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Shayri Part 34

19 Oct

ना चाहते हुवे भी साथ छोड़ना पड़ा,,
जनाब
मज़बूरी मोहब्बत से ज्यादा ताकतवर होती है…

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गलतियाँ भी इश्क़ की तरह होती हैं…
करनी नहीं पड़ती…हो जाती हैं…!!

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सुनो..”ऐ जान”
मुझे सिर्फ़ इतना बता दो..

इंतज़ार करूँ..या..ख़ुद को मिटा दूँ…??

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“तुम पर भी यकीन है और मौत पर भी ऐतबार है,”

“देखें पहले कौन मिलता है , हमें दोनों का इंतजार है ….

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तलाश सिर्फ सुकून कि होती हैं ..
नाम रिश्ते का चाहे जो भी हो ..!!

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यहाँ मज़बूत से मज़बूत लोहा टूट जाता है..

कई झूठे इकट्ठे हों तो सच्चा टूट जाता है..

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हमारे दोस्तों में कोई दुश्मन हो भी सकता है..

ये अँग्रेज़ी दवाएँ है, रिएक्शन हो भी सकता है..

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लोग रोने के लिये कंधा नही देते
मरने तक इंतजार करते है…

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केटलो हसे दर्द नो बोजो

लखवा बेसु तो आंगळी पर आवे छे सोजो

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रोता वही है जिसने महसूस किया हो सच्चे रिश्ते को..
वरना मतलब के रिश्तें रखने वाले को तो कोई भी नही रूला सकता..

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खामोशियां ही बेहतर है

शब्दों से लोग रूठते बहुत है।

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अच्छा छोड़ो ये फालतू बहस और तक़रार की बातें

ये बताओ हर रात ख़्वाबों में क्यूँ आते हो…!

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मेरी आँखों में आँसू नहीं बस कुछ “नमी” है?
वजह तू नहीं तेरी ये “कमी” है..

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हसरतें आज भी ख़त लिखती हैं मुझे !
मगर अब मैं पुराने पते पर नहीं रहता !!

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दिल की बातें तो आखों से होती हैं,
अल्फाजों से तो अक्सर झगड़ा होता है..

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इन आँखों में आंसुओ की वजह चाहे जो भी हो ,,
पर ज़िन्दगी में मुस्कुराने की वजह आप ही हे …

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कहाँ से लाऊ हुनर उसे मनाने का;
कोई जवाब नहीं था उसके रूठ जाने का;
मोहब्बत में सजा मुझे ही मिलनी थी;
क्यूंकी जुर्म मैंने किया था उससे दिल लगाने का।

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“”दिल मजबूर कर रहा है उनसे बात करने को,

और कम्बखत वो नाराज होके बैठ जाती है…

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तुझमें कहीं हूँ मैं..
फिर भी नहीं हूँ मैं !!

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सुनो आओ मिलकर ढूँढ़ लेते हैं वजह फिर से एक होने की,
एक दूजे के बिन न तुम अच्छे लगते हो न मैं!

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तुम जब मेरा सब ले गए..!
तो मुझे क्यों छोड़ गए..!!

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ना जाने कौन कौन से विटामिन और प्रोटीन हैं तुझ में….?
जब तक तेरा दीदार न कर लूँ तब तक बैचेनी रहती..

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माना की तेरे प्यार का मालिक नहीं हूँ मैं ,
पर किरायेदार का भी कुछ हक़ तो बनता हैं !!

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हुआ था शोर पिछली रात को दो चाँद निकले है,

बताओ क्या जरूरत थी तुम्हे छत पर टहलने की.

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कलम में जोर जितना है जुदाई की बदौलत है…

मिलने के बाद लिखने वाले लिखना छोड़ देते है…

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सहारे ढूढ़ने की आदत नही हमारी

हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर है…

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कमाल की तक़दीर पायी होगी उस सख्श ने……

जिसने तुझसे मोहब्बत भी ना की हो ,और तुझे पा लेगा…..

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अजीब दस्तूर है ज़माने का,

अच्छी यादें पेनड्राइव में और बुरी यादें दिल में रखते है!!!!

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अच्छा हुआ तूने ठुकरा दिया मुझे
प्यार चाहिए था तेरा एहसान नही

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न पूरी तरह से क़ाबिल, न पूरी तरह से पूरा है,

हर एक शख्स कहीं न कही से अधूरा है…!!

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बैठे थे अपनी मस्ती में कि अचानक तड़प उठे,

आ कर तुम्हारी याद ने अच्छा नहीं किया।

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इतनी मिन्नतों के बाद रुबरू हुए हो,

समझ नही आता तुम्हे देखूँ या तुम मे खो जाऊँ ..

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फासलों का एहसास तब हुआ..

जब मैंने कहा हम ठीक हैं…

और उन्होंने मान लिया.!!

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जहा दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये,
वहा खुद को समझा लेना बहतर होता है…..

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चढ़ जाये तो उतरता नहीं…

कमबख्त ये इश्क़ भी गरीब के क़र्ज़ जैसा है ….. !!!

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यूँ तो तैरने मे हो गया हूँ माहिर मैं,

फिर भी डूब जाता हूँ अक्सर तुम्हारे ख्यालो मे…

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कौन कहता है “पैसा” सबकुछ खरीद सकता है.
“दम” है तो टूटे हुए “विश्वास” को पाकर दिखाए.

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एक राज की बात बताये किसी को बताना नही,
इस दुनिया मे अपने सिवा कुछ भी अपना नही होता..

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परेशानी हालात से नही ।।।।
खयालात से होती है ।।।।।

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तुझे पाकर भी पा न सके हम।
खो भी देंगे तो बुरा क्या होगा।।

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हमारी किस्मत ही खराब थी कि….

हमारी किस्मत मेँ कोई नहीँ था….

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कभी साथ है तो कभी खिलाफ है…

वक्त का भी आदमी जैसा हाल है!

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ऐ मुसीबत मेरे पास सोच समजकर आना,,

मेरी माँ की दुवा कही तेरे लिए मुसीबत ना बन जाए…

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कितने बेबस हैं हम तेरी चाहत में …….
तुझे खोकर भी हम तेरे ही हैं …….

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अगर बनना है तो उस तालाब की तरह बनो..!
जहाँ शेर भी पानी पिता है और बकरी भी…

“मगर सर झुका के….! ”

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समझ नहीं आ रहा कि जिंदगी तुझे भुलाने में कट रही है,या तुझे याद करने में…!

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मेरी बरबादियों में तेरा हाथ है मगर….??
” मै सबसे कह रहा हूँ ये “मुकद्दर” की बात है…!!

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“क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तों ,

वो लोग ही बिछड़ गए , जो जिंदगी हुआ करते थे” !!

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ऐ ज़िँदगी, अब तू ही रुठ जा मुझसे..

ये रुठे हुए लोग, मुझसे मनाए नहीँ जाते…

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केटला फुलोने चाहे छे, केटला पैसाने चाहे छे
हुं ऐने चाहु छु, जे मने चाहे छे…

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जिगर है छलनी-छलनी आँखें लहू-लहू हैं ……..
तेरी जुदाई ने मेरी रूह को यूँ तबाह कर दिया …….

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सुनो जरा……..क्या गुजरेगी दिल पर
अगर कोई तुम्हें चाहे हमारी तरह
और छोड दे कोई तुम्हें तुम्हारी तरह

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ख्वाब आँखों से गए
और नींद रातों से गयी…
वो जिंदगी से गए और
जिंदगी हाथों से गयी..!!

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छोड़ दी सारी खाव्हिश जो तुझे पसंद ना थी ए दोस्त,

तेरी दोस्ती ना सही पर तेरी ख्वाहिश आज भी पूरी करते है !!

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काश….मेरे लिए तुम मौत होते
यकीन तो रहता कि एक दिन जरूर आओगे…

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हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं
उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में…

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मुझसे मोहब्बत पर मशवरा मांगते है लोग..
तेरा इश्क़ कुछ इस तरहा तजुर्बा दे गया मुझे…!!!

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ख्वाब किसके सजाऊ….
तुने तो ख्वाबों से भी रिश्ता तोड लिया….

💟Rajni💟

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कौन कहता हैं वक़्त दोहराता हैं अपने आप को
अगर ये सच हैं तो मेरा बचपन तो लौटाए कोई

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बातें तो बहुत है मोहहब्बत बयां करने के लिए..
पर
जो ख़ामोशी नही समझ सकते,वो बातें क्या समझेंगे !!!

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नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
कसूर तो उस खयाल का है जो सोने नही देता..

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शायरी वही जिसे पढ़ कर दिल को यूँ लगे कि,
अरे हाँ यही बात तो मैं कहना चाहता था !!

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वो तो ‪अपनी‬ एक आदत को भी ना बदल सकी ‪ऐ‬-दोस्तों,
ना जाने ‪क्यूँ‬ मैंने उसके खातिर अपनी ‪जिंदगी_बदल‬ डाली…!!

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दिए हैं ज़ख़्म तो मरहम का तकल्लुफ न करो….
कुछ तो रहने दो, मुझ पे एहसान अपना……

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कर दिया मेरी चाहत ने उसे लापरवाह ,
मैंने याद नहीं दिलाया तो मेरा ख्याल भी नहीं आया.

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कर ली ना तसल्ली तुमने दिल तोड़कर मेरा…

मैने कहा भी था कुछ नही हैं इसमे तुम्हारे सिवा…..

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तुम याद आओगे यकीन था…..

इतना आओगे अंदाजा न था…..

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खफा रहने का शोक भी पूरा कर लो तुम,
लगता है तुम्हे हम ज़िंदा अच्छे नहीं लगते…

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मुमकिन हो तो मेरे दिल मे रह लो

इससे हसीन मेरे पास कोई घर नही.

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ऐ मौसम तू चाहे कितना भी बदल जा पर तुझे
इंसानो की तरह बदलने का हुनर आज भी नहीं आता ..

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कोशिश भी मत करना, मुझे संभालने की अब तुम,
बेहिसाब टूटा हुं, जी भर के बिखर जाने दो मुझे..

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तेरे चले जाने से, मुझे शायरीयो का हुनर आया,
लिखा पहले भी बहुत,पर असर अब आया.

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“स्टेच्यू स्टेच्यू”…खेलते-खेलते…
पता ही नहीं चला…
कि…
कब लोग पत्थर के हो गये…!!

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तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस ‪#‎कायनात‬ में,
मगर इस “‪#‎पागल‬ की तो कायनात ही तुम हो”..

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मोहब्बत सच्ची हो , और सनम बेवफा ना हो….

मेरे यारों कहानी कुछ अधूरी-सी लगती है…!!

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उनकी ओर जाती हर हवा से कहते हैं हम…!!
जरा उनको कह देना, उन्हे बहुत याद करते हैं हम…!!

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दोस्तों की गालियों में ही उनका प्यार छुपा होता है…
वरना प्यार से बात तो अनजान भी करते हैं…

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हजारों ने दिल हारे हैं,
तेरी सुरत देखकर…

कौन कहता है तस्वीरें जूआ नहीं खेलती..!!

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उमर बीत गई पर एक जरा सी बात समझ में नहीं आई..

हो जाए जिनसे महोब्बत, वो लोग कदर क्यूं नहीं करते…?

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भगवान का मन्दिर हो या टूटता तारा
जब भी
मेरी आँखे बन्द होँगी मैँ सिर्फ तुझे ही माँगूगा …

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तुम रोज हाल मत पूछा करो..
हर बार झूठ नही बोला जाता..

*******

साफ़ साफ़ कह दो ….अगर कोई गिला है तो
फासला ,,,फ़ैसले से बेहतर है

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चाहने वाले बड़े नसीब से मिलते हैं,
अगर कभी बिछड़ोगे हमसे तो एहसास तुम्हें हो जायेगा…

*******

जहां हो, जैसी हो, वहीं…. वैसे ही रहना तुम,
तुम्हें पाना जरुरी नहीं… तुम्हारा होना ही काफी है।…

*******

तेरे बगैर इस मौसम में वो मजा कहाँ..
कांटो की तरह चुभती है, दिल में बारिश की बूंदे..

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होने वाले “खुद” ही “अपने” हो जाते हैं,
किसी को “कह कर” “अपना” बनाया नहीं जाता..

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दोस्तो आज पी ने के लिये मना मत करना,
आज किसी बेवफा की जन्मदिन है….

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भले खाली ग्लास छुं ताे पण खुश छुं ,

काेक नी तरस छुपावी ने ताे खाली थयाे छुं …..

*******

मुझे शराब की एक बात बहुत बेकार लगती है,

साली खुद तो चढ़ जाती है लेकिन हमें गिरा देती है…….

*******

“जो दोगे वहीं लौट कर आयेगा…

चाहे वो इज्जत हो.. या धोखा…!!”

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झुठे हैं वो जो कहते हैं हम सब मिट्टी से बने हैं

मैं कई अपनों से वाकीफ हूं जो पत्थर के बने हैं!

*******

“जी लूँ…कि भूल जाऊँ…लम्हा तेरे साथ का…?”

“माँग लूँ…कि रोक लूँ…दुआ तेरे नाम की…?”

“रख लूँ…या फेंक दूँ…वो तोहफ़ा तेरी याद का…?”

“छेड़ दूँ…कि ना छुऊँ…धुन तेरे प्यार की…?”

“जोड़ दूँ…कि तोड़ दूँ…ये कड़ियाँ एतबार की…?”

“थाम लूँ…कि जाने दूँ…वो परछाईयाँ इज़हार की…?”

“देख लूँ…कि जाने दूँ…ख़्वाब तेरी चाह का…?”

“लिख दूँ…कि रहने दूँ…नज़्म तेरे नाम की…?”

“जीत लूँ…कि हार जाऊँ…ये बाज़ी इंतज़ार की…?”

“सोच लूँ…कि छोड़ दूँ…ख़्याल तेरी याद का…?”

*******

हसरतेँ पुरी ना हो तो ना सहीँ,
ख्वाब देखना तो कोई गुनाह नही ।

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मजबूर ना करेंगे तुझे, वादे निभाने के लिए….
तू एक बार वापस आ अपनी यादें ले जाने के लिए…

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बहुत मसरूफ हो शायद , जो हम को भूल बैठे हो
न ये पूछा कहाँ पे हो , न यह जाना के कैसे हो !!!!

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जब कभी टूट कर बिखरो तो बताना हमको,
हम तुम्हें रेत के जर्रों से भी चुन सकते हैं…!!!

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जिंदगी में बेशक हर मौके का जरुर फायदा उठाओ,

मगर किसी के हालात और मजबूरी का नहीं !!

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मुस्कुराहट एक कमाल की “पहेली” है,,,,,
जितना बताती है, उससे कहीं ज्यादा छुपाती हैं..!!

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तुझे तराश तराश कर हीरा बना दिया मैंने . .
अब मुझसे ही तेरी कीमत अदा नहीं होती ..

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अगर मोहब्बत गुनाह है..!
तो समजो मैंने तो हद कर दी..!

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हसरतेँ पुरी ना हो तो ना सहीँ,
ख्वाब देखना तो कोई गुनाह नही ।

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उसने होंठों को अपने दांत में दबा के मुझसे कहा,…………

मैं दबाऊं तो दर्द क्यों ? तुम दबाओ तो लुत्फ़ क्यों………

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पत्थरों से ना किसी पे वार कर,
हो सके तो तू सभी से प्यार कर.

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इतनी चाहत तो लाखो रुपये पाने की भी नही होती..

जितनी बच्चों को देखकर बचपन में जाने की होती हैं..।।

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उम्र भर तैयार है,,,हम मुस्कुराने काे..
बस शर्त ये है कि,,,तुम साथ मुस्कराना….!!

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शोहरत……बेशक चुपचाप गुजर जाये…

कमबख्त….. बदनामी बड़ा शोर करती है..

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इंकार जैसी लज़्जत…
इक़रार में कहां…

ना.. ना.. में छुपी हो जब मोहब्बत…
फिर  हाँ.. हाँ..  मे  वो बात कहाँ….

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मौत शायद इसी को कहते है,
दिल अब किसी कि ख्वाहिश नहीं करता..!!

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तुम्हे हक़ है अपनी ज़िन्दगी जैसे चाहे जियो तुम….
बस जरा एक पल क लिए सोचना मेरी ज़िन्दगी हो तुम..!

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“प्यार आज भी तुझसे उतना ही है,

बस तुझे एहसास नही और हमने भी जताना छोड दिया””

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भुले नहीं हैं ना ही भुलेंगे तुमको ……..
तेरी यादों से तेरे दिये जख़्मों को कुरेदा करते हैं …….

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कोई माने या ना माने सच कह गए हैं लोग पुराने
जिसने एक रिश्ता तोड़ा वो सौ रिश्ते भी तोड़ेगा
तूने किसी को छोड़ा है तुझे भी कोई छोड़ेगा

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“तुमने समझा ही नहीं…और ना समझना चाहा…..

हम चाहते ही क्या थे तुमसे…?“तुम्हारे सिवा”..!”
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काश दर्द के भी पैर होते।

थक के रुक तो जाते कंही।

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रात जवान हो चली है चलो चलते हैं छत पर.,
तुम देखना चाँद को मैं तुम्हे देखूँगा.,

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बेवजह हो गयी तुमसे इतनी मुहब्बत
चलो…अब वजह बन जाओ जीने की…

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चूम लेती हैं लटक कर, कभी चेहरा कभी लब..
तुमने ज़ुल्फ़ों को बहुत सर पे चड़ा रखा हैं..!!

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दूर रहो मुझ से….
टूटा हुआ हूँ……
चुभ जाऊँगा….

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सही वक़्त पर पिए गए “कड़वे घूंट”

अक़्सर ज़िन्दगी “मीठी” कर दिया करते है।

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मैंने खुद को…”मै”…कहना छोड दिया…

जब से तुमने कहा…”तुम सिर्फ मेरे हो…”

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मुझे इंतज़ार करना बेहद पसंद है,
ये वक़्त उम्मीद से भरा होता है..

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तारा आगमन थी असर थई गयी छे,
मारा नाम साथे तारा नाम नी कसर रही गयी छे..!!

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आदत थी तू मेरी,
ख्वाहिश बन गई…

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रात होने वाली है

मिलता हूं ख्वाब में।

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हर सुबह बस इतनी सी ख़्वाहिश,
तेरा मुस्कुराता चेहरा देखूँ…!!

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वो हमसे बात अपनी मरजी से करते है…
पर हमारा पागलपन तो देखिये जनाब, कि हम..
उनकी मरजी का इँतेजार बडी शिद्दत से करते है…!!!!

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शिकायतें वहाँ होती हैं, जहाँ ऐतबार ना हो….

मेरा तो यकीन ही तुम हो, तो शिकायत कैसी……

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सितम को हमने बेरुखी समझा,
प्यार को हमने बंदगी समझा,
तुम चाहे हमे जो भी समझो,
हमने तो तुम्हे अपनी ज़िन्दगी समझा.

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आज नी जानकी जो आत्मकथा लखे
तो राम बनी ने जे बधा फरे ते आत्महत्या करे

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यादें बनकर जो मेरे साथ रहते हो,
तेरे इतने अहसान का सौ बार शुक्रिया….!!

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हु रेगीस्तान नु रण अने तु कोइ पाणी नु कण

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काश खुदा मनी मोज माणी शकु,
तारा दिल मा शु छे हु जाणी शकु..!!

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निकाल कर जिस्म से…अपनी जान दे देता है..
बडा ही मजबूत है…वो पिता…जो कन्यादान देता है…

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वक़्त अपनों के लिए निकाल लिया था,
पर अफ़सोस तब अपनों ने हमे निकाल लिया था..!!

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कैसे भुलु वो गली, जहा मुझे मेरी जींदगी मिली..

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फटी हो जेब,
तो पैसों के साथ
रिश्ते भी गिर जाते है!!!

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मैं उन आँखों के मैख़ाने में थोड़ी देर बैठा था……

मुझे दुनिया नशे का आज भी आदी बताती है….!!

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कागज़ के नोटों से आखिर किस किस को खरीदोगे,

किस्मत परखने के लिए यहाँ आज भी, सिक्का हीं उछाला जाता है ||

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सिग्रेट पीने वाला आदमी कभी मतलबी नहीँ होता

जिसे अपनी‪ जान ‬की चिँता नहीँ भला वो मतलबी कैसे?

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अँधेरे अब नहीं डसते, उजाले वार करते हैं;
जो दुश्मन भी नहीं करते, वो मेरे अपने करते हैं..

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प्रेम तो क्यरानोय एक्सपायर थई गयो
हवे तो आसु थी एनी याद अपडेट करु छु

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कभी यादें कभी बातें कभी पिछली मुलाकाते,
बहुत कुछ याद आता है तेरी एक याद आने से..!

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मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया कमबख़्त तूने,

वो हँसी और बोली- मैं ज़िंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी।

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मुझे उसकी ये मासुम अदा बहुत भाती है……
नाराज मुझ से होती है और गुस्सा सबको दिखाती है…..

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कुछ लम्हे बिताएं हैं मैंने तेरे संग,

कैसे कह दूं खुद को कि बदनसीब हूं मैं….

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सर पर जो हाथ फेरे तो हिम्मत मिल जाये,
माँ एक बार मुस्कुरा दे तो जन्नत मिल जाये !

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रोज तेरा इंतजार होता है रोज ये दिल बेकरार होता है,

काश तुम समझ सकते कि चुप रहने वालों को भी किसी से प्यार होता है.

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तरस गयी है तुम्हे देखने को ये आँखें..!!
थकी-थकी है, पर पलकें उठाये बैठे है..!!

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वो किताबो में दर्ज़ था ही नही,
सिखाया जो सब़क ज़िन्दगी ने !

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दिन में काम नहीं सोने देता..

रात में एक नाम नहीं सोने देता..

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जाने क्या था जाने क्या है जो मुझसे छूट रहा है,
यादें कंकर फेंक रही हैं और दिल अंदर से टूट रहा है।

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जरा सी बात पर न छोड़ किसी अपने का दामन,
जिंदगी बीत जाती है अपने को अपना बनाने में..!!

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अपने के दामन छोड़ गया हु,
देखो कफ़न में ओढ़ गया हु..!!

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अलफ़ाज़ तो बहुत हैं,मोहब्बत बयान करने के लिए।
पर जो खामोशी नहीं समझ सके, वो अलफ़ाज़ कया समझेंगे !!

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जब भी प्‍यार शब्‍द आता है
चेहरा उसी का याद आता है.:|

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वो तब भी थी अब भी है और हमेशा रहेगी
ये मोहब्बत है पढाई नही जो पूरी हो जाय..!!

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जब अल्फ़ाज़ पन्नों पे शोर करने लगें…
समझ लेना सन्नाटे बढ़ गये हैं दिल मे !

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कितनी बाते कहनी होती है,
जब कोई सुनने वाला नही होता है…..

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हमने काँटों को भी बड़ी नरमी से छुआ है यारों,
लोग कितने बेदर्द है फूलों को भी मसल देते है !

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आप काँटों की बात करते हो,
फूल दिल तोड़ चुके है हमारा..!!

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वक्त वक्त की बात है….

अपने साथ हो तो काँटे भी सहलाते है….

बाकी अकेले में तो फूल भी चुभते है।।।

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कैसे नादान है हम
दु:ख आता है तो अटक जाते है,
सुख आता है तो भटक जाते है।

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हम तो फूलों की तरह अपनी आदत से बेबस हैं

तोड़ने वाले को भी खुशबू की सजा देते है …

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मेरे सारे जज्बात बस शायरी में सिमट के रह गए ।

तुझे मालूम ही नही हम तुझसे क्या क्या कह गए..

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हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं ,

कभी किस्मत से टूट जाते हैं , कभी लोग तोड़ जाते हैं..

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काश ये बात लोग समझ जाये कि,

रिश्तें एक दूसरे का ख्याल रखने के लिए बनाए जाते है…

एक दूसरे का इस्तेमाल करने के लिए नही।

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उसे पाने के ख्याल से जिन्दगी जी रही हूँ ..
बस ये ख्याल ,ख्याल ही ना रहे तो अच्छा है…

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उफ़,
अकेलापन ये कितना बढ़ गया है

सबके मोबाइल में केवल सेल्फ़ियाँ हैं…

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घर मेरा भूखा भूखा सा रहा ……

दफ्तर मेरा .. मेरे सारे इतवार खा गया ….

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जिसके लिए लिखता हूं आजकल,

वो कहती है अच्छा लिखते हो उनको सुनाऊंगी।!!!!

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विचार जरा
हु जेने वीचारु छु
ए तू ज केम !!!

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अब रात कहा….. अब नींद कहा
उसकी यादों से फुरसत कहा…!!!!

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“मतलब” का वजन बहुत ज्यादा होता है,
तभी तो “मतलब” निकलते ही रिश्ते हल्के हो जाते है.

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आशिक़ी लिखें , दीवानगी लिखें या अपनी ख़ामोशी लिखें …

दिल के जज़्बात अब अल्फ़ाज़ नहीं बनते आखिर आज क्या लिखें.

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जलती है औरों के लिए फिर भी बदनाम होती है

सिगरेट तू कहीं औरत तो नहीं।

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शुक्र है तुम मेरी ज़िन्दगी में हो,

तुमसे यह दुनिया मुझे खूबसूरत नजर आती है।

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बात कुछ और होती है,बयाँ कुछ और करते हैं….
ख़फा जब तुमसे होते हैं,तो जुल्म खुद पर करते है….

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“कैद खानें हैं… बिन सलाखों के
कुछ यूँ चर्चे हैं… तुम्हारी आँखों के”

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तू जो ना हो मेरे रु बरु,..

बिन तेरे जीने से मैं डरूँ.!!

*******

सोने ही वाले थे हम..कुछ ख्वाब देखते..
वो हकीकतों का वादा कर..जगा के चले गए..!!

*******

ज़माना वफादार नहीं हुआ तो क्या हुआ
धोकेबाज़ तो हमेशा ‪‎अपने‬ ही होते हैं …

*******

तू अगर ख़्वाब था मेरा तो बता,

क्यूं मेरी नींद से बाहर निकला…!!!!

*******

तुम हक़ीक़त-ए-इश्क़ हों या फ़रेब मेरी आँखों का,
न दिल से निकलते हो न मेरी ज़िन्दगी में आते हो…

*******

तूझमे और मूझमे फरक तो इतना सा है,
मै थोड़ासा पागल हूं, और मूझे पागल बनाया तूने है..

*******

वो जो दो पल थे,
तेरी और मेरी मुस्कान के बीच…!

बस वहीँ कहीं इश्क़ ने,जगह बना ली…!

*******

मौत ने चुपके से ना जाने क्या कहा?

और जिंदगी खामोश हो कर रह गयी।

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इमान बेचना है ।
सिर्फ एक शर्त्त पर ।
खरीदार ईमानदार होना चईये ।

*******

शायर को मस्त रखती है दाद-ए-मुहब्बत ।

सौ बोतलों का नशा है इक ‘वाह वाह’ में।।

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मशवरा तो देते रहते हो..
“खुश रहा करो”…

कभी कभी वजह भी
दे दिया करो…!!

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दुनिया में सैकड़ों “दर्द मंद” मिलते हैं
काम के लोग पर चंद मिलते हैं

जब मुसीबत आती है तो यारों
सबके दरवाज़े “बंद” मिलते हैं

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ये न कहना कि प्यार फर्ज़ी है
करना न करना तुम्हारी मर्ज़ी है

*******

तुझे भूलने के लिए मुझे सिर्फ़ एक पल चाहिए,
वह पल! जिसे लोग अक्सर मौत कहते हैं.

*******

मुझ से ज्यादा … तुझे शायद … मेरी आँखे चाहती है …
जब भी … तुझे सोचता हु … तो ये भर आती है …….

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चादर क़ब्र पर नहीं.
रात को उठ कर अपने अम्मी अब्बू पर डाल,
खुदा ज़्यादा ख़ुश होगा.

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पैसे का तो पता नही पर कुछ जगह पर नाम ऐसा
कमाया हूँ की वहाँ पैसा नही मेरा नाम चलता है.

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में भी जिन्दा हु…..
वो भी जिन्दा है….
कत्ल तो बेचारे इश्क़ का हुआ है

*******

बिना मेरे रह ही जायेगी कोई ना कोई कमी.
तूम जिंदगी को चाहे कितना भी संवार लो..

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वास्ता नही रखना तो फिर मुझपे नजर क्यूं रखती है,

मैं किस हाल में जिंदा हूँ तू ये सब खबर क्यूं रखती है

*******

“हंसते हुए चेहरों को गमों से आजाद ना समझो…
मुस्कुराहट की पनाहों मेँ हजारों दर्द होते हैँ….”

*******

“प्यार की तरह आधा अधूरा सा अल्फाज था मैं;
तुमसे जुडा ज़िंदगी की तरह पूरी गजल बन गया.”..

*******

पूछा जो हमने- किसी और के होने लगे हो क्या ?

वो हँस कर बोले – पहले तुम्हारे थे क्या ?

*******

मैं अभी तक समझ नहीं पाया तेरे इन फैसलो को ए खुदा,

उसके हक़दार हम नहीं या हमारी दुआओ में दम नहीं..

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यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं,,
मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे..!!

*******

सिगरेट के धुएँ में मरहम ढूँढते-ढूँढते

खुदको हजार दफे जलाना याद हैं,.,!!

*******

उसने कहा हम दिन और रात जैसे है, कभी एक नही हो सकते…

मेने कहा आओ शाम को मिलते है

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दिल धड़कने का सबब याद आया,
वो तेरी याद थी अब याद आया

सबब – cause, reason

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अगर आपने मुझे लाखो में चुना है.
तो मेरा भी वादा है आप से..

करोड़ों की भीड़ में
खोने नहीं दूंगा आपको..!!

*******

मुझे मालूम नहीं हुश्न की तारीफ ,

मगर मेरी नजर में हसीन वो है जो तुझ जैसा हो ..

*******

किस्मत इक ऐसी तवायफ़ है…

जो हर किसी के लिये नही नाचती…!

*******

जिंदगी में सभी दोस्त बन कर नहीं आते . .

कुछ लोग सबक़ बन कर भी आते हैं . . .

*******

घोंसला बनाने में.. यूँ मशग़ूल हो गए,

उड़ने को पंख हैं.. हम ये भी भूल गए.

*******

डांट कर अपने बच्चों को अकेले में रोती है

वो मां है . . . . और मां ऐसी ही होती है…!!

*******

मोहब्बत की आजतक बस दो ही बातें अधूरी रही,
इक मै तुझे बता नही पायी और दूसरी तूम समझ नही पाये..

*******

कुछ लोग जिंदगी होते है….
मगर जिँदगी मेँ नहीँ होते…

*******

मैं जब किसी फ़क़ीर को हँसते हुवे देखता हूँ।

तो यकीन हो जाता है की….
खुशियों का तालुक दौलत से नही है..

*******

तुम इतना जो डूब के लिखते हो,
समझनहीं आता, फिर बचके कैसे निकलते हो !!

*******

मै… मै हूँ…तुम तुम हो…और दुनिया खूबसूरत है,
अब बताओ कि क्या…..किसी और की जरूरत है..!!!

*******

मैं रंग हु तेरे चेहरे का,
तू जितना खुश होगी मैं निखरता जाऊंगा।।

*******

सीख जाओ वक्त पर किसी की कदर करना…
शायद सैल्फी इस बात का प्रमाण है के हम ज़िंदगी में कितने अकेले है।

*******

तुझको पाना मेरा मकसद नही,,,,मै तो बस तेरे मुस्कराने की”वजह ” बनना चाहता हू….

*******

उफ़्फ़! कितनी बार कहा हैं, शाम ढले याद आया ना करो…

शाम की चाय ज़्यादा मिट्ठी हो जाती हैं…!!

*******

मेरी बिगडी आदतों में शुमार है आज़ भी,
तुम्हें सोचना, तुम्हें चाहना और चाहते रहना..

*******

निग़ाहों में अभी तक दूसरा कोई चेहरा ही नहीं आया.. !!

भरोसा ही कुछ ऐसा था,तेरे लौट आने का…!!

*******

है परेशानियाँ यूँ तो,बहुत सी मेरी ज़िंदगी मे,

लेकिन तेरी मोहब्बत के सिवा और कोई तंग नहीं करता..

*******

मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है…

मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं…!!!

*******

सोए हुए थे….!
सुकून से अचानक तड़प उठे,
यूँ आकर तेरे ख्याल ने अच्छा नहीं किया…!!!

*******

“माँ ज़िंदगी से कहो ना मुझे सताना बंद करे..,
उसे समझाओ ना हम तेरे कितने लाडले थे।।”

*******

अगर इश्क़ हुआ दुबारा तो भी तुझसे ही होगा…

मेरे नादान दिल को तुझ पर इतना भरोसा है…

*******

मैने तुम्हे उस दिन से ओर भी ज्यादा चाहा…

जिस दिन हमे पता चला की तूम हमारे होना नही चाहते !!!

*******

बंद कर दिए हैं हमने तो दरवाजे इश्क के,

पर कमबख़्त तेरी यादें तो दरारों से ही चली आई..!!

*******

“पूछा उसने मुझे कितना प्यार करते है… मैं चुप रहा यारो
क्योंकि मुझे तारो की गिनती नही आती…” .

*******

“मेरे सारे जज्बात बस शायरी में सिमट के रह गए,
तुझे मालूम ही नही हम तुझसे क्या क्या कह गए…!!!!!

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बदन के घाव् दिखा कर जो अपना पेट भरता है ।
सुना है, वो भिखारी जख्म भर जाने से डरता है ।

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यूँ तो हर बात सहने का जिगर है ,

बस एक तेरा नाम है जो मुझे कमजोर कर देता है ..

*******

शायरी उतने ही करो
कि बेरोजगार न लगो…

*******

मेरी शायरियों पे दाद मत देना….!!
दोस्तों।
जनाज़े को देख वाह-वाह नहीं करते…

*******

शु करू अधुरो तारा वीना..
पुरो ना थइ शकु तारा वीना..!

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कभी मुँह मे उसका नाम तो कभी‪ सिगरेट‬ का साथ

होंठो ‬ने हमेशा‪ चिगांरि ही पसंद की¡¡¡

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“साल भर जोह भूख छुपाता रहा लोगों से..

आज वोह फक्र से बतायेगा, मेरा रोज़ा है..!”

*******

शायर सब बड़े अच्छे लगते है..!
तुझे क्या हम अब भी बच्चे लगते है..!!

जिनको भी हम बच्चे लगते है..!
सच मानो मुझे वो बहोत कच्चे लगते है..!!

*******

तू छोड़ गयी तुझसे क्या खफा होना..!
खुदा ने ही लिखा था जुदा होना..!!

*******

हर बार मिली है मुझे अनजानी सी सज़ा,

मैं कैसे पूछूं तकदीर से मेरा कसूर क्या है।

*******

अचानक चौँक उठे निँद से हम . . किसी ने शरारत से कह दिया सुनो…!! वो मिलने आये है…!!

*******

मैं रोज़ ही रोज़े रख लूँ….!!

मगर एक शर्त हैं तुम चाँद बन जाओ…

*******

दर्द से हमारी अगर दोस्ती न होती,

शब्द होते मगर उनमें शायरी न होती…!!!

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अच्छा एक सिगरेटे पी के आता हूँ…
एक याद फसी है उसे धुए में उड़ा के आता हूँ..!!

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कुछ इस तरह मेरे गुनाहों को, वो धो देती हैं,,,,,
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती हैं ।
~ मुन्नवर राणा.

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बोलने का हक़ छीना जा सकता है
मगर ख़ामोशी का नही।।।

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~दोनों
बहुत दूर्लभ है
एकमुखी रूद्राक्ष
और एकमुखी इंसान !

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अजीब सौदागर हैं ये वक़्त भी।।
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया

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वादा करके कहीं आ न जाना,
सारा नशा तो इंतज़ार का है..

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कह गई थी वो कभी ना आऊँगी ……
रात में रोज़ आ जाती है ख्वाबों मेँ झूठी कहीँ की….

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अच्छा हुआ ठुकरा दीया तुने,
मुजे प्यार चाहिए था तेरा एहसान नही…

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शिकायत जिन्दगी से नही,

उनसे हे जो जिन्दगी में नही है…

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इश्क करना है तो दर्द भी सेहना सीखो,
वर्ना ऐसा करो औकात मे रहना सीखो..

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और एक दिन देखते देखते खर्च हो गयी जिंदगी..
फिजूलखर्ची की आदत थी बचपन से मुझे…..

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इतनी चाहत तो लाखो रुपये पाने की भी नही होती …
जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती हैं …

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जब अल्फ़ाज़ पन्नों पे शोर करने लगें,
समझ लेना सन्नाटे बढ़ गये हैं अंदर…

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सुना है तुम तकदीर देखने का हुनर रखते हो।
मेरा हाथ देख कर बताना कि पहले तुम आओगे या मौत.!!!

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ना जाने कितनी ही अनकही बातें साथ ले जाऊंगा,
लोग झूठ कहते रहेंगे कि खाली हाथ गया है !!

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छोटे बच्चे के निकले आंसू और सच्चे प्यार में निकले आंसू.
एक सामान हैं.
दोनों जानते हैं दर्द कहाँ है पर किसी को बता नहीं सकते !!

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हुआ था शोर पिछली रात को दो चाँद निकले हैं,

बताओ क्या ज़रूरत थी तुम्हे छत पर टहलने की,?

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आज तक बहुत भरोसे तुटे लेकिन भरोसे की आदत ना छुटी।।

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उगाम्या छे कदी खंजर दोस्तोंए
कदी दुश्मनोए उगारी लीधा छे

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फिर से हो रही थी मोहब्बत उन्हें मुझसे

ना खुलती आँख तो बस वो मेरे ही हो चुके थे.

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तेरी यादें…..कांच के टुकड़े…..!

और मेरा दिल ….नंगे पाँव…!!

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तुम्हे मुफ्त में जो मिल गए हम,
तुम कद्र ना करो ये तुम्हारा हक बनता है…!!

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दिल दुखाया करो इजाज़त है,
भूल जाने की बात मत करना ..

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गंगा में डुबकी लगाकर, तीर्थ किए हज़ार….

इनसे क्या होगा, अगर बदले नही विचार…

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हमने तो मोहब्बत छोड़ दी;

लेकिन मोहब्बत ने हमें कही का नहीं छोड़ा..!

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अच्छा हुआ जो मतलबी दोस्त छोड़ गये बुरे वक्त मे साथ मेरा,
वरना अच्छे वक्त मे मै इतनों का ख्याल कैसे रखता ???

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परवाह नहीं है पैरों के छालो की
परवाह है बस अपनी मंजिल पाने की

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सबक इस ज़िन्दगी में बस इतना ही मिला है

धोखा बस वो ही नहीं देते,

जिन्हें हम मौका नहीं देते….

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कल खुशीयो का दिन,
कैसे गुज़रेगा तुम बिन..!!

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कल का दिन मेरे लिए ख़ास है..!
क्या फायदा तू न मेरे पास है..!!

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काले खुशियो नी बहार छे..!
तारे ने मारे क्या वहेवार छे.!!

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काश कभी ऐसा हो जाए
मैं व्हाट्सएप्प करुँ भगवान को और
उसमे ब्लू टिक हो जाए…..

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मैं तबाह हूँ तेरे प्यार में तुझे दूसरों का ख्याल है

कुछ तो मेरे मसले पर गौर कर मेरी जिन्दगी का सवाल है

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ख्वाब आँखों से गये नींद रातों से गयी
तुम गये तो लगा जिन्दगी हाथों से गयी

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देखो तो सही उनकी चाहत में क्या नोबत आ गई

ये हवा भी अब ताना मार ने लगी की
तुम तडपते रहे गऐ और मैं तो उन्हें छु कर आ गई

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माना की मुझे नही आता किसी को मनाना…
.
पर दिल से कहता हूँ, तुझे कभी रुठने नही दूँगा…!!

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इश्क़ का सीज़न है साहब

दिल बेचने निकला हूं…

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दो टूटे हुए दिल मिलते है ना
तब मोह्ब्बत मैं धोखा नही होता

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अपनी औकात मे रहे ए वक्त……..याद रख-तेरे साथ साथ..”मै” भी बदलूंगा…।।।

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कभी-कभी पत्थर की ठोकर से
भी नहीं आती खरोंच..!

और कभी ज़रा सी बात से इंसान बिखर जाता है..!

*******

सारे फैसले खुदा के….
फिर गलतियाँ मेरी कैसे..!!

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और कुछ नहीं कहना, बस इतनी गुज़ारिश है…

तुम मुझे उतनी ही मिल जाओ,जितनी याद आती हो…

*******

प्रेमछे तारो आ केवा प्रकारनो के
पडछायो पण मारो पडे तारा आकारनो ।।।

*******

तेरा साथ खरीदने के लिए,

रोज़ थोड़ीशी जिदंगी बेच देताहु…..

*******

कई कहानिया अधूरी रह जाती है…पर

इसका मतलब ये नहीं होता की प्यार नहीं था!!

*******

कल क्या खूब इश्क़ से मैने बदला लिया..
कागज़ पर लिखा इश्क़ और उसे ज़ला दिया…

********

कुछ दोस्त कमाओ… थोड़ा प्यार खर्च करो
ज़िन्दगी में हिसाब… कुछ इस तरह से करो..

*******

निकाल दो हमारे सीने से ये कम्भख्त दिल,,,

इसी ने लगा रखा है मोहब्बत है,, मोहब्बत है…

*******

छूप छूप कर तेरी सारी तस्वीरें देखता हूँ,

बेशक तू खूबसूरत आज भी है,

*******

तारी चिंता मुजने खाई छे,
मुजने तरछोडी केम जाइ छे..!!

*******

ये कलम भी कमबख्त बहुत दिलजली है…..
जब जब भी मुझे दर्द हुआ ये खूब चली है….

*******

किस से सीखू मैं खुदा की बंदगी,
सब लोग खुदा के बँटवारे किए बैठे है,
जो लोग कहते है खुदा कण कण में है,
वही मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे लिए बैठे हैं !

*******

दर्द वहाँ भी होता है,
नहीं मिलते जहाँ चोट के निशान.

*******

“दिली तमन्ना है कि मैं भी अपनी पलकों पे बैठाऊँ तुझको,

बस तू अपना वजन कम करले, तो मेरा काम आसान हो जाए”

*******

रहने दे मुझे,
इन अंधेरों में ग़ालिब…!!!

कमबख़्त रौशनी में,
अपनो के असली चहरे नज़र आ जाते है…!!!

*******

और कुछ भी ‘दरकार’ नहीँ मुझे तुझसे ‘मौला’
मेरी ‘चादर’ मेरे ‘पैरों’ के बराबर कर दे”..!!

*******

मेरे हो..तो बस बने रहो..
जताते हो तो गैर से लगते हो..

*******

मुझसे दूर रह कर खुश है तो खुश रहने दो उसे..

मुझे अपनी चाहत से ज्यादा उसकी मुस्कुराहट पसन्द है…!

*******

दुआ हैं हमारी …….!!!!!
ज़िन्दगी में हररोज वो चहेरां मुस्कुराता मिले..

जिस चहेरे को आप रोज आइने में देखते हो……!!!!!

*******

मुझे छोड़कर वो जिस शख्स के पास गयी,

बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता।।

*******

कम्बखत दिल पर चोट खाने की आदत सी पड़ गयी है,

वरना हम भला क्यों दुश्मनों से मिलने लगे..!!

*******

प्यार एक जीवन है ,
जिसके साथ जिन्दगी बिताने बाला चाहिये !

प्यार एक हीरा है ,जिसको खोजने बाला चाहिये !

प्यार एक रिश्ता है ,
जिसको अपनाने बाला चाहिये !

प्यार एक अहसास है ,
जिसको महसूस करने बाला चाहिये !

प्यार एक दीवानगी है ,
जिसमें खो जाने बाला चाहिये !

प्यार एक खुशी है ,
जिसको बाँटने बाला चाहिये !

प्यार एक बेजुवाँ शब्द है ,
जिसको बोलने बाला चाहिये !

प्यार एक विश्वास है ,
उसमें साथ चलने बाला चाहिये !

प्यार एक गम भी है ,
जिसमें आँसुं पोछने बाला चाहिये

प्यार एक आशिकी है ,
जिसका साथ निभाने बाला चाहिये !

*******

ये सुन ‪बेवफा‬..
मे नशे मे रहु, या ना रहु..
फिऱ भी मे लङखङाकर हि चलता हुं..
क्युंकि‬..
मुझे आज भी तेरे गली कि हवा..
शऱाब जैसी लगती है..

*******

मोहब्बत भी कितना प्यारा शब्द है पूरा कहने से
पहले ही एक होठ दूसरे होठ को चुम लेते है..

*******

न चाहकर भी मेरे लब पर ये फ़िरयाद आ जाती है……..
ऐ चाँद सामने न आ कीसी की याद आ जाती हैं……!!

*******

आसानी से कोई मिल जाये तो यह किस्मत की
बात है !
सब कुछ खो कर भी जो ना मिले उसे
मोहब्बत कहते हैं ! शायद।।

*******

वो ना भी मिले तो क्या हुवा..?
इश्क है हवस नही..

*******

बस ईतनी सी उर्म के तलबदार हैहम,
ना मरेंगे तुझसे पहले ना जिऐँगे तेरे बाद’;

*******

नही बसती किसी और की सुरत अब इन आँखो मे……

काश की हमने उसे इतने गौर से ना देखा होता…….

*******

ज़िद्द मत किया करो मेरी दास्तान सुनने की..,

मैं हँस कर कहूँगा तो भी तुम रोने लगोगे…!

*******

माना की मरने वालों को …….भुला देतें है सभी,
मुझ जिंदा को भूलकर तूने…. कहावतें बदल दी”

*******

“ज़िन्दगी जीने के लिए खुदा ने दी थी,
और मैंने किसी के इंतज़ार में गुज़ार दी.

*******

एक वो है, जो देता बेहिसाब है…..
और एक हम है……
जो नाम भी जपते हैं तो गिन-गिन के..!

*******

जरुरत नही मुझे तुम्हारी तारीफ़ करने की..

में लाया ही हु तुम्हे लाखो में चुन कर..

********

देखा जाए तो अब तक कुछ तो खोया नही, फिर भी लगता है…

कुछ तो है, जो अब तक मिला ही नहीं….!!!!!

*******

जीतें है इस आस पर एक दिन तुम आओगे,

मरते इसलिए नहीं क्युँकी अकेले रह जाओगे..!!

*******

इतने मासूम सवाल कहाँ से ढूँढ लाते हो !
लगता है मोहब्बत से रिश्ता बना आये हो

*******

मेरे दोस्तों ने पूँछा कैसी दिखती है,
वो मैने हँसकर कहाँ अंदाजा लगा लो दोस्तों
वो आईना नही आईना उसे देखता है..

*******

वो बोले क्या अब भी हमारी याद आती है #

हमने भी हसकर बोला अपनी बर्बादी को कोन भूल सकता ह.!!

*******

“कामयाब होने के लिए अकेले ही आगे बढ़ना पड़ता है,
लोग तो पीछे तब आते है जब हम कामयाब होने लगते है…”

*******

“किसीके अच्छाई का इतना भी
फायदा मत उठाओ की वो बुरा
बनने के लिये मजबुर बन जाये…”
” बुरा ” हमेशा वही बनता हे,जो ” अच्छा ” बनके टूट चूका होता हे !

*******

इतनी चाहत तो लाखो रुपये पाने की भी नही होती..

जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती हैं..!!

*******

एक तेरे सिवा हम किसी और के कैसे हो सकते हैं
तुही खुद सोच तेरे जैसा कोई और है क्या…

*******

महोब्बत तो किसी एक से होती है……..

औरों से तो बस समझौते होते हैं…..

*******

लफ्जों की कमी है आजकल….
” दिल ” की मरम्मत चल रही है…!!

*******

सितारे कुछ बताते हैं
नतीजा कुछ निकलता है

बड़ी हैरत में हैं
मेरी हथेली को देखने वाले

*******

” लोग माँ बाप कि “नसीहत” तोभूल
जाते हे, पर उनकी
“वसीयत” नहीं भूलते…”

*******

चलो ये जुर्म भी कबूल है जो तेरी इजाज़त के बगैर तुझे अपना समझा…

*******

गरीबों का मज़ाक मत उड़ाओ,

क्युँकि

गरीब होने में वक्त नहीं लगता…!!

*******

आदत नशे की नही हमे,
अगर आप बन जाओ नशा,
शराबी हमसा न होगा कोई…!!

*******

मोहब्बत से भरी कोई ग़ज़ल उसे पसंद नहीं

बेवफाई के हर शेर पे वो दाद दिया करते है…

*******

ये मेरी शायरी ने भी कमाल कर दिया,

आज शायरी सुनके उसने मुझसे कहा …

मेरी जान ले लो मगर मुझे बेबफा ना कहो ।।।

*******

एक हमसफ़र की तलाश थी…
जो शिद्दत से चाहें…
आखिर कार तन्हाई ने पूरी कर ही दी..!!

*******

जो तुम मिल जाये जमाने में,
मजा नही पैसे कमाने में..!!

*******

पहले जैसा रंग नहीं है जीवन की रंगोली में,
जाने कितना ज़हर भरा है अब लोगों की बोली में!

*******

वो मुझसे दूर…खुश है;

और मै उसे खुश देखने के लिए दूर हूँ…..!!!

*******

वक्त हर वक्त को बदल देता है….

सिर्फ वक्त को थोडा वक्त दो….

*******

तुम्हारी राह में मिटटी के घर नहीं आते

इसीलिए तुम्हे हम नज़र नहीं आते..

*******

मोहब्बतो के दिनों की यही खराबी है

ये रूठ जाएँ तो लौट कर नहीं आते

*******

जो मुझको साँप कहता है उससे में इक रोज़
जाकर लिपट गया, उसे चंदन बना दिया …!!

*******

कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है
और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है..

*******

सब कहते हैं के इन्सान में रब होता है,

किससे पूछूँ, के ये इन्सान कहाँ होता है ?

*******

प्रेम नो इकरार करवामां
हु कायर छु,
ऐटले ज सनम आजे
हु शायर छु… !!!

*******

तने नही लागतु के हवे बहु थयूं,
तारा वगर नो हु, अने मारा वगर नी तू…!!

*******

जो परमात्मा को दिल देते हैं,
परमात्मा उन्हें दिल से देते हैं ।

*******

आज फिर पल खूबसूरत है,

दिल में बस तेरी ही सूरत है..

*******

रात भर तेरी दहलीज पर बैठी रहीं मेरी आंखे,
खुद नही आना था तो कोई ख्वाब ही भेज दिया होता !!

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ए दिल इन आँखो को तरसने दे,

आज बादल की बारी है उसे ही बरसने दे…

*******

रहने दो कि अब तुम भी मुझे पढ़ न सकोगे ;
बरसात में काग़ज़ की तरह भीग गया हूँ.

*******

सिलसिला चाहत का दोनो ही तरफ जारी था…
वो हमारी जान चाहते थे और हम जान से ज्यादा उन्हे..

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तेरी ख्वाहिश कर ली तो कौन सा गुनाह कर लिया..
लोग तो दुआ में पूरी कायनात मांग लिया करते है..

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पूछती नहीं तमने कमी कई छे…
बस एक तू ज छे मने गमी गई छे..

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भले तू मने छोड़ी ने वई गई..

पण तारी याद दिल मा रही गई..

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कमी जिंदगी नी शु रही,
गमी तू अने तू छोड़ी गयी…!!

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कलाई ना पकडा करो बहुत कहा है तुमसे,
बात चुडियो की नही जज्बात मचल जाते है…!!!

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जब वक्त आया तो वो बिक चुका था,
मुझे अमीर होने मे जरा सी देर हो गई !

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हर बेटी के भाग्य मे पिता होता है।
पर हर पिता के भाग्य मे बेटी नहीं होती||

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काश पता चल जाए उनको…

मैं भी उनका एक पता हूँ…..!!!!

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इतनी मनमानियाँ भी अच्छी नहीं होती___
तुम सिर्फ अपनी ही नहीं___मेरी भी हो

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कौन कम्बख्त मोबाईल की परवा करता है?
यहाँ तो दिल हैंग हो गया है..

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मैँने अपना गम आसमान को क्या सुना दिया…

शहर के लोगों ने बारीश का मजा ले लिया….

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एक चाहत थी तेरे साथ जीने की,
वरना मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी !!

*******

जब भी चाहा सिर्फ तुम्हे चाहा,

पर कभी तुम से कुछ नही चाहा..

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सोचता हूँ तो छलक उठती हैं मेरी आँखें

तेरे बारे में न सोचूँ तो अकेला हो जाऊँ..

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ए चिरागों ना इतराओ तुम खुद पर इतना….

तुमसे तेज़ तो हमारे दिल जला करते है…

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बेजान तो मैं अब भी नही
पर जिसे जान कहते है वो छोड़ गयी।

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सच्चाई के इस जंग मे कभी झूठे भी जीत जाते है..

समय अपना अच्छा न हो तो कभी अपने भी बिक जाते है..

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एक सुकून की तलाश मे जाने कितनी बेचैनियां पाल ली,
और लोग कहते है हम बडे हो गए हमने जिंदगी संभाल ली.

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ए वरसाद नथी वरसतो हवे क्यारेय
ज्यारे आपड़े बन्ने साथे पलळया हता.

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ते छांटेंथी पलळशे
अने हुं अश्रु थी पलळीश..

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तलब करे तो मैं अपनी आँखें भी उन्हें देदू;
मगर ये लोग मेरी आँखों के ख्वाब मांगते हैं।

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तैयार रहते हैं आंसू मेरी पलकों पे अक्सर,
तेरी यादों का कोई वक़्त मुक़र्रर जो नहीं है…!!

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तेरा मिलना लाख खुशी की बात सही
पर तुझसे मिलके ,उदास रहते हैं…

*******

जो व्यस्त थे , वो व्यस्त ही निकले..
वक्त पर फ़ालतू लोग ही काम आये..

*******

मत पूछ कैसा हूँ मैं ,

तू भूला ना पायेगी वैसा हूँ मैं…

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मैंने कहा प्यार अधूरा ही रहता है अक्सर

वो हँसते हुए बोला पूरा करके खत्म नहीं करना है मुझे.!!

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देखा करो कभी अपनी माँ की आँखों में,

ये वो आईना है जिसमें बच्चे कभी बूढ़े नहीं होते.

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हर पल जाती मेरी सांस है,
उसके आने की अब न आस है..!!

न किसी के आने की आस है,
न प्यार करने वाला पास है..!!

*******

सोया तो था में जिंदगी को अलविदा कह कर दोस्तों,
किसी की बे-पनाह दुआओ ने मुझे फिर से जगा दिया..

*******

“जब नफरत करते करते थक जाओगी…

तब एक मौका प्यार का भी देना!!!”

*******

कोई बनता ही नही मेरा…,
तुम अपनी ही मिसाल ले लो.!

*******

“वो इश्क़ मे शायद हमारा इम्तिहान ले रहे है ,

लेकिन उन्हे क्या मालूम वो हमारी जान ले रहे है❗❗

*******

उदास हूँ पर तुझसे नाराज नहीं…
तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं…

*******

ये बारिश भी तुम सी है
जो थम गई तो थम गई
जो बरस गई तो बरस गई
कभी आ गई यूँ बेहिसाब
कभी थम गई बन आफताब
कभी गरज गरज कर बरस गई
कभी बिन बताये यूँ ही गुज़र गई
कभी चुप सी है
कभी गुम सी है
ये बारिश भी सच…
तुम सी है…

*******

तुम्हें लिखते हुए यूँ ही लगा कि

इन्तजार से लंबा कोई शब्द नहीं.

*******

तूने मेरा “आज” देख के मुझे ठुकराया है,
हमने ताे तेरा”गुजरा कल” देख के भी मुहाेब्बत की थी..!!

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जिंदगी अंधे भिखारी का कटोरा हो गई है..

लोग खुशियाँ डालते कम उठाते ज्यादा है ..

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1. “राधे कृष्ण” का मतलब
राह दे कृष्ण
2. “राधिका कृष्ण” का मतलब
राह दिखा कृष्ण
3. “मीरा कृष्ण” का मतलब
मेरा कृष्ण
4. “हरे कृष्ण” का मतलब
हर एक का कृष्ण

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शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी,
अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी ।

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ये जो चंद फुर्सत के लम्हे मिलते हैं जीने के लिए,
मैं उन्हें भी तुम्हे सोचते हुए ही खर्च कर देता हूँ!!

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मैं वो हूँ जो कहता था कि इश्क में क्या रखा है।
आजकल एक हीर ने मुझे राँझा बना रखा है।

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हम तो पागल है जो शायरी में ही दिल की बात कह देते है….
“लोग तो गीता पे हाथ रखके भी सच नहीं बोलते !!!”

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मेरे गालों को चूमती ये ठण्डी हवाएँ…
“सौतने” तुम्हारी भी कम नहीं है …

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शायरी से भरे पन्नों को छूकर देखा है कभी…
कोई दिल वहाँ भी धड़का करता है…

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ये मेरा टूटना और बिखरना इत्तेफाकन नहीँ है…!!
एक शख्स ने इसके लिये मेहनत बहुत की है

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पहले मोहब्बत पलो की और यादें बरसो रहा करती थी
अब मोहब्बत चंद दिनों की और यादें पलो की होती है

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कोई तो आये दो बूंद आंसू लेकर मेरे वास्ते,….
सारी यादें जैसे सूख सी गयी है इन आँखों में कही….

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मोहब्बत किससे और कब हो जाये अदांजा नहीं होता..!

ये वो घर है, जिसका दरवाजा नहीं होता..!

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मोहब्बत दस्तक दे भी तो भला कैसे दे…
गरीबों के घर में तो दरवाजे ही नहीं होते…

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रुक गयी है आज ये कहकर मेरी कलम..
एहसास क़ीमती हैं, ज़रा खर्च करो कम..

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उलझनों और कश्मकश में उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूँ …

ए जिंदगी! तेरी हर चाल के लिए मैं दो चाल लिए बैठा हूँ..

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ना मेरा दिल बुरा था न उसमें कोई बुराई थी,,,

सब मुक़्क़दर की खेल है बस किस्मत में जुदाई थी…

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शब्दों चोटदार हु वणी रह्यो छु,
दुःख लखवानु हु भणी रह्यो छु..!

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एक ग़ज़ल तुम्हारे लिए जरूर लिखेंगे..

बे-हिसाब उसमे तुम्हारा कसूर लिखेंगे

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रात की तन्हाई में तो हरकोई याद कर लेता है…

सुबह उठते ही जो याद आये, प्यार उसे कहते है!

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लफ़्ज़ सारे फीके से थे मेरे…
शायरी तो दरअसल, तेरी उन आँखों में थी.

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किसी को अपना बनाना, हुनर ही सही,
लेकिन किसी का बन के रहना कमाल होता है..

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कोई पूछ रहा मुझसे मेरी जिंदगी
की कीमत .
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्का सा मुस्कुराना !!

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कमी तेरी….
आज फिर मुझको खटक गयी,
ज़िन्दगी….
आज फिर से काश पे अटक गयी..!

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“बड़ा ही खामोश सा अँदाज है तुम्हारा..,

समझ नही आता फिदा हो जाऊँ या फनाह हो जाऊँ..”

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अब भी रोज तुम्हारे स्टेट्स पर एक नजर मार लेता हूं,,
ये सोच कर शायद तुमने मेरे बारे में भी कुछ लिखा होगा…!!!

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लोग चाँद तलाशते थे मेरी जेब में ।

मैं अक्सर तुम्हारी तस्वीर रखना भूल जाता था ।।

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आज कुछ और नहीं बस इतना सुनो..
मौसम हसीन है, लेकिन तुम जैसा नहीं..

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मेरी जिंदगी मै खुशियां तेरे बहाने से है

आधी तुझे सताने से है,
आधी तुझे मनाने से है…

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मैं लब हूँ ,
मेरी बात तुम हो ,

मैं तब हूँ ,
जब मेरे साथ तुम हो।

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सब समझते हैं कि मैं कुछ नहीं.,
हाँ तेरे बिना तो मैं कुछ भी नहीं.!

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आदत थी तू मेरी,
ख्वाहिश बनकर रह गई…

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तुम्हारी याद के फुलो को मुरझाने नहीं देंगे…
हमने अपनी आँखे रखी हैं उसे पानी देने के लिए..!!!

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उस खुशी का हिसाब कैसे हो…?
तुम जो पूछ लो “जनाब कैसे हो !!

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प्यार करना है तो घर से बाहर निकलो….
बंद कमरे में मोहब्बत अक्सर बदनाम हो जाती है।

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वक़्त बदलने के लिए बुझदिलों की फ़ौज की दरकार नहीं,

चंद हौसले वालों की अंगड़ाई काफी है….

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किसी ने ऑखो में धूल क्या झोंकी
पहले से बेहतर दिखने लगा….

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वक़्त बीतने के बाद अक़्सर ये अहसास होता है…!
कि, जो छूट गया वो लम्हा ज्यादा बेहतर था…!!

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फोटो को ‪Like‬ नही किया तो चलेगा लेकीन मुझे Like करके देख,
तेरी जिंदगी खुशियो से भर दुंगा..

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बडी मुशकिल है मौला मेरी इसको हल कर दे
या तो खवाब ना दिख़ा , या मुक़कमल कर दे ।।।

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आइना सिर्फ जखम दिखा सकता हे,
जखम का दर्द बया नहीं कर सकता..!!

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अजीब सी थी वो,

मुझे बदल कर खुद बदल गई

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छोटा सा सपना है मेरा,
जो रोटी में खाऊ, वो तू बनाये …

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“ग़मों को आबरू अपनी ख़ुशी को गम समझते हैं,
जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें बस हम समझते हैं.

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छोटा सा सपना है मेरा,
जो रोटी में खाऊ, वो तू बनाये …

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में खफा नहीं हूँ जरा उसे बता देना……….!
आता जाता रहे यहाँ इतना समझा देना !

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जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… दोस्त,

वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!!

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मेरी हर शायरी में “सिर्फ तुम” होते हो
दद॔ बस इतना है कि.. सिर्फ “शायरी” मे ही क्यों होते हो…

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मेरे यूँ चुप रहने से नाराज ना हो जाना कभी,
दिल से चाहने वाले तो अकसर खामोश ही रहते है..

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हमने बरसों सीने से लगाए रक्खा ,
मगर ये दिल हमारा न हुआ…….
तुमने मुस्कुरा के इक बार क्या देखा ,
तुम्हारा हो गया….।

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मेरी फितरत में नहीं अपना गम बयां करना;
अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो महसूस कर तकलीफ मेरी…

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सोने लगा हूँ तुझे ख्वाब में देखने कि हसरत ले कर..
दुआ करना कोई जगा ना दे तेरे दीदार से पहले..

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हम अल्फाजो से खेलते रह गए,
और वो दिल से खेल के चली गईं ..

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ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे…

जिस दिन तुझे देखा, यकीन भी हो गया..!!

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समझ नही आती वफा करें तो किस सें करें !

मिट्टी सें बने ये लोग कागज के टुकड़ो पे बिक जाते है

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“झगड़ा” है क्योंकी “दर्द” है…
और “दर्द” है क्योंकी “प्यार” है….

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” जिनकी शायरियों में ददँ हौता हे ,
वो शायर
नही किसी बेवफा का दीवाना होता है ”

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तुम सो जाओ अपनी दुनिया में आराम से,
मेरा अभी इस रात से कुछ हिसाब बाकी है

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मुझ पर सितम ढा गयें मेरी ही गझल के शेर
पढ़ पढ़ के वो खो रहे है किसी और के खयाल में,.,!!!

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काश दर्द के भी पैर होते।

थक के रुक तो जाते कंही।

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ज़हर देता है कोई, कोई दवा देता है,

जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है…!!!

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हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं ,

कभी किस्मत से टूट जाते हैं , कभी लोग तोड़ जाते हैं.

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काश … उनको कभी फुर्सत में ये ख़याल आए…

कि कोई याद करता है उन्हें जिंदगी समझकर.

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दुनिया तेरी
और तू मेरा

दोस्त

चल सौदा तय हुवा…

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अब हाथ जोड कहते हो, बात का बखेडा ना करो

मैंनें पहले ही कहा था, मैं शायर हूँ मुझे छेडा ना करो…

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तुम्हारा दीदार और वो भी आंखो में आंखे डालकर,,

सुनो ये कशिश कलम से बयान करना मेरे बस की बात नही…!!

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गलती करने की आदत नहीं, फीर भी करता हु,
क्योकी अच्छा लगता हे तेरा प्यार से समजाना..!!

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हे प्रभु…..,
तेरा ऐसा भी क्या रिश्ता है,
दर्द कोई भी हो,
याद तेरी ही आती है |||

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काश न्यूटन के सर में पेड़ से सेब नहीं किसी का टूटा दिल गिरा होता,
तो आज फिजिक्स की हर किताब में एक चैप्टर इश्क का भी होता.

#ChetanThakrar
#+919558767835

 
 

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