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Shayri Part 30

27 Apr

मैं हँसता हूँ तो बस अपने गम छिपाने के लिए,…

और लोग देख के कहते हैं काश हम भी इसके जैसे होते……

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क्या हुआ अगर हम किसी के दिल में
नहीं धङकते ….?

आँखों में तो बहुतो के खटकते हैं ….!!!

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“कर लेता हूँ बर्दाश्त हर दर्द इसी आस के साथ..
की खुदा नूर भी बरसाता है … आज़माइशों के बाद”..

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ये तेरे बाप का खरीदा हुआ खिलोना नहीँ जिसे तू केसे भी तोड दे ! ये मेरा दिल हे इसे बेचने का इरादा नहीँ ओर खरीदने की तेरी ओकात नहीँ..

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तुम्हारे पास आता हूं तो सांसें भीग जाती हैं,
मुहब्बत इतनी मिलती है के’ आंखें भीग जाती हैं.

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ये सर्द हवाएं मुझसे कहती है कि दिसम्बर आ गया है.
मुझे ऊन बाहों की गर्माहट का इंतज़ार आज भी है…

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मेरे लफ्जों की ज़ुबां से उफ़ नहीं होता !
लिख कर बर्बादिया मैं खुद नहीं रोता !!

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नाबुरा होगा, ना बढ़िया होगा,
होगा वैसा, जैसा नजरिया होगा ।

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लगता है मेरा खुदा मेहरबान है मुझ पर, मेरी दुनिया में तेरी मौजूदगी यूँ ही तो नहीं है|

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फिर पलकों पर ठहर गइ नमी,
दिल ने कहा बस “ऐक तेरी कमी”..!!

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मुझे तू इस क़दर अपने क़रीब लगता है ….
तुझे अलग से जो सोचूँ, अजीब लगता है..!!!

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नहीं मिला कोई तुम जैसा आज तक,

पर ये सितम अलग है की मिले तुम भी नही…

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मैं राज़ तुझसे कहूँ, हमराज़ बन जा ज़रा.
करनी है कुछ गूफतगू, अलफ़ाज बन जा ज़रा…

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अब अपने ज़ख़्म दिखाऊँ किसे और किसे नहीं …!
बेगाने समझते नहीं और अपनो को दिखते नहीं.

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गुलाब, ख्वाब, ज़हर, जाम क्या-क्या है ?
मैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या-क्या है ?

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तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।

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एक मैं हूँ , किया ना कभी सवाल कोई
एक तुम हो , जिसका कोई जवाब नहीं.

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उसने मेरा हाथ थामा था उस पार जाने के लिए…
और मेरी एक ही तमन्ना थी कभी किनारा ना आए….

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प्रेम शुं छे खबर छे ?!
तुं जवाब लखे त्यां सुघी हुं
typing.. typing..
वांच्या करु ते !….

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हमे आंखे मिलाने के शौक न था,
तुम्हे देखा तो आदत खराब हो गई…

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उनको आ सकी न निभानी मुहब्बत,

अब पड़ रही है हमको भुलानी मुहब्बत,

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“ग़मों को आबरू अपनी ख़ुशी को गम समझते हैं,
जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें बस हम समझते हैं.

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दोनों जानते हे के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,
फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही हे !!

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नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं…

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लगता तो बेखबर सा हूँ लेकिन खबर में हूँ,
अगर तेरी नजर में हूँ तो सबकी नजर में हूँ।

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शाम तक सुबह की नज़रों से उतर जाते हैं,
इतने समझौतों पे जीते हैं कि मर जाते हैं…

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कहाँ तक आँख रोएगी कहाँ तक किसका ग़म होगा,
मेरे जैसा यहाँ कोई न कोई रोज़ कम होगा…

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वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त,,,
मजा तो तब है जब वक्त बदल जाये पर यार ना बदले….!!

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तेरा ज़िक्र..तेरी फ़िक्र..तेरा एहसास..तेरा ख्याल…

तू खुदा तो नहीं…. फिर हर जगह क्यों हे…!!

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तेरी वफाओं का समन्दर किसी और के लिए होगा,
हम तो तेरे साहिल से रोज प्यासे ही गुजर जाते हैं !!

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कमाल करती हो तुम भी… बडे बेरहम अंदाज से करते हो नज़र अंदाज भी….

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दिल की कीमत तो मुहब्बत के सिवा कुछ ना थी…

जितने भी मिले सूरत के खरीद्दार मिले…

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कैसी कैसी रीत चलीँ और कैसे कैसे मेल,

तब खेल खेल मेँ प्यार हुआ अब प्यार हो गया खेल…!!

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तमन्ना है कि कोई हमारी शख्सियत से भी प्यार करे…..
वरना हैसियत से प्यार तो तवायफ भी करती है….

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आज उदासी ने भी हाथ जोड़कर कहा मुझसे…
तुझे तेरे प्यार का वास्ता,मेरा आसियाना छोड…

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जब तुम नज़र नहीं आते,
मुझे कुछ नज़र नही आता ..

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मुझे मालूम है ऐसा कभी मुमकिन
ही नहीं,
फ़िर भी हसरत रहती है कि तुम याद
करोगे…

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मलहम नही तो हमारे जख्मो पर नमक ही लगा दे.

हम तो तेरे छूने से ही ठीक हो जायेंगे ..

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उम्र कितनी मंजिले तय कर चुकी..!!
दिल बेचारा वही का वही रह गया..!!

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न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की,
अब वजह नही मिलती मुस्कुराने की.

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कल रात चाँद बिकुल उनके जैसा था
वही नूर….. वही गरूर……वही सरूर,
वही उनकी तरह…… हमसे कोसो दूर ।।।

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क्यु ना छोड़ दे मंजिल की फ़िक्र!!!
राह चलना भी तेरे साथ किसी जन्नत से तो कम नहीं …

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मैं चाहता हूँ….तुझे यूँ ही उम्र भर देखूं,
कोई तलब ना हो दिल में….तेरी तलब के सिवा …

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अभी तो दिल कर रहा है कि बस सो जाऊं ,
तेरे ख्यालों के बे-हद जंगल में खो जाऊँ ……

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ये दिल की लगी कम क्या होगी,
ये इश्क़ भला कम क्या होगा….

जब रात हैं ऐसी मतवाली, फिर सुबह का आलम क्या होगा …!!!

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पढ़ लेता हूँ तुझे हर बार,
वोह दो नीली रेखाये गवाह है व्होट्स एप की!!

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जाते जाते उसने पलट कर मुझसे कुछ यूं कहा,
तुम हमें भुल जाओ, हम तो तुमसे प्यार सिखने आए थे…..

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शायरी शॊक नहीं, और नाही कारोबार मेरा,
बस दर्द जब सह नहीं पाता,तो लिख लेता हूँ…

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एक वो पगली है जो मुझे समझती नहीं…
और यहा सब मेरी शायरी को पढ़ पढ़ के दीवाने होते जा रहे है.

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वक्त के साथ-साथ बहुत कुछ बदल जाता है….

लोग भी… रास्ते भी… अहसास भी….
और कभी – कभी… हम खुद भी..!!!

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एक पल में ले गयी मेरे सारे गम खरीद कर…
कितनी अमीर होती है ये बोतल शराब की…

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मैं तो पहले भी था महफ़िल में,
मैं तो अब भी हूँ महफ़िल में,
फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि, पहलेतुम थी,अब ये शराब है महफ़िल में.

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माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही….
पर ये सच ह के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही,

उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन,
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही..

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मैं वक़्त बन जाऊं, तू बन जाना कोई लम्हा…

मैं तुझमे गुज़र जाऊं, तू मुझमें गुज़र जाना…

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मेरी आँखों में झाँकने से पहले ज़रा सोच लीजिए,
जो हमने नजरे झुका ली तो क़यामत होगी,
और हमने नज़रें मिला ली तो मोहब्बत होगी।।

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वो भी क्या दिन थे..

जब घड़ी एकाध के पास होती थी

और समय सबके पास होता था………..

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स्याही थोड़ी कम पड़ गई वर्ना किस्मत
तो अपनी भी खूबसूरत लिखी गई थी..

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सिर्फ मैं ही हाथ थाम सकूँ उसका …मुझ पर इतनी इनायत सी कर दे …

वो रह ना पाये इक पल भी मेरे बिना …ऐ रब .. उसको मेरी आदत सी कर दे ..!!

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तेरे गुरूर को देखकर तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने,
ज़रा हम भी तो देखे कौन चाहता है तुम्हे
हमारी तरह…!!!

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याद करने की हम ने हद कर दी मगर,
भूल जाने में तुम भी कमाल करते हो..

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मत पूछो कितनी मोहब्बत है मुझे उनसे ! बारिश की बूँद भी अगर उन्हें छू ले…. तो दिल में आग लग जाती है ….!!

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दिल तो यु ही किसी का चुरा लेते हम… मगर माँ कहेती है चोरी करना बुरी बात हे…

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मुझे मालूम था के लौट के अकेले ही आना है ,

फिर भी तेरे साथ चार कदम चलना अच्छा लगा !!

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इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया, ए-ज़िन्दगी..
चलने का न सही,,,,
सम्भलने का हुनर तो आ गया…

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प्यार तो अचानक ही हो जाता है,
इरादे से जो हो उसे तो सेटिंग कहते है.

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जिक्र तेरा हुआ तो हम महफ़िल छोड़ आये,,,
हमें गैरों के लबों पे तेरा नाम
अच्छा नहीं लगता….

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मेरी ईन नशीली आँखों मै मत देख ऐ सनम,
नशा हो गया तोह ऊतरेगा नही ।

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वो दिन जो गुजरे तेरे साथ….
काश….जिँदगी उतनी ही होती…..

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मैं बड़ो कि इज़्जत इसलिए करता हु,
क्यूंकि उनकी अच्छाइया मुझसे ज़्यादा है…
और छोटो से प्यार इसलिए करता हु,क्यूंकि उनके गुनाह मुझसे कम है…

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एक तू मिल जाती, इतना काफ़ी था,
सारी दुनियाँ के तलबगार नहीं थे हम..!!

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हम अपने दिल की बात बताकर चले आये,
सुना है महफ़िल में अभी तक ख़ामोशी है……

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तुम गरदन जुकाने की बात करते हो, हम वौ है जो आंख उठाने वालोकी गरदन पऱसाद मै बाट देते है..।।

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आप मुझसे मिलने आये हो ….
….. बैठो…..
.
.
मै खुद को बुलाकर लाता हूँ…….

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अकल कितनी भी तेज ह़ोनसीब के बिना नही जित सकती ,
बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद..कभी बादशाह नही बन सका ।

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ज़िंदगी मे सच्चे लोगो की तलाश करना छोड़ड़ दिया हमने,
लोग तो सिर्फ़ वक़्त बिताने और दिल जलाने के लिए हे मिलते हे.

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मिल ही जाएगा हम को भी कोई ना कोई टूट के चाहने वाला..
अब शहर का शहर तो बेवफा नही होता….

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जंगल मैं शेर से और शहर मैं हम से
बच के रहना …..,,,,,,
शेर तो सिर्फ फाडते है मगर हम बिच
रस्ते मैं गाडते हैं…

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क्यूँ पता पूछते हो श्याम के नाम का,
बस C /O लिख दो राधा के नाम का……

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“क्षमा करने से पिछला समय तो नहीं बदलता,
लेकिन इससे भविष्य सुनहरा हो उठता है।”

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महसूस खुद को तेरे बिना मैंने कभी किया नहीं।
तू क्या जाने लम्हा कोई मेने कभी जिया नहीं!!!

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परेशां हूँ कि…….परेशानी नही जाती ।
बचपन तो गया पर नादानी नही जाती !

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माँ के बिना दुनिया की हर चीज कोरी है ।
दुनिया का सबसे सुंदर संगीत माँ की लोरी है ।

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बेचैनी जब भी बढ़ती है धुंए में उड़ा देता हूँ ,
और लोग कहते हैं मैं सिगरेट बहुत पीता हूँ !

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ये शहर आजकल वीरान पड़ा है,
सुनने में आया है कि,
उनकी पायल खो गयी है !

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मैं क्या जानूँ दर्द की कीमत ?
मेरे अपने मुझे मुफ्त में देते हैं !

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दो चार नहीं मुझे सिर्फ एक ही दिखा दो दोस्त,

वो शख्स जो अन्दर से भी बाहर की तरह हो।

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यहाँ सब खामोश है कोई आवाज़ नहीं करता….
सच बोलकर कोई किसी को नाराज़ नहीं करता….

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ज़िन्दगी रही तो कल फिर होगी महफ़िल में गुफ्तगू दोस्तों,
अगर इस रात ही चल बसे तो अपना सलाम आखरी है..!!

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कुछ ऐसे हादसे भी होते हैं जिंदगी में..
इंसान बच तो जाता है पर जिंदा नहीं रहता.

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बस ज़ायके में थोड़ा कड़वा है..
वरना सच का कोई ज़वाब नहीं ॥

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कुछ सपनों को पूरा करने निकले थे गाँव से,
किसको पता था कि गाँव जाना ही एक सपना बन जायेगा.

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आज मैंने जज्बात भेजे….
तुमने फिर अलफ़ाज़ ही समझे…!

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सारे सपने तोड़कर बैठे हैं,दिल का अरमान छोड़कर बैठे हैं..
ना कीजिये हमसे वफ़ा की बातें, अभी-अभी दिल के टुकड़े जोड़कर बैठे हैं…!

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कैसे भूलेगी वो मेरी बरसों की चाहत को,
दरिया अगर सूख भी जाये तो रेत से नमी नहीं जाती…

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मरना होता तो कबके मर गए होते…
.
.
तेरी यादों में
हर रोज़
.
.
मरने का मज़ा ही कुछ अलग है …!!

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तुम खुश-किश्मत हो जो हम तुमको चाहते है..
वरना, हम तो वो है जिनके ख्वाबों मे भी लोग इजाजत लेकर आते है…!!

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ख्वाहिशों को जेब में रखकर निकला कीजिये,
जनाब;
खर्चा बहुत होता है, मंजिलों को पाने में!

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कोई दौलत पर नाज़ करते हैं,
कोई शोहरत पर नाज़ करते हैं,
जिसके साथ आप जैसा दोस्त हो,
वो अपनी किस्मत पर नाज़ करते हैं.

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मैंने तो बस उसको पाने की ज़िद्द की थी…
मेरा खुदको खोने का कोई इरादा नहीं था…

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वो बार-बार मुझसे
पूछती है….आखिर क्या है
मोहब्बत………….

अब क्या बताऊँ उस को कि उसका पूछना और मेरा न बता पाना ही मोहब्बत है………

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चले आओ मेरे परिंदों लौट कर अपने आसमान में,

देश की मिटटी से खेलो, दूर-दराज़ में क्या रक्खा है ?

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साँसें तेरी रोक दूँ,या मेरी रोक लूँ,
मरना तो किस्मत में
आखिर, मेरा ही लिखा है….

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इक ख़त कमीज़ में उसके नाम का क्या रखा,
क़रीब से गुज़रा हर शख्स पूछता है कौन सा इत्र है जनाब।।

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मुझे मालुम है तुम खुश हो बहोत इस जुदाई से,
अब ख्याल रखना, तुम्हें तुम जैसा ना मिल जाए।

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वो भी तडप ना जाये तो,
लानत है मुजे मेरे ईश्क पर..

सिर्फ निगाहै मिलने कि देरी है…

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फ़ोन पर वो दो रूहें देर तक खामोश सी रही.
लफ़्ज़ सारे गायब थे, मगर हज़ारों बातें हो गयी…

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मैं नींद में ही सही जाग तो रहा था मगर,
खुली जो आँख तो ख़्वाबों के सिलसिले टूटे।

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तलाश में बीत गई सारी जिंदगानी;
अब समझा की खुद से बड़ा कोई हमसफ़र नहीं होता…

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रोज़ कलम लेके बैठता हूँ अपना गुनाह लिखने के लिये,

और मुझे बस तेरा ही नाम याद आता है!

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कुछ दिन तो तेरी यादें वापस ले ले..

'पागल'

मैं कई दिनों से सोया नहीं….!!

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सर्द हवाएँ क्या चली फिज़ाओं में….

हर तरफ तेरी यादों की धुँध बिखर गई…

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जिंदगी के किसी मोड़ पर अगर हम बुरे लगें,

तो ज़माने को बताने से पहले हमको बता देना!

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लोग बदनाम करते गऐ…
हमारा नाम होता गया….

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हक़ीक़त ज़िद किये बैठी है चकनाचूर करने की,
मगर हर आँख फिर सपना सुहाना ढूँढ़ लेती है…

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आँखों में तेरी कोई करिश्मा ज़रूर है…
तू जिसको देख ले;
वो बहकता ज़रूर है…

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चाँदनी चाँद करता है चमकना सितारोँ को पडता है,
मोहब्बत आँखे करती है तडपना दिल को पडता है|

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याद महबूब की और शिद्दत सर्दी की…
देखते हैं हमें कौन बीमार करता है..!

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कब तक याद करूँ मैं उसको कब तक अश्क़ बहाऊँ,
यारो अब तो रब से दुआ करो मैं उसको भूल ही जाऊँ…

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मैंने अपनी हर एक सांस तुम्हारी गुलाम कर रखी हैं,
लोगो मैं ये ज़िन्दगी बदनाम कर रखी हैं.

अब ये आइना भी क्या काम का मेरे … मैंने तौ अपनी परछाई भी तुम्हारे नाम कर रखी हैं ….

*******

मुद्दतों से उसके इंतजार में हुँ यारों,
कही पढ़ लिया था कि सच्ची मोहब्बत
लौटकर आती है..!

*******

मुझसे अगर पूछना है तो मेरे जज्बात पूछ,
जात और औकात तो सारी दुनिया को पता है!

*******

मेरे जैसा सौदागर नहीं मिलेगा तुमको,
फरेब खरीदता हूँ मोहब्बत दे कर..

*******

उसकी जीत से होती है ख़ुशी मुझ को,
यही जवाब मेरे पास अपनी हार का था.

*******

छु जाते हो तुम मुझे हर रोज एक
नया ख्वाब बनकर..
.
.
ये दुनिया तो खामखा कहती है
कि तुम मेरे करीब नहीं..""

*******

चार लाइन दोस्तों के नाम-

काश फिर मिलने की वजह मिल जाए
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए,
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,
क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए..

*******

मुहब्बत शोर है, तो, शोर मत कर
इबादत है अगर, कुछ, और मत कर….
नज़ाकत से, नफ़ासत से, निभाना
ये कच्ची डोर है, तू जोर मत कर …….

*******

निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया,

भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का…..!

*******

सारा जहाँ चुपचाप है..
आहटें ना साज़ है……..
क्यों हवा ठहरी हुई है……..
आप क्या नाराज़ है…….!!!

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जुकी जुकी नजर तेरी, कमाल कर जाती हे,
उठती हे एक बार तो, सवाल कर जाती हे.

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मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है,
उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…

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एक बार और उलझना हैं तुमसे,
बहुत कुछ सुलझाने के लिये!!

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काश कोई एक रात ऐसी भी आ जाये,
नींद आ जाये पर तेरी याद न आये…

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जबसे तुम्हारे नाम की मिश्री होंठ लगाई है,
मीठा सा गम् है और मीठी सी तनहाई है …

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बुला रहा है कौन मुझको उस तरफ,
मेरे लिए भी क्या कोई उदास बेक़रार है…

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खुद को खो दिया हमने , अपनों को पाते पाते !
और लोग पूछते है , कोई तकलीफ तो नहीं …!!!

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बहुत खुबसूरत है हमारा सनम |
खुदा ऐसा चेहरा बनाता है कम ||

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मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है,
उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…

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एक तेरा ही नशा हमें मात दे गया वरना…
मयखाना भी हमारे हाथ जोड़ा करता था…

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यही तो मज़बूरी है यारों, पत्तों में जेक और लाइफ में ब्रेक लगती है
तब ना इक्का काम आता है ना सिक्का।…

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है परेशानियाँ यूँ तो बहुत सी ज़िंदगी में..
तेरी मोहब्बत सा मगर, कोई तंग नहीं करता…!!

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लहू बेच-बेच कर, जिसने परिवार को पाला ।
वो भूखा सो गया, जब बच्चे कमानेवाले हो गये।

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मैँ कभी बुरा नही था उसने मुझे बुरा कह दिया……
फिर मैँ बुरा बन गया ताकी उन्हे कोई
झुठा ना कह दे……!!

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कागज में लिपटी रोटियाँ मैं खाऊँ भी तो कैसे,
खून से लथपथ आते हैं अखबार आजकल !!

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जिस चीज़ पे तू हाथ रखे वो चीज़ तेरी हो,
और जिस से तू प्यार करे, वो तक़दीर मेरी हो.

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गले में सोना ….. टेशन में रौना …..
प्यार में गम …. और " वॉटसअप " में
हम ,, फेमस हे यार…..

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सोचता हूँ की, कभी भी अब तुझें याद नहीं करूँगा..
फिर सोचता हूँ ये फ़र्क़ तो रहने दो हम दोनों में….

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हमें अपना इश्क़ तो एक तरफा और अधूरा ही पसंद है;
पूरा होने पर तो आसमान का चाँद भी घटने लगता है..

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जब चाहूँ तुम्हे मिल नहीं सकता,
लेकिन जब चाहूँ तुम्हे याद कर सकता हूँ ….

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ऐसा नही कि, मेरे इन्तजार की…उन्हें खबर नही,
लेकिन….
तड़पाने की आदत तो….उनकी फितरत में शुमार है…..!!

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कहीं नाराज न हो जाए उपरवाला मुझ से,
हर सुबह उठते ही,
उससे पहले तुझे जो याद करता हूँ.

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दिल की उम्मीदों का हौंसला तो देखो,
इंतजार उसका जिस को अहसास तक
नहीं …..

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कितने अनमोल होते हैं
ये अपनों के रिश्ते…..!!

कोई याद न करे
तो भी इंतज़ार रहता है…!!

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आंखे तेरी हो या मेरी,

बस इतनी सी ख्वाईश है

की ये कभी नम ना हो……….

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फेस पे स्माईल की,
और जिंदगी में स्टाईल की कमी नहीं होनी चाहिए.

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लोग आपके पास क्या है वो देखते है, आप क्या है वो नहीं देखते.!!

*******

मै वो शख्स नही , जो दिल पे खंजर न
खा सकूँ ! !
तू इतना इमान रखना , कि वार सामने से करना ! !

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किसी से बदला लेने का आनंद दो चार दिन ही रहेगा;
लेकिन माफ कर देने का आनंद जिंदगी भर रहेगा..!!!

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अगर मुहब्बत की हद नहीं कोई,
तो फिर दर्द का हिसाब क्यों रखूँ…

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न मैं था…
न मैं हूँ…
न मैं रहूँगा…
तुम्हारे बगैर…

*******

अच्छा हुआ……तुम किसी और के हो गए।
खत्म हो गई फिक्र………..तुम्हेँ अपना बनाने कि।

*******

मैं तुम्हारे चहरे की मुस्कान बन सकूं तो और क्या चाहिए मुझे.. !!

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"हकिकत" से बहोत दूर है, "ख्वाहिश" मेरी..!!!
फिर भी एक "ख्वाहिश" है कि एक ख्वाब "हकिकत" हो…

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हर रोज इतना मुस्कुराया करो की
ग़म भी कहे….
यार…. मै गलती से कहा आ गया…!!

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कहने को तो अपने दोस्तों का हृदय समुन्दर की तरह विशाल है,
पर इतना नमक भरा है जो किसी काम ही नहीं आता…

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"तू क्या गई मेरी ज़िंदगी से,
यहाँ आँसुओं ने अपना घर कर लिया"…!!!

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माँ ने बालों में फिरायी हैं उंगलियाँ अभी अभी,
तुम न जाने किसको जन्नत कहते हो?

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पूरी तरह से जीना
कब का भूल चूका हूँ मैं,

कुछ तुम में जिन्दा हूँ
कूछ खुद मे बाकी हूँ मैं..!!

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आसरा इक उम्मीद का देके मुझ से मेरे अश्क न छीन…,
बस यही एक ले दे के बचा है…, मुझ में मेरा अपना…!!!

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माँ के हाथ मे जादू है किस्मत को संवार देने का..
फिर वो हाथ सिर पर फिरे या गालों पर पड़े..

*******

ख्यालों को ख्यालों का ख्यालों में ख्याल आया,
कि ख्यालों को ख्यालों का ख्यालों में ख्याल था…

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कुछ डरी सहमी ठिठकी और आगे बढ़ गई..
मजबूर थी क्या करती…गैरत मेरी,
जरूरतों को तलाशने बेशर्मी की हद से गुजर गई.

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तुम खुश हो ना.. बस .. और क्या चाहिए.. मेरे जाने से ही सही ..

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तुम्हारी जुल्फ के साये में शाम कर लूँगा,
सफ़र इस उम्र का पल में तमाम कर लूँगा…

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रुक गयी मेरी कलम दर्द-ए-दिल बयाँ करते-करते,
मेरी मोहब्बत को उसने अपना रुतबा समझ लिया !!

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वो सामने है मेरे
और जुदा भी है..

वो गुनहगार है मेरा
और खुदा भी है.!!

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प्रीत न कीजिये पंछी जैसी, जल सूखे उड जाय!
प्रीत तो कीजिये मछली जैसी, जल सूखे मर जाय!

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सन्नाटा सा हैं
इक शोर के बाद
शायद किसी रिश्ते ने
दम तोड़ा होगा !!!

*******

सब सो गये अपने हाले दिल बयां करके,

अफसोस की मेरा कोई नहीं
जो मुझसे कहे तुम क्यों जाग रहे हो।

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लत ऐसी लगी है कि तेरा नशा मुझसे छोड़ा नहीं जाता,
हकीम भी कह रहा है कि इक बूँद इश्क भी अब जानलेवा है……!!

*******

ये रात चांदनी बनकर आपके आँगन आये,
ये तारे सारे लोरी गा के आपको सुलायें,
हो आपके इतने प्यारे सपने यार , कि नींद में भी आप मुस्कुराएँ .

*******

प्यारी सी रात मे, प्यारे से अन्धेरे मे,
प्यारी सी नींद मे, प्यारे
से सपनो मे, प्यारे से अपनो को,
प्यारी सी गुड नाईट.

*******

गिरी मिली एक बोतल शराब की,,,तो ऐसा लगा मुझे

जैसे बिखरा पड़ा था एक रात का
सुकून किसी का !!!

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बना लो उसे अपना जो दिल से तुम्हे चाहता है।
खुदा की कसम ये चाहने वाले बडी मुश्किल से मिलते है॥

*******

कुछ लम्हे गुजारे तूने मेरे साथ,
तुम उन्हें वक्त कहेते हो और हम उन्हें जिंदगी कहेते हे ..

*******

हंसते हुए होठों ने भरम रखा हमारा ,
वो देखने आया था किस हाल में हम है.

*******

जरुरते तोड देती है इन्सान के घमंड को,
न होती मजबुरी तो हर बंदा खुदा होता.

*******

उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे….!!
हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे….!!

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इसलिए खामोश रह के उम्र पूरी काट दी…
ज़िन्दगी तुझसे बहस का फायदा कोई नहीं…

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तुजे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था,
भूल गए थे के किस्मत बदलते देरनहीं लगती…!!

*******

ताल्लुक़ टूट कर बाद में जो कुछ भी रह गये,

मगर मोहब्बत में वो पहला मुस्कुराना हमेशा याद आता है…!!

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उसकी हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले !
काश उसे भी मेरे नसीब में लिखा होता !!

*******

रोज कहाँ से लाऊँ,
एक नया दिल,
तोड़ने वालों ने तो,
मजाक बना रखा है…

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बस.. एक तुम्हे पाने की तमन्ना ही नहीं रही …
मोहब्बत तो आज भी तुम से बेशुमार करते है !!

*******

खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!
वरना हम दिल  चुरा भी लेते हैं..!

*******

तेरे मिलने का गुमान..तेरे न मिलने की खलिश,
वक़्त गुज़रेगा तो ज़ख्म भी भर जायेंगे ।।

*******

मै यादों का किस्सा खोलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

मै गुजरे पल को सोचूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

अब जाने कौन सी नगरी में,
आबाद हैं जाकर मुद्दत से.

मै देर रात तक जागूँ तो ,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

कुछ बातें थीं फूलों जैसी,
कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,

मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

वो पल भर की नाराजगियाँ,
और मान भी जाना पलभर में,

अब खुद से भी रूठूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं ।

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हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं ।

हम इसी वास्ते हर शख्स से कम मिलते हैं ।

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हमने उनसे कहा की अब छोड़ दो या तोड़ दो हमें ।

उन्होंने हंस कर गले लगाया और कहा …छोड़ तो हम रहे हैं….टूट तो अपने आप जाओगे ।

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कोन कहेता है की दोस्ती बराबरी वालो में होती है..

सच तो ये है की दोस्ती में सब बराबर होता है.

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अगर जिंदगी में जुदाई ना होती;
तो कभी किसी की याद आई ना होती;
साथ ही गुजरता हर लम्हा तो शायद;
रिश्तों में इतनी गहराई ना होती।!!!!

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हौंसला मत हार, गिरकर ऐ मुसाफिर,..
अगर दर्द यहाँ मिलता है तो, दवा भी यहीं मिलेगी…!

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ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़,
मेरी अपनी मंजिलें, मेरी अपनी दौड़..!

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"ना खुशी खरीद पाता हूं और ना गम बेच पाता हूं

फिर भी ना जाने क्यूं हर रोज बाजार जाता हूं।

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अब जिस के जी में आए, वही पाए रौशनी…
हम ने तो दिल जला के सर-ए-आम रख दिया…

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दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं,
लोग अब मुझ को तेरे नाम से पहचानते हैं…

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किसी ने आज पूछा हमसे कहाँ से लाते हो ये शायरी…!!
मैं मुस्करा के बोला "उसके ख्यालो मे डूब कर" ..!!

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तेरी यादों के सिरहाने सिर रख के आज फ़िर सोने चले है…

शब्बा ख़ैर…

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डूबकर तेरी झील सी गहरी आँखों में,
एक मयकश भी शायद पीना भूल जाए.

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निरंतर कार्य करने वाला मरने से कुछ घंटे पूर्व ही वृद्ध होता है।………..

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तू रात भर करवटें बदलती है मुझमें. .
मैं सलवटों-सा बचा रह जाता हूँ सुबह.

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लफ्ज़ तो सारे सुने सुनाये है,,
अब तु मेरी ख़ामोशी में ढुँढ जिक्र अपना..

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एक रिश्ता गुमनाम सा चला हाँथ थाम के,

एक रिश्ता घुटता रहा ता-उम्र ले कर फेरे सात…

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मेरा प्यार सच्चा था इस लिये तेरी याद आती है,

अगर तेरी बेवफाई भी सच्ची है तो अब यादों मे मत आना.

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आपकी धड़कन से हैं रिश्ता हमारा,
आपकी साँसों से हैं नाता हमारा,
भूल कर भी कभी भूल न जानI,
आपकी यादों के सहारे हैं जीना हमारा.

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कौन कहेता है की मुझ में कोइ कमाल रक्खा है,
मुझे तो बस कुछ अपनो ने संभाल रक्खा है,,,!!

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किसी ने हम से पुछा इतने छोटे से दिल मे इतने सारे दोस्त कैसे समां जाते है….!!!
हम ने कहा वैसे ही जैसे छोटी सी हथेली मे तकदीर की लकीरें बन जाती है….

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मैंने कहा आज झूठ का दिन हैं…..
वो मुस्करा के बोले, फिर तुम मेरे हो!!

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जब छोड़ गये सब,
तब मिला मुझे रब…!!!

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मगरूर दुनिया जो कहती है तो कहने दो,
हम हर किसी को मुड़ कर देखा नहीं करते…

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भुखा शेर हमला करता है ……. और ……. जखमी शेर तबाही…….

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कलम मे जँग लग गया था ,तेरे आने से,

धार ओर भी तेज हो गयी है तेरे जाने से..!!

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सब सो गये अपने हाले दिल बयां करके,
अफसोस की मेरा कोई नहीं जो मुझसे कहे तुम क्यों जाग रहे हो।

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तुम दुआ के वक़्त जरा मुझे भी बुला लेना,

दोनों मिलकर एक दूसरे को मांग
लेंगे..

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रात तो वक्त की पाबंद हैं ढल जायेगी,

देखना ये हैं चिरागो का सफ़र कितना हैं!

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तुम आना हर रोज़ सुबह की नर्म धुप बनके…

मैं चिड़ियों की चहचहाहट बनके तुम्हारा इंतज़ार किया करूंगा….

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अपने मंसूबों को नाकाम नहीं करना है,
मुझको इस उम्र में आराम नहीं करना है.

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इंसान जब दिल के हाथो मजबूर होता है,
तो झूठे प्यार पर भी बडा गुरुर होता है.

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बस तुम्हे पाने की तमन्ना नहीं रही …
मोहब्बत तो आज भी तुम से बेशुमार करते है ! !

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वो दिन जो गुज़रे तेरे साथ,
काश ज़िन्दगी उतनी ही होती.

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मेरी वफा कि गवाही सितारे देते रहेँ ,
बस मेरे चाँद को ही मुझ पे यकीन ना आया.

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जिंदगि कि एक सच्चाइ.

आपको दिनभर हसाने वाला आदमि,रात को अकेले मे बहुत रोता हे.,!

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पूरी दुनिया स्वार्थी है ,
भगवान ही एक सारथी है…

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डूबे हुओं को हमने बिठाया था और फिर
कश्ती का बोझ कहकर उतारा हमें गया !!!"

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उनका अक्सर यकीन करता हूँ ,
जिनकी बातों पर शक गुजरता है …..

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रेस वो लोग करते है जीसे अपनी किस्मत आजमानी हो,

हम तो वो खिलाडी है…!!
जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है..

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हम बादशाहो के बादशाह हे इसलीए गुलामो जेसी हरकते करते नही,….
नोटो पर फोटो हमारा भी हो सकती है…
पर लोगो की जेब मे रहना हमारी फीतरत नही….!!!

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तेरे दर पे आने से पहले, मैं बड़ा कमज़ोर होता हूँ …
पर तेरी दहलीज़ को छू लेते ही, मैं कुछ और होता हूँ..!!

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रात को जब चाँद सितारे चमकते हैं,
हम हरदम फिर तेरी याद में तड़पते हैं,
आप तो चले गए हो छोड़कर हम को,
मगर हम मिलने को तरसते है।

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गर रूठ जाये कोई अपना तो झट से मना लो उसे…
के अक्सर रिश्ते बिखर जाते है इक दूजे के इंतज़ार में….

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तेरी एक ख़ुशी की खातिर मैने कितने गम छुपाये,
अगर में एक बार रोता तो तेरा शहर डूब जाता.

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अपनी मर्जी से तो मुझे खाक भी मंजूर है…
तेरी शर्तो पर तो ताज भी मंजूर
नहीं…!!!

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मैं किसी से बेहतर करुं
क्या फर्क पड़ता है..!
मै किसी का बेहतर करूं
बहुत फर्क पड़ता है..!!

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मेरी हैसियत का अंदाज़ा यह सोच के लगा लो…

हम उसके नहीं होते जो हर किसी के हो जाते हैं !

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फूल सबनम में डूब जाते हैँ, जख्म मरहम में डूब जाते हैं…
जब मिलता नही कोई सहारा, हम तेरे गम में डुब जाते है…!

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सच सुनने से न जाने क्यों कतराते हैं लोग…!
सुन कर झूठी तारीफ, खूब मुस्कुराते है लोग…!!

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हमारे मुल्क में ईमानदारी
फुटबाल की तरह है !
पसंद सभी करते हैं,,,,
पर खेलता कोई कोई ही है !!

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रूलाने में अक्सर उन्ही का हाथ होता है….
जो कहते है कि

तुम हँसते हए बहुतs अच्छे लगते हो ….

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में बहता पानी हु मेरा रास्ता
बदल सकते हो मेरी मौहबत नही…

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मत ढूंढो मुझे इस दुनिया की तन्हाई में..
ठण्ड बहुत है, मैं यही हूँ,
अपनी रजाई में.

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शादी करंट के तार की तरह होती हैं…!!!

सही जुड़ जाये तो सारा जीवन रोशन…!!!!

और गलत जुड़ जाये तो जिंदगी भर झटके…!!!

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चलतें तो हैं वो साथ पर अंदाज देखिए..
जैसे की इश्क करके वो एहसान कर रहें है..

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तुमसा कोई दूसरा जमीन पर हुआ;
तो रब से शिकायत होगी!
एक का तो झेला नहीं जाता;
दूसरा आ गया तो क्या हालत होगी!

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ना किसी के आभाव में जियो,
ना किसी के प्रभाव में जियो,
ये जिंदगी आपकी है,
बस इसे अपने मस्त स्वाभाव में जियो.

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शांखो से गिर कर टूट जाऊ मै वो पत्ता नही,
आंधियो से कह दो कि अपनी औकात मे रहें…

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तेरा प्यार भी प्याज कि तरह निकला.

परतें खुलती गयी आंसूं निकलते गए…..

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प्यार का पहला.. इश्क का दूसरा और मोहब्बत का तीसरा अक्षर अधूरा होता है।
हम तुम्हे इसलिए चाहते हैँ, क्योँकि चाहत का हर अक्षर पूरा होता है।

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चलो मुस्कुराकर उठो,
कल के गम कल देखे जायेंगे … ।।

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उस शख्स को पाना इतना मुश्किल भी नही मेरे दोस्त,
मगर जब तक दूरी न हो मोहब्बत का मजा नही आता…

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चलता रहूँगा मै पथ पर, चलने में माहिर बन जाउंगा..

या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाउंगा..

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दुसरा मौका सिफॅ कहानियां देती है, जिंदगी नहीं….

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कभी मिले तुम्हे फुरसत तो इतना जरुर बताना,

वो कौनसी मौहब्बत थी हम तुम्हे दे ना सके….

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मिलना किस काम का अगर दिल ना मिले,
चलना बेकार हे जो चलके मंज़िल ना मिले.

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जिंदा है तो बस तेरी इश्क की रहमत पर,

हम मर गये तो समझना तेरा प्यार कम पड गया….

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उदासियों की वजह तो बहुत है जिंदगी मे..
पर बेवजह खुश रहने का मजा ही कुछ और है..

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मुझे भी पता था की लोग बदल जाते हैं अक्सर..
मगर मैंने कभी तुम्हे लोगो मे गिना भी तो नहीं था..

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क्यों घबराता है पगले दुःख होने से,
जीवन तो प्रारम्भ ही हुआ है रोने से।

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ठंडी हवाए क्या चली मेरे शहर में ..
हर तरफ यादों का दिसंबर बिखर गया ..!

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मैं जिंदगी बेच कर भी सपने पुरे करुगा तेरे ,
तू बस सपने जरा बड़े देखना …

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सर्द मौसम में बहुत याद आते हैं,
धुँध में लिपटे हुए वादे तेरे……. !!!!

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मेरी पलकों की नमी इस बात की गवाह है..
मुझे आज भी तुमसे मोहब्बत बेपनाह है…!!!

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मेरे नज़दीक आ के देख मेरे एहसास का आलम,
मेरा दिल धक्क से रह जाता है तेरे नाम के साथ ..

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जिस चेहरे का श्रृंगार उदासी करले उस चेहरे पे तो मक्खी तक बेठना पसंद नहीं करती ।।।।

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दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो,
वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं..

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मै खुश हू कि उसकी नफ़रत का अकेला वारिस हू,
वरना मोहब्बत तो उसे कई लोगो से है…

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वक्त बहुत कम है साथ बिताने में,
इसे न गवांना कभी रूठने मनाने में,
रिश्ता तो हमने बांध ही लिया है आप से,
बस थोड़ा सा साथ दे देना इसे निभाने में।

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मुद्दतें हो गयीं हैं चुप रहते-रहते,
कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते..

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सुधर गया मैं तो फिर पछताओगे,
ये जूनून ही तो मेरी पहचान है …

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ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़,
मुझको आदत है मुस्कुराने की..

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ऐ ज़िंदगी काश तू ही रूठ जाती मुझ से,
ये रूठे हुए लोग मुझ से मनाये नहीं जाते…

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रोज रो रो कर मैं जीता तो जीता कैसे,
इस लिए मैं मुस्कुरा कर रोज मरता हूँ !

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तुम्हें अपना कहने की तमन्ना थी दिल में…
लबों तक आते आते तुम ग़ैर हो गए !!

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महोब्बत होनी थी, सो हो गई हमको…
अब नसिहते छोड़िए, दिजिये दुआ हमको…!

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कभी कभार की मुलाक़ात ही अच्छी है दोस्त……
कद्र खो देता है रोज रोज का आना जाना….!!!!!

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इन्सान दीवारें बनाता है और उसके बाद यह सोचकर परेशान होता रहता है कि दीवार के पीछे क्या हो रहा है…..!!!

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ना किसी को तू सता ना किसी की आह ले.,
हो सके तो कर भलाई वरना अपनी राह ले…

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ज्यादा लगाव ना रख मुझसे ,
मेरे दुश्मन कहते है मेरी उम्र छोटी है ,
डर मौत का नहीं , तेरे अकेलेपन का है !!!

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बाजार के रंगों से रंगने की मुझे जरुरत नही….
पगली तेरी याद आते ही ये चेहरा गुलाबी हो जाता है.

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मैं क्यों कहूँ उससे की मुझसे बात करो….!

क्या उसे नहीं मालूम की उसके बिना मेरा दिल नहीं लगता….!

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मत कर यकीन यहां पल भर की मुलाकात पर।
जरुरत ना हो तो लाेग यहां सालों के रिश्ते भुल जाते हैं।।।

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आज और कुछ नहीं बस इतना समजलाे,
गर में हु तन्हा ताे वजह तुम हाे…

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कितनी जल्दी ये शाम आ गई;
गुड नाईट कहने की बात याद आ गई;
हम तो बैठे थे सितारों की महफ़िल में;
चाँद को देखा तो आपकी याद आ गई.

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अगर मैं भी मिजाज़ से पत्थर होता
तो खुदा होता या तेरा दिल होता …..?

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बचपन से सिखाया गया था,
एक हाथ दे एक हाथ ले ।
कमबख्त दिल के सोदे ने सारे उसूल भुला दिये ॥

*******

मुझे किसीके बदल जाने का गम नहीं था ।
बस कोई ऐसा था,जिससे ये उम्मीद नहीं थी ॥

*******

तुम गरदन जुकाने की बात करते हो ,
हम वौ है जो आंख उठाने वालो
की गरदन पऱसाद मै बाट देते है..।।

*******

बचपन से अच्छा बनने का शोख था ।
साला बचपन खतम शौख खतम ॥

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जरूरी नहीं जो खुशि दे उसीसे प्यार करो।
सच्ची मुहोब्बत तो अक्सर दिल तोडने वालों से ही होती है।

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किसी की आँखों से आंसू पोछना भी
स्वच्छ भारत का अभियान है ।

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दुश्मन को कैसे खराब केह दूं ।
जो हर महेफिल मे मेरा नाम लेते है।

*******

कुछ तो बात है, मेरी महेमान नवाजि मे ।
जो गम एक बार आता हे जाने का नाम नहि लेता।

*******

मुझ में बेपनाह मुहब्बत के सिवा कुछ भी नही,
तुम अगर चाहो तो मेरी साँसो की तलाशी ले लो..

*******

क्यों तुझे पाने के लिये मिन्नते करु ।
मुझे तुझसे मुहोब्बत है कोइ मतलब तो नहीं ॥

*******

तुम्हारे चाँद से चेहरे पे ग़म अच्छे नहीं लगते;
हमें कह दो चले जाओ जो हम अच्छे नहीं लगते;

हमें वो ज़ख्म दो जाना जो सारी उम्र ना भर पायें;
जो जल्दी भर के मिट जाएं वो ज़ख्म अच्छे नहीं लगते।

*******

आदते अलग हे हमारी दुनिया वालो से, कम दोस्त रखते हे.. मगर लाज्वाब रखते है…

क्योंकि, बेशक हमारी गेंग छोटी है-…
पर सदस्य उसमे सारे सुलतान मिर्झा जैसे रखते हे…!!

*******

जिंदगी तू ही बता तुझे कैसे प्यार करू…
तेरा हर एक दिन मेरी उम्र कम कर देती हैं..!

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डरता हूँ कहने से की मोहब्बत है तुम से ……!!
की मेरी जिंदगी बदल देगा तेरा इकरार भी और इनकार भी …!!

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पानी की हर "बूंद" का सम्मान करें…
चाहे वो "आसमान" से टपके या "आँखों "से

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शायद "वेद" पढ़ना आसान हो सकता है ……
लेकिन किसी की "वेदना" पढ़ना कठिन है …….!!

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हो मुमकिन तो आकर देखो कभी.!
बहुत कुछ है जो अब तक नहीं बदला.!

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खूशबू की जंजीरो से
सितारो की हदो तक…
इस शहर मे सब कुछ है सिर्फ
तेरी कमी है.!!!

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इस बहते दर्द को मत रोको ये तो सज़ा है किसी के इंतेज़ार की,
लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी पर ये तो निशानी हैं किसी के प्यार की..

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टूट गए तो गीदड़ भी सताएगा।।
और
जुड़ गए तो शेर भी गभरायेगा।

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2 लोगों से होशियार रहो..

एक वो जो तुम में वो कमी बताएं जो तुम में नहीं।
दुसरे वो जो तुम में वो खूबी बताते रहें जो तुम में नहीं।

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न रुकी वक़्त की गर्दिश और न ज़माना बदला..
पेड़ सुखा तो परीन्दो ने, ठिकाना बदला…!

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खुशमिजाजी, मशहूर थी हमारी
सादगी भी कमाल की थी…
हम, शरारती भी इंतेहा के थे
अब, तन्हा भी बेमिसाल हैं..!

*******

घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में हमारे..
हम से वो परिंदे, उड़ाये नहीं जाते….!

*******

रूह को अपनी करके एक तेरे हवाले !!!!!!!

एक जिस्म लिए सारे ज़माने में घूमता हूँ !!!!!!!!!!

*******

कौन चाहता है रिहा होना तेरी यादों से,
ये तो वो क़ैद है जो जान से ज़्यादा अजीज़ है…..!!

*******

कभी इतना मत मुस्कुराना की नजर लग जाए जमाने की,
हर आँख मेरी तरह मोहब्बत की नही होती….!!!

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तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने,
हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं…

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दम तोड देती हे माँ बाप की ममता,
जब बच्चे ये कहते हे की तुमने हमारे लिए किया ही क्या है?

*******

“अगर हम स्वयं ही अपना राज़ गुप्त नहीं रख सकते तो किसी और से इसे गुप्त रखने की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं?”

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लोग कहते है की सुधर जाओ,वरना…जिंदगी रूठ जाएगी..

हम कहते है…

जिंदगी तो वैसे भी रूठी है,
पर हम सुधर गई तो…

हमारी पहचान रूठ जायेगी..!!

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आज तेरा दिन है कल मेरा होगा लेकिन जब मेरा दिन होगा वोह तैरा आख़री दिन होगा….

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दुआ करते हैं हम सर झुका के,
आप अपनी मंज़िल को पाए.
अगर आपकी राहों मे कभी अंधेरा आए,
तो रोशनी के लिए खुदा हमको जलाए…

*******

लाली बीगाडनी है 'गर…तो आ, बीगाड़ ले,
काजल बीगाडनेको कहीं और जा!!

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मै तड़पते हुये भी मुस्सकुराता हूं…
उसने कहा था मेरा मुस्कुराना सुकुन देता है…

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जीसकी सजा बश तूम हौ मुजे वो गुन्हा करना है…

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एक उम्र है जो तेरे बगैर गुज़ारनी है,
और एक लम्हा भी तेरे बगैर गुज़रता नही….

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सोचता हूँ कि तेरे दिल में उतर के देख लूँ ,,

क्या बसा है ,जो मुझे बसने नहीं देता !!

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दिल मजबूर हो रहा है तुम से बात करने को……
बस जिद ये है कि बात की शुरुआत तुम करो……

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ये तनहा सी ज़िन्दगी डराती है मुझे हर शाम….

एहसान है की एक खोखली हिम्मत देता है ये जाम…..

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चलो सारी कायनातका बटवारा करते है…
तुम सिर्फ मेरे.. बाकी सब तुम्हारा…

*******

जिस्म है शीशे का, पत्थर का जिगर रखते हैं,
इसलिए तो हम, तुम्हारे ऊपर मरते हैं |

*******

पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,
दिल में क्या है वो बात नही समझती,

तन्हा तो चाँद भी सितारों के बीच में है,
पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती…

*******

आँखों से आंसू न निकले तो दर्द बड जाता है;
उसके साथ बिताया हुआ हर पल याद आता है.

शायद वो हमें अभी तक भूल गए होंगे; मगर अभी भी उसका चेहरा सपनो में नज़र आता है.

*******

रेल में खिड़की के पास बैठ के हर दफ़ा महसूस हुआ है,
जो जितना ज्यादा क़रीब है वो तेजी से दूर जा रहा हे।

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कुछ सोचूं तो तेरा खयाल आ जाता है, कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है,
कब तक छुपाऊं दिल की बात, उसकी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है !

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ना मुस्कुराने को जी चाहता है;
ना आंसू बहाने को जी चाहता है.

लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में;
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है.

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दिल साफ़ करके मुलाक़ात की आदत डालो,
धूल हटती है तो आईने भी चमक उठते हैं..!

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किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया हैं ये दिल,

कोई रहता भी नहीं और कमबख्त बिकता भी नहीं..

*******

झुठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते हैं..
तरक्की के बाज़ की उडान में कभी आवाज़ नहीं होती ।

*******

हाय कितना मासूम था उनका बात करने का लहज़ा…!
धीरे से जान कह के… बेजान कर दिया ……!!

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इंसान चाहे कितना भी साफ़ वो उसकी परछायी काली ही होती है…

*******

मेरी जगह कोई और हो तो चीख उठे,
मैं अपने आप से इतने सवाल करता हूँ…

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नाराज़गी भी मोहब्बत की बुनियाद होती हे,
मुलाक़ात से भी प्यारी किसी की याद होती हे………

*******

अपने किस किस राज को, बे पर्दा करुं दोस्तों..
जिस उम्र मे अक्ल आती है, उस उम्र में हम मुहब्बत कर बैठे..!

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निकाल दे दिल से ख्याल उसका,

यादें किसी की तकदीर बदला नहीं करती…

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होश में थे तो हुए हवाले, तेरी हसीन यादों के..
इन दिनों चूर हूँ नशे में, तेरे उन झूठे वादों के..!

*******

जिस दिन तुम्हारा सबसे करीबी साथी तुम पर गुस्सा करना छोड दे तब समझ लेना चाहिए कि तुम उस इंसान को खो चुके हो"

*******

"वो कहते है कि उनपर कोई ग़ज़ल लिखूं,
मैं एक ग़ज़ल पर कैसे दूसरी ग़ज़ल लिखूं !"

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कोई नहीं मरता सिर्फ़ ठंड के कारण,
मरते हैं लोग सरकारी फ़ंड के कारण !!

नेता बाबू खा जाते है कंबल वाला फण्ड,
और बदनाम हो जाती है दिसंबर वाली ठण्ड !!

*******

तेरे मुस्कुराने का असर सेहत
पे होता है……..
लोग पूछ लेते है..दवा का नाम
क्या है…….!!

*******

तुम आसपास ना आया करो जब मे शराब पीता हूँ,
क्या हे कि मुझसे दुगुना नशा सँभला नही जाता..!!

*******

जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई,
उन रिश्तो को संभाले रखना जिन के बिना गुज़ारा नहीं होता।

*******

क्या पता था कि महोब्बत हो जायेगी,
हमें तो बस तेरा मुस्कुराना अच्छा लगा था..

*******

तुजे पा न सके,
तो भी सारी जिंदगी तुजे प्यार करेंगे..

ये जरूरी तो नहीं जो मिल ना सके,
उसे छोड दिया जाये..!!

*******

शेर खुद अपनी ताकत से राजा कहलाता है; 

जंगल मे चुनाव नही होते…

*******

नहीं मांगता ऐ खुदा कि,
जिंदगी सौ साल की दे !

दे भले चंद लम्हों की,
लेकिन कमाल की दे ….!!

*******

तू होठो से कितना भी ना कह ले
ऐ सनम,
तेरी आँखों में मोहब्बत हमें दिख
ही जाती है..!!

*******

मुझे रूला कर सोना तो तेरी आदत बन गई है,
जिस दिन मेरी आंख ना खुली
तुझे निन्द से नफरत हो जायेगी….

*******

मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर..

हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते हैं…

*******

जब छोटे थे तो बड़ी बड़ी बातों में 'बह' गए ,

बड़े हुए तो छोटी छोटी बातों में 'बंट' गए..।

*******

फिर नये साल की सरहद पर खडे है हम,
राख हो जायेगा ये साल भी हैरत कैसी….

*******

सोमवार तो बीत गया ,
उम्मीद है अब मंगल होगा..!!

*******

आँखों में अब समाती नहीं कोई भी सूरत….
काश तुझे गौर से न देखा होता.

*******

धडकनों को
कुछ तो काबू में कर ए दिल..
.
अभी तो पलकें झुकाई है,
मुस्कुराना
अभी बाकी है उनका…!!!

*******

मुझको समझाया ना करो अब तो हो चुकी,
मुहब्बत मशवरा होती तो तुमसे पूछ के करते…

*******

न पूरी तरह से क़ाबिल न पूरी तरह से पूरा है,
हर एक शख्स कहीं न कही से अधूरा है…

*******

कैसे लडूंगा मुक़द्दमा खुद से तेरी जुदाई का …!!
ये दिल भी वकील तेरा,
ये जान भी गवाह तेरी…

*******

किसके लिए जन्नत बनायी है तुने ऐ खुदा…।…
कौन है यहाँ इस जहां मे जो गुनाहगार नहीं…।।

*******

रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती,
जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है।

*******

हथेली पर रखकर नसीब,
हर शख्स अपना मुकद्दर ढूँढ़ता है,
सीखो उस समन्दर से,
जो टकराने के लिए पत्थर ढूँढ़ता है….

*******

कौन कहता है सवारने से बढती है ख़ूबसूरती…
जब दिल में चाहत हो तो चेहरे अपने आप निखर जाते है…!!

*******

मुझे तो तुमसे नाराज
होना भी नहीँ आता…
न जाने तुम से कितनी
मोहब्बत कर बैठा हूँ मैँ.!!

*******

एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद,
दूसरा सपना देखने के हौसले को 'ज़िंदगी' कहते हैं.!!!

*******

वैसे तो ,गिलास मेरा ,बहुत छोटा है…!
पर ,ना जाने कितनी ,बोतलो का कातिल है !!

*******

चलो छोड़ो…तुम्हें क्या बताना मुहब्बत के दर्द को…!!
जान जाओगे तो जान से जाओगे…!!

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मैने कभी किसीको अपने दिल से दुर नही किया,
बस जीनका दिल भर गया वो मुजसे दुर हो गया..!!!

*******

बहुत शौक है न मुझे मार डालने का तुझे !!
एक काम करो, लगा के ज़हर होंठो पे, मेरी बाहों मे आ जाओ !!!!

*******

कौन कहता है की तेरी ख़ूबसूरती में दम है!
अरे पगली लोग तो तुझे इसलिए देखते है क्योंकि तेरे आशिक हम है।।

*******

जिस दिन वोह मेरी सलामती की दुआ करती है ।

उस दिन जेब में रखी सीगरेट भी टूट जाती है …

*******

बेरंग हैं पानी फिर भी जिन्दगी कहलाता हैं,
ढेर सारे रंग हैं शराब के फिर भी गन्दगी कहलाती हैं।।

लोग भी कमाल करते हैं…

जिन्दगी के गम भुलाने के लिये, गन्दगी में जिन्दगी मिलाकर पीते हैं…

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क्या कमी थी मुझ मेँ..
जो तुमने मुझे छोड़ दिया..
वफ़ा करनी नहीँ आई
या मैँ गरीब था.!!

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सुना है तुम्हारी एक निगाह से क़तल होते हैं लोग,
एक नज़र हमको भी देख लो
कि ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती…

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जो चीज़ मेरी है उसे कोई और ना देखे …
इंसान भी मोहबत में बच्चो की तरह सोचता है..

*******

मौत से कैसा डर, मिनटों का खेल है.. आफत तो जिंदगी है, बरसों चला करती है..

*******

न किसी के दिल की हूँ आरजू….
न किसी नज़र की हूँ जुस्तजू….
मैं वो फूल हूँ जो उदास हो…
ना बहार आए तो क्या करू …

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मुझे ग़म भी उन का अज़ीज है,
के उन ही की दी हुई चीज़ है…
यही गम है अब मेरी जिंदगी,
इसे कैसे दिल से जुदा करू …

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फिर नींद से जाग कर आस-पास ढ़ूढ़ता हूँ तुम्हें…
क्यूँ ख्वाब मे इतने पास आ जाती हो तुम….

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मीठी बाते ना कर ऐ नादान परिंदे…,
इंसान सुन लेगा तो पिंजरा ले आएगा…

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उसके प्यार में, हुनर आ गया है वकीलों सा…….

मेरे प्यार को वो,तारीख पर तारीख दिये जा रहा है !!

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सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने
मेरी नींदों से..

या तो दोनों आते हैं .. या कोई नहीं आता !!!

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चलो अब जाने भी दो..क्या करोगे दासता सुनकर..,
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं,और बयां हमसे होगी नहीं…

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कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे
तुम्हारे सिवा,
एक मौत ही है जिसका मैं
वादा नही करता…….. ।।

*******

पी है शराब हर गली की दुकान से,
दोस्ती सी हो गयी है शराब की जाम से ;
गुज़रे है हम कुछ ऐसे मुकाम से,
की आँखें भर आती है मोहब्बत के नाम से..!

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सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें ,
इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना ।

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हम राजा नहि जो मारे जाए, यहा तो पुरा शतरंज ही हमारा है। जब चाहे सारे मोहरे समेट देंगे।।…

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न चाहकर भी मेरे लब पर ये फ़रियाद आ जाती है,
ऐ चाँद सामने न आ किसी की याद आ
जाती है…

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दिल ने मानी नहीं मेरी वरना,
मैं तुम्हे भूलने के हक़ में था..

*******

जिंदगी भी तवायफ की तरह होती है,
कभी मज़बूरी में नाचती है कभी मशहूरी में ।

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#ChetanThakrar
#+919558767835

 
 

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3 responses to “Shayri Part 30

  1. Ajit Chavda

    April 29, 2015 at 9:05 pm

    Very nice poetry

     
  2. Raghib Hussain

    મે 8, 2015 at 12:17 pm

    Send me shairy

    Mohammad Raghib Hussain

     
  3. Alok

    July 8, 2016 at 11:42 am

    NIce collllllectionnn

     

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