने आसमां सुन ले..
तेरा बस वक़्त आया है मेरा तो दौर आएगा…!!

*******

हम मरना भी उस अंदाज़ में पसंद करते है..!
जिस अंदाज में लोग जीने के लिये तरसते है..!

*******

मिलता ही नही तुम्हारे जैसा कोई और इस शहर मै,

हमे क्या मालूम था कि तुम एक हो और वो भी किसी और के ! ! !

*******

मेरे हक में खुशियों की दुआ करते हो,
तुम खुद मेरे कियूं नहीं हो जाते…

*******

उसने देखा ही नहीं अपनी हथेली को कभी;
उसमे हलकी सी लकीर मेरी भी थी!

*******

तेरी नफ़रत मे वो दम कहाँ..,
जो मेरी चाहत को कम कर दे.

*******

“नफ़रत हो जायेगी
तुझे अपने ही किरदार पे….
अगर में तेरे हि अंदाज मे
तुझसे बात करुं…”

*******

तमारा जेवा मित्रो मारा माटे मुडी छे
आनाथी वधारे कई वात रुडी छे ??

*******

झूठ बोलते थे कितना,, फिर भी सच्चे थे हम..
ये उन दिनों की बात है,, जब बच्चे थे हम..

*******

मै रात भर सोचता मगर फैंसला न कर सका,
तू याद आ रही है या मैं याद कर रहा हूँ.

*******

सारी शिकायतों का हिसाब जोड़ कर रखा था,
उसने बाँहों में लेकर सारा गणित बिगाड़ दिया।

*******

वो मुझसे पूछती है, ख्वाब किस किस के देखते हो,
बेखबर जानती ही नही, यादें उसकी सोने कहाँ देती है ..

*******

बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना,
मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती………..

*******

बुलंदी तकपहुँचना चाहता हूँ मै भी..!!
पर गलत राहों से होकर जाऊँ, इतनी जल्दी भी नही है..

*******

कुछ नहीँ था मेरे पास खोने को..
जब से मिले हो तुम डर गया हूँ मैँ.!!

*******

कर कुछ मेरा भी इलाज
ऐ हकीम-ए-मोहब्बत…

जिस दिन याद आती है उसकी..
सोया नहीँ जाता.!!

*******

खुल जाता है तेरी यादों का बाज़ार सरेआम।
फ़िर मेरी रात इसी रौनक में गुज़र जाती है॥

*******

हम तो नादाँ हैं, क्या समझेंगे उसूल-ए-मोहब्बत..
बस…तुझे चाहना था, तुझे चाहते हैं, और तुझे ही चाहेंगे..!

*******

मुस्कुराने से शुरु
और रुलाने पे खतम
.
.
ये वो ज़ुल्म हे जिसे लोग
मुहब्बत कहते हे…!!

*******

तुम हकीक़त हो
या फिर कोई फरेब…
ना दिल से निकलते हो..
ना ज़िँदगी मेँ आते हो.!!

*******

टपक पड़ते हैँ आँसू जब किसी की याद आती है..
ये वो बरसात है जिसका कोई मौसम नहीँ होता.!!

*******

मोहब्बत और भी बढ़
जाती है जुदाईयोँ से…
तुम सिर्फ मेरे हो हमदम
इस बात का ख्याल रखना.!!

*******

कभी न कभी वो मेरे बारे में सोंचेगी ज़रूर.,
के हासिल होने की उम्मीद भी नहीं फिर
भी वफ़ा करता था…

*******

कुछ लम्हे गुज़ारे तुमने मेरे साथ,
तुम उन्हें वक्त कहेती हो,
और मैं उन्हें जिंदगी कहता हूँ ..

*******

कद्र होती है इन्सान की, ज़रुरत पड़ने पर ही,
बिन ज़रुरत तो हीरे भी, तिजोरी में रखे रहते हैं…!!

*******

शिकायत है उन्हें कि हमें मोहब्बत करना नहीं आता,
शिकवा तो इस दिल को भी है,
पर इसे शिकायत करना नही आता !!!

*******

मुझसे मौत ने पुछा मै आंऊगीं तो कैसे स्वागत करोगे?
कहा मैने फूल बिछा कर पूछूंगा इतनी देर कैसे लगी?

*******

तुम भी मोहब्बत का सौदा बडी अजीब करते हो……
थोडा सा मुस्कुरा देते हो और दिल खरीद लेते हो….

*******

जुबाँ न भी बोले तो मुश्किल नहीं l
फिक्र तब होती है,
जब खामोशी भी बोलना छोड़ दें l

*******

मुहब्बत तो बस इक एहसास है,
जिस से हो जाए बस वही खास है…!

*******

खुशबु आ रही है कहीं से ताज़े गुलाब की..

शायद खिड़की खुली रेह गई होगी उनके मकान की..

*******

खर्च जितना भी करुं बढ़ती जाती है
ये यादे तेरी अजीब दौलत है…

*******

“हाथ का मज़हब नहीं देखते परिंदे !
जो भी दाना दे ,ख़ुशी से खा लेते हैं …!!

*******

कुछ रिश्ते उपर बनते हैं,
कुछ रिश्ते लोग बनाते हैं
वो लोग बहुत खास होते हैं
जो बिन रिश्ते, रिश्ता निभा जाते हैं..

*******

हर बार मुकद्दर को कुसुरवार कहना अच्छी बात नही..
कभी कभी हम उन्हें भी मांग लेते है जो किसी और के होते है..

*******

क्या लिखू जिंदगी के बारे में दोस्तों …
वो लोग
ही बिछड़ गए जो जिंदगी हुआ करते थे..

*******

कलम में जितना दम है जुदाई की बदौलत है !

वरना लोग मिलने के बाद लिखना छोड़ देते है ..!!!

*******

कुछ पेचीदा लफ्जों में मैंने अपनी बात रखी,
जमाना हँसता गया, जज्बात रोते गये…!

*******

इतनी शिद्दत से वो हि नफरत कर सकता है..
जिसने प्यार भी उतनी शिद्दत से किया हो…

*******

नही थे पैसे एक दिन पीने के लिये तो यूँ किया….
डूबोई उनकी तस्वीर पानी मे और घूँट घूँट पी लिया…!

*******

“रिश्ता” दिल से होना चाहिए, शब्दों से नहीं,
“नाराजगी” शब्दों में होनी चाहिए दिल में नहीं!

*******

जो लोग दिल के अच्छे होते है,

दिमाग वाले अक्सर उनका जम कर फायदा उठाते है..

*******

तेरे हर दुख को अपना बना लूँ..
तेरे हर गम को दिल से लगा लूँ..
मुझे करनी आती नहीं चोरी वरना..
मैं तेरी आँखों से हर आँसू चुरा लूँ..

*******

पगली तेरे लिए इस दिल ने कभी बुरा नहि चाहा…
ये और बात है मुझे साबित करना नहिं आया….

*******

दो हिस्सों में बंट गए है, मेरे दिल के तमाम अरमान…
कुछ तुझे पाने निकले, तो कुछ मुझे समझाने निकले….

*******

दिल लगता नहीं है अब तुम्हारे बिना,
खामोश से रहने लगे है तुम्हारे बिना,
जल्दी लौट के आओ अब यही चाह है,
वरना जी ना पाएँगे तुम्हारे बिना |

*******

जिस क़दर….
उसकी क़दर की,

उस क़दर…..
बे क़दर हुये हम..!

*******

मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा है

वो तारों में तन्हा है और मैं यारों में..

*******

एक तो ये कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादों की धुंध….बेहाल कर रखा है इश्क़ के मौसमों ने…।।

*******

“तेरे साथ का असर सेहत पे होता है,

और लोग पूछ लेते है,दवा का नाम क्या है..।”

*******

अगर तुम अपने पापा की “परी” हो, तो हम
भी अपने बाप के “नवाब” है !

*******

मेरे अहसानों का कर्ज़ तुम यूँ चुका देना,

कभी याद करके अकेले में मुस्कुरा देना,

*******

तुम्हीं को चाहते हैं हम, तुम्हीं से प्यार
करते हैं !!
यही बरसों से आदत हैं, और
आदत कब बदलती हैं !!!!

*******

काश तुम मेरे होते..
.
.
.
.
सांस ही थम जाती,
अगर ये लफ्ज तेरे होते……??

*******

हमने भी कभी चाहा था एक ऐसे शख्स को;
जो आइने से भी नाज़ुक था मगर था पत्थर का।

*******

हम उस महफिल मे खामोश बेठते हे,
जहा …!
लोग अपनी हेसियत के गुण-गान गाते हे !

*******

उसके होठों को चूमा तो ये एहसास हुआ,
कि सिर्फ़ पानी ही ज़रुरी नहीं प्यास बुझाने के लिए।

*******

रोज़ रोते हुए कहेती ये ज़िंदगी मुझसे,
सिर्फ एक शख्स की खातिर मुझे बर्बाद मत कर..

*******

खुदा भी आखिर पूछेगा मुजसे..
मुजे पांच वक़्त और उसे हर वक़्त..???

*******

” एय मेरी जिन्दगी यूँ मुझसे दगा ना कर,
उसे भुला कर जिन्दा रहू दुआ ना कर,
कोई उसे देखता हैं तो होती हैं तकलीफ,
एय हवा तू भी उसे छुवा ना कर …..”

*******

मैं कैसे उस शख्स को रुला सकता हूँ…
जिसे शख्स को मैंने खुद रो-रो कर मांगा हो…

*******

मुझे मेरे कल कि फिकर आज भी नही मगर,
ख्वाहिशे उसको पाने कि कयामत तक रहेगी ।

*******

इश्क ऐसे करो,के वाे आप को छोड़ने के बाद ज़िन्दगी भर कहे ..
“प्यार तो बस वही करता था”..

*******

एहसास तो बहोत है उसको मेरी चाहत का मगर……

वो तडपाती है इस लिए के मै और भी टुट कर चाहूँ उसे ।।।

*******

मैने कहा तीखी मिरची हो तूम,

वो होंठ चूम कर बोली और अब?

*******

एक न एक दिन मै ढूँढ ही लूंगा तुमको…..

ठोकरे जहर तो नही के खा भी ना सकूँ !!

*******

मैने तडप कर कहा “बहुत याद आती हो तुम”

वो मुस्करा कर बोली “तुम्हे और आता ही क्या है” !!

*******

सिर्फ एक बार आओ हमारे दिल मेँ अपनी मुहब्बत देखने,
फिर लौटने का इरादा हम तुम पर छोड़ देँगे…!

*******

सुनो तुम बहोत जिद्दी हो….

मुझे भी अपनी एक जिद बना लो ना ।।

*******

यार बता दे ज़रा कैसे करुँ मेँ इजहार ए ईश्क ????
शायरी वोह समझती नहीँ और अदाए हमें आती नहीँ….

*******

यूं तो नहीं चाहता था कहना एक बात,
सोयी नहीं ये आंखें, तुमसे बिछड़ने के बाद !

*******

मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता हूँ

मगर हर सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती हैं…..

*******

बिन मेरे रह ही जाएगी कोई न कोई कमी,
तुम ज़िंदगी को जितनी मर्जी सँवार लेना…!!

*******

दिल के जज्बातों की हिफाजत करें भी तो कैसे….?
महफूज तो धड़कन भी नहीं होती सीने में….!

*******

सबर कर बन्दे मुसीबत के दिन भी गुज़र जायेंगे.

हसी उड़ाने वालो के भी चेहरे उतर जायेंगे…

*******

जीना तो हमे भी बिंदास आता है..
लेकिन ज़िंदगी आजकल कुछ नाराज़ है हमसे…

*******

वैसे मैं तो ठीक हूँ, उसके बिछड़ जाने से…बस…
दिल का भरोसा नहीं, कहीं धड़कना ही न छोड़ दे..!

*******

काबिले तारीफ़ है मेरे सनम की हर अदा..
वो उसका ना ना कहकर भी मेरी बाँहो में आना..!!

*******

काश के कभी समझ जाओ तुम
मेरी मोहब्बत की इंतहाँ को…
हैरान रह जाओगे तुम
अपनी खुश किस्मती पर.!!

*******

घड़ी की सुईयों जैसा रिश्ता है, हमारा दोस्तों
कभी मिलते है.. कभी नहीं.. पर हाँ, जुड़े रहते हॆ।

*******

मौत के मारो को तो हजार कंधे मिल जाते है,
लेकिन कौन चलता है यहाँ वक़्त के मारो के साथ..!!

*******

शुकुन मिलता हे दो लब्ज कागज पे ऊतार कर,

केह भी देता हुं ओर आवाज भी नही होती..

*******

हमारे महफिल में लोग बिन बुलाये आते है ….!!!
क्यू की यहाँ स्वागत में फूल नहीं दिल बिछाये जाते है..!!!!

*******

“सूरज ढला तो
कद से ऊँचे हो गए साये,
कभी पैरों से रौंदी थी,
यहीं परछाइयां हमने..

*******

बना के ताजमहल एक दोलतमन्द आशिक ने,
गरीबो की मोहब्बत का तमाशा कर दिया…!!

*******

मे चाहु तो तेेरे जेसी हजारो खडी कर स्कता हु !
पर दिल की जिद थी कि तु नही तो तेरे जेसी भी नहीं…

*******

“मेहनत कर ली अपनी हैसीयत थी जीतनी,

अब बारी तक़दीर की है हैसियत दिखाने कि..”

*******

करलो इकरार जबतक जिन्दा हू ,
फिर ना कहना…

“चला गया पागल दिलमे यादे छोड़ कर”

*******

तुमने जिन्दगी नाम सुना होगा,
हमने तुम्हे पुकारा है इसी नाम से….!

*******

कुछ और जज्बातो को बेताब किया उसने,
आज मेहंदी वाले हाथो से आदाब किया उसने..!!

*******

अब दिल ये चाहे..,
हर घड़ी,
मुझको तेरा दीदार हो..,
तुम जिंदगी हो..,
तुम बंदगी हो,
और ज्यादा क्या कहूँ..!!!

*******

आया था एक शख्स मेरा दर्द बाँटने….
रुखसत हुआ तो अपना भी गम दे गया मुझे….

*******

नाकाम होने के दो ही रास्ते हैं,,
या कोशीष छोड दो, या मुहोब्बत कर लो…

*******

सुबह का मतलब मेरे लिए सूरज निकलना नही,
तेरी मुस्कराहट से दिन शुरू होना है…

*******

ऐ इश्क़ !

जन्नत नसीब न होगी तुझे !!
बड़े मासूम लोगों को तूने बरबाद किया है ।

*******

ज़रूरतों की भूख जब पेट में शोर मचाती है…
दिल की ख्वाहिशें कुछ – कुछ चुप सी पड़ जाती हैं..!!

*******

ये अदा ये अंदाज यु मुस्कराना तेरा,
कईयों को डुबो गया आखो के सागर में…

*******

इश्क की बहुत सारी उधारियां है तुम पर.. ,!!!!!

चुकाने की बात करो तो कुछ किश्तें तय कर लें…??

*******

प्रेम इंसान को कभी मुरझाने नहीं देता,
और नफरत इंसान को कभी खिलने नहीं देती !!

*******

हम जा रहे हैं वहां जहाँ दिल की हो क़दर ,
बेठे रहो तुम अपनी अदायें लिये हुए ..!!

*******

प्यार करने से पहले, पैसे कमा लेना यारोँ…
गरीबो का प्यार अक्सर, चौराहे पर नीलाम हो जाता है..!

*******

कुछ तो रहम कर, ‘ए संग दिल सनम…
इतना तङपना तो, लकीरों मे भी न था..!

*******

चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये…
बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये…!!

*******

दिल मे बने रहना ही अच्छी शोहरत है ,
वरना मशहूर तो कत्ल करके भी हुआ जा सकता है …!

*******

मुझे मालूम है ऐसा कभी मुमकिन ही नहीं,
फ़िर भी हसरत रहती है कि तुम याद करोगे…

*******

लिफ्सटिक लगाना हर लडकीयों की ब्युटी है……
और उसे टेस्ट करना हमारी डयूटी है…

*******

खुदा करे के तेरी उम्र में गिने जाये…
वो दिन जो हमने तेरे हिज्र में गुजारे है.!!

*******

हमेशा के लिए रखलो ना अपने पासमुझे,
कोई पूछे तो बता देना,दिल का किरायदार है!

*******

अगर समज पाते तुम मेरी चाहत को,
तो हम तुमसे मोहब्बत नही तुम हमसे मोहब्बत करते……

*******

मुझसे मिलने में ईक खराबी है,
फिर किसी ओर के नही रहोगे तुम।

*******

तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।

*******

किसी गरीब को मत सताना
वो तो बस रो देगा….
पर…..
उपरवाले ने सुन लिया तो तू

अपनी हसी खो देगा…

*******

ये मेरी महोब्बत और उसकी नफ़रत का मामला है,
ऐ मेरे नसीब तू बीचमे दखल-अंदाज़ी मत कर !!

*******

हमारी किस्मत तो आसमान पे चमकते सितारों की तरह है…..
लोग अपनी तमन्ना के लिए हमारे टूटनेका इंतजार करते है……

*******

उम्मीदें, ख्वाहिशें, ज़रूरतें, ज़िम्मेदारियाँ..
इस घर में मैं कभी, अकेला नहीं रहता..

*******

कोई बनता ही नही मेरा….
तुम अपनी ही मिसाल लेलो….

*******

एक ठहरा हुआ खयाल तेरा..
न जाने कीतने लम्हों को रफ्तार देता है…!!

*******

अज़ीब होता है मेरे साथ..
उदास जब भी तुम हो तो कुसूर मुझे अपना ही लगता है…!!

*******

मैं ख़ामोशी तेरे मन की, तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा…
मैं एक उलझा लम्हा, तू रूठा हुआ हालात मेरा…

*******

कोहराम मचा रखा है जनवरी की सर्द हवावों ने..
और एक तेरे दिल का मौसम है जो बदलने का नाम ही नही लेता!!

*******

चलते-चलते मेरे कदम हमेशा यही सोचते है..
कि किस और जाऊं तो तू मिल जाये…!!

*******

बोल दिया होता…
तुम्हे दर्द देना है ऐ जिंदगी,
मोहब्बत को बीच में लाने की
क्या जरुरत थी…!!!

*******

आसान सा रास्ता है बदनाम होने का यारो ,
ज्यादा कुछ नही फ़कत मोहब्बत कर लो…

*******

वो मेरि होगि तो लोट आएगि एक दिन मेरे पास,
हम जिसे प्यार कर्ते हे उसे कैद नहि कर्ते..!!!

*******

लोग कहते हे शराब पीने से कलेजा जलता हे…
और हम कहते हे शराब
तभी पी जाती हे जब कलेजा जलता हे।।

*******

वाह मेरे महबूब बड़ी जल्दी ख्याल आया मेरा ..
बस भी करो चूमना .. अब उठने भी दो जनाज़ा मेरा ..!!

*******

कोई वादा नहीं फिर भी प्यार है, जुदाई के बावजूद,
भी तुझपे अधिकार है. तेरे चेहरे की उदासी दे रही है
गवाही, मुझसे मिलने को तू भी बेक़रार है.

*******

इक न इक रोज़ कहीं ढूंढ ही लेंगे आपको…….
ठोकरें ज़हर नहीं हैं कि मैं खा भी न सकूँ….!!

*******

हसीन आँखों को पढ़ने का अभी तक शौक है मुझको,
मुहब्बत में उजड़ कर भी मेरी ये आदत नहीं बदली…

*******

हम रोऐ भी तो वो जान ना सके….
और वो उदास भी हुए, तो हमें खबर हो गई…..!!

*******

केवल अल्फ़ाज़ों की बात थी,
जज़्बात तो तुम वैसे भी नहीं समझते …!!

*******

एक तुम भी ना कितनी जल्दी सो जाते हो,
लगता है इश्क को तुम्हारा पता देना पड़ेगा…

*******

बहुत कुछ बदला हैं मैने अपने आप में, लेकिन…!
तुम्हें वो टूट कर चाहने की आदत अब तक नहीं बदली.

*******

बिछङकर फिर मिलेगें यकिन कितना था !!!!
मेरा ख्वाब ही सही मगर हसिन कितना था !!!!

*******

“संत नहीं तो शांत बनो और योगी नहीं तो उपयोगी बनो…!!!”

*******

हम क्या हे वो सिर्फ हम ही जानते हे!
लोग तो सिर्फ हमारे बारे में “अंदाज़ा” लगा सकते हे…

*******

मैं तुम्हारे लिए नहीं लिखता,
मैं तुम्हें लिखता हूं…..

*******

किसी को भूलने की, कोशिश ना करना कभी..
ये दवा, जख्मों को और भी हरा कर देती है..!

*******

दोस्तों जानता हूँ मशहूर बहुत हे मेरे अल्फाज और मेरी दोस्ती,

मगर,

एक पगली ऐसी भी हे जो मुझ से मनाई नही जाती !!!

*******

जिद उसकी थी चाँद का दीदार करने की,
होना क्या था मैने उसके सामने आईना रख दिया ॥

*******

चुपके से नाम तेरे गुजार देंगे जिंदगी,
लोगों को फिर बताएंगे, प्यार ऐसे भी होता है….

*******

किसी ने हमसे पूछ लिया –
कैसे हो ? हमने हंस कर कहा-
जिन्दगी में गम है, गम में दर्द है,
दर्द में मज़ा है. . और .. मजे में हम हैं…

*******

पागल उसने कर दिया एक बार देखकर..
मैँ कुछ भी ना कर सका लगातार देखकर..

*******

जो तालाबों पर चौकीदारी करते हैँ….
वो समन्दरों पर राज नहीं कर सकते..

*******

शुबह होती नही शाम ढलती नही,
नज़ाने क्या खूबी है आप मे के
आप को यादकिए बिना खुशी मिलती नही…

*******

हसते है तो सीफॅ दोस्तो को हसाने के लीये,

वरना ईन आंखो मे पानी ही पानी है..

*******

हाथ में खंजर ही नहीं आँखों में पानी भी चाहिए,
ऐ खुदा दुश्मन भी मुझे खानदानी चाहिए..!

*******

छोड़ो न यार, क्या रखा है सुनने सुनाने में…
किसी ने कोई कसर नही छोड़ी मेरा दिल दुखाने में….

*******

दिल ने आज फिर तेरे दीदार की ख्वाहिश रखी है…..
अगर फुरसत मिले तो ख्वाबों मे आ जाना……

*******

”सादा सा एक वादा है उन आँखों का …
बंद हों तब भी तुम्हें देखेंगे”

*******

ख्वाहिश ये हैं कि तू मेरी हो,
या फिर ये ख्वाहिश तेरी हो!

*******

एक पल में ले गयी मेरे सारे गम खरीद कर…
कितनी अमीर होती है ये बोतल शराब की..

*******

कल बड़ा शोर था मयखाने में,
बहस छिड़ी थी जाम कौन सा बेहतरीन है..
हमने तेरे होठों का ज़िक्र किया,
और बहस खतम हुयी..!!

*******

है शाम को मिलने का वादा किसी का ….
उस सूरज से बोलो जल्दी डूब जाए।।

*******

कौन कहता है उसकी याद से बे-खबर हूँ मैं,
मेरी आंखो से पूछ ले मेरी रात कैसे गुजरती है…

*******

मेरा एक हाथ पूरी दुनिया से लडने के लीये काफी है..
एकबार तू दूसरा थामकर तो देख…

*******

उसकी हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले !
काश उसे भी मेरे नसीब में लिखा होता !!

*******

क्या लिखूं जिंदगी के बारे में दोस्तों –
वे लोग ही बिछड़ गये जो जिंदगी होते थे !!

*******

जितनी हसरत थी, उसे पाने की…
आज..
उतनी ही हसरत है, उसे भुलाने की…!

*******

तेरी गली में आकर के खो गये हैं दोंनो, मैं दिल को ढ़ूँढ़ता हुँ, दिल तुमको ढ़ूँढ़ता है..

*******

मुझे किसी ने पूछा दर्द की कीमत क्या है.

मैने कहा मुझे नहीं पता, लोग तो मुझे मुफ्त में दे जाते है!

*******

ख़ामोशी से भी नेक काम होते
हैं,
मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते
हुए…….

*******

बैठे हैं हम पीने आज सालों बाद,
होश से कह दो मेरा उससे कोई वास्ता नहीं।

*******

उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था,
भूल गए थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती…!!

*******

तुम्हारी याद जैसे किसी ग़रीब की गरीबी,,
कमबख्त बढ़ती ही चली जा रही है…

*******

“मिली तू, तो मिल गया सब,
मानो पा लिया मैंने मेरा रब”..

*******

मोहब्बत की हकीकत से हम भी वाकिफ थे दोस्तो..!!

वो तो यूँ ही बस जरा शोक हुआ था….!! ज़िंदगी बर्बाद करने का….!!

*******

कुछ मीठी सी ठंडक है आज इन हवाओं में…!
शायद… तेरी यादों से भरा दराज़…. खुला रह गया है…!!

*******

कोई और तरीक़ा बताओ जीने का,

साँसे ले ले कर थक गया हूँ…

*******

तेरी मुस्कुराहट से शुरू हो कर, मेरे आंसुओं पर खत्म हुई..
कितनी दिलचस्प है, कहानी हमारी मोहब्बत की…!

*******

तुम्हे क्या पता, किस दर्द मे हूँ मैं..
जो लिया नही, उस कर्ज मे हूँ मैं..!

*******

“ताकत के संग संग नेक इरादे भी रखना,
वरना ऐसा क्या था जो रावण हार गया..!”

*******

लौट आती है हर बार दुआ मेरी खाली….!!
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है….!!

*******

बहुत लिखी खुदा ने लोगों की तकदीर में
मोहब्बत,
,
जब हमारी बारी आई तो स्याही खत्म
हो गई.

*******

सुबह टुकड़े मिले थे कुछ तकिये के नीचे…..

ख्वाब थे जो रात को टूटे थे…..

*******

“वोह आज भी कहती है दीवाना मुज़े,
जिसको मेरी दिल्लगी से नफरत थी…”

*******

उसके प्यार में हुनर आ गया है वकीलों सा ,

मुझ से मिलने की अब वो ,
तारीख़ पर तारीख़ दिए जा रही है .. .. .. !!

*******

ये शायरी की महफ़िल बनी है,आशिकों के लिये,

बेवफाओं की क्या औकात,जो शब्दों को तोल सकें….

*******

तुम्हारी फ़रेबी में यूँ जलने से अच्छा कि सिगरेट जला कर ही जल लेता हूँ…

*******

सिर्फ एक बार चूमा था मेहबूब के होटो को …

लोगो ने बस्ती से निकाल दिया शराब पीने के इल्ज़ाम मे….

*******

सब तेरी मोहब्बत की इनायत है,

वरना मैं क्या मेरा दिल क्या मेरी शायरी क्या…

*******

ठान लिया अब वो दुश्मन है सदा के लिए ।
बस एक तमन्ना है मांग ले मुझे एक बार खुदा के लिए।।

*******

मैं आदत हुँ उसकी वो ज़रुरत हैं मेरी,
मैं फरमाईश हुँ उसकी वो इबादत हैं मेरी।

*******

काश तुझे सर्दी के मौसम मे लगे मुहब्बत की ठंड,
और तू तड़प कर माँगे मुझे कम्बल की तरह..!

*******

जाने कैसी नजर लगी ज़माने की …
अब वजह मिलती नही मुस्कुराने की !!

*******

कोई ऐतराज़ नहीं है बिखरने से मुझको, तुम अगर अपनी बाहों में संभालने की ज़हमत करो…

*******

अपने किरदार को मौसम से बचाए रखना !
लौट कर फूलों में वापस नहीं आती खुशबू.”

*******

मुझे छोड़कर वो खुश है तो शिकायत केसी,
अब मई उन्हें खुश भी न देखु तो मोहबत केसी!!!

*******

वजाह तो नफरतो कि तलाशी जाती है । मोहब्बत तो बेवजह हो जाती है ।

*******

दिल, धोखे में हैं…
और..
धोखेबाज, दिल में…

*******

मत दे दुआ किसी को अपनी उमर लगने की,
यहाँ ऐसे भी लोग है जो तेरे लिए
जिन्दा हैं….!

*******

आँखों से पानी गिरता है तो गिरने दीजिये…
कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही होगी…

*******

आपके तो बिखरे हुये सिर्फ बाल है…,!
हमारा तो ज़िन्दगी का वो हाल है…!!

*******

शाम होते ही सज जाता है तेरी याद का बाजार,
बस इसी रौनक से हमारी सारी रात गुजर जाती है…

*******

अपनी हालात का ख़ुद अहसास नहीं है मुझको,
मैंने औरों से सुना है कि परेशान हूं मैं…

*******

मजबूत रिश्ते और कडक चाय,

धीरे धीरे बनते है…

*******

कुछ इस अदा से तोड़े है ..ताल्लुक उसने ..!!!!!
…कि
एक मुद्दत से ढूंढ़ रहा हूँ ..कसूर अपना .!!!!!

*******

देखकर तुमको अकसर हमें एहसास होता है,
कभी कभी ग़म देने वाला भी िकतना ख़ास होता है…

*******

मेरी झोली में कुछ अल्फाज अपनी दुआओं के डाल दे ऐ दोस्त!
क्या पता तेरे लब हिलें और मेरी तक़दीर संवर जाये …!!!

*******

तू हकीकत-ए-इश्क है या कोई
फरेब..
ज़िन्दगी में आती नहीं, ख़्वाबों से
जाती नहीं…!!

*******

मंदिर भी क्या गज़ब की जगह है!
गरीब बाहर भीख मांगते हैं,
और अमीर अन्दर…

*******

जब भी वो उदास हो उसे मेरी कहानी सुना देना ,
मेरे हालात पर हंसना उसकी पुरानी आदत है..

*******

मैं अक्सर रात में यूं ही सङक पर निकल आता हूँ ,
यह सोचकर कि कहीं चांद को तन्हाई का अहसास न हो…

*******

काफी दिनों से एक ख्वाहिश सी रही है मुझको ….
कि किसी उदास शाम में वो आकर कहें..
बंद करो ये रोना, लो हम लौट आये तुम्हारे लिए.

*******

हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन पाओगे…
नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग जाओगे..!

*******

चूम कर मेरे होंठों को वो एक अदा से बोली…
सच बता दिल में तेरे और भी अरमान हैं
की बस….

*******

यह दुनिया भर के झगड़े,घर के किस्से,काम की बातै ,,,,
बला हर एक टल जाऐ अगर तुम मिलने आ जाऔ।

*******

ढून्ढ रहे हे मगर नाकाम रहे अब तक ,

वो लम्हा जिस मैं तू याद न आया हो..!!

*******

जख्म खरीद लाया हूँ बाजार- ए- दर्द से ,.
दिल जिद कर रहा था मुझे मोहब्बत
चाहिए!!

*******

होता है अक्सर सुकून दिल को मिलता नही ,
किसी के दिल की रंगत भी उतर जाती है सुकू पाने में !!

*******

वन अने रण

एक लिलुं छम्म – एक कोरू कट. .

ऐटले ज जी -वन, अने म – रण.

*******

उन्ही लफ्जों के अश्क बनते हैं,
जो जुबां से अदा नहीं होते…!

*******

मेरा दर्द किसी की हसने की वजह जरुर बन सकता है,,,

लेकिन मेरी हसी किसी के दर्द की वजह नहीं बननी चाहिए…

*******

मेरी पागल सी मोहब्बत तुम्हे बहुत याद आयेगी . . . . .

जब हँसाने वाले कम और रुलाने वाले ज्यादा होँगेँ. . . .

*******

तेरी ख़ामोशी,अगर तेरी मज़बूरी है,
तो रेहने दे इश्क़ कोनसा जरुरी है.

*******

फिर नींद से जाग कर आस-पास ढ़ूढ़ता हूँ,
तुम्हें क्यूँ ख्वाब मे इतने पास आ
जाती हो तुम….?

*******

रातों में खूब बातें होतीं हैं खुद से..
कौन कहता है अकेला हूँ मैं…!

*******

काश किस्मत भी नींद
की तरह होती ,
हर सुबह खुल जाती …

*******

साथ रोती थी, हसा करती थी.
एक परी मेरे दिल मे बसा करती थी.
किस्मत थी हम जुदा हो गए…!
वरना वो मुझे अपनी तकदीर कहा करती थी.

*******

अब
इस खुशी का
हिसाब कैसे हो ?
आज
उसने पूछा
” जनाब कैसे हो ?

*******

ज़िंदा रहने के लिए ज़रूरी तो नहीं कि साँस लूँ,
धड़कन बन कर तुम साथ रहो इतना ही काफी है….!!!

*******

मेरी उम्र इतनी तो नहीं फिर भी, ना जाने क्यों ?बड़े बड़े आशिक़ मुझे सलाम करते है…

*******

सो जाने दो इन बोझिल पलकों के सहारे,
नींद से न सही यादों से मोहब्बत तो बनी रहे!

*******

आज बारिश में भीग कर मैंने पूराने जख्म धो डालें,
मैं फिर तैयार हूँ…
चल ऊपर वाले अब फिर से नए जख्म बनालें।

*******

इतनी बदसलूकी ना कर.,,,,,,ऐ जिंदगी,,,,,,
हम कौन सा यहाँ बार बार आने वाले हैं…!!…..

*******

इश्क में मुझे ठुकराने की वजह वाजिब लगती है,
सच ही है , गरीबों के आशियानों में परियाँ नही आती…

*******

क्या मिलना ऐसे लोगो से जिनकी फितरत छुपी रहे,
नकली चेहरा सामने आये और असली सूरत छुपी रहे…

*******

ऐ सुन….
आई लव यू उतना,
पारले-जी बिस्कुट पुराना है जितना !!!

*******

जो तुम बोलो बिखर जाएँ जो तुम चाहो संवर जायें,
मगर यूँ टूटना जुड़ना बहुत तकलीफ देता है…

*******

हमने जो की थी मोहब्बत, आज भी है
तेरी जुल्फों के साये की चाहत आज भी है…

रात कटती है आज भी, खयालो में तेरे,
दीवानों सी वो मेरी हालत आज भी है.

किसी और के तसव्वुर को उठती नहीं,
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफत आज भी है.

चाह के एक बार चाहे फिर छोड़ देना तू
दिल तोड़ तुझे जाने की इजाज़त आज भी है…
दिल तोड़ तुझे जाने की इजाज़त आज भी है….

*******

हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं,
कभी किस्मत से टूट जाते हैं,
कभी लोग तोड़ जाते हैं …

*******

वो मेरे पास से गुजरे और मेरा हाल तक न पूछा,
हम कैसे यकीन करें, वो दूर जाकर रोये होंगे…!!

*******

पैसै पर फोटो हमारा भी हो सकता पर, लोगो की जेब मे रहना हमारी फीतरत नही…

*******

हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा देते हो मोहब्बत का;
कभी खुद से भी पूछा है इतने हसीन क्यों हो।

*******

हमने भी कभी चाहा था एक ऐसे शख्स को;
जो आइने से भी नाज़ुक था मगर था पत्थर का।

*******

आ तेरे पैरों पे मरहम लगा दूँ ऐ मुकद्दर,
कुछ चोट तुझे भी आई होगी, मेरे सपनो को ठोकर मारने के बाद…

*******

पढ़ने वालों की कमी हो गयी है आज इस ज़माने में,
नहीं तो गिरता हुआ एक-एक आँसू पूरी किताब है…!!

*******

अच्छा हैं, ये दिल अंदर होता हैं…
:
बाहर होता तो, हमेशा पट्टियों में ही लिपटा रहता..!

*******

मोहब्ब्ते और भी बढ़ जाती है, जुदा होने से..
तुम सिर्फ मेरे हो, इस बात का ख्याल रखना…

*******

लफ्ज़… अल्फ़ाज़… कागज़ या किताब…

कहाँ कहाँ रक्खें हम…. यादों का हिसाब..

*******

फिर उसने मुस्कुरा के देखा मेरी तरफ़..
फिर एक ज़रा सी बात पर जीना पड़ा मुझे…!!

*******

कभी बिछड़ना चाहो तो बस ये सोच लेना ,
तुम बिन मेरी सांसो को चलना नही अता ।

*******

हम भी मौजूद थे तकदीर के दरवाजे पे ,
लोग दौलत पर गिरे , हमने तुजे मांग लिया ।

*******

सच बोलता हु तो रिश्ते टूट जाते है,
झूठ बोलता हु तो खुद टूट जाता हु।

*******

कहते है की जब कोई किसी को बहुत याद करता है तो तारा टूट के गिरता है…
एक दिन सारा आसमान खाली हो जायेगा और इलज़ाम हमारे सर आयेगा….

*******

इतना भी प्यार किस काम का….
भूलना भी चाहो तो नफरत की हद्द तक जाना पड़े…

*******

तु मुजे प्यार करे या ना करे इस से कोइ फरक नही पडता……
क्यो कि मेरे अकेले का प्यार ही हम दोनो के लिये काफ़ी है…..

*******

जख्मों का हाल मत पूछिये, जनाब….
कोशिशें अब भी जारी है, इन्हें नासूर बनाने वालों की..!

*******

जुदा तो एक दिन, सांसे भी हो जाती हैं..
पगली..
और तुझे सिर्फ़, महोब्बत से शिकवा है..!

*******

लिख दे, मेरा अगला जनम उसके नाम पे…
ए खुदा…
इस जनम में, इश्क थोडा कम पड गया है..!

*******

कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे,
मै उतना याद आउगाँ जितना तुम मुझे भुलाओग…

*******

क्या ज़रूरत थी दूर जाने की;
पास रहकर भी तो तड़पा सकते थे!

*******

तू बदनाम ना हो इसलिए जी रहा हूँ मैं……,
वरना मरने का इरादा तो रोज होता है…….!!

*******

तनहा रहना तो मुहब्बत वालों की एक रस्म है..
अगर फूल सिर्फ खुशी के लिए होते तो जनाजे पे ना डाले जाते..

*******

दोनों की पहली चाहत थी ,दोनों टूट के मिला करते थे …
वो वादे लिखा करती थी ,में कसमे लिखा करता था ।।

*******

लाख बंद करें मैखाने ज़माने वाले…….
दुनिया में कम नहीं हैं आंखों से पिलाने वाले….!!

*******

माना कि उन्हें फुर्सत नहीं मुझसे बात करने की,
पर मुझे कौन रोक सकता है उन्हें याद करने से….

*******

सुनो..!!आँखों के पास नहीं तो न सही…
कसम से दिल के बोहत पास हो तुम…!!!

*******

उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं,
ये दिल उसका है, अपना होता तो बात और थी…

*******

लोग कहते हे की मोहबत एक बार होती हे,
लेकिन में जब जब तुजे देखता हु तो हर बार होती हे…

*******

नींद की इजाज़त भी उसकी यादों से
लेनी पड़ती है मुझे…।
खुद तो सो जाती है वो मुझे करवटों में छोड़ कर..!

*******

अगर छोड़ दूँ कलम को तो उसकी यादें मर जायेँगी !
और अगर छोड़ दूँ उसकी यादों को तो मैं मर जाऊँगा !!

*******

“तू” कल की तरह आज नहीँ “साथ” मेरे तो क्या हुआ…
कैसे बताऊँ तुझे कि,,
मोहब्बत तो हम तेरी दुरीयोँ से भी करतेँ हैँ ।।

*******

कहीं से मिल जाते वो अल्फाज़ हमें भी,
जो तुझे बता देते के हम शायर कम तेरे आशिक ज्यादा हैं ॥

*******

तेरी बेरूखी का अंजाम एक दिन यही होगा,
आखिर भूला ही देंगे तुझे याद करते करते.

*******

“तुम अगर भूल भी जाओ तो ये हक है तुमको,
मेरी बात और है…मैंने तो मोहब्बत की है।”

*******

” ना जाने वो कौन सी डोर है,
जो तुझ संग जुड़ी है,
दूर जायें तो टूटने का डर है,
पास आयें तो उलझने का डर है ”

*******

पूछा जो हमने उनसे, भुला दिया हमको कैसे ,
चुटकियाँ बजा के बोले ..ऐसे …ऐसे….ऐसे….

*******

हमारी गलतियों से कही टूट न जाना,
हमारी शरारत से कही रूठ न जाना,
तुम्हारी चाहत ही हमारी जिंदगी हैं,
इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना,

*******

सोचता हूँ एक शमशान बना लुँ
दिल के अंदर,
मरती है रोज ख्वाईशें एक एक करके…

*******

अगर आप को वक़्त का पता नहीं चल रहा है,
तो इसका मतलब आप का वक़्त अच्छा चल रहा है |

*******

मिलके बिछड़ना दस्तूर है जिंदगी का,
एक यही किस्सा मशहूर है जिंदगी का,
बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते,
यही सबसे बड़ा कसूर है जिंदगी का ।

*******

कितना कुछ हो रहा है इस दुनिया में क्या तुम मेरे नहीं हो सकते………

*******

हजारों अश्क़ मेरी
आँखों की हिरासत में थे…

फिर तेरी याद आई और
इन्हें जमानत मिल गई…

*******

ना हसीनो की तमन्ना है और ना परियो पे मरता हूँ…
वो एक “भोली” सी लडकी है जिसे मै महोब्बत करता हूँ ।।

*******

तेरी यादों का तकिया, लगाता हूँ जब भी सिरहाने,
उदासियां आ जाती है, तन्हाइयों की चद्दर उढाने…!!

*******

“छोड़ दो मुड़कर देखना उनको,जो तुमसे दूर जाया करते हैँ…

जिनको साथ नहीं चलना होता,वो अक्सर रूठ जाया करते हैँ…”

*******

वक्त अच्छा था तो हमारी गलती मजाक लगती थी,
वक्त बुरा है तो हमारा मजाक भी गलती लगती है..

*******

तुम जो बीछड़ी हो तो मैंने जाना है,
कि लोग मरकर भी जिया करते है …

*******

“इतने बेताब न हो मुझसे बिछड़ने के लिए,
तुम्हें आँखों से नहीं मेरे दिल से जुदा होना है…।”

*******

नाकाम थीं मेरी सब कोशिशें उस को मनाने की,
पता नहीं कहां से सीखी जालिम ने अदाएं रूठ जाने की।…

*******

कमी तेरे नसीबों में रही होगी, कि तू मेरी ना हुई,

मैने तो कोशिश बहुत की, तुझे अपना बनाने की…

*******

” माना की तू किसी रानी से कम नहीं ….मगर
वो रानी भी रानी क्या जिसके राजा हम नही…

*******

कुछ तो आदाब-ए-मोहब्बत का
सिला दीजिये कभी,

माना तुम पर मरते हैं,
तो क्या मार ही डालोगे हमें???

*******

छू ना सकूं आसमान, तो ना ही सही दोस्तों…
आपके दिल को छू जाऊं, बस इतनी सी तमन्ना है..!

*******

तू मेरे दर्द पे हँसती जा मैं तुझे देख
मुस्काऊँगा,
छोङ दे अब तू फिक्र मेरी बस अपना दिल बहलाती जा..!!

*******

क्या करूँ यार उससे गुस्सा भी हो जाऊं
तो बहोत तड़पता हुँ!!

*******

एक दर्द जो था सिगरेट की तरहा . . .

मेने सबसे छुपाके पिया है . . . !

*******

गुनाह कुछ हमसे हो गए यूँ अनजाने में,,,

फूलों का कत्ल कर दिया पत्थरों को मनाने में…

*******

हाथ बाँधे क्युँ खडे हो किस्मत के आगे…!!

हादसे कुछ भी नही है हौसलों के आगे…!

*******

तुमसे किसने कह दिया कि मुहब्बत की बाजी हार गए हम?
अभी तो दाँव मे चलने के लिए मेरी जान बाकी है..

*******

ना जाने क्यू उदास है आज हमारा ऐ दिल….

लगता है हमें भूल जाने का इरादा है किसीका….

*******

मुनासिब समझो तो सिर्फ इतना ही बता दो…
दिल बैचैन हैं बहुत, कहीं तुम उदास तो नहीं…

*******

कभी देखा है अंधे को किसी का हाथ पकड़कर चलते हुए,
इस कदर मैंने मुहब्बत में तुझ पर भरोसा किया था…

*******

तुमने तो फिर भी सिख लिया ज़माने के साथ जीना !!
हम तो कुछ भी ना कर सके तुम्हे चाहने के सिवा !!

*******

क्या हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का,

किसी काम से आये थे, किसी काम के ना रहे…

*******

तेरी मोहब्बत की तलब थी
तो हाथ फैला दिए वरना,
हम तो अपनी ज़िन्दगी
के लिए भी दुआ नहीं करते … !!!

*******

चलो अब जाने भी दो,
क्या करोगे दास्ताँ सुनकर!!
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं,
और बयाँ हम से होगा नहीं…

*******

तुझे खुद से निकाल तो दूँ मगर….
सोचता हूँ, फ़िर मुझमें बचेगा क्या..

*******

“तमन्ना ए इश्क़ तो हम भी रखते है,
किसी के दिल में हम भी धड़कते हैं,
ना जाने हमें वो कब मिलेंगे,
जिस के लिए हम रोज़ तड़पते है.”

*******

जाती नहीं आँखों से सूरत तेरी;
ना जाती है दिल से मोहब्बत तेरी;
तेरे जाने के बाद किया है यह महसूस हमने;
और भी ज्यादा है हमें ज़रूरत तेरी।

*******

मेरे दिल को मेरे पास ही रहने दो,
बेघर बच्चा, आवारा हो जाता हे ।

*******

हमे नही आता मनाना किसीको,
पर दिल से कहते है आपको कभी रुठने न देंगे.

*******

लो, तुम रख लो ये दिल..
सीने में बहुत चुभता है अब !

*******

इक बात कहूँ “इश्क”, बुरा तो नहीँ मानोगे….
बङी मौज के थे दिन, तेरी पहचान से पहले..

*******

सुबह उठते ही तेरे जिस्म की खुशबु आई,
शायद रात भर तूने मुझे खवाब मे देखा है…

*******

चुप रहना ही बेहतर है, जमाने के हिसाब से !
धोखा खा जाते है, अक्सर ज्यादा बोलने वाले !!

*******

ज्यादा लगाव ना रख मुझसे , मेरे दुश्मन कहते है मेरी उम्र छोटी है, डर मौत का नहीं , तेरे अकेलेपन का है !!

*******

मिटाना भी चाहूँ तो भी मिटा नहीं सकता,
उसका नाम अपने दिल से..

क्योंकि मिटाए तो वो जाते हैं जो गलती से लिखे जाते हैं..

*******

कल तुझसे बिछड़ने का फैसला कर लिया था,
आज अपने ही दिल को रिश्वत दे रहा हूँ..

*******

मुझे हराने के लिए पीछे से वार मत करना ऐ दुश्मन,
बस सामने आकर उस शख्स की याद दिला देना जिसपे हम जिंदगी हार गए थे,,,

*******

उस घडी मेरा इश्क हदें भूल जाता है,
जब लडते लडते वो कहती हैं: “लेकिन प्यार मैं ज्यादा करती हू तुमसे…

*******

तमाम शराबें पी ली थी इस जाहाँ की मगर,
उसकी आँखों में झाँका तो जाना आखिर नशा भी क्या चीज़ हे ।

*******

कितनी खुबसूरत लगती है ये दुनिया जब,
कोई अपना कहता है कि तुम बहुत “याद” आ रहे हो…!!!

*******

ये मत समझ कि तेरे काबिल नहीं हैं हम,
तड़प रहे हैं वो अब भी जिसे हासिल नहीं हैं हम.

*******

बात ये नहीं कि तेरे बिना जी नहीं सकते,
जिद ये हैं कि तेरे बिना जिना नहीं हमें ..

*******

मैं भूल सा गया हूँ तुम्हारे बारे में लिखना आजकल..
सुकून से तुम्हें पढ़ सकूँ इतना भी वक्त नहीं देती है ये जिंदगी..

*******

इश्क में, इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग..
दिल की जगह, जिस्म को चाहनें लगे हैं…!

*******

हाथों की लकीरों मैं तुम हो ना हो ….
जिदंगी भर दिल में जरूर रहोगे…

*******

मोहब्बत मेँ कभी कोई जबरदस्ती नहीँ होती,
जब तुम्हारा जी चाहे तुम बस मेरे हो जाना.

*******

सिर्फ रिश्ते टूटा करते हैं साहब,
मुझे तो उनसे इश्क़ हुआ है…

*******

ये जो हालात है…एक रोज सुधर जायेगे,
पर कई लोग मेरे दिल से उतर जायेगे….

*******

मंजिलें क्या है रास्ता क्या है..?
हौसला हो तो फासला क्या है..!!

*******

लिमिट से अनलिमिटेड हो रहा हूँ,
आजकल पल पल डिलिट हो रहा हूँ..

*******

“मैं शब्द, तुम अर्थ
तुम बिन मैं व्यर्थ”

*******

#ChetanThakrar
#+919558767835

 
 

Tags:

3 responses to “Shayri Part 29

  1. राजेश सिंह

    December 20, 2015 at 1:51 pm

    नमस्ते सर जी ।और बहुत धन्यवाद कि आपने इतनी शानदार शायरी दिया । मैं बहुत दिनों से ऐसे शायरी खोज रहा था और अब ये सब खत्म क्योंकि आपके पेज मिल गया

     
  2. Amjad

    February 17, 2016 at 4:42 pm

    Nice sir…. fabulous page keep it up plzzz dnt forget to write shayari. .Thank you🙂

     
  3. gosai prakashgiri j.

    November 29, 2016 at 7:19 pm

    Nice sayri
    Plieace comment

     

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: