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Category Archives: Shayri

ચિત્ર

Shayri Part 33


काश में लोट जाऊ उन बचपन की गलियों में ….
जहा ना कोई जरुरत थी ..और ना ही कोई जरुरी था …..

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मुझे तुम अच्छी या बुरी नहीं लगती ………….

मुझे तुम सिर्फ मेरी लगती हो ….!!!!

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तलाश सिर्फ सुकून की होती हैं,
नाम रिश्ते का चाहें कुछ भी हो..!!

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चंपा के दस फुल, चमेली की एक कली,
मुरख की सारी रात, चतुर की एक घडी!

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जब भी दिल उदास होता है
वजह तेरी याद बनती है

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अगर बात ख्वाबों कि करूं तो सिर्फ इतना ही कहुँगी …
तुमसे जुड़ा हो तो हसीन है,और अगर तुम्हारा हो तो बेहतरीन…

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प्यार किसी ऐसे से करो जिसकी ज़िन्दगी में दर्द हो

क्यूकी वो इंसान कभी धोखा नहीं दे सकता…..

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बहुत रोई होगी वो खाली कागज देखकर,
खत मेपूँछा था उसने जिंदगी कैसे बीत रही है…!!!!

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एक बार और उलझना हैं तुमसे…
बहुत कुछ सुलझाने के लिये…..

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जब मेरा दिल जोर से धड़कता है
तो ऐसा लगता हैं वो सुन रहा हैं

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चाहत तेरी पहचान है मेरी;
मोहब्बत तेरी शान है मेरी;
हो के जुदा तुझसे क्या रह पाउँगा;
तू तो आखिर जान है मेरी।

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बहुत हसरत रही है की तेरे साथ चलें हम..
बस तेरी और से ही कभी इशारा ना हुआ…

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ख्वाब मत बना मुझे….सच नहीं होते..
साया बना लो मुझे…साथ नहीं छोडूंगा…!!

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तुम मेरे पास थे,,,हो,,,और रहोगे सदा….
खुदा का शुक्र है,यादों की कोई उम्र नहीं होती….

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बिछड़ने वाले तेरे लिए, एक “मशवरा” है..

कभी हमारा “ख्याल” आए, तो अपना ‘ख्याल’ रखना..।।

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बिकने को तैयार है में और मेरी मोहब्बत

कीमत बस दो घडी प्यार चाहिए।

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काश कोई मिले इस तरह के फिर जुद़ा ना हो,

वो समझे मेरे मिज़ाज़ को औऱ कभी खफ़ा ना हो !!

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तूने जो पुकारा है तो बोल उठा हूँ ,
वरना मैं फिक्र की दहलीज पे चुपचाप खड़ा था ..

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दिखावा मत कर शहर में शरीफ होने का . . .

लोग खामोश तो है ,पर ना – समझ नहीं !

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मैं अक्सर रात में यूं ही सङक पर निकल आता हूँ ,
यह सोचकर कि

कहीं चांद को तन्हाई का अहसास न हो…!

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मेरा आईऩा भी अब मेरी तरह पागल है,
आईना देखने जाऊं तो नज़र तू आए..

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एक रोटी न दे सका कोई उस नादान को ,
लेकिन वो तस्वीर लाखों में बिक गई जिसमे वो भूका बैठा था। ”

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ऐ ख़ुदा एक वज़ह तुझसे भी पुछलु,
कोई हमे मिलना नहीं चाहता या
तू मिलाना नहीं चाहता..!!

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इस ज़िन्दगी की ज़िद तो देखो…..
उनको भुलाने के लिए भी..उनको याद करना पड़ता है…की हम उन्हें भूलना चाहते है

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मत सोच की
तेरा सपना क्यों पूरा नहीं होता,

हिम्मत वालो का
इरादा कभी अधुरा नहीं होता,

जिस इंसान के
कर्म अच्छे होते है,

उस के जीवन में
कभी अँधेरा नहीं होता…

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मुझको मालूम नहीं हुस्न की तारीफ फ़राज़,,
मेरी नज़रों में हसीन वो है जो तुझ जैसा हो!

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मैं तो छोटा हूँ झुका दूँगा कभी भी अपना सर

सब बड़े ये तय तो कर लें, सब से बड़ा कौन है…

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मैंने ब़ादशाहो को भी ,ईश्क की फ़रीयाद करते देखा है……..
….
फ़िर तु क्या? और मैं क्या?…

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मौहब्बत हो भी जाए तो कभी इज़हार मत करना !!
ये दुनियां सच्चे जज़्बातों की बड़ी तौहीन करती है ।

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खुदा ने जानबुझ के नहीं लिखा उसे मेरी किस्मत में….

के सारे जहाँ की खुशियाँ एक ही  शख्स को कैसे दे दूँ…!!!!

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बडी देर करदी मेरा दिल तोडने मे

न जाने कितने शायर आगे चले गये….

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वक्त अच्छा था तो हमारी गलती मजाक लगती थी
वक्त बुरा है तो हमारा मजाक भी गलती लगती है..

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सिखा न सकी ,…
जो उम्र भर तमाम किताबें मुझे ,…

करीब से कुछ चेहरे पढ़े ,…
और न जाने कितने सबक सीख लिए ,…

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मोहब्ब्त किसी से तब ही करना जब निभाना सिख लो
मजबूरियों का सहारा लेकर किसीको छोड़ देना वफादारी नही होती

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किस हक से मांगू अपने हिस्से का वक़्त आपसे..?
क्योंकी ना आप मेरे..और..ना ही वक़्त मेरा..!!

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इतने बुरे ना थे जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ.

तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा!!!

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जिंदगी की हर सुबह कुछ शर्ते ले कर आती है,
जिंदगी की हर शाम कुछ तजुर्बे दे कर जाती है !!

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दो गज़ जमीन मिल जाए तो सुकुनसे लेटना है अब,

बहोत कर लिया इंतजार उनका..:

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तुझे खो कर, पाने के लिए लिखता हूं ..
आज भी तुझे, भूल जाने के लिए लिखता हूँ ..!

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मिलने को तो दुनिया मे कई चेहरे मिले ,

पर तुम सी ‪‎मोहब्बत‬‬ हम खुद से भी न कर पाये..

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दो दशाएँ महा दुख़दायी

बिन माँ का घर
बिन घर की माँ..!!

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तुझे पा नहीं सकते तो सारी ज़िन्दगी तुझे प्यार करेगें…….
ये ज़रूरी तो नहीं जो मिल न सकें उसे छोड़ दिया जाये.!!!!!!

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” धागे बड़े कमजोर चुने थे मैंने….
उम्र गाँठ बांधने में निकल गयी “…!!

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आ कुछ लिख दूं तेरे बारे में..
मुझे पता है तू रोज ढूंढती हैं खुद को मेरे शब्दों मे…..

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जब शीशे की अलमारी में रख कर जूते बेचें जाऐं
और किताबें फुटपाथ पर बिकती हों…तो समझलो कि दुनिया को ज्ञान की नहीं जूतों की जरूरत है…!!!

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जिस रोज तेरे चाहने वालो को तू बेहद बुरी
लगेगी, उस दिन भी तू हमे बेहद खूबसूरत लगेगी !

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ऐ बारिश जरा खुलकर बरस, ये क्या तमाशा है….!!
इतनी रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती है…!!!!

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मेरी बहादुरी के किस्से कितने मशहूर थे इस शहर में,
पर तुझे खो जाने के डर ने मुझे कायर बना दिया…..

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किस्मत इक ऐसी तवायफ़ है जो हर किसी के लिये नही नाचती…!

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जिंदगी की शुरुआत कुछ यूँ  हूँई
तुम मिले और दुनियां खत्म हो गई..!!

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हर शख्स मोहब्बत के काबिल नहीँ होता,

और जो काबिल होता है वो ही हासिल नहीँ होता..

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मालूम सबको है जिंदगी बेहाल है ..

लोग फिर भी पूछते है क्या हाल है…

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ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे।
जिस दिन तुझे देखा, यकीन भी हो गया।

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टिकटें लेकर बैठें हैं मेरी ज़िन्दगी की कुछ लोग ….

तमाशा भी भरपूर होना चाहिए…

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ऐ जिन्दगी..!! जा कर ढूंढ़, कोई खो गया है मुझसे,

वो न मिला तो सुन, तुझे भी ख़ुदा हाफिज…!!

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में वो काम नहीं करता जिसमे खुदा मिले!
मगर में वो काम जरूर करता हु जिसमे दुआ मिले!

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तुम जिंदगी की वो कमी हो..
जो जिंदगी भर रहेगी..

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ना तोल मेरी  मोहब्बत  अपनी  दिल्लगी  से,

देखकर मेरी  चाहत  को अक्सर  तराजु  टुट जाते हैं…

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दौलत के तराजू में तोलों तो फ़कीर हैं हम…

दरियादिली में हम जैसा नवाब कोई नहीं……

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जिंदगी में एक दुसरे के जैसा होना ज़रूरी नही होता ……

एक दुसरे के लिए होना ज़रुरी है..!!!

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” तुम्हारा हर अंदाज अच्छा है ,
सिवाय नजर अंदाज करने के ”

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गुज़र गया आज का दिन भी पहले
की तरह,

न हमको फुर्सत मिली न उन्हें ख्याल आया..

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मत सोना कभी किसी के कन्धे पर सर रख कर,
जब ये बिछडते हे तो रेशम के तकिये पर भी नीँन्द नहीँ आती..

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वक़्त के साथ रिश्ते भी बदल जाते हैं,

शुक्रिया तुम्हारा तुमने बदल कर मुझे इस बात का यक़ीन दिला दिया..!!

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बना लो उसे अपना जो दिल से तुम्हे चाहता हे |

खुदा की कसम ये चाहने वाले बड़ी मुश्किल से मिलते है…

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मेरी दीवार पर ना जाने कितने कैलंडर हो गए बूढ़े….
तेरे आने का वादा कयामत से ज़रा कम है…।।

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“अंतर” मां जेने राखो, एनाथी “अंतर” क्यारेय न राखो..

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लोग पूछते है मेरी खुशियों का राज क्या  है . .

इजाज़त हो… तो तेरा नाम बता दूँ.,,♥♥

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आयेंगें हम याद तुम्हे इक बार फिर से !
जब अपने ही फैसलें तुम्हे सताने लगेंगे !

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तुम मेरी जिंदगी मे ऐसे शामिल हो..
जैसे मंदिर के दरवाजे पर बंधे हुए मन्नत के धागे….

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जो शख्स ढूंढता था कभी अपनी खुशियाँ मुझमें
उसे बड़े मनहूस से लगते हैं मेरे साये भी इन-दिनों…!!

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मेरी तन्हाई मार डालेगी दे दे कर तानें मुझको ,
एक बार आ जाओ इसे तुम खामोश कर दो…

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दिल मेरा उसने ये कहकर वापस कर दिया,

दुसरा दिजीए…ये तो टुटा हुआ है….!!.

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जिंदगी पण साली इयर फोन  जेवी छे,

गमे तेटली साचवो ने, गुचवाइ जाय छे।

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आज अजीब किस्सा देखा हमने खुदखुशी का,
एक शख्स ने ज़िन्दगी से तंग आकर महोब्बत कर ली ।

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सारा जहां मिलता है…!!

बस वो नहीं मिलता….!!
.
जिसमे जहां मिलता है…!!

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पुछो जरा पोधो से वोभी हसकर कह देंगे….

छाव बेवफा नीकली तो हमने धुप से मोहाबत करली……

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सबब रोने का अगर पूछे वो, तो फक़त इतना कह देना,,,
मुझे हँसना नहीं आता, जहाँ पर तुम नहीं होतेiiiii

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जो निखर कर बिखर जाये वो कर्तव्य है और जो बिखर कर निखर जाए वो व्यक्तित्व हैं.

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लेने दे मुझे तू अपने ख़्वाबों की तलाशी,
मेरी नींद चोरी हो गयी है, मुझे शक है तुझ पर !!!‪

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मुझे तुम अच्छे या बुरे नहीं लगते ………….
मुझे तुम सिर्फ मेरे लगते हो ….

*******

बचपन में जब चाहा हँस लेते थे, जहाँ चाहा रो सकते थे…

अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए, अश्कों को तनहाई..!!!!

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अबकी बार सुलह कर ले मुझसे ऐ दिल वादा करते हे,
फिर न देंगे तुझे किसी जालिम के हाथ में ।

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बार-बार आईने में खुद को देखकर !

क्यूँ मेरी इकलोती महोब्बत को नज़र लगाते हो

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मत पुछ मेरे इतनी जागने की वजह
ऐ चाँद…..
तेरा ही हमशक्ल है वो जो मुझे सोने नहीँ देता…..

*******

मैं फिर से, ठीक तेरे जैसे की तलाश में हूँ..
गलती कर रहा हू, लेकिन होशोहवास में हूँ !!

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नज़र को अपनी परख पे बड़ा ग़ुरूर था…
दिल में तू बस गया , दिल का क़सूर था !!

*******

करीब आओगे तो शायद हमे समझ लोगे…
ये फासले तो गलतफहमिया बढाते है..!!!

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मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से,
वर्ना शौक तो अब भी है बारिशों में भीगने का…

*******

रहेगा गीला “तक़दीर” से हमेशा
इस बात का हमे .!!

जिसको उम्र भर चाहा
उसी के लिए उम्र भर तरसे …!

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सौ बार कहा दिल से….चल भुल भी जा उसको…..

सौ बार कहा दिल ने…… तुम दिल से नही कहते..!

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ना चाहते हुए भी तेरे बारे में बात हो गई…

कल आईने में तेरे आशिक़ से मुलाक़ात हो गई..!!

*******

बहुत अमीर हो गया हूँ मैं यारो,
गम ,दर्द ,दुःख सब है मेरे पास!!

********

तुम किसी और से मालूम तो करके देखो,
हम किसी ओर के कितने है और तुम्हारे कितने!!!

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उस खुशी का…..हिसाब कैसे हो ??

तुम जो पूछ लो…कैसे हो ??

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जो मुँह तक उड़ रही थी, अब लिपटी है पाँव से,

बारिश क्या हुई मिट्टी की फितरत बदल गई……..

*******

जिंदगी..
कैसी गुज़र रही है, सभी पूछते हैं,

कैसे गुजारता हूँ, कोई पूछता नहीं..

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तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया…

ख़ुश हूँ कि कुछ न कुछ तो मेरे पास रह गया…

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ऐ दिल तड़पना बंद कर अब तू रातों को सोता क्यूँ नही.
वो भी किसी का हो गया तू भी किसी का होता क्यूँ नहीं!

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तू मेरे दिल पे हाथ रख के तो देख,
मैं तेरे हाथ पे दिल ना रख दूँ तो कहना..!!

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अपनी उदासियो में ढूंढ लेना मुझे….!!

ये मुस्कुराहटे तो दगाबाज़ है…..!!

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जिसके लफ़्ज़ों में हमे अपना अक्स मिलता है,

बड़े नसीबों से ऐसा कोई शख़्स मिलता है…

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पुछनें से पहले ही सुलझ जाती है कई सवालो की गुत्थियां
कुछ आँखे इतनी हाजिर…जवाब होती है

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ये निगाहें हैं जो तुम्हारी…
किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं…

कोई इन्हें पढ़ ले अगर इक दफ़ा…
तो शायर हो जाए…

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तू मुझसे दूरियाँ बढ़ाने का शौक पूरा कर …

मेरी भी जिद है तुझे हर दुआ में मागुँगा

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मेरा वक्त बदला है… रूतबा नहीं
तेरी किस्मत बदली है… औकात नहीं

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सांसे बस दिखाने के लिये लेता हूं

वरना जिंदगी तो मेरी तुम ही हो..

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यार सुना है इश्क से तेरी बहुत बनती है ,

एक एहसान कर,उस से मेरा कसूर तो पूछ…!

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सुनो चांद रिटायर होने वाला है,
तुम नौकरी के लिए अर्जी क्यों नहीं दे देती.

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ख़ुदा तूने तो लाखों की तकदीर संवारीहै;

मुझे दिलासा तो दे के अब मेरी बारी है.

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हर वक्त,हर रोज..तेरा ही खयाल..
ना जाने किस कर्ज की किश्त हो तुम..!!

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उदास ज़िन्दगी, उदास वक्त, उदास मौसम…

न जाने कितनी चीज़ों पे इल्ज़ाम लग जाता है एक तेरे बात न करने से….

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ये नज़र नज़र की बात है कि किसे क्या तलाश है;
तू हँसने को बेताब है….
मुझे तेरी मुस्कुराहटों की प्यास है….

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तुझे ख़्वाबों में पाकर दिल का क़रार खो ही जाता है,

मैं जितना रोकूँ ख़ुद को तुझसे प्यार हो ही जाता है..

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लोग चुराने लगे है status मेरे,
गुजारिश है गम भी चुरा लो !

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उठो तो ऐसे उठो, फक्र हो बुलंदी को भी;
झुको तो ऐसे झुको, बंदगी भी नाज़ करे

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देख ली न तुमने मेरे ऑसुओ की ताकत ll
कल रात मेरी ऑखे नम थी ll
आज तेरा सारा शहर भीगा हैं ll

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वो बचपन के दिन भी क्या खूब थे
जहाँ न दोस्त का मतलब पता था
और
न मतलब की दोस्ती….

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दर्द  हल्का  है
सांसे भारी है

जिए जाने की  रस्म  जारी है …

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हैरान हूँ तेरा इबादत में झुका सर देखकर..,
ऐसा भी क्या हुआ जो खुदा याद आ गया….

*******

अंदर से तो कब के मर चुके है हम

ए मौत तू भी आजा, लोग सबूत मांगते है..!!!!

*******

आज टूटेगा गुरूर चाँद का बस तुम देखना यारो….

आज मेने उनसे छत पर आने को कहा है ।।

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इश्क कहता है मुझे इक बार कर के देख,
तुझे मौत से न मिलवा दिया तो मेरा नाम बदल देना..

*******

इत्तेफाकन मिल जाते हो जब तुम राह में कभी….
यूँ लगता है करीब से ज़िन्दगी जा रही हो जैसे…..

*******

मशवरा चाहिए कि
दिल अकसर ग़मगीन रहता है

दिल बदल डालें
या…दिल में रहने वाले..

********

कहने को कुछ नहीं …आह भी चुप सी घुट रही है सीने में” !!

*******

किसी ने हमसे कहा
इश्क़ धीमा ज़हर है…

हमने मुस्कुराके कहा
हमें भी जल्दी नहीं है…

*******

किस किस तरह छुपाऊ में अब तुम्हे

मेरी मुस्कान में भी तुम नज़र आने लगे हो

*******

एक राज की बात बताये किसी को बताना नही
इस दुनिया मे अपने सिवा कुछ भी अपना नही होता

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जानता हूँ तुम सो गयी हो….मुझे पढ़ते हुए
मगर मैं रातभर जागूँगा…तुम्हें लिखते हुए

*******

जो मौत से ना डरता था, बच्चों से डर गया…
एक रात जब खाली हाथ मजदूर घर गया…

*******

सुबह होती नही शाम ढलती नही
न ज़ाने क्या खूबी है आप में
आप को याद किए बिना खुशी मिलती नही

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क्यू करते हो, मुझसे इतनी खामोश मोहब्बत,
लोग समझते हैं, इस बदनसीब का कोई नही..!!

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बस ये ना कहना की तुम मेरी नही हो,
बाकि हर बात तुम्हारी मंजुर है मुझको..

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आज मुस्कुराने की हिम्मत नहीं मुझ में..

आज टूट कर मुझे तेरी याद आ रही है..

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उसकों रब से इतनी बार मागा हें
की अब हम सिर्फ हाथ उठाते हें तो
सवाल फ़रिश्ते खुद ही लिख लेते हें

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लगता है मेरी नींद का किसी पराये के साथ चक्कर चल रहा है

सारी सारी रात गायब रहती है.. ।।

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झूठी तसल्लियों के सिवा कुछ ना दे सका,

वो क़िस्मत का देवता भी शायद ग़रीब था…

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बहुत खामियां निकालने लगे हो आजकल मुझमें,
आओ एक मुलाकात आइने से जरा तुम भी कर लो…!

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आँख खुली तो जाग उठी हसरतें तमाम,

उसको भी खो दिया जिसको पाया था ख्वाव में।

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किसी को नींद आती है मगर ख्वाबों से नफरत है,

किसी को ख्वाब प्यारे हैं मगर वो  सो नहीं पाता  !!

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बहुत सोचा, बहुत समझा, बहुत ही देर तक परखा;

तन्हा हो के जी लेना मोहब्बत से बेहतर है।”

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डर मुझे भी लगा फांसला देख कर,
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर.

खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई,
मेरी मंज़िल मेरा हौंसला देख कर…..!!

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सोने जा रहा हूँ तुझे ख्वाब में देखने कि हसरत ले कर,
दुआ करना कोई जगा ना दे मुजे तेरे दीदार से पहले !

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मैं आँधियों से क्यों डरूँ जब मेरे अंदर ही तूफ़ान है;
मैं मंदिर मस्जिद क्यों जाऊं जब मेरे अंदर ही भगवान है।

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छुपा लो मुजे अपनी साँसों के दरमियाँ ,

कोई पुछे तो कह देना , ” जिंन्दगी है मेरी “..!!

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उसने मुझे जी भर के चाहा होगा ।।

तभी उसका जी भर गया ।।

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ये जो तुम हालचाल पूछते हो

बड़ा मुश्किल सवाल पूछते हो:|

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मैं रूठा फिर वो रूठी…

यारो एक कहानी ऐसे टूटी…

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मैं अपनी मुहब्बत का शिकवा तुमसे कैसे कँरु..
मुहब्बत तो हमने की हैं तुम तो बेकसूर हो..

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सोच रहा हूँ ख़त लिखने की, लेकिन क्या पैग़ाम लिखूँ..
तुझ बिनकाटी रात लिखूँ..
या साथ गुज़ारी शाम लिखूँ…

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माना कि वक्त के साथ हर चीज पुरानी हो जाती है,
एक तेरी यादें हैं कि हर रोज नई होकर आती है…!!!

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जब वो मुहँ मे क्लिप दबा कर,अपने खुले बालो को समेटती हे ।

खुदा कसम ज़िन्दगी रुक सी जाती हे।

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मेरे दोस्तों ने पूँछा कैसी दिखती है वो ।।।

मैने हँसकर कहाँ  अंदाजा लगा लो दोस्तों
वो आईना नही आईना उसे देखता है ।।

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” जो दुःख दे उसे बेशक छोड़ दो, मगर….
जिसे छोड़ दो उसे कभी भी दुःख न दो !!”

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हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की, और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की,

शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है, क्या ज़रूरत थी, तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की !!

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ये सोचकर गरीब ने रोजा नही रखा,

शाम को क्या खाकर आजाद होंगे?

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हर इक शख्स यहां शिव है
सब के गले मे भात भात के विष है….!!

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आता है रमजान तूम्हारी यादो का

मेरी आंखें निदं के रोजे रख लेती है …

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कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना,
मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी…

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बड़ी बरकत है तेरे इश्क़ में…

जब से हुआ है,
कोई दूसरा दर्द ही नहीं होता।

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हमारी खूबियाँ देखकर तो हमसे कोई भी प्यार कर ले,,
सच्चा हमदर्द तो वही है जो हमारी खामियाँ जानते हुए भी हमारा साथ दे ।

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एक वो ही तो है ज़िन्दगी में मेरी
वरना अज़नबियों से घिरा रहता हूँ मैं …!!

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उलझनें क्या बताऊं ज़िंदगी की…..
उसी के गले लगकर उसी की शिकायत करनी है….

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सुनो… यूँ “चुप” से न रहा करो,

यूँ “खामोश” से जो हो जाते हो,

तो दिल को “वहम” सा हो जाता है,

कहीं “खफा” तो नही हो..??
कहीं “उदास” तो नही हो…??

तुम “बोलते” अच्छे लगते हो

तुम “लड़ते” अच्छे लगते हो

कभी “शरारत” से, कभी “गुस्से” से,

तुम “हँसते” अच्छे लगते हो,

सुनो… यूँ “चुप” से ना रहा करो।….

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कभी फुर्सत में बैठकर सोचना तुम,
एक ‘लापरवाह लड़का’ क्यों तेरी परवाह करता
था?

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एक सफ़र हमने ज़िंदगी का ऐसा भी किया

पांव की जगह दिल को ही दुखा दिया….

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“हो जा मेरी कि इतनी मोहब्बत दूंगा तूझे,,,,,
लोग हसरत करेंगे, तेरे
जैसा नसीब पाने के लिए”

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एक तो सुकुन और एक तुम..

कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही….?

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वो कहानी थी, चलती
रही,
मै किस्सा था, खत्म हुआ..!!

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पसीना पोंछने की भी जिन्हें मोहलत नहीं मिलती ,,
उन्ही के पेट को रोटी और सरों को छत नहीं मिलती…!!

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अमीर के घर का कौआ
सबको मोर लगता है,
गरीब जब भूखा होता है,
तो सबको चोर लगता है…!

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लिखते है सदा उन्ही के लिए,
जिन्होने हमे कभी पढा नही…!!

*******

क्या कहूँ कितना मुश्किल है…!!!
अपनों में से …….अपनों को ढूँढना…!!

*******

हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना,

पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ……!!!!

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हर चीज़ ले लेते हैं वो दिल पर…
बस हमें छोड़ कर…!!

*******

“मेरी लिखी किताब, मेरे ही हाथो मे देकर वो कहने लगी,

इसे पढा करो, मोहब्बत सीख जाओगे…!

*******

तेरी आँखों के लिये बस इतनी सज़ा ही काफी है,
तू आज रात ख्वाबों में मुझे रोते हुए देखे !

*******

होठों से लगाकर पी जाऊ तुम्हे.,.,
सर से पाँव तक शराब जैसी हो तुम.,.,.,!!!

*******

ऐ दिल तू यूं हंसने का नाटक ना कर
.
उसे तो तेरा रोना भी नाटक लगता है…

*******

सोचा कैद ही कर लूँ,  उसे मेरे दिल में।

फिर सोचा,  कैद में खुश कौन रहता है।

*******

खुदा जाने कौन सा गुनाह कर बैठे हैं हम,,,

कि तमन्नाओं  वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं..

*******

उसने हाथो पर टेडी मेडी लकीर क्या खीच दी,

हर कोई मुझे मेरा मुकद्दर समझाने आ गया…

*******

किसी गरीब की झोली मे सिक्का डाल कर देखो।

तब पता चलेगा महंगाई के इस दौर मे दुआऐं कितनी सस्ती हैं।

*******

उसके हाथ मेँ थे, मेरे खत के हज़ार टुकङे….!!

मेरे एक सवाल का वो कितने जवाब लाई थी….!!

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ऐसा लगता है कुछ होने जा रहा है , कोई मीठे सपनों में खोने जा रहा है,

धीमी कर दे तेरी रौशनी ऐ चाँद , मेरा कोई अपना सोने जा रहा है .

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ऐसा करो ‘बिछड़ना है तो रूह से निकल जाओ’
रही बात दिल की ….उसे हम देख लेंगे…!!!

*******

मौत की हिम्मत कहां थी मुझसे टकराने की

कमबख्त ने मोहब्बत को मेरी सुपारी दे डाली…

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हर जगह जाए सब एक ही सवाल करते हे कोन हे वो इतनी खुश नसीब जो हर शायरी में सिर्फ उसका ही जिक्र होता है………

*******

काश  मोहब्बत भी मौत की तरह होती ,
सबको एक बार मिलती तो सही …..

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ऎक पुत्र ने दो खूबसुरत पंक्तियां लिखी की
पिता की मौजदगी सूरज की तरह होती है,
सूरज गरम जरुर होता है अगर न हो तो अँधेरा छा जाता है|

*******

रिश्ते मौके के नहीं,

भरोसे के मोहताज होते है..

*******

लोग तो खुद के लिए अपना प्यार बदल देते हैं पर मैं अपने प्यार के लिए खुद को बदल दूंगा ।

*******

इंतज़ार करना बंद करो. क्योंकि सही समय कभी नहीं आता..

*******

मेरी जिन्दगी का सबसे ‘हसीन’ पल भी तुम हो और ‘गमगीन’ पल भी तुम हो.
.
क्युंकि.
.
तुम्हे ‘चाह’ तो सकता हूं पर ‘पा’ नहीं सकता..❕

*******

हजार लोग, हजार बाते..
सवाल एक.. जवाब “तुम”..

*******

ज़िन्दगी बदलने के लिए लड़ना पड़ता है और आसान करने के लिए समझना पड़ता है….!!

*******

तू अपनी चेहरे की सिलवटों की परवाह न कर!!
हम अपनी शायरी में लिखेंगे हमेशा जवां तुझको…!!

*******

लेने दे मुझे, तू अपने ख़्वाबों की तलाशी..
मेरी नींद चोरी हो गयी है, मुझे शक है तुझ पर…!!

*******

सच्चे दोस्त हमे कभी गिरने नहीं देते,
ना किसी कि नजरों मे
ना किसी के कदमों मे.!!

*******

मत पूछो यारो ये इश्क कैसा होता है …..

बस जो रुलाता है ना…….
उसे ही गले लगाकर रोने को जी चाहता है……

*******

मुझे कुछ भी नहीं कहना बस इतनी गुजारिश है….
बस उतनी बार मिल जाओ तुम जितना याद आते हो…

*******

धड़कने दिलो की कभी बंद नहीं होगी।
बस तुम इस दिल से निकलकर कही मत जाना…

*******

सूना है आज वो छत पर सोने जा रही है,
खुदा खैर कर उन सितारो की….कही उसे चाँद समझ कर जमीं पर ना उतर आये।

*******

मैं अपनी मुहब्बत का शिकवा तुमसे कैसे कँरु,

मुहब्बत तो हमने की हैं तुम तो बेकसूर हो….

*******

सारा जहाँ और सारी दुनियाँ घूम कर आना,

तुम्हें अपने सिवा कोई अपना मिले तो मुझे बताना…..

*******

यू खाली पलकें झुका देने से नींद नहीं आती,

सोते वही लोग है, जिनके पास किसी की याद नहीं होती….

*******

आ लिख दूँ कुछ तेरे बारे में, मुझे पता है कि…

तूम रोज़ ढूँढ़ती हो खुद को मेरे अल्फाज़ों में…….

*******

ज़िन्दगी इतनी भी मज़बूर नहीं ए दोस्त।
ज़िगर से जियो तो मौत भी जीने की अदा बन जाती है॥

*******

बिक जाएँ बाज़ार में हम भी लेकिन उससे क्या होगा..

जिस कीमत पर तुम मिलते हो
.
उतने कहाँ है दाम अपने..………

*******

खुदकी….photo…निकालनेमें.. जरा-सा ..भी ..वक्त नही लगता.. पर..खुदकी…image ..बनानेमें… बहोत समय लग जाता है..

*******

मोहब्बत जीत जाएगी अगर तुम मान जाओ तो..

मेरे दिल मैं तुम ही तुम हो अगर तुम जान जाओ तो..

*******

याद किया करो जनाब…
वरना याद किया करोगे…

*******

बस यही सोच कर हर तपिश में जलते आये हैं,
धूप कितनी भी तेज़ हो समंदर सुखा नहीं करते..!

*******

मैं आईना हूँ टूटना मेरी फितरत है, इसलिए पत्थरों से मुझे कोई गिला नहीं।

*******

रास्ते इतनी दूर हमें ले आये हैं.!
भूल गए क्यों निकले थे अपने घर से.

*******

कभी जिन्दगी का ये हुनर भी आजमाना चाहिए,
जब अपनों से जंग हो, तो हार जाना चाहिए….

*******

लोट आया हु फिर से इस महफिल मै अंदाज वही बस अल्फाज नये है||||

*******

अजीब दस्तूर है इस मोहब्बत का…

जिन्हें मिली उन्हें क़दर नही……
हमें क़दर थी हमें मिली नही…

*******

कुंडली में “शनि” दिमाग में “मनी” और जीवन में “दुश्मनी” तीनो हानिकारक होते हे !!

*******

अपनी कमजोरी को कभी दुनिया के सामने मत लाओ,
लोग कटी पतंग को बडी जमकर लूटते हैं…

*******

गुमान न कर अपनी खुश नसीबी का,
खुदा ने चाहा तो इश्क़ तुजे भी होगा !

*******

काश आंसुओं के साथ यादे भीं बह सकती,
तो एक दिन तस्सल्ली से बैठ कर रो लेते …

*******

सोचता हूँ टूटा ही रहने दूँ इस दिल को..

शायरी भी हो जाती है और जीत भी लेता हूँ कई दिलों को..!

*******

यही हुआ कि हवाएँ ले गयी उड़ा के मुझे,
तुझको क्या मिला ख़ाक में मिला के मुझे…!

*******

मेरा एक हाथ पूरी दुनिया से लडने के लीये काफी है..
एकबार तू दूसरा थामकर तो देख…

*******

जिंदगी में जादू बहुत देखे,

पर विश्वास बीमार होने पर ‪‎माँ‬ के नजर उतारने वाले जादु पर सबसे ज्यादा हुआ..

*******

” हम मेहमान नहीं…रौनक-ऐ-महफ़िल हैं,
मुद्दतों याद रखोगे के जिंदगी में कोई आया था.!!

*******

इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे,…
इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे..

*******

अभी शीशा हूँ सबकी आँखों में चुभता हूँ,
जब आईना बनूँगा सारा जहाँ देखेगा..

*******

बहोत रोका इस दिल को__! लेकिन, कहाँ तक रोकता__!!
मोहब्बत बढ़ती ही गई__तेरे नखरों
की तरह__!!

*******

वो कीस्सा तेरी अदा का मुजसे भुलाया ना गया,
मेरे ही दील में महेफिल ! और मुजे ही बुलाया ना गया…!!!

*******

आँख बंद करके चलाना खंजर मुझ पे,
कही मैं मुस्कुराया तो तुम पहले मर जाओगे….!!

*******

अजीब लोगों का बसेरा है तेरे शहर में,

ग़ुरूर में मिट जाते हैं मगर याद नहीं करते..!

*******

हमने भी मुआवज़े की अर्जी डाली है साहिब..!!
उनकी यादों की बारिश ने खूब तबाह किया है भीतर तक ..!!

*******

बीवी भी हक़ जताती है, माँ भी।
शादी क्या हुई हम तो कश्मीर हो गए।

*******

सभी को छोड़ के खुद पर भरोसा कर लिया मैंने,
वो मैं, जो मुझमें मरने को था, जिन्दा कर लिया मैंने !

*******

मेरी तमन्ना न थी तेरे बगैर रहने की ….
लेकिन
मज़बूर को ,मज़बूर की ,मजबूरिया.. मज़बूर कर देती है ..!!!!

*******

कुछ चीजें होती है इतनी बे मतलब

जैसे… तेरे बिना……… ये सुबह..!!

*******

नाजाने कहा गुजरता है अब वक्त उनका,

जिनके लिये कभी हम वक्त से भी ज्यादा कीमती थे…

*******

ज्यादा कुछ नहीं बदला उनके और मेरे बीच में….!!
पहले नफरत नहीं थी अब मोहब्बत नहीं हैं….!!

*******

रिश्ते हमेशा “हम” ही होते हैं,

“मैं” कभी रिश्तों में नहीं आता..!

*******

हर एक फिक्र मेरी जहाँ से हट जाती है,

हँस कर बेटी मेरी जब मुझसे लिपट जाती है ।

*******

सहमी सी बची हुई तनख्वाह …
रोज़ पूछती है , आज तारीख क्या है … ?

*******

मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो,
मेरी तरह तुम भी झूठे हो…..

*******

तज़ुर्बा मेरा लिखने का बस इतना सा है !!
मैं सुनता हूँ वाह वाह अपनी ही तबाही पर..

*******

तुम जैसा मुझे कौन,कब,कहाँ और कैसे मिलेगा सोचो बताओ…..वरना मेरे हो जाओ….

*******

लड़कियों को खुश करने में दस ड्रामे होते हैं,
लड़कों का क्या, लड़की देखते ही खुश हो जाते हैं..

*******

“दरवाज़े बड़े करवा लिए हैं अब हमने भी अपने आशियाने के…

क्योंकि कुछ दोस्तों का कद बड़ा हो गया है चार पैसे कमाकर..!!”

*******

बहुत कुछ लिखने को मन करता है,
पर डरते है कही हमारा यार खफा ना हो जाये..

*******

इज़ाज़त हो तो मांग लूँ तुम्हें…
सुना हैं तक़दीर लिखी जा रही हैं…

*******

रूठा हूँ मैं, मुझको आकर मनाओ,

निगाहों का तेरी, हुनर देखना है..!

*******

मरहम नहीं तो.. हमारे ज़ख़्मों पर, नमक ही लगा दो,

हम तो.. तेरे छू लेने से ही,ठीक हो जायेंगे…

*******

तू मुझमेँ पहले भी थी तू मुझमें अब भी है,
पहले मेरे लफ़्ज़ों में थी..अब मेरी खामोशियों में है…!!

*******

जिस घाव से खून नहीं निकलता,समज लेना
वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है…

*******

यही बहोत है कि बैठे है सर झुकाये हुए,
मुझे उजाड़ करके वो शख्स शर्म सार तो है।

*******

गलती एक बार होती है ………
जो दोहरायी जाय …………
वो गलती नहीं “मरज़ी” होती है ……!!!

*******

इतना शौक मत रखो इन इश्क की गलियों में जाने का..
क़सम से रास्ता जाने का है आने का नही..!!

*******

झूठ बोलते है वो जो कहते हैं “हम सब मिट्टी से बने हैं,
मैं एक शख़्स से वाक़िफ़ हूँ जो पत्थर
का बना है..!

*******

एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम
और
आज कई बार
बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है…

*******

मुझ से हर बार नज़रें चुरा लेती है वो ,
मैंने कागज़ पर भी बना के
देखी हैं आँखें उसकी”

*******

साथ भी जिया जा सकता था,पर नही , यादों का लिबास ओढे …तुम वहां मुस्कुराते रहे …और हम यहां ।

*******

अगर रुक जाए मेरी धड़कन तो मौत न समझना…..
कई बार ऐसा हुआ है तुझे याद करते करते …!!

*******

मीठी यादो के साथ गिर रहा था …
पता नहीं क्यों.. फिर भी मेरा वह आंसू खारा था !

*******

मंजिल का नाराज होना भी जायज था…,
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे…!

*******

ना प्यार करती ना इकरार करती हो,
तो फ़िर क्यू मेरे सपने में आकर वार-वार परेशान करती हों.

*******

सजा देनी तो मुझे भी आती है..पर..तुम तकलीफ से गुजरो
ये मुझे गवारा नहीं,,,…

*******

” तुम्हारा हर अंदाज अच्छा है ,
सिवाय नजर अंदाज करने के ”

*******

आदत नहीं हमे पीठ-पीछे वार करने की दो शब्द कम बोलते हैं ,पर सामने बोलते हैं…….

*******

राज़ ज़ाहिर ना होने दो, तो एक बात कहूँ,,

.

.

.

मैं धीरे- धीरे तेरे बिन मर जाऊँगा…!!

*******

ज़िंदगी मे यू तुम खास ना होते तो,
आज तुम्हारे बिना हम युं उदास ना होते….

*******

आशिक था एक मेरे अंदर, कुछ साल पहले गुज़र गया..!!

अब कोई शायर सा है, अजीब अजीब सी बातें करता है,…

*******

मुझे जिंदगी का तजूर्बा तो नहीं पर इतना मालूम है,

छोटा इंसान बडे मौके पर काम आ सकता है।

*******

समझ नही आता वफा करें तो भी किससे करे,
मिट्टी सें बने लोग यहाँ कागज के टुकड़ो पे बिक जाते है !

*******

तुमने भी हमें बस एक दिए की तरह समझा था,
रात गहरी हुई तो जला दिया सुबह हुई तो बुझा दिया !!

*******

सुनो!! तुम एक बार पुछ लो कि ‘कैसा हुँ’….
घर मेँ पङी सारी दवाईयाँ ना फेँक दुँ तो कहना. ‌

*******

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है,
आखरी सास तक तेरा इंतजार करू !

*******

बचपन भी कमाल का था।
खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर,
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी।

*******

तुम्हें देखकर किसी को भी यकीन नही…
कि मेरे दिल का ये हाल तुमने ही किया है…

*******

शुबह हुई कि छेडने लगा है सूरज मुझको ।
कहता है बडा नाज़ था अपने चाँद पर अब बोलो ।।

*******

बस इतना सा असर होगा~हमारी यादों का
कि कभी कभी तुम~बिना बात मुसकुराओगे।

*******

सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब…
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर…

*******

ना मेरा दिल बुरा था ना उसमे कोई बुराई थी;
सब मुक़द्दर का खेल है बस किस्मत में जुदाई थी.

*******

जो बुझ गए वो दिए थे,
हमारे अंदर की आग नहीं…!!

*******

कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ.

माँ कहती है, घर की जिम्मेदारी है तुझ पर .

*******

हम तेरे लिये ही अपने मुकदर से रोज लडते रहे,
पर क्या करे तू ही थी जिसे मेरी जीत मंजूर नही थी…

*******

किसी की आदत देखनी हो तो
उसे इज्जत दो..

किसी की फितरत देखनी हो तो
उसे आजादी दो..

किसी की नीयत देखनी हो तो
उसे कर्ज दो..

किसी के गुण देखने हो तो
उस के साथ खाना खाओ..

किसी का सब्र देखना हो तो
उसे हिदायत दे कर देख लो..

किसी की अच्छाई देखनी हो तो
उस से मशवरा ले लो..!!!

*******

बे-बस कर दिया तू ने..!!!

अपने बस में करके ..!!!!

*******

हम नींद के शौक़ीन ज्यादा तो नहीं लेकिन,
तेरे ख्वाब न देखूं तो गुज़ारा नहीं होता…

*******

हर बार मुकद्दर को कुसुरवार कहना अच्छी बात नही,
कभी कभी हम उन्हें भी मांग लेते है जो किसी और के होते है…!

*******

ये उड़ती ज़ुल्फें, ये बिखरी मुस्कान।
एक अदा से संभलूँ, ,

तो दूसरी होश उड़ा देती है।,,,,

*******

कमाल का हुनर है उनके ..के पास…
वफ़ा निभाई नहीं गयी फिर भी शायरी में उन्ही का जिक्र होता है…

*******

क्या खूब ही होता अगर दुख रेत के होते,

मुठ्ठी से गिरा देते, पैरो से उडा देते!!!!

*******

कौन कहता है के वो मुझसे बिछड़कर खुश है,

उसके सामने मेरा नाम तो लेकर देखो.

*******

अगर इश्क़ हुआ दुबारा तो भी तुझसे
ही होगा….
मेरे नादान दिल को तुझ पर इतना
भरोसा है..!!

*******

“मैंने तो हमेशा ही तुझसे महोब्बत की है,
तेरे ना मानने से हकीक़त नहीं बदलेगी…!”

*******

आदत बना ली मैंने खुद को तकलीफ देने की , ताकि
जब कोई अपना तकलीफ दे तो ज्यादा तकलीफ ना हो !!

*******

“इंसान” एक दुकान है, और “जुबान”उसका ताला…!!
जब ताला खुलता है, तभी मालुम पड़ता है…
कि दूकान ‘सोने’ कि है, या ‘कोयले’ की…!!

*******

आंसू की बुँदे हैं या आँखों में नमी हैं !
न ऊपर आसमान हैं न निचे जमीन हैं !!
ये कैसा मोड़ हैं जिंदगी का…..
आपकी ही जरुरत हैं और आपकी ही कमी हैं…!

*******

अभी शीशा हूँ, सबकी आँखों में चुभता हूं,
जब आईना बनूँगा, सारा जहाँ देखेगा…!!

*******

तुम मेरी ज़िंदगी में शामिल हो ऐसे,

मंदिर के दरवाज़े पर मन्नत के धागे हों जैसे!

*******

एक सिगरेट की तरह मिली थी तू हमे ‘
कस एक पल का लगाया था और लत ‘ जिंदगी ‘
भर की लग गयी

*******

मैंने उसे बोला ये आसमान कितना बड़ा है ना
पगली ने गले लगाया और बोली इससे बड़ा तो नहीं है ना….

*******

टूट रहे हैं दिल हर जगह..
न जाने इश्क़ कहाँ है?

*******

लिख दे मेरा अगला जन्म उसके नाम पर ऐ खुदा,

इस जन्म में ईश्क थोडा कम पड गया है…!!!

*******

रोज़ जले फ़िर भी ना ख़ाक हुए,..

अजीब है ये इश्क़ बुझ कर भी ना राख हुए…

*******

दिखावे की मोहब्बत तो जमाने को हैं हमसे ,,,,,

पर ये दिल तो वहाँ बिकेगा जहाँ ज़ज्बातो की कदर होगी !!

*******

चाहे कितनी भी तकलीफ दे इश्क़……!

पर सुकून भी इश्क़ से ही होता है…..

*******

मिलावट है तेरे इश्क में कुछ “इत्र” और “शराब” की………

तभी तो कुछ महकता हूँ मै, कुछ बहकता हूँ मै…..!

*******

ना रोक कलम, मुझे दर्द लिखने दे,…

आज तो दर्द रोयेगा, या फिर,दर्द देने वाला….

*******

तुम नफरतो के धरने पर कयामत तक बैठो

मै अपने प्यार से इस्तीफा कभी नही दूंगा.!!!

*******

अश्क़ भी अब आते नहीं आँखों से..

वो कंधा ही न रहा जिसकी इन्हें आदत थी…

*******

याद आते हैं तो रूला देते हैं
अच्छे
लोगों की यही बात बुरी होती है!!!

*******

मुझे कुछ अफ़सोस नहीं के मेरे पास सब कुछ होना चाहिए था।
मै उस वक़्त भी मुस्कुराता था जब मुझे रोना चाहिए था।.

*******

शायरी से ज्यादा शुकुन मुझे कहीं नही मिला..
ये सिर्फ वही बोलती है, जो मेरा दिल कहता है..

*******

कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने,

मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये…!!!

*******

सुना है देर रात तक जागते हो आप लोग,
यादो के मारे हो या मेरी तरह इश्क मे हारे हो ??

*******

चांद को हमने कभी ग़ौर से देखा ही नहीं
उससे कहिये के कभी दिन के उजाले में मिले

*******

दोस्तों बडी अजीब है ये मोहब्बत वरना;
अभी मेरीउम्र ही क्या है जो शायरी करनी पड़ी..

*******

ये बात पता करने में तो
गुगल भी नाकाम रहा है ।
कि कहां रहते हैं वो लोग,
जो कहीं के नहि रहते ।।

*******

आज सुबह का सूरज बिलकुल आप जैसा निकला है ,
वही खूबसूरती ,
वही नूर ,
वही गुरूर ,
वही सुरूर ,
और वही आपकी तरह हमसे बहुत दूर .

*******

कहने लगी है अब तो, मेरी तन्हाई भी मुझसे…
मुझसे ही कर लो मोहब्बत, मैं तो बेवफा भी नही…

*******

धड़कनें गूँजती है सीने में,

इतने सुनसान हो गए हैं हम..

*******

मुझे मेरे मॉ-बाप ने एक ही बात सिखाई है….
बेटा कोई हाथ से छीन के लेकर जा सकता है पर नसीब से नही ..

*******

आंखे भी संभाल कर बंद करना ऐ दोस्तो,
पलको के बीच भी, सपने टूट जाया करते है…!

*******

परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो,
चलूँगा उसी राह पर जो सीधी और साफ हो…!

*******

आपकी कीमत तब तक है..!
जब तक आपके पास ऐसा कुछ है..!
जो पैसों से ना खरीदा जा सके..!!

*******

थक गया हूँ, दिल का सुकून ढूँढ़ते ढूंढते,
बस खत्म कर अब ये खेल जिन्दगी..

*******

रंग तेरी यादो का ना उतरा अब तक,
लाख बार खुद को आँसुओ से धोया हमने…

*******

तेरे बाद हमने दिल का दरवाजा खोला ही नही..

वरना बहुत से चाँद आए इस घर को सजाने के लिए..

*******

सपनों में भी मुठ्ठी बंद रखता हूँ…!

कहीं तेरा हाथ न छूटे हाथों से….!!

*******

ऐ मेरे दिल से खेलने वाले याद रख..

खेल के भी कुछ उसूल हुआ करते हैं..

*******

“क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में. दोस्तों.

वो लोग ही बिछड़ गए. ‘जो जिंदगी हुआ करते थे !!

*******

दोस्तों में छिपे होंगे वो भेड़िये पहचानें कैसे..
अपने हैं जो उनपर शक करें भी तो कैसे..

*******

लाश पता नही किस बदकिस्मत की थी,मगर

क़ातिल के पैरो के निशान बड़े हसीन थे !!!

*******

सबक तो तूने बहुत सिखाये
ए जिंदगी

मगर शुक्रिया तेरा
किसी का दिल तोड़ना नही सिखाया…

*******

ना जाने कितनी अनकही बातें साथ ले गया वो,
और लोग झूठ बोलते रहे कि…खाली हाथ गया है ।

*******

आ भी जाओ कि जिंदगी कम है

तुम नहीं हो तो हर खुशी कम है …

*******

तुम हो मेरे प्यार की भाषा,
हररोज लिखिता हु मे तुम्हें जरा जरासा.

*******

“शाम खाली है जाम खाली है,ज़िन्दगी यूँ गुज़रने वाली है,

सब लूट लिया तुमने जानेजाँ मेरा,मैने तन्हाई मगर बचा ली है”

*******

दिल तो दोनों का टूटा हैं ..

वरना चाँद में दाग और सूरज में आग ना होती…

*******

दिल में रहने की इजाजत नहीं मांगी जाती….

ये तो वो जगह है जहाँ कब्ज़ा किया जाता है…..!!!!!

*******

जिन्दगी की दौड़ में..तजुर्बा कच्चा ही रह गया..

हम सिख न पाये ‘फरेब’ और दिल बच्चा ही रह गया..

*******

मरने के नाम से जो रखते थे होठों पे उंगलियां..
अफसोस वही लोग मेरे दिल के कातिल निकले..

*******

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#+919558767835

 
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Posted by on ઓક્ટોબર 16, 2015 in અંગત, Shayri

 

ટૅગ્સ:

કળિયુગ ઝંખે ગાંધી આવે, પાછી એવી આંધી આવે.


મોહનદાસ કરમચંદ ગાંધી (ગાંધી બાપુ) ના જન્મ દીવસે શબ્દ ઉજવણી “કવિ સેના” ગૃપ ના નાના મોટા કવિઓ દ્વારા


હવે અવતરશો તમે કોઇ ગોડસે ના ઘરમાં,
આ દેશ પ્લાસ્ટિકના ગાંધીઓથી ખીચોખીચ છે..
– પ્રવિણ જાદવ

અમે તો બાપુની વિધાપીઠમા વસનારા
એના વિચારોને જીવનમા પાડનારા
પછી તે પહેરવેશ હોય કે વાણી હોય
અમારા પહેરવેશમા ખાદી
વાણીમા ગાંધી વિચાર
-નિરાલી સોની

અપનાવી અહિંસા કેરી કેડી
જીતી સાબરમતી થી દાંડી
હાંક્યા વિદેશીને દેશી હઠેથી
વીર છો ખરા, નમન હ્રદય થી..
– હિનલ મેહતા

રોજ રાખી હાથ માં તે ફેરવે છે,
તોય ‘ગાંધી ‘ યાદ તારી કેમ નથી..
– અલગોતર રતન

હતા એ મોહનના દાસ કરમ કર્યા જેણે ચંદ,
મુક્તિ અપાવી ભારતને બન્યા સાબરમતીના સંત…
– વૈભવસિંહ મોરી

અહિ ગાંધીજી ની કયા ખોટ છે,દરેક માણસ મા ગાંધીજી છે,પણ માણસ પોતાના મા નહી બીજામાં ગાંધીજી શોધે છે..
– જયદીપ દવે

અંગ્રેજો ના રાજમાં લાવી હતી જેમણે આંધી,
હતા એવા આપણા લોક લાડીલા અડગ ગાંધી..
– ૐશાંતિ

જેને જીંદગી આખી  અહીંસા નો પાઠ ભણાવ્યો,
એની ફોટો વાળી નોટ માટે લોકો હીંસા કરે છે..
– મુરાદ

ખોટી સાચી વાતો કરે છે,
જંગ જીતવા કેમ કહે છે,
તીલક કરી ગાંધીજી ને મોટી મોટી સભા ભરે છે
– હર્શીદા ત્રીવેદી

માતૃ પ્રેમ દેશ માટે બતાવી ગયાં,
એટલે તો લાકડી ધારી મહાત્મા થયાં..
– આશ્કા પંડ્યા

ખોવાઈ ગઈ છે,એ અહિંસક વિચારો ની આંધી
હવે માત્ર નોંટો માં જ રહ્યાં છે,ગાંધી..
– વિપુલ બોરીસા

એક બાપુ ગાંધીજી બીજો મે’તો નરસિંહ,
બેય થયા વૈષ્ણવ પરાઇ પીડ કાજે..
– “ઝંખના”

એજ દેશ એજ સર્વસ્વ દેશ ભક્તિ છે,
જાગૃત કરવા શોધો ક્યાં કોઇ ગાંધી છે..
– કિરણ ચૌહાણ

દેશ આજાદ કરાવી ક્યાં ગયાં,
મળ્યા નહી પણ દીલમા રહ્યાં..
– ભરત વસાણી

કળિયુગ ઝંખે ગાંધી આવે,
પાછી  એવી  આંધી આવે
– મેહુલ ગઢવી

અંધારામાં   બળતું   ફાનસ ગાંધી  એનું  નામ,
સતને કાયમ શ્વસતો માણસ ગાંધી એનું નામ.
– જીગર ફરાદીવાલા

દેશ માટે સઘળુય દીધુ લાંઘી,
અમર રહેશે મહાઆત્મા ગાંધી..
– ચિરાગ ભટ્ટ

બાપુ ની ખ્યાતિ અમર રહે એવી પ્રાથના સદા ‘કવિ સેનાની’

#कवि सेना
#KaviSena
#Gandhi
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Posted by on ઓક્ટોબર 2, 2015 in Shayri

 

ટૅગ્સ:

Shayri Part 32


यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर ,
तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये..

*******

इतना भी हमसे नाराज़ मत हुआ करो,
बदकिस्मत ज़रूर हैं हम मगर बेवफा नहीं।

*******

तुम पुछो और मैं ना बताऊँ, अभी ऐसे हालात नहीं……
बस एक छोटा सा दिल टुटा है,और कोई बात नहीं ……….!!

*******

तुम आए थे, पता लगा…सुन कर, अच्छा भी लगा…पर गेरों से पता चला,बेहद बुरा लगा….!!

*******

सीख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर के रिवाज,

जिससे मतलब निकल जाए उसे जिंदगी से निकाल देना…

*******

कभी जिन्दगी का ये हुनर भी आजमाना चाहिए,
जब अपनों से जंग हो, तो हार जाना चाहिए

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“यकीनन” मुझे आज भी इश्क है तुमसे।
बस अब बयाँ करने की आदत नही रही।

*******

हमारा दिल बहुत ज़ख़्मी है लेकिन…!
मुहब्बत सर उठा के जी रही है…!!

*******

कहीं पर भी होती अगर एक मंज़िल,
तो गर्दिश में कोई सितारा न होता !
ये सारे का सारा जहां अपना होता,
अगर यह हमारा तुम्हारा न होता..!

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झूझती रही ..
बिखरती रही …
टूटती रही …
कुछ इस तरह ज़िन्दगी …… निखरती रही !

*******

कभी आवाज में कशिश थी कभी नजरो में नशा था,
फिर जो तेरा असर होने लगा होश मै खोने लगा ..

*******

तू सब्र देख,
मैं सितम देखता हूँ..!!

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ये जो हर मोड़ पे आ मिलती है मुझसे,
ये बदनसीबी मेरी दीवानी तो नही ?

*******

जिन्हें गुस्सा आता है वो लोग सच्चे होते हैं ,
मैंने झूठों को अक्सर मुस्कुराते हुए देखा है …… !!!

*******

दोनों ही बातों से तेरी, एतराज है मुझको,
क्यूँ तू जिंदगी में आई,और क्यूँ चली गई…

*******

जीने के आरजू में मरे जा रहे है लोग,
मरने के आरजू में जिया जा रहा हु में.

*******

छे तेने सुख नथी…
नथी तेने दुःख नथी…

*******

लिखने चले थे कुछ ख्याल,,,

जाने कब वो शायरी बन गई…

*******

तुम तो मुझे रुलाकर दूर चले गये..
मै किससे पूछूँ मेरी खता क्या है..

*******

मर रहे है पल-पल तेरी यादों में,
दम नहीं था सनम तेरे वादों में.

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तुम्हें नींद नहीं आती तो कोई और वजह होगी..
अब हर ऐब के लिए कसूरवार इश्क तो नहीं..!!

*******

रात की सीढ़ी पर चढ़कर. ..
आसमां से कुछ सपने उतारने हैं….

*******

रुका हुआ है वो रास्ता आज भी वहाँ… ।
ठहरे थे साथ तुम्हारे हम, एक पल जहाँ ।।

*******

“क्या क्या नहीं बदला तेरे जाने से…बस एक मेरे सिवा!!”

*******

मेरी फितरत में खामोशी नहीं है…
मैं एक हंगामा हूँ, जो बोल पड़ता है…

*******

“बहुत दिन हुए तुमने, बदली नहीं तस्वीर अपनी!
मैंने तो सुना था, चाँद रोज़ बदलता हैं चेहरा अपना!!”

*******

मेरी तमन्ना न थी तेरे बगैर रहने की …. लेकिन
मज़बूर को ,मज़बूर की ,मजबूरिया.. मज़बूर कर देती है ..!!!!

*******

सिर्फ इतना सा बता दो हमें,
के किस तरह से पा लें तुम्हें..!

*******

सिलसिले यूँ ही ग़ुस्से में तोड़े नहीं जाते..
दिल की गहराईयों में हो तुम.. तुम ये बात अब मान क्युँ नहीं जाते.. !!

*******

सिर्फ तेरा नाम लेकर रह गई,
आज मैं जाने-अनजाने बहोत कुछ कह गई !

*******

अच्छा हुआ के उसने ही तोडा रिश्ता,
मेरे अंदर तो ऐसा होंसला नहीं था…

*******

बहोत कहा तुमने
बहोत सुना हमने
बहोत समझाया भी
पर न माने तुम..
चलो अब ख़त्म हुआ सब कुछ
लो हो जाओ ख़ुश अब “तुम” !!

*******

सौदेबाजी का हुनर कोई उनसे सीखे,

गालों का तिल दिखा कर ,सीने का दिल ले गयी ….

*******

सफ़र में मुश्किलें आयें, तो जुर्रत और बढती है ,

कोई जब रास्ता रोके , तो हिम्मत और बढती है….

*******

जिस जिस को मिली खबर सबने एक ही सवाल किया मुझसे,

तुमने क्यों की मुहब्बत तुम तो समझदार थे…!!

*******

एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये,
मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गये..!!!”

*******

बस इतना सा असर होगा हमारी यादों
का….
कि कभी कभी तुम बिना बात मुस्कुराओगे…

*******

” माना कि इस दुनिया में हर शख्स ठोकरों से पला है,
दिमाग वालों की दुनिया में दिल ढूँढना भी एक कला है.!!

*******

ख्वाब आँखों से गए
और नींद रातों से गयी…
वो जिंदगी से गए और
जिंदगी हाथों से गयी..!!

*******

कशमकश जिंदगी की एक तरफ,
मेरा ऐतबार और तेरी मोहब्बत एक तरफ…

*******

तू मुझ में पहले भी थी,
तू मुझ में अब भी है…
पहले मेरे लफ़्जों में थी,
अब मेरी खामोशियों में है..

*******

तुम्हारे बगैर ये वक़्त, ये दिन और ये रात….!!
जान मेरी….!!
गुजर तो जाते हैं मगर, गुजारे नहीं जाते….!!!

*******

“खाएं हैं लाखों धोखे….एक और सह लेंगे…
……तू ले जा अपनी डोली…..
हम अपने जनाजे को बारात कह लेंगे !

*******

बग़ैर जिसके एक पल भी गुज़ारा नहीं
होता,

सितम देखिये वही शख़्स हमारा नहीं
होता !!

*******

पलको पर रूका है ‘समन्दर’ खुमार का,,,,
कितना अजब नशा है तेरे ‘इंतजार’ का…!!!

*******

कोई ठुकरा दे तो हँसकर जी लेना,
क्यूँकि मोहब्बत की दुनिया में ज़बरदस्ती नहीं होती…

*******

अच्छे होते हैं ……….. बुरे लोग….।।।
जो अच्छा होने का नाटक तो नहीं करते.

*******

ये इश्क़ बनाने वाले की मैं तारीफ करता हूं…

मौत भी हो जाती है और क़ातिल भी पकड़ा नही जाता..

*******

हम उन दिनों अमीर थे,
जब तुम करीब थे ……

*******

मुमकिन हो तो मेरे दिल मे रह लो ,
इससे हसीन मेरे पास कोई घर नही.

*******

तेरा नाम है या डाँकटर की दवा,
जब भी लेता हु बहुत शुकुन मिलता है…

*******

सुनो ….. ना किया करो इतनी मोहब्बत हमसे,
कि मुझे खुद की फ़िक्र करने की आदत
पड़ जाये ।

*******

आज तक रखे हैं पछतावे की अलमारी में,
एक दो वादे जो दोनों से निभाये ना गए…

*******

मेरे शेर समझने के लिए जरा दिल में दर्द चाहिए,
अगर समझ ना आये तो दर्द का मतलब भी बता सकता हूँ……

*******

दिखावे की मोहब्बत तो जमाने को हैं हमसे पर…,,
ये दिल तो वहाँ बिकेगा जहाँ ज़ज्बातो की कदर होगी…

*******

दिल रोज सजता है, नादान दुल्हन की तरह..!!

गम रोज चले आते हैं, बाराती बनकर..!!

*******

झूठ बोलते थे कितना,, फिर भी सच्चे थे हम..
ये उन दिनों की बात है,, जब बच्चे थे हम..

*******

शर्त लगी थी जब पूरी दुनिया को एक ही शब्द में लिखने की,
तो वो पुरी किताबें ढुंढ रहे थे ओर मेंने
“मां” लिख दिया…

*******

काँच को ‘आईना’ बनाने के लिए
उसके पीछे ”पारा” चढ़ाया जाता है…

तभी तो जिसको ”आईना” दिखाओ…
उसका ”पारा” चढ़ जाता है……

*******

दर्द की शाम है, आँखों में नमी है,
हर सांस कह रही है, फिर तेरी कमी है.

*******

वो मेरी पूरी जिंदगी है…

क्या मैं उसका,
एक लम्हा भी नहीं..?

*******

वो सुर्ख होंठ और उनपर जालिम अंगडाईयां, तू ही बता ,
ये दिल मरता ना तो क्या करता ..!!

*******

जिंदगी की दौड़ में तजुर्बा कच्चा रह
गया.
हम ना सीख पाये फरेब…. ये दिल कम्बक्त बच्चा का बच्चा ही रह गया.

*******

ये रास्ते ले ही जाएंगे..
मंजिल तक, तू हौसला रख,
कभी सुना है कि अंधेरे ने सुबह ना होने दी हो..!!

*******

कभी-कभी में सोचता हुँ…

उसकी नजरों के सामने मेरी मौत हो,
और मुझे छूने का हक सिर्फ उसे ना हो.

*******

‘दिल -ए -ज़ज़्बात किसी पर, ज़ाहिर मत कर,

अपने आपको इश्क़ में, इतना माहिर मत कर”..!!

*******

अगर पाना है मंझिल तो अपना रहनुमा खुद बनो,
वो अक्सर भटक जाते है जिन्हें सहारा मिल जाता है.

*******

बहुत जी लिये उनके लिये
“जो मेरे लिये” सब कुछ थे,

अब जीना है बस उनके लिये
“जिनके लिये हम” सब कुछ हैं.

*******

प्यार तो आज भी उनसे हम ‪बहुत‬ करते है..
पहले ‪आखोंसे‬ बाते हुआ करती थी,
आजकल ‪‎Status‬ बदलके बयान
करतेहै.

*******

शब्दों से ही लोगों के दिलों पे राज
किया जाता है,
चेहरे का क्या, वो तो किसी भी
हादसे मे बदल सकता है…

*******

अनकहे शब्दो के बोझ से थक जाता हुँ कभी-कभी…!!!!!
पता नही खामोश रहना मजबुरी है या संमझदारी…..!!

*******

मुझे सिर्फ दो चीजोंसे डर लगता है,
तेरे रोने से और तुझे खोने से..

*******

माना की तेरे प्यार का में मालिक नहीं, पर कीरायेदार का भी कुछ हक्क तो बनता हैं !!

*******

कहती है ये दुनिया बस अब हार मान जा ,
उम्मीद पुकारती है बस एक बार और सही।।

*******

यह जरुरी नहीं मेरी हर बात तुम समझो,
मगर जरुरी यह है की,तुम मुझे तो समझो।।

*******

में यह नहीं कहता के मेरी,
खबर पुछो तुम..
खुद किस हाल में हो इतना,
तो बता दिया करो..

*******

मुहब्बत का ये क ख ग हमे ही क्योँ नही आता,
यहा जिससे मिलो वो इश्क के किस्से सुनाता है…

*******

मुहब्बत नहीं है नाम सिर्फ पा लेने का,
बिछड़ के भी अक्सर दिल धड़कते हैं साथ-साथ !

*******

प्रेम मा ताकात छे सर्व ने झुकावानी,

नही तो राम ने क्या जरुर हती
ऐठा बोर खावानी…

*******

वो बोली क्या अब भी हमारी याद आती है…!!!!

हमने भी हसकर बोला अपनी बर्बादी को कोन भूल सकता है…!!!

*******

ठान लिया था कि, अब और,,,
नहीं लिखेंगे,,,..
पर उन्हें देखा,,, और अल्फ़ाज़
बग़ावत कर बैठे..!!!

*******

रात आती है,
तेरी याद चली
आती है.

*******

बेकसूर कोई नहीं इस ज़माने मे,
बस सबके गुनाह पता नहीं चलते.

*******

समय बहाकर ले जाता है,..
नाम और निशान।..

कोई ‘हम’ में रह जाता है
और..कोई ‘अहम’ मे ll

*******

तू याद रख,या ना रख…

तू याद है,ये याद रख….!!

*******

इस दिल को तो बहला कर चुप करा लूँगा…..
पर इस दिमाग का क्या करूँ जिसका तुमनें दही कर दिया है…!

*******

जो वक़्त पर पसीना नहीं बहाते वे बाद में आंसू बहाते हैं..

*******

“दुनियादारी से रूबरू हुआ तो पता चला…जिस्म में ज़मीर का होना…इतना ज़रूरी नही…जितना जेब में रूपया होना…!!!”

*******

तेरी चाहत का ऐसा नशा चढ़ा है,

की शायरी हम लिखते है, और दर्द पूरा ग्रुप सहता है ।

*******

जिस रोज तेरे चाहने वालो को तू बेहद बुरी लगेगी,

उस दिन भी तू हमे बेहद खूबसूरत लगेगी !

*******

मुझे इस बात का गम नहीँ कि बदल गया ज़माना।
मेरी जिंदगी तो सिर्फ तुम हो कहीँ तुम ना बदल जाना।

*******

” नहीं हो सकता कद तेरा ऊँचा किसी भी माँ से …
ऐ खुदा……
तू जिसे आदमी बनाता है, वो उसे इन्सान बनाती है”

*******

हम फिर उनके रूठ जाने पर फ़िदा होने लगे,
फिर हमे प्यार आ गया जब वो ख़फ़ा होने लगे….!!

*******

फिर कभी नहीं हो सकती मुहब्बत सुना तुमने !!!

वो शख्स भी एक था और मेरा दिल भी एक ।

*******

गहरी बातें समझने के लिए गहरा होना जरुरी है,,,

और गहरा वही हो सकता है जिसने गहरी चोटें खायी हो..

*******

मिटाने की कोशिश तुमने भी की, हमने भी की…
हमने फासला और तुमने हमारा वजूद…

*******

मयखाने से पूछा आज,इतना सन्नाटा क्यों है..??
उसने कहा..
साहब, लहू का दौर है,शराब कौन पीता है..!!

*******

दांव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते।
टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते।

*******

मैंने सब कुछ पाया, बस तुझको
पाना बाकी है..
यूं तो मेरे घर में कुछ कमी नहीं, बस तेरा आना बाकी है.!!

*******

वो बड़ी इबादत के बाद मिलता है,
जिन्हें देखने को दिल तरसा करता..

*******

उसने कहा कंहा रहते हो आज कल ?
काश उसने एक बार अपने दिल में देखा होता।

*******

बहुत खूबसूरत है आखै तुम्हारी,
इन्हें बना दो किस्मत हमारी.

हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियाँ,
अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी…

*******

“थोड़ी._`सजा,.:
उन्हें भी दे देते` जज_साहब. . . .

जिसकी वजह से लोग सड़को पर सोते है…!!

*******

तुम्हारी मुस्कान से ही शुरू हुई हमारी कहानी….

मुस्कराते रहना यही आखरी तमन्ना है हमारी….

*******

वक्त ने बदल दिए तेरे मेरे रिश्ते
की परिभाषा,

पहले दोस्ती , फिर प्यार , और फिर अजनबी सा अहसास ”

*******

बीजाने ” वाह ” कहेवा माटे
आपणा मां रहेली ” हवा ”
काढवी पड़े ……..

*******

दिल भी बड़ा अज़ीब मयकश है,
मिले न कुछ तो प्यास ही पी जाता है…..

*******

जो हैरान हैं मेरे सब्र पर उनसे कह दो,
जो आसूँ जमीं पर नहीं गिरते, दिल चीर जाते हैं…!!!

*******

बेशर्म हो गयी हैं ये ख्वाहिशें मेरी…
मैं अब बिना किसी बहाने के तुम्हे याद करने लगा हूँ …

*******

ज्यादा फर्क नही रखा खुदा ने हम दोनों के बीच…!!
तुझे चाहने वाले बहुत है तो मुझे ठुकराने वाले बहुत…!!

*******

जिन्दगी में दो चीजें कभी मत कीजिए …..झूठे आदमी के साथ प्रेम और सच्चे आदमी के साथ गेम ।…

*******

बचपन से लेकर आज तक सिर्फ अच्छे काम हि किये ,
बस गलती से इश्क हो गया…

*******

” बुरा ” हमेशा वही बनता हे,
जो ” अच्छा ” बन के टूट चूका होता हे ..

*******

बिछड़कर फिर मिलेंगे यकीन कितना था…
बेशक ख्वाब ही था मगर.. हसीन कितना था….

*******

आज ख्वाब में आना जरूर,
सिर्फ तुमसे मिलने के लिए रोज सोता हूँ.

*******

यूँ सामने आकर ना बैठो,

सब्र तो सब्र है,

हर बार नही होता!!!

*******

कुछ नाकामयाब रिश्तों में
पैसे नहीं..,
बहुत सारी ‘उम्मीदें और वक्त’ खर्च हो जाते हैं…!

*******

याद किया करो जनाब,
वरना याद किया करोगे…!

*******
दाग तेरे दामन के धुले ना धुले !!
नेकिया तेरी तराजू में तुले न तुले !!
आज ही गुनाहों से कर ले तोबा !!
ख़ुदा जाने कल तेरी आँख खुले ना खुले !!

*******

मेरे बस मे नहीं अब हाल-ए-दिल बयां करना,
बस ये समझ लो, लफ़्ज़ कम मोहब्बत ज्यादा हैं !!

*******

कहने को ही मैं अकेला हूं..पर हम चार है..
एक मैं..मेरी परछाई..मेरी तन्हाई.. और तेरा एहसास..

*******

मैं कहाँ से लाऊ ,,बता बिकता कहाँ है ? वो नसीब जो तुझे ,,उम्र भर के लिए मेरा कर दे ..!!

*******

जो लोग दर्द को समझते हैं
वो लोग कभी भी दर्द की वज़ह नही बनते…….

*******

हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन
पाओगे,
नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग
जाओगे!

*******

जनाजा उठा है आज कसमों का मेरी
एक कन्धा तो तेरे वादों का भी बनता है….!!!

*******

आज मुझसे पूछा किसी ने कयामत का मतलब ,
और मैंने घबरा के कह दिया रूठ जाना तेरा…

*******

मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो
दोस्तो..!!
रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे..!!

*******

शर्मों हया से उनकी पलकों का झुकना इस तरह ”
जैसे कोई फूल झुक रहा हो एक तितली के बोझ से।

*******

मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच कर मागना क्योकि…
मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का..!!

*******

ना शौक दीदार का… ना फिक्र जुदाई की,
बड़े खुश नसीब हैँ वो लोग जो…मोहब्बत नहीँ करतेँ…

*******

हद से बढ़ गया है तेरा नज़र अदाज करना..
ऐसा सलुक न करो की हम भुलने पे मजबुर हो जाये….।

*******

” कभी किसी का जो होता था इंतज़ार हमें…
 बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे..”

*******

उदास रहता है मोहल्ले की बारिशों का पानी आजकल,

सुना है कागज की नाव बनाने वाले बच्चे , अब बड़े हो गये है…

*******

कभी देखेंगे ए-जाम तुझे होठों से लगाकर,

कि मुझमे तू उतरता है कि तुझमे मैं उतरता हूँ…

*******

नाकामयाब मोहब्बत ही सच्ची होती है !!
कामयाब होने के बाद मोहब्बत नहीं बचती !!

*******

“तू तो हँस हँसकर जी रही है, जुदा होकर भी..,

कैसे जी पाया होगा वो, जिसने तेरे सिवा जिन्दगी कभी सोची ही नहीं..”

*******

वो बार बार पूछती है कि क्या है मौहब्बत ??

अब क्या बताऊं उसे कि उसका पूछना और मेरा न बता पाना ही मौहब्बत है !

*******

ना डालो दिल मेरा, मेरे सीने में फिर से तुम,,
तुम्हारे पास ही रहने दो, वहाँ ये खुश तो रहता है…!!

*******

मंज़िलों से गुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग,
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता”.

*******

लगता है मेरी नींद का किसी के साथ चक्कर चल रहा है,
सारी सारी रात गायब रहती है..!

*******

एक मैं था जो लफ्ज़ ढूंढ ढूंढ कर थक गया…
वो ख़रीदे हुए फूल दे कर इज़हार कर गए…

*******

ये रिश्ते भी अजीब हे…

बिना विश्वास के शुरु नहीं होते . . .
और बिना धोखे के ख़तम नहीं होते …

*******

उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ!
सामने न सही पर आस-पास हूँ!
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे!
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ!

*******

कहने लगी है अब तो मेरी तन्हाई भी मुझसे,

मुझसे ही कर लो मोहब्बत , मैं तो बेवफा भी नही..

*******

अजीब खेल है ये मोहब्बत का;
किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला!

*******

जब तक तुम्हें न देखूं!
दिल को करार नहीं आता!
अगर किसी गैर के साथ देखूं!
तो फिर सहा नहीं जाता!

*******

अपने उसूल कभी यु भी तोड़ने पड़े.,
खता उसकी थी हाथ मुझे जोड़ने पड..

*******

यूँ तो तमन्ना दिल में ना थी लेकिन…
ना जाने तुझे देखकर क्यों आशिक बन बैठे…

*******

ज़िंदा रहना है तो हालात से डरना कैसा,
जंग लाज़िम है तो.. लश्कर नहीं देखे जाते…

*******

अच्छी सुरत को सवरने कि जरुरत कया हे।
सादगि मे भी कयामत कि अदा होती है।

*******

ना ज़ख्म भरे,ना शराब सहारा हुई..!! ना वो वापस लौटीं,ना मोहब्बत दोबारा हुई..!!

*******

सच कभी नही होते मैंने वो सपनोका खेल देखा है ,
दर्द देना नही चुकते मैंने वो अपनोंका खेल देखा है ….

*******

फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क मुकम्मल,
इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है !

*******

बात मुक्कदर पे आकर रूक गयी है वरना….
कोई कसर तो ना छोडी थी तुझे चाहने मे….!!!

*******

” आज कुछ और नहीं बस इतना सुनो..
मौसम मस्त है लेकिन तुम जैसा नहीं..”

*******

प्यार मे कितनी बाधा देखी,
फिर भी कृष्ण के साथ राधा देखी..

*******

” प्यार की तरह आधा अधूरा सा अल्फाज था मैं;
तुमसे जुडा ज़िंदगी की तरह पूरी गजल बन गया.”

*******

जहाँ भूली हुई यादें दामन थाम लें दिल का,
वहां से अजनबी बन कर गुज़र जाना ही अच्छा है.

*******

बडी देर करदी मेरा दिल तोडने मे,
नजाने कितने शायर आगे चले गये.

*******

कलाई जो पकडू तो बहुत शोर मचाती है..

ये चूड़िया आखिर तेरी लगती क्या है।।…

*******

खता इतनी की उनको पाने की कोशिश की,,

अगर छीनने की कोशिश करते तो आज वो हमारे होते…

*******

वो शायद मेरी आखिरी सरहद हो जैसे,
क्योकि सोच जाती ही नहीं उससे आगे….!!

*******

चैन से रहने का हमको यूं मशवरा मत दीजिये,
अब मज़ा देने लगी हैं ज़िंदगी की मुश्किलें…!!

*******

सुन दोस्त…..
इश्क कर ,धोखा खा और शायर बन जा ….

*******

फितरत, सोच और हालात में फर्क है, वरना,इन्सान कैसा भी हो दिल का बुरा नही होता…

*******

भुकम्प सा है दिल की गलियो मे!!!

शायद तेरे एहसास गुज़रे है इधर से!!!

*******

कभी जो मै अगर कह दु।भुला चुका हूँ तुझको मै!
तभी बस सोच लेना कि,
लगा हु झूठ बोलने मै…

*******

लोग तब तक आप को मूर्ख समझना बन्द नही करते,
जब तक आप उन्हे मूर्ख बनाना न शुरू कर दें….!!

*******

ढूंढ़ने में बड़ा मजा आता है…

दिल में बसा कोई अपना जब खो जाता है….!!!

*******

चलो नींद के दफ्तर में हाज़िरी लगा आते हैं,
वो सपनो में आये तो ओवर टाइम भी कर लेंगे…।

*******

अगर चाहते हो की खुदा मिले..
तो वो करो जिससे दुआ मिले…

*******

“पैसा” इंसान को ऊपर ले जा सकता है,
लेकिन इंसान पैसे को “ऊपर” नहीं ले जा सकता…

*******

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको!
खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको!
हम तो कुछ देने के काबिल नहीं है!
देने वाला हज़ार खुशिया दे आपको!

*******

चाँद को बैठाकर पहरों पर; तारों को दिया निगरानी का काम; एक रात सुहानी आपके लिए; एक स्वीट सा ‘ड्रीम’ आपकी आँखों के नाम! शुभ रात्रि!

*******

वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे!
दुनिया में हम खुश नसीब होंगे!
दूर से जब इतना याद करते है आपको!
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे?

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ऐ जिंदगी तू सच में बहुत ख़ूबसूरत है,
फिर भी तू, उसके बिना अच्छी नहीँ लगती…

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मुदत बाद मिले हम और उसने कहा ” तुझे भुल जाना चाहती हूँ मैं…. ”

आसूं आ गए आखों में ये सोच कर कि इसे अबतक याद हुं मैं…

*******

हारनेवाले वो होते हैं,
जिनके शब्द उसके कर्म से बड़े हैं,
और जितनेवाले वो हैं
जिनके कर्म उनके शब्द से बड़े होते हैं

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“हुनर” सड़कों पर तमाशा करता है और “किस्मत” महलों में राज करती है!!

*******

मेरे मुकद्दर में तो सिर्फ यादें है तेरी..
जिसके नसीब में तू है, उसे ज़िन्दगी मुबारक..

*******

जिंदगी को इतना सिरियस लेने की जरूरत नही यारों, यहाँ से जिन्दा बचकर कोई नही जायेगा!

*******

अँधेरा हो रहा है।।।
चलो दिल जलाते है।।।

*******

वक़्त ने ज़रा सी करवट क्या ली
गैरो की लाइन में सबसे आगे पाया अपनों को !!!!!

*******

जरुरत और ख्वाइश दोनों ही तुम हो,
खुदा बड़ा मेहरबाँ हैं कोई एक तो पूरी होगी !!

*******

जाने कितनी रातो की नींदे ले गया वो…
जो पल भर मोहब्बत जताने आया था…

*******

वो पूछते हैं इतने गम में भी खुश क्युँ हो,
मैने कहा प्यार साथ दे न दे यार साथ हैं……..

*******

क्या ख़ूब होगा जिस दिन तेरा दीदार होगा,
एक दीवाने के लिए इससे बड़ा क्या उपहार होगा..!!!

*******

बस ज़रा स्वाद में कड़वा है,.
नहीं तो 
“सच” का कोई जवाब नहीं…।

*******

” घबरा के आसमान की तरफ देखते हैं लोग..
जैसे खुदा ज़मीन पर मौजूद ही न हो…”

*******

ये रिश्ते भी अजीब है, बिना विश्वास के शुरु नहीं होते,
और बिना धोखे के ख़तम नहीं होते..!!!

*******

इतना भी प्यार किस काम का,
भूलना भी चाहो तो नफ़रत की हद तक जाना पड़े…

*******

उसकी मोहब्बत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन,
दिल करता है के उम्र भर उसकी इंतज़ार करूँ….

*******

दो अक्षर की “मौत” और तीन अक्षर के “जीवन” में ढाई अक्षर का “दोस्त” बाज़ी मार जाता हैं..

*******

ये बात समझने में उम्र बीत गई ग़ालिब,
बचपना करने से बचपन वापिस नहीं आता !!!

*******

” निंदा ” तो उसी की होती है जो ” ज़िंदा ” है,
मरे हुए की तो बस तारीफ ही होती है ।

*******

मैं थोड़ी देर तक बैठा रहा उसकी आँखोंके मैखानेमें;
दुनिया मुझे आज तक नशे का आदि समझती है।

*******

तेरे मेरे दरमियाँ जो फासला है,

वो तेरी साजिश है या खुदा का फैसला है..!!

*******

तुम मुझमे पहले भी थे, तुम मुझमे अब भी हो,
पहले मेरे लफ़्ज़ों में थे, अब मेरी खामोशियों में हो !

*******

नफरतों से भरी इस दुनिया में कोई है जो मेरी खुशियों की फ़िक्र करता है,
भगवान उनकी हर तमन्ना पूरी करे, जो अपनी प्रार्थना में भी मेरा ज़िक्र करता है !

*******

तुझे उदास भी करना था खुद भी रोना था…

ये हादसा भी मेरी जान कभी तो होना था..!!

*******

क़ुर्बान हो जाऊं मुस्कराहट पे तुम्हारे,
या इसे देखकर जीने का एक बहाना ढूंढ लूं…

*******

फिर वही दिल की गुज़ारिश, फिर वही उनका ग़ुरूर…

फिर वही उनकी शरारत, फिर वही मेरा कुसूर…!!

*******

इकरारनामा मुहब्बत का लिए घूमतेहैं….
बस… इक तेरे दस्तखत मिल जाते…

*******

उसने कहा क्या चल रहा है आजकल

हमने भी कह दिया “सिर्फ साँसे”!

*******

सब कुछ हासिल नहीं होता है जिंदगी में..
किसी का काश और किसी का अगर रह ही जाता है…

*******

जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में,
उनकी यादें कसम से कमाल की होती हैं..

*******

तुम्हारी शर्तो से शहेनशाह बनने से बहेतर है,
की अपनी शर्तो पे फ़क़ीर बन जाऊँ ..!!!

*******

चलो मुस्कुराने की वजह ढुंढते हैं,
तुम हमें ढुंढो.. हम तुम्हे ढुंढते हैं..!

*******

मैँ कैसा हूँ’ ये कोई नहीँ जानता,
मै कैसा नहीँ हूँ’
ये तो शहर का हर शख्स बता सकता है…

*******

ये तो बड़ा मुझ पर अत्याचार हो गया, खामख्वाह मुझे तुझसे प्यार हो गया |

*******

कभी हम हीं थे तेरे हमसफर ऐ दोस्त,
मंजिल मिल गई तुम्हें तो पहचानते नहीं।

*******

ढूंढते हो क्या आँखों में कहानी मेरी….
खुद में गुम रहना तो आदत है पुरानी मेरी…..

*******

आदत बना ली मैंने खुद को तकलीफ देने की ,
ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो ज्यादा तकलीफ ना हो…!!!

*******

मुझे अपने, लफ़्जो से,
आज भी शिकायत है…
ये उस वक्त, चुप हो गये,
जब इन्हें बोलना था…

*******

मुझे वजह ना दो हिन्दू या मुसलमान होने की,
मुझे तो सिर्फ तालीम चाहिए एक ”इंसान” होने की..

*******

जिस तरह अपनी पहचान खुद बनाई है.. उसी तरह
अपनी जन्नत भी खुद बनाऊंगा…!!.

*******

लिख के उसे मिटाने की बुरी आदत है कि,

इसी वजह से मैं उसके तकदीर में आते-आते रह गया।

*******

कबूल करो मुझे बिना आजमाए हुए,
कि हीरा परखे बगैर भी हीरा होता है !!

*******

“अपनी जिद को अंजाम पर पहुँचा दू तो क्या…,,,,
तू तो मिल जायेगी पर तेरी मोहब्बत का क्या….???”

*******

वो पूछते हैं क्या नाम है मेरा…
मैंने कहा बस अपना कहकर पुकार लो…!!

*******

वो बदल गयी,वक्त की मजबूरियाँ बोलकर..
साफ शब्दों में खुद को,बेवफा न बोली..

*******

सांसे बस दिखाने के लिये लेता हूं.
वरना जिंदगी तो मेरी तुम ही हो!

*******

क्या किस्मत पाई है रोटीयो ने भी निवाला बनकर,
रहिसो ने आधी फेंक दी,
गरीब ने आधी में जिंदगी गुज़ार दी!!

*******

कुछ उनकी मजबुरीयां, कुछ मेरी कश्मकश बस युँ ही,.एक खूबसूरत कहानी को खत्म कर दिया हमने.

*******

तु मेरी चाहत का एक लफ्ज भी ना पढ सकी..
..
मै तेरे दिए हुए दर्द कि किताब पढते पढते अक्सर सो जाता हू..!!

*******

हम भी फूलों की तरह अक्सर तनहा ही रहते हैं,
कभी खुद से टूट जाते है तो कभी कोई और तोड़ जाता है..

*******

मैंने छोड़ दिया है किस्मत पर यकीन करना,,,
अगर लोग बदल सकते है तो किस्मत क्या चीज है …..

*******

उनके ही लौटने का बेसब्री से हमे इन्तजार है..
अरसा गुजर चूका है पर अब भी उसका इन्तजार है..!!

*******

तुम मेरे पास थे ..हो.. और रहोगी…
ख़ुदा का शुक्र है यादों की कोई उम्र नहीं होती..

*******

तुम से मुमकिन हो तो फिर रोक दो साँसें मेरी,,
दिल जो धड़केगा, तो फिर याद तो तुम आओगे..!!

*******

“अफवाह थी… कि मुझें इश्क हुआ है… पर लोगों ने पूछ पूछ कर आशिक बना दिया..!!

*******

दुश्मन भी हमारी हालत पै हस कर बाेला,
जिसका हम कुछ ना कर पाये,
उसका माैहबबत ने क्या हाल कर दीया…!!!

*******

“शिकायत खुद से भी है औरो से भी और खुदा से भी.,
जो चाहा वो हासिल नही,जो मिला वो मुझे मंजूर नही..”

*******

तुम सामने आये तो.अजब तमाशा हुआ..
हर शिकायत ने जैसे, खुदकुशी कर ली”.

*******

रहता हूँ मयखाने में तो शराबी ना समझ मुझे …
जो मंदिर में रहता है वो, हर शख़्स पुजारी नहीं होता …

*******

मोहब्बत को मज़बूरी का नाम मत देना,
हकीक़त को हादसों का नाम मत देना,
अगर दिल में हो प्यार किसी के लिए तो,
उससे कभी दोस्ती का नाम मत देना…

*******

एक घमंडी लडकी कहती है की …मत देख मेरे सपने मुझे
पाने की तेरी औकात नहीं ….मैंने भी देख कर कह
दिया ….आना हो तो आजा मेरे
सपनो में…हकीकत में आने की तेरी औकात नहीं ….

*******

“आज फिर किसी ने ये अहसास दिला दिया कि,
ज़िस्म मे ज़मीर का होना उतना ज़रूरी नही जितना कि ज़ेब मे रुपयों का होना…”

*******

नहीं करेंगे आज के बाद कभी मन्नतें
तुम्हारी….
खुदा जब राजी होगा तब तुम
तो क्या, हर चीज़ मेरी होगी…..

*******

ज़रूरी तो नहीं के जो ‘शायरी’ करे उसे
‘इश्क’ हो,
ज़िन्दगी भी कुछ ‘ज़ख़्म’ “बे-मिसाल ”
देती है !!

*******

उल्टी ही चाल चलते हैं, इश्क़ में दीवाने !
आँखों को बंद करते हैं, दिदार के लिये !!

*******

“इतनी तो तेरी सूरत भी नहीं देखी मैने,
जितना तेरे इंतज़ार में घड़ी देखी है!”

*******

मेरे आसुंओ के दाम तू चुका नहीं पायेगी..,
तू मेरी मौहब्बत न ले सकी तो दर्द
क्या खरीदेगी….!!

*******

मेरी हथेली को तुम अपने पास रख लो, जब दुआ मांगो तो इसको भी उठा देना..

खुशी मिले तो अपने हाथ आगे कर देना गम मिले तो मेरी हथेली में थमा देना…

*******

ला तेरे पेरों पर मरहम लगा दूं…

कुछ चोट तो तुझे भी आई होगी मेरे दिल को ठोकरमार कर…!!!

*******

जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से…..
एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है..

*******

अपने शब्दों में ताकत डालें आवाज में नहीं.
बारिश से फूल उगते हैं, तूफ़ान से नहीं….

*******

नमक होना चाहिए स्वाद अनुसार,
और अकड होनी चाहिए औकात अनुसार ।

*******

मेरा दर्द किसी की हसने की वजह जरुर बन सकता है!
लेकिन मेरी हसी किसी के दर्द की वजह नहीं बननी चाहिए!

*******

जिनके इरादे नेक होते हैे,
उनके दोस्त अनेक होते हैं.!

*******

तक़दीर का ही खेल है सब,
पर ख़्वाहिशें है की समझती ही नहीं…..

*******

बारिश और महोबत दोनों ही यादगार होते हे,
बारिश में जिस्म भीगता हैं और महोबत मैं आँखे…..

*******

सोचता हूँ धोखे से ज़हर दे दूँ..
सभी ख्वाहिशों को दावत पे बुला कर..

*******

मुझमे खामिया बहोद सी होंगी मगर एक खूबी भी है मै कीसीसे रिश्ता मतलब के लीये नहीं रखता…

*******

शाख़ से तोड़े गए फूल ने हंस कर ये कहा,
अच्छा होना भी बुरी बात है इस दुनिया में.

*******

किसी के दिल में क्या छुपा है ये बस खुदा ही जानता है,
दिल अगर बेनकाब होता तो सोचो कितना फसाद होता!!!!

*******

ओ सनम जिस रब ने तुजे चांद सी सूरत दी है ,
उसी रब ने मुजे तेरे लिये बेपनाह मोहब्बत भी दी है.

*******

दुश्मन और सिगरेट को जलाने के
बाद….
उन्हे कुचलने का मज़ा ही कुछ
और होता है……!!!

*******

शराब पीने का शौक ऱखते है….पर नशे मे बोतल गीर ना जाऐ उसका खौफ भी रखते हैैैै…….

*******

बहाने मौत के तो तमाम नज़र आते हैं,
जीने की वजह तेरे सिवा, कुछ नही…….

*******

बेशक तुम्हारे बिना जिन्दगी काट सकता हूँ… . .
जिन्दगी जी नहीं सकता…

*******

कदम रखना सम्हल कर महफिले-रिंदा में ए जाहिद,

यहां पगडी उछलती है, इसे मयखाना कहते है..

*******

नादान दुनिया हरेक बात का दिन तय करती है ,
“दोस्ती” का जश्न किसी दिन का मोहताज नही..

*******

तेरी आँखों से यून तो सागर भी पिए हैं मैने,
तुझे क्या खबर जुदाई के दिन कैसे जिए हैं मैने…

*******

झूठ कहते हैं लोग, शराब गम हल्का कर देती है ,
मैंने देखा है अक्सर खुद को नशे में रोते हुए …….

*******

जिक्र तेरा है, या कोई नशा है,,,!

जब-जब होता है, दिल बहक जाता है..

*******

सिर्फ़ परेशाँ जाते हैं…

मंदिर भी मयखाने भी…!!!

*******

ये शाम का तस्व्वुर, ये मयखाने का बयान…
तुम खुदा न होते तो हम ख़ुद को खुदा समझते….

*******

मंज़िलों के ग़म में रोने से मंज़िलें नहीं मिलती;
हौंसले भी टूट जाते हैं अक्सर उदास रहने से।

*******

हमने भी जिन्दगी के आगे कभी हाथ न फैलाए थे;
वो तो ये आँखें ही खुदगर्ज निकल गईं,
जो रोज नए ख्वाब देख हमें नीचा दिखाती रहीं…!!

*******

इश्क के फूल खिलते हैं तेरी खूबसूरत आंखों में..,
जहां देखे तू एक नजर वहां खुशबू बिखर जाए॥….

*******

हाथ मेँ पैमाना थाम| है, उँगलियोँ मे सिगरेट फाँसा है.. धुँआ धुँआ तेरी यादे है, हकीकत तेरा नशा है..

*******

‘मेरी चाहत को मेरे हालात के तराजू में कभी मत तोलना,
मेने वो ज़ख्म भी खाए है जो मेरी किस्मत में नहीं थे.

*******

इतने ज़ालिम न बनो
तुम पे मरते हैं,, तो…
मार ही डालोगे क्या…..?

*******

कोई इज्जत ढकता है फटे चिथड़ों से ग़ालिब…
कोई नंगा हो के महफिले लूट लेता है…..

*******

बस इन्सान ही है जो किसी से मिलता जुलता नहीं..
वरना ज़माना तो भरपूर मिलावट का चल रहा है…

*******

मोह्हबत तो वो बारिश है जिससे छूने की चाहत में..
हथेलिया तो गीली हो जाती है पर हाथ खाली ही रह जाते है..

*******

कहाँ जा रहे हो तुम बिछड़ कर हमसे,
कौन सी जगह है जहां यादों से बच पाओगे…

*******

वादा दोनों ने किया जीना मरना साथ,
कहीं जिस्म नीला हुआ कहीं पीले हाथ.”

*******

तौहीन ना कर शराब को कड़वा कह कर,
जिंदगी के तजुर्बे शराब से भी कड़वे होते है.

*******

किसी के ज़ख्म का मरहम, किसी के ग़म का ईलाज ।।
लोगो ने बाँट रखा है मुझे.. दवा की तरह।।

*******

“एक रोटी न दे सका कोई उस नादान को ,
लेकिन वो तस्वीर लाखों में बिक गई जिसमे वो भूका बैठा था। ”

*******

सिमटते जा रहें हैं दिल और ज़ज्बात के रिश्ते…..

सौदा करने मे जो माहिर है, बस वही धनवान है…..!!!

*******

ये पेड़ ये पत्ते ये शाखें भी परेशान हो जाएं !
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाएं…

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हार जाउँगा मुकदमा उस अदालत में, ये मुझे यकीन था..
जहाँ वक्त बन बैठा जज और नसीब मेरा वकील था…

*******

मे तो खेर इन्सान हु सनम..

हवा भी तुझ को छू कर देर तक नशे मे रेहती हे…!!

*******

“जिंदगी के सफ़र को लफ्जों में पिरोया है.,
अपनी हर ग़ज़ल को दर्द में भिगोया है.,
PLEASE आज वाह-वाह न कहना.,
क्यूंकि दिल आज फिर किसीकी याद में रोया है..”……….;-(;-(;-(

*******

तेरा याद आ जाना”
हो सकती है. ” बात ज़रा सी ”
मगर, यह बात बहुत देर तक याद आती है…

*******

फ़क्र ये के तुम मेरे हो,
फ़िक्र ये पता नही कब तक…

*******

दो अक्षर की “मौत” और तीन अक्षर के “जीवन” में ढाई अक्षर का “दोस्त” बाज़ी मार जाता हैं…

*******

ज़रा “क़रीब” आओ.. तो शायद हमे समझ पाओ..
यह “दूरियां” तो सिर्फ गलत फेहमियां बढाती हैं.. !

*******

रह रह के ताजा हो जाते हैं जख्म ,
हवा भी मजाक करती है खिड़कियों के सहारे…

*******

यूँ तो मारे थे पत्थर मुझे बहुतों ने लेकिन
जो दिल पे लगा वो पत्थर तेरा था।

*******

किस्मतवालों को ही मिलती है पनाह मेरे दिल में,
यूं हर शख़्स को तो जन्नत का पता नहीं मिलता……

*******

“रात भर गिरते रहे उनके दामन में मेरे आँसू…..
सुबह उठते ही वो बोले कल रात बारिश गजब की थी…….”

*******

मदद नाते-रिश्तेदारों से ना लेना कभी !
वक्त बेवक्त बदनाम एहसान गिनाए जाते हैं !!

*******

अपने सायें से भी ज़यादा यकीं है मुझे तुम पर,
अंधेरों में तुम तो मिल जाते हो, साया नहीं मिलता……..!!

*******

फट गयी है कमीज रिश्ते की
ग़लतफ़हमियों की कील में फंस के,
सोचता हूँ माफ़ी के धागे से सी दूंगा कभी…

*******

“ख़ुदा का हुक्म होता है तो फिर ऐसा भी होता है ,
हवाओं को चरागों की हिफाज़त करनी पड़ती है !”

*******

हमसे मत पूछो जिंदगी के बारे मे ,
अजनबी क्या जाने अजनबी के बारे मे ….

*******

एक हद तक तुझे चाहा तो,ख़ुदा को भी मंज़ूर था,
फिर उस हद के बाद तो, ख़ुदा को भी जलन होने लगी……!!

*******

माना कि बहुत कीमती है वक़्त तेरा मगर…
हम भी नवाब हैं बार-बार नहीं मिलेंगे…!!

*******

अजीब है न हमारे देश का संविधान…गीता पर हाथ रखकर कसम खिलायी जाती है सच बोलने के लिये.. मगर गीता पढ़ाई नहीं जाती सच को जानने के लिये..!!

*******

“चंद साँसे खरीदने के लिए ,
रोज़ कुछ ख़्वाब बेच देता हूँ…!”

*******

यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझको,

खुशी है कि तुम उम्मीद पर खरे उतरे ….!!

*******

एक बार नही हजारबार ये दिल तुटा

पर मोहब्बत करने का शौक अभी तक नही छुटा.!

*******

फ़रिश्ते ही होंगे जिनका इश्क मुकम्मल होता है,
हमने तो यहाँ इंसानों को बस बर्बाद होते देखा है…

*******

ज्यादा बोझ लेकर चलने वाले अक्सर डूब जाते हैं.
फिर चाहे वो अभिमान का हो
या गुमान का………..

*******

ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,

तन्हाई मैं खुद अपनी तस्वीर न देखा कर …

*******

किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया है ये दिल,
कोई रहता भी नही,
और कमबख्त बिकता भी नही…

*******

ये चंद लोग जो बस्ती में सबसे अच्छे हैं,,

उन्हीं का हाथ है मुझको बुरा बनाने में..

*******

नवाबी तो हमारे खुन मे है..
पर
पता नही
ये दिल कैसे गुलामी करना सीख गया!!

*******

तजुर्बे ने शेरों को खामोश रहना सीखाया,
क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता…

*******

चले आते हो बिना वजह खयालो मे,
एक वजह तो बताते दूर होने की..!!

*******

हर रोज़ बदलते हो प्रोफाइल पिक्चर..
तुम कहीं ठहरो तो कोई पहचान बने..

*******

अजब ज़ज्बा है जवानी मेँ इशक करने का
उम्र जीने की और शोँक मरने का…

*******

वो खेलती है मुझसे मुझे भी ये पता है ,,,
पर उसके हाथ का खिलौना होने में भी एक मज़ा है .!

*******

ना ऊँच नीच में रहू ना जात पात में रहूँ !!!!
तु मेरे दिल में रहे प्रभु और में औक़ात में रहूँ !!

*******

लगती है जिन के दिल पर, वोह आँखों से नहीं रोते,
जो अपनों के ही ना हो पाये, वोह किसी के नहीं होते…

*******

मुह माँगा दाम दूंगा यारो…
मुझे ऐसे काबिल सपेरे से मिलवा दो…
जो आस्तीन में छुपे साँपों को निकाल दे…।

*******

रात भर की उदासियों के बाद,
ये भी एक हुनर ही मानो,
कि हम,
हर सुबह एक बार फिर से जिंदगी सँवार लेते हैं …!

*******

दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो…
वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं…!!!

*******

अनजान थे हम एक दुसरे से,
तब तक फिक्र ना कोई थी…

बस एक रोज की मुलाकात ने,
एक दूजे का जरूरतमंद बना दिया |।।

*******

चलो दूर चलते है इस इंटरनेट से…

घर के रिश्ते “इंतजार” कर रहे है….

*******

“दीन तो कुतो के आते है,
अपना तो जमाना आयेगा.!”

अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर
उंगलिया…
जिनकी हमें छूने की औकात
नहीं होती…

*******

अगर तू वजह न पूछे तो एक बात कहूँ ….!
बिन तेरे अब हमसे भी जिया नहीं जाता…

*******

चेहरे पर सुकून तो बस दिखाने भर का है..
वरना बेचैन तो दिल जमाने भर का है…!..

*******

अच्छी सूरत को सवारने की ज़रूरत क्या है;

सादगी भी तो क़यामत की अदा होती है।

*******

तुझसे अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले….;
जो हर बात पर कहते हैं.. ‘तुम्हें नहीं छोड़ेंगे”

*******

सुना है जो शराब पीते हैं उनकी दुआ कुबूल नहीं होती !!
जिन्हें शराब मिल जाए उन्हें किसी दुआ की ज़रूरत नहीं होती…

*******

अक्सर वो फैसले मेरे हक़ में गलत हुए,
जिन फैसलो के नीचे तेरे दस्तखत हुए..!!

*******

वो दुआएं काश मैने दीवारों से मांगी होती,,
ऐ खुदा……
सुना है कि उनके तो कान होते है…

*******

बेटी को गर्भ में मारने वाले परिवार के लड़को को सूनी कलाई मुबारक हो।

*******

“ये नज़र चुराने की आदत आज भी नही बदली उनकी…!!
कभी मेरे लिए ज़माने से और अब जमाने के लिए हमसे………..!!

*******

इन्सान का लहू पीना यह रस्म आम है,
अंगूर की शराब का पीना हराम है ………..

*******

ऊसकी बोहोत याद आ रहि है….
दोस्तो दुवा करो
मेरी याददास्त चली जाए…..

*******

देख ज़माने ने,कैसी तोहमत लगाई है;

नशीली आखें तेरी और शराबी हमें कहते है..!!

*******

बेटियों के जन्म पर मातम मनाने वालों…
.
आज उस घर में जाकर देखो जहाँ बेटियाँ नही है ।।

*******

जिस दिन अख़बार में छपेगा ये समाचार,

के देश में नही हुआ एक भी बलात्कार,

उसी दिन सार्थक होगा रक्षाबंधन का त्यौहार….

*******

परिन्दो को मिलेगी मन्जिल यकीनन,, ये फैले हुए उनके पन्ख बोलते हैं।।
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,, जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं।।

*******

जब भी रब दुनिया की किस्मत में चमत्कार लिखता है.

मेरे नसीब में थोड़ा और इंतज़ार लिखता है.

*******

बहुत तमन्ना थी तुम्हारा हो जाने की….
पर क्या पता था…
कि तुम्हें आदत ही नहीं किसी को अपना बनाने की…

*******

मिलने का वादा मुंह से तो उनके निकल गया,
पूछी जगह जो मैंने, कहा हंस के की ख़्वाब में…

*******

जिसकी फितरत थी बगावत करना ,
तुमने उस दिल पर हुकूमत की है..

*******

हम वो शेर हे जीसकी गुफा मे लोगो के पेरो के आने
के नीसान होते हे…. पर जाने के नही….

*******

कितने बरसों का सफर यूँ ही ख़ाक
हुआ।
जब उन्होंने कहा “कहो..कैसे आना हुआ ?”

*******

सुबह को तेरे जुल्फों ने शाम कर
दिया…..

*******

बिखर बिखर सी गयी हैं किताबें
साँसों की…
ये कागज़ात कब कहाँ उड़ जाए ये ख़ुदा जाने…

*******

वो इश्क़ था
या
बवाल था…..

ये
जान-लेवा
सवाल था…..!!!

*******

एक साथ-एक याद, एक याद-एक
दुख, एक दुख-एक चुप, एक चुप-एक रात,
एक रात-एक साथ…

*******

इस ‘नहीं ‘का कोई इलाज नहीं…….
रोज़ कहते हैं आप आज नहीं….!!

*******

हाथों की लक़ीरों में वो मिल
जाए तो क्या बात हो,
वो जिसके बिना ये
हथेलियाँ सूनी सी लगती ह…

*******

ऐ सनम, जिसने तुझे चाँद सी सूरत
दी है……….
उसी अल्लाह ने मुझको भी मुहब्बत दी है…..!!

*******

“बला की प्यास के मारे हैं हम दोनों ज़माने में,
तुम्हारे सामने दरिया, हमारे सामने हो तुम।।।

*******

कुछ अज़ब ढंग से छुआ है हवा ने रुख
को मेरे…
कहीं तुमने इसे चूमके तो नहीं भेजा था ??

*******

तुम्हारे पहले भी बहुत सारे सवाल थें
ज़िन्दगी पर, मौत पर हार पर,
जीत पर तुम्हारे आने पर भी सवाल
वही हैं, पर जवाब एक ही है – “तुम”

*******

हम हलकी हलकी आहें भरते हैं उन्हें
देखके…
उनके कानो से जुल्फें जब हट
जाया करती है…

*******

ज़िस्म से मेरे तडपता दिल कोई
तो खींच लो​ , मैं बगैर इसके
भी जी लूँगा मुझे अब ये यकीन
है ……

*******

तुम्हे छेड़ने का मन करता हैं… छोड़ने
का नही…

*******

“तुझको बिल्कुल भूल गया हूँ,
जा तू भी क्या याद करेगा…।।।

*******

वो परिंदे जो उड़
जाते है फ़िर लौटकर नहीं आते
उनका हिसाब क्या ? दर्द और
राहत दो मासूम परिंदे
ज़िन्दगी से उड़कर कहाँ जाते है ?

*******

वफा, मजहब,
ईमानदारी …कैसी बात करते
हो?

उस दौर में इंसान थे, ये दौर
कुछ और है…

*******

तुम्हारे जुल्फों के पनाह में… मरके
थोडा जी लेने दो ना…

*******

कब तलक ख़ुद को समेटा जाये,
चल कोई ख़्वाब निचोड़ा जाये…

*******

तुम्हारे सपने पूरे नहीं हुए….?
मुझे तो नींद तक नहीं आती….

*******

पथ्थर समझ के हमें मत ठुकराओ ,
कल हम मंदिर में भी हो सकते है…

*******

वक़्त ख़ुशी से काटने का मशवरा देते
हुये ..
रो पड़ा वो ख़ुद ही मुझको हौंसला देते हुये !

*******

इश्क़ कहता है इश्क़बाज़ी कर,
अकल कहती है ख़ुदा राज़ी कर,
इश्क़ करता है बात क़ायदे की,
अकल करती है बात फायदे की…

*******

“क्या कोई नई बात नज़र आती है
हम में …!!
आईना हमें देख के हैरान
सा क्यूँ है”?

*******

तन्हा रात में जब तेरी याद आयी, तन्हाई मिटाने को हमने एक सिगरेट जलाई,
ना जाने कैसे कयामत हो गयी, और धुएं ने भी तेरी तस्वीर बनायी |

*******

बिछड़ के मुझसे तुम अपनी कशिश न
खो देना,
उदास रहने से चेहरा ख़राब होता है।

*******

किताब में दबी….. जब
तेरी उलटी तस्वीर नज़र आती है
“तेरा वो पलट के देखना याद
आता है….”

*******

मैंने मन ही मन कहा और तुमने सुन
भी लिया । बड़ी जल्दी सुन लेते
हो..

*******

आजकल कुछ ख़ास लगती हो, बात
क्या है कुछ तो छुपाती हो!

*******

दिल के छालों को कोई शायरी कहे कोई बात नहीं,
तकलीफ़ तो तब होती है जब लोग वाह-वाह करते हैं।

*******

सुबूत हैं मेरे घर में धुएं के ये धब्बे ….
अभी यहाँ पर उजालों ने ख़ुदकुशी की है…

*******

लोग जाते हे मंदीर मस्जीद, दुआ मांगने राम से,
जनमदीन हो मुबारक, तु मीला हमे साकी जाम से |

*******

उठो तो ऐसे उठो, फक्र हो बुलंदी को भी;
झुको तो ऐसे झुको, बंदगी भी नाज़ करे

*******

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ટૅગ્સ:

Shayri Part 31


चलो अच्छा हुआ, जो तुम मेरे दर पे
नहीं आए , तुम झुकते नहीं, और मै
चौखटें ऊंची कर नही पाता …

*******

समेट कर रखे ये कोरे पन्ने एक रोज
बिखर जाएंगे …
जिंदगी तेरे किस्से खामोश रहकर
भी बयां हो जाएंगे…

*******

कोई अजनबी ख़ास हो रहा है,
लगता है फिर प्यार हो रहा है !!

*******

वो तूफ़ान है या ज़लज़ला है,
जो भी है है बड़ा दिलजला है ।

*******

मेरी फितरत ही कुछ ऐसी है कि,
दर्द सहने का लुत्फ़ उठाता हु मैं…

*******

“हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते …..
वक़्त की शाख़ से लम्हें नहीं तोड़ा करते”

*******

मैंने पूछा लोग कब चाहेंगे, मुझे
मेरी तरह……
बस मुस्कुरा के कह दिया सवाल अच्छा है….!!

*******

उसने यह सोचकर अलविदा कह
दिया……
गरीब लोग हैं, मुहब्बत के सिवा क्या देँगे…..!!

*******

न करवटे थी न बेचैनियाँ थी,,
क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले…

*******

मैं क्या महोब्बत करूं किसी से, मैं तो गरीब हूँ….
लोग अक्सर बिकते है, और खरीदना मेरे बस में नहीं….

*******

अब तो इन आँखों से भी जलन होती है मुझे…
खुली हो तो ख्याल तेरे!
बंद हो तो ख़्वाब तेरे!..

*******

मेरी आँखों को सुर्ख़ दैख कर केहते हे लौग,,

लगता हे…तेरा प्यार तुझे आज़माता बहुत हे..

*******

सबब तलाश करो…..अपने हार जाने का,,

किसी की जीत पर रोने से कुछ नहीं होगा..

*******

लेकर के मेरा नाम मुझे कोसता तो है,
नफरत ही सही, पर वह मुझे सोचता तो है…

*******

खुद को खुद की खबर न लगे
कोई अच्छा भी इस कदर न लगे….

आपको देखा है उस नजर से
जिस नजर से आपको नजर न लगे ..

*******

छुपा लूंगा तुझे इस तरह से मेरी बाहों में;
हवा भी गुज़रने के लिए इज़ाज़त मांगे;
हो जाऊं तेरे इश्क़ में मदहोश इस तरह;
कि होश भी वापस आने के इज़ाज़त मांगे।

*******

पूछते थे ना कितना प्यार है हमें तुम से

लो अब गिन लो… ये बूँदें बारिश की…

*******

इस कदर उधार लेके खाया है मेने,,,कि दुकानदार भी हमारी जिंदगी की दुआ करते हैं…

*******

घर में तो अब क्या रक्खा है ! वैसे आओ तलाश करें,
शायद कोई ख्व़ाब पड़ा हो इधर उधर किसी कोने में…

*******

तेरे प्यार में हुनर आ गया है
वकीलों सा,

मुझसे मिलने की
तारीख पर तारीख दिए जाते हो …

*******

रोक कर बैठे हैं कई समंदर आँखों में
दगाबाज़ हो सावन तो क्या…
हम खुद ही बरस लेंगे…

*******

हो गई हो कोई भूल, तो दिल से माफ़ कर देना….
सुना है कि, सोने के बाद, हर किसी की सुबह नहीं होती..!!

*******

तम्मन्ना है की कोई हमारी सख्शियत से भी प्यार करे।

वरना हैसियत से प्यार तो तवायफ़े भी करती हैं।

*******

दिल है कदमों पे किसी के सर झुका हो या न हो,
बंदगी तो अपनी फ़ितरत है, ख़ुदा हो या न हो।

*******

यूँ तो सिखाने को ज़िन्दगी बहुत कुछ सिखाती है…!!

मगर ,,
झूठी हंसी हँसने का हुनर तो बस मोहब्बत ही सिखाती है…!!

*******

मैँ कैसा हूँ’ ये कोई नहीँ जानता,

मै कैसा नहीँ हूँ’

ये तो शहर का हर शख्स बता सकता है…

*******

एक तेरे बगैर ही ना गुज़रेगी ये जिंदगी….
बता मैँ क्या करूँ सारे ज़माने की मोहब्बत लेकर॥

*******

जेबका वजन बढाते हुए
अगर दिलपे वजन बढे….
तो समझ लेना
कि सौदा घाटेका ही है..!

*******

उस्ताद ए इश्क सच कहा तूने.,
बहुत नालायक हूँ मै…
मुद्दत से इक शख्स को अपना बनाना नही आया.

*******

“कुछ लोग दुनिया से डर कर फैसले छोड़ देते हैं ,
और कुछ लोग हमारे फैसले से डर कर
दुनिया छोड़ देते हैं…!!

*******

चांद रोज़ छत पर आकर इतराता बहुत था,
कल रात मैंने भी उसे तेरी तस्वीर दिखा दी.

*******

हम ना कहते थे वक्त ज़ालिम है,

देखलो ! ख़्वाब हो गए तुम भी।

*******

औरों के लीए जीते थे, कीसी को कोई शीकायत न थी।
अपने लीए जीने का क्या सोचा, सारा ज़माना दुश्मन हो गया…

*******

कितनी छोटी सी दुनिया है मेरी,
एक मै हूँ और एक दोस्ती तेरी…!!

*******

रात भारी सही कटेगी ज़रूर बापु,
दिन कडा था, मगर गुज़र के रहा..

*******

वो दुआएं काश मैने दीवारों से मांगी होती,,
ऐ खुदा……
सुना है कि उनके तो कान होते है…

*******

तुम्हारे ख्वाबों को गिरवी रखके…

तकिये से रोज़ रात थोड़ी नींद उधार लेता हु..

*******

शायरी मेरा शौक नहीं….
ये तो मोहोब्बत की कुछ सज़ाएं हैं…

*******

पलकें खुली सुबह तो ये जाना हमने,
मौत ने आज फिर हमें ज़िन्दगी के हवाले कर दिया.!

*******

हर बार मिली है मुझे अनजानी सी सज़ा,

मैं कैसे पूछूं तकदीर से मेरा कसूर क्या है।

*******

नरम नरम फूलों का रस निचोड़ लेती है..
पत्थर के दिल होते है तितलियों के सीने में…

*******

अजीब सी बेताबी है तेरे बिना,
रह भी लेते है और रहा भी नही जाता…

*******

“जाने क्यों रिश्तों में जज्बात बदल जाते हैं.
कभी लोग तो कभी हालात बदल जाते हैं.”

*******

लोग जाते हे मंदीर मस्जीद, दुआ मांगने राम से,
जनमदीन हो मुबारक, तु मीला हमे साकी जाम से |

*******

दुअा करो कि सलामत रहे मेरी हिम्मत,
यह एक चिराग कई आंधियो पर भारी है !!

*******

ना इश्क़ हार मानता

और ना ही दिल बात मानता

क्यों नहीं तुम ही मान जाते,,,,

*******

“टूट जाऊँ मोहब्बत में या फिर टूट कर मोहब्बत करुँ….
इस बार मेरे पास बस इक यहीं रास्ता हैं..”

*******

सिगरेट के साथ बुझ गया सितारा शाम का,
मयखाने पुकारे.. ग्लास की उम्र होने आई है…

*******

लोग मेरी दीवानगी को फ़कीरी समझते रहे..

मैं तो उसे देखने की खातिर भीक मांगता रहा ..

*******

“ज़माना जब भी मुझे मुश्किल मे डाल देता है.
मेरा ख़ुदा हज़ार रास्ते निकाल देता है”..

*******

दुनियाँ की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाया करती है दोस्तो…

एक ” कामयाबी ही है जो ठोकर खा के ही मिलती है …!!”

*******

जब तक हम किसी के हमदर्द नही बनते,
तब तक हम दर्द से और दर्द हमसे जुदा नही होता…!!!

*******

एक बेबफा के जख्मो पे मरहम लगाने हम गए..
मरहम की कसम मरहम न मिला मरहम की जगह मर हम गए…

*******

लगता है बारिश भी मैखाने जाकर आती है..!!

कभी गिरती, कभी संभालती,
तो कभी लड़खड़ा कर आती है..!!

*******

क्या रोग दे गई है ये नए मौसम की बारिश,
मुझे याद आ रहे हैं मुझे भूल जाने वाले…!!!!

*******

इतने जालिम न बनो कुछ तो दया सीखो,
तुम पे मरते हैं तो क्या मार ही डालोगे।।

*******

शीशे में डूब कर पीते रहे उस
‘जाम’ को…

कोशिशें तो बहुत की मगर,
भुला न पाए एक ‘नाम’ को !!

*******

मैने फल देख के इन्सानों को पहचाना है,
जो बहुत मीठे हों अंदर से सड़े रहते हैं !

*******

गुलाम हु मै अपने घर के संस्कारो का ,
वरना मै भी लोगो को उनकी औकात दीखाने का हुनर रखता हुं..!!!

*******

तुझमेँ और मुझमेँ फर्क है सिर्फ इतना,
तेरा कुछ कुछ हूँ मैँ,और मेरा सब कुछ है तू…..

*******

जो न मानो तो फिर तोल लेना तराजू के पलड़ों पर,

तुम्हारे हुस्न से कई ज्यादा मेरा इश्क भारी है।

*******

फटी जेब सी ज़िन्दगी, सिक्को से दिन…
लो आज फिर ..इक गिर कर गुम हो गया..!!

*******

इक न इक रोज़ कहीं ढूँढ ही लूँगा तुझको,,

ठोकरें ज़हर नहीं हैं, कि मैं खा भी न सकूँ..

*******

सिर्फ ख्वाबो से ही नही मिलता सुकुन सोने का ,
किसी की याद मे जागने का मजा ही कुछ और है…

*******

तु मिल गई है ताे मुझ पे नाराज है खुदा,
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है..!!

*******

तुम सामने आये तो, अजब तमाशा हुआ..
हर शिकायत ने जैसे, खुदकुशी कर ली..!!

*******

निग़ाहों में अभी तक दूसरा कोई चेहरा ही नहीं आया.. !!

भरोसा ही कुछ ऐसा था,तेरे लौट आने का…!!

*******

परेशान न हो, में गम में नहीं हुं,
सिफॅ मुस्कराने कीआदत चली गई हैं !

*******

ख़ुशी तकदीरो में होनी चाहिए,
तस्वीरो में तो हर कोई खुश नज़र आता है…

*******

तू बदनाम ना हो,
सिर्फ इसलिये जी रहा हूं मै

वरना तेरी चौखट पे मरने का
इरादा तो रोज़ ही होता है…..

*******

शब्द मुफ्त मिलते है…,
आप जिस तरह उपयोग करे,
वैसी कीमत चुकानी पड़ती है…।

*******

जाम तो उनके लिए है
जिन्हें नशा नहीं होता
हम तो दिनभर “तेरी यादों के
नशे में यूँ ही डूबे रहते है।

*******

जहर …
मरने के लिए थोडा सा.. !
लेकिन.
जिंदा रहने के लिए ……. बहुत
सारा पीना पड़ता है ..!!

*******

नाम छोटा है मगर दील बडा रखता हुँ….¡¡¡
पैसो से इतना अमीर नही….¡¡¡

मगर अपने यारो के गम खरीदने की औकात रखता हु…

*******

मुश्किलोंकी लहरोंको चिरकर मंजील हम पा लेंगे..
ऐ जिंदगी तु बस देखती जा..

*******

“जो तालाबों पर चौकीदारी करते हैँ.
वो समन्दरों पर राज नहीं कर सकते”..

*******

यार तो अक्सर मदिरालय मे हीं मिलते हैं,
वर्ना अपने तो मंदिर में भी मुँह मोड़ते हैं…

*******

जब हो थोड़ी फुरसत, तो अपने मन की बात हमसे कह लेना…….
बहुत खामोश रिश्ते…. कभी जिंदा नहीं रहते…….

*******

दुनिया में रहने के लिये दो ही जगह अच्छी हे,
किसीके ‘दिल’ में या किसीके ‘दुआ’ में. दिल तो हमारे नसिब नही, बस दुवा में याद रखना….

*******

मत पूछ के किस तरह से चल रही है जिन्दगी…….,,,
उस दौर से गुजर रहे है…..,,जो गुजरता ही नही..!

*******

लब ये कहते हैं कि चलो अब मुस्कुराया जाये,

सोचती हैं आखे, दिल से दगा कैसे किया जाये….!!

*******

एक तरफ एक क़ातिल है एक तरफ एक हसीना !
मै क़ातिल की तरफ गया,सोचकर की वो एक ही बार मौत देगा !!

*******

कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है…

*******

अब ढूढ़ रहे हें , वो मुझ को भूल जाने के तरीके…!!
खफा हो कर उसकी मुश्किलें आसन कर दी मेने..!!

*******

“एक ही बात इन लकीरों में अच्छी हैं..
धोखा देती हैं, मगर रहती हाथ में ही हैं..”

*******

खुदा भी आख़िर पुछेगा मुझसे,,

मुझे पाँच वक़्त…उसे हर वक़्त..

*******

तफसीले छोड़ो…
बस इतना सुनो…

तुम बिछड़ गए…
हम बिखर गए…

*******

जुबाँ न भी बोले तो,
मुश्किल नहीं…

फिक्र तब होती है जब…
खामोशी भी बोलना छोड़ दें…।।

*******

क्यों गरीब समझते हैं हमें ये जहां वाले,

हजारों दर्द की दौलत से मालामाल हैं हम…

*******

हम रखते है ताल्लुक तो निभाते है जिंदगी भर,
हम से बदले नहीं जाते रिश्ते, लिबासो की तरह.

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एक तेरी ख़ामोशी जला देती है इस पागल दिल को;
बाकी तो सब बातें अच्छी हैं तेरी तस्वीर में !!!

*******

एक बस तुम से बात हो जाए तो रात को दिल कहता है..

“आज दिन अच्छा था”…….

*******

लबों पे अपने कुछ सवाल ले आते थे रोज़… वो इन्हें चूमकर… अक्सर जवाब छोड़ जाया करती थी…

*******

कुछ कुछ सिगरेट के धुएँ का काम था,
और बाकी का काम
तुम्हारे लबों पे सुलगते इश्क ने
और ये लब मेरे… काले से हो गए…

*******

सब वैसा ही है,
कल जैसा।
बस मैं तुमसा हो गया,
और तुम आज भी वही हो,
बेखबर।

*******

मेरे हर ख़्वाब को पूरा करने का ख़्वाब देखते हैं पिताजी…
कुछ सपने उनके अधूरे रह गए होंगे शायद….

*******

अभी मुठ्ठी नहीं खोली है मैंने आसमां सुन ले..
तेरा बस वक़्त आया है मेरा तो दौर आएगा…!!

*******

खामोशियाँ कर दें बयान तो अलग बात है,
कुछ दर्द हैं जो लफ्जों में उतारे नहीं जाते…

*******

मुफ्त मे अहसान न लेना यारों ,,,
दिल अभी ओर भी सस्ते होंगे बाज़ार में …..

*******

अब समझ लेते हैं, मीठे लफ़्ज़ की कड़वाहटें ,
हो गया है ज़िन्दगी का तजुर्बा थोड़ा बहुत…

*******

इतना कीमती न कर तू खुद को,अक्सर लोग मँहगी चीजों को देखकर छोड़ देते हैं!

*******

सुखे पेड़ों पर परिन्दे भी नहीं आते,,

मुफ़लिसी हो तो मेहमान भी घर नहीं आते..

*******

लोग कहते हैं कि तुम्हारी आसतिन मे साँप है ।
मगर क्या करें हमारा वजूद ही चंदन का है ।

*******

तु मिल गई है ताे मुझ पे नाराज है खुदा..

कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है..!!

*******

कितने झूठे हो गये है हम,
बच्चपन में अपनों से भी रोज रुठते थे, आज दुश्मनों से भी मुस्करा के मिलते
है!!

*******

जो फ़किरी मिजाज रखते हे वो ठोकरो मे भी ताज रखते हे ,
जीनको कल की फ़िकर नही वो मुठ्ठी मे भी आज रखते है ॥

*******

इश्क की गहराईयों में खूबसूरत क्या है,
मैं हूँ, तुम हो और कुछ की ज़रुरत क्या है!!?

*******

मेरी दोस्ती का फायदा उठा लेना, क्युंकी…
मेरी दुश्मनी का नुकसान सह नही पाओगे…!

*******

छोटे थे तो सब नाम से बुलाते थे
बड़े हुए तो बस काम से बुलाते है!

*******

लौट आता हूँ वापस घर की तरफ…
हर रोज़ थका-हारा, आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ या काम करने के लिए जीता हूँ।

*******

मैं एकेला नही रहता हुं जब मैं मेरे साथ होता हूँ ,
मैं तन्हा हो जाता हूँ जब मैं तेरे साथ होता हूँ…

*******

हँस कर दर्द छुपाने की कारीगरी मशहूर है मेरी,,,
पर कोई हुनर काम नहीं आता ,जब तेरा नाम आता हैं…!!

*******

ये खामोश मिजाजी तुम्हें जीने नहीं देगी ,,,
इस दुनिया में जीना है तो कोहराम मचा दो।।

*******

मुझे इतना नीचे भी मत गिराना हे ईश्वर! कि मैं पुकारूँ और तू सुन ना पाये;
और इतना ऊँचा भी मत उठाना कि तू पुकारे और मैं सुन ना पाऊं।

*******

तुझे हकीक़त में अक्सर लोग मुझसे छीन लेते हैं,
तुम मिलने मुझसे आया करो अब सिर्फ ख़्वाबों में।

*******

अमीर होता तो खरीद लाता दिल नकली…!
दिलदार हूँ इसलिये दे रहा हू दिल असली…!

*******

तु भी समज जाओगे अंजामे मौहब्बत ऐ दोस्त,
मौत किस्तो मे जब आती है तो बहुत ददॅ होता है…

*******

मैं तेरे नसीब कि बारिश नहीं जो तुजपे बरस जाऊं!
तुजे तक़दीर बदलनी होगी मुझे पाने के लिए!

*******

दर्द सेहने की आदत कुछ इस कदर हाे गई,
की जब दर्द नहीं मिलता ताे दर्द हाेता है..!!

*******

वो अच्छा है तो अच्छा है,वो बुरा है तो भी अच्छा है,,
दोस्ती के मिजाज़ में, यारों के ऐब नहीं देखे जाते!!

*******

मुझे लिख कर कही महफूज़ कर लो दोस्तो ..

आपकी यादाश्त से निकलता जा रहा हूँ में !!

*******

आओ ….. ताल्लुकात को कुछ और नाम दें,
..
ये दोस्ती का नाम तो बदनाम हो गया..

*******

आसमा में मत ढूढ अपने सपनों को,
सपनों के लिए तो जमी जरूरी है.

सब कुछ मिल जाये तो जीने का क्या मजा,
जीने के लिए एक कमी भी जरूरी है…

*******

मैं सब जगह हूँ…|| पसंद करने वालों के “दिल” में, और नापसंद करने वालों के “दिमाग” में…

*******

जंगल मे जब शेर चैन की निन्द सोता है,
तो कुतो को गलतफहमी हो जाती है
के इस जंगल मे अपना राज है…

*******

सुना है मोहब्बत कर ली तुमने भी

अब किधर मिलोगे ?

पागलखाने या मैखाने…!!!

*******

ऐ खुदा काश तेरा भी एक खुदा होता तो
तुझे भी ये अहसास होता कि,
दुआ कुबुल ना होने पे कितनी तकलीफ होती है…

*******

जिन्दगी प्यार की दो चार घड़ी होती है |
कोन सी चीज महुब्बत से बड़ी होती है ||

*******

उसे बोल दो कि मेरे खवाबो मे ना आया करे,
रोज आँख खुलती हे और दिल टुट जाता हे!!

*******

उसे हम याद आते है मगर फुर्सत के लम्हों में !
यह बात और है की उसे फुर्सत ही नहीं मिलती .

*******

आओ कुछ देर ज़िक्र कर्रें उन दिनों का,
जब तुम हमारे और हम तुम्हारे थे..!!

*******

वो मेरि होगि तो लोट आएगि एक दिन मेरे पास,
हम जिसे प्यार कर्ते हे उसे कैद नहि कर्ते..!!!

*******

तूम्हारे बाद मेरा कोन बनेगा हमददॅ ..;;

मेने अपने भी खो दीए.. तूम्हे पाने कि जीद मे …;

*******

तेरी चुप्पी ग़र… तेरी कोई मज़बूरी है.!.

तो रहने दे… इश्क़ कौन सा ज़रूरी है..!!

*******

हमने अपने नसिब से ज्यादा अपने दोस्तो पर
भरोसा रखा है.”क्यु की नसिब तो बहोत बार बदला है”. लैकिन मेरे दोस्त अभी भी वहि है”

*******

जा जाकर धड़क उसके सीने में ऐ दिल…
हम उसके बिना जी रहे है तो तेरे
बिना भी जी लेंगे!!….

*******

निकले थे कुछ अच्छा करने, पर बदनाम हो गए…
अब अफसोस क्या करना जब सरेआम हो गये…!!

*******

दुखती रग पर ऊँगली रखकर पूछ रही हो कैसे हों …
तुमसे ये उम्मीद नहीं थी दुनिया चाहे जैसी हों …

*******

सजा तो मुझे मिलना ही थी मोहब्बत में !
मैंने भी तो कई दिल तोड़े थे तुझे पाने के लिए!

*******

रेस वो लोग करते है जीसे अपनी किस्मत आजमानी हो,

हम तो वो खिलाडी है…!!
जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है.

*******

झूठ अगर यह है कि तुम मेरे हो,तो यकीन मानो , मेरे लिए सच कोई मायने नहीं रखता…

*******

मैं तेरे नाम का एक सपना हूँ

और तू?
तू मेरे हिस्से की नींद हैं
जो मुझसे दूर… बहुत दूर रहती हैं…

*******

खुशियाँ तो कब की रूठ गयी हैं काश की,
इस ज़िन्दगी को भी किसी की नज़र लग जाये..

*******

उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था ए दोस्त…..

भूल गये थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती…

*******

कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है…

*******

वो दोस्त मेरी नजर में
बहुत माएने रखते है,

वक़्त आने पर सामने
जो मेरे आइने रखते है…

*******

ये इश्क भी क्या चीज़ है ग़ालिब..
एक वो है जो धोखा दिए जाते हैं..

और एक हम है,
जो मौका दिए जाते हैं……

*******

समंदर के बीच पहुँच कर फ़रेब किया तुमने,
तुम कहते तो सही किनारे पर ही डूब जाते हम…

*******

दर्द तो अकेले ही सहते हैं सभी.
भीड़ तो बस फ़र्ज़ अदा करती है….

*******

प्यार के नाम पे यहाँ तो लोग खून पीते है,
मुझे खुद पे नाज़ है की मैं सिर्फ शराब
पीता हु..!!!

*******

पलकों की हद को तोड़ कर दामन पे आ गिरा,

एक अश्क़ मेरे सब्र की तौहीन कर गया….

*******

दूर ईतना ही जाना ….
की तेरी आहट से आवाज़ मेरी टकराती रहे …

*******

इधर आ रक़ीब मेरे, मैं तुझे गले लगा लूँ
मेरा इश्क़ बे-मज़ा था, तेरी दुश्मनी से पहले…

*******

मेरी फितरत ही कुछ ऐसी है कि,
दर्द सहने का लुत्फ़ उठाता हु मैं…

*******

गुनाह है गर इश्क तो……………
कबूल है मुझे हर सज़ा इश्क की…

*******

उसने यह सोचकर अलविदा कह
दिया……
गरीब लोग हैं, मुहब्बत के सिवा क्या देँगे…..!!

*******

न करवटे थी न बेचैनियाँ थी,,
क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले…

*******

मैंने पूछा लोग कब चाहेंगे, मुझे
मेरी तरह……
बस मुस्कुरा के कह दिया सवाल अच्छा है….!!

*******

लफ़्ज़ों से काश बयाँ कर पातें,
ख़ामोशियाँ क्या असर करती हैं..!!!

*******

लिपटे तुझसे कुछ यूँ… कि बिछड़ने का तरीक़ा भूल गए…

*******

तुमसे पहले भी रातें बीतती थी बिना नींद के ही…
तुम्हारे आने से इन आंखों को जागने का एक मतलब मिल गया…

*******

साला किस्मत भी ऐसी है की जिस दिन मेरा सिक्का चलेगा न,
ठीक उसी दिन सरकार सिक्कों पे रोक लगा देगी।

*******

चले जाएंगे तुझे तेरे हाल पर छोड़कर… कदर क्या होती है ये तुझे वक्त सिखा देगा…

*******

एक आह पे मेरी गिरते थे जिनके हजारो आंसू…..
आज वो भी मेरे ज़ख्मो पे मुस्कुराने लगे ….!

*******

दर्द की चाहत किसे होती है मेरे दोस्त,
ये तो मोहब्बत के साथ मुफ़्त में मिलता है..!!

*******

बहुत मुस्कुरा रहे हो जनाब,
लगता है तुम्हारा इश्क अभी नया नया है ।..

*******

ऐ जिंदगी तू सच में बहुत ख़ूबसूरत है…!
फिर भी तू, उसके बिना अच्छी नहीँ लगती…!!

*******

उनकी चाल ही काफी थी इस दिल के होश उड़ाने के लिए…

अब तो हद हो गई जब से वो पाँव में पायल पहनने लगे !!

*******

हैसियत की बात ना कर दोस्त,
तेरी जेब से बड़ा मेरा दिल है.!!

*******

शायरी से ज्यादा प्यार मुझे कहीं नही मिला..
ये सिर्फ वही बोलती है, जो मेरा दिल कहता है…!!!

*******

क्या हुआ अगर हम किसी के दिल में नहीं धड़कते, आँखों में तो बहुतों के खटकते हैं…

*******

ना हि हम नेता हे ओर ना हि गुंडे पर ,,
जहा जाते वहा लोग हाथ जोडते कयुकि हम ठककर है।।।।

*******

ख्वाईशें बाादशाहों को गुलाम बना लेती है,
पर सब्र गुलाम को बादशाह बना देता है..!!!

*******

अब अगर हमको खुशी मिल भी गई तो कहाँ रखेंगे
हम….
आँखों में हसरते है और दिल में किसी का ग़म….

*******

पैदा तो सभी मरने के लिये ही होते है..
पर मौत ऐसी होनी चाहिए, जिस पर जमाना अफसोस करे…!!

*******

कभी किसी की, मोहब्बत को मत परखना मेरे दोस्त…
क्योकि..
किसी गरीब कपड़ो के अन्दर, एक अमीर दिल मौजूद हो सकता है..!

*******

‘सब्र’ एक ऐसी ‘सवारी’ है जो अपने ‘सवार’ को कभी गिरने नहीं देती;
ना किसी के ‘क़दमों’ में और ना किसी के नज़रों ‘में’।

*******

बस इन्सान ही है जो किसी से मिलता जुलता नहीं,
वरना ज़माना तो भरपूर मिलावट का चल रहा है…….

*******

ये मोहब्बत भी आग जैसी है ..लग जाये
तो बुझती नही..और…बुझ जाये तो..जलन होती है…!

*******

तू तो ख्वाब थी, हकीकत कभी हुईं तो नहीं…
मैंने बस ख्वाब हारा है, तुझे पाने का हौसला तो नहीं..!

*******

कुछ लौग ये सोचकर भी मेरा
हाल नहीं पुँछते…!

कि यै पागल दिवाना फीर कोई
शैर सुना देँगा .!!

*******

बचपना अब भी वही है हममें ….
बस ज़रूरतें बड़ी हो गयीं हैं ….

*******

झुक के जो आप से मिलता होगा,
उस का क़द आप से ऊँचा होगा…

*******

मर जाता हूँ, जब यह सोचता हूँ
मै तेरे बग़ैर जी रहा हूँ…

*******

वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त…..
मजा तो तब है जब वक्त बदल जाये पर यार ना बदले….

*******

तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं,
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं…

*******

वो तो कह कर चली गयी की मुझे कल से भूल जाना..

सदियों से में”आज”को रोक कर बैठा हूँ !!

*******

मसला जब भी चला है खूबसूरती का,
फैसला सिर्फ आपके चहेरेने कियां है….!!!

*******

आईना खफा हो गया,
जब चहेरे बदल गये………..

*******

याद तो अब भी है तेरी, दिल में..
पर वो रास्ता, वो मंजिले खत्म हो गयीँ..!

*******

वो बड़े ताज्जुब से पूछ बैठा मेरे गम
की वजह..
फिर हल्का सा मुस्कराया, और कहा,
मोहब्बत की थी ना… ??

*******

मत कर यूं बेपनाह इश्क, ऐ नादां दिल उनसे..
बहुत जख़्म लगते हैं, जब उँचाई से गिरते हैं..!

*******

तू रूठी रूठी सी रहती है ऐ जिंदगी!!!,
कोई तरकीब बता तुझे मनाने की!!!,

मैं साँसें गिरवी रख दूंगा अपनी!!!,
बस तू कीमत बता मुस्कुराने की!!!

*******

कबर को देख के ये रंज होता है “दोस्त”,
के इतनीसी जगह के लिए मरना पड़ा…

*******

हार ने के लिये तो बहुत कुच है मेरे पास.
बस मेरी ” जीत “सिफँ तुम…

*******

मोहब्बत भीख है शायद..
बड़ी मुश्किल से मिलती है.!!

*******

नही हो सकता कद
तेरा ऊँचा किसी भी माँ से….

ए खुदा…..!! तू जिसे आदमी बनाता है,
वो उसे इन्सान बनाती है….!!

*******

तलाशी लेकर मेरे हाथों की, क्या पा लोगे तुम बोलो…
बस..
चंद लकीरों में छिपे, अधूरे से कुछ किस्से हैं..!

*******

शायरी मेरा शौक नही, दोस्तों….
ये तो, मोहब्बत की कुछ सज़ाएं हैं.!!

*******

न दर्द हुआ सीने में, न माथे पे शिकन आई…
इस बार जब दिल टूटा तो बस मुस्कान आई…

*******

बात तो सिर्फ जज़्बातों की है
वरना,
मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती…

*******

ख़ामोशी छुपाती है ऐब और हुनर दोनों ,

शख्सियत का अंदाज़ा गुफ्तगू से होता है ..!!

*******

काश किस्मत भी नींद
की तरह होती ,
हर सुबह खुल जाती …

*******

सुलग रही हैं अगरबितयाँ सी मुझ में,
तेरी याद ने महका भी दिया और जला भी दिया…

*******

दिलों में खोट है ज़ुबां से प्यार करते हैं…

बहुत से लोग दुनिया में यही व्यापार करते हैं…

*******

दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे,
जब बरसी ख़ुशियाँ …
न जाने भीड़ कहा से आई………

*******

“उम्र भर चलते रहे …मगर कंधो पे आये कब्र तक,

बस कुछ कदम के वास्ते गैरों का अहसान हो गया……!!

*******

मुझे किस तरफ जाना है कोई खबर नहीं,ए-दोस्तों,
मेरे रस्ते खो गए…मेरी मोहोब्बत की तरह.

*******

अजीब कहानी है इश्क और मोहब्बत
की,
उसे पाया ही नहीं फिर भी खोने से
डरता हूँ…

*******

दिलो जान से करेंगे हिफ़ाज़त तेरी..
बस एक बार तू कह दे कि ” मैं अमानत हूं तेरी..

*******

हो सके तो अब कोई सौदा ना करना….!
मैं पिछली महोब्बत में जिन्दगी हार
आया हूँ!

*******

क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज,
हाल हमारा पूँछ कर …
हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा हैं. .

*******

साला दिल तो सिने मैं होता है….पर
जब टूटता है,
तो दर्द पुरे जिस्म मैं होता है…

*******

एक शर्त पर खेलूँगा ये प्यार की बाज़ी,
मैं जीतू तो तुझे पाऊँ, और हारूँ तो तेरा हो जाऊ…

*******

हथेलियों पर मेहँदी का ”जोर ना डालिये…

दब के मर जाएँगी मेरे “नाम” कि लकीरें…!!!!

*******

ये बड़े शहर और बेइंतेहा ऊँची इमारतें…
के अब ये अँधेरा रात में कम और दिल में ज्यादा होता है…!!

*******

तुम्हारा ख्याल भी तुम्हारी तरह मेरी नही सुनता….!!
जब आता हैतो बसआता ही चला जाता है….!!

*******

नशा दौलत का हो, या शोहरत का
चूर कर देता है।
और नशा अगर मोहब्बत का हो,तो मशहूर कर देता है।।

*******

मैं तुम्हारी कुछ मिसाल तो दे दूँ…….
मगर जानां… !

जुल्म ये है कि …
बे-मिसाल हो तुम” …!!!

*******

क़ाश कोई ऐसा हो,
जो गले लगा कर कहे,
तेरे दर्द से,
मुझे भी तकलीफ होती है..

*******

इंसान बिकता है …
कितना महँगा या सस्ता ये
उसकी मजबूरी तय करती है…!

*******

आज फिर जख्मों पर नमक डाला गया है….

फिर मुद्दा तेरा-मेरा आज उछाला गया है…

*******

इश्क़ में ख्वाब का ख्याल किसे,
ना लगी आँख, जब से आँख लगी।

*******

जब पैसा होता हे तब आप दुनिया को देखते हो,
जब नहो तब दुनिया को समजते हो…

*******

शेर अगर चूप है तो इसका मतलब ये नही .की वो दहाड़ना भूल गया…

*******

बहुत उदास बैठे हो….

कहो तो दिल दूं खेलने के लिए….!!

*******

चलो आज फिर थोड़ा मुस्कुराया जाएँ,
बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाएँ…

*******

मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है;
पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है।

*******

तड़पते है नींद के लिए तो यही दुआ निकलती है !!!
बहुत बुरी है मोहबत,
किसी दुश्मन को भी ना हो…!!

*******

हम मतलबी नहीं की चाहने वालो को धोखा दे ,
बस हमें समझना हर किसी की बसकी बात नही !!!

*******

तुं हर जगह खबसुरती तलाश न कर,
हर अच्छी चीज मेरे जैसी नहीं होती !

*******

खुशियाँ पैसों की मोहताज नहीं होती.. खुशियाँ हो तो बरकत भी हो जाती है।

*******

ये तारों की नीरसता और चाँद का धुंधलापन — मेरी बेबसी का बयान हैं।

*******

अजब दस्तूर है ज़माने का,, लोग यहाँ पूरी इमानदारी से अपना ईमान बेचते हैं,,

*******

मुझको मेरे अकेलेपन से अब शिकायत नहीँ है।
मैँ पत्थर हूं मुझे खुद से भी मुहब्बत नहीँ है।

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तेरे हाथों में मुझे अपनी तक़दीर नज़र आती है;

देखूं मैं जो भी चेहरा तेरी तस्वीर नजर आती है…

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मेरी मौत पे किसी को अफ़सोस हो न हो,,
ऐ दोस्त पर तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफर चला गया..!!

*******

कितना भी चमके,
पीठ पीछे हर आईना काला ही हाेता है..!!

*******

क्या बताये कैसे कैसे मिल जाते है लाेग,
रहम दिल क्या हुए राेज छल जाते है लाेग..!!

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कर सको तो किसी को खुश करो
दुःख देते तो हजारों को देखा है….

*******

ए दोस्त…..

कौन कहता है की मुझ में कोई कमाल रखा है……

मुझे तो बस कुछ दोस्तो ने संभाल रक्खा है……

*******

इश्क़ बुझ चुका है,
क्यूंकि हम ज़ल चुके हैं….

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नहीं चाहिए वो जो मेरी किस्मत में नहीं ,
भीख मांग कर जीना मेरी फितरत में नहीं..!!

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हमने तो इससे कंही ज्यादा सहा है जिंदगी में,
आपका हमसे मुहँ मोड़ जाना कोई बड़ी बात नही..!!

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ढूंढ़ रही है वो मुझसे ख़फ़ा होने का तरीका,
सोचता हूँ थप्पड़ मारकर उसकी मुश्क़िल आसान कर दूँ..!!

*******

खेल ताश का हो या ज़िन्दगी का

अपना इक्का तभी दिखाना चाहिए

जब सामने वाला बादशाह निकाले..

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“तुम शिकायतें बहुत करती हो,बिछड़ने की!
पहले भी यही करती थी पर, मिलने की!!”

*******

शायद अब इश्क उतर रहा है सर से…..
मुझे अलफ़ाज़ नहीं मिलते शायरी के लिए….!

*******

‘नमक’ की तरह हो गयी है जिंदगी…
लोग ‘स्वादानुसार’ इस्तेमाल कर लेते हैं…!!!

*******

तेरे गुस्से पर भी आज हमें प्यार आया है..
चलो कोई तो है.. जिसने इतने हक से, हमें धमकाया है..!!

*******

जिंदगी बस इतना अगर दे दे तो काफी है… के सर
से चादर न हटे , और पांव भी चादर में रहे…!!!

*******

“दर्द को दर्द से न देखो,
दर्द को भी दर्द होता है,
दर्द को ज़रूरत है दोस्त की,
आखिर दोस्त ही दर्द में हमदर्द होता है”

*******

लहराती जुल्फे , कजरारे नयन , और ये रसीले होंठ …
बस कत्ल बाकी है , औज़ार तो सब पुरे हैं …

*******

चलो सिक्का उछाल के कर लेते हैं फैसला आज,
चित आये तो तुम मेरे और पट आये तो हम तेरे.

*******

नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से..
मैंने आने न दिया उसको तेरी याद से पहले…!!

*******

किस्मत तो लिखी थी मेरी सोने की कलम से,
पर इसका क्या करें कि स्याही में ज़हर था..

*******

ये मोहब्बत है या नफरत कोई इतना तो समझाए,
कभी मैं दिल से लड़ता हूँ कभी दिल मुझ से लड़ता है…

*******

अपनी तक़दीर में तो कुछ ऐसा ही सिलसिला लिखा है,
किसी ने वक़्त गुजारने के लिए अपना बनाया,
तो किसी ने अपना बना कर वक़्त गुज़ार लिया.

*******

जीतने वाला ही नहीं, बल्कि ‘कहाँ हारना है’ ये जानने वाला भी सिकंदर होता है..

*******

सब कुछ पा लिया मैंने , पर वो तेरे मेंहदी लगे हाथ मेरे ना हो सके..!!

*******

अब तो डरने लगा हुँ मैं …जब कोई कहता हैं की “मेरा विश्वास तो करो”.

*******

तेरे होते हुए भी तन्हाई मिली है,
वफ़ा करके भी देखो बुराई मिली है,

जितनी दुआ की तुम्हे पाने की,
उस से ज़यादा तेरी जुदाई मिली है…

*******

मैने कभी जुठ बोलना सीखा नही, ईसीलीये तो कई लोग मूजसे नफरत करते है…

*******

वो मेरी हसरत थी मैं उसकी जरुरत था ..

फिर क्या था ,

जरुरत पूरी हो गई हसरत अधूरी रह गई…

*******

नजर अंदाज करने कि कुछ तो वजह बताई होती,

अब में कहाँ कहाँ खुद में बुराई ढूँढू …!

*******

जब गिला शिकवा अपनों से हो तो ख़ामोशी भली…,,,

अब हर बात पर जंग हो जरूरी तो नहीं…!!!

*******

इश्क ने कब इजाजत ली है आशिक़ों से,
वो होता है, और होकर ही रहता है..!

*******

दिल ने आज फिर तेरे दीदार की ख्वाहिश रखी है,
अगर फुरसत मिले तो ख्वाबों मे आ जाना….. !

*******

तुम आओ और कभी दस्तक तो दो इस दिल पर…
प्यार उम्मीद से कम हो तो सज़ा-ऐ-मौत दे देना ॥

*******

तुम याद भी आते हो तो चुप रहते हैं, ….!!
के आँखो को खबर हुई तो बरस जाएंगी !!

*******

बिछड़ के वों रोंज मिलता हैं ख़्वाब नगर में…!!

अगर ये नींद भी ना होंती तों हम मर गये होंते…!!

*******

उसने पूछा कि कौनसा तोहफा है मनपसंद….?
मैंने कहा..वो शाम जो अब तक उधार है..

*******

कोई दगा देता है किसी को….
तो ‘तुम्हारी’ और याद आती है….

*******

कारन अगर रोने का पूछे तो फ़कत इतना कह देना….
मुझे हँसना नही आता, जहाँ पर वो ना हो….

*******

ऐ मोहब्बत तू शर्म से डूब मर,एक शख्श को तू मेरा ना कर सकी…!!!

*******

जब सब तेरी मरजी से होता हे…
तो ऎ खुदा, ये बन्दा गुनाहगार केसे हो गया…

*******

वो शख्स फिर से मुझे तोड़ गया आज ,

जिसे कभी हम पूरी दुनिया कहा करते थे…

*******

याद नहीं वो रूठा था या मैं रूठा था,

साथ हमारा जरा सी बात पे छूटा था….

*******

तुम्हे हक़ है अपनी ज़िन्दगी जैसे चाहे जियो तुम…

बस जरा एक पल के लिए सोचना तुम मेरी ज़िन्दगी हो ….

*******

काश ये मोहब्बत ख्वाब सी होती,
बस आँखे खुलती और किस्सा खत्म.

*******

कुछ लोग ये सोचकर भी मेरा हाल नहीं पुँछते…!

कि ये पागल दिवाना फीर कोई शैर सुना देँगा….

*******

उलझते जाते है तेरे हर सवाल से ए ज़िन्दगी,
क्यों तुझे ज़वाबों से इतना लगाव सा है।।

*******

हमे भी आते हैं अंदाज़ दिल तोड़ने के,

हर दिल में खुदा बसता है यही सोचकर चुप हू मै ।।

*******

हम तो उम्र भर के मुसाफ़िर हैं..
मत पूछ, तेरी तलाश में कितने सफ़र किए हैं हमने ।।

*******

वक़्त के साथ ढल गया हूँ मैं,
बस ज़रा-सा बदल गया हूँ मैं l

*******

दिल से
मजबूर हुये
बैठे थे…
हाथों में तुम्हारी
तस्वीर लिये बैठे थे…..!!!

*******

जान दे सकते हैं हम ,
आपकी खातिर यही हमारे बस में है,

गरीब लोग हैं
नहीं करते बातें सितारे तोड़ लाने की … !

*******

चीजों की कीमत मिलने से पहले होती है,
और इंसानों की कीमत खोने के बाद…!

*******

कुछ लोगों को क्या खूब खुशियाँ मिलती है,
प्यासे को पानी नहीं मिलता,
और समुन्दर में नदियां मिलती हैं..!!

*******

एक तुम को अगर चुरा लूँ मैं….
हाय !
सारा जमाना गरीब हो जाये….!!

*******

ऐसा नहीं कि शख्स अच्छा नहीं था वो ,
जैसा मेरे ख्याल में था बस वैसा नहीं था वो ……

*******

हिचकियों को न भेजो अपना मुखबिर बना के..
हमें और भी काम हैं तुम्हें याद करने के सिवा..

*******

सोचा आज उसके सिवा कुछ और सोचूं,
और अभी तक इसी सोच मे हूँ की क्या सोचूँ??!!

*******

कुछ खास नहीं इन हाथों की लकीरों में,,
मगर तुम हो तो एक लकीर ही काफी है….

*******

दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती हैं…
शाम ढले इस सूने घर में मेला लगता है..

*******

हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए…
जब हम सिमट के आपकी बाहों में आ गए…

*******

बुझतें हुएं दिये पे हवाने असर किया,
मां ने दुआएं की तो दवाने असर किया.

– डो. नवाज देवबंदी

*******

मोहब्बत में सर झुका देना कुछ मुश्किल नहीं,
रौशन सूरज भी चाँद कि ख़ातिर डूब जाता है…

*******

शायरी मे सिमटते कहाँ है दिल के दर्द दोस्तो..
बहला रहे है खुद को जरा आप लोगो के साथ..

*******

ज़िन्दगी मिली भी तो क्या मिली,बन के बेवफा मिली…..

इतने तो मेरे गुनाह ना थे,जितनी मुझे सजा मिली….

*******

जुर्म गर मैंने किया है तो बताया जाए,
ऐसे चुप चाप न सूली पे चढाया जाए !!

*******

तुमको नाराज ही रहना है तो कोई बात करो ,
के चुपचाप रहने से मोहब्बत का गुमान होता है . . !!

*******

रुसवाई का डर है या अंधेरों से मुहब्बत खुदा जाने…
अब मैं चाँद को अपने आँगन में उतरने नही देता !!

*******

अरमान ही बरसो तक जला करते है मेरे दोस्त।
इंसान तो बस इक पल मे खाक हो जाता है…

*******

तलाश है इक ऐसे शक्स की , जो आँखो मे उस वक्त दर्द देख ले,

जब दुनियाँ हमसे कहती है, क्या यार तुम हमेशा हँसते ही रहते हो…

*******

चाहे दुआ कबुल हो या ना हो पगली ,

मुझे लोगों की तरह खुदा बदलना नहीं आता आदी…

*******

ना ज़ख्म भरे, ना शराब सहारा हुई।
ना वो वापस लौटे, ना मोहब्बत दोबारा हुई।

*******

तुमने ही सफ़र कराया था मोहब्बत की कश्ती का,
अब नजरे ना चुराओ मुझे डूबता देख कर..!.

*******

लोग रोज नसें काटते हैं ….
प्यार साबित करने के लिये,
पर कोई, सूई भी नही चुभने देता….
“रक्तदान” करने के लिये…..

*******

मुस्कुरा दो जरा खुदा के लिये,
शम्मे महेफिल में रोशनी कम है !

*******

ए शराब ..
मुझे तुमसे मोहब्बत नही । मुझे तो उन
पलों से मोहब्बत है जो तुम्हारे कारण मै
दोस्तौ के साथ बिताता हूँ….

*******

ना जाने क्या कशिश है उनकी मदहोश
निगाहो मे…..
नजर अंदाज कितना भी करो नजर उनपे ही पड़ती है ।

*******

फासलों को तय करने का होसला तो है,
महज अपने जहन मे तु मुझे रहने तो दे .

*******

वो अल्फाज़ ही क्या जो समझाने पड़े..
मैनें मोहब्बत की थी वकालत नहीं…!!

*******

किसी को युँ रुलाया नहीं करते,
झूठे खवाब किसी को दिखाया नहीं करते,
अगर कोई आपकी जिन्दगी में खास नहीं है,
तो उससे रह-रह कर ये एहसास दिलाया नहीं करते.

*******

अहसासों के काग़ज पर,
ख़ुद को लिखता रहता हूँ…

*******

“बुरे वक़्त का लम्हा हूँ,
अंधा, गूंगा, बहरा हूँ…

*******

गिरने को हूँ यूँ समझो,
एक पुराना कमरा हूँ…

*******

ये ना समझना कि खुशियो के ही तलबगार है हम,

तुम अगर अश्क भी बेचो तो उसके भी खरीदार है हम !

*******

तुम्हारा आना एक ख़्याल था,
जाना भी एक सपने जैसा है…

*******

सब आप की आँखों से जहाँ देख रहे हैं,
मैं आप की आँखों में जहाँ देख रहा हूँ ।

*******

सच ही लिखा था मेरे हाथों की लकीरों में ग़ालिब…
कि अगर तू प्यार करेगा तो बिखर जाएगा…!!

*******

वक़्त भी लेता है करवटें कैसी कैसी,
इतनी तो उम्र भी ना थी जितने सबक सीख लिए हमने…

*******

जब हौसला बना लिया ऊँची उड़ान का…
फिर देखना फिज़ूल है कद आसमान का…

*******

खुदा करे, सलामत रहें दोनों हमेशा,
एक तुम और दूसरा मुस्कुराना तुम्हारा.

*******

अजीब सा जहर है तेरी यादों मै..!!
मरते मरते मुझे सारी ज़िन्दगी लगेगी…!!

*******

कुछ खास नही बस इतनी सी है मोहब्बत मेरी .. !!

हर रात का आखरी खयाल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम…!!!

*******

कौन खरीदेगा अब हीरों के दाम में तुम्हारें आंशू ..!
वो जो दर्द का सौदागर था, मोहब्बत छोड़ दी उसने..!

*******

नमक तुम हाथ में लेकर, सितमगर सोचते क्या हो,,
हजारों जख्म है दिल पर, जहाँ चाहो छिड़क डालो…!!

*******

मुझे भी ज़िन्दगी में तुम ज़रूरी मत समझ लेना,
सुना है तुम ज़रूरी काम अक्सर भूल जाते हो…!!

*******

तुम जुआरी बड़े ही माहिर हो ..
एक दिल का पत्ता फेक कर जिदंगी खरीद लेते हो ..

*******

अक्सर लोग प्यार में कसमें खाते हैं….
पर जो कसमों का मोहताज हो…
वो प्यार कैसा..?????

*******

गर मुहब्बत खेल है ,हमने खुद को दांव पे लगा दिया है,
अब दुआ करते हैं रब से, तुम ज़रूर जीतो……..

*******

करीब आने की कोशिश तो मैं करूँ लेकिन;
हमारे बिच कोई फ़ासला दिखाई तो दे !!

*******

मेरी खामोशी देखकर मुझसे ये ज़माना बोला,
तेरी संज़ीदगी बताती है तुझे हँसने का शौक़ था कभी…!!

*******

ज़रा शिद्दत से चाहो तभी होगी आरज़ू पूरी।
हम वो नहीं जो तुम्हे खैरात में मिल जायेंगे .

*******

आटा कम पड़ गया था, माँ ने बटवारा कुछ इस तरह किया. मेरे हिस्से की भूख, उसके हाथ लगी. उसके हिस्से की रोटियाँ, मेरे हाथ.

*******

दिलों से खेलना हमे भी आता हे ,
पर जीस खेल में खिलौना टूट जाये ;
वो खेल हमे पसंद नही ।

*******

फर्क है दोस्ती और मोहोब्बत मे…
बरसो बाद मिलने पर
दोस्ती सीने से लगा लेती है,
और मोहब्बत,
नज़र चुरा लेती है…!!

*******

समझौतों की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया,
इतने घुटने टेके हमने आख़िर घुटना टूट गया…

*******

सिखा दिया दुनिया ने मुझे ,अपनो पर भी शक करना ।मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था ! …

*******

देखना .. एक दिन बदल जाऊगा पूरी तरह मैं,
तुम्हारे लिए न सही..
लेकिन…तुम्हारी वजह से ही सही..!!

*******

हाल पूछा न खैरियत पूछी
आज भी उसने,
हैसियत पूछी.

*******

इश्क़ महसूस करना भी इबादत से कम नहीं,
ज़रा बताइये, छू कर खुदा को किसी ने देखा हैं?

*******

तुम्हारी आँखों की तौहीन है जरा सोंचो
तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है !!

*******

दोनों जानते हे के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,
फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही हे !!

*******

पहले तो यूँ ही गुजर जाती थी …….
तुमसे मोहब्बत हुई तो रातों का एहसास हुआ……!!

*******

“खुद ही रोये और रोकर चुप हो गऐ.बस यही सोच कर कि आज कोई अपना होता तो रोने नही देता”.?

*******

वो लड़ेंगे क्या कि जो खुद पर फ़िदा हैं।।

हम लड़ेंगे, हम ख़ुदाओं से लड़े हैं।।

*******

हाथ पर हाथ रखा उसने तो मालूम हुआ,
अनकही बात को कैसे सुना जाता है।

*******

“चिलम को पता है अंगारों से आशिकी का अंजाम,
दिल में धुआं और दामन में बस राख ही रह जाएगी।।

*******

मेरे दुश्मन भी, मेरे मुरीद हैं शायद,
वक़्त बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं ,
मेरी गली से गुज़रते हैं छुपा के खंजर,
रु-ब-रु होने पर सलाम किया करते हैं !

*******

ढूंढ कर लाओ कोई हो तो सुलाने वाला,
सैंकड़ों लोग हैं दुनिया में जगाने वाले.

*******

यारा बता दे झरा कैसे करुँ मेँ ईझहार ए ईश्क ????
शायरि वोह समजती नहीँ और अदाए
हमें आती नहीँ |

*******

मेरे अलावा किसी और को अपना महबूब बना कर देख ले,
तेरी हर धड़कन कहेगी उसकी वफ़ा मैं कुछ और बात थी…

*******

हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए…
जब हम सिमट के आपकी बाहों में आ गए…

*******

उसका मिलना तक़दीर में ही नही था,
वरना…
मैंने क्या कुछ नही खोया, उसे पाने के लिए..!!

*******

परवाह करने वाले रूला जाते है,
अपना समझने वाले पराया बना जाते है,
चाहे जितनी वफाऐं कर लो इनसे,
न छोडेगे तुमको कहकर छोड जाते हैं….!

*******

सब कुछ मिला सकून की दौलत नहीं मिली,
एक तुज को भुल जाने की मोहलत नहीं मिली,
करने तो बहुत काम थे अपने लिए…!!
मगर हमको तेरे ख्यालो से फुर्सत नहीं मिली..

*******

ना तेरे आने कि खुशी ना तेरे जाने का गम,
गुजर गया वो जमाना जब तेरे दीवाने थे हम…।

*******

तू एकबार मेरी निगाहो मे देख कर कह दे, कि हम तेरे काबिल नही. !
कसम तेरी चलती साँसो की, हम तुझे देखना तक छोड़ देंगे…

*******

वहां से पानी कि एक बूँद भी न निकली …

तमाम उम्र जिन आँखों को झील लिखते रहे हम…..

*******

मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है…

मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं…!!

*******

कसुर इतना था की निगाहे उठादी सच के सामने…
वो कमबख्त झुठ सुनने बैठे थे ।

*******

वो मोबाइल के इक फोल्डर में तेरी तस्वीरें इकठ्ठा की है मैंने..
बस इसके सिवा और ख़ास कुछ
जायदाद नहीं है मेरी..!!

*******

ये जो तुम बार बार हवा देते हो, तो ये यादों के पन्ने फड़फड़ाते हैं….!!

भूल जाने दो अब, क्यों मुझे बार बार जगा देते हो…..!!!

*******

खरीदने निकला था थोड़ी ख़ुशी,
ज्यादा खुश तो वो मिले जिनकी जैबें खाली थी !!

*******

दुआ करते हैं हम सर झुका के,आप अपनी मंज़िल को पाए,अगर आपकी राहों मे कभी अंधेरा आए,तो रोशनी के लिए खुदा हमको जलाए.

*******

वो रूठ के बोली… “तुम्हें सब शिकायतें मुझ ही से हैं,”

हम ने सर झुका के कह दिया..,”मुझे सब उम्मीदें भी तो तुझ ही से हैं”..!!

*******

कल एक फ़कीर ने मेरी आँखों में झांक के बोला,
ऐ बन्दे तू तो बहुत खुशमिजाज़ था… इश्क़ होने से पहले……..

*******

शहंशाही नहीं ईसानियत अदा कर मेरे मौला,
मुझे लोगो पर नहीं दिलो पर राज करना है….

*******

हाेशीयार हम भी थे के मैफील मै बैठकर पिते रहे|
शराबी हि सहि, पर हमने खुद के जनाझे कि तैयारी करली….

*******

” तू रख यकीन बस अपने इरादों पर,
तेरी हार तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ! ”

*******

बेशक पलट के देख वो बीता कल है…
पर बढ़ना तो उधर ही है जहाँ आने वाला कल है..

*******

मुट्ठी भर उजाला बांट दीया
और कहा.. लो हो गयी सुबह !

*******

आसमाँ इतनी बुलंदी पे जो इतराता है,
भूल जाता है ज़मीं से ही नज़र आता है.

*******

सिगरेट जलाई थी तेरी याद भुलाने को,
मगर कम्बख्त
धुए ने तेरी तस्वीर बना डाली..!!

*******

सूरत तो फिर भी सूरत है…
मुझे तो तेरे नाम के लोग भी अच्छे लगते
है…!!

*******

बेबसी की शायरी करने वाले दो ही तरह के होते है,
या तो ठुकराए हुए , या फिर अपनाए हुए…

*******

आंखे कितनी भी छोटी क्यु ना हो,
ताकत तो उसमे सारे आसमान देखने
कि होती हॆ..!

*******

अपने सायें से भी ज़यादा यकीं है मुझे तुम पर,
अंधेरों में तुम तो मिल जाते हो, साया नहीं मिलता……..!!

*******

बादल चाँद को छुपा सकता है आकाश को नही…….
हम सबको भुला सकते है आप को नही…

*******

इन्कार किया जिन्होंने मेरा समय देखकर…
वादा है मेरा,
ऐसा समय भी लाऊंगा कि मिलना पड़ेगा मुझसे समय लेकर..”

*******

प्यार ,एहसान ,नफरत ,दुश्मनी जो चाहो वो मुजसे करलो… आप की कसम वही दुगुना मीलेगा..!!

*******

एक तन्हा रात…
एक आधा चांद …
एक टुकडा नींद…
एक चेहरा तुम …

*******

खैलती है मेरे दुखो के साथ,
जिंदगी किस कदर शरारती है..

*******

ये जब जब भरमाती है,
कुछ न कुछ सिखाती है.
ये ज़िंदगी है ,
देती है तक़लीफ़,
तो संग मुस्कुराती भी है..!!!

*******

मैंने उस शख्स को कभी हासिल ही नहीं किया,
फिर भी हर लम्हा लगता है कि, मैंने उसे खो दिया…..

*******

अब तेरी याद क्यूँ नहीं आती…
अब तो मसरूफ़ भी नहीं हूँ मैं…

*******

ये तो शौक है मेरा दर्द लफ्जो मे बयां करने का,
नादान लोग हमे युं ही शायर समझ लेते है,.

*******

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे,
अब आँख भर आती है मगर तुम नजर नहीँ आते।

*******

तेरी जुदाई का शिकवा करूँ भी तो किससे करूँ।
यहाँ तो हर कोई अब भी मुझे तेरा समझता हैं।

*******

खूशबू की जंजीरो से
सितारो की हदो तक……,
इस शहर मे सब कुछ है, सिर्फ
तेरी कमी है….

*******

मैं हर काम गलत करता हु पर ,,
कोई गलत काम नहीं करता।

*******

मेरे दिल में ज्यादा देर तक रुकता नहीं कोई ,
लोग कहते हैं मेरे दिल में साया है तेरा …

*******

गुजर जायेगा ये दौर भी,जरा सा इत्मिनान तो रख ।
जब खुशिया ही नहीं ठहरी, तो गम की क्या बिसात ।।

*******

मुश्किल हो रहा है जीना मेरा…
तुझे कसम है मेरी, दे दे वापस दिल मेरा.. ..

*******

हम किसीको अपनी मरजी से चाह तो सकते है,..
लेकिन
उसे ये नहीं केह सकते की तुम मुझ से ही महोब्बत करो.

*******

पगली तेरी मोहोबत ने मेरा ये हालकरदिया है;
मैं नहीं रोता, लोग मुझे देख कर रोते हैं….

*******

जो बात “हम” में थी, वो बात ना “तुम” में हैं, ना “मुझ” में हैं !!

*******

आज अपनी फालतू चीजें बेच रहा हूँ
मैं…..!!

है कोई ऐसा जिसे मेरी शराफत
चाहिए….।।

*******

करती है बार बार फोन, वो ये कहने के लिए…

कि जाओ, मुझे तुमसे बात नही करनी…

*******

दिए हैं ज़ख़्म तो मरहम का तकल्लुफ न करो….
कुछ तो रहने दो, मुझ पे एहसान अपना….

*******

खामोशी भी बहुत कुछ कहती है…
पर कान नही दिल लगाकर सुनना पड़ता है…!

*******

नहीं चाहिए वो सब जो मेरी किस्मत में नहीं,
भीख मांग कर जीना मेरी फितरत में नहीं ।

*******

हर किसी के नसीब मेँ कहाँ लिखी है चाहतेँ,

कुछ लोग दुनिया मेँ आते है फ़कत तन्हाइयों के लिये॥

*******

हर रात का आखरी खयाल या सुबह की पहली सोच सिर्फ तुम हो!

*******

जीभ सुधर जाए …
तो जीवन सुधरने में वक्त नहीं लगेगा…

*******

आ गया है फर्क तुम्हारी नजरों में यकीनन…
अब एक खास अंदाज़ से नजर अंदाज़ करते हो हमे…

*******

कोई ठुकरा दे तो हँसकर जी लेना,
क्यूँकि मोहब्बत की दुनिया में
ज़बरजस्ती नहीं होती!

*******

मेरी खमोशियो के राज़ ख़ुद मुझे ही नहीं मालूम…
जाने क्यू लोग मुझे मगरूर समझते है…

*******

तू मेरे दिल पे हाथ रख के तो देख,
मैं तेरे हाथ पे दिल ना रख दूँ तो कहना..!!

*******

सजा मेरे हिस्सेकी उनको बस ईतनी ही देना मेरे मौला;
तारे मै गिनता रहु और वो रात-भर करवटे बदलती रहे!

*******

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1 ટીકા

Posted by on એપ્રિલ 29, 2015 in અંગત, Shayri

 

ટૅગ્સ:

Shayri Part 30


मैं हँसता हूँ तो बस अपने गम छिपाने के लिए,…

और लोग देख के कहते हैं काश हम भी इसके जैसे होते……

*******

क्या हुआ अगर हम किसी के दिल में
नहीं धङकते ….?

आँखों में तो बहुतो के खटकते हैं ….!!!

*******

“कर लेता हूँ बर्दाश्त हर दर्द इसी आस के साथ..
की खुदा नूर भी बरसाता है … आज़माइशों के बाद”..

*******

ये तेरे बाप का खरीदा हुआ खिलोना नहीँ जिसे तू केसे भी तोड दे ! ये मेरा दिल हे इसे बेचने का इरादा नहीँ ओर खरीदने की तेरी ओकात नहीँ..

*******

तुम्हारे पास आता हूं तो सांसें भीग जाती हैं,
मुहब्बत इतनी मिलती है के’ आंखें भीग जाती हैं.

*******

ये सर्द हवाएं मुझसे कहती है कि दिसम्बर आ गया है.
मुझे ऊन बाहों की गर्माहट का इंतज़ार आज भी है…

*******

मेरे लफ्जों की ज़ुबां से उफ़ नहीं होता !
लिख कर बर्बादिया मैं खुद नहीं रोता !!

*******

नाबुरा होगा, ना बढ़िया होगा,
होगा वैसा, जैसा नजरिया होगा ।

*******

लगता है मेरा खुदा मेहरबान है मुझ पर, मेरी दुनिया में तेरी मौजूदगी यूँ ही तो नहीं है|

*******

फिर पलकों पर ठहर गइ नमी,
दिल ने कहा बस “ऐक तेरी कमी”..!!

*******

मुझे तू इस क़दर अपने क़रीब लगता है ….
तुझे अलग से जो सोचूँ, अजीब लगता है..!!!

*******

नहीं मिला कोई तुम जैसा आज तक,

पर ये सितम अलग है की मिले तुम भी नही…

*******

मैं राज़ तुझसे कहूँ, हमराज़ बन जा ज़रा.
करनी है कुछ गूफतगू, अलफ़ाज बन जा ज़रा…

*******

अब अपने ज़ख़्म दिखाऊँ किसे और किसे नहीं …!
बेगाने समझते नहीं और अपनो को दिखते नहीं.

*******

गुलाब, ख्वाब, ज़हर, जाम क्या-क्या है ?
मैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या-क्या है ?

*******

तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।

*******

एक मैं हूँ , किया ना कभी सवाल कोई
एक तुम हो , जिसका कोई जवाब नहीं.

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उसने मेरा हाथ थामा था उस पार जाने के लिए…
और मेरी एक ही तमन्ना थी कभी किनारा ना आए….

*******

प्रेम शुं छे खबर छे ?!
तुं जवाब लखे त्यां सुघी हुं
typing.. typing..
वांच्या करु ते !….

*******

हमे आंखे मिलाने के शौक न था,
तुम्हे देखा तो आदत खराब हो गई…

*******

उनको आ सकी न निभानी मुहब्बत,

अब पड़ रही है हमको भुलानी मुहब्बत,

*******

“ग़मों को आबरू अपनी ख़ुशी को गम समझते हैं,
जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें बस हम समझते हैं.

*******

दोनों जानते हे के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,
फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही हे !!

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नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं…

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लगता तो बेखबर सा हूँ लेकिन खबर में हूँ,
अगर तेरी नजर में हूँ तो सबकी नजर में हूँ।

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शाम तक सुबह की नज़रों से उतर जाते हैं,
इतने समझौतों पे जीते हैं कि मर जाते हैं…

*******

कहाँ तक आँख रोएगी कहाँ तक किसका ग़म होगा,
मेरे जैसा यहाँ कोई न कोई रोज़ कम होगा…

*******

वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त,,,
मजा तो तब है जब वक्त बदल जाये पर यार ना बदले….!!

*******

तेरा ज़िक्र..तेरी फ़िक्र..तेरा एहसास..तेरा ख्याल…

तू खुदा तो नहीं…. फिर हर जगह क्यों हे…!!

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तेरी वफाओं का समन्दर किसी और के लिए होगा,
हम तो तेरे साहिल से रोज प्यासे ही गुजर जाते हैं !!

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कमाल करती हो तुम भी… बडे बेरहम अंदाज से करते हो नज़र अंदाज भी….

*******

दिल की कीमत तो मुहब्बत के सिवा कुछ ना थी…

जितने भी मिले सूरत के खरीद्दार मिले…

*******

कैसी कैसी रीत चलीँ और कैसे कैसे मेल,

तब खेल खेल मेँ प्यार हुआ अब प्यार हो गया खेल…!!

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तमन्ना है कि कोई हमारी शख्सियत से भी प्यार करे…..
वरना हैसियत से प्यार तो तवायफ भी करती है….

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आज उदासी ने भी हाथ जोड़कर कहा मुझसे…
तुझे तेरे प्यार का वास्ता,मेरा आसियाना छोड…

*******

जब तुम नज़र नहीं आते,
मुझे कुछ नज़र नही आता ..

*******

मुझे मालूम है ऐसा कभी मुमकिन
ही नहीं,
फ़िर भी हसरत रहती है कि तुम याद
करोगे…

*******

मलहम नही तो हमारे जख्मो पर नमक ही लगा दे.

हम तो तेरे छूने से ही ठीक हो जायेंगे ..

*******

उम्र कितनी मंजिले तय कर चुकी..!!
दिल बेचारा वही का वही रह गया..!!

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न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की,
अब वजह नही मिलती मुस्कुराने की.

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कल रात चाँद बिकुल उनके जैसा था
वही नूर….. वही गरूर……वही सरूर,
वही उनकी तरह…… हमसे कोसो दूर ।।।

*******

क्यु ना छोड़ दे मंजिल की फ़िक्र!!!
राह चलना भी तेरे साथ किसी जन्नत से तो कम नहीं …

*******

मैं चाहता हूँ….तुझे यूँ ही उम्र भर देखूं,
कोई तलब ना हो दिल में….तेरी तलब के सिवा …

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अभी तो दिल कर रहा है कि बस सो जाऊं ,
तेरे ख्यालों के बे-हद जंगल में खो जाऊँ ……

*******

ये दिल की लगी कम क्या होगी,
ये इश्क़ भला कम क्या होगा….

जब रात हैं ऐसी मतवाली, फिर सुबह का आलम क्या होगा …!!!

*******

पढ़ लेता हूँ तुझे हर बार,
वोह दो नीली रेखाये गवाह है व्होट्स एप की!!

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जाते जाते उसने पलट कर मुझसे कुछ यूं कहा,
तुम हमें भुल जाओ, हम तो तुमसे प्यार सिखने आए थे…..

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शायरी शॊक नहीं, और नाही कारोबार मेरा,
बस दर्द जब सह नहीं पाता,तो लिख लेता हूँ…

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एक वो पगली है जो मुझे समझती नहीं…
और यहा सब मेरी शायरी को पढ़ पढ़ के दीवाने होते जा रहे है.

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वक्त के साथ-साथ बहुत कुछ बदल जाता है….

लोग भी… रास्ते भी… अहसास भी….
और कभी – कभी… हम खुद भी..!!!

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एक पल में ले गयी मेरे सारे गम खरीद कर…
कितनी अमीर होती है ये बोतल शराब की…

*******

मैं तो पहले भी था महफ़िल में,
मैं तो अब भी हूँ महफ़िल में,
फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि, पहलेतुम थी,अब ये शराब है महफ़िल में.

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माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही….
पर ये सच ह के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही,

उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन,
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही..

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मैं वक़्त बन जाऊं, तू बन जाना कोई लम्हा…

मैं तुझमे गुज़र जाऊं, तू मुझमें गुज़र जाना…

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मेरी आँखों में झाँकने से पहले ज़रा सोच लीजिए,
जो हमने नजरे झुका ली तो क़यामत होगी,
और हमने नज़रें मिला ली तो मोहब्बत होगी।।

*******

वो भी क्या दिन थे..

जब घड़ी एकाध के पास होती थी

और समय सबके पास होता था………..

*******

स्याही थोड़ी कम पड़ गई वर्ना किस्मत
तो अपनी भी खूबसूरत लिखी गई थी..

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सिर्फ मैं ही हाथ थाम सकूँ उसका …मुझ पर इतनी इनायत सी कर दे …

वो रह ना पाये इक पल भी मेरे बिना …ऐ रब .. उसको मेरी आदत सी कर दे ..!!

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तेरे गुरूर को देखकर तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने,
ज़रा हम भी तो देखे कौन चाहता है तुम्हे
हमारी तरह…!!!

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याद करने की हम ने हद कर दी मगर,
भूल जाने में तुम भी कमाल करते हो..

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मत पूछो कितनी मोहब्बत है मुझे उनसे ! बारिश की बूँद भी अगर उन्हें छू ले…. तो दिल में आग लग जाती है ….!!

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दिल तो यु ही किसी का चुरा लेते हम… मगर माँ कहेती है चोरी करना बुरी बात हे…

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मुझे मालूम था के लौट के अकेले ही आना है ,

फिर भी तेरे साथ चार कदम चलना अच्छा लगा !!

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इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया, ए-ज़िन्दगी..
चलने का न सही,,,,
सम्भलने का हुनर तो आ गया…

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प्यार तो अचानक ही हो जाता है,
इरादे से जो हो उसे तो सेटिंग कहते है.

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जिक्र तेरा हुआ तो हम महफ़िल छोड़ आये,,,
हमें गैरों के लबों पे तेरा नाम
अच्छा नहीं लगता….

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मेरी ईन नशीली आँखों मै मत देख ऐ सनम,
नशा हो गया तोह ऊतरेगा नही ।

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वो दिन जो गुजरे तेरे साथ….
काश….जिँदगी उतनी ही होती…..

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मैं बड़ो कि इज़्जत इसलिए करता हु,
क्यूंकि उनकी अच्छाइया मुझसे ज़्यादा है…
और छोटो से प्यार इसलिए करता हु,क्यूंकि उनके गुनाह मुझसे कम है…

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एक तू मिल जाती, इतना काफ़ी था,
सारी दुनियाँ के तलबगार नहीं थे हम..!!

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हम अपने दिल की बात बताकर चले आये,
सुना है महफ़िल में अभी तक ख़ामोशी है……

*******

तुम गरदन जुकाने की बात करते हो, हम वौ है जो आंख उठाने वालोकी गरदन पऱसाद मै बाट देते है..।।

*******

आप मुझसे मिलने आये हो ….
….. बैठो…..
.
.
मै खुद को बुलाकर लाता हूँ…….

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अकल कितनी भी तेज ह़ोनसीब के बिना नही जित सकती ,
बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद..कभी बादशाह नही बन सका ।

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ज़िंदगी मे सच्चे लोगो की तलाश करना छोड़ड़ दिया हमने,
लोग तो सिर्फ़ वक़्त बिताने और दिल जलाने के लिए हे मिलते हे.

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मिल ही जाएगा हम को भी कोई ना कोई टूट के चाहने वाला..
अब शहर का शहर तो बेवफा नही होता….

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जंगल मैं शेर से और शहर मैं हम से
बच के रहना …..,,,,,,
शेर तो सिर्फ फाडते है मगर हम बिच
रस्ते मैं गाडते हैं…

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क्यूँ पता पूछते हो श्याम के नाम का,
बस C /O लिख दो राधा के नाम का……

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“क्षमा करने से पिछला समय तो नहीं बदलता,
लेकिन इससे भविष्य सुनहरा हो उठता है।”

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महसूस खुद को तेरे बिना मैंने कभी किया नहीं।
तू क्या जाने लम्हा कोई मेने कभी जिया नहीं!!!

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परेशां हूँ कि…….परेशानी नही जाती ।
बचपन तो गया पर नादानी नही जाती !

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माँ के बिना दुनिया की हर चीज कोरी है ।
दुनिया का सबसे सुंदर संगीत माँ की लोरी है ।

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बेचैनी जब भी बढ़ती है धुंए में उड़ा देता हूँ ,
और लोग कहते हैं मैं सिगरेट बहुत पीता हूँ !

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ये शहर आजकल वीरान पड़ा है,
सुनने में आया है कि,
उनकी पायल खो गयी है !

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मैं क्या जानूँ दर्द की कीमत ?
मेरे अपने मुझे मुफ्त में देते हैं !

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दो चार नहीं मुझे सिर्फ एक ही दिखा दो दोस्त,

वो शख्स जो अन्दर से भी बाहर की तरह हो।

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यहाँ सब खामोश है कोई आवाज़ नहीं करता….
सच बोलकर कोई किसी को नाराज़ नहीं करता….

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ज़िन्दगी रही तो कल फिर होगी महफ़िल में गुफ्तगू दोस्तों,
अगर इस रात ही चल बसे तो अपना सलाम आखरी है..!!

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कुछ ऐसे हादसे भी होते हैं जिंदगी में..
इंसान बच तो जाता है पर जिंदा नहीं रहता.

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बस ज़ायके में थोड़ा कड़वा है..
वरना सच का कोई ज़वाब नहीं ॥

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कुछ सपनों को पूरा करने निकले थे गाँव से,
किसको पता था कि गाँव जाना ही एक सपना बन जायेगा.

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आज मैंने जज्बात भेजे….
तुमने फिर अलफ़ाज़ ही समझे…!

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सारे सपने तोड़कर बैठे हैं,दिल का अरमान छोड़कर बैठे हैं..
ना कीजिये हमसे वफ़ा की बातें, अभी-अभी दिल के टुकड़े जोड़कर बैठे हैं…!

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कैसे भूलेगी वो मेरी बरसों की चाहत को,
दरिया अगर सूख भी जाये तो रेत से नमी नहीं जाती…

*******

मरना होता तो कबके मर गए होते…
.
.
तेरी यादों में
हर रोज़
.
.
मरने का मज़ा ही कुछ अलग है …!!

*******

तुम खुश-किश्मत हो जो हम तुमको चाहते है..
वरना, हम तो वो है जिनके ख्वाबों मे भी लोग इजाजत लेकर आते है…!!

*******

ख्वाहिशों को जेब में रखकर निकला कीजिये,
जनाब;
खर्चा बहुत होता है, मंजिलों को पाने में!

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कोई दौलत पर नाज़ करते हैं,
कोई शोहरत पर नाज़ करते हैं,
जिसके साथ आप जैसा दोस्त हो,
वो अपनी किस्मत पर नाज़ करते हैं.

*******

मैंने तो बस उसको पाने की ज़िद्द की थी…
मेरा खुदको खोने का कोई इरादा नहीं था…

*******

वो बार-बार मुझसे
पूछती है….आखिर क्या है
मोहब्बत………….

अब क्या बताऊँ उस को कि उसका पूछना और मेरा न बता पाना ही मोहब्बत है………

*******

चले आओ मेरे परिंदों लौट कर अपने आसमान में,

देश की मिटटी से खेलो, दूर-दराज़ में क्या रक्खा है ?

*******

साँसें तेरी रोक दूँ,या मेरी रोक लूँ,
मरना तो किस्मत में
आखिर, मेरा ही लिखा है….

*******

इक ख़त कमीज़ में उसके नाम का क्या रखा,
क़रीब से गुज़रा हर शख्स पूछता है कौन सा इत्र है जनाब।।

*******

मुझे मालुम है तुम खुश हो बहोत इस जुदाई से,
अब ख्याल रखना, तुम्हें तुम जैसा ना मिल जाए।

*******

वो भी तडप ना जाये तो,
लानत है मुजे मेरे ईश्क पर..

सिर्फ निगाहै मिलने कि देरी है…

*******

फ़ोन पर वो दो रूहें देर तक खामोश सी रही.
लफ़्ज़ सारे गायब थे, मगर हज़ारों बातें हो गयी…

*******

मैं नींद में ही सही जाग तो रहा था मगर,
खुली जो आँख तो ख़्वाबों के सिलसिले टूटे।

*******

तलाश में बीत गई सारी जिंदगानी;
अब समझा की खुद से बड़ा कोई हमसफ़र नहीं होता…

*******

रोज़ कलम लेके बैठता हूँ अपना गुनाह लिखने के लिये,

और मुझे बस तेरा ही नाम याद आता है!

*******

कुछ दिन तो तेरी यादें वापस ले ले..

'पागल'

मैं कई दिनों से सोया नहीं….!!

*******

सर्द हवाएँ क्या चली फिज़ाओं में….

हर तरफ तेरी यादों की धुँध बिखर गई…

*******

जिंदगी के किसी मोड़ पर अगर हम बुरे लगें,

तो ज़माने को बताने से पहले हमको बता देना!

*******

लोग बदनाम करते गऐ…
हमारा नाम होता गया….

*******

हक़ीक़त ज़िद किये बैठी है चकनाचूर करने की,
मगर हर आँख फिर सपना सुहाना ढूँढ़ लेती है…

*******

आँखों में तेरी कोई करिश्मा ज़रूर है…
तू जिसको देख ले;
वो बहकता ज़रूर है…

*******

चाँदनी चाँद करता है चमकना सितारोँ को पडता है,
मोहब्बत आँखे करती है तडपना दिल को पडता है|

*******

याद महबूब की और शिद्दत सर्दी की…
देखते हैं हमें कौन बीमार करता है..!

*******

कब तक याद करूँ मैं उसको कब तक अश्क़ बहाऊँ,
यारो अब तो रब से दुआ करो मैं उसको भूल ही जाऊँ…

*******

मैंने अपनी हर एक सांस तुम्हारी गुलाम कर रखी हैं,
लोगो मैं ये ज़िन्दगी बदनाम कर रखी हैं.

अब ये आइना भी क्या काम का मेरे … मैंने तौ अपनी परछाई भी तुम्हारे नाम कर रखी हैं ….

*******

मुद्दतों से उसके इंतजार में हुँ यारों,
कही पढ़ लिया था कि सच्ची मोहब्बत
लौटकर आती है..!

*******

मुझसे अगर पूछना है तो मेरे जज्बात पूछ,
जात और औकात तो सारी दुनिया को पता है!

*******

मेरे जैसा सौदागर नहीं मिलेगा तुमको,
फरेब खरीदता हूँ मोहब्बत दे कर..

*******

उसकी जीत से होती है ख़ुशी मुझ को,
यही जवाब मेरे पास अपनी हार का था.

*******

छु जाते हो तुम मुझे हर रोज एक
नया ख्वाब बनकर..
.
.
ये दुनिया तो खामखा कहती है
कि तुम मेरे करीब नहीं..""

*******

चार लाइन दोस्तों के नाम-

काश फिर मिलने की वजह मिल जाए
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए,
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,
क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए..

*******

मुहब्बत शोर है, तो, शोर मत कर
इबादत है अगर, कुछ, और मत कर….
नज़ाकत से, नफ़ासत से, निभाना
ये कच्ची डोर है, तू जोर मत कर …….

*******

निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया,

भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का…..!

*******

सारा जहाँ चुपचाप है..
आहटें ना साज़ है……..
क्यों हवा ठहरी हुई है……..
आप क्या नाराज़ है…….!!!

*******

जुकी जुकी नजर तेरी, कमाल कर जाती हे,
उठती हे एक बार तो, सवाल कर जाती हे.

*******

मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है,
उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…

*******

एक बार और उलझना हैं तुमसे,
बहुत कुछ सुलझाने के लिये!!

*******

काश कोई एक रात ऐसी भी आ जाये,
नींद आ जाये पर तेरी याद न आये…

*******

जबसे तुम्हारे नाम की मिश्री होंठ लगाई है,
मीठा सा गम् है और मीठी सी तनहाई है …

*******

बुला रहा है कौन मुझको उस तरफ,
मेरे लिए भी क्या कोई उदास बेक़रार है…

*******

खुद को खो दिया हमने , अपनों को पाते पाते !
और लोग पूछते है , कोई तकलीफ तो नहीं …!!!

*******

बहुत खुबसूरत है हमारा सनम |
खुदा ऐसा चेहरा बनाता है कम ||

*******

मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है,
उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…

*******

एक तेरा ही नशा हमें मात दे गया वरना…
मयखाना भी हमारे हाथ जोड़ा करता था…

*******

यही तो मज़बूरी है यारों, पत्तों में जेक और लाइफ में ब्रेक लगती है
तब ना इक्का काम आता है ना सिक्का।…

*******

है परेशानियाँ यूँ तो बहुत सी ज़िंदगी में..
तेरी मोहब्बत सा मगर, कोई तंग नहीं करता…!!

*******

लहू बेच-बेच कर, जिसने परिवार को पाला ।
वो भूखा सो गया, जब बच्चे कमानेवाले हो गये।

*******

मैँ कभी बुरा नही था उसने मुझे बुरा कह दिया……
फिर मैँ बुरा बन गया ताकी उन्हे कोई
झुठा ना कह दे……!!

*******

कागज में लिपटी रोटियाँ मैं खाऊँ भी तो कैसे,
खून से लथपथ आते हैं अखबार आजकल !!

*******

जिस चीज़ पे तू हाथ रखे वो चीज़ तेरी हो,
और जिस से तू प्यार करे, वो तक़दीर मेरी हो.

*******

गले में सोना ….. टेशन में रौना …..
प्यार में गम …. और " वॉटसअप " में
हम ,, फेमस हे यार…..

*******

सोचता हूँ की, कभी भी अब तुझें याद नहीं करूँगा..
फिर सोचता हूँ ये फ़र्क़ तो रहने दो हम दोनों में….

*******

हमें अपना इश्क़ तो एक तरफा और अधूरा ही पसंद है;
पूरा होने पर तो आसमान का चाँद भी घटने लगता है..

*******

जब चाहूँ तुम्हे मिल नहीं सकता,
लेकिन जब चाहूँ तुम्हे याद कर सकता हूँ ….

*******

ऐसा नही कि, मेरे इन्तजार की…उन्हें खबर नही,
लेकिन….
तड़पाने की आदत तो….उनकी फितरत में शुमार है…..!!

*******

कहीं नाराज न हो जाए उपरवाला मुझ से,
हर सुबह उठते ही,
उससे पहले तुझे जो याद करता हूँ.

*******

दिल की उम्मीदों का हौंसला तो देखो,
इंतजार उसका जिस को अहसास तक
नहीं …..

*******

कितने अनमोल होते हैं
ये अपनों के रिश्ते…..!!

कोई याद न करे
तो भी इंतज़ार रहता है…!!

*******

आंखे तेरी हो या मेरी,

बस इतनी सी ख्वाईश है

की ये कभी नम ना हो……….

*******

फेस पे स्माईल की,
और जिंदगी में स्टाईल की कमी नहीं होनी चाहिए.

*******

लोग आपके पास क्या है वो देखते है, आप क्या है वो नहीं देखते.!!

*******

मै वो शख्स नही , जो दिल पे खंजर न
खा सकूँ ! !
तू इतना इमान रखना , कि वार सामने से करना ! !

*******

किसी से बदला लेने का आनंद दो चार दिन ही रहेगा;
लेकिन माफ कर देने का आनंद जिंदगी भर रहेगा..!!!

*******

अगर मुहब्बत की हद नहीं कोई,
तो फिर दर्द का हिसाब क्यों रखूँ…

*******

न मैं था…
न मैं हूँ…
न मैं रहूँगा…
तुम्हारे बगैर…

*******

अच्छा हुआ……तुम किसी और के हो गए।
खत्म हो गई फिक्र………..तुम्हेँ अपना बनाने कि।

*******

मैं तुम्हारे चहरे की मुस्कान बन सकूं तो और क्या चाहिए मुझे.. !!

*******

"हकिकत" से बहोत दूर है, "ख्वाहिश" मेरी..!!!
फिर भी एक "ख्वाहिश" है कि एक ख्वाब "हकिकत" हो…

*******

हर रोज इतना मुस्कुराया करो की
ग़म भी कहे….
यार…. मै गलती से कहा आ गया…!!

*******

कहने को तो अपने दोस्तों का हृदय समुन्दर की तरह विशाल है,
पर इतना नमक भरा है जो किसी काम ही नहीं आता…

*******

"तू क्या गई मेरी ज़िंदगी से,
यहाँ आँसुओं ने अपना घर कर लिया"…!!!

*******

माँ ने बालों में फिरायी हैं उंगलियाँ अभी अभी,
तुम न जाने किसको जन्नत कहते हो?

*******

पूरी तरह से जीना
कब का भूल चूका हूँ मैं,

कुछ तुम में जिन्दा हूँ
कूछ खुद मे बाकी हूँ मैं..!!

*******

आसरा इक उम्मीद का देके मुझ से मेरे अश्क न छीन…,
बस यही एक ले दे के बचा है…, मुझ में मेरा अपना…!!!

*******

माँ के हाथ मे जादू है किस्मत को संवार देने का..
फिर वो हाथ सिर पर फिरे या गालों पर पड़े..

*******

ख्यालों को ख्यालों का ख्यालों में ख्याल आया,
कि ख्यालों को ख्यालों का ख्यालों में ख्याल था…

*******

कुछ डरी सहमी ठिठकी और आगे बढ़ गई..
मजबूर थी क्या करती…गैरत मेरी,
जरूरतों को तलाशने बेशर्मी की हद से गुजर गई.

*******

तुम खुश हो ना.. बस .. और क्या चाहिए.. मेरे जाने से ही सही ..

*******

तुम्हारी जुल्फ के साये में शाम कर लूँगा,
सफ़र इस उम्र का पल में तमाम कर लूँगा…

*******

रुक गयी मेरी कलम दर्द-ए-दिल बयाँ करते-करते,
मेरी मोहब्बत को उसने अपना रुतबा समझ लिया !!

*******

वो सामने है मेरे
और जुदा भी है..

वो गुनहगार है मेरा
और खुदा भी है.!!

*******

प्रीत न कीजिये पंछी जैसी, जल सूखे उड जाय!
प्रीत तो कीजिये मछली जैसी, जल सूखे मर जाय!

*******

सन्नाटा सा हैं
इक शोर के बाद
शायद किसी रिश्ते ने
दम तोड़ा होगा !!!

*******

सब सो गये अपने हाले दिल बयां करके,

अफसोस की मेरा कोई नहीं
जो मुझसे कहे तुम क्यों जाग रहे हो।

*******

लत ऐसी लगी है कि तेरा नशा मुझसे छोड़ा नहीं जाता,
हकीम भी कह रहा है कि इक बूँद इश्क भी अब जानलेवा है……!!

*******

ये रात चांदनी बनकर आपके आँगन आये,
ये तारे सारे लोरी गा के आपको सुलायें,
हो आपके इतने प्यारे सपने यार , कि नींद में भी आप मुस्कुराएँ .

*******

प्यारी सी रात मे, प्यारे से अन्धेरे मे,
प्यारी सी नींद मे, प्यारे
से सपनो मे, प्यारे से अपनो को,
प्यारी सी गुड नाईट.

*******

गिरी मिली एक बोतल शराब की,,,तो ऐसा लगा मुझे

जैसे बिखरा पड़ा था एक रात का
सुकून किसी का !!!

*******

बना लो उसे अपना जो दिल से तुम्हे चाहता है।
खुदा की कसम ये चाहने वाले बडी मुश्किल से मिलते है॥

*******

कुछ लम्हे गुजारे तूने मेरे साथ,
तुम उन्हें वक्त कहेते हो और हम उन्हें जिंदगी कहेते हे ..

*******

हंसते हुए होठों ने भरम रखा हमारा ,
वो देखने आया था किस हाल में हम है.

*******

जरुरते तोड देती है इन्सान के घमंड को,
न होती मजबुरी तो हर बंदा खुदा होता.

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उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे….!!
हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे….!!

*******

इसलिए खामोश रह के उम्र पूरी काट दी…
ज़िन्दगी तुझसे बहस का फायदा कोई नहीं…

*******

तुजे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था,
भूल गए थे के किस्मत बदलते देरनहीं लगती…!!

*******

ताल्लुक़ टूट कर बाद में जो कुछ भी रह गये,

मगर मोहब्बत में वो पहला मुस्कुराना हमेशा याद आता है…!!

*******

उसकी हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले !
काश उसे भी मेरे नसीब में लिखा होता !!

*******

रोज कहाँ से लाऊँ,
एक नया दिल,
तोड़ने वालों ने तो,
मजाक बना रखा है…

*******

बस.. एक तुम्हे पाने की तमन्ना ही नहीं रही …
मोहब्बत तो आज भी तुम से बेशुमार करते है !!

*******

खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!
वरना हम दिल  चुरा भी लेते हैं..!

*******

तेरे मिलने का गुमान..तेरे न मिलने की खलिश,
वक़्त गुज़रेगा तो ज़ख्म भी भर जायेंगे ।।

*******

मै यादों का किस्सा खोलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

मै गुजरे पल को सोचूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

अब जाने कौन सी नगरी में,
आबाद हैं जाकर मुद्दत से.

मै देर रात तक जागूँ तो ,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

कुछ बातें थीं फूलों जैसी,
कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,

मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

वो पल भर की नाराजगियाँ,
और मान भी जाना पलभर में,

अब खुद से भी रूठूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं ।

*******

हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं ।

हम इसी वास्ते हर शख्स से कम मिलते हैं ।

*******

हमने उनसे कहा की अब छोड़ दो या तोड़ दो हमें ।

उन्होंने हंस कर गले लगाया और कहा …छोड़ तो हम रहे हैं….टूट तो अपने आप जाओगे ।

*******

कोन कहेता है की दोस्ती बराबरी वालो में होती है..

सच तो ये है की दोस्ती में सब बराबर होता है.

*******

अगर जिंदगी में जुदाई ना होती;
तो कभी किसी की याद आई ना होती;
साथ ही गुजरता हर लम्हा तो शायद;
रिश्तों में इतनी गहराई ना होती।!!!!

*******

हौंसला मत हार, गिरकर ऐ मुसाफिर,..
अगर दर्द यहाँ मिलता है तो, दवा भी यहीं मिलेगी…!

*******

ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़,
मेरी अपनी मंजिलें, मेरी अपनी दौड़..!

*******

"ना खुशी खरीद पाता हूं और ना गम बेच पाता हूं

फिर भी ना जाने क्यूं हर रोज बाजार जाता हूं।

*******

अब जिस के जी में आए, वही पाए रौशनी…
हम ने तो दिल जला के सर-ए-आम रख दिया…

*******

दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं,
लोग अब मुझ को तेरे नाम से पहचानते हैं…

*******

किसी ने आज पूछा हमसे कहाँ से लाते हो ये शायरी…!!
मैं मुस्करा के बोला "उसके ख्यालो मे डूब कर" ..!!

*******

तेरी यादों के सिरहाने सिर रख के आज फ़िर सोने चले है…

शब्बा ख़ैर…

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डूबकर तेरी झील सी गहरी आँखों में,
एक मयकश भी शायद पीना भूल जाए.

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निरंतर कार्य करने वाला मरने से कुछ घंटे पूर्व ही वृद्ध होता है।………..

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तू रात भर करवटें बदलती है मुझमें. .
मैं सलवटों-सा बचा रह जाता हूँ सुबह.

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लफ्ज़ तो सारे सुने सुनाये है,,
अब तु मेरी ख़ामोशी में ढुँढ जिक्र अपना..

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एक रिश्ता गुमनाम सा चला हाँथ थाम के,

एक रिश्ता घुटता रहा ता-उम्र ले कर फेरे सात…

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मेरा प्यार सच्चा था इस लिये तेरी याद आती है,

अगर तेरी बेवफाई भी सच्ची है तो अब यादों मे मत आना.

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आपकी धड़कन से हैं रिश्ता हमारा,
आपकी साँसों से हैं नाता हमारा,
भूल कर भी कभी भूल न जानI,
आपकी यादों के सहारे हैं जीना हमारा.

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कौन कहेता है की मुझ में कोइ कमाल रक्खा है,
मुझे तो बस कुछ अपनो ने संभाल रक्खा है,,,!!

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किसी ने हम से पुछा इतने छोटे से दिल मे इतने सारे दोस्त कैसे समां जाते है….!!!
हम ने कहा वैसे ही जैसे छोटी सी हथेली मे तकदीर की लकीरें बन जाती है….

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मैंने कहा आज झूठ का दिन हैं…..
वो मुस्करा के बोले, फिर तुम मेरे हो!!

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जब छोड़ गये सब,
तब मिला मुझे रब…!!!

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मगरूर दुनिया जो कहती है तो कहने दो,
हम हर किसी को मुड़ कर देखा नहीं करते…

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भुखा शेर हमला करता है ……. और ……. जखमी शेर तबाही…….

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कलम मे जँग लग गया था ,तेरे आने से,

धार ओर भी तेज हो गयी है तेरे जाने से..!!

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सब सो गये अपने हाले दिल बयां करके,
अफसोस की मेरा कोई नहीं जो मुझसे कहे तुम क्यों जाग रहे हो।

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तुम दुआ के वक़्त जरा मुझे भी बुला लेना,

दोनों मिलकर एक दूसरे को मांग
लेंगे..

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रात तो वक्त की पाबंद हैं ढल जायेगी,

देखना ये हैं चिरागो का सफ़र कितना हैं!

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तुम आना हर रोज़ सुबह की नर्म धुप बनके…

मैं चिड़ियों की चहचहाहट बनके तुम्हारा इंतज़ार किया करूंगा….

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अपने मंसूबों को नाकाम नहीं करना है,
मुझको इस उम्र में आराम नहीं करना है.

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इंसान जब दिल के हाथो मजबूर होता है,
तो झूठे प्यार पर भी बडा गुरुर होता है.

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बस तुम्हे पाने की तमन्ना नहीं रही …
मोहब्बत तो आज भी तुम से बेशुमार करते है ! !

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वो दिन जो गुज़रे तेरे साथ,
काश ज़िन्दगी उतनी ही होती.

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मेरी वफा कि गवाही सितारे देते रहेँ ,
बस मेरे चाँद को ही मुझ पे यकीन ना आया.

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जिंदगि कि एक सच्चाइ.

आपको दिनभर हसाने वाला आदमि,रात को अकेले मे बहुत रोता हे.,!

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पूरी दुनिया स्वार्थी है ,
भगवान ही एक सारथी है…

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डूबे हुओं को हमने बिठाया था और फिर
कश्ती का बोझ कहकर उतारा हमें गया !!!"

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उनका अक्सर यकीन करता हूँ ,
जिनकी बातों पर शक गुजरता है …..

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रेस वो लोग करते है जीसे अपनी किस्मत आजमानी हो,

हम तो वो खिलाडी है…!!
जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है..

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हम बादशाहो के बादशाह हे इसलीए गुलामो जेसी हरकते करते नही,….
नोटो पर फोटो हमारा भी हो सकती है…
पर लोगो की जेब मे रहना हमारी फीतरत नही….!!!

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तेरे दर पे आने से पहले, मैं बड़ा कमज़ोर होता हूँ …
पर तेरी दहलीज़ को छू लेते ही, मैं कुछ और होता हूँ..!!

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रात को जब चाँद सितारे चमकते हैं,
हम हरदम फिर तेरी याद में तड़पते हैं,
आप तो चले गए हो छोड़कर हम को,
मगर हम मिलने को तरसते है।

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गर रूठ जाये कोई अपना तो झट से मना लो उसे…
के अक्सर रिश्ते बिखर जाते है इक दूजे के इंतज़ार में….

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तेरी एक ख़ुशी की खातिर मैने कितने गम छुपाये,
अगर में एक बार रोता तो तेरा शहर डूब जाता.

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अपनी मर्जी से तो मुझे खाक भी मंजूर है…
तेरी शर्तो पर तो ताज भी मंजूर
नहीं…!!!

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मैं किसी से बेहतर करुं
क्या फर्क पड़ता है..!
मै किसी का बेहतर करूं
बहुत फर्क पड़ता है..!!

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मेरी हैसियत का अंदाज़ा यह सोच के लगा लो…

हम उसके नहीं होते जो हर किसी के हो जाते हैं !

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फूल सबनम में डूब जाते हैँ, जख्म मरहम में डूब जाते हैं…
जब मिलता नही कोई सहारा, हम तेरे गम में डुब जाते है…!

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सच सुनने से न जाने क्यों कतराते हैं लोग…!
सुन कर झूठी तारीफ, खूब मुस्कुराते है लोग…!!

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हमारे मुल्क में ईमानदारी
फुटबाल की तरह है !
पसंद सभी करते हैं,,,,
पर खेलता कोई कोई ही है !!

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रूलाने में अक्सर उन्ही का हाथ होता है….
जो कहते है कि

तुम हँसते हए बहुतs अच्छे लगते हो ….

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में बहता पानी हु मेरा रास्ता
बदल सकते हो मेरी मौहबत नही…

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मत ढूंढो मुझे इस दुनिया की तन्हाई में..
ठण्ड बहुत है, मैं यही हूँ,
अपनी रजाई में.

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शादी करंट के तार की तरह होती हैं…!!!

सही जुड़ जाये तो सारा जीवन रोशन…!!!!

और गलत जुड़ जाये तो जिंदगी भर झटके…!!!

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चलतें तो हैं वो साथ पर अंदाज देखिए..
जैसे की इश्क करके वो एहसान कर रहें है..

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तुमसा कोई दूसरा जमीन पर हुआ;
तो रब से शिकायत होगी!
एक का तो झेला नहीं जाता;
दूसरा आ गया तो क्या हालत होगी!

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ना किसी के आभाव में जियो,
ना किसी के प्रभाव में जियो,
ये जिंदगी आपकी है,
बस इसे अपने मस्त स्वाभाव में जियो.

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शांखो से गिर कर टूट जाऊ मै वो पत्ता नही,
आंधियो से कह दो कि अपनी औकात मे रहें…

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तेरा प्यार भी प्याज कि तरह निकला.

परतें खुलती गयी आंसूं निकलते गए…..

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प्यार का पहला.. इश्क का दूसरा और मोहब्बत का तीसरा अक्षर अधूरा होता है।
हम तुम्हे इसलिए चाहते हैँ, क्योँकि चाहत का हर अक्षर पूरा होता है।

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चलो मुस्कुराकर उठो,
कल के गम कल देखे जायेंगे … ।।

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उस शख्स को पाना इतना मुश्किल भी नही मेरे दोस्त,
मगर जब तक दूरी न हो मोहब्बत का मजा नही आता…

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चलता रहूँगा मै पथ पर, चलने में माहिर बन जाउंगा..

या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाउंगा..

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दुसरा मौका सिफॅ कहानियां देती है, जिंदगी नहीं….

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कभी मिले तुम्हे फुरसत तो इतना जरुर बताना,

वो कौनसी मौहब्बत थी हम तुम्हे दे ना सके….

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मिलना किस काम का अगर दिल ना मिले,
चलना बेकार हे जो चलके मंज़िल ना मिले.

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जिंदा है तो बस तेरी इश्क की रहमत पर,

हम मर गये तो समझना तेरा प्यार कम पड गया….

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उदासियों की वजह तो बहुत है जिंदगी मे..
पर बेवजह खुश रहने का मजा ही कुछ और है..

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मुझे भी पता था की लोग बदल जाते हैं अक्सर..
मगर मैंने कभी तुम्हे लोगो मे गिना भी तो नहीं था..

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क्यों घबराता है पगले दुःख होने से,
जीवन तो प्रारम्भ ही हुआ है रोने से।

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ठंडी हवाए क्या चली मेरे शहर में ..
हर तरफ यादों का दिसंबर बिखर गया ..!

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मैं जिंदगी बेच कर भी सपने पुरे करुगा तेरे ,
तू बस सपने जरा बड़े देखना …

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सर्द मौसम में बहुत याद आते हैं,
धुँध में लिपटे हुए वादे तेरे……. !!!!

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मेरी पलकों की नमी इस बात की गवाह है..
मुझे आज भी तुमसे मोहब्बत बेपनाह है…!!!

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मेरे नज़दीक आ के देख मेरे एहसास का आलम,
मेरा दिल धक्क से रह जाता है तेरे नाम के साथ ..

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जिस चेहरे का श्रृंगार उदासी करले उस चेहरे पे तो मक्खी तक बेठना पसंद नहीं करती ।।।।

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दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो,
वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं..

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मै खुश हू कि उसकी नफ़रत का अकेला वारिस हू,
वरना मोहब्बत तो उसे कई लोगो से है…

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वक्त बहुत कम है साथ बिताने में,
इसे न गवांना कभी रूठने मनाने में,
रिश्ता तो हमने बांध ही लिया है आप से,
बस थोड़ा सा साथ दे देना इसे निभाने में।

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मुद्दतें हो गयीं हैं चुप रहते-रहते,
कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते..

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सुधर गया मैं तो फिर पछताओगे,
ये जूनून ही तो मेरी पहचान है …

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ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़,
मुझको आदत है मुस्कुराने की..

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ऐ ज़िंदगी काश तू ही रूठ जाती मुझ से,
ये रूठे हुए लोग मुझ से मनाये नहीं जाते…

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रोज रो रो कर मैं जीता तो जीता कैसे,
इस लिए मैं मुस्कुरा कर रोज मरता हूँ !

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तुम्हें अपना कहने की तमन्ना थी दिल में…
लबों तक आते आते तुम ग़ैर हो गए !!

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महोब्बत होनी थी, सो हो गई हमको…
अब नसिहते छोड़िए, दिजिये दुआ हमको…!

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कभी कभार की मुलाक़ात ही अच्छी है दोस्त……
कद्र खो देता है रोज रोज का आना जाना….!!!!!

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इन्सान दीवारें बनाता है और उसके बाद यह सोचकर परेशान होता रहता है कि दीवार के पीछे क्या हो रहा है…..!!!

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ना किसी को तू सता ना किसी की आह ले.,
हो सके तो कर भलाई वरना अपनी राह ले…

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ज्यादा लगाव ना रख मुझसे ,
मेरे दुश्मन कहते है मेरी उम्र छोटी है ,
डर मौत का नहीं , तेरे अकेलेपन का है !!!

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बाजार के रंगों से रंगने की मुझे जरुरत नही….
पगली तेरी याद आते ही ये चेहरा गुलाबी हो जाता है.

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मैं क्यों कहूँ उससे की मुझसे बात करो….!

क्या उसे नहीं मालूम की उसके बिना मेरा दिल नहीं लगता….!

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मत कर यकीन यहां पल भर की मुलाकात पर।
जरुरत ना हो तो लाेग यहां सालों के रिश्ते भुल जाते हैं।।।

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आज और कुछ नहीं बस इतना समजलाे,
गर में हु तन्हा ताे वजह तुम हाे…

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कितनी जल्दी ये शाम आ गई;
गुड नाईट कहने की बात याद आ गई;
हम तो बैठे थे सितारों की महफ़िल में;
चाँद को देखा तो आपकी याद आ गई.

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अगर मैं भी मिजाज़ से पत्थर होता
तो खुदा होता या तेरा दिल होता …..?

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बचपन से सिखाया गया था,
एक हाथ दे एक हाथ ले ।
कमबख्त दिल के सोदे ने सारे उसूल भुला दिये ॥

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मुझे किसीके बदल जाने का गम नहीं था ।
बस कोई ऐसा था,जिससे ये उम्मीद नहीं थी ॥

*******

तुम गरदन जुकाने की बात करते हो ,
हम वौ है जो आंख उठाने वालो
की गरदन पऱसाद मै बाट देते है..।।

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बचपन से अच्छा बनने का शोख था ।
साला बचपन खतम शौख खतम ॥

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जरूरी नहीं जो खुशि दे उसीसे प्यार करो।
सच्ची मुहोब्बत तो अक्सर दिल तोडने वालों से ही होती है।

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किसी की आँखों से आंसू पोछना भी
स्वच्छ भारत का अभियान है ।

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दुश्मन को कैसे खराब केह दूं ।
जो हर महेफिल मे मेरा नाम लेते है।

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कुछ तो बात है, मेरी महेमान नवाजि मे ।
जो गम एक बार आता हे जाने का नाम नहि लेता।

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मुझ में बेपनाह मुहब्बत के सिवा कुछ भी नही,
तुम अगर चाहो तो मेरी साँसो की तलाशी ले लो..

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क्यों तुझे पाने के लिये मिन्नते करु ।
मुझे तुझसे मुहोब्बत है कोइ मतलब तो नहीं ॥

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तुम्हारे चाँद से चेहरे पे ग़म अच्छे नहीं लगते;
हमें कह दो चले जाओ जो हम अच्छे नहीं लगते;

हमें वो ज़ख्म दो जाना जो सारी उम्र ना भर पायें;
जो जल्दी भर के मिट जाएं वो ज़ख्म अच्छे नहीं लगते।

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आदते अलग हे हमारी दुनिया वालो से, कम दोस्त रखते हे.. मगर लाज्वाब रखते है…

क्योंकि, बेशक हमारी गेंग छोटी है-…
पर सदस्य उसमे सारे सुलतान मिर्झा जैसे रखते हे…!!

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जिंदगी तू ही बता तुझे कैसे प्यार करू…
तेरा हर एक दिन मेरी उम्र कम कर देती हैं..!

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डरता हूँ कहने से की मोहब्बत है तुम से ……!!
की मेरी जिंदगी बदल देगा तेरा इकरार भी और इनकार भी …!!

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पानी की हर "बूंद" का सम्मान करें…
चाहे वो "आसमान" से टपके या "आँखों "से

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शायद "वेद" पढ़ना आसान हो सकता है ……
लेकिन किसी की "वेदना" पढ़ना कठिन है …….!!

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हो मुमकिन तो आकर देखो कभी.!
बहुत कुछ है जो अब तक नहीं बदला.!

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खूशबू की जंजीरो से
सितारो की हदो तक…
इस शहर मे सब कुछ है सिर्फ
तेरी कमी है.!!!

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इस बहते दर्द को मत रोको ये तो सज़ा है किसी के इंतेज़ार की,
लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी पर ये तो निशानी हैं किसी के प्यार की..

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टूट गए तो गीदड़ भी सताएगा।।
और
जुड़ गए तो शेर भी गभरायेगा।

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2 लोगों से होशियार रहो..

एक वो जो तुम में वो कमी बताएं जो तुम में नहीं।
दुसरे वो जो तुम में वो खूबी बताते रहें जो तुम में नहीं।

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न रुकी वक़्त की गर्दिश और न ज़माना बदला..
पेड़ सुखा तो परीन्दो ने, ठिकाना बदला…!

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खुशमिजाजी, मशहूर थी हमारी
सादगी भी कमाल की थी…
हम, शरारती भी इंतेहा के थे
अब, तन्हा भी बेमिसाल हैं..!

*******

घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में हमारे..
हम से वो परिंदे, उड़ाये नहीं जाते….!

*******

रूह को अपनी करके एक तेरे हवाले !!!!!!!

एक जिस्म लिए सारे ज़माने में घूमता हूँ !!!!!!!!!!

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कौन चाहता है रिहा होना तेरी यादों से,
ये तो वो क़ैद है जो जान से ज़्यादा अजीज़ है…..!!

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कभी इतना मत मुस्कुराना की नजर लग जाए जमाने की,
हर आँख मेरी तरह मोहब्बत की नही होती….!!!

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तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने,
हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं…

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दम तोड देती हे माँ बाप की ममता,
जब बच्चे ये कहते हे की तुमने हमारे लिए किया ही क्या है?

*******

“अगर हम स्वयं ही अपना राज़ गुप्त नहीं रख सकते तो किसी और से इसे गुप्त रखने की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं?”

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लोग कहते है की सुधर जाओ,वरना…जिंदगी रूठ जाएगी..

हम कहते है…

जिंदगी तो वैसे भी रूठी है,
पर हम सुधर गई तो…

हमारी पहचान रूठ जायेगी..!!

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आज तेरा दिन है कल मेरा होगा लेकिन जब मेरा दिन होगा वोह तैरा आख़री दिन होगा….

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दुआ करते हैं हम सर झुका के,
आप अपनी मंज़िल को पाए.
अगर आपकी राहों मे कभी अंधेरा आए,
तो रोशनी के लिए खुदा हमको जलाए…

*******

लाली बीगाडनी है 'गर…तो आ, बीगाड़ ले,
काजल बीगाडनेको कहीं और जा!!

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मै तड़पते हुये भी मुस्सकुराता हूं…
उसने कहा था मेरा मुस्कुराना सुकुन देता है…

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जीसकी सजा बश तूम हौ मुजे वो गुन्हा करना है…

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एक उम्र है जो तेरे बगैर गुज़ारनी है,
और एक लम्हा भी तेरे बगैर गुज़रता नही….

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सोचता हूँ कि तेरे दिल में उतर के देख लूँ ,,

क्या बसा है ,जो मुझे बसने नहीं देता !!

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दिल मजबूर हो रहा है तुम से बात करने को……
बस जिद ये है कि बात की शुरुआत तुम करो……

*******

ये तनहा सी ज़िन्दगी डराती है मुझे हर शाम….

एहसान है की एक खोखली हिम्मत देता है ये जाम…..

*******

चलो सारी कायनातका बटवारा करते है…
तुम सिर्फ मेरे.. बाकी सब तुम्हारा…

*******

जिस्म है शीशे का, पत्थर का जिगर रखते हैं,
इसलिए तो हम, तुम्हारे ऊपर मरते हैं |

*******

पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,
दिल में क्या है वो बात नही समझती,

तन्हा तो चाँद भी सितारों के बीच में है,
पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती…

*******

आँखों से आंसू न निकले तो दर्द बड जाता है;
उसके साथ बिताया हुआ हर पल याद आता है.

शायद वो हमें अभी तक भूल गए होंगे; मगर अभी भी उसका चेहरा सपनो में नज़र आता है.

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रेल में खिड़की के पास बैठ के हर दफ़ा महसूस हुआ है,
जो जितना ज्यादा क़रीब है वो तेजी से दूर जा रहा हे।

*******

कुछ सोचूं तो तेरा खयाल आ जाता है, कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है,
कब तक छुपाऊं दिल की बात, उसकी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है !

*******

ना मुस्कुराने को जी चाहता है;
ना आंसू बहाने को जी चाहता है.

लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में;
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है.

*******

दिल साफ़ करके मुलाक़ात की आदत डालो,
धूल हटती है तो आईने भी चमक उठते हैं..!

*******

किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया हैं ये दिल,

कोई रहता भी नहीं और कमबख्त बिकता भी नहीं..

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झुठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते हैं..
तरक्की के बाज़ की उडान में कभी आवाज़ नहीं होती ।

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हाय कितना मासूम था उनका बात करने का लहज़ा…!
धीरे से जान कह के… बेजान कर दिया ……!!

*******

इंसान चाहे कितना भी साफ़ वो उसकी परछायी काली ही होती है…

*******

मेरी जगह कोई और हो तो चीख उठे,
मैं अपने आप से इतने सवाल करता हूँ…

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नाराज़गी भी मोहब्बत की बुनियाद होती हे,
मुलाक़ात से भी प्यारी किसी की याद होती हे………

*******

अपने किस किस राज को, बे पर्दा करुं दोस्तों..
जिस उम्र मे अक्ल आती है, उस उम्र में हम मुहब्बत कर बैठे..!

*******

निकाल दे दिल से ख्याल उसका,

यादें किसी की तकदीर बदला नहीं करती…

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होश में थे तो हुए हवाले, तेरी हसीन यादों के..
इन दिनों चूर हूँ नशे में, तेरे उन झूठे वादों के..!

*******

जिस दिन तुम्हारा सबसे करीबी साथी तुम पर गुस्सा करना छोड दे तब समझ लेना चाहिए कि तुम उस इंसान को खो चुके हो"

*******

"वो कहते है कि उनपर कोई ग़ज़ल लिखूं,
मैं एक ग़ज़ल पर कैसे दूसरी ग़ज़ल लिखूं !"

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कोई नहीं मरता सिर्फ़ ठंड के कारण,
मरते हैं लोग सरकारी फ़ंड के कारण !!

नेता बाबू खा जाते है कंबल वाला फण्ड,
और बदनाम हो जाती है दिसंबर वाली ठण्ड !!

*******

तेरे मुस्कुराने का असर सेहत
पे होता है……..
लोग पूछ लेते है..दवा का नाम
क्या है…….!!

*******

तुम आसपास ना आया करो जब मे शराब पीता हूँ,
क्या हे कि मुझसे दुगुना नशा सँभला नही जाता..!!

*******

जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई,
उन रिश्तो को संभाले रखना जिन के बिना गुज़ारा नहीं होता।

*******

क्या पता था कि महोब्बत हो जायेगी,
हमें तो बस तेरा मुस्कुराना अच्छा लगा था..

*******

तुजे पा न सके,
तो भी सारी जिंदगी तुजे प्यार करेंगे..

ये जरूरी तो नहीं जो मिल ना सके,
उसे छोड दिया जाये..!!

*******

शेर खुद अपनी ताकत से राजा कहलाता है; 

जंगल मे चुनाव नही होते…

*******

नहीं मांगता ऐ खुदा कि,
जिंदगी सौ साल की दे !

दे भले चंद लम्हों की,
लेकिन कमाल की दे ….!!

*******

तू होठो से कितना भी ना कह ले
ऐ सनम,
तेरी आँखों में मोहब्बत हमें दिख
ही जाती है..!!

*******

मुझे रूला कर सोना तो तेरी आदत बन गई है,
जिस दिन मेरी आंख ना खुली
तुझे निन्द से नफरत हो जायेगी….

*******

मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर..

हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते हैं…

*******

जब छोटे थे तो बड़ी बड़ी बातों में 'बह' गए ,

बड़े हुए तो छोटी छोटी बातों में 'बंट' गए..।

*******

फिर नये साल की सरहद पर खडे है हम,
राख हो जायेगा ये साल भी हैरत कैसी….

*******

सोमवार तो बीत गया ,
उम्मीद है अब मंगल होगा..!!

*******

आँखों में अब समाती नहीं कोई भी सूरत….
काश तुझे गौर से न देखा होता.

*******

धडकनों को
कुछ तो काबू में कर ए दिल..
.
अभी तो पलकें झुकाई है,
मुस्कुराना
अभी बाकी है उनका…!!!

*******

मुझको समझाया ना करो अब तो हो चुकी,
मुहब्बत मशवरा होती तो तुमसे पूछ के करते…

*******

न पूरी तरह से क़ाबिल न पूरी तरह से पूरा है,
हर एक शख्स कहीं न कही से अधूरा है…

*******

कैसे लडूंगा मुक़द्दमा खुद से तेरी जुदाई का …!!
ये दिल भी वकील तेरा,
ये जान भी गवाह तेरी…

*******

किसके लिए जन्नत बनायी है तुने ऐ खुदा…।…
कौन है यहाँ इस जहां मे जो गुनाहगार नहीं…।।

*******

रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती,
जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है।

*******

हथेली पर रखकर नसीब,
हर शख्स अपना मुकद्दर ढूँढ़ता है,
सीखो उस समन्दर से,
जो टकराने के लिए पत्थर ढूँढ़ता है….

*******

कौन कहता है सवारने से बढती है ख़ूबसूरती…
जब दिल में चाहत हो तो चेहरे अपने आप निखर जाते है…!!

*******

मुझे तो तुमसे नाराज
होना भी नहीँ आता…
न जाने तुम से कितनी
मोहब्बत कर बैठा हूँ मैँ.!!

*******

एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद,
दूसरा सपना देखने के हौसले को 'ज़िंदगी' कहते हैं.!!!

*******

वैसे तो ,गिलास मेरा ,बहुत छोटा है…!
पर ,ना जाने कितनी ,बोतलो का कातिल है !!

*******

चलो छोड़ो…तुम्हें क्या बताना मुहब्बत के दर्द को…!!
जान जाओगे तो जान से जाओगे…!!

*******

मैने कभी किसीको अपने दिल से दुर नही किया,
बस जीनका दिल भर गया वो मुजसे दुर हो गया..!!!

*******

बहुत शौक है न मुझे मार डालने का तुझे !!
एक काम करो, लगा के ज़हर होंठो पे, मेरी बाहों मे आ जाओ !!!!

*******

कौन कहता है की तेरी ख़ूबसूरती में दम है!
अरे पगली लोग तो तुझे इसलिए देखते है क्योंकि तेरे आशिक हम है।।

*******

जिस दिन वोह मेरी सलामती की दुआ करती है ।

उस दिन जेब में रखी सीगरेट भी टूट जाती है …

*******

बेरंग हैं पानी फिर भी जिन्दगी कहलाता हैं,
ढेर सारे रंग हैं शराब के फिर भी गन्दगी कहलाती हैं।।

लोग भी कमाल करते हैं…

जिन्दगी के गम भुलाने के लिये, गन्दगी में जिन्दगी मिलाकर पीते हैं…

*******

क्या कमी थी मुझ मेँ..
जो तुमने मुझे छोड़ दिया..
वफ़ा करनी नहीँ आई
या मैँ गरीब था.!!

*******

सुना है तुम्हारी एक निगाह से क़तल होते हैं लोग,
एक नज़र हमको भी देख लो
कि ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती…

*******

जो चीज़ मेरी है उसे कोई और ना देखे …
इंसान भी मोहबत में बच्चो की तरह सोचता है..

*******

मौत से कैसा डर, मिनटों का खेल है.. आफत तो जिंदगी है, बरसों चला करती है..

*******

न किसी के दिल की हूँ आरजू….
न किसी नज़र की हूँ जुस्तजू….
मैं वो फूल हूँ जो उदास हो…
ना बहार आए तो क्या करू …

*******

मुझे ग़म भी उन का अज़ीज है,
के उन ही की दी हुई चीज़ है…
यही गम है अब मेरी जिंदगी,
इसे कैसे दिल से जुदा करू …

*******

फिर नींद से जाग कर आस-पास ढ़ूढ़ता हूँ तुम्हें…
क्यूँ ख्वाब मे इतने पास आ जाती हो तुम….

*******

मीठी बाते ना कर ऐ नादान परिंदे…,
इंसान सुन लेगा तो पिंजरा ले आएगा…

*******

उसके प्यार में, हुनर आ गया है वकीलों सा…….

मेरे प्यार को वो,तारीख पर तारीख दिये जा रहा है !!

*******

सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने
मेरी नींदों से..

या तो दोनों आते हैं .. या कोई नहीं आता !!!

*******

चलो अब जाने भी दो..क्या करोगे दासता सुनकर..,
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं,और बयां हमसे होगी नहीं…

*******

कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे
तुम्हारे सिवा,
एक मौत ही है जिसका मैं
वादा नही करता…….. ।।

*******

पी है शराब हर गली की दुकान से,
दोस्ती सी हो गयी है शराब की जाम से ;
गुज़रे है हम कुछ ऐसे मुकाम से,
की आँखें भर आती है मोहब्बत के नाम से..!

*******

सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें ,
इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना ।

*******

हम राजा नहि जो मारे जाए, यहा तो पुरा शतरंज ही हमारा है। जब चाहे सारे मोहरे समेट देंगे।।…

*******

न चाहकर भी मेरे लब पर ये फ़रियाद आ जाती है,
ऐ चाँद सामने न आ किसी की याद आ
जाती है…

*******

दिल ने मानी नहीं मेरी वरना,
मैं तुम्हे भूलने के हक़ में था..

*******

जिंदगी भी तवायफ की तरह होती है,
कभी मज़बूरी में नाचती है कभी मशहूरी में ।

*******

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Posted by on એપ્રિલ 27, 2015 in અંગત, Shayri

 

ટૅગ્સ:

Shayri Part 29


जिंदगी में सबसे ज्यादा दर्द
‘दिल’ टूटने पर नहीं,
‘यकीन’ टूटने पर होता है..!

*******

बादल चाँद को छुपा सकता है आकाश को नही…….
हम सबको भुला सकते है आप को नही…

*******

चाहा था मुक्कमल हो मेरे गम की कहानी,
मैं लिख ना सका कुछ भी, तेरे नाम से आगे !!

*******

जो लोग दूसरों की आँखों में आंसू भरते हैं..
वो क्यों भूल जाते है कि उनके पास भी दो आँखे है ..

*******

ये उदास शाम और तेरी ज़ालिम याद….!

खुदा खैर करे अभी तो रात बाकि है….

*******

वक्त ही नहीं मिलता मुझे दुखी होने का, क्योंकि..
उम्मीद ही नहीं करता मैं ज्यादा खुशी की ….!!

*******

ऐ यार, कुछ तू ही मेरा दर्द समझ ले.
हँसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है.

*******

गलती इतनी हुई की तुझें जान से ज्यादा चाहने लगे हम,

क्या पता था की मेरी इतनी परवाह तुझें लापरवाह कर देगी।

*******

पियो तो हद कर दो वर्ना प्रोग्राम रद्द कर दो…

*******

एक वक्त था …जब बातें ही खत्म
नही होती थी……!
आज सबकुछ खत्म हो गया मगर ..बात नही होती..!!…

*******

जब उसका हाथ मेरे हाथ में आता है …

दो हथेलियों के बीच एक ताज महल बन जाता है।

*******

माना कि बड़ा खुबसूरत हुस्न है तेरा… लेकिन,
दिल भी होता तो क्या बात होती…

*******

काश तुम भी हो जाओ
तुम्हारी यादो की तरह,
.
न वक़्त देखो न बहाना,
.
बस चली आओ!

*******

हाथ पकड़ ले, अब भी तेरा हो सकता हूँ मैं,,

भीड़ बहुत है, इस मेले में खो सकता हूँ मैं..!!

*******

बदला हुआ वक़्त है, ज़ालिम ज़माना है..
यहां मतलबी रिश्ते है, फिर भी निभाना है..!

*******

किसी से नाराजगी, इतने वक़्त तक न रखो के..
वो तुम्हारे बगैर ही, जीना सीख जाए…!

*******

करलो एक बार याद मुझको….
हिचकियाँ आए भी ज़माना हो गया…

*******

अपनी तकदीर ख़ुद लिखनी पडती है…
चिठठी नही जो किसी और से लिखवा लेते !!!

*******

हमारे जीवन का अंत उसी समय शुरू हो जाता है जब हम उन विषयों पर चुप्पी साध लेते हैं जो मायने रखते हैं.

*******

कैसे कहु के दिलको तुम्हारी आरजू नही ,
मगर ये और बात है के , मेरी किस्मत में तुम नहीं..

*******

लो, तुम रख लो ये दिल..
सीने में बहुत चुभता है अब !

*******

वो बोले महोब्बत का समुंदर बहोत गहरा होता है..
हमने भी कह दिया की डूबने वाले सोचा नहीं करते..

*******

” जरा तो शर्म करती तू..
मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम…”

*******

मरते वक्त एक दोस्त ने लिखी दिल को चिर डालने वाली बात,

मुझे जल्दी मत जला देना मेरे दोस्तों को लेट आने की आदत है.

*******

वो कहतें हैं , बहुत मजबूरियाँ हैं वक़्त की,
वो साफ़ लफ़्ज़ों में , ख़ुद को बेवफ़ा नहीं कहते..!!

*******

मुझसे दोस्ती ना सही पर दुश्मनी भी ना करना कयुंकी,
मे हर रिश्ता पुरी शिद्दत से नीभाता हुं..

*******

रोज रोते हुए कहती है जिंदगी मुझ से , सिर्फ एक शख्स की खातिर मुझे बर्बाद ना कर !!

*******

मुझे मालूम है कि वह मेरी कभी नही हो सकती,

मुझे तो बस शौक है,

उसके खातिर जिन्दगी बरबाद करने की..!!

*******

तुझमेँ और मुझमेँ फर्क है सिर्फ इतना. तेरा कुछ कुछ हूँ मैँ.. और मेरा सब कुछ है तू…

*******

” वो कहती है कि ,
पत्थरों में जान नहीं होती …??
.
.
.
” शायद उसे खुद के होने पर
यकीन नहीं है ”

*******

मै सपने नही देखता…क्योकी अक्सर मै जो हकीकत मे करता हु…वो लोगो के सपने हुआ करते है..

*******

किसी के लिए कभी इस दिल ने बूरा नहीं चाहा,
ये बात और हैं के मुझे ये साबित करना नहीं आया….

*******

बस एक शख्स मेरे दिल की जिद है,
ना उससे ज्यादा चाहिए ना कोई और
चाहिए !

*******

ऐ रात तू मेरे अकेले पन पर इस कदर मत हस,
वर्ना तू उस दिस बहुत पछताएगी .
जब मेरी मोहबह्त मेरी बहो में होगी .

*******

दिल के सागर मे लहरे उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया ना करो,
बहुत चोट लगती है मेरे दिल को,
तुम ख्वाबो में आ कर यू तडपाया ना करो….

*******

मरना होता तो कबके मर गए होते…
तेरी यादों में हर रोज़ मरने
का मज़ा ही कुछ अलग है …!!

*******

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना….
जरा सा भी चूके तो मोहब्बत हो जायेगी………

*******

बहुत खूब सूरत है आखै तुम्हारी,
इन्हें बना दो किस्मत हमारी,
हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियाँ,
अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी.

*******

हम उन दिनों अमीर थे ……
जब तुम करीब थे ……

*******

तुझ से नहीं तेरे वक़्त से नाराज हूँ…
जो कभी तुझे मेरे लिए नहीं मिला…

*******

यूं अकड मे रहना बंद कर दें,
वो तो प्यार है तूजसे…
वरना गरज तो किसी के बाप की भी नहीं…

*******

अच्छे समय से ज्यादा, अच्छे इंसान के साथ रिश्ता रखो.
अच्छा इंसान अच्छा समय ला सकता है, लेकिन अच्छा समय अच्छा इंसान नहीं ला सकता.

*******

तू बदनाम ना हो इसलिए जी रहा हूँ मैं……,
वरना मरने का इरादा तो रोज होता है…….!!

*******

गुन्हेगार तो सब बनते है..
हमें तो बस यादगार बनना है.

*******

सिर्फ इतनी गुजारिश खुदा से,
धोखेबाजों से बचाना,
दुश्मनों से खुद निपट लुंगा….

*******

हम क्या बताएं हमारे दिल का नसीब…
हम जिसको चाहते है उनसे मिलना तो दुर…हररोज देखना तक ‘किस्मत’ में नहीं है…

*******

नशा था उनके प्यार का जिसमे हम खो गये,
उन्हें भी नहीं पता चला कि कब हम उनके हो गये…

*******

पगली तेरे सिवा मै चौकलेट
किसी को ना दु….
दिल तो बहुत दूर कि बात है॥

*******

किस तरह संभालोगे तुम जिंदगी के रिश्ते…

ज़रा सी एक जबान तो संभाली नहीं जाती…

*******

तेरे हर दुख को अपना बना लूँ..
तेरे हर गम को दिल से लगा लूँ..
मुझे करनी आती नहीं चोरी वरना..
मैं तेरी आँखों से हर आँसू चुरा लूँ..

*******

हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा देते
हो मोहब्बत का,
कभी खुद से भी पूछा
है , इतने खूबसूरत क्यूँ हो ???

*******

शेर चाहे किसी भी नस्ल का हो …
कुत्तों पर हमेशा भारी पड़ता है…

*******

आज उसने बहुत अजीब सी बात कही ….
तुम जिन्दगी हो मेरी और मुझे जिन्दगी से नफरत है…!!!

*******

बहुत मुश्किल है समझना ज़िंदगी को….!!

जब से मिली है हर पल बदल रही है….!!

*******

हवा की मौजो मे आज
फिर गजब की नजाकत है,
जरुर आज उसने मुझे
दिल से याद किया होगा…

*******

तु हर साँस के साथ याद आती है ,
अब तु ही बता ….
तेरी याद को रोक दूँ या अपनी साँस को..

*******

इस मोहब्बत का बड़ा अजीब बंधन है
मिल जाती है तो बातें लम्बी होती हैं…
और बिछड जाए तो यादें लम्बी होती हैं…

*******

क्या लूटेगा जमाना खुशियो को हमारी…
हम तो खुद अपनी खुशिया दुसरो पर लुटाकर जीते है….

*******

जरूरी नही की इन्सांन सिफॅ ‘आग’ से जले.. कुछ
लोग मेरे स्टाईल से भी जल जाते हे…

*******

ये जो तुमने अपना अन्दाज बदला है..,, वाकई मे बदला है.. या फिर किसी बात का “बदला” है…!!

*******

उसके दिल पर भी, क्या खूब गुज़री होगी..
जिसने इस दर्द का नाम, मोहब्बत रखा होगा..!

*******

एक लम्हे मे मन को भिगो देती हैं…
दर्द जब भी होता हैं, आँखे रो देती हैं..

*******

गुजरे हुए कल की परछाईया साथ ही नहीं छोड़ती ,
और आने वाला कल है की दस्तक दिए जा रहा है …

*******

दीवार का कैलेंडर तो बदलता है हर साल,,
ए-ख़ुदा अब के बरस हालात भी तो बदल दे…!!

*******

बडा अजीब सा खोफ था उस शेर की आँखो मे..

जिसने जंगल मे हमारे जूतो के निशान देखे थे….!!

*******

इतने बुरे ना थे हम जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ..
अपने फैसले पर एक दिन अफसोस तुम्हेँ भी होगा.!!

*******

मैं इज़्ज़त करता हूँ सिर्फ दिल से चाहने वाले की..!!
हुस्न तो आज कल बाज़ार में भी बिकते हैं..!!!

*******

खुदा करे, सलामत रहें दोनों हमेशा.
एक तुम और दूसरा मुस्कुराना तुम्हारा:)

*******

हमने सोचा के दो चार दिन की बात होगी लेकिन,
तेरे ग़म से तो उम्र भर
का रिश्ता निकल आया…!

*******

बस आपकी ये अदाओं को देख कर दो लाईने लिख दी… वरना शायर तो हम भी नहीं।

*******

पलकें खुली सुबह तो ये जाना हमने…

मौत ने आज फिर हमें ,
ज़िन्दगी के हवाले कर दिया …

*******

मोहब्बत में झुकना कोई बङी बात नहीं,
चमकता सुरज भी ढल जाता है चाँद के लिए!!…

*******

अभी मुठ्ठी नहीं खोली है मैंने आसमां सुन ले..
तेरा बस वक़्त आया है मेरा तो दौर आएगा…!!

*******

हम मरना भी उस अंदाज़ में पसंद करते है..!
जिस अंदाज में लोग जीने के लिये तरसते है..!

*******

मिलता ही नही तुम्हारे जैसा कोई और इस शहर मै,

हमे क्या मालूम था कि तुम एक हो और वो भी किसी और के ! ! !

*******

मेरे हक में खुशियों की दुआ करते हो,
तुम खुद मेरे कियूं नहीं हो जाते…

*******

उसने देखा ही नहीं अपनी हथेली को कभी;
उसमे हलकी सी लकीर मेरी भी थी!

*******

तेरी नफ़रत मे वो दम कहाँ..,
जो मेरी चाहत को कम कर दे.

*******

“नफ़रत हो जायेगी
तुझे अपने ही किरदार पे….
अगर में तेरे हि अंदाज मे
तुझसे बात करुं…”

*******

तमारा जेवा मित्रो मारा माटे मुडी छे
आनाथी वधारे कई वात रुडी छे ??

*******

झूठ बोलते थे कितना,, फिर भी सच्चे थे हम..
ये उन दिनों की बात है,, जब बच्चे थे हम..

*******

मै रात भर सोचता मगर फैंसला न कर सका,
तू याद आ रही है या मैं याद कर रहा हूँ.

*******

सारी शिकायतों का हिसाब जोड़ कर रखा था,
उसने बाँहों में लेकर सारा गणित बिगाड़ दिया।

*******

वो मुझसे पूछती है, ख्वाब किस किस के देखते हो,
बेखबर जानती ही नही, यादें उसकी सोने कहाँ देती है ..

*******

बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना,
मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती………..

*******

बुलंदी तकपहुँचना चाहता हूँ मै भी..!!
पर गलत राहों से होकर जाऊँ, इतनी जल्दी भी नही है..

*******

कुछ नहीँ था मेरे पास खोने को..
जब से मिले हो तुम डर गया हूँ मैँ.!!

*******

कर कुछ मेरा भी इलाज
ऐ हकीम-ए-मोहब्बत…

जिस दिन याद आती है उसकी..
सोया नहीँ जाता.!!

*******

खुल जाता है तेरी यादों का बाज़ार सरेआम।
फ़िर मेरी रात इसी रौनक में गुज़र जाती है॥

*******

हम तो नादाँ हैं, क्या समझेंगे उसूल-ए-मोहब्बत..
बस…तुझे चाहना था, तुझे चाहते हैं, और तुझे ही चाहेंगे..!

*******

मुस्कुराने से शुरु
और रुलाने पे खतम
.
.
ये वो ज़ुल्म हे जिसे लोग
मुहब्बत कहते हे…!!

*******

तुम हकीक़त हो
या फिर कोई फरेब…
ना दिल से निकलते हो..
ना ज़िँदगी मेँ आते हो.!!

*******

टपक पड़ते हैँ आँसू जब किसी की याद आती है..
ये वो बरसात है जिसका कोई मौसम नहीँ होता.!!

*******

मोहब्बत और भी बढ़
जाती है जुदाईयोँ से…
तुम सिर्फ मेरे हो हमदम
इस बात का ख्याल रखना.!!

*******

कभी न कभी वो मेरे बारे में सोंचेगी ज़रूर.,
के हासिल होने की उम्मीद भी नहीं फिर
भी वफ़ा करता था…

*******

कुछ लम्हे गुज़ारे तुमने मेरे साथ,
तुम उन्हें वक्त कहेती हो,
और मैं उन्हें जिंदगी कहता हूँ ..

*******

कद्र होती है इन्सान की, ज़रुरत पड़ने पर ही,
बिन ज़रुरत तो हीरे भी, तिजोरी में रखे रहते हैं…!!

*******

शिकायत है उन्हें कि हमें मोहब्बत करना नहीं आता,
शिकवा तो इस दिल को भी है,
पर इसे शिकायत करना नही आता !!!

*******

मुझसे मौत ने पुछा मै आंऊगीं तो कैसे स्वागत करोगे?
कहा मैने फूल बिछा कर पूछूंगा इतनी देर कैसे लगी?

*******

तुम भी मोहब्बत का सौदा बडी अजीब करते हो……
थोडा सा मुस्कुरा देते हो और दिल खरीद लेते हो….

*******

जुबाँ न भी बोले तो मुश्किल नहीं l
फिक्र तब होती है,
जब खामोशी भी बोलना छोड़ दें l

*******

मुहब्बत तो बस इक एहसास है,
जिस से हो जाए बस वही खास है…!

*******

खुशबु आ रही है कहीं से ताज़े गुलाब की..

शायद खिड़की खुली रेह गई होगी उनके मकान की..

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खर्च जितना भी करुं बढ़ती जाती है
ये यादे तेरी अजीब दौलत है…

*******

“हाथ का मज़हब नहीं देखते परिंदे !
जो भी दाना दे ,ख़ुशी से खा लेते हैं …!!

*******

कुछ रिश्ते उपर बनते हैं,
कुछ रिश्ते लोग बनाते हैं
वो लोग बहुत खास होते हैं
जो बिन रिश्ते, रिश्ता निभा जाते हैं..

*******

हर बार मुकद्दर को कुसुरवार कहना अच्छी बात नही..
कभी कभी हम उन्हें भी मांग लेते है जो किसी और के होते है..

*******

क्या लिखू जिंदगी के बारे में दोस्तों …
वो लोग
ही बिछड़ गए जो जिंदगी हुआ करते थे..

*******

कलम में जितना दम है जुदाई की बदौलत है !

वरना लोग मिलने के बाद लिखना छोड़ देते है ..!!!

*******

कुछ पेचीदा लफ्जों में मैंने अपनी बात रखी,
जमाना हँसता गया, जज्बात रोते गये…!

*******

इतनी शिद्दत से वो हि नफरत कर सकता है..
जिसने प्यार भी उतनी शिद्दत से किया हो…

*******

नही थे पैसे एक दिन पीने के लिये तो यूँ किया….
डूबोई उनकी तस्वीर पानी मे और घूँट घूँट पी लिया…!

*******

“रिश्ता” दिल से होना चाहिए, शब्दों से नहीं,
“नाराजगी” शब्दों में होनी चाहिए दिल में नहीं!

*******

जो लोग दिल के अच्छे होते है,

दिमाग वाले अक्सर उनका जम कर फायदा उठाते है..

*******

तेरे हर दुख को अपना बना लूँ..
तेरे हर गम को दिल से लगा लूँ..
मुझे करनी आती नहीं चोरी वरना..
मैं तेरी आँखों से हर आँसू चुरा लूँ..

*******

पगली तेरे लिए इस दिल ने कभी बुरा नहि चाहा…
ये और बात है मुझे साबित करना नहिं आया….

*******

दो हिस्सों में बंट गए है, मेरे दिल के तमाम अरमान…
कुछ तुझे पाने निकले, तो कुछ मुझे समझाने निकले….

*******

दिल लगता नहीं है अब तुम्हारे बिना,
खामोश से रहने लगे है तुम्हारे बिना,
जल्दी लौट के आओ अब यही चाह है,
वरना जी ना पाएँगे तुम्हारे बिना |

*******

जिस क़दर….
उसकी क़दर की,

उस क़दर…..
बे क़दर हुये हम..!

*******

मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा है

वो तारों में तन्हा है और मैं यारों में..

*******

एक तो ये कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादों की धुंध….बेहाल कर रखा है इश्क़ के मौसमों ने…।।

*******

“तेरे साथ का असर सेहत पे होता है,

और लोग पूछ लेते है,दवा का नाम क्या है..।”

*******

अगर तुम अपने पापा की “परी” हो, तो हम
भी अपने बाप के “नवाब” है !

*******

मेरे अहसानों का कर्ज़ तुम यूँ चुका देना,

कभी याद करके अकेले में मुस्कुरा देना,

*******

तुम्हीं को चाहते हैं हम, तुम्हीं से प्यार
करते हैं !!
यही बरसों से आदत हैं, और
आदत कब बदलती हैं !!!!

*******

काश तुम मेरे होते..
.
.
.
.
सांस ही थम जाती,
अगर ये लफ्ज तेरे होते……??

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हमने भी कभी चाहा था एक ऐसे शख्स को;
जो आइने से भी नाज़ुक था मगर था पत्थर का।

*******

हम उस महफिल मे खामोश बेठते हे,
जहा …!
लोग अपनी हेसियत के गुण-गान गाते हे !

*******

उसके होठों को चूमा तो ये एहसास हुआ,
कि सिर्फ़ पानी ही ज़रुरी नहीं प्यास बुझाने के लिए।

*******

रोज़ रोते हुए कहेती ये ज़िंदगी मुझसे,
सिर्फ एक शख्स की खातिर मुझे बर्बाद मत कर..

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खुदा भी आखिर पूछेगा मुजसे..
मुजे पांच वक़्त और उसे हर वक़्त..???

*******

” एय मेरी जिन्दगी यूँ मुझसे दगा ना कर,
उसे भुला कर जिन्दा रहू दुआ ना कर,
कोई उसे देखता हैं तो होती हैं तकलीफ,
एय हवा तू भी उसे छुवा ना कर …..”

*******

मैं कैसे उस शख्स को रुला सकता हूँ…
जिसे शख्स को मैंने खुद रो-रो कर मांगा हो…

*******

मुझे मेरे कल कि फिकर आज भी नही मगर,
ख्वाहिशे उसको पाने कि कयामत तक रहेगी ।

*******

इश्क ऐसे करो,के वाे आप को छोड़ने के बाद ज़िन्दगी भर कहे ..
“प्यार तो बस वही करता था”..

*******

एहसास तो बहोत है उसको मेरी चाहत का मगर……

वो तडपाती है इस लिए के मै और भी टुट कर चाहूँ उसे ।।।

*******

मैने कहा तीखी मिरची हो तूम,

वो होंठ चूम कर बोली और अब?

*******

एक न एक दिन मै ढूँढ ही लूंगा तुमको…..

ठोकरे जहर तो नही के खा भी ना सकूँ !!

*******

मैने तडप कर कहा “बहुत याद आती हो तुम”

वो मुस्करा कर बोली “तुम्हे और आता ही क्या है” !!

*******

सिर्फ एक बार आओ हमारे दिल मेँ अपनी मुहब्बत देखने,
फिर लौटने का इरादा हम तुम पर छोड़ देँगे…!

*******

सुनो तुम बहोत जिद्दी हो….

मुझे भी अपनी एक जिद बना लो ना ।।

*******

यार बता दे ज़रा कैसे करुँ मेँ इजहार ए ईश्क ????
शायरी वोह समझती नहीँ और अदाए हमें आती नहीँ….

*******

यूं तो नहीं चाहता था कहना एक बात,
सोयी नहीं ये आंखें, तुमसे बिछड़ने के बाद !

*******

मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता हूँ

मगर हर सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती हैं…..

*******

बिन मेरे रह ही जाएगी कोई न कोई कमी,
तुम ज़िंदगी को जितनी मर्जी सँवार लेना…!!

*******

दिल के जज्बातों की हिफाजत करें भी तो कैसे….?
महफूज तो धड़कन भी नहीं होती सीने में….!

*******

सबर कर बन्दे मुसीबत के दिन भी गुज़र जायेंगे.

हसी उड़ाने वालो के भी चेहरे उतर जायेंगे…

*******

जीना तो हमे भी बिंदास आता है..
लेकिन ज़िंदगी आजकल कुछ नाराज़ है हमसे…

*******

वैसे मैं तो ठीक हूँ, उसके बिछड़ जाने से…बस…
दिल का भरोसा नहीं, कहीं धड़कना ही न छोड़ दे..!

*******

काबिले तारीफ़ है मेरे सनम की हर अदा..
वो उसका ना ना कहकर भी मेरी बाँहो में आना..!!

*******

काश के कभी समझ जाओ तुम
मेरी मोहब्बत की इंतहाँ को…
हैरान रह जाओगे तुम
अपनी खुश किस्मती पर.!!

*******

घड़ी की सुईयों जैसा रिश्ता है, हमारा दोस्तों
कभी मिलते है.. कभी नहीं.. पर हाँ, जुड़े रहते हॆ।

*******

मौत के मारो को तो हजार कंधे मिल जाते है,
लेकिन कौन चलता है यहाँ वक़्त के मारो के साथ..!!

*******

शुकुन मिलता हे दो लब्ज कागज पे ऊतार कर,

केह भी देता हुं ओर आवाज भी नही होती..

*******

हमारे महफिल में लोग बिन बुलाये आते है ….!!!
क्यू की यहाँ स्वागत में फूल नहीं दिल बिछाये जाते है..!!!!

*******

“सूरज ढला तो
कद से ऊँचे हो गए साये,
कभी पैरों से रौंदी थी,
यहीं परछाइयां हमने..

*******

बना के ताजमहल एक दोलतमन्द आशिक ने,
गरीबो की मोहब्बत का तमाशा कर दिया…!!

*******

मे चाहु तो तेेरे जेसी हजारो खडी कर स्कता हु !
पर दिल की जिद थी कि तु नही तो तेरे जेसी भी नहीं…

*******

“मेहनत कर ली अपनी हैसीयत थी जीतनी,

अब बारी तक़दीर की है हैसियत दिखाने कि..”

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करलो इकरार जबतक जिन्दा हू ,
फिर ना कहना…

“चला गया पागल दिलमे यादे छोड़ कर”

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तुमने जिन्दगी नाम सुना होगा,
हमने तुम्हे पुकारा है इसी नाम से….!

*******

कुछ और जज्बातो को बेताब किया उसने,
आज मेहंदी वाले हाथो से आदाब किया उसने..!!

*******

अब दिल ये चाहे..,
हर घड़ी,
मुझको तेरा दीदार हो..,
तुम जिंदगी हो..,
तुम बंदगी हो,
और ज्यादा क्या कहूँ..!!!

*******

आया था एक शख्स मेरा दर्द बाँटने….
रुखसत हुआ तो अपना भी गम दे गया मुझे….

*******

नाकाम होने के दो ही रास्ते हैं,,
या कोशीष छोड दो, या मुहोब्बत कर लो…

*******

सुबह का मतलब मेरे लिए सूरज निकलना नही,
तेरी मुस्कराहट से दिन शुरू होना है…

*******

ऐ इश्क़ !

जन्नत नसीब न होगी तुझे !!
बड़े मासूम लोगों को तूने बरबाद किया है ।

*******

ज़रूरतों की भूख जब पेट में शोर मचाती है…
दिल की ख्वाहिशें कुछ – कुछ चुप सी पड़ जाती हैं..!!

*******

ये अदा ये अंदाज यु मुस्कराना तेरा,
कईयों को डुबो गया आखो के सागर में…

*******

इश्क की बहुत सारी उधारियां है तुम पर.. ,!!!!!

चुकाने की बात करो तो कुछ किश्तें तय कर लें…??

*******

प्रेम इंसान को कभी मुरझाने नहीं देता,
और नफरत इंसान को कभी खिलने नहीं देती !!

*******

हम जा रहे हैं वहां जहाँ दिल की हो क़दर ,
बेठे रहो तुम अपनी अदायें लिये हुए ..!!

*******

प्यार करने से पहले, पैसे कमा लेना यारोँ…
गरीबो का प्यार अक्सर, चौराहे पर नीलाम हो जाता है..!

*******

कुछ तो रहम कर, ‘ए संग दिल सनम…
इतना तङपना तो, लकीरों मे भी न था..!

*******

चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये…
बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये…!!

*******

दिल मे बने रहना ही अच्छी शोहरत है ,
वरना मशहूर तो कत्ल करके भी हुआ जा सकता है …!

*******

मुझे मालूम है ऐसा कभी मुमकिन ही नहीं,
फ़िर भी हसरत रहती है कि तुम याद करोगे…

*******

लिफ्सटिक लगाना हर लडकीयों की ब्युटी है……
और उसे टेस्ट करना हमारी डयूटी है…

*******

खुदा करे के तेरी उम्र में गिने जाये…
वो दिन जो हमने तेरे हिज्र में गुजारे है.!!

*******

हमेशा के लिए रखलो ना अपने पासमुझे,
कोई पूछे तो बता देना,दिल का किरायदार है!

*******

अगर समज पाते तुम मेरी चाहत को,
तो हम तुमसे मोहब्बत नही तुम हमसे मोहब्बत करते……

*******

मुझसे मिलने में ईक खराबी है,
फिर किसी ओर के नही रहोगे तुम।

*******

तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।

*******

किसी गरीब को मत सताना
वो तो बस रो देगा….
पर…..
उपरवाले ने सुन लिया तो तू

अपनी हसी खो देगा…

*******

ये मेरी महोब्बत और उसकी नफ़रत का मामला है,
ऐ मेरे नसीब तू बीचमे दखल-अंदाज़ी मत कर !!

*******

हमारी किस्मत तो आसमान पे चमकते सितारों की तरह है…..
लोग अपनी तमन्ना के लिए हमारे टूटनेका इंतजार करते है……

*******

उम्मीदें, ख्वाहिशें, ज़रूरतें, ज़िम्मेदारियाँ..
इस घर में मैं कभी, अकेला नहीं रहता..

*******

कोई बनता ही नही मेरा….
तुम अपनी ही मिसाल लेलो….

*******

एक ठहरा हुआ खयाल तेरा..
न जाने कीतने लम्हों को रफ्तार देता है…!!

*******

अज़ीब होता है मेरे साथ..
उदास जब भी तुम हो तो कुसूर मुझे अपना ही लगता है…!!

*******

मैं ख़ामोशी तेरे मन की, तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा…
मैं एक उलझा लम्हा, तू रूठा हुआ हालात मेरा…

*******

कोहराम मचा रखा है जनवरी की सर्द हवावों ने..
और एक तेरे दिल का मौसम है जो बदलने का नाम ही नही लेता!!

*******

चलते-चलते मेरे कदम हमेशा यही सोचते है..
कि किस और जाऊं तो तू मिल जाये…!!

*******

बोल दिया होता…
तुम्हे दर्द देना है ऐ जिंदगी,
मोहब्बत को बीच में लाने की
क्या जरुरत थी…!!!

*******

आसान सा रास्ता है बदनाम होने का यारो ,
ज्यादा कुछ नही फ़कत मोहब्बत कर लो…

*******

वो मेरि होगि तो लोट आएगि एक दिन मेरे पास,
हम जिसे प्यार कर्ते हे उसे कैद नहि कर्ते..!!!

*******

लोग कहते हे शराब पीने से कलेजा जलता हे…
और हम कहते हे शराब
तभी पी जाती हे जब कलेजा जलता हे।।

*******

वाह मेरे महबूब बड़ी जल्दी ख्याल आया मेरा ..
बस भी करो चूमना .. अब उठने भी दो जनाज़ा मेरा ..!!

*******

कोई वादा नहीं फिर भी प्यार है, जुदाई के बावजूद,
भी तुझपे अधिकार है. तेरे चेहरे की उदासी दे रही है
गवाही, मुझसे मिलने को तू भी बेक़रार है.

*******

इक न इक रोज़ कहीं ढूंढ ही लेंगे आपको…….
ठोकरें ज़हर नहीं हैं कि मैं खा भी न सकूँ….!!

*******

हसीन आँखों को पढ़ने का अभी तक शौक है मुझको,
मुहब्बत में उजड़ कर भी मेरी ये आदत नहीं बदली…

*******

हम रोऐ भी तो वो जान ना सके….
और वो उदास भी हुए, तो हमें खबर हो गई…..!!

*******

केवल अल्फ़ाज़ों की बात थी,
जज़्बात तो तुम वैसे भी नहीं समझते …!!

*******

एक तुम भी ना कितनी जल्दी सो जाते हो,
लगता है इश्क को तुम्हारा पता देना पड़ेगा…

*******

बहुत कुछ बदला हैं मैने अपने आप में, लेकिन…!
तुम्हें वो टूट कर चाहने की आदत अब तक नहीं बदली.

*******

बिछङकर फिर मिलेगें यकिन कितना था !!!!
मेरा ख्वाब ही सही मगर हसिन कितना था !!!!

*******

“संत नहीं तो शांत बनो और योगी नहीं तो उपयोगी बनो…!!!”

*******

हम क्या हे वो सिर्फ हम ही जानते हे!
लोग तो सिर्फ हमारे बारे में “अंदाज़ा” लगा सकते हे…

*******

मैं तुम्हारे लिए नहीं लिखता,
मैं तुम्हें लिखता हूं…..

*******

किसी को भूलने की, कोशिश ना करना कभी..
ये दवा, जख्मों को और भी हरा कर देती है..!

*******

दोस्तों जानता हूँ मशहूर बहुत हे मेरे अल्फाज और मेरी दोस्ती,

मगर,

एक पगली ऐसी भी हे जो मुझ से मनाई नही जाती !!!

*******

जिद उसकी थी चाँद का दीदार करने की,
होना क्या था मैने उसके सामने आईना रख दिया ॥

*******

चुपके से नाम तेरे गुजार देंगे जिंदगी,
लोगों को फिर बताएंगे, प्यार ऐसे भी होता है….

*******

किसी ने हमसे पूछ लिया –
कैसे हो ? हमने हंस कर कहा-
जिन्दगी में गम है, गम में दर्द है,
दर्द में मज़ा है. . और .. मजे में हम हैं…

*******

पागल उसने कर दिया एक बार देखकर..
मैँ कुछ भी ना कर सका लगातार देखकर..

*******

जो तालाबों पर चौकीदारी करते हैँ….
वो समन्दरों पर राज नहीं कर सकते..

*******

शुबह होती नही शाम ढलती नही,
नज़ाने क्या खूबी है आप मे के
आप को यादकिए बिना खुशी मिलती नही…

*******

हसते है तो सीफॅ दोस्तो को हसाने के लीये,

वरना ईन आंखो मे पानी ही पानी है..

*******

हाथ में खंजर ही नहीं आँखों में पानी भी चाहिए,
ऐ खुदा दुश्मन भी मुझे खानदानी चाहिए..!

*******

छोड़ो न यार, क्या रखा है सुनने सुनाने में…
किसी ने कोई कसर नही छोड़ी मेरा दिल दुखाने में….

*******

दिल ने आज फिर तेरे दीदार की ख्वाहिश रखी है…..
अगर फुरसत मिले तो ख्वाबों मे आ जाना……

*******

”सादा सा एक वादा है उन आँखों का …
बंद हों तब भी तुम्हें देखेंगे”

*******

ख्वाहिश ये हैं कि तू मेरी हो,
या फिर ये ख्वाहिश तेरी हो!

*******

एक पल में ले गयी मेरे सारे गम खरीद कर…
कितनी अमीर होती है ये बोतल शराब की..

*******

कल बड़ा शोर था मयखाने में,
बहस छिड़ी थी जाम कौन सा बेहतरीन है..
हमने तेरे होठों का ज़िक्र किया,
और बहस खतम हुयी..!!

*******

है शाम को मिलने का वादा किसी का ….
उस सूरज से बोलो जल्दी डूब जाए।।

*******

कौन कहता है उसकी याद से बे-खबर हूँ मैं,
मेरी आंखो से पूछ ले मेरी रात कैसे गुजरती है…

*******

मेरा एक हाथ पूरी दुनिया से लडने के लीये काफी है..
एकबार तू दूसरा थामकर तो देख…

*******

उसकी हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले !
काश उसे भी मेरे नसीब में लिखा होता !!

*******

क्या लिखूं जिंदगी के बारे में दोस्तों –
वे लोग ही बिछड़ गये जो जिंदगी होते थे !!

*******

जितनी हसरत थी, उसे पाने की…
आज..
उतनी ही हसरत है, उसे भुलाने की…!

*******

तेरी गली में आकर के खो गये हैं दोंनो, मैं दिल को ढ़ूँढ़ता हुँ, दिल तुमको ढ़ूँढ़ता है..

*******

मुझे किसी ने पूछा दर्द की कीमत क्या है.

मैने कहा मुझे नहीं पता, लोग तो मुझे मुफ्त में दे जाते है!

*******

ख़ामोशी से भी नेक काम होते
हैं,
मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते
हुए…….

*******

बैठे हैं हम पीने आज सालों बाद,
होश से कह दो मेरा उससे कोई वास्ता नहीं।

*******

उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था,
भूल गए थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती…!!

*******

तुम्हारी याद जैसे किसी ग़रीब की गरीबी,,
कमबख्त बढ़ती ही चली जा रही है…

*******

“मिली तू, तो मिल गया सब,
मानो पा लिया मैंने मेरा रब”..

*******

मोहब्बत की हकीकत से हम भी वाकिफ थे दोस्तो..!!

वो तो यूँ ही बस जरा शोक हुआ था….!! ज़िंदगी बर्बाद करने का….!!

*******

कुछ मीठी सी ठंडक है आज इन हवाओं में…!
शायद… तेरी यादों से भरा दराज़…. खुला रह गया है…!!

*******

कोई और तरीक़ा बताओ जीने का,

साँसे ले ले कर थक गया हूँ…

*******

तेरी मुस्कुराहट से शुरू हो कर, मेरे आंसुओं पर खत्म हुई..
कितनी दिलचस्प है, कहानी हमारी मोहब्बत की…!

*******

तुम्हे क्या पता, किस दर्द मे हूँ मैं..
जो लिया नही, उस कर्ज मे हूँ मैं..!

*******

“ताकत के संग संग नेक इरादे भी रखना,
वरना ऐसा क्या था जो रावण हार गया..!”

*******

लौट आती है हर बार दुआ मेरी खाली….!!
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है….!!

*******

बहुत लिखी खुदा ने लोगों की तकदीर में
मोहब्बत,
,
जब हमारी बारी आई तो स्याही खत्म
हो गई.

*******

सुबह टुकड़े मिले थे कुछ तकिये के नीचे…..

ख्वाब थे जो रात को टूटे थे…..

*******

“वोह आज भी कहती है दीवाना मुज़े,
जिसको मेरी दिल्लगी से नफरत थी…”

*******

उसके प्यार में हुनर आ गया है वकीलों सा ,

मुझ से मिलने की अब वो ,
तारीख़ पर तारीख़ दिए जा रही है .. .. .. !!

*******

ये शायरी की महफ़िल बनी है,आशिकों के लिये,

बेवफाओं की क्या औकात,जो शब्दों को तोल सकें….

*******

तुम्हारी फ़रेबी में यूँ जलने से अच्छा कि सिगरेट जला कर ही जल लेता हूँ…

*******

सिर्फ एक बार चूमा था मेहबूब के होटो को …

लोगो ने बस्ती से निकाल दिया शराब पीने के इल्ज़ाम मे….

*******

सब तेरी मोहब्बत की इनायत है,

वरना मैं क्या मेरा दिल क्या मेरी शायरी क्या…

*******

ठान लिया अब वो दुश्मन है सदा के लिए ।
बस एक तमन्ना है मांग ले मुझे एक बार खुदा के लिए।।

*******

मैं आदत हुँ उसकी वो ज़रुरत हैं मेरी,
मैं फरमाईश हुँ उसकी वो इबादत हैं मेरी।

*******

काश तुझे सर्दी के मौसम मे लगे मुहब्बत की ठंड,
और तू तड़प कर माँगे मुझे कम्बल की तरह..!

*******

जाने कैसी नजर लगी ज़माने की …
अब वजह मिलती नही मुस्कुराने की !!

*******

कोई ऐतराज़ नहीं है बिखरने से मुझको, तुम अगर अपनी बाहों में संभालने की ज़हमत करो…

*******

अपने किरदार को मौसम से बचाए रखना !
लौट कर फूलों में वापस नहीं आती खुशबू.”

*******

मुझे छोड़कर वो खुश है तो शिकायत केसी,
अब मई उन्हें खुश भी न देखु तो मोहबत केसी!!!

*******

वजाह तो नफरतो कि तलाशी जाती है । मोहब्बत तो बेवजह हो जाती है ।

*******

दिल, धोखे में हैं…
और..
धोखेबाज, दिल में…

*******

मत दे दुआ किसी को अपनी उमर लगने की,
यहाँ ऐसे भी लोग है जो तेरे लिए
जिन्दा हैं….!

*******

आँखों से पानी गिरता है तो गिरने दीजिये…
कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही होगी…

*******

आपके तो बिखरे हुये सिर्फ बाल है…,!
हमारा तो ज़िन्दगी का वो हाल है…!!

*******

शाम होते ही सज जाता है तेरी याद का बाजार,
बस इसी रौनक से हमारी सारी रात गुजर जाती है…

*******

अपनी हालात का ख़ुद अहसास नहीं है मुझको,
मैंने औरों से सुना है कि परेशान हूं मैं…

*******

मजबूत रिश्ते और कडक चाय,

धीरे धीरे बनते है…

*******

कुछ इस अदा से तोड़े है ..ताल्लुक उसने ..!!!!!
…कि
एक मुद्दत से ढूंढ़ रहा हूँ ..कसूर अपना .!!!!!

*******

देखकर तुमको अकसर हमें एहसास होता है,
कभी कभी ग़म देने वाला भी िकतना ख़ास होता है…

*******

मेरी झोली में कुछ अल्फाज अपनी दुआओं के डाल दे ऐ दोस्त!
क्या पता तेरे लब हिलें और मेरी तक़दीर संवर जाये …!!!

*******

तू हकीकत-ए-इश्क है या कोई
फरेब..
ज़िन्दगी में आती नहीं, ख़्वाबों से
जाती नहीं…!!

*******

मंदिर भी क्या गज़ब की जगह है!
गरीब बाहर भीख मांगते हैं,
और अमीर अन्दर…

*******

जब भी वो उदास हो उसे मेरी कहानी सुना देना ,
मेरे हालात पर हंसना उसकी पुरानी आदत है..

*******

मैं अक्सर रात में यूं ही सङक पर निकल आता हूँ ,
यह सोचकर कि कहीं चांद को तन्हाई का अहसास न हो…

*******

काफी दिनों से एक ख्वाहिश सी रही है मुझको ….
कि किसी उदास शाम में वो आकर कहें..
बंद करो ये रोना, लो हम लौट आये तुम्हारे लिए.

*******

हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन पाओगे…
नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग जाओगे..!

*******

चूम कर मेरे होंठों को वो एक अदा से बोली…
सच बता दिल में तेरे और भी अरमान हैं
की बस….

*******

यह दुनिया भर के झगड़े,घर के किस्से,काम की बातै ,,,,
बला हर एक टल जाऐ अगर तुम मिलने आ जाऔ।

*******

ढून्ढ रहे हे मगर नाकाम रहे अब तक ,

वो लम्हा जिस मैं तू याद न आया हो..!!

*******

जख्म खरीद लाया हूँ बाजार- ए- दर्द से ,.
दिल जिद कर रहा था मुझे मोहब्बत
चाहिए!!

*******

होता है अक्सर सुकून दिल को मिलता नही ,
किसी के दिल की रंगत भी उतर जाती है सुकू पाने में !!

*******

वन अने रण

एक लिलुं छम्म – एक कोरू कट. .

ऐटले ज जी -वन, अने म – रण.

*******

उन्ही लफ्जों के अश्क बनते हैं,
जो जुबां से अदा नहीं होते…!

*******

मेरा दर्द किसी की हसने की वजह जरुर बन सकता है,,,

लेकिन मेरी हसी किसी के दर्द की वजह नहीं बननी चाहिए…

*******

मेरी पागल सी मोहब्बत तुम्हे बहुत याद आयेगी . . . . .

जब हँसाने वाले कम और रुलाने वाले ज्यादा होँगेँ. . . .

*******

तेरी ख़ामोशी,अगर तेरी मज़बूरी है,
तो रेहने दे इश्क़ कोनसा जरुरी है.

*******

फिर नींद से जाग कर आस-पास ढ़ूढ़ता हूँ,
तुम्हें क्यूँ ख्वाब मे इतने पास आ
जाती हो तुम….?

*******

रातों में खूब बातें होतीं हैं खुद से..
कौन कहता है अकेला हूँ मैं…!

*******

काश किस्मत भी नींद
की तरह होती ,
हर सुबह खुल जाती …

*******

साथ रोती थी, हसा करती थी.
एक परी मेरे दिल मे बसा करती थी.
किस्मत थी हम जुदा हो गए…!
वरना वो मुझे अपनी तकदीर कहा करती थी.

*******

अब
इस खुशी का
हिसाब कैसे हो ?
आज
उसने पूछा
” जनाब कैसे हो ?

*******

ज़िंदा रहने के लिए ज़रूरी तो नहीं कि साँस लूँ,
धड़कन बन कर तुम साथ रहो इतना ही काफी है….!!!

*******

मेरी उम्र इतनी तो नहीं फिर भी, ना जाने क्यों ?बड़े बड़े आशिक़ मुझे सलाम करते है…

*******

सो जाने दो इन बोझिल पलकों के सहारे,
नींद से न सही यादों से मोहब्बत तो बनी रहे!

*******

आज बारिश में भीग कर मैंने पूराने जख्म धो डालें,
मैं फिर तैयार हूँ…
चल ऊपर वाले अब फिर से नए जख्म बनालें।

*******

इतनी बदसलूकी ना कर.,,,,,,ऐ जिंदगी,,,,,,
हम कौन सा यहाँ बार बार आने वाले हैं…!!…..

*******

इश्क में मुझे ठुकराने की वजह वाजिब लगती है,
सच ही है , गरीबों के आशियानों में परियाँ नही आती…

*******

क्या मिलना ऐसे लोगो से जिनकी फितरत छुपी रहे,
नकली चेहरा सामने आये और असली सूरत छुपी रहे…

*******

ऐ सुन….
आई लव यू उतना,
पारले-जी बिस्कुट पुराना है जितना !!!

*******

जो तुम बोलो बिखर जाएँ जो तुम चाहो संवर जायें,
मगर यूँ टूटना जुड़ना बहुत तकलीफ देता है…

*******

हमने जो की थी मोहब्बत, आज भी है
तेरी जुल्फों के साये की चाहत आज भी है…

रात कटती है आज भी, खयालो में तेरे,
दीवानों सी वो मेरी हालत आज भी है.

किसी और के तसव्वुर को उठती नहीं,
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफत आज भी है.

चाह के एक बार चाहे फिर छोड़ देना तू
दिल तोड़ तुझे जाने की इजाज़त आज भी है…
दिल तोड़ तुझे जाने की इजाज़त आज भी है….

*******

हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं,
कभी किस्मत से टूट जाते हैं,
कभी लोग तोड़ जाते हैं …

*******

वो मेरे पास से गुजरे और मेरा हाल तक न पूछा,
हम कैसे यकीन करें, वो दूर जाकर रोये होंगे…!!

*******

पैसै पर फोटो हमारा भी हो सकता पर, लोगो की जेब मे रहना हमारी फीतरत नही…

*******

हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा देते हो मोहब्बत का;
कभी खुद से भी पूछा है इतने हसीन क्यों हो।

*******

हमने भी कभी चाहा था एक ऐसे शख्स को;
जो आइने से भी नाज़ुक था मगर था पत्थर का।

*******

आ तेरे पैरों पे मरहम लगा दूँ ऐ मुकद्दर,
कुछ चोट तुझे भी आई होगी, मेरे सपनो को ठोकर मारने के बाद…

*******

पढ़ने वालों की कमी हो गयी है आज इस ज़माने में,
नहीं तो गिरता हुआ एक-एक आँसू पूरी किताब है…!!

*******

अच्छा हैं, ये दिल अंदर होता हैं…
:
बाहर होता तो, हमेशा पट्टियों में ही लिपटा रहता..!

*******

मोहब्ब्ते और भी बढ़ जाती है, जुदा होने से..
तुम सिर्फ मेरे हो, इस बात का ख्याल रखना…

*******

लफ्ज़… अल्फ़ाज़… कागज़ या किताब…

कहाँ कहाँ रक्खें हम…. यादों का हिसाब..

*******

फिर उसने मुस्कुरा के देखा मेरी तरफ़..
फिर एक ज़रा सी बात पर जीना पड़ा मुझे…!!

*******

कभी बिछड़ना चाहो तो बस ये सोच लेना ,
तुम बिन मेरी सांसो को चलना नही अता ।

*******

हम भी मौजूद थे तकदीर के दरवाजे पे ,
लोग दौलत पर गिरे , हमने तुजे मांग लिया ।

*******

सच बोलता हु तो रिश्ते टूट जाते है,
झूठ बोलता हु तो खुद टूट जाता हु।

*******

कहते है की जब कोई किसी को बहुत याद करता है तो तारा टूट के गिरता है…
एक दिन सारा आसमान खाली हो जायेगा और इलज़ाम हमारे सर आयेगा….

*******

इतना भी प्यार किस काम का….
भूलना भी चाहो तो नफरत की हद्द तक जाना पड़े…

*******

तु मुजे प्यार करे या ना करे इस से कोइ फरक नही पडता……
क्यो कि मेरे अकेले का प्यार ही हम दोनो के लिये काफ़ी है…..

*******

जख्मों का हाल मत पूछिये, जनाब….
कोशिशें अब भी जारी है, इन्हें नासूर बनाने वालों की..!

*******

जुदा तो एक दिन, सांसे भी हो जाती हैं..
पगली..
और तुझे सिर्फ़, महोब्बत से शिकवा है..!

*******

लिख दे, मेरा अगला जनम उसके नाम पे…
ए खुदा…
इस जनम में, इश्क थोडा कम पड गया है..!

*******

कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे,
मै उतना याद आउगाँ जितना तुम मुझे भुलाओग…

*******

क्या ज़रूरत थी दूर जाने की;
पास रहकर भी तो तड़पा सकते थे!

*******

तू बदनाम ना हो इसलिए जी रहा हूँ मैं……,
वरना मरने का इरादा तो रोज होता है…….!!

*******

तनहा रहना तो मुहब्बत वालों की एक रस्म है..
अगर फूल सिर्फ खुशी के लिए होते तो जनाजे पे ना डाले जाते..

*******

दोनों की पहली चाहत थी ,दोनों टूट के मिला करते थे …
वो वादे लिखा करती थी ,में कसमे लिखा करता था ।।

*******

लाख बंद करें मैखाने ज़माने वाले…….
दुनिया में कम नहीं हैं आंखों से पिलाने वाले….!!

*******

माना कि उन्हें फुर्सत नहीं मुझसे बात करने की,
पर मुझे कौन रोक सकता है उन्हें याद करने से….

*******

सुनो..!!आँखों के पास नहीं तो न सही…
कसम से दिल के बोहत पास हो तुम…!!!

*******

उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं,
ये दिल उसका है, अपना होता तो बात और थी…

*******

लोग कहते हे की मोहबत एक बार होती हे,
लेकिन में जब जब तुजे देखता हु तो हर बार होती हे…

*******

नींद की इजाज़त भी उसकी यादों से
लेनी पड़ती है मुझे…।
खुद तो सो जाती है वो मुझे करवटों में छोड़ कर..!

*******

अगर छोड़ दूँ कलम को तो उसकी यादें मर जायेँगी !
और अगर छोड़ दूँ उसकी यादों को तो मैं मर जाऊँगा !!

*******

“तू” कल की तरह आज नहीँ “साथ” मेरे तो क्या हुआ…
कैसे बताऊँ तुझे कि,,
मोहब्बत तो हम तेरी दुरीयोँ से भी करतेँ हैँ ।।

*******

कहीं से मिल जाते वो अल्फाज़ हमें भी,
जो तुझे बता देते के हम शायर कम तेरे आशिक ज्यादा हैं ॥

*******

तेरी बेरूखी का अंजाम एक दिन यही होगा,
आखिर भूला ही देंगे तुझे याद करते करते.

*******

“तुम अगर भूल भी जाओ तो ये हक है तुमको,
मेरी बात और है…मैंने तो मोहब्बत की है।”

*******

” ना जाने वो कौन सी डोर है,
जो तुझ संग जुड़ी है,
दूर जायें तो टूटने का डर है,
पास आयें तो उलझने का डर है ”

*******

पूछा जो हमने उनसे, भुला दिया हमको कैसे ,
चुटकियाँ बजा के बोले ..ऐसे …ऐसे….ऐसे….

*******

हमारी गलतियों से कही टूट न जाना,
हमारी शरारत से कही रूठ न जाना,
तुम्हारी चाहत ही हमारी जिंदगी हैं,
इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना,

*******

सोचता हूँ एक शमशान बना लुँ
दिल के अंदर,
मरती है रोज ख्वाईशें एक एक करके…

*******

अगर आप को वक़्त का पता नहीं चल रहा है,
तो इसका मतलब आप का वक़्त अच्छा चल रहा है |

*******

मिलके बिछड़ना दस्तूर है जिंदगी का,
एक यही किस्सा मशहूर है जिंदगी का,
बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते,
यही सबसे बड़ा कसूर है जिंदगी का ।

*******

कितना कुछ हो रहा है इस दुनिया में क्या तुम मेरे नहीं हो सकते………

*******

हजारों अश्क़ मेरी
आँखों की हिरासत में थे…

फिर तेरी याद आई और
इन्हें जमानत मिल गई…

*******

ना हसीनो की तमन्ना है और ना परियो पे मरता हूँ…
वो एक “भोली” सी लडकी है जिसे मै महोब्बत करता हूँ ।।

*******

तेरी यादों का तकिया, लगाता हूँ जब भी सिरहाने,
उदासियां आ जाती है, तन्हाइयों की चद्दर उढाने…!!

*******

“छोड़ दो मुड़कर देखना उनको,जो तुमसे दूर जाया करते हैँ…

जिनको साथ नहीं चलना होता,वो अक्सर रूठ जाया करते हैँ…”

*******

वक्त अच्छा था तो हमारी गलती मजाक लगती थी,
वक्त बुरा है तो हमारा मजाक भी गलती लगती है..

*******

तुम जो बीछड़ी हो तो मैंने जाना है,
कि लोग मरकर भी जिया करते है …

*******

“इतने बेताब न हो मुझसे बिछड़ने के लिए,
तुम्हें आँखों से नहीं मेरे दिल से जुदा होना है…।”

*******

नाकाम थीं मेरी सब कोशिशें उस को मनाने की,
पता नहीं कहां से सीखी जालिम ने अदाएं रूठ जाने की।…

*******

कमी तेरे नसीबों में रही होगी, कि तू मेरी ना हुई,

मैने तो कोशिश बहुत की, तुझे अपना बनाने की…

*******

” माना की तू किसी रानी से कम नहीं ….मगर
वो रानी भी रानी क्या जिसके राजा हम नही…

*******

कुछ तो आदाब-ए-मोहब्बत का
सिला दीजिये कभी,

माना तुम पर मरते हैं,
तो क्या मार ही डालोगे हमें???

*******

छू ना सकूं आसमान, तो ना ही सही दोस्तों…
आपके दिल को छू जाऊं, बस इतनी सी तमन्ना है..!

*******

तू मेरे दर्द पे हँसती जा मैं तुझे देख
मुस्काऊँगा,
छोङ दे अब तू फिक्र मेरी बस अपना दिल बहलाती जा..!!

*******

क्या करूँ यार उससे गुस्सा भी हो जाऊं
तो बहोत तड़पता हुँ!!

*******

एक दर्द जो था सिगरेट की तरहा . . .

मेने सबसे छुपाके पिया है . . . !

*******

गुनाह कुछ हमसे हो गए यूँ अनजाने में,,,

फूलों का कत्ल कर दिया पत्थरों को मनाने में…

*******

हाथ बाँधे क्युँ खडे हो किस्मत के आगे…!!

हादसे कुछ भी नही है हौसलों के आगे…!

*******

तुमसे किसने कह दिया कि मुहब्बत की बाजी हार गए हम?
अभी तो दाँव मे चलने के लिए मेरी जान बाकी है..

*******

ना जाने क्यू उदास है आज हमारा ऐ दिल….

लगता है हमें भूल जाने का इरादा है किसीका….

*******

मुनासिब समझो तो सिर्फ इतना ही बता दो…
दिल बैचैन हैं बहुत, कहीं तुम उदास तो नहीं…

*******

कभी देखा है अंधे को किसी का हाथ पकड़कर चलते हुए,
इस कदर मैंने मुहब्बत में तुझ पर भरोसा किया था…

*******

तुमने तो फिर भी सिख लिया ज़माने के साथ जीना !!
हम तो कुछ भी ना कर सके तुम्हे चाहने के सिवा !!

*******

क्या हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का,

किसी काम से आये थे, किसी काम के ना रहे…

*******

तेरी मोहब्बत की तलब थी
तो हाथ फैला दिए वरना,
हम तो अपनी ज़िन्दगी
के लिए भी दुआ नहीं करते … !!!

*******

चलो अब जाने भी दो,
क्या करोगे दास्ताँ सुनकर!!
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं,
और बयाँ हम से होगा नहीं…

*******

तुझे खुद से निकाल तो दूँ मगर….
सोचता हूँ, फ़िर मुझमें बचेगा क्या..

*******

“तमन्ना ए इश्क़ तो हम भी रखते है,
किसी के दिल में हम भी धड़कते हैं,
ना जाने हमें वो कब मिलेंगे,
जिस के लिए हम रोज़ तड़पते है.”

*******

जाती नहीं आँखों से सूरत तेरी;
ना जाती है दिल से मोहब्बत तेरी;
तेरे जाने के बाद किया है यह महसूस हमने;
और भी ज्यादा है हमें ज़रूरत तेरी।

*******

मेरे दिल को मेरे पास ही रहने दो,
बेघर बच्चा, आवारा हो जाता हे ।

*******

हमे नही आता मनाना किसीको,
पर दिल से कहते है आपको कभी रुठने न देंगे.

*******

लो, तुम रख लो ये दिल..
सीने में बहुत चुभता है अब !

*******

इक बात कहूँ “इश्क”, बुरा तो नहीँ मानोगे….
बङी मौज के थे दिन, तेरी पहचान से पहले..

*******

सुबह उठते ही तेरे जिस्म की खुशबु आई,
शायद रात भर तूने मुझे खवाब मे देखा है…

*******

चुप रहना ही बेहतर है, जमाने के हिसाब से !
धोखा खा जाते है, अक्सर ज्यादा बोलने वाले !!

*******

ज्यादा लगाव ना रख मुझसे , मेरे दुश्मन कहते है मेरी उम्र छोटी है, डर मौत का नहीं , तेरे अकेलेपन का है !!

*******

मिटाना भी चाहूँ तो भी मिटा नहीं सकता,
उसका नाम अपने दिल से..

क्योंकि मिटाए तो वो जाते हैं जो गलती से लिखे जाते हैं..

*******

कल तुझसे बिछड़ने का फैसला कर लिया था,
आज अपने ही दिल को रिश्वत दे रहा हूँ..

*******

मुझे हराने के लिए पीछे से वार मत करना ऐ दुश्मन,
बस सामने आकर उस शख्स की याद दिला देना जिसपे हम जिंदगी हार गए थे,,,

*******

उस घडी मेरा इश्क हदें भूल जाता है,
जब लडते लडते वो कहती हैं: “लेकिन प्यार मैं ज्यादा करती हू तुमसे…

*******

तमाम शराबें पी ली थी इस जाहाँ की मगर,
उसकी आँखों में झाँका तो जाना आखिर नशा भी क्या चीज़ हे ।

*******

कितनी खुबसूरत लगती है ये दुनिया जब,
कोई अपना कहता है कि तुम बहुत “याद” आ रहे हो…!!!

*******

ये मत समझ कि तेरे काबिल नहीं हैं हम,
तड़प रहे हैं वो अब भी जिसे हासिल नहीं हैं हम.

*******

बात ये नहीं कि तेरे बिना जी नहीं सकते,
जिद ये हैं कि तेरे बिना जिना नहीं हमें ..

*******

मैं भूल सा गया हूँ तुम्हारे बारे में लिखना आजकल..
सुकून से तुम्हें पढ़ सकूँ इतना भी वक्त नहीं देती है ये जिंदगी..

*******

इश्क में, इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग..
दिल की जगह, जिस्म को चाहनें लगे हैं…!

*******

हाथों की लकीरों मैं तुम हो ना हो ….
जिदंगी भर दिल में जरूर रहोगे…

*******

मोहब्बत मेँ कभी कोई जबरदस्ती नहीँ होती,
जब तुम्हारा जी चाहे तुम बस मेरे हो जाना.

*******

सिर्फ रिश्ते टूटा करते हैं साहब,
मुझे तो उनसे इश्क़ हुआ है…

*******

ये जो हालात है…एक रोज सुधर जायेगे,
पर कई लोग मेरे दिल से उतर जायेगे….

*******

मंजिलें क्या है रास्ता क्या है..?
हौसला हो तो फासला क्या है..!!

*******

लिमिट से अनलिमिटेड हो रहा हूँ,
आजकल पल पल डिलिट हो रहा हूँ..

*******

“मैं शब्द, तुम अर्थ
तुम बिन मैं व्यर्थ”

*******

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4 ટિપ્પણીઓ

Posted by on એપ્રિલ 24, 2015 in અંગત, Shayri

 

ટૅગ્સ:

Shayri Part 28


Zindagi tu kabhi nahin aayi,
Maut aayi hai zara zara kar ke..

*******

Bus tum pe khatam ho jata he …
Mera gussa bhi …
Aur mera pyar bhi…

*******

Mujhe Maar Hi Naa Daale In Baadalon Ki Saazish…….
Ye Jab Se Baras Rahe Hai Tum Yaad Aa Rahe Ho…

*******

Ay Ishq tujhe Khuda ka waasta,
Ya yaar de… yaa maar de…

*******

Phir jaag utha hai Dil mein puraney dinon ka dard,

Jee chahta hai ke phir koi taaaza ghazal likhoon..

*******

Woh rooz dekhtey hai dubtay hua surajko Faraz,
Kaash main bhi kisi shaam ka manzar hota …!

*******

Man mausam ka kaha….chhai ghata…jaam utha….

Bhulja shikva gila….hath mila….jaam utha….

E mere dost tujhe uski kasam deta hu….jaam utha……

*******

“Jin ko sajdon mai roney ki aadat ho,
Wo kabhi kismat per roya nahi karte.”

*******

Barish ki boonde kya geeri mere chahre pe,

“KAMBAKHT” mere aanshu o ka wajood dhoondne lagi duniya !!!

*******

Ye jo humdard milte hai na….
Yaqeen mano Doston inhi se Dard milte hai….

*******

Kuch Is Tarha Se Muhabbat Ka Jahan Aabad Karta Hu,
Khud Ko Bhul Jaata Hu.. Tujhe Jab Yaad Karta Hu…

*******

Qabza na’haq na kijiye khud per,
Aap apnay nahin hamaray hain…

*******

Ab Na Aage Badhu… Na Piche Hatoon,
Tum Se Tum Tak Thahar Gaya Hu Main.

*******

Sunoo…..!! Itnaa Qareeb Aaoo…..

ke Saansei’nn Mashwaraa karr Lei’n…!!

*******

Fikar Ab Apni Chhod Di Hum Ne,

Tum Jo Itna Khayal Rakhty Ho.

*******

Jb Bhi Hoti Hai Guftagu Khd se,

Zikar Tera Zaroor Hota hai…

*******

Tum mujhy yaad ab nahi aty

tum mujhy yaad ho gaye ho.

*******

In barisho se adab-e-mohobbat seekho,
agar ye ruth bhi jayen to barasti bohot hain..

*******

Khud ko itna sjake na rakh,
Log chand k bdle tera chahera dekhkar id mnalege.

*******

Usey Hai Barsaat Mein Kisi Panaah Ki Talaash…

Ae Ghata Yoon Baras, Ke Meri Baahon Mein Simat Aaye Woh….

*******

Apne Bas Mai Kar Lete ho,

Kitna Be Bas Kar Detay Ho !!

*******

Kitne bevafa hote he ye rat ke jugnu bhi,
Roshni dikhakar andhero ki taraf le jate hay.

*******

Usne kaha bahot gehra hai mohabbat ka samandar…

maine kaha dubne wale socha nai karte….!!

*******

Kitni jaldi zindagi guzar jaati hai…
Pyaas buztee nahin barsaat chali jaati hai…

*******

Neend uda di sapnon ne, khwaab karne hai poore apnon ke…

*******

Jis din tumhra sabse kareebi dost gussa karna chodh de tab samjh lena chahiye tum ush insaan ko kho chuke ho.

*******

Jo nahi hai hamare paas wo “Khwab” hai..
Aur jo hai wo “Laajawaab” hai…!

*******

Kaun kehta hai ki bure waqt main koi saath nahi deta…

sari sari raat sare tare mere saath waqt gujarte hai……

*******

Sikh jao kisi ki chaahat ki qadar karna…
Kahi koi toot na jaye tumhe ehsaas dilaate dilaate…

*******

Tere Aane ki Umeed Nhi ,
Magar kaise keh de ke tera intezaar nhi!!

*******

Tum jab aaogi ttoh khoya hua paogi mujhe,
meri tanhaai main khwabon ke siwa kuch bhi nahin.

*******

Kya bataye tumko kitne dard hain is dil mai…
shayad wajah bhi tumhi ho .. aur saza bhi tumhi ho !

*******

Tamam jindagi ham jindagi se dur rahe,
Teri khusi ke liye har khusi se dur rahe,

Iss se bhi badakar kya wafa hogi,
Ham tere hote huwe bhi tumse dur rahe..

*******

Wo jawab mangte hai humse ki hume bhool to nahi jaoge???

Jawab main kya du?

Jab sawal hi paida nhi hota!

*******

Tu muje ek baar apna maan k muje apne paas toh bula,
Kasam khuda ki…baarish se bhi zyada pyaar tujhpe barsa dunga…..

*******

Roj kehta hu ke bhul jayunga use,

Magar na jane kyu roj ye baat bhul jata hu.

*******

“Jiski Sajja Sirf Tum Ho..
Muje Asa Koi Gunaah Karna Hai..

*******

Jo tumhare dil main hai..

Wo meri zuban pe hai…

*******

Suna hai teri muskurahate kahi gayab ho gayi
hain…
Tu kahe to fir se tere kareeb aa jau…

*******

Jarasa Bhi Nahi Pighalta Dil Tera…….

Itna Kimti Pathar Kaha Se Kharida Hai……

*******

Tujhe Har Baat Pe Meri Zarurat Padti….
Kaaaash !!
Main Bhi EK Jhoot Hota…

*******

Jinka milna nahi hota kismat me ……
Unki yade kasam se Kamal ki hoti he…

*******

Tum kash meri zindagi hoti…
par tum to maut ho.. aati hi nahi…

*******

Kuchh log aansuo ki tarah hote hai,
Pata nahi chalta sath de rahe hai ya sath chhod rahe hai .!!

*******

Itna jhooth bola he k ab meri khamoshi b juthi lagti he.

*******

Me sharab nashe k liye nahi pita,
Nasha kayam rakhne k liye pita hu.

*******

Umar To Jane Vadhati Rahese, Sarir Safalta Ane Sampati Badalti Rahese; Malya Mitro Aap Jeva, Bas Amne to Aapani Aa Mitrata Mubarak- Chalta Yantre…

*******

Har boond mein paani hai phir bhi pyaasi hai yeh baarishen,
Har saans mein tu hai phir bhi adhuri hai meri khwaaishen,
Dhadkan mein tu, meri ruhh mein tu, phir bhi karti hai intezaar tera yeh nadaan nigahen…!!

*******

Lagta Hai Ab Ki Baar Mohabbat
Ho Jaye Gi,
Main Ney Khwaab Mein,Khud Ko
Martey Dekha Hai.. .

*******

Ab to shayed hi mujhse mohabbat kare koi,
Meri ankhon mein tum saaf nazar aate ho..

*******

Galti Hum Se Na Jaane Kahan Ho Gai,,,
Log Aese Bhool Gaye Jese Jaante Hi Nahi…!!

*******

Tum zindagi ki vo kami ho,

Jo zindagi bhar rahegi…

*******

Itna toh khaaya nahin tha namak tera….
jitna chhirka hai tune zakhmon per…

*******

Duniya tere wajood ko karti rahi talaash…
Humne tere khyaal ko duniya bana liya..!!!

*******

Duniya Me To kai Aur Bhi Hongey Tere Jaise,
Par Hum Tujhe Chahte Hain Terey Jaison Ko Nahi…!!!

*******

Tum yaad na karke bhi achChhe lagte ho,

Khudaa jaane tum yaad karte to kya hota!!!

*******

Kash tu meri maut hoti ….

Ek na ek din meri jarur hoti…

*******

Muskurahat Tumhi Se Milti Hai,
Dard Ko Rahat Tumhi Se Milti Hai,

Roothna Kabhi Mat Hum Se,
Humein Jeene Ki Chahat Tumhai Se Milti Hai..

*******

Galтι Unĸι Naнι Qυѕoorwar Merι Gareeвι Tнι ,
Hυм Apnι aυĸaaт ,
Bнool Kar Bade Logon Se Dιl Laga Baιтнe…!

*******

Kash esa hota k hum roj mar te aur agle din fir se jite same life aur galti sudhar sake.

*******

Yuhi tum muj se baat kerti hoo…

Yeh koi pyaar ka irada haiii…

*******

Main Ji bhar ke Ro lun…
Tere bahon me so lun …

*******

Itney Kangaal Ho Gaye Hain Hum

Aankh Mein Khawaab Tak Nhi BaQi.

*******

Milna Hai To Mil Isi Dunia Ke Chaman Mein,
Phir Kya Milna Hoga Jab Laash Hogi Kafan Mein.. !

*******

Ajab neend mere hisse me likhi hai….

Aankeh band hoti hai to dil jaag jaata hai.

*******

Sawaal neend ka hota to koi baat na thi,
Hamaare saamne khwaabo ka mas’alaa bhi hai.

*******

Bahut Roka, Lekin…!! Kahan Tak…??

Mohabbat Badhti Hi Gayi, Mere
Gunaho’n Ki Tarah….!!

*******

Ehsan Karo To Duao Me Meri Maut Mangna,
Ab Ji Bhar Gaya Hai Jindgi Se !

*******

Mana ki tujhe fursat naji mujshe baat karne ki…

Par mujhe kaun rok sakta hai Tujhe yaad karne se????

*******

Be maut maar gaye dono…
Me aur meri khwahishe..

*******

Umar lag jati hai ehsaason ko alfaaz dene me….

Faqt dil tutne se koi shayar nahi banta….!!!

*******

Neend aur tum kaha par rehte ho???

Dono raat bhar kyu nahi aate!!!?

*******

Bhool se koi bhool hui tobhool samajh kar bhool jana.

Are… bhoolna sirf bhool ko,bhool se bhi hame na bhulana…

*******

Bhale hi muje dekh K kuchh bol ti nahi……

Lekin sochti to hogi aa gaya mera AshiQ……

*******

Na karo takraar, mujhay tumhara hi khayaal hai,
Phir baat se baat niklay gi, aur tum rooth jaoge..

*******

Mushkil gar ho waqt ke khilaf chalna,
Kyu na kuchh der waqt ke sath chalaa jaye…

*******

Tadapna tha aise to pehle bata dete ,

arman bhare dil ko hum aag laga dete…

*******

Jooth Bolte Hai Wo Log Jo Kehte Hai Hum Sab Mitti Ke Bane Hain,
Main Ek Shaks Se Waaqif Hoon Jo Patthar Ka Bana Hai.!!

*******

Dil hi kaffi hai tera
Mera rahney ke liyee…

Tu zaruri… sa hai mujhko..
Zindaaa rahney ke liye…

*******

Biwi ka darr aur girlfriend ka ghar kabhi aadmi ko chain se jeene nahi deta..

*******

Ek baat kahoon agar sunte ho,
tum mujh ko ache lagte ho…

kuch chanchal se khamosh lagte ho,
hain chahne wale or buhut,
par tum main hai ek baat alag, tum apne apne lagte ho…

yeh baat baat pe kho jana,
kuch kehte kehte ruk jana,
yeh kis uljhan main rehte ho!!!
jo baat hai hum se keh daalo…

Ek baat kahoon agar sunte ho,
Mujhe tum ache lagte ho…

*******

Tum Naa Laga Paaoge Andaaza Meri Tabaahi Ka,

Tum Ne Dekha Nahin Hai Mujh Ko Shaam Hone k Baad…!!

*******

Na maut milti hai na zindgi milti hai,
Zindgi ki raaho me bebasi milti hai.

Rula dete hai na jane kyo duniya wale,
Jab bhi mujhe koi khushi milti hai…

*******

Laut aao k bahut akela hu mai…
Ye Be-Raunak raaton ki udaasi kahin meri jaan na le-le…!

*******

“Agar woh pooch lein hum se, tumhe kis baat ka gham hai..

To phir kis baat ka gham hai, agar woh pooch lein hum se..!”

*******

Dhundh hi leta h mujhko roj naye bahane se,,,,

Dard ho gya h waqif mere har thikane se….!!

*******

Teri meri love story me bas ek hi baat khas he
Mera jigar or tera figure.

*******

Be Wajah Bhool Gaye….. 
Be Panah Chahane Walle…..

*******

Kyun Chupati Ho Aakhir, Kyun Inkaar Karti Ho

Tumhari Aankhein Batati Hain, Tum Bhi Pyar Karti Ho.

*******

Mujhko maloom nahi husn ki tarif magar….!!

Meri nazar me husn wo hai jo tujh jaisa ho…!!

*******

Jeete ji mohabbat ka insaaf nahi hota,
Aksar log zindagi nilaam karke mohabbat patey hai.

*******

Hum Jitna Aaj Usse Chahte hain Kal bhi Utna hi chahenge..

Wo toh Pagal hai Jo Roz Rooth jata Hai Hume Aazmaane k Liye.!!

*******

Zindagi me chahe kitne bhi khushiya ho hamare pas
Lekin hum tab tak khush nahi ho sakte
Jab tak hamare sath wo nahi
Jiske sath hum khush hona chahte he.

*******

Mohabbat ka koi rang nai fir b wo rangin he…

Pyar ka koyi chehra nai phir b woh hasin he…

*******

Sar-e-bazaar nikalu to awargi ki tohammat ….

Tanha jo baith jau ilzama-e-mohabbat….

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Nafraton ke bazaar mein jeene ka alag hi mazza hai..
Log rulana nahi chodhte aur zinda dil hasna nahi chodhte..

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Aaj Aur Kuch Nahi Bas Tum Itna SunLo,
Agar Mai Hu Tanha To Wajah Tum Ho..!!

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Hans lete hai zara ….logon ko Dikhane ke Liye,
Warna Dard ki Kitab Hai Hamaari Zindagi…!!!!

*******

Kitne Jaldi Door Chale Jate Hain Wo Log,

Jinhe Hum Zindagi Samajh Kar Kabhi Khona Nahi Chahte…

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Kitni qaatil hai ye…
Zindagi ki aarZo…

Marr jaate hai log…
kisi par…

“Jeene k liye”

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Jo Tha hi Nai Mera , Usay Khona Kesa….. !!!
Jab Rehna hi He Tanha ,
To Phir Rona Kesa…

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Ae kaash baras jaye imaan ki barish,
Logo k zameer pe dhool jami hui hai…

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Na pilana hume naap tol ke…
Hum dilwale he pite he dil khol ke…

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Pehle hame bhi muhabbat ka nasha tha yaaron..
dil jo tuta to nashe se hi muhabbat ho gayi…

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Meri Tanhai Ko Mera Shoq Naa Samajh,

Bohat Pyar Se Diya Hai Ye Tohfa Kisi Apnay Ne.

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Tu Meri Majboori Hai Aise,
Saans Lena Zaroori Hai Jaise.

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Me Tumhari Woh Yaad Hon.,
Jisy Tum Aksar Bhol Jate Ho..

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Kitnaa Khouff Hota hai Shaam Kay Andheroon Mein,

Poonch Un Parindoo Say Jin Kay Gharr Nahi Hotay….

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Zindagi aur maut,do lafzo’n ka khel hai……

Tera iqraar zindagi, Tera inkaar maut hai.

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Wo Bhi Ek Zamana Tha Jab Kisi Ka Dil Mere Liye Deewana Tha.. Par Meri Kismat Me Likhi Thi Judaai Uski.. Uska Rooth Jana To Ek Bahaana Tha..!

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Tere khayal main doob ker…
Aksaar aachi lagi tanhai..

*******

Wo kare lakh mana magar mera naam sunkar,

halki si chubhan uske dil mein bhi hoti hogi…..!!

*******

Wo Naram Labon Ka Mere Labon Ko Choom kar Kehna…!

Ho Gai na zid puri,Koi Dekh Na Le, Ab To Jane do.

*******

Koi To Esi Bat Kro ..
Jis Se Lagy Ke Tum Meri Ho .

*******

Tu Kisi Aur Ke Liye Hoga
Samandar Ae Ishq…
Hum To Roz Tere Saahil Se
Pyaase Guzar Jaate Hai….

*******

Saans To Lene Diya Karo…

Aankh Khulte Hi Yaad Aa Jaate Ho…

*******

Hum Ne Bana Liya Naya Phir Se Aashiyana…..!!!
Jaao Yeh Baat Phir Se Kissi Tufan Seh Kaho….!!!

*******

Mohabbat Kya Hai Do Lafzon Mein Tumhe Batata Hoon;
Tera Majboor Kar Dena Aur Mera Majboor Ho Jaana!

*******

Intzar ki aarzu ab kho gayi hai,
Khamoshiyo ki aadat ho gayi hai,
Na sikwa raha na shikayt kisi se,
Agar hai to ek mohbbat,
jo in tanhayion se ho gayi hai..!

*******

Jao kiya tumhe har bandhan se mukt . . .
Haatho ki lakiron me hoge to khudhi chale aaoge . . .

*******

Meri Tanhaye par taras kha kar,
Humsafar ho gaya mera Saya…..

*******

Kahte Hain Ki Patthar Dil, Kisi Ke Liye Aansu Nahi Bahate,
Par Sach To Yah Bhi Hai Ki Nadiyan, Pahadon Se
He Nikalti Hain…!

*******

Dusro ki sochoge to piche hi rahoge..
Yeh wo jamana nhi jisme tu khush to me khush…

*******

Sab mujhe hi kahte hai ki use bhul jao…
Koi use ni kehta ki vo meri ho jaye…!!

*******

Tut kar chahna fir “tut jana”
Bat choti hai ,
lekin hai jaanleva…..

*******

Jis din wo meri ‪‎Salamati ki Dua‬ maangti hai….
Us din ‪Gold flake‬ bhi Zeb‬ me tut jati hai…

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Kuch log to meri shayari se see lete hain apne zakhm bhi !!!!!

Kuch logon ko hum chubhte hain, suee ki nok ki tarah…..

*******

Riha apne qaid se hame hone nahin deti,
Teri yaad hame kabhi tanha hone nahin deti.

*******

Guzrainge Teri Gali Se Ek Din Wada Raha e jaaneman,,

Zinda Huwe To Apnaa Lena,
Murda Huwe To Dafna Dena ” ..!!

*******

Bekhabar bewajah berukhi na kiya kar tu……..
Koi toot sa jaata hai tere lihaaz badalne se……!!!!!!

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Tum mujhe yun chahiye ….
Jaise logon ko sukoon chahiye …!!!

*******

Aaj Usne Ek Baat Keh Ke Mujhe Rula Diya..
Jab Dard Bardaasht Nahi Kar Sakte To Mohabbat Kyun Ki..

*******

Mere khwabon mein aana aapka kasur tha,
Aapse dil lagana hamara kasur tha.

Aap aaye the zindagi mein pal do pal ke liye,
Aapko zindagi samajh lena hamara kasur tha.

*******

Waqt To Hame Bhula Chuka Hai, Muqaddar Bhi Na Hame Bhula De.

Pyar Ham Isliye Nahi Karte, Kyonki Darte Hain Kahi Fir Se Na Hame Rula De.

*******

[17:16, 30/01/2015] ©h£t@n: Achha Nhi Lagta Ye Manhush Alaram Ko Sunkar Uthna,

Kash Koi JuLfo Se Pani Jhatak Kar Hame Bhi Jagata, . .

*******

Meri juki nagahein dekhkr udaas na ho,
Tujhe ankhon se nahin dil se dekhta hu…

*******

Bus khatam karo ye baazi ishq ki zalim,
Muqaddar ke haare, kabhi jeeta nahi karte…..

*******

Laakh Karo Guzarishein Laakhon Do Hawale,

Badal Hi Jaate Hai Aakhir Badal Jaane Waale…!!!

*******

Bahut mehsus hota he,
Tera mehsus na karna.

*******

Chaand se Haseen hai Chandni,
Chandni se Haseen hai Raat.

Raat se Haseen hai Zindagi,
Aur woh Zindagi hai Aap…

*******

Suna hai log jahaan khoyen wahin milte hain,
Mein tujhe khud me talaash karta hoon..

*******

Meri Zindagi Me Kuch Nahi,
Teri Mohabbat Se Zyada…

*******

Raat bhar raat ko ek raat jagaayaa jaaye,

Us ko maaloom to ho hum pe guzarti kyaa hai……

*******

Mere Kissey mein tum Aate ho..
Mere Hissey mein kyu nahi?

*******

4 Din Mang kr laye the khuda se…..
2 Aarzu me beet gye….
2 intezaar me….

*******

Mujhe Maloom Hai Mera Mukadar Tum Nahi,

Lekin Meri Takdeer Se Chhup Kar Mere Ek Baar Ho Jao…

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Tumhari bahon main humein
jannat mil gayi saari..
Khuda se bolu ke apni jannat
apne paas hi rakh!!!

*******

Aaj pata chala kitne garib hai hum,
Apni jaan de kar bhi usse paa nahi sakte…

*******

Kaash Samay Jo sanskaro ne pan badli shakyo hot,
Hu maanvi mati robo bani shakyo hot.

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Itni Khushiyan De Aapko Aane
Wala Kal Tamanaoon Sy Bhari
Ho Zindgi Khuwhishon Sy Bhara
Ho Hr Pal Daman Bhi Chota
Lagne Lagee Itni Khushiyan De
Aapko Aane Wala Kal..

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Apno ki jo baat Na hoti,
Ankhon se barsat Na hoti…

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Aaj ki raat bhi sayad ham so na sake,

Yaad aa gaye hei nindo ko udaane wale……….

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Mere alfaaz hi hai mere dard ka marham,
Mai agar shayar na hota to shayad pagal hota..

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Haath Mein Unka Haath Yun Aaya…

Zindagi Haath Lag gayi ho jese….

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Hum Alfaazo Ke Intezaar Mein The..!!

Unhon ne Khamoshi Se War Kar Diya …

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Khuwabon Mein Jo Luft Tha Woh Ab Nahi Raha ..
Lout Aao K Meri Neend Ko Zarorat Hain Tumhari…

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Chahe Mujrim Samjhe Ya Koi Gunahgaar Humain…
Saaf Kehte Hain K Ek Shakhs Se Hain Pyar Humain…

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Posted by on એપ્રિલ 23, 2015 in અંગત, Shayri

 

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