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Shayri Part 36


नज़रिया बदल के देख,
हर तरफ नज़राने मिलेंगे
ऐ ज़िन्दगी यहाँ तेरी
तकलीफों के भी दीवाने मिलेंगे .

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“कभी हमसे भी पूछ लिया करो हाल-ए-दिल,
कभी हम भी तो कह सकें दुआ है आपकी”

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खुदा ने पूछा …..क्या सजा दूँ ….तेरे प्यार को,….
दिल से आवाज़ आई…मुझसे मोहब्बत हो जाये …..मेरे यार को ……

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साँसों का टूट जाना तो बहुत छोटी सी बात है दोस्तो,
जब अपने याद करना छोड़ दे, मौत तो उसे कहते है !!

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कमाल करते हो तुम भी,

ऐ मेरे दिल…!

उसे फुरसत नहीं और तुम्हें चैन नहीं..!

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मुझे तुमसे प्यार  हो गया है,….!!
बार बार तुम  याद आ रही है….!!

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मुझे इंतज़ार करना बेहद पसंद है,
क्यू की ,  ये वक़्त उम्मीद से भरा होता है !

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डरता हूँ कहने से की मोहब्बत है तुम से,
कि मेरी जिंदगी बदल देगा तेरा इकरार भी और इनकार भी..

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पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,
दिल में क्या है वो बात नही समझती,
तन्हा तो चाँद भी सितारों के बीच में है
पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती…

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नहीं मिला मुजे कोई तुम जैसा आज तलक,
पर ये सितम अलग है कि मिले तुम भी नहीं..!

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आँखों ने तुझे देखा था,और दिल ने पसंद किया…
बता,आँखे निकाल दूँ,,,या सीने से दिल..

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तेरे हि ख्याल पर खत्म हो गया ये साल..
तेरी ही ख्वाहिश से शुरू, हुआ नया साल….

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रोज़ रोज़ जलते हैं, फिर भी खाक़ न हुए,
अजीब हैं कुछ ख़्वाब भी, बुझ कर भी राख़ न हुए…

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“मतलब” बहुत वजनदार होता है …!
निकल जाने के बाद हर रिश्ते को हल्का कर देता है …!!

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तेरे होंठो को देखा तो एक बात उठी जहन में
वो लफ्ज़ कितने नशीले होंगे, जो इनसे होकर गुजरते है

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मेरे अकेलेपन का मजाक करने वालो
जरा सोचो तो,
तुम्हारे साथ जो भीड़ खड़ी है,,
उसमे कौन किसका है..??

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रजाईयां नहीं हैं उनके नसीब में।
गरीब गर्म हौसले ओढ़कर सो जाते है।।

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आज हुई उनसे गुफ्तगू तो मैंने भी ये जाना
शायरियों में ढूंढ़ता है कोई बारीकियां मेरी,

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हर एक दुआ में हम तो यही कहते हैं।
वो सदा खुश रहें जो दिल में मेरे रहते हैं।

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कोई ऐसा शक्श मुझे भी दे…
ऐ मौला..
जो मुझे बस खोने से डरता हो…!!!

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सुख मेरा, काँच सा था..
ना जाने कितनों को चुभ गया

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” बुरा ” हमेशा वही बनता हे,
जो ” अच्छा ” बनके टूट चूका होता हे !

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दुपट्टा क्या रख लिया सर पे,वो दुल्हन नजर आने लगी…!!
उनकी तो अदा हो गई और जान हमारी जाने लगी…!!

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खुश किस्मत होते है वो जो तलाश बनते है किसी की,
वरना पसंद तो कोई भी किसी को भी कर लेता है..

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सुन  पागल
ये   दिल बड़ी बेबस चीज़ है
देखता  सब को है
पर ढूंढता  सिर्फ उनको है….!!

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उम्र ढ़लते देर कहाँ लगती है…..
साल भी चार दिन पुराना हो गया

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वाकई पत्थर दिल ही होते हैं शायर…!!
वर्ना अपनी आह पर वाह सुनना कोई मज़ाक नहीं…!!

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आशियाने बनें भी
तो कहाँ जनाब…
जमीनें महँगी हो चली हैं
और,दिल में लोग जगह नहीं देते..

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रख लो आईने हज़ार तसल्ली के लिए……!!
पर सच के लिए तो,आँखें ही मिलानी प़डेगी….!!!

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पीने से कर चुका था मैं तौबा मगर…
तेरे होंठों का रंग देख के नीयत बदल गई…

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इत्तफाक से तो नही हम दोनो  टकराये…..
कुछ तो साजिश खुदा की भी होगी….

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मेरी तो बस एक छोटी सी ख्वाहिश है.
की….
तुम्हारी कोई ख्वाहिश अधूरी ना रहे…..

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रोज रोज हर रोज आप मेरा दिल तोड़़ते हो….
कभी कभी इसको जोड़ने की भी मोहलत दे दिया करो….❗❗❗

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चलो मर जाते हैं तुम पर…!!
बताओ दफ़न करोगे सीने में…?

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“तुझे तो मिल गये होंगे कई साथी नये लेकिन,
मुझे हर मोड़ पऱ तेरी कमी महसूस होती है !!”

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मैं गया था सोच कर, बात ‘बचपन’ की होगी,
दोस्त मुझे अपनी ‘तरक़्क़ी’ सुनाने लगे…..

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क्यूँ हर बात में कोसते हो तुम लोग नसीब को,
क्या नसीब ने कहा था की मोहब्बत कर लो !!

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मांगी थी खुशियां अपने लिए खुदा से, और देखो…
तुम मिल गये मुझे, खुशियां तलाशते तलाशते…

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अजीब खेल है ये मोहब्बत का;
किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला!

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हरकतें सौ तरह की अब ये दिल कर रहा है,
तेरी आंखों में जो भी लिखा, गौर से पढ़ रहा है ।

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“इतना तो किसी ने चाहा „ भी न होगा तुमहै,
जितना मैंने „ सिर्फ…… सोचा „ है तुम्हे „

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काश कोई मिले इस तरह के फिर जुदा ना हो,
वो समझे मेरे मिज़ाज़ को और कभी खफा ना हो।

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सुनशान सी लग रही है ये शायरों की बस्ती…..!
क्या किसी के दिल में दर्द नहीं रहा.!!

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ए मौत जरा जल्दी कर,
तेरे इंतजार में हूँ मैं !!

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खूबसूरती न सूरत में है…न लिबास में है…
निगाहें जिसे चाहे…उसे हसीन कर दें…

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लोग चुप रहने लगे हैं आजकल……
गलतफहमियां…..बोलने लगी हैं….!!

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मोहब्बत भी उधार कि तरह होती है ….
“साहब”
लोग ले तो लेते है .. मगर देना भूल जाते है.

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बुरा कैसे बन गया साहब…
दर्द लिखता हुँ किसी को देता तो नही…

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जो रिश्ते गहरे होते है…….
वो अपनापन का शोर नही मचाते…..!!

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तुम मुझे हँसी-हँसी में खो तो दोगे
पर याद रखना, फिर आंसुओं में ढ़ूंढ़ोगे।🌾

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मोहब्बत की खूबसूरत कहानी तो लिख दी मैंने…
मगर एक तुम्हें मनाने में अब भी नाकाम हूँ मैं…!!

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कुछ इसलिये भी हम शायरी भेजा करते है,
ऐ दोस्तों…
हमारा तो कोई नहीं मगर.
आपका तो कोई हो.!!!😊

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बहुत पाक रिश्ते होते है नफरतों के,
कपड़े अक्सर मोहब्बत में ही उतरते हैं…

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कुछ् बातों के मतलब है और कुछ मतलब की बातें,
जब से फर्क जाना जिंदगी आसान बहोत हो गयी

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कहीं बाजार में मिल जाये तो लेते आना
वो चीज़ जिसे दिल का सुकून कहते हैं…

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मेरी ख़ूबीयो पर तो…..यहाँ सब खामोश रहते हैं ..
चर्चा मेरे बुराई पे हो तो…गूँगे भी बोल पड़ते हैं …

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दूर रहकर भी आपकी ख़बर रखते हैं..
हम पास आपको कुछ…इस कदर रखते हैं…!!

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बाज़ार बड़ा मंदा है साहेब…..
ख़ुशी की किल्लत है और
ग़म कोई ख़रीद नहीं रहा!!!!

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दुनियाँ में इतनी रस्में क्यों हैं;
प्यार अगर ज़िंदगी है तो इसमें कसमें क्यों हैं;
हमें बताता क्यों नहीं ये राज़ कोई;
दिल अगर अपना है तो किसी और के बस में क्यों है।

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यूँ उम्र कटी दो अल्फ़ाज़ में…
एक “काश” में,एक”आस” में..

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रिश्तों को कभी धोखा मत दो,
पसंद ना आऐ तो उसे पूर्णविराम कर दो,,,

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मौत सबको आती है…
अफ़सोस ! जीना सब को नही आता…

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मत देख कोई शख्स गुनाहगार है कितना,
बल्कि,
यह देख, तेरे साथ वफादार है कितना…

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मेरे लिए अहसास मायने रखता है….
रिश्ते का नाम..
चलो..! तुम रख लो..!!

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रूठे-रूठे से रहते हो
तरकीब बताओ मनाने की।

हम जिंदगी गिरवी रख देंगे
तुम कीमत बताओ मुस्कुराने की।

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खोए हुए तो हम खुद है ,
और देखो ना हम ढूंढने तुम्हें निकले है..

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काश तुम पूछो की मुझसे क्या चाहिये,
मैं पकडू बस तेरा हाथ और कहूँ
सिर्फ तेरा साथ चाहिये…

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बाहर जाकर सेल्फी लेना मजबूरी हो गया है
खुश दिखना, खुश रहने से जरूरी हो गया है,

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मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में….
बस हम गिनती उसी की करते है,
जो हासिल ना हो सका….

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गुजर गया आज का भी दिन यूँ ही बेवजह,,,,,,,
ना मुझे फुरसत मिली और ना तुझे खयाल आया..

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“सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती,
न करेंगे किसी से वादा,
पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा
की करना पड़ा दोस्ती का वादा,”

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बहाना कोई ना बनाओ तुम मुझसे खफा होने का…
तुम्हें चाहने के अलावा कोई गुनाह नहीं है मेरा…

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“वो मुझसे दूर रहकर खुश है,
और मैं उसे खुश देखने के लिए दूर हूँ…

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तुम बिन……चलते तो हैं,
पर……पहुँचते कहीं नहीं…!!!

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तुम्हारा होना बिल्कुल रविवार की सुबह जैसा है,
कुछ सूझता नहीं है…. बस अच्छा लगता है !!!

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ख़ुशी कहा हम तो “गम” चाहते है,
ख़ुशी उन्हे दे दो जिन्हें “हम” चाहते हे.

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मैं जो सब का दिल रखता हूँ,
सुनो,मैं भी एक दिल रखता हूँ…

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कौन कहता है की दिल..सिर्फ लफ्जों से दुखाया जाता है,
तेरी ख़ामोशी भी कभी कभी..आँखें नम कर देती है..

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पूछा किसीने की याद आती है उसकी,
मैंने मुस्कुराकर कहा की तभी तो ज़िंदा हूँ !!

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जिसको जो कहना है कहने दो अपना क्या जाता है,
ये वक्त वक्त की बात है और वक्त सबका आता है !!

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इश्क़ का तो ऐसा हिसाब है कि.
बंद हो चुका नंबर भी डिलीट करने को दिल नहीं करता…!!

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सुन ना और सुनना,
पर,
मुझको ना भुलाना ।

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तुम उलझे रहे हमें आजमाने में
और हम हद से गुजर गये तुम्हे चाहने में.

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तमाम लोगों को अपनी अपनी मंजिल मिल चुकी,
कमबख्त हमारा दिल है, कि अब भी सफर में है।

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लौट आती है हर बार मेरी दुआ खाली,
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।

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झुका हूँ तो कभी सिर्फ अपनों के लिए
और लोग इसे मेरी मज़बूरी समझ बैठे

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मोहबब॒त कब हो जाये ,किसे पता ……..
हादसे  पूछ कर नही हुआ करते ………..!!!!!

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मैं हूँ दिल है तन्हाई है
तुम भी होते अच्छा होता
-फ़िराक़ गोरखपुरी

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यकीन है मुज पर तो बेपनाह इश्क कर,
वफाए मेरी जवाब देगी तू सवाल तो कर.

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खुशबू हवा की चुपके से कानों में कह गई…!!
पास तो नहीं हो मगर दिल में बसे हो तुम…!!

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तुम ढूंढोगे मुझको और मिल नहीं पाओगे
मैं चाँद के पीछे की बस्ती का अँधेरा हूँ।

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रिश्ते भी जाने क्या चीज होते हैं….
जब ख़त्म होने को आते हैं….तभी समझ आते हैं

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शीशे की तरह आर-पार हुं;
फिर भी बहुतों की समझ से बाहर हूं..!

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हर कोई अपने मतलब की बात करता है,,
नहीं सोचता कि दिल सामने वाले का भी दुखता है,,

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ख्वाब मत बना मुझे सच नहीं होते..
साया बना लो मुझे साथ नहीं छोडूंगा…!

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नजाकत तो देखिये, की सूखे पत्ते ने डाली से कहा ..
चुपके से अलग करना वरना लोगो का रिश्तों से भरोसा उठ जायेगा….

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हर रोज़ खा जाते थे वो कसम मेरे नाम की,
आज पता चला की जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म क्यूँ हो रही है.

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मेरी यही आदत तुम सब को सदा याद रहेगी,
न शिकवा, न कोई गिला, जब भी मिला, मुस्कुरा के मिला..

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हमारा अंदाज कोई ना लगाए तो ही ठिक होगा,
क्यूंकि अंदाज तो बारिशों का लगाया जाता है तूफ़ान का नहीं.

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कैसे भूलेगी वो मेरी बरसोंकी चाहत को…,
दरिया अगर सूख भी जाये तो रेत से नमी नहीं जाती…

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“रूप”* और *”रुपैया”* देखकर हम किसीसे
दोस्ती नही करते,
हम तो देखते है सिर्फ एक “भला ईन्सान”,
वो भी “आप जैसा”!!

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थोडा इंतजार कर ए दिल,
उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है…

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इतनी सर्दी है आज कल के
कुछ रिश्ते भी ठंडे पढ गये हैं

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ईश्क के साथ अश्क फ्री मिलते है ..
येजो ऐक औफर है कभी खतम नहीं होती….

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ख्वाहिशे मेरी “अधुरी” ही सही पर ..
कोशिशे मै “पूरी” करता हुं….

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इंसान की फितरत को समझते है परिन्दे..
कितनी भी मुहब्बत से बुलाओ पास नहीं आते..

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रहने दे कुछ बाते…………यूँ ही अनकही सी,,
कुछ जवाब तेरी-मेरी … ख़ामोशी में अटके ही अच्छे हैं.

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मैं तबाह हूँ तेरे प्यार में तुझे दूसरों का ख्याल है….!!!
कुछ तो मेरे मसले पर गौर कर मेरी जिन्दगी का सवाल है…….

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चुभते हुए ख्वाबों से कह दो ..
अब आया ना करे..
हम तन्हा तसल्ली से रहते है….
बेकार उलझाया ना करे..

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सहारे ढूढ़ने की
आदत नही हमारी..!
हम अकेले पूरी
महफ़िल के बराबर  है..!!

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आज फिर की थी, मैंने मोहब्बत से तौबा !
आज फिर तेरी तस्वीर देखकर नियत बदल गयी !!

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तेरे दिलमे रुकी हुइ ए साँस मेरी,
तु मील जाये तो बन जाये बात मेरी।।।

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ठिठुर रहा है बदन साँस थम सी गई है…
आज सर्दी बहुत है शायरी जम सी गई है।।।

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छुपाने लगा हूं आजकल…कुछ राज अपने आप से,
सुना है कुछ लोग मुझको मुझसे ज्यादा जानने लगे हैं.

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खामोश मोहब्बत का एहसास है वो…
मेरी ख्वाहिश ….मेरे जज्बात है वो…

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अभिमन्यु की एक बात बहुत हिम्मत देती हैं,
हिम्मत से हारना पर हिम्मत मत हारना |

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मैं ‘ज़ख़्म’ हूँ… जाकर गले मिलूं किस से,
नमक़ से तर कपडे, यहाँ सभी पहने हुए हैं !!

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पर्दा तो शर्म का ही काफी है…
वरना इशारे तो घूंघट में भी होते हैं

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“शब्द” चाहे जितने हो मेरे पास……
जो तुम तक न पहुचे……सब “व्यर्थ” है……

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क़सम खायी थी कि अब ना करेंगे फिर कभी शायरी।
तेरा हुस्न देखा तो कलम ने बग़ावत कर दी

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पता नही होश मे हूँ…..
या बेहोश हूँ मैं…..

पर बहूत सोच …….
समझकर खामोश हूँ मैं.

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महसूस कर रहें हैं तेरी लापरवाहियाँ कुछ दिनों से…
याद रखना अगर हम बदल गये तो,मनाना तेरे बस की बात ना होगी !!

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फायदा सबसे गिरी हुई चीज़ है,
लोग उठाते ही रहते हैं।।

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नए जख्म के लिए तैयार हो जा ए दिल!
कुछ लोग प्यार से पेश आ रहे हैं…!!

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खिलखिलाती धूप सा मेरा इश्क़,
और सर्द रातो सा तेरा याद आना..

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वो इंसान था… या एहसान कोई…
दिल से मेरे अभी तक उतरा ही नहीं…!!

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परख से परे है
दोस्ती मेरी,मैं उन्हीं का हूं
जो मुझ पर यकिन रखते हैं…..

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लोग अच्छी ही चीजों को यहाँ ख़राब कहते हैं
दवा है हज़ार ग़मों की उसे शराब कहते हैं…!

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मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर थक गया हूँ ऐ खुदा..
किस्मत मेँ कोई ऐसा लिख दे, जो मौत तक वफा करे।

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आदमी अच्छा था…
ये शब्द सुनने के लिए मरना पड़ता है…

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पतंग की उलझने भी अजीब थी ग़ालिब
जब वो डोर से कटा तो हर छत पे उसकी ही तड़प थी

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कहीं तुझमें न ढ़ल जाऊँ …मिला मत यूँ नज़र मुझसे …
नशा जो हो गया चाहत में …कैसे फिर संभालोगे मुझे …

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कितने बदल गए हैं आज के रिश्ते भी ।
आपकी चंद मुस्कान के लिए चुटकले सुनाने पड़ते हैं ।।

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कमाल की मोहब्बत थी उसको हम से …….
अचानक ही शुरू हुई और बिन बतायें ही ख़त्म …!!

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शब्द भी हार जाते हैं, कई बार जज्बातों से ,
कितना भी लिखो कुछ ना कुछ बाकी रह जाता है !

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“दो बूंद मेरे प्यार की पी ले…..!!
जिन्दगी सारी नशे में गुज़र जाएगी…..!!

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लोगों ने रोज़ ही नया कुछ माँगा खुदा से..
एक हम ही हैं जो तेरे ख्याल से आगे न गये..

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पतंग सी हैं जिंदगी, कहाँ तक जाएगी…..!!
रात हो या उम्र, एक ना एक दिन कट ही जाएगी….!!

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रिश्तों को कभी धोखा मत दो,
पसंद ना आऐ तो उसे पूर्णविराम कर दो,,,

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तुम्हारी आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो
तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है

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“रिश्तों को सम्भालते सम्भालते थकान सी होने लगी है,
रोज़ कोई ना कोई नाराज हो जाता है..

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कुछ पल का साथ देकर तुमने,
पल पल का मोहताज बना दिया

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जरा सी बात से मतलब बदल जाते हैं,
उंगली उठे तो बेइज्जती,

और अंगूठा उठे तो तारीफ…

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एक सपने के टूटकर चकनाचूर
हो जाने के बाद ,
दूसरा सपना देखने के हौसले
को ‘ज़िंदगी’ कहते हैं॥

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सिर्फ ख्वाब होते तो क्या बात होती…
तुम तो ख्वाहिश बन बैठे…वो भी बेइंतहा…

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सारी उम्र बस एक ही “सबक” याद
रखना…
“दोस्ती” और “इबादत” में बस नियत साफ़ रखना.!!!

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ठण्डा चूल्हा देखकर रात गुजारी उस गरीब ने,
आग थी की पेट में रात भर जलती रही !!

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देख कर मेरी तरफ़ उसने तो मुह को फेर लिया
इश्क़ कर के उसने मेरे साथ कैसा खेल किया

– नरेश के. डोडीया

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बहोत दर्द देता है उस इंसान का याद आना,
जो हमें कभी भूलकर भी याद नहीं करता !!

*******

हक़ हूँ में तेरा हक़ जताया कर,
यूँ खफा होकर ना सताया कर..

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मोहब्बत तेरा मेरा मसला था ,.,
ये ज़माना बीच में क्यूँ आ गया ,.,?

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जीनेकी कुछ तो वजह होनी चाहिए…..
वादे ना सही.. यादे तो होनी चाहिए…….!!

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मेरी कमियां और मेरी खूबियां सिर्फ मुझे ही बताना….
मेरी कोई ब्रांच नहीं है…

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कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैं..
तो कुछ पाने को प्यार कहते हैं,
पर हकीक़त तो ये है
हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैं.

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कभी बुरा नहीं था, उसनें मुझे बुरा कह दिया…
फिर मैं बुरा बन गया,..

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इतनी दूरियां ना बढ़ाओ थोड़ा सा याद ही कर लिया करो…
कहीं ऐसा ना हो कि तुम-बिन जीने की आदत सी हो जाए…

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कितना अच्छा लगता है ना जब मोहब्बत में कोई कहे,
क्यूँ करते हो किसी और से बात, मैं काफी नहीं आपके लिए ?

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गुम अगर सूई भी हो जाए तो दिल दुखता है,,
और हमने तो मुहब्बत में तुझे खोया था.

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इतना ही मालूम है,इस जीवन का सार,
बंद कभी होते नहीं,उम्मीदों के द्वार !!”

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चंद लफ्जो की तकल्लुफ में ,
ये इश्क रुक सा गया है….
वो इकरार पे रूके रहे ,
और हम इन्तजार मे….

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बस उसका जुर्म साबित होने को था

मगर

मैंने माफ़ी मांग ली थी….

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मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता है
मगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है…

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जिन के पास होती हैं उमर भर की यादे
वो लोग तन्हाई में भी तन्हा नही होते….

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जन्नत की परवाह तो उन्हे होती है जिन्होने जन्नत नहीं देखी,
मेरी जन्नत तो तुमसे शुरू और तुम्ही पर खत्म होती है ….

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अमीर वो नही होते,जिनके सर हीरों से जड़े होते है..
अमीर वो होते है,जो  “दिलो “से जुड़े होते है….

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मेरे आँसूं उठा लेते है मेरे ग़मों का बोझ,
ये वो दोस्त है जो अहसान जताया नहीं करते !!

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खोटे सिक्के जो खुद कभी चले नहीं बाजार में,
वो भी कमियाँ खोज रहे है आज मेरे किरदार में !!

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ठण्डा चूल्हा देखकर रात गुजारी उस गरीब ने,
कमबख्त आग थी की पेट में रात भर जलती रही !!

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गरीबी थी जो सबको एक आंचल में सुला देती थी,
अब अमीरी आ गई तो सबको अलग मक़ान चाहिए !!

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किसी को पुरखों की ज़मीने बेचकर भी चैन नहीं,
और कोई गुब्बारे बेचकर ही सो गया सुकुन से !!

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सुनों एक आपकी ही ख्वाईस है हमें …!
सारी दुनिया किसने मांगा है ……?

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मुझसे बिछडके खुश रहते हो…
मेरी तरह आप भी झुटे हो…

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चलो मुस्कुराने की वजह ढुंढते है,
तुम हमें ढुंढो….  हम तुम्हे ढुंढते है!

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मैं वहाँ जाकर भी मांग लूँगा तुझे,,,
कोई बताये तो फैसले कुदरत के कहाँ होते है !

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मुद्दतों बाद जो उसने आवाज़ दी मुझे,
कदमों की क्या औकात थी…साँसें भी ठहर गयीं!

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किसी ने भेज कर काग़ज़ की कश्ती
बुलाया है समुंदर पार मुझको

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“वो खो गया है,,
जो कभी मिला ही नही था”

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लाऊंगा कहा से जुदाई का हौसला
क्यू इस कदर मेरे करीब आ रहे हो

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वक्त से पूछकर बताना ज़रा,
जख्म क्या वाकई भर जाता है

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कहो तो थोड़ा वक्त भेज दूँ..?
सुना है तुझे फुर्सत नहीं मुझसे बात करने की..

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ऐ जीन्दगी जा ढुंड॒ कोई खो गया है मुझ से…..
अगर वो ना मिला तो सुन तेरी भी जरुरत नही मुझे…..

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इंसान खामोश  तब ही होता है.
जब उसके अंदर बहुत शोर होता है.

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तुम्हारे हर सवाल का जवाब मेरी आँखों में मिलेगा,
तुम मेरी जुबान खुलने का इंतज़ार ना कर

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आया था साल नया लेकर…
वो जनवरी अब नही रहा …

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कुछ रिश्तों के खत्म होने की वजह सिर्फ यह होती है कि..
एक कुछ बोल नहीं पाता,और दुसरा कुछ समझ ही नहीं पाता…

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जिन्दगी सुन तू यही पर रुकना….।।
हम हालात बदल कर आते है..

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कतार में खड़े है खरीदने वाले…..,
शुक्र है मुस्कान नहीं बिकती…..!?

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ज़िन्दगी में एक ऐसे इंसान का होना बहुत  ज़रूरी है
जिसको दिल का हाल बताने के लिए लफ़्ज़ों की जरुरत न पड़े

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ज़मीं पर आओ फिर देखो, हमारी अहमियत क्या है
बुलंदी से कभी ज़र्रों का, अंदाज़ा नहीं होता….

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हम पर तुम्हारी चाह का संगीन सा इलज़ाम है
बदले में हम उम्र कैद के तलबगार हैं

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मुझे अल्फाजों की जरूरत ना पड़ती
अगर तुम ने  मेरी आँखों में लिखे अफसाने पढ़े होते…

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अहसास ए इश्क़ में हर उम्र में दिल मचलता है
इजहार ए फरवरी में दिल कहाँ संभलता है

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हमसे मिलना ज़रा संभलकर हम तुमको बताते हैं
हम बातों ही बातों में अक्सर दिल चुरा लेते हैं

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मत लगाओ बोली अपने अल्फाजों की
हमने लिखना शुरू किया तो तुम नीलाम हो जाओगे

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बिखरे अरमान, भीगी पलकें, और ये तन्हाई
कहूँ कैसे कि मिला, मोहब्बत में कुछ भी नहीं

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मोहब्बत करने वालो को वक़्त कहा जो गम लिखेगे
ए दोस्तों कलम इधर लाओ इनके बारे में हम लिखेगे

*******

कुछ तो सोचा होगा कायनात ने तेरे-मेरे रिश्ते पर,
वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुझसे ही बात क्यों होती

*******

“वाह वाह बोलने की आदत डाल लो दोस्तों,
मैं मोहब्बत में अपनी बरबादियाँ लिखने वाला हूँ !!”

*******

ज़िद उसकी थी,जल्दी से चाँद देखने की,,
हूनर मेरा था, सामने आईना रख दिया.. !!!

*******

आज अचानक कोई मुझसे लिपट कर बहुत रोया,
कुछ देर बाद अहसास हुआ,ये तो मेरा ही साया है..

*******

बहुत लम्बी ख़ामोशी से ग़ुजरा हूँ मैं,
किसी से कुछ कहने की तलाश में…

*******

गहराइयों से कुछ नहीं लेना मुझ को
किनारा हूँ बस साथ साथ चलने दे…

*******

मेरी हर शायरी में सिर्फ तुम होते हो
दर्द बस इतना है की,सिर्फ शायरी में हीं क्यों होते हो

*******

यादें क्यों नहीं बिछड़ जाती,
लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं…

*******

शब्दों के इत्तेफाक़ में
यूँ बदलाव करके देख…
तू देख कर न “मुस्कुरा”
बस “मुस्कुरा” के देख…

*******

काश हम भी किसी बूथ पर बूथ अधिकारी होते,
उनका हाथ थाम लेते स्याही लगाने के बहाने..!

*******

तेरी मर्जी से ढल जाऊं हर बार ये मुमकिन नहीं,
मेरा भी वजूद है, मैं कोई आइना नहीं…

*******

उसने पोंछे ही नही, अश्क मेरी आँखों से,
मैंने ख़ुद रो के, बहुत देर हसाया था जिसे…

*******

मेरी बराबरी करना आसान नहीं,
सच में नामुमकिन है !!

*******

रहने की बेहतरीन जगहों में से, एक जगह औकात भी है !!

*******

सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से !!

*******

“तारीखों में बंध गया है अब,  इजहार ए मोहब्बत भी।।
रोज प्यार जताने की अब किसी को फुर्सत कहां।।

*******

हम वक्त गुजारने के लिए दोस्तों को नहीं रखते,
दोस्तों के साथ रहने के लिए वक्त रखते है !!

*******

प्यार मे ताकत हैं
दुनिया को झुकाने की ,,,
वरना क्या जरूरत थी
राम को झूठे बेर खाने की…!

*******

कुछ कहानियाँ Pen से लिखी जाती हैं,
और कुछ Pain से❣

*******

शराब की बोतल सी है ये ईमानदारी
कोई छोड़ता नहीं कोई छूता तक नहीं

*******

वक़्त आने पर लोग साथ कम..!!
मशवरा ज़्यादा देते है..!!

*******

देख ज़िन्दगी तू हमें रुलाना छोड दे,
अगर हम खफा हूऐ तो तूझे छोड देंगे…

*******

घोंसला बनाने में यूँ मशग़ूल हो गए,
उड़ने को पंख हैं हम ये भी भूल गए…

*******

मुझे बहुत प्यारी है, तुम्हारी दी हुई हर एक निशानी…
चाहे वो दिल का दर्द हो या आँखों का पानी….

*******

सोचा ही नहीं था जिंदगी में ऐसे भी
फसाने होंगे ..
रोना भी जरुरी होगा आंसू भी छुपाने होंगे….!!

*******

जिंदगी में कुछ सस्ते लोगों को
शामिल कर लो ।।।
बहुत महंगे सबक मिलेंगे.

*******

कभी किसी को छला नही,
इसलिये में चला नही…

*******

प्यार तो अमर है , अमर ही रहेगा ,
मरेगा तो वो , जिसने किया है ।

*******

घण्टों बैठकर

जश्न करते हैं…
मैं…दिल..और तेरी याद…

*******

अच्छा लगता हैं
तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई खूबसूरत सुबह
जुड़ी हो,
किसी हसीन शाम के साथ !

*******

ना जाने क्यों वो फिर भी इतना प्यार करती है मुझसे…
मैंने तो कभी माँ को गुलाब का फूल नहीं दिया !

*******

कुछ लोग दिल के इतने खुबसुरत होते हैं….
कि चाहे वो ना भी मिले पर…
उम्र भर उन्हे चाहने को दिल करता है…

*******

चलो इस रिश्ते को बेनाम ही रहने दो,
नाम वाले रिश्ते अक्सर निभाए नहीं जाते..

*******

ऐसा नहीं की मुझमें कोई ऐब नहीं..,..
..पर सच कहता हूँ,,,मुझमें कोई फरेब नहीं।।।।

*******

सलीका हो अगर भीगी हुई आँखों
को पढ़ने का,
तो जज़बात भी मेरे कयामत का असर रखते है !!

*******

जिंदगी भी कितनी अजीब है.. मुस्कुराओ तो लोग जलते है…
तन्हा रहो तो सवाल करते है…!!

*******

न मैं गिरा और न मेरी उम्मीदों के मिनार गिरे,
पर कुछ लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे !

*******

अदब से पेश आ ज़िन्दगी,
हो गई तुजसे है दिल्लगी ।

*******

कभी पानी में तैरता  जलता हुआ दिया देखा है  ?
कितना खूबसूरत मंज़र होता है ।
बस कुछ ऐसा ही हाल है,
आँखों मेंतैरती हुई तेरी तस्वीर का ।

*******

बैठे चाय की प्याली लेकर पुराने किस्से याद करने…
चाय ठंडी होती गई और किस्से गरम होते गये !!

*******

तुम्हारी फिक्र के लिए हमारा..
कोई रिश्ता हो ज़रूरी तो नही..

*******

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Posted by on February 22, 2017 in Uncategorized

 

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Shayri Part 35


अल्फ़ाज़ के कुछ तो कंकर फ़ेंको,

यहाँ झील सी गहरी ख़ामोशी है।

*******

धीरे धीरे बहुत कुछ बदल रहा है…
लोग भी…रिश्ते भी…और कभी कभी हम खुद भी….

*******

जागना भी कबूल हैं तेरी यादों में रात भर,
तेरे एहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ |

*******

मत दो मुझे खैरात उजालों की……

अब खुद को सूरज बना चुका हूं मैं..

*******

तू वैसी ही है जैसा मैं चाहता हूँ…

बस..
मुझे वैसा बना दे जैसा तू चाहती है…..

*******

ए खुदा अगर तेरे पेन की श्याही खत्म है तो मेरा लहू लेले,
यू कहानिया अधूरी न लिखा कर..

*******

जाते वक्त उसने मुजसे अजीब सी बात कही

तुम जिंदगी हो मेरी, और मुझे मेरी जिंदगी से नफरत है…

*******

एक बात हमेशा याद रखना ‘खुश-नसीब’ वोह नहीं जिसका नसीब अच्छा है

बल्कि खुश-नसीब वोह है….जो अपने नसीब से खुश है……

*******

जिंदगी हमेशा एक नया मौका देती है…
सरल शब्दों में उसे ‘कल’ कहते हैं !!

*******

ये जो मेरे हालात हैं एक दिन सुधर जायेंगे

मगर तब तक कई लोग मेरे दिल से उतर जायेंगे

*******

दो बूंद मेरे प्यार की पी ले,

जिन्दगी सारी नशे मे गुज़र जाएगी.

*******

आज भी इस उम्मीद से सिगरेट पीते हैं यारों…
कभी तो जलेगी सीने में रखी तस्वीर उसकी…

*******

खुद पुकारेगी मंज़िल तो ठहर जाऊँगा..
वरना खुद्दार मुसाफिर हूँ, गुज़र जाऊँगा ।

*******

दुनिया सिर्फ नतीजो को इनाम देती है
कोशिशो को नही..

*******

जख्म है कि दिखते

…….. नही ,

मगर ये मत समझिए
कि दुखते नही…..!!

*******

रात होते ही,
तेरे ख़यालों की सुबह हो जाती है

*******

शिकायत तुम्हे वक्त से नहीं खुद से होगी,
कि मुहब्बत सामने थी, और तुम दुनिया में उलझी रही.

*******

काश कि तुम कोई दिसम्बर होते,
साल के आखिर मे आ तो जाते …

*******

आज तक उस थकान से दुख रहा है बदन,
एक सफ़र किया था मैंने ख़्वाहिशों के साथ ।।

*******

कहीं जरूरत से कम तो कहीं जरूरत से ज्यादा।
ए कुदरत तुझे हिसाब किताब करना नहीं आता।

*******

शहर में बिखरी हुई हैं, ज़ख्म-ए-दिल की खुशबुएँ..
ऐसा लगता है के दीवानों का मौसम आ गया..

*******

मुश्किल भी तुम हो, हल भी तुम हो ,

होती है जो सीने में ,वो हलचल भी तुम हो …

*******

आज लफ्जों को मैने शाम को पीने पे बुलाया है,

बन गयी बात तो ग़ज़ल भी हो सकती है…

*******

इश्क़ की दुनिया है जनाब
यहाँ कुछ भी हो सकता है

दिल मिल भी सकता है
और खो भी सकता है

जिसे तुम चाहते हो
किसी और का भी हो सकता है

तुम समझो इबादत
वोह गुनाह भी हो सकता है

बेपनाह मोहोब्बत का
मामूली हाल भी हो सकता है

दोस्त समझो जिसे
वोह रकीब भी हो सकता है

जाम समझो जिसे
वोह ज़हर भी हो सकता है

सुकून समझो जिसे
वोह कहर भी हो सकता है

अपना समझो जिसे
वोह सपना भी हो सकता है

इश्क़ की दुनिया है जनाब
यहाँ कुछ भी हो सकता है !!

आसिम !!

*******

सब नजरीये की बात्त है जनाब…!!

कर्ण से कोइ पुछे, दुर्योधन कैसा था…!!!

*******

हादसों का खोफ दिलमें था मगर ऐसा न था,
अपनी ही आवाज से, पेहले कभी चोंका न था ।

*******

तुम मेरी जिंदगी का वो एकलौता सच हो,
जिसके बारे में मैंने दुनिया के हर सख्श से झूठ कहा हैं..

*******

आईना हूं तेरा, क्यूं इतना कतरा रहे हो..

सच ही कहूंगा, क्यूं इतना घबरा रहे हो..👈🏻

*******

दो आँखो में दो ही आँसू

एक तेरे लिए ..।
एक तेरी खातिर….।

*******

बस इतनी दाद देना….बाद मेरे मेरी उल्फ़त की…!
कि जब मैं याद आऊँ….तो खुद से प्यार कर लेना…!!

*******

जो दिल के आईने में हो वही हे प्यार के काबिल…

वरना दिवार के काबिल तो हर तस्वीर होती हे ….

*******

तेरी महफ़िल…… और….. मेरी
आँखें…..
दोनों भरी-भरी हैं……!!

*******

अगर कहो तो आज बता दूँ मुझको तुम कैसी लगती हो।

मेरी नहीं मगर जाने क्यों, कुछ कुछ अपनी सी लगती हो।

*******

जिन्हें प्यार नहीं रुलाता उन्हें प्यार की निशानियाँ रुला देती हैं.

*******

खुद की तारीफ कर खुश होना सीख़ लो दोस्तों,
तुम्हारी बेइज्जती कर मजे लूटने वाले बहुत हैं…

*******

तेरे पास जो है उसकी क़द्र कर और सब्र कर दीवाने,

यहाँ तो आसमां के पास भी
खुद की जमीं नहीं है……।।।

*******

तुम दूर बहुत दूर हो मुझसे.. ये तो जानता हूँ मैं…

पर तुमसे करीब मेरे कोई नही है ये बात तुम भी कभी न भूलना

*******

हमारा दर्द फैला पडा था कागज पर
जो समझा रो दिया जो न समझा मुस्कुरा दिया…

*******

जब भी देखता हूँ तेरी मोहब्बत की पाकीज़गी

दिल करता है तेरी रूह को काला टीका लगा दूँ…

*******

मुझे गरीब समझ कर महफिल से निकाल दिया”……
”क्या चाँद की महफिल मे सितारे नही होते ”

*******

मुझें मोहब्बत हो गयी है ,

अकेलेपन से,

मैं ….बच तो जाऊँगा ना …???

*******

लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ;
ऐ खुदा;

एक तेरा ही दर है, जहा कभी “ताना” नहीं मिला!

*******

क्या जरूरत, क्यों जफाएं बागबां तेरी सहें,
जा तुझे गुलशन मुबारक, मुझको वीराने बहुत।

*******

दिल से नाज़ुक नही, दुनिया में कोई चीज साहिबा,

लफ्ज़ का वार भी, खंजर की तरह लगता है..!

*******

इतना भी ना तराशो कि वजूद ही ना रहे हमारा……

हर पत्थर की किस्मत मे नहीं होता संवर कर खुदा हो जाना….

*******

ये दिल तुम्हारे पास गिरवी है, इसलिए तुम्हारी कदर करते हैं….

वरना तेरी जो फितरत है .. वो नफरत के भी काबिल नही …….

*******

मेरी ज़िन्दगी में एक ऐसा शक्श भी है,,,

जो मेरी पूरी ज़िन्दगी है और मै उसका एक लम्हा भी नही…

*******

कुछ रिशते ऐसे होते हैं..जिनको जोड़ते जोड़ते इन्सान खुद टूट जाता है।

*******

हद से बढ़ जाये ताल्लुक़ तो गम मिलते हैं,
हम इसीवास्ते हर शख्स से कम मिलते हैं.

*******

में उनमे से नहीं हु जो बोल के फिर जाये,
में वो हूँ , जो बोलू वो कर के मिट जाये।
-चेतन

*******

क्रोध हवा का वह झोंका है,
जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है ।

*******

“सिर्फ तुम ही नहीं अजीज…तुम्हारी आदतें भी अजीज हैं..,

कि तुम भुल भी जाते हो…तो भी बुरा नहीं लगता…!”

*******

तेरी खवाहीश कर ली तो कौन सा गुनाह कर दिया!

लोग तो इबादत मैं पुरी कायनात मांगते है!

*******

जिन्हें पता है कि अकेलापन क्या होता है, वो लोग
दूसरों के लिए हमेशा हाजिर रहते हैं..!!

*******

उसकी जरूरत उसका इंतजार और अकेलापन..

थक कर मुस्कुरा देता हूँ, मैं जब रो नहीं पाता.

*******

अपने लफ्ज़ों पर गौर कर के बता,

लफ्ज़ कितने थे, और तीर कितने….?

*******

फूल भी दे जाते हैं ज़ख़्म गहरे कभी-कभी…
हर फूल पर यूँ ऐतबार ना कीजिये…

*******

मैं पैसा हूँ

मुझे आप मरने के बाद ऊपर नहीं ले जा सकते

मगर जीते जी मैं आपको
बहुत ऊपर ले जा सकता हूँ

मैं पैसा हूँ

मैं कुछ भी नहीं हूँ मगर मैं निर्धारित करता हूँ

कि लोग आपको कितनी इज्जत देते है

मैं पैसा हूँ

मैं बोलता नहीं….

मगर

सबकी बोलती बंद करवा सकता हूँ

मैं पैसा हूँ

मुझे पसंद करो
सिर्फ इस हद तक की

लोग आपको नापसन्द न करने लग

*******

यूँ तो मसले और मुद्दे बहुत हैं लिखने को मगर
कमबख्त़ इन कागज़ों को तेरा ही ज़िक्र अज़ीज़ है!!!

*******

इरादे भी रूठा है बच्चे की तरह …

की मुजे चाँद चाइये या कुछ बी नहीं ……

*******

परखता रहा उम्र भर, ताकत दवाओं की,

दंग रह गया देख कर, ताकत दुआओं की!

*******

बदलते वक्त के साथ तू , बदला है,

ये इश्क है तेरा या फिर , बदला है.!!

*******

अकेले ही गुज़रती है ज़िन्दगी.

लोग तसल्लियां तो देते हैं पर साथ नहीं.

*******

मुफ़्त में सिर्फ माँ बाप का प्यार मिलता है इसके बाद
दुनिया में हर रिश्ते के लिए कुछ न कुछ चुकाना पड़ता है..!

*******

क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने जब माँगा उससे ज़िन्दगी का हिसाब;

ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला, जाने दो, ‘मोहब्बत’ की है इसने।

*******

“नींद तो अब भी बहुत आती है मगर…

समझा-बुझा के मुझे उठा देती हैं जिम्मेदारियां..!!

*******

तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई,
वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे..

*******

जैसे लोग शराब में पानी मिलाते है,
वैसे हम तेरी याद में शराब मिलाते है।
-चेतन

*******

अब तेरी नशीली आँखों का नशा नहीं मिलता,
सुक्र है शराब का, तेरी कमी नहीं दिलाता।
– चेतन

*******

तेरी आँखों की सादगी देखने नहीं मिलती,
इसीलिए शराब से नाता जोड़ लिया मैंने ।
– चेतन

*******

युँ तो मुद्दते 🏻गुजार दी है हमने तेरे बगैर..

मगर आज भी तेरी यादों का एक झोंका

मुझे  टुकड़ो मे बिखेर देता है …

*******

काश कोई तो पैमाना होता मुहब्बत को नापने का,

तो शान से आते तेरे सामने सबूत के साथ….

*******

वो साथ थे तो एक लफ़्ज़ ना निकला लबों से..

दूर क्या हुए कलम ने क़हर मचा दिया………

*******

काश मै ऐसी बात लिखूँ तेरी याद मे,

तेरी सूरत दिखाई दे हर अल्फ़ाज़ मे..

*******

एहसान ये रहा तोहमते लगाने वालों का मुझ पर,

उठती हुई उँगलियों ने मुझे मशहूर कर दिया।

*******

तु अपने सारे गम OLX पे बेच दे;
मेने FLIPCART से तेरे लिए ढेर सारी खुशियाँ मंगवाई है….!!!

*******

बात बस इतनी सी है

की अब “तुम ” “तुम “ना रहे

*******

वो चाहते है,
जी भर के प्यार करना…
हम सोचते है,
वो प्यार ही क्या,
जिससे जी भर जाये…

*******

ना चाँद अपना था , ना तू अपना था,
काश दिल भी मान लेता की सब सपना था

*******

तन्हाई बेहतर है …….

झूठे रिश्तों से….

*******

काश किस्मत भी नींद
की तरह होती ,
हर सुबह खुल जाती….

*******

कहने को ही मैं अकेला हूं
पर हम चार है
एक मैं.. मेरी परछाई.. मेरी तन्हाई.. और तेरा एहसास..

*******

क्या कहूँ मैं कहने को शब्द नहीं मिल रहे,

चलो आज खामोशी ही महसूस कर लो…!!

*******

लोग टूट जाते हैं, एक घर बनाने में..

तुम तरस नहीं खाते, बस्तियाँ जलाने में…

*******

आ जाओ सीने से लिपट जाओ मेरे…
ये दिसम्बर की सर्द हवाएँ तुम्हे बीमार ना कर दे ।।

*******

कोई चादर वफ़ा नहीं करती
वक़्त जब खींच-तान करता है…..

*******

ज़िंदगी चैन से गुज़र जाए…
गर तू ज़हन से उतर जाए..

*******

तुम्हारा नाम लेने से मुझे सब जान जाते हैं…
मैं वो खोई हुई इक चीज हूँ जिसका पता तुम हो…

*******

ज़माना हो गया देखो मगर चाहत नहीं बदली
किसी की ज़िद नहीं बदली मेरी आदत नहीं बदली

*******

मोहब्बत में ज़बरदस्ती अच्छी नही होती,
जब आप का दिल चाहे,
तब मेरे हो जाना
हम नाराज़ ज़रूर होते है,पर नफरत नहीं करते…

*******

वो मंजर ही मौहब्बत में बड़ा दिलकश गुजरा,
किसी ने हाल ही पूछा था और आँखें भर आई

*******

“तेरे रोने से उन्हें कोई फर्क नही पड़ता ऐ दिल,,,,.
जिनके चाहने वाले ज्यादा हो वो अक्सर बेदर्द हुआ करते हैं…।”

*******

सब कहते है हम खाली बैठे है,
उन्हें क्या खबर क्या समेटे बैठे है !!

*******

कुछ यादें खरीदी हैं….
दिन खर्च करके

*******

अगर तुम्हे यकीन है तुम्हारे शक पर…
तो हमें शक है तुम्हारे यकीन पर…..

*******

मोहब्बत करने से फुरसत नहीं मिली यारो..
वरना हम करके बताते नफरत किसको कहते है|

*******

रिवाज तो यही हे दुनिया का मिल जाना और बिछड जाना,

तुम से ये कैसा रिशता है ना मिलते हो ना बिछडते हो|

*******

अफसोस ये नही है कि दर्द कितना है,

दर्द ये है कि तुम्हे परवाह नही है………!!!

*******

सुनो…
मोहब्बत नहीं आती ना तुम्हे ??………….
“रहम” तो आता होगा….

*******

“नामुमकिन” ही सही मगर,

“महोब्बत” तुजसे ही है..!

*******

सूरज रोज़ अब भी बेफ़िज़ूल ही निकलता है ….

तुम गए हो जब से ,
उजाला नहीं हुआ ….

*******

दो चम्मच हँसी और चुटकी भर नखरे तेरे,
बस अब यही है ख़ुशी की खुराक मेरी

*******

खुशीओ का भी क्या कहना. ?

ऐक बच्चा खुश हुआ खरीद कर गुब्बारा..
दुसरा बच्चा खुश हुआ बेच कर गुब्बारा..!!!

*******

ये किस मोड़ पर, तुम्हे बिछड़ने की सूझी,

मुद्दतों बाद तो संवरने लगे थे….हम…!!!

*******

तारीख़ तो बदलती है हर साल।
ए-ख़ुदा,
अब के बरस हालात भी तो बदल दे

*******

अंजान अगर हो तो गुज़र क्यूँ नहीं जाते…
पहचान रहे हो तो ठहर क्यूँ नही जाते !

*******

उफ… ये गजब की रात
और ये ठंडी हवा का आलम,
हम भी खूब सोते …अगर

उनकी बांहो में होते…

*******

गुस्सा बहोत होते हो हमसे

मोहोब्बत हो गयी है क्या !!!

*******

” ठण्ड बढ़ती जा रही है,

तेरे नखरे की तरह……”

*******

तुझको लेकर मेरा ‪ख्याल‬ नही बदलेगा…

साल बदलेगा मगर दिल का हाल नहीं बदलेगा।।

*******

कहाँ मिलता है कभी कोई समझने वाला ,
जो भी मिलता है समझा के चला जाता है …

*******

परेशां हूँ कि परेशानी नहीँ जाती,

बचपन तो गया मगर नादानी नहीँ जाती…

*******

🏻जिन्दगी का एक ओर वर्ष कम हो चला,
कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला..

कुछ ख्वाईशैं दिल मे रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..

कुछ छोड़ कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मे ..

कुछ मुझसे बहुत खफा हैं..
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..

कुछ मुझे मिल के भूल गये..
कुछ मुझे आज भी याद करते हैं..

कुछ शायद अनजान हैं..
कुछ बहुत परेशान हैं..

कुछ को मेरा इंतजार हैं ..
कुछ का मुझे इंतजार है..

कुछ सही है
कुछ गलत भी है.
कोई गलती तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये।

*******

मेरी जिन्दगी को अधूरा कर दिया
वाह रे मोहब्बत तुने अपना काम पूरा कर दिया.

*******

एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये…

मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गए..

*******

इंकार जैसी लज्जत इक़रार में कहां..
बढ़ता रहा इश्क ग़ालिब, उसकी नही-नही से..

*******

मैं खुद भी अपने लिए अजनबी हूँ,

मुझे गैर कहने वाले – तेरी बात में दम है…!!!

*******

बेशक ही वो शतरंज में माहिर रहे होंगे..
क्योंकि उनकी चाल पर हजारो फ़िदा है..!

*******

वो उम्र भर कहते रहे तुम्हारे सीने में दिल ही नहीं..

दिल का दौरा ये दाग भी धो गया..!!

*******

पर्दा तो होश वालों से किया जाता है ,

बेनकाब चले आओ हम तो नशे में है..!!

*******

ये कहाँ की रीत,, जागे कोई ,, सोये कोई……

रात सबकी है , तो सबको नींद आनी चाहिये………

*******

हंसी आती ये सोचकर कि दर्द कोई
समझता नही……

मगर उन्हीं दर्दनाक अल्फ़ाज़ो पर दाद देते है लोग..

*******

शुक्र करो कि हम दर्द सहते हैं, लिखते नहीं ।
वरना कागजों पर लफ़्ज़ों के जनाज़े उठते ॥

*******

मौत आएं तो दिन बदले शायद,,,,

जिंदगी ने तो मार ही डाला है…

*******

वो मेरे हाथो की लकीरे देखकर अक्सर मायूस हो जाते है….

शायद, उन्हे भी एहसास हो गया है की वो मेरी क़िस्मत मे नही है.

*******

बूढा दिसम्बर जवां जनवरी के कदमों मे बिछ गया

लो इक्कीसवीं सदी को सोलहवां साल लग गया

*******

ऐ नए साल… बता तुझ में नया क्या है..?

तू नया है तो दिखा सुबह नई, शाम नई…
वरना इन आँखों ने देखे हैं नए साल कई..

*******

ना जहर है ना शहद है ये ईश्क नशा है साहब ।
जो चडा रहेता है दिल पे निंद आंखो से चुराता है ।

*******

सौ बार कहा दिल से चल भूल भी जा उसको,
सौ बार कहा दिल ने तुम दिल से नहीं कहते।

*******

काश ये साल दो हिस्सों में बंट जाये….

मैं फिर से 20 का और तू 16 की हो जाये….

*******

दिसंबर सा मैं..जनवरी सी तुम..
करीब हो के भी बहुत दूर हैं हम.!!

*******

मै नासमझ ही सहीं मगर वो तारा हूं..

जो तेरी एक ख्वाहिश के लिये..सौ बार टूट जाऊं…..

*******

रात को उठ ना सका दरवाजे की दस्तक पे.
सुबह बहुत रोया तेरे पैरों के निशां देख कर..

*******

तुम मुझ पर लगायो मै तुम पर लगाता हूँ ।।
ये जख्म मरहम से नही आरोपो से भर जायेंगे ।।

*******

मोहब्बत और मौत की पसंद भी अजीब हे,

एक को दिल चाहिये , दुसरे को धडकन !!

*******

हमने तो महेफीलमे सीफॅ दील खोला था
खामोश रहेकर भी वो अकेले मे डोला था

जिगर ठककर

*******

हजारों ने दिल हारे हैं तेरी सूरत देखकर

कौन कहता है तस्वीरें जुआ नहीं खेलती…

*******

टूट गया… सरफिरी हवाओं का… सारा ग़ुरूर…

इक दिया… खूली छतपर… रातभर जलता रहा…

*******

रात सारी तड़पते रहेंगे हम अब ,

आज फिर ख़त तेरे पढ़ लिए शाम को..!!

*******

मौम के पास कभी आग को लाकर देखूँ,

सोचता हूँ के तुझे हाथ लगा कर देखूँ……

*******

पंछी की आवाज सुनके,
में जाग गया ।
आँखे खोली तो
सबेरा हो गया था ।
जब
में
लालटेन खरीदने बाजार गया
तब
पैसे मांगे दुकानदार ने,
मेने जेब में देखा
वही फिर से अँधेरा मिला ।

कवी जलरूप

*******

रफ्ता रफ्ता में तुम्हे अच्छा लगने लगूँगा ।
अजनबी हूं आज,
कल अपना लगने लगूँगा ।

*******

तुजे सचमुच जुड़ना है अगर मेरी जिंदगी के साथ।

तो क़ुबूल कर मुझे मेरी हर कमी के साथ।

*******

इंसानी फितरत ने इश्क को बदनाम कर दिया,

वर्ना इश्क तो आज भी राधा और श्याम को ढूंढता है!

*******

बड़ी जल्दी सीख लेता हूँ जिंदगी का सबक ,

गरीब बच्चा हूँ बात-बात पे जिद नहीं करता !!

*******

फ़िक्र सोती थी चैन से पहले,

अब मुझे रात भर जगाती है…!!!

*******

अपनों से अच्छा तो ग़म है,..

कभी साथ ही नहीं छोड़ता…:

*******

आओ कुछ देर ज़िक्र कर्रें उन दिनों का,

जब तुम हमारे और हम तुम्हारे थे..!

*******

ऐ इश्क़..

तेरा वकील बन के बुरा किया मैनें….

यहाँ हर शायर तेरे खिलाफ सबूत लिए बैठा हैं….

*******

शायर कहकर बदनाम ना कर,

मैं तो
रोज़ शाम को दिनभर का ‘हिसाब’ लिखता हूँ !

*******

जब जब लोग परेशान हो जाते हैं…

काफ़ी हद तक इंसान हो जाते हैं…

*******

बहुत खूब है यूँ आपका..शब्दों में मुझे लिखना,…

वरना तो सबने मुझे सदा.. बेजुबां ही माना है…!!!

*******

काटो पर चलने वाला इंसान अपनी मंजिल पर जल्दी पहुँच जाता है ।क्योकी काटे पैरो की रफ्तार बढ़ा देते है ।

*******

सबका दिल रखने मैं अक्सर मेरा दिल टूट जाता हे |

*******

ऐ-चांद; ख़बरदार ! जो आज निकलने में देरी की,
भूखे रहने की आदत नहीं है मेरे चांद को…..

*******

गहरी नींद सोने वाले मोहब्बत कर नही सकते,
सुकून कहाँ है इतना मोहब्बत करने वालो को..

*******

टूटे हुए काँच की तरह चकनाचूर हो गया,
किसी को लग ना जाऊँ, इसलिए सबसे दूर हो गया…!!!

*******

मुझे बना के वो खुदा भी सोच मे पड गया के इस
पगले के लिए पगली केसी बनावूं ॥

*******

मुझे उन आंखों मे कभी आंसु अच्छे नही लगते,
जीन आंखों मे मै अकसर खुद के लिये प्यार देखता हुं……..॥

*******

फिर नहीं लौटा,
वक़्त,
वो शाम,
और
मेरा चैन !!

*******

मेरी ख्वाइशें तो आसमान तक पहुचने की है,
पर मेरा चाँद धरती पर ही है…

*******

हमारी मोहब्बत जरूर अधूरी रह गयी होगी पिछले जन्म मे,

वरना इस जन्म की तेरी ख़ामोशी मुझे इतना बेचैन न करत|

*******

औरो की तरह हम नही लिखते है डायरियां..!!

बस याद तुम्हारी आती है और बन जाती है शायरियाँ..!!

*******

पीने 🏻से कर चुका था मैं तौबा मगर…..
तेरे होटों 🏻का रंग देख के नीयत बदल गई…

*******

आज भी प्यारी है मुझे तेरी हर निशानी ….
फिर चाहे वो दिल का दर्द हो या आँखो का पानी

*******

काश उनका चेहरा आता रोज हमारे ख्वाब में

मर जाते पर नींद से उठने की जुर्रत नहीं करते

*******

काश हमे बेपरवाह रहना सिखाए कोई हम थक गए परवाह करते करते……

*******

मासूमियत का इससे पवित्र
प्रमाण कहीं देखा है ????

एक बच्चे को
उसकी माँ मार रही थी

और बचाने के लिये बच्चा
माँ को ही पुकार रहा था…

*******

इसमें कोई शक नही, तुम ख्यालों में हो।

पर तेरा मेरा मिलना, अब भी सवालों में है॥

*******

सजा ये है की बंजर जमीन हूँ अब,

जुर्म ये है कि बारिशों से इश्क किया मैंने……….!!

*******

सहारे ढुंढ़ने की आदत नही हमारी,

हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर है…

*******

ऐ मुसीबत मेरे पास सोच समजकर आना,,

मेरी माँ की दुवा कही तेरे लिए मुसीबत ना बन जाए…

*******

बड़ा कीमती खिलौना है मेरा दिल.

इसे खेलने आसमान से परी आयी थी!…

*******

तलाश सिर्फ सुकून कि होती हैं ..
नाम रिश्ते का चाहे जो भी हो ..!!

*******

ऐ मोहब्बत तुझे पाने की कोई राह नहीं,

शायद तू सिर्फ उसे ही मिलती है जिसे तेरी परवाह नही।

*******

प्यार ख़रीदा नहीं जाता दोस्तों….!!
लेकिन उसकी कीमत जरुर चुकानी पड़ती है…..!!

*******

जिन के चेहरे होते है ‘चाँद’ जैसे,
उनके “दिलों में “दाग “ही होते है..!!

*******

हुं शोधु छु तने पास मां।
तुं शोधे छे मने रास मां।।

*******

शराब पीकर हम नही लडखडाये कभी,
मगर आप की पहली नजरने हमे हीला दिया ।
– वैभव

*******

हल्की-फुल्की सी है जिंदगी…

बोझ तो ख्वाहिशों का है..!!

*******

एहसास अगर हो तो महसूस करों मोहब्बत को,

हर बात का इजहार लबों से हो ये जरूरी तो नही….

*******

सैकड़ों शिकायतें रट रखी थी… उन्हें सुनाने को किताबों की तरह…

वो मुस्कुरा के ऐसे मिले… कि एक भी याद नहीं आई…

*******

” लहू बेच-बेच कर जिसने परिवार को पाला,
बो भूखा सो गया जब बच्चे कमाने वाले हो गए..”

*******

तुम्हारी यह मुस्कुराहटें,
खुशियों की जैसे आहटें !

जीना कैसा तुम बिन अभी,
बिछड़ना ना तूम अब कभी,
सह ना पाएंगे जुदाई हम,
तुम से है कायम मेरी हँसी !

बिगाड़ी तुमने ही आदतें !

चाहेंगे तुम्हें टूट कर हम,
बनाएंगे एक नया घर हम,
हर पल सिर्फ़ खुशियां होंगी,
साथ काटेंगे यहाँ सफर हम !

रहेंगी ज़िंदा हमसे चाहतें !

तुम्हारी यह मुस्कुराहटें,
खुशियों की जैसे आहटें !

*******

ज़ुबान की हिफाज़त,
दौलत से ज्यादा मुश्किल है..!!!

*******

सच कहा किसीने नहीं आता मुझे व्यापर,
खुशियां बेचदी मेने लोगो के गम खरीदने के लिए।

*******

हवाँए हड़ताल पर है शायद,,,

आज तुम्हारी खुशबू नहीं आई….

*******

हमारा अंदाज कोइ ना लगाए तो ठीक होगा.
क्योकी अंदाज तो बारीश का लगाया जाता है तुफान का नही..!!

*******

खुद को देखते हुए आयने में मेने एक दरार देखी,
पता नहीं टुटा में था की आयना ।

*******

खैर कुछ तो किया उसने…!!!
चलो तबाह ही सही…!!!

*******

चाहे कितनी भी तकलीफ दे इश्क़ ।..

पर सुकून भी इश्क़ से ही होता है. .

*******

तुझको ख्वाबो में देखने वाला….!

कितनी मुश्किल से जागता होगा….!!

*******

कल तक था में जिसका साया,
आज बन गया हु उसीसे पराया

*******

मत पूछिए कि कैसे सफ़र काट रहे हैं
हर साँस एक सज़ा है मगर काट रहे हैं

*******

मुकद्दर की लिखावट का इक ऐसा भी कायदा हो…!!!
देर से किस्मत खुलने वालों का दुगुना फायदा हो… !!!

*******

जिन दोस्तों के बिना शाम गुजरतिँ ना थी कभी,
आज उनके बिना दिवाली गुजर गई…

*******

“तुझमें और मुझमें फर्क सिर्फ इतना सा है कि…,

तेरा कुछ कुछ हूँ मैं…और मेरा सब कुछ है तू…।”

*******

बड़ी दूर से आये है,
टुटा दिल वापीस लाये है..!!

*******

हमारे तो होठ भी इतनी बातें नहीं करते……

ए…..सनम ..

जितनी तुम्हारी आंखें करती है….

*******

तेरे दिल तक पहुंचे मेरे लिखे हुए हर लब्ज बस इसी मकसद से मेरे हाथ कलम पकडते है….

*******

दिल की ना सुन ये फ़कीर कर देगा…

हम जो उदास बैठे है नवाब थे कभी…

*******

तेरा ज़िक्र..तेरी फिक्र ..तेरा एहसास…तेरा ख्याल..!!!

तू खुदा नहीं ….फिर हर जगह मौज़ूद क्यूँ है…!!

*******

🏼ज़िन्दगी में सारा झगड़ा ही ख़्वाहिशों का है
ना तो किसी को गम चाहिए…
ना ही किसी को कम चाहिए….!!

*******

इंसानियत.. दिल मे होती है.. हैसियत मे नही.
उपरवाला.. कर्म देखता है.. वसीयत को नही..!!

*******

नाराजगियों को कुछ दैर चुप रह कर मिटा लिया करो…
गलतियों पर बात करने से रिश्ते उलझ जाते हैं….

*******

मेरे कमरे में अँधेरा नहीं रहने देता
आपका ग़म मुझे तन्हा नहीं रहने देता

*******

बड़ा कीमती खिलौना है मेरा दिल.

इसे खेलने आसमान से परी आयी थी!…

*******

हुं शोधु छु तने पास मां।
तुं शोधे छे मने रास मां।।

*******

प्यार ख़रीदा नहीं जाता दोस्तों….!!
लेकिन उसकी कीमत जरुर चुकानी पड़ती है…..!!

*******

वो तो शायरों ने लफ्जो से सजा रख्खा है..
वर्ना मोहब्बत इतनी भी हसीँ नही होती..

*******

ऐ मोहब्बत तुझे पाने की कोई राह नहीं,

शायद तू सिर्फ उसे ही मिलती है जिसे तेरी परवाह नही।

*******

तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए
तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए…

*******

हम तुझ से बात किये बिना रह सकते है

तुझे याद किये बिना नही​

*******

अगर तेरे बिना जीना आसान
होता तो,

कसम मुहब्बत की तुझे याद करना भी गुनाह समझते….

*******

तलाश सिर्फ सुकून कि होती हैं ..
नाम रिश्ते का चाहे जो भी हो ..!!

*******

सहारे ढुंढ़ने की आदत नही हमारी,

हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर है…

*******

ऐ मुसीबत मेरे पास सोच समजकर आना,,

मेरी माँ की दुवा कही तेरे लिए मुसीबत ना बन जाए…

*******

सजा ये है की बंजर जमीन हूँ अब,

जुर्म ये है कि बारिशों से इश्क किया मैंने……….!!

*******

रिश्ते का तार टूटे तो बताना मेरे दोस्तों…

थोड़ा बहुत “REPAIRING WORK” हम भी जानते हे…!!!

*******

प्रेम से रहो दोस्तों जरा सी बात पे रूठा नहीं करते
पत्ते वहीं सुन्दर दिखते हैं जो शाख से टूटा नही करते…!

*******

एक मिनट में जिंदगी नहीं
बदलती,
पर एक मिनट सोच कर लिया हुआ फैसला,
पूरी जिंदगी बदल देता है.

*******

तेरे होठों पे मेरा नाम खुदा खैर करे,
जप रहा हो मौलवी श्रीराम को जैसे !!

*******

झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नही है…!!

*******

ख्वाहिशे…

मेरी “अधुरी” ही सही पर,
कोशिशे मै “पूरी” करता हुं…!!!

*******

यु गरीब कहकर खुदकी
तौहीन ना कर
“ए बंदे…

गरीब तो वो लोग है
जिनके पास “ईमान”नही…!!!!

*******

“बहूत डर लगता है मुझे उन लोगों से”
“जो बातों में मिठास” और दिल में ‘जहर’ रखते हैं..

*******

“दुनिया से चाहे जितना छिप लो मुखौटे लगा के..

जिंदगी आईने की तरह खींच लेती है,
सेल्फ़ी हकीकत की…!!

*******

इश्क़ का पता नही लेकिन
जो तुझसे है वो किसी और से नही..

*******

तेरे बग़ैर इश्क़ हो तो कैसे हो

इबादत के लिए ख़ुदा भी तो ज़रूरी होता है

*******

जहन में कुछ सवाल जिंदगी ने ऐसे भी छोङे हैं,
जिनका जवाब हमारे पास सिर्फ ‘‪खामोशी‬’ है l

*******

अलफ़ाज़ नहीं बचे अब सबकुछ लिख चूका हूँ,

शायद मोहब्बत के खातिर पूरी तरह बिक चूका हूँ…..

*******

मशवरा तो अच्छा था उनका  की,
हमें भूल जाओ,
साफ ही कह देते की बहुत ज़ी लिए
अब मर जाओ।

*******

भरोसा जितना कीमती होता है
धोखा उतना ही महंगा हो जाता है…..

*******

आज किसी ने ये बात कहके दिल तोड़ दिया

के लोग तेरे नहीं तेरी शायरी के दिवाने हैं….

*******

होती अगर मोहब्बत बादल के साये की तरह,

तो मै तेरे शहर मे कभी धूप ना आने देता..

*******

कोई और तरीक़ा बताओ जीने का,

साँसे ले ….. ले …..कर थक गये है !!

*******

कौन सी शाम की बात लिखू
हुई थी या नहीं वोह मुलाक़ात लिखू

ढलते हुए शाम के साये में
उभरते हुए जज़्बात लिखू

अँधेरे खड़े थे लेकर रातों का सहारा
लड़खड़ाते कदमो से कैसे लिखू

बंध थे सारे मयखाने के दरवाज़े
लरज़ते हाथो से कैसे फ़रियाद लिखू

अदब से खड़े थे अलफ़ाज़ खयालो के पीछे
कौन सा ख्याल छुपाऊ और कौन सा लिखू

अक्सर कलम की जगह ले लेती है शमशीर
जब जब हथेलियों पर तेरा नाम लिखू

हुस्न बेपर्दा भी देखा है मैंने
चमक उसके नूर की कैसे में लिखू

हसीन  थी  घड़ियाँ और  मजबूर थे लम्हे
एक ही पन्नें पर दोनों कैसे लिखू  !

आसिम !

*******

जितने भी जख्म थे सबको सहलाने आये है, वो माशुक खंजर के सहारे मरहम लगाने आये हैं…….

*******

“आप उन्हीं के लिए खास हैं….

जिन्हें आपसे कुछ आस है !”

*******

बस रखी है झूठी मुस्कान,इतना में सुधर गया,
रहता था जो हर पल खुश,वो तो कब का बिखर गया

*******

सच को लफ़्ज़ों की दरकार नही होती,
तुमने सर हिला दिया मुझे यकीं हो गया

*******

अगर मेरी शायरियो से बुरा लगे तो बता देना दोस्तों,

में दर्द बाटने के लिए लिखता हु, दर्द देने के लिए नही..

*******

“कोई ताबीज ऐसा दो की मैं चालाक हो जाऊ ,

बहुत नुकसान देती है मुझे ये सादगी मेरी ।”॥

*******

तेरी याद जब आती है तो उसे रोकते नही हैं हम,
क्यूँकि जो बगैर दस्तक के आते हैं वो अपने ही होते हैं…

*******

इतनी बाते सोच रखी है तुम्हेँ सुनाने के लिए……
पर तुम हो कि आते ही नहीँ हो मनाने के लिए….

*******

चाहता था मै भी तुम्हे दिल की बात सुनाना,
पर तुमने कहा आता नहीं मुझे रूठे को मनाना

*******

तुम होते तो होता बस इतना ।

कि हम जी रहे होते ।।

*******

दर्द नसीब से मिलता है मेरी जान..
औक़ात कहाँ है तेरी मुझे तड़पाने की..

*******

ढूंढ़ने में बड़ा मजा आता है…

दिल में बसा कोई अपना जब खो जाता है…

*******

बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬‎और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं‬..!!!

*******

अच्छा है तुम्हारा दिल, खवाबो से मान जाता है..

कम्बक्त हमारा दिल है की रूबरू होने को तड़पता है…

*******

यकीन करो आज इस कदर याद आ रहे हो तुम; जिस कदर तुम ने भुला रखा है मुझे।

*******

हसीनाओ की आदत ही होती है जलाने की,
तूम चिराग बन बैठे यही तुम्हारी भूल है।
– वैभव

*******

तुम आसपास ना आया करो
जब मैं शराब पीता हूं..

क्या है कि दुगना नशा संभाला नहीं जाता…..

*******

तुझसे मैँ इजहार ऐ मोहब्बत इसलिए भी नही करता,
सुना है बरसने के बाद बादलो की अहमियत नही रहती|

*******

दिखावा मत कर शहर मे ‘शरीफ’ होने का . . .
लोग ‘ खामोश ‘ तो है. पर ‘ ना – समज ‘ नहीं ! !

*******

मैं जख्म खरीदता हूँ,
मोहब्बत के भाव में..

*******

सुनो जिसकी फितरत थी बगावत🏼 करना ,.,
हमने उस दिल पे हुक़ूमत की है ,.,!!

*******

“जो लोग सिर्फ तुम्हे काम के वक़्त याद करते हे उन लोगो के काम ज़रूर आओ

क्यों के वो अंधेरो में रौशनी ढूँढ़ते हे और वो रौशनी तुम हो”

*******

दिखते हैं पर नज़र नहीं आते …. कुछ लोग कितने दूर हो जाते हैं

*******

ईतना भी मगरूर ना हो ऐ हसीना,
तु आखरी हसी नही,
और में पहला आशीक नही।
– वैभव

*******

उस रात को लिखना भी मुश्किल सा है यार,
एक रात में सो जिन्दगी जी ली हमने।
– वैभव

*******

ईतना भी मगरूर ना हो ऐ हसीना,
तु आखरी हसी नही,
और में पहला आशीक नही।
– वैभव

*******

मै रंग हुँ तेरे चेहरे का,
जितना तू खुश रहेगी उतना मैं निखरता जाऊँगा..

*******

तुझे रात भर ऐसे याद करता हूँ मैं….

जैसे सुबह इम्तेहान हो मेरा..

*******

तेरे लबों  का मुझ पर असर
कुछ यूं हो गया, तूने छुआ मेरे

लबों को और मैं गज़ल बन गया !

*******

चलो कि हम भी ज़माने के साथ चलते हैं,

नहीं बदलता ज़माना तो हम बदलते हैं..

*******

फूल बेचारे अकेले रह गये हे शाख पर..

गाँव की सब तितलीयो के हाथ पीले हो गये..

*******

उसने फूल जब छुआ होगा !!

होश खुश्बू के भी उड़ गए होंगे !!

*******

तुम से मिलकर सबसे नाते तोड लिए थे,
हमनें बादल देखके मटके फोड लिए थे !!

*******

सुकून मिलता है दो लफ्ज़ कागज़ पर उतार कर,
चीख भी लेता हूँ और आवाज भी नहीं होती..

*******

“ले लो वापस…ये आँसू…ये तड़प…और ये यादें सारी…

नही हो तुम अगर मेरे…तो फिर ये सजाएँ कैसी….

*******

शुक्र करो कि हम दर्द सहते हैं, लिखते नहीं ।

वरना कागजों पर लफ़्ज़ों के जनाज़े उठते ॥

*******

हर किसी की कोई न कोई बुरी आदत होती हैं……..

लेकिन मेरी तुम हो ….

*******

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।

*******

खूबसूरत ये सारे नज़ारे हो गए
जिस घडी से हम तुम्हारे हो गए
अंकित गोरसीया

*******

“आशिक़ी लिखें , दीवानगी लिखें या अपनी ख़ामोशी लिखें …,

दिल के जज़्बात अब अल्फ़ाज़ नहीं बनते आखिर आज क्या लिखें”॥

*******

एक हमे आवारा केहना, कोइ बडा इलजाम नही,
दुनिया वाले दिल वालों को, ओर बहुत कुछ केहते है ।

*******

ना जाने, करीब आना किसे कहते हैं..
मुझे तो, तुमसे दूर जाना ही नहीँ आता…!!

*******

ज़िन्दगी !!!
आज फिर खफा हे,
जाने दो न यारों ,
कहाँ पहेली दफा है !!!

*******

तेरी यादो को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी..

हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी…!!

*******

“जिसे पूजा था हमने वो खुदा तो न बन सका,

हम ईबादत करते करते फकीर हो गए…!!!

*******

जाने ये कैसा ज़हर दिलों में उतर गया…
परछाईं ज़िंदा रह गई इंसान मर गया…!!!!

*******

जी तो चाहता है,,,तुम्हे अपने दिल में छुपा लू …
मगर ना वक्त ने इजाजत दी और ना कभी तुम ने…

*******

“तेरी तस्वीर जब इतना सूकून  देती है…
खुदा जाने
क्या होता होगा जब तुम गले मिलती होगी

*******

रिश्ते का नाम जरूरी नहीं होता मेरे दोस्त..
कुछ बेनाम रिश्ते रुकी जिंदगी को साँस देते है..

*******

भूला नही पा रहा..जब से तुझे लिखने लगा हूँ..

माँ ठीक कहती थी..लिखने से देर तक याद रहता हैँ..!!

*******

“गम ना कर ऐ दोस्त तकदीर बदलती रहती है,

शीशा शीशा ही रहता है तस्वीर बदलती रहती है”

*******

दिसम्बर आ गया है जरा अपना ख्याल रखना..!! .
बुजुर्ग कहते है.. . सर्दियों में अक्सर चोटें, ज्यादा दर्द देती है..!!

*******

ना जाने कौन कौन से विटामिन और प्रोटीन हैं तुझ में….?
जब तक तेरा दीदार न कर लूँ तब तक बैचेनी रहती..

*******

” अच्छी किताबें
और सच्चे  लोग
तुरंत समझ में नहीं आते ॥”

*******

“तुम नफरत का धरना कयामत तक जारी रखो,

मैं प्यार का इस्तीफा जिंदगी भर नहीं दूंगा”..!!

*******

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Posted by on January 21, 2016 in Shayri

 

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Shayri Part 34


ना चाहते हुवे भी साथ छोड़ना पड़ा,,
जनाब
मज़बूरी मोहब्बत से ज्यादा ताकतवर होती है…

*******

गलतियाँ भी इश्क़ की तरह होती हैं…
करनी नहीं पड़ती…हो जाती हैं…!!

*******

सुनो..”ऐ जान”
मुझे सिर्फ़ इतना बता दो..

इंतज़ार करूँ..या..ख़ुद को मिटा दूँ…??

*******

“तुम पर भी यकीन है और मौत पर भी ऐतबार है,”

“देखें पहले कौन मिलता है , हमें दोनों का इंतजार है ….

*******

तलाश सिर्फ सुकून कि होती हैं ..
नाम रिश्ते का चाहे जो भी हो ..!!

*******

यहाँ मज़बूत से मज़बूत लोहा टूट जाता है..

कई झूठे इकट्ठे हों तो सच्चा टूट जाता है..

*******

हमारे दोस्तों में कोई दुश्मन हो भी सकता है..

ये अँग्रेज़ी दवाएँ है, रिएक्शन हो भी सकता है..

*******

लोग रोने के लिये कंधा नही देते
मरने तक इंतजार करते है…

*******

केटलो हसे दर्द नो बोजो

लखवा बेसु तो आंगळी पर आवे छे सोजो

*******

रोता वही है जिसने महसूस किया हो सच्चे रिश्ते को..
वरना मतलब के रिश्तें रखने वाले को तो कोई भी नही रूला सकता..

*******

खामोशियां ही बेहतर है

शब्दों से लोग रूठते बहुत है।

*******

अच्छा छोड़ो ये फालतू बहस और तक़रार की बातें

ये बताओ हर रात ख़्वाबों में क्यूँ आते हो…!

*******

मेरी आँखों में आँसू नहीं बस कुछ “नमी” है?
वजह तू नहीं तेरी ये “कमी” है..

*******

हसरतें आज भी ख़त लिखती हैं मुझे !
मगर अब मैं पुराने पते पर नहीं रहता !!

*******

दिल की बातें तो आखों से होती हैं,
अल्फाजों से तो अक्सर झगड़ा होता है..

*******

इन आँखों में आंसुओ की वजह चाहे जो भी हो ,,
पर ज़िन्दगी में मुस्कुराने की वजह आप ही हे …

*******

कहाँ से लाऊ हुनर उसे मनाने का;
कोई जवाब नहीं था उसके रूठ जाने का;
मोहब्बत में सजा मुझे ही मिलनी थी;
क्यूंकी जुर्म मैंने किया था उससे दिल लगाने का।

*******

“”दिल मजबूर कर रहा है उनसे बात करने को,

और कम्बखत वो नाराज होके बैठ जाती है…

*******

तुझमें कहीं हूँ मैं..
फिर भी नहीं हूँ मैं !!

******

सुनो आओ मिलकर ढूँढ़ लेते हैं वजह फिर से एक होने की,
एक दूजे के बिन न तुम अच्छे लगते हो न मैं!

*******

तुम जब मेरा सब ले गए..!
तो मुझे क्यों छोड़ गए..!!

*******

ना जाने कौन कौन से विटामिन और प्रोटीन हैं तुझ में….?
जब तक तेरा दीदार न कर लूँ तब तक बैचेनी रहती..

*******

माना की तेरे प्यार का मालिक नहीं हूँ मैं ,
पर किरायेदार का भी कुछ हक़ तो बनता हैं !!

*******

हुआ था शोर पिछली रात को दो चाँद निकले है,

बताओ क्या जरूरत थी तुम्हे छत पर टहलने की.

*******

कलम में जोर जितना है जुदाई की बदौलत है…

मिलने के बाद लिखने वाले लिखना छोड़ देते है…

*******

सहारे ढूढ़ने की आदत नही हमारी

हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर है…

*******

कमाल की तक़दीर पायी होगी उस सख्श ने……

जिसने तुझसे मोहब्बत भी ना की हो ,और तुझे पा लेगा…..

*******

अजीब दस्तूर है ज़माने का,

अच्छी यादें पेनड्राइव में और बुरी यादें दिल में रखते है!!!!

*******

अच्छा हुआ तूने ठुकरा दिया मुझे
प्यार चाहिए था तेरा एहसान नही

******

न पूरी तरह से क़ाबिल, न पूरी तरह से पूरा है,

हर एक शख्स कहीं न कही से अधूरा है…!!

*******

बैठे थे अपनी मस्ती में कि अचानक तड़प उठे,

आ कर तुम्हारी याद ने अच्छा नहीं किया।

*******

इतनी मिन्नतों के बाद रुबरू हुए हो,

समझ नही आता तुम्हे देखूँ या तुम मे खो जाऊँ ..

*******

फासलों का एहसास तब हुआ..

जब मैंने कहा हम ठीक हैं…

और उन्होंने मान लिया.!!

*******

जहा दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये,
वहा खुद को समझा लेना बहतर होता है…..

*******

चढ़ जाये तो उतरता नहीं…

कमबख्त ये इश्क़ भी गरीब के क़र्ज़ जैसा है ….. !!!

*******

यूँ तो तैरने मे हो गया हूँ माहिर मैं,

फिर भी डूब जाता हूँ अक्सर तुम्हारे ख्यालो मे…

*******

कौन कहता है “पैसा” सबकुछ खरीद सकता है.
“दम” है तो टूटे हुए “विश्वास” को पाकर दिखाए.

*******

एक राज की बात बताये किसी को बताना नही,
इस दुनिया मे अपने सिवा कुछ भी अपना नही होता..

*******

परेशानी हालात से नही ।।।।
खयालात से होती है ।।।।।

*******

तुझे पाकर भी पा न सके हम।
खो भी देंगे तो बुरा क्या होगा।।

*******

हमारी किस्मत ही खराब थी कि….

हमारी किस्मत मेँ कोई नहीँ था….

********

कभी साथ है तो कभी खिलाफ है…

वक्त का भी आदमी जैसा हाल है!

*******

ऐ मुसीबत मेरे पास सोच समजकर आना,,

मेरी माँ की दुवा कही तेरे लिए मुसीबत ना बन जाए…

*******

कितने बेबस हैं हम तेरी चाहत में …….
तुझे खोकर भी हम तेरे ही हैं …….

*******

अगर बनना है तो उस तालाब की तरह बनो..!
जहाँ शेर भी पानी पिता है और बकरी भी…

“मगर सर झुका के….! ”

*******

समझ नहीं आ रहा कि जिंदगी तुझे भुलाने में कट रही है,या तुझे याद करने में…!

*******

मेरी बरबादियों में तेरा हाथ है मगर….??
” मै सबसे कह रहा हूँ ये “मुकद्दर” की बात है…!!

*******

“क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तों ,

वो लोग ही बिछड़ गए , जो जिंदगी हुआ करते थे” !!

*******

ऐ ज़िँदगी, अब तू ही रुठ जा मुझसे..

ये रुठे हुए लोग, मुझसे मनाए नहीँ जाते…

*******

केटला फुलोने चाहे छे, केटला पैसाने चाहे छे
हुं ऐने चाहु छु, जे मने चाहे छे…

*******

जिगर है छलनी-छलनी आँखें लहू-लहू हैं ……..
तेरी जुदाई ने मेरी रूह को यूँ तबाह कर दिया …….

*******

सुनो जरा……..क्या गुजरेगी दिल पर
अगर कोई तुम्हें चाहे हमारी तरह
और छोड दे कोई तुम्हें तुम्हारी तरह

*******

ख्वाब आँखों से गए
और नींद रातों से गयी…
वो जिंदगी से गए और
जिंदगी हाथों से गयी..!!

*******

छोड़ दी सारी खाव्हिश जो तुझे पसंद ना थी ए दोस्त,

तेरी दोस्ती ना सही पर तेरी ख्वाहिश आज भी पूरी करते है !!

********

काश….मेरे लिए तुम मौत होते
यकीन तो रहता कि एक दिन जरूर आओगे…

*******

हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं
उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में…

*******

मुझसे मोहब्बत पर मशवरा मांगते है लोग..
तेरा इश्क़ कुछ इस तरहा तजुर्बा दे गया मुझे…!!!

*******

ख्वाब किसके सजाऊ….
तुने तो ख्वाबों से भी रिश्ता तोड लिया….

💟Rajni💟

*******

कौन कहता हैं वक़्त दोहराता हैं अपने आप को
अगर ये सच हैं तो मेरा बचपन तो लौटाए कोई

*******

बातें तो बहुत है मोहहब्बत बयां करने के लिए..
पर
जो ख़ामोशी नही समझ सकते,वो बातें क्या समझेंगे !!!

*******

नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
कसूर तो उस खयाल का है जो सोने नही देता..

*******

शायरी वही जिसे पढ़ कर दिल को यूँ लगे कि,
अरे हाँ यही बात तो मैं कहना चाहता था !!

*******

वो तो ‪अपनी‬ एक आदत को भी ना बदल सकी ‪ऐ‬-दोस्तों,
ना जाने ‪क्यूँ‬ मैंने उसके खातिर अपनी ‪जिंदगी_बदल‬ डाली…!!

*******

दिए हैं ज़ख़्म तो मरहम का तकल्लुफ न करो….
कुछ तो रहने दो, मुझ पे एहसान अपना……

*******

कर दिया मेरी चाहत ने उसे लापरवाह ,
मैंने याद नहीं दिलाया तो मेरा ख्याल भी नहीं आया.

*******

कर ली ना तसल्ली तुमने दिल तोड़कर मेरा…

मैने कहा भी था कुछ नही हैं इसमे तुम्हारे सिवा…..

*******

तुम याद आओगे यकीन था…..

इतना आओगे अंदाजा न था…..

*******

खफा रहने का शोक भी पूरा कर लो तुम,
लगता है तुम्हे हम ज़िंदा अच्छे नहीं लगते…

*******

मुमकिन हो तो मेरे दिल मे रह लो

इससे हसीन मेरे पास कोई घर नही.

*******

ऐ मौसम तू चाहे कितना भी बदल जा पर तुझे
इंसानो की तरह बदलने का हुनर आज भी नहीं आता ..

*******

कोशिश भी मत करना, मुझे संभालने की अब तुम,
बेहिसाब टूटा हुं, जी भर के बिखर जाने दो मुझे..

*******

तेरे चले जाने से, मुझे शायरीयो का हुनर आया,
लिखा पहले भी बहुत,पर असर अब आया.

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“स्टेच्यू स्टेच्यू”…खेलते-खेलते…
पता ही नहीं चला…
कि…
कब लोग पत्थर के हो गये…!!

*******

तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस ‪#‎कायनात‬ में,
मगर इस “‪#‎पागल‬ की तो कायनात ही तुम हो”..

*******

मोहब्बत सच्ची हो , और सनम बेवफा ना हो….

मेरे यारों कहानी कुछ अधूरी-सी लगती है…!!

*******

उनकी ओर जाती हर हवा से कहते हैं हम…!!
जरा उनको कह देना, उन्हे बहुत याद करते हैं हम…!!

*******

दोस्तों की गालियों में ही उनका प्यार छुपा होता है…
वरना प्यार से बात तो अनजान भी करते हैं…

*******

हजारों ने दिल हारे हैं,
तेरी सुरत देखकर…

कौन कहता है तस्वीरें जूआ नहीं खेलती..!!

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उमर बीत गई पर एक जरा सी बात समझ में नहीं आई..

हो जाए जिनसे महोब्बत, वो लोग कदर क्यूं नहीं करते…?

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भगवान का मन्दिर हो या टूटता तारा
जब भी
मेरी आँखे बन्द होँगी मैँ सिर्फ तुझे ही माँगूगा …

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तुम रोज हाल मत पूछा करो..
हर बार झूठ नही बोला जाता..

*******

साफ़ साफ़ कह दो ….अगर कोई गिला है तो
फासला ,,,फ़ैसले से बेहतर है

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चाहने वाले बड़े नसीब से मिलते हैं,
अगर कभी बिछड़ोगे हमसे तो एहसास तुम्हें हो जायेगा…

*******

जहां हो, जैसी हो, वहीं…. वैसे ही रहना तुम,
तुम्हें पाना जरुरी नहीं… तुम्हारा होना ही काफी है।…

*******

तेरे बगैर इस मौसम में वो मजा कहाँ..
कांटो की तरह चुभती है, दिल में बारिश की बूंदे..

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होने वाले “खुद” ही “अपने” हो जाते हैं,
किसी को “कह कर” “अपना” बनाया नहीं जाता..

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दोस्तो आज पी ने के लिये मना मत करना,
आज किसी बेवफा की जन्मदिन है….

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भले खाली ग्लास छुं ताे पण खुश छुं ,

काेक नी तरस छुपावी ने ताे खाली थयाे छुं …..

*******

मुझे शराब की एक बात बहुत बेकार लगती है,

साली खुद तो चढ़ जाती है लेकिन हमें गिरा देती है…….

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“जो दोगे वहीं लौट कर आयेगा…

चाहे वो इज्जत हो.. या धोखा…!!”

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झुठे हैं वो जो कहते हैं हम सब मिट्टी से बने हैं

मैं कई अपनों से वाकीफ हूं जो पत्थर के बने हैं!

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“जी लूँ…कि भूल जाऊँ…लम्हा तेरे साथ का…?”

“माँग लूँ…कि रोक लूँ…दुआ तेरे नाम की…?”

“रख लूँ…या फेंक दूँ…वो तोहफ़ा तेरी याद का…?”

“छेड़ दूँ…कि ना छुऊँ…धुन तेरे प्यार की…?”

“जोड़ दूँ…कि तोड़ दूँ…ये कड़ियाँ एतबार की…?”

“थाम लूँ…कि जाने दूँ…वो परछाईयाँ इज़हार की…?”

“देख लूँ…कि जाने दूँ…ख़्वाब तेरी चाह का…?”

“लिख दूँ…कि रहने दूँ…नज़्म तेरे नाम की…?”

“जीत लूँ…कि हार जाऊँ…ये बाज़ी इंतज़ार की…?”

“सोच लूँ…कि छोड़ दूँ…ख़्याल तेरी याद का…?”

*******

हसरतेँ पुरी ना हो तो ना सहीँ,
ख्वाब देखना तो कोई गुनाह नही ।

*******

मजबूर ना करेंगे तुझे, वादे निभाने के लिए….
तू एक बार वापस आ अपनी यादें ले जाने के लिए…

*******

बहुत मसरूफ हो शायद , जो हम को भूल बैठे हो
न ये पूछा कहाँ पे हो , न यह जाना के कैसे हो !!!!

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जब कभी टूट कर बिखरो तो बताना हमको,
हम तुम्हें रेत के जर्रों से भी चुन सकते हैं…!!!

*******

जिंदगी में बेशक हर मौके का जरुर फायदा उठाओ,

मगर किसी के हालात और मजबूरी का नहीं !!

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मुस्कुराहट एक कमाल की “पहेली” है,,,,,
जितना बताती है, उससे कहीं ज्यादा छुपाती हैं..!!

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तुझे तराश तराश कर हीरा बना दिया मैंने . .
अब मुझसे ही तेरी कीमत अदा नहीं होती ..

*******

अगर मोहब्बत गुनाह है..!
तो समजो मैंने तो हद कर दी..!

*******

हसरतेँ पुरी ना हो तो ना सहीँ,
ख्वाब देखना तो कोई गुनाह नही ।

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उसने होंठों को अपने दांत में दबा के मुझसे कहा,…………

मैं दबाऊं तो दर्द क्यों ? तुम दबाओ तो लुत्फ़ क्यों………

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पत्थरों से ना किसी पे वार कर,
हो सके तो तू सभी से प्यार कर.

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इतनी चाहत तो लाखो रुपये पाने की भी नही होती..

जितनी बच्चों को देखकर बचपन में जाने की होती हैं..।।

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उम्र भर तैयार है,,,हम मुस्कुराने काे..
बस शर्त ये है कि,,,तुम साथ मुस्कराना….!!

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शोहरत……बेशक चुपचाप गुजर जाये…

कमबख्त….. बदनामी बड़ा शोर करती है..

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इंकार जैसी लज़्जत…
इक़रार में कहां…

ना.. ना.. में छुपी हो जब मोहब्बत…
फिर  हाँ.. हाँ..  मे  वो बात कहाँ….

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मौत शायद इसी को कहते है,
दिल अब किसी कि ख्वाहिश नहीं करता..!!

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तुम्हे हक़ है अपनी ज़िन्दगी जैसे चाहे जियो तुम….
बस जरा एक पल क लिए सोचना मेरी ज़िन्दगी हो तुम..!

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“प्यार आज भी तुझसे उतना ही है,

बस तुझे एहसास नही और हमने भी जताना छोड दिया””

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भुले नहीं हैं ना ही भुलेंगे तुमको ……..
तेरी यादों से तेरे दिये जख़्मों को कुरेदा करते हैं …….

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कोई माने या ना माने सच कह गए हैं लोग पुराने
जिसने एक रिश्ता तोड़ा वो सौ रिश्ते भी तोड़ेगा
तूने किसी को छोड़ा है तुझे भी कोई छोड़ेगा

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“तुमने समझा ही नहीं…और ना समझना चाहा…..

हम चाहते ही क्या थे तुमसे…?“तुम्हारे सिवा”..!”
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काश दर्द के भी पैर होते।

थक के रुक तो जाते कंही।

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रात जवान हो चली है चलो चलते हैं छत पर.,
तुम देखना चाँद को मैं तुम्हे देखूँगा.,

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बेवजह हो गयी तुमसे इतनी मुहब्बत
चलो…अब वजह बन जाओ जीने की…

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चूम लेती हैं लटक कर, कभी चेहरा कभी लब..
तुमने ज़ुल्फ़ों को बहुत सर पे चड़ा रखा हैं..!!

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दूर रहो मुझ से….
टूटा हुआ हूँ……
चुभ जाऊँगा….

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सही वक़्त पर पिए गए “कड़वे घूंट”

अक़्सर ज़िन्दगी “मीठी” कर दिया करते है।

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मैंने खुद को…”मै”…कहना छोड दिया…

जब से तुमने कहा…”तुम सिर्फ मेरे हो…”

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मुझे इंतज़ार करना बेहद पसंद है,
ये वक़्त उम्मीद से भरा होता है..

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तारा आगमन थी असर थई गयी छे,
मारा नाम साथे तारा नाम नी कसर रही गयी छे..!!

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आदत थी तू मेरी,
ख्वाहिश बन गई…

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रात होने वाली है

मिलता हूं ख्वाब में।

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हर सुबह बस इतनी सी ख़्वाहिश,
तेरा मुस्कुराता चेहरा देखूँ…!!

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वो हमसे बात अपनी मरजी से करते है…
पर हमारा पागलपन तो देखिये जनाब, कि हम..
उनकी मरजी का इँतेजार बडी शिद्दत से करते है…!!!!

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शिकायतें वहाँ होती हैं, जहाँ ऐतबार ना हो….

मेरा तो यकीन ही तुम हो, तो शिकायत कैसी……

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सितम को हमने बेरुखी समझा,
प्यार को हमने बंदगी समझा,
तुम चाहे हमे जो भी समझो,
हमने तो तुम्हे अपनी ज़िन्दगी समझा.

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आज नी जानकी जो आत्मकथा लखे
तो राम बनी ने जे बधा फरे ते आत्महत्या करे

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यादें बनकर जो मेरे साथ रहते हो,
तेरे इतने अहसान का सौ बार शुक्रिया….!!

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हु रेगीस्तान नु रण अने तु कोइ पाणी नु कण

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काश खुदा मनी मोज माणी शकु,
तारा दिल मा शु छे हु जाणी शकु..!!

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निकाल कर जिस्म से…अपनी जान दे देता है..
बडा ही मजबूत है…वो पिता…जो कन्यादान देता है…

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वक़्त अपनों के लिए निकाल लिया था,
पर अफ़सोस तब अपनों ने हमे निकाल लिया था..!!

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कैसे भुलु वो गली, जहा मुझे मेरी जींदगी मिली..

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फटी हो जेब,
तो पैसों के साथ
रिश्ते भी गिर जाते है!!!

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मैं उन आँखों के मैख़ाने में थोड़ी देर बैठा था……

मुझे दुनिया नशे का आज भी आदी बताती है….!!

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कागज़ के नोटों से आखिर किस किस को खरीदोगे,

किस्मत परखने के लिए यहाँ आज भी, सिक्का हीं उछाला जाता है ||

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सिग्रेट पीने वाला आदमी कभी मतलबी नहीँ होता

जिसे अपनी‪ जान ‬की चिँता नहीँ भला वो मतलबी कैसे?

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अँधेरे अब नहीं डसते, उजाले वार करते हैं;
जो दुश्मन भी नहीं करते, वो मेरे अपने करते हैं..

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प्रेम तो क्यरानोय एक्सपायर थई गयो
हवे तो आसु थी एनी याद अपडेट करु छु

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कभी यादें कभी बातें कभी पिछली मुलाकाते,
बहुत कुछ याद आता है तेरी एक याद आने से..!

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मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया कमबख़्त तूने,

वो हँसी और बोली- मैं ज़िंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी।

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मुझे उसकी ये मासुम अदा बहुत भाती है……
नाराज मुझ से होती है और गुस्सा सबको दिखाती है…..

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कुछ लम्हे बिताएं हैं मैंने तेरे संग,

कैसे कह दूं खुद को कि बदनसीब हूं मैं….

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सर पर जो हाथ फेरे तो हिम्मत मिल जाये,
माँ एक बार मुस्कुरा दे तो जन्नत मिल जाये !

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रोज तेरा इंतजार होता है रोज ये दिल बेकरार होता है,

काश तुम समझ सकते कि चुप रहने वालों को भी किसी से प्यार होता है.

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तरस गयी है तुम्हे देखने को ये आँखें..!!
थकी-थकी है, पर पलकें उठाये बैठे है..!!

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वो किताबो में दर्ज़ था ही नही,
सिखाया जो सब़क ज़िन्दगी ने !

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दिन में काम नहीं सोने देता..

रात में एक नाम नहीं सोने देता..

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जाने क्या था जाने क्या है जो मुझसे छूट रहा है,
यादें कंकर फेंक रही हैं और दिल अंदर से टूट रहा है।

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जरा सी बात पर न छोड़ किसी अपने का दामन,
जिंदगी बीत जाती है अपने को अपना बनाने में..!!

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अपने के दामन छोड़ गया हु,
देखो कफ़न में ओढ़ गया हु..!!

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अलफ़ाज़ तो बहुत हैं,मोहब्बत बयान करने के लिए।
पर जो खामोशी नहीं समझ सके, वो अलफ़ाज़ कया समझेंगे !!

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जब भी प्‍यार शब्‍द आता है
चेहरा उसी का याद आता है.:|

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वो तब भी थी अब भी है और हमेशा रहेगी
ये मोहब्बत है पढाई नही जो पूरी हो जाय..!!

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जब अल्फ़ाज़ पन्नों पे शोर करने लगें…
समझ लेना सन्नाटे बढ़ गये हैं दिल मे !

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कितनी बाते कहनी होती है,
जब कोई सुनने वाला नही होता है…..

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हमने काँटों को भी बड़ी नरमी से छुआ है यारों,
लोग कितने बेदर्द है फूलों को भी मसल देते है !

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आप काँटों की बात करते हो,
फूल दिल तोड़ चुके है हमारा..!!

*******

वक्त वक्त की बात है….

अपने साथ हो तो काँटे भी सहलाते है….

बाकी अकेले में तो फूल भी चुभते है।।।

*******

कैसे नादान है हम
दु:ख आता है तो अटक जाते है,
सुख आता है तो भटक जाते है।

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हम तो फूलों की तरह अपनी आदत से बेबस हैं

तोड़ने वाले को भी खुशबू की सजा देते है …

*******

मेरे सारे जज्बात बस शायरी में सिमट के रह गए ।

तुझे मालूम ही नही हम तुझसे क्या क्या कह गए..

*******

हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं ,

कभी किस्मत से टूट जाते हैं , कभी लोग तोड़ जाते हैं..

*******

काश ये बात लोग समझ जाये कि,

रिश्तें एक दूसरे का ख्याल रखने के लिए बनाए जाते है…

एक दूसरे का इस्तेमाल करने के लिए नही।

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उसे पाने के ख्याल से जिन्दगी जी रही हूँ ..
बस ये ख्याल ,ख्याल ही ना रहे तो अच्छा है…

*******

उफ़,
अकेलापन ये कितना बढ़ गया है

सबके मोबाइल में केवल सेल्फ़ियाँ हैं…

*******

घर मेरा भूखा भूखा सा रहा ……

दफ्तर मेरा .. मेरे सारे इतवार खा गया ….

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जिसके लिए लिखता हूं आजकल,

वो कहती है अच्छा लिखते हो उनको सुनाऊंगी।!!!!

*******

विचार जरा
हु जेने वीचारु छु
ए तू ज केम !!!

*******

अब रात कहा….. अब नींद कहा
उसकी यादों से फुरसत कहा…!!!!

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“मतलब” का वजन बहुत ज्यादा होता है,
तभी तो “मतलब” निकलते ही रिश्ते हल्के हो जाते है.

*******

आशिक़ी लिखें , दीवानगी लिखें या अपनी ख़ामोशी लिखें …

दिल के जज़्बात अब अल्फ़ाज़ नहीं बनते आखिर आज क्या लिखें.

*******

जलती है औरों के लिए फिर भी बदनाम होती है

सिगरेट तू कहीं औरत तो नहीं।

*******

शुक्र है तुम मेरी ज़िन्दगी में हो,

तुमसे यह दुनिया मुझे खूबसूरत नजर आती है।

*******

बात कुछ और होती है,बयाँ कुछ और करते हैं….
ख़फा जब तुमसे होते हैं,तो जुल्म खुद पर करते है….

*******

“कैद खानें हैं… बिन सलाखों के
कुछ यूँ चर्चे हैं… तुम्हारी आँखों के”

*******

तू जो ना हो मेरे रु बरु,..

बिन तेरे जीने से मैं डरूँ.!!

*******

सोने ही वाले थे हम..कुछ ख्वाब देखते..
वो हकीकतों का वादा कर..जगा के चले गए..!!

*******

ज़माना वफादार नहीं हुआ तो क्या हुआ
धोकेबाज़ तो हमेशा ‪‎अपने‬ ही होते हैं …

*******

तू अगर ख़्वाब था मेरा तो बता,

क्यूं मेरी नींद से बाहर निकला…!!!!

*******

तुम हक़ीक़त-ए-इश्क़ हों या फ़रेब मेरी आँखों का,
न दिल से निकलते हो न मेरी ज़िन्दगी में आते हो…

*******

तूझमे और मूझमे फरक तो इतना सा है,
मै थोड़ासा पागल हूं, और मूझे पागल बनाया तूने है..

*******

वो जो दो पल थे,
तेरी और मेरी मुस्कान के बीच…!

बस वहीँ कहीं इश्क़ ने,जगह बना ली…!

*******

मौत ने चुपके से ना जाने क्या कहा?

और जिंदगी खामोश हो कर रह गयी।

*******

इमान बेचना है ।
सिर्फ एक शर्त्त पर ।
खरीदार ईमानदार होना चईये ।

*******

शायर को मस्त रखती है दाद-ए-मुहब्बत ।

सौ बोतलों का नशा है इक ‘वाह वाह’ में।।

*******

मशवरा तो देते रहते हो..
“खुश रहा करो”…

कभी कभी वजह भी
दे दिया करो…!!

*******

दुनिया में सैकड़ों “दर्द मंद” मिलते हैं
काम के लोग पर चंद मिलते हैं

जब मुसीबत आती है तो यारों
सबके दरवाज़े “बंद” मिलते हैं

*******

ये न कहना कि प्यार फर्ज़ी है
करना न करना तुम्हारी मर्ज़ी है

*******

तुझे भूलने के लिए मुझे सिर्फ़ एक पल चाहिए,
वह पल! जिसे लोग अक्सर मौत कहते हैं.

*******

मुझ से ज्यादा … तुझे शायद … मेरी आँखे चाहती है …
जब भी … तुझे सोचता हु … तो ये भर आती है …….

*******

चादर क़ब्र पर नहीं.
रात को उठ कर अपने अम्मी अब्बू पर डाल,
खुदा ज़्यादा ख़ुश होगा.

*******

पैसे का तो पता नही पर कुछ जगह पर नाम ऐसा
कमाया हूँ की वहाँ पैसा नही मेरा नाम चलता है.

*******

में भी जिन्दा हु…..
वो भी जिन्दा है….
कत्ल तो बेचारे इश्क़ का हुआ है

*******

बिना मेरे रह ही जायेगी कोई ना कोई कमी.
तूम जिंदगी को चाहे कितना भी संवार लो..

*******

वास्ता नही रखना तो फिर मुझपे नजर क्यूं रखती है,

मैं किस हाल में जिंदा हूँ तू ये सब खबर क्यूं रखती है

*******

“हंसते हुए चेहरों को गमों से आजाद ना समझो…
मुस्कुराहट की पनाहों मेँ हजारों दर्द होते हैँ….”

*******

“प्यार की तरह आधा अधूरा सा अल्फाज था मैं;
तुमसे जुडा ज़िंदगी की तरह पूरी गजल बन गया.”..

*******

पूछा जो हमने- किसी और के होने लगे हो क्या ?

वो हँस कर बोले – पहले तुम्हारे थे क्या ?

*******

मैं अभी तक समझ नहीं पाया तेरे इन फैसलो को ए खुदा,

उसके हक़दार हम नहीं या हमारी दुआओ में दम नहीं..

*******

यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं,,
मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे..!!

*******

सिगरेट के धुएँ में मरहम ढूँढते-ढूँढते

खुदको हजार दफे जलाना याद हैं,.,!!

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उसने कहा हम दिन और रात जैसे है, कभी एक नही हो सकते…

मेने कहा आओ शाम को मिलते है

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दिल धड़कने का सबब याद आया,
वो तेरी याद थी अब याद आया

सबब – cause, reason

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अगर आपने मुझे लाखो में चुना है.
तो मेरा भी वादा है आप से..

करोड़ों की भीड़ में
खोने नहीं दूंगा आपको..!!

*******

मुझे मालूम नहीं हुश्न की तारीफ ,

मगर मेरी नजर में हसीन वो है जो तुझ जैसा हो ..

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किस्मत इक ऐसी तवायफ़ है…

जो हर किसी के लिये नही नाचती…!

*******

जिंदगी में सभी दोस्त बन कर नहीं आते . .

कुछ लोग सबक़ बन कर भी आते हैं . . .

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घोंसला बनाने में.. यूँ मशग़ूल हो गए,

उड़ने को पंख हैं.. हम ये भी भूल गए.

*******

डांट कर अपने बच्चों को अकेले में रोती है

वो मां है . . . . और मां ऐसी ही होती है…!!

*******

मोहब्बत की आजतक बस दो ही बातें अधूरी रही,
इक मै तुझे बता नही पायी और दूसरी तूम समझ नही पाये..

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कुछ लोग जिंदगी होते है….
मगर जिँदगी मेँ नहीँ होते…

*******

मैं जब किसी फ़क़ीर को हँसते हुवे देखता हूँ।

तो यकीन हो जाता है की….
खुशियों का तालुक दौलत से नही है..

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तुम इतना जो डूब के लिखते हो,
समझनहीं आता, फिर बचके कैसे निकलते हो !!

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मै… मै हूँ…तुम तुम हो…और दुनिया खूबसूरत है,
अब बताओ कि क्या…..किसी और की जरूरत है..!!!

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मैं रंग हु तेरे चेहरे का,
तू जितना खुश होगी मैं निखरता जाऊंगा।।

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सीख जाओ वक्त पर किसी की कदर करना…
शायद सैल्फी इस बात का प्रमाण है के हम ज़िंदगी में कितने अकेले है।

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तुझको पाना मेरा मकसद नही,,,,मै तो बस तेरे मुस्कराने की”वजह ” बनना चाहता हू….

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उफ़्फ़! कितनी बार कहा हैं, शाम ढले याद आया ना करो…

शाम की चाय ज़्यादा मिट्ठी हो जाती हैं…!!

*******

मेरी बिगडी आदतों में शुमार है आज़ भी,
तुम्हें सोचना, तुम्हें चाहना और चाहते रहना..

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निग़ाहों में अभी तक दूसरा कोई चेहरा ही नहीं आया.. !!

भरोसा ही कुछ ऐसा था,तेरे लौट आने का…!!

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है परेशानियाँ यूँ तो,बहुत सी मेरी ज़िंदगी मे,

लेकिन तेरी मोहब्बत के सिवा और कोई तंग नहीं करता..

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मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है…

मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं…!!!

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सोए हुए थे….!
सुकून से अचानक तड़प उठे,
यूँ आकर तेरे ख्याल ने अच्छा नहीं किया…!!!

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“माँ ज़िंदगी से कहो ना मुझे सताना बंद करे..,
उसे समझाओ ना हम तेरे कितने लाडले थे।।”

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अगर इश्क़ हुआ दुबारा तो भी तुझसे ही होगा…

मेरे नादान दिल को तुझ पर इतना भरोसा है…

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मैने तुम्हे उस दिन से ओर भी ज्यादा चाहा…

जिस दिन हमे पता चला की तूम हमारे होना नही चाहते !!!

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बंद कर दिए हैं हमने तो दरवाजे इश्क के,

पर कमबख़्त तेरी यादें तो दरारों से ही चली आई..!!

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“पूछा उसने मुझे कितना प्यार करते है… मैं चुप रहा यारो
क्योंकि मुझे तारो की गिनती नही आती…” .

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“मेरे सारे जज्बात बस शायरी में सिमट के रह गए,
तुझे मालूम ही नही हम तुझसे क्या क्या कह गए…!!!!!

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बदन के घाव् दिखा कर जो अपना पेट भरता है ।
सुना है, वो भिखारी जख्म भर जाने से डरता है ।

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यूँ तो हर बात सहने का जिगर है ,

बस एक तेरा नाम है जो मुझे कमजोर कर देता है ..

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शायरी उतने ही करो
कि बेरोजगार न लगो…

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मेरी शायरियों पे दाद मत देना….!!
दोस्तों।
जनाज़े को देख वाह-वाह नहीं करते…

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शु करू अधुरो तारा वीना..
पुरो ना थइ शकु तारा वीना..!

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कभी मुँह मे उसका नाम तो कभी‪ सिगरेट‬ का साथ

होंठो ‬ने हमेशा‪ चिगांरि ही पसंद की¡¡¡

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“साल भर जोह भूख छुपाता रहा लोगों से..

आज वोह फक्र से बतायेगा, मेरा रोज़ा है..!”

*******

शायर सब बड़े अच्छे लगते है..!
तुझे क्या हम अब भी बच्चे लगते है..!!

जिनको भी हम बच्चे लगते है..!
सच मानो मुझे वो बहोत कच्चे लगते है..!!

*******

तू छोड़ गयी तुझसे क्या खफा होना..!
खुदा ने ही लिखा था जुदा होना..!!

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हर बार मिली है मुझे अनजानी सी सज़ा,

मैं कैसे पूछूं तकदीर से मेरा कसूर क्या है।

*******

अचानक चौँक उठे निँद से हम . . किसी ने शरारत से कह दिया सुनो…!! वो मिलने आये है…!!

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मैं रोज़ ही रोज़े रख लूँ….!!

मगर एक शर्त हैं तुम चाँद बन जाओ…

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दर्द से हमारी अगर दोस्ती न होती,

शब्द होते मगर उनमें शायरी न होती…!!!

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अच्छा एक सिगरेटे पी के आता हूँ…
एक याद फसी है उसे धुए में उड़ा के आता हूँ..!!

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कुछ इस तरह मेरे गुनाहों को, वो धो देती हैं,,,,,
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती हैं ।
~ मुन्नवर राणा.

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बोलने का हक़ छीना जा सकता है
मगर ख़ामोशी का नही।।।

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~दोनों
बहुत दूर्लभ है
एकमुखी रूद्राक्ष
और एकमुखी इंसान !

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अजीब सौदागर हैं ये वक़्त भी।।
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया

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वादा करके कहीं आ न जाना,
सारा नशा तो इंतज़ार का है..

*******

कह गई थी वो कभी ना आऊँगी ……
रात में रोज़ आ जाती है ख्वाबों मेँ झूठी कहीँ की….

*******

अच्छा हुआ ठुकरा दीया तुने,
मुजे प्यार चाहिए था तेरा एहसान नही…

*******

शिकायत जिन्दगी से नही,

उनसे हे जो जिन्दगी में नही है…

*******

इश्क करना है तो दर्द भी सेहना सीखो,
वर्ना ऐसा करो औकात मे रहना सीखो..

*******

और एक दिन देखते देखते खर्च हो गयी जिंदगी..
फिजूलखर्ची की आदत थी बचपन से मुझे…..

*******

इतनी चाहत तो लाखो रुपये पाने की भी नही होती …
जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती हैं …

*******

जब अल्फ़ाज़ पन्नों पे शोर करने लगें,
समझ लेना सन्नाटे बढ़ गये हैं अंदर…

*******

सुना है तुम तकदीर देखने का हुनर रखते हो।
मेरा हाथ देख कर बताना कि पहले तुम आओगे या मौत.!!!

*******

ना जाने कितनी ही अनकही बातें साथ ले जाऊंगा,
लोग झूठ कहते रहेंगे कि खाली हाथ गया है !!

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छोटे बच्चे के निकले आंसू और सच्चे प्यार में निकले आंसू.
एक सामान हैं.
दोनों जानते हैं दर्द कहाँ है पर किसी को बता नहीं सकते !!

*******

हुआ था शोर पिछली रात को दो चाँद निकले हैं,

बताओ क्या ज़रूरत थी तुम्हे छत पर टहलने की,?

*******

आज तक बहुत भरोसे तुटे लेकिन भरोसे की आदत ना छुटी।।

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उगाम्या छे कदी खंजर दोस्तोंए
कदी दुश्मनोए उगारी लीधा छे

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फिर से हो रही थी मोहब्बत उन्हें मुझसे

ना खुलती आँख तो बस वो मेरे ही हो चुके थे.

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तेरी यादें…..कांच के टुकड़े…..!

और मेरा दिल ….नंगे पाँव…!!

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तुम्हे मुफ्त में जो मिल गए हम,
तुम कद्र ना करो ये तुम्हारा हक बनता है…!!

*******

दिल दुखाया करो इजाज़त है,
भूल जाने की बात मत करना ..

*******

गंगा में डुबकी लगाकर, तीर्थ किए हज़ार….

इनसे क्या होगा, अगर बदले नही विचार…

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हमने तो मोहब्बत छोड़ दी;

लेकिन मोहब्बत ने हमें कही का नहीं छोड़ा..!

*******

अच्छा हुआ जो मतलबी दोस्त छोड़ गये बुरे वक्त मे साथ मेरा,
वरना अच्छे वक्त मे मै इतनों का ख्याल कैसे रखता ???

*******

परवाह नहीं है पैरों के छालो की
परवाह है बस अपनी मंजिल पाने की

*******

सबक इस ज़िन्दगी में बस इतना ही मिला है

धोखा बस वो ही नहीं देते,

जिन्हें हम मौका नहीं देते….

*******

कल खुशीयो का दिन,
कैसे गुज़रेगा तुम बिन..!!

*******

कल का दिन मेरे लिए ख़ास है..!
क्या फायदा तू न मेरे पास है..!!

*******

काले खुशियो नी बहार छे..!
तारे ने मारे क्या वहेवार छे.!!

*******

काश कभी ऐसा हो जाए
मैं व्हाट्सएप्प करुँ भगवान को और
उसमे ब्लू टिक हो जाए…..

*******

मैं तबाह हूँ तेरे प्यार में तुझे दूसरों का ख्याल है

कुछ तो मेरे मसले पर गौर कर मेरी जिन्दगी का सवाल है

*******

ख्वाब आँखों से गये नींद रातों से गयी
तुम गये तो लगा जिन्दगी हाथों से गयी

*******

देखो तो सही उनकी चाहत में क्या नोबत आ गई

ये हवा भी अब ताना मार ने लगी की
तुम तडपते रहे गऐ और मैं तो उन्हें छु कर आ गई

*******

माना की मुझे नही आता किसी को मनाना…
.
पर दिल से कहता हूँ, तुझे कभी रुठने नही दूँगा…!!

*******

इश्क़ का सीज़न है साहब

दिल बेचने निकला हूं…

*******

दो टूटे हुए दिल मिलते है ना
तब मोह्ब्बत मैं धोखा नही होता

*******

अपनी औकात मे रहे ए वक्त……..याद रख-तेरे साथ साथ..”मै” भी बदलूंगा…।।।

*******

कभी-कभी पत्थर की ठोकर से
भी नहीं आती खरोंच..!

और कभी ज़रा सी बात से इंसान बिखर जाता है..!

*******

सारे फैसले खुदा के….
फिर गलतियाँ मेरी कैसे..!!

*******

और कुछ नहीं कहना, बस इतनी गुज़ारिश है…

तुम मुझे उतनी ही मिल जाओ,जितनी याद आती हो…

*******

प्रेमछे तारो आ केवा प्रकारनो के
पडछायो पण मारो पडे तारा आकारनो ।।।

*******

तेरा साथ खरीदने के लिए,

रोज़ थोड़ीशी जिदंगी बेच देताहु…..

*******

कई कहानिया अधूरी रह जाती है…पर

इसका मतलब ये नहीं होता की प्यार नहीं था!!

*******

कल क्या खूब इश्क़ से मैने बदला लिया..
कागज़ पर लिखा इश्क़ और उसे ज़ला दिया…

********

कुछ दोस्त कमाओ… थोड़ा प्यार खर्च करो
ज़िन्दगी में हिसाब… कुछ इस तरह से करो..

*******

निकाल दो हमारे सीने से ये कम्भख्त दिल,,,

इसी ने लगा रखा है मोहब्बत है,, मोहब्बत है…

*******

छूप छूप कर तेरी सारी तस्वीरें देखता हूँ,

बेशक तू खूबसूरत आज भी है,

*******

तारी चिंता मुजने खाई छे,
मुजने तरछोडी केम जाइ छे..!!

*******

ये कलम भी कमबख्त बहुत दिलजली है…..
जब जब भी मुझे दर्द हुआ ये खूब चली है….

*******

किस से सीखू मैं खुदा की बंदगी,
सब लोग खुदा के बँटवारे किए बैठे है,
जो लोग कहते है खुदा कण कण में है,
वही मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे लिए बैठे हैं !

*******

दर्द वहाँ भी होता है,
नहीं मिलते जहाँ चोट के निशान.

*******

“दिली तमन्ना है कि मैं भी अपनी पलकों पे बैठाऊँ तुझको,

बस तू अपना वजन कम करले, तो मेरा काम आसान हो जाए”

*******

रहने दे मुझे,
इन अंधेरों में ग़ालिब…!!!

कमबख़्त रौशनी में,
अपनो के असली चहरे नज़र आ जाते है…!!!

*******

और कुछ भी ‘दरकार’ नहीँ मुझे तुझसे ‘मौला’
मेरी ‘चादर’ मेरे ‘पैरों’ के बराबर कर दे”..!!

*******

मेरे हो..तो बस बने रहो..
जताते हो तो गैर से लगते हो..

*******

मुझसे दूर रह कर खुश है तो खुश रहने दो उसे..

मुझे अपनी चाहत से ज्यादा उसकी मुस्कुराहट पसन्द है…!

*******

दुआ हैं हमारी …….!!!!!
ज़िन्दगी में हररोज वो चहेरां मुस्कुराता मिले..

जिस चहेरे को आप रोज आइने में देखते हो……!!!!!

*******

मुझे छोड़कर वो जिस शख्स के पास गयी,

बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता।।

*******

कम्बखत दिल पर चोट खाने की आदत सी पड़ गयी है,

वरना हम भला क्यों दुश्मनों से मिलने लगे..!!

*******

प्यार एक जीवन है ,
जिसके साथ जिन्दगी बिताने बाला चाहिये !

प्यार एक हीरा है ,जिसको खोजने बाला चाहिये !

प्यार एक रिश्ता है ,
जिसको अपनाने बाला चाहिये !

प्यार एक अहसास है ,
जिसको महसूस करने बाला चाहिये !

प्यार एक दीवानगी है ,
जिसमें खो जाने बाला चाहिये !

प्यार एक खुशी है ,
जिसको बाँटने बाला चाहिये !

प्यार एक बेजुवाँ शब्द है ,
जिसको बोलने बाला चाहिये !

प्यार एक विश्वास है ,
उसमें साथ चलने बाला चाहिये !

प्यार एक गम भी है ,
जिसमें आँसुं पोछने बाला चाहिये

प्यार एक आशिकी है ,
जिसका साथ निभाने बाला चाहिये !

*******

ये सुन ‪बेवफा‬..
मे नशे मे रहु, या ना रहु..
फिऱ भी मे लङखङाकर हि चलता हुं..
क्युंकि‬..
मुझे आज भी तेरे गली कि हवा..
शऱाब जैसी लगती है..

*******

मोहब्बत भी कितना प्यारा शब्द है पूरा कहने से
पहले ही एक होठ दूसरे होठ को चुम लेते है..

*******

न चाहकर भी मेरे लब पर ये फ़िरयाद आ जाती है……..
ऐ चाँद सामने न आ कीसी की याद आ जाती हैं……!!

*******

आसानी से कोई मिल जाये तो यह किस्मत की
बात है !
सब कुछ खो कर भी जो ना मिले उसे
मोहब्बत कहते हैं ! शायद।।

*******

वो ना भी मिले तो क्या हुवा..?
इश्क है हवस नही..

*******

बस ईतनी सी उर्म के तलबदार हैहम,
ना मरेंगे तुझसे पहले ना जिऐँगे तेरे बाद’;

*******

नही बसती किसी और की सुरत अब इन आँखो मे……

काश की हमने उसे इतने गौर से ना देखा होता…….

*******

ज़िद्द मत किया करो मेरी दास्तान सुनने की..,

मैं हँस कर कहूँगा तो भी तुम रोने लगोगे…!

*******

माना की मरने वालों को …….भुला देतें है सभी,
मुझ जिंदा को भूलकर तूने…. कहावतें बदल दी”

*******

“ज़िन्दगी जीने के लिए खुदा ने दी थी,
और मैंने किसी के इंतज़ार में गुज़ार दी.

*******

एक वो है, जो देता बेहिसाब है…..
और एक हम है……
जो नाम भी जपते हैं तो गिन-गिन के..!

*******

जरुरत नही मुझे तुम्हारी तारीफ़ करने की..

में लाया ही हु तुम्हे लाखो में चुन कर..

********

देखा जाए तो अब तक कुछ तो खोया नही, फिर भी लगता है…

कुछ तो है, जो अब तक मिला ही नहीं….!!!!!

*******

जीतें है इस आस पर एक दिन तुम आओगे,

मरते इसलिए नहीं क्युँकी अकेले रह जाओगे..!!

*******

इतने मासूम सवाल कहाँ से ढूँढ लाते हो !
लगता है मोहब्बत से रिश्ता बना आये हो

*******

मेरे दोस्तों ने पूँछा कैसी दिखती है,
वो मैने हँसकर कहाँ अंदाजा लगा लो दोस्तों
वो आईना नही आईना उसे देखता है..

*******

वो बोले क्या अब भी हमारी याद आती है #

हमने भी हसकर बोला अपनी बर्बादी को कोन भूल सकता ह.!!

*******

“कामयाब होने के लिए अकेले ही आगे बढ़ना पड़ता है,
लोग तो पीछे तब आते है जब हम कामयाब होने लगते है…”

*******

“किसीके अच्छाई का इतना भी
फायदा मत उठाओ की वो बुरा
बनने के लिये मजबुर बन जाये…”
” बुरा ” हमेशा वही बनता हे,जो ” अच्छा ” बनके टूट चूका होता हे !

*******

इतनी चाहत तो लाखो रुपये पाने की भी नही होती..

जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती हैं..!!

*******

एक तेरे सिवा हम किसी और के कैसे हो सकते हैं
तुही खुद सोच तेरे जैसा कोई और है क्या…

*******

महोब्बत तो किसी एक से होती है……..

औरों से तो बस समझौते होते हैं…..

*******

लफ्जों की कमी है आजकल….
” दिल ” की मरम्मत चल रही है…!!

*******

सितारे कुछ बताते हैं
नतीजा कुछ निकलता है

बड़ी हैरत में हैं
मेरी हथेली को देखने वाले

*******

” लोग माँ बाप कि “नसीहत” तोभूल
जाते हे, पर उनकी
“वसीयत” नहीं भूलते…”

*******

चलो ये जुर्म भी कबूल है जो तेरी इजाज़त के बगैर तुझे अपना समझा…

*******

गरीबों का मज़ाक मत उड़ाओ,

क्युँकि

गरीब होने में वक्त नहीं लगता…!!

*******

आदत नशे की नही हमे,
अगर आप बन जाओ नशा,
शराबी हमसा न होगा कोई…!!

*******

मोहब्बत से भरी कोई ग़ज़ल उसे पसंद नहीं

बेवफाई के हर शेर पे वो दाद दिया करते है…

*******

ये मेरी शायरी ने भी कमाल कर दिया,

आज शायरी सुनके उसने मुझसे कहा …

मेरी जान ले लो मगर मुझे बेबफा ना कहो ।।।

*******

एक हमसफ़र की तलाश थी…
जो शिद्दत से चाहें…
आखिर कार तन्हाई ने पूरी कर ही दी..!!

*******

जो तुम मिल जाये जमाने में,
मजा नही पैसे कमाने में..!!

*******

पहले जैसा रंग नहीं है जीवन की रंगोली में,
जाने कितना ज़हर भरा है अब लोगों की बोली में!

*******

वो मुझसे दूर…खुश है;

और मै उसे खुश देखने के लिए दूर हूँ…..!!!

*******

वक्त हर वक्त को बदल देता है….

सिर्फ वक्त को थोडा वक्त दो….

*******

तुम्हारी राह में मिटटी के घर नहीं आते

इसीलिए तुम्हे हम नज़र नहीं आते..

*******

मोहब्बतो के दिनों की यही खराबी है

ये रूठ जाएँ तो लौट कर नहीं आते

*******

जो मुझको साँप कहता है उससे में इक रोज़
जाकर लिपट गया, उसे चंदन बना दिया …!!

*******

कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है
और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है..

*******

सब कहते हैं के इन्सान में रब होता है,

किससे पूछूँ, के ये इन्सान कहाँ होता है ?

*******

प्रेम नो इकरार करवामां
हु कायर छु,
ऐटले ज सनम आजे
हु शायर छु… !!!

*******

तने नही लागतु के हवे बहु थयूं,
तारा वगर नो हु, अने मारा वगर नी तू…!!

*******

जो परमात्मा को दिल देते हैं,
परमात्मा उन्हें दिल से देते हैं ।

*******

आज फिर पल खूबसूरत है,

दिल में बस तेरी ही सूरत है..

*******

रात भर तेरी दहलीज पर बैठी रहीं मेरी आंखे,
खुद नही आना था तो कोई ख्वाब ही भेज दिया होता !!

*******

ए दिल इन आँखो को तरसने दे,

आज बादल की बारी है उसे ही बरसने दे…

*******

रहने दो कि अब तुम भी मुझे पढ़ न सकोगे ;
बरसात में काग़ज़ की तरह भीग गया हूँ.

*******

सिलसिला चाहत का दोनो ही तरफ जारी था…
वो हमारी जान चाहते थे और हम जान से ज्यादा उन्हे..

*******

तेरी ख्वाहिश कर ली तो कौन सा गुनाह कर लिया..
लोग तो दुआ में पूरी कायनात मांग लिया करते है..

*******

पूछती नहीं तमने कमी कई छे…
बस एक तू ज छे मने गमी गई छे..

*******

भले तू मने छोड़ी ने वई गई..

पण तारी याद दिल मा रही गई..

*******

कमी जिंदगी नी शु रही,
गमी तू अने तू छोड़ी गयी…!!

*******

कलाई ना पकडा करो बहुत कहा है तुमसे,
बात चुडियो की नही जज्बात मचल जाते है…!!!

*******

जब वक्त आया तो वो बिक चुका था,
मुझे अमीर होने मे जरा सी देर हो गई !

*******

हर बेटी के भाग्य मे पिता होता है।
पर हर पिता के भाग्य मे बेटी नहीं होती||

*******

काश पता चल जाए उनको…

मैं भी उनका एक पता हूँ…..!!!!

*******

इतनी मनमानियाँ भी अच्छी नहीं होती___
तुम सिर्फ अपनी ही नहीं___मेरी भी हो

*******

कौन कम्बख्त मोबाईल की परवा करता है?
यहाँ तो दिल हैंग हो गया है..

*******

मैँने अपना गम आसमान को क्या सुना दिया…

शहर के लोगों ने बारीश का मजा ले लिया….

*******

एक चाहत थी तेरे साथ जीने की,
वरना मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी !!

*******

जब भी चाहा सिर्फ तुम्हे चाहा,

पर कभी तुम से कुछ नही चाहा..

*******

सोचता हूँ तो छलक उठती हैं मेरी आँखें

तेरे बारे में न सोचूँ तो अकेला हो जाऊँ..

*******

ए चिरागों ना इतराओ तुम खुद पर इतना….

तुमसे तेज़ तो हमारे दिल जला करते है…

*******

बेजान तो मैं अब भी नही
पर जिसे जान कहते है वो छोड़ गयी।

*******

सच्चाई के इस जंग मे कभी झूठे भी जीत जाते है..

समय अपना अच्छा न हो तो कभी अपने भी बिक जाते है..

*******

एक सुकून की तलाश मे जाने कितनी बेचैनियां पाल ली,
और लोग कहते है हम बडे हो गए हमने जिंदगी संभाल ली.

*******

ए वरसाद नथी वरसतो हवे क्यारेय
ज्यारे आपड़े बन्ने साथे पलळया हता.

*******

ते छांटेंथी पलळशे
अने हुं अश्रु थी पलळीश..

*******

तलब करे तो मैं अपनी आँखें भी उन्हें देदू;
मगर ये लोग मेरी आँखों के ख्वाब मांगते हैं।

*******

तैयार रहते हैं आंसू मेरी पलकों पे अक्सर,
तेरी यादों का कोई वक़्त मुक़र्रर जो नहीं है…!!

*******

तेरा मिलना लाख खुशी की बात सही
पर तुझसे मिलके ,उदास रहते हैं…

*******

जो व्यस्त थे , वो व्यस्त ही निकले..
वक्त पर फ़ालतू लोग ही काम आये..

*******

मत पूछ कैसा हूँ मैं ,

तू भूला ना पायेगी वैसा हूँ मैं…

*******

मैंने कहा प्यार अधूरा ही रहता है अक्सर

वो हँसते हुए बोला पूरा करके खत्म नहीं करना है मुझे.!!

*******

देखा करो कभी अपनी माँ की आँखों में,

ये वो आईना है जिसमें बच्चे कभी बूढ़े नहीं होते.

*******

हर पल जाती मेरी सांस है,
उसके आने की अब न आस है..!!

न किसी के आने की आस है,
न प्यार करने वाला पास है..!!

*******

सोया तो था में जिंदगी को अलविदा कह कर दोस्तों,
किसी की बे-पनाह दुआओ ने मुझे फिर से जगा दिया..

*******

“जब नफरत करते करते थक जाओगी…

तब एक मौका प्यार का भी देना!!!”

*******

कोई बनता ही नही मेरा…,
तुम अपनी ही मिसाल ले लो.!

*******

“वो इश्क़ मे शायद हमारा इम्तिहान ले रहे है ,

लेकिन उन्हे क्या मालूम वो हमारी जान ले रहे है❗❗

*******

उदास हूँ पर तुझसे नाराज नहीं…
तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं…

*******

ये बारिश भी तुम सी है
जो थम गई तो थम गई
जो बरस गई तो बरस गई
कभी आ गई यूँ बेहिसाब
कभी थम गई बन आफताब
कभी गरज गरज कर बरस गई
कभी बिन बताये यूँ ही गुज़र गई
कभी चुप सी है
कभी गुम सी है
ये बारिश भी सच…
तुम सी है…

*******

तुम्हें लिखते हुए यूँ ही लगा कि

इन्तजार से लंबा कोई शब्द नहीं.

*******

तूने मेरा “आज” देख के मुझे ठुकराया है,
हमने ताे तेरा”गुजरा कल” देख के भी मुहाेब्बत की थी..!!

*******

जिंदगी अंधे भिखारी का कटोरा हो गई है..

लोग खुशियाँ डालते कम उठाते ज्यादा है ..

*******

1. “राधे कृष्ण” का मतलब
राह दे कृष्ण
2. “राधिका कृष्ण” का मतलब
राह दिखा कृष्ण
3. “मीरा कृष्ण” का मतलब
मेरा कृष्ण
4. “हरे कृष्ण” का मतलब
हर एक का कृष्ण

*******

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी,
अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी ।

*******

ये जो चंद फुर्सत के लम्हे मिलते हैं जीने के लिए,
मैं उन्हें भी तुम्हे सोचते हुए ही खर्च कर देता हूँ!!

*******

मैं वो हूँ जो कहता था कि इश्क में क्या रखा है।
आजकल एक हीर ने मुझे राँझा बना रखा है।

*******

हम तो पागल है जो शायरी में ही दिल की बात कह देते है….
“लोग तो गीता पे हाथ रखके भी सच नहीं बोलते !!!”

*******

मेरे गालों को चूमती ये ठण्डी हवाएँ…
“सौतने” तुम्हारी भी कम नहीं है …

*******

शायरी से भरे पन्नों को छूकर देखा है कभी…
कोई दिल वहाँ भी धड़का करता है…

*******

ये मेरा टूटना और बिखरना इत्तेफाकन नहीँ है…!!
एक शख्स ने इसके लिये मेहनत बहुत की है

*******

पहले मोहब्बत पलो की और यादें बरसो रहा करती थी
अब मोहब्बत चंद दिनों की और यादें पलो की होती है

*******

कोई तो आये दो बूंद आंसू लेकर मेरे वास्ते,….
सारी यादें जैसे सूख सी गयी है इन आँखों में कही….

*******

मोहब्बत किससे और कब हो जाये अदांजा नहीं होता..!

ये वो घर है, जिसका दरवाजा नहीं होता..!

*******

मोहब्बत दस्तक दे भी तो भला कैसे दे…
गरीबों के घर में तो दरवाजे ही नहीं होते…

*******

रुक गयी है आज ये कहकर मेरी कलम..
एहसास क़ीमती हैं, ज़रा खर्च करो कम..

*******

उलझनों और कश्मकश में उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूँ …

ए जिंदगी! तेरी हर चाल के लिए मैं दो चाल लिए बैठा हूँ..

*******

ना मेरा दिल बुरा था न उसमें कोई बुराई थी,,,

सब मुक़्क़दर की खेल है बस किस्मत में जुदाई थी…

*******

शब्दों चोटदार हु वणी रह्यो छु,
दुःख लखवानु हु भणी रह्यो छु..!

*******

एक ग़ज़ल तुम्हारे लिए जरूर लिखेंगे..

बे-हिसाब उसमे तुम्हारा कसूर लिखेंगे

*******

रात की तन्हाई में तो हरकोई याद कर लेता है…

सुबह उठते ही जो याद आये, प्यार उसे कहते है!

*******

लफ़्ज़ सारे फीके से थे मेरे…
शायरी तो दरअसल, तेरी उन आँखों में थी.

*******

किसी को अपना बनाना, हुनर ही सही,
लेकिन किसी का बन के रहना कमाल होता है..

*******

कोई पूछ रहा मुझसे मेरी जिंदगी
की कीमत .
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्का सा मुस्कुराना !!

*******

कमी तेरी….
आज फिर मुझको खटक गयी,
ज़िन्दगी….
आज फिर से काश पे अटक गयी..!

*******

“बड़ा ही खामोश सा अँदाज है तुम्हारा..,

समझ नही आता फिदा हो जाऊँ या फनाह हो जाऊँ..”

*******

अब भी रोज तुम्हारे स्टेट्स पर एक नजर मार लेता हूं,,
ये सोच कर शायद तुमने मेरे बारे में भी कुछ लिखा होगा…!!!

*******

लोग चाँद तलाशते थे मेरी जेब में ।

मैं अक्सर तुम्हारी तस्वीर रखना भूल जाता था ।।

*******

आज कुछ और नहीं बस इतना सुनो..
मौसम हसीन है, लेकिन तुम जैसा नहीं..

*******

मेरी जिंदगी मै खुशियां तेरे बहाने से है

आधी तुझे सताने से है,
आधी तुझे मनाने से है…

*******

मैं लब हूँ ,
मेरी बात तुम हो ,

मैं तब हूँ ,
जब मेरे साथ तुम हो।

*******

सब समझते हैं कि मैं कुछ नहीं.,
हाँ तेरे बिना तो मैं कुछ भी नहीं.!

*******

आदत थी तू मेरी,
ख्वाहिश बनकर रह गई…

*******

तुम्हारी याद के फुलो को मुरझाने नहीं देंगे…
हमने अपनी आँखे रखी हैं उसे पानी देने के लिए..!!!

*******

उस खुशी का हिसाब कैसे हो…?
तुम जो पूछ लो “जनाब कैसे हो !!

*******

प्यार करना है तो घर से बाहर निकलो….
बंद कमरे में मोहब्बत अक्सर बदनाम हो जाती है।

*******

वक़्त बदलने के लिए बुझदिलों की फ़ौज की दरकार नहीं,

चंद हौसले वालों की अंगड़ाई काफी है….

*******

किसी ने ऑखो में धूल क्या झोंकी
पहले से बेहतर दिखने लगा….

*******

वक़्त बीतने के बाद अक़्सर ये अहसास होता है…!
कि, जो छूट गया वो लम्हा ज्यादा बेहतर था…!!

*******

फोटो को ‪Like‬ नही किया तो चलेगा लेकीन मुझे Like करके देख,
तेरी जिंदगी खुशियो से भर दुंगा..

*******

बडी मुशकिल है मौला मेरी इसको हल कर दे
या तो खवाब ना दिख़ा , या मुक़कमल कर दे ।।।

*******

आइना सिर्फ जखम दिखा सकता हे,
जखम का दर्द बया नहीं कर सकता..!!

*******

अजीब सी थी वो,

मुझे बदल कर खुद बदल गई

*******

छोटा सा सपना है मेरा,
जो रोटी में खाऊ, वो तू बनाये …

*******

“ग़मों को आबरू अपनी ख़ुशी को गम समझते हैं,
जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें बस हम समझते हैं.

*******

छोटा सा सपना है मेरा,
जो रोटी में खाऊ, वो तू बनाये …

*******

में खफा नहीं हूँ जरा उसे बता देना……….!
आता जाता रहे यहाँ इतना समझा देना !

********

जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… दोस्त,

वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!!

*******

मेरी हर शायरी में “सिर्फ तुम” होते हो
दद॔ बस इतना है कि.. सिर्फ “शायरी” मे ही क्यों होते हो…

*******

मेरे यूँ चुप रहने से नाराज ना हो जाना कभी,
दिल से चाहने वाले तो अकसर खामोश ही रहते है..

*******

हमने बरसों सीने से लगाए रक्खा ,
मगर ये दिल हमारा न हुआ…….
तुमने मुस्कुरा के इक बार क्या देखा ,
तुम्हारा हो गया….।

*******

मेरी फितरत में नहीं अपना गम बयां करना;
अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो महसूस कर तकलीफ मेरी…

*******

सोने लगा हूँ तुझे ख्वाब में देखने कि हसरत ले कर..
दुआ करना कोई जगा ना दे तेरे दीदार से पहले..

*******

हम अल्फाजो से खेलते रह गए,
और वो दिल से खेल के चली गईं ..

*******

ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे…

जिस दिन तुझे देखा, यकीन भी हो गया..!!

*******

समझ नही आती वफा करें तो किस सें करें !

मिट्टी सें बने ये लोग कागज के टुकड़ो पे बिक जाते है

*******

“झगड़ा” है क्योंकी “दर्द” है…
और “दर्द” है क्योंकी “प्यार” है….

*******

” जिनकी शायरियों में ददँ हौता हे ,
वो शायर
नही किसी बेवफा का दीवाना होता है ”

*******

तुम सो जाओ अपनी दुनिया में आराम से,
मेरा अभी इस रात से कुछ हिसाब बाकी है

*******

मुझ पर सितम ढा गयें मेरी ही गझल के शेर
पढ़ पढ़ के वो खो रहे है किसी और के खयाल में,.,!!!

*******

काश दर्द के भी पैर होते।

थक के रुक तो जाते कंही।

*******

ज़हर देता है कोई, कोई दवा देता है,

जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है…!!!

*******

हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं ,

कभी किस्मत से टूट जाते हैं , कभी लोग तोड़ जाते हैं.

*******

काश … उनको कभी फुर्सत में ये ख़याल आए…

कि कोई याद करता है उन्हें जिंदगी समझकर.

*******

दुनिया तेरी
और तू मेरा

दोस्त

चल सौदा तय हुवा…

*******

अब हाथ जोड कहते हो, बात का बखेडा ना करो

मैंनें पहले ही कहा था, मैं शायर हूँ मुझे छेडा ना करो…

*******

तुम्हारा दीदार और वो भी आंखो में आंखे डालकर,,

सुनो ये कशिश कलम से बयान करना मेरे बस की बात नही…!!

*******

गलती करने की आदत नहीं, फीर भी करता हु,
क्योकी अच्छा लगता हे तेरा प्यार से समजाना..!!

*******

हे प्रभु…..,
तेरा ऐसा भी क्या रिश्ता है,
दर्द कोई भी हो,
याद तेरी ही आती है |||

*******

काश न्यूटन के सर में पेड़ से सेब नहीं किसी का टूटा दिल गिरा होता,
तो आज फिजिक्स की हर किताब में एक चैप्टर इश्क का भी होता.

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Shayri Part 33


काश में लोट जाऊ उन बचपन की गलियों में ….
जहा ना कोई जरुरत थी ..और ना ही कोई जरुरी था …..

*******
मुझे तुम अच्छी या बुरी नहीं लगती ………….

मुझे तुम सिर्फ मेरी लगती हो ….!!!!

*******

तलाश सिर्फ सुकून की होती हैं,
नाम रिश्ते का चाहें कुछ भी हो..!!

*******

चंपा के दस फुल, चमेली की एक कली,
मुरख की सारी रात, चतुर की एक घडी!

*******

जब भी दिल उदास होता है
वजह तेरी याद बनती है

*******

अगर बात ख्वाबों कि करूं तो सिर्फ इतना ही कहुँगी …
तुमसे जुड़ा हो तो हसीन है,और अगर तुम्हारा हो तो बेहतरीन…

*******

प्यार किसी ऐसे से करो जिसकी ज़िन्दगी में दर्द हो

क्यूकी वो इंसान कभी धोखा नहीं दे सकता…..

*******

बहुत रोई होगी वो खाली कागज देखकर,
खत मेपूँछा था उसने जिंदगी कैसे बीत रही है…!!!!

*******

एक बार और उलझना हैं तुमसे…
बहुत कुछ सुलझाने के लिये…..

*******

जब मेरा दिल जोर से धड़कता है
तो ऐसा लगता हैं वो सुन रहा हैं

*******

चाहत तेरी पहचान है मेरी;
मोहब्बत तेरी शान है मेरी;
हो के जुदा तुझसे क्या रह पाउँगा;
तू तो आखिर जान है मेरी।

*******

बहुत हसरत रही है की तेरे साथ चलें हम..
बस तेरी और से ही कभी इशारा ना हुआ…

*******

ख्वाब मत बना मुझे….सच नहीं होते..
साया बना लो मुझे…साथ नहीं छोडूंगा…!!

*******

तुम मेरे पास थे,,,हो,,,और रहोगे सदा….
खुदा का शुक्र है,यादों की कोई उम्र नहीं होती….

*******

बिछड़ने वाले तेरे लिए, एक “मशवरा” है..

कभी हमारा “ख्याल” आए, तो अपना ‘ख्याल’ रखना..।।

*******

बिकने को तैयार है में और मेरी मोहब्बत

कीमत बस दो घडी प्यार चाहिए।

*******

काश कोई मिले इस तरह के फिर जुद़ा ना हो,

वो समझे मेरे मिज़ाज़ को औऱ कभी खफ़ा ना हो !!

*******

तूने जो पुकारा है तो बोल उठा हूँ ,
वरना मैं फिक्र की दहलीज पे चुपचाप खड़ा था ..

*******

दिखावा मत कर शहर में शरीफ होने का . . .

लोग खामोश तो है ,पर ना – समझ नहीं !

*******

मैं अक्सर रात में यूं ही सङक पर निकल आता हूँ ,
यह सोचकर कि

कहीं चांद को तन्हाई का अहसास न हो…!

*******

मेरा आईऩा भी अब मेरी तरह पागल है,
आईना देखने जाऊं तो नज़र तू आए..

*******

एक रोटी न दे सका कोई उस नादान को ,
लेकिन वो तस्वीर लाखों में बिक गई जिसमे वो भूका बैठा था। ”

*******

ऐ ख़ुदा एक वज़ह तुझसे भी पुछलु,
कोई हमे मिलना नहीं चाहता या
तू मिलाना नहीं चाहता..!!

*******

इस ज़िन्दगी की ज़िद तो देखो…..
उनको भुलाने के लिए भी..उनको याद करना पड़ता है…की हम उन्हें भूलना चाहते है

*******

मत सोच की
तेरा सपना क्यों पूरा नहीं होता,

हिम्मत वालो का
इरादा कभी अधुरा नहीं होता,

जिस इंसान के
कर्म अच्छे होते है,

उस के जीवन में
कभी अँधेरा नहीं होता…

*******

मुझको मालूम नहीं हुस्न की तारीफ फ़राज़,,
मेरी नज़रों में हसीन वो है जो तुझ जैसा हो!

*******

मैं तो छोटा हूँ झुका दूँगा कभी भी अपना सर

सब बड़े ये तय तो कर लें, सब से बड़ा कौन है…

*******

मैंने ब़ादशाहो को भी ,ईश्क की फ़रीयाद करते देखा है……..
….
फ़िर तु क्या? और मैं क्या?…

*******

मौहब्बत हो भी जाए तो कभी इज़हार मत करना !!
ये दुनियां सच्चे जज़्बातों की बड़ी तौहीन करती है ।

*******

खुदा ने जानबुझ के नहीं लिखा उसे मेरी किस्मत में….

के सारे जहाँ की खुशियाँ एक ही  शख्स को कैसे दे दूँ…!!!!

*******

बडी देर करदी मेरा दिल तोडने मे

न जाने कितने शायर आगे चले गये….

*******

वक्त अच्छा था तो हमारी गलती मजाक लगती थी
वक्त बुरा है तो हमारा मजाक भी गलती लगती है..

*******

सिखा न सकी ,…
जो उम्र भर तमाम किताबें मुझे ,…

करीब से कुछ चेहरे पढ़े ,…
और न जाने कितने सबक सीख लिए ,…

*******

मोहब्ब्त किसी से तब ही करना जब निभाना सिख लो
मजबूरियों का सहारा लेकर किसीको छोड़ देना वफादारी नही होती

*******

किस हक से मांगू अपने हिस्से का वक़्त आपसे..?
क्योंकी ना आप मेरे..और..ना ही वक़्त मेरा..!!

*******

इतने बुरे ना थे जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ.

तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा!!!

*******

जिंदगी की हर सुबह कुछ शर्ते ले कर आती है,
जिंदगी की हर शाम कुछ तजुर्बे दे कर जाती है !!

*******

दो गज़ जमीन मिल जाए तो सुकुनसे लेटना है अब,

बहोत कर लिया इंतजार उनका..:

*******

तुझे खो कर, पाने के लिए लिखता हूं ..
आज भी तुझे, भूल जाने के लिए लिखता हूँ ..!

*******

मिलने को तो दुनिया मे कई चेहरे मिले ,

पर तुम सी ‪‎मोहब्बत‬‬ हम खुद से भी न कर पाये..

*******

दो दशाएँ महा दुख़दायी

बिन माँ का घर
बिन घर की माँ..!!

*******

तुझे पा नहीं सकते तो सारी ज़िन्दगी तुझे प्यार करेगें…….
ये ज़रूरी तो नहीं जो मिल न सकें उसे छोड़ दिया जाये.!!!!!!

*******

” धागे बड़े कमजोर चुने थे मैंने….
उम्र गाँठ बांधने में निकल गयी “…!!

*******

आ कुछ लिख दूं तेरे बारे में..
मुझे पता है तू रोज ढूंढती हैं खुद को मेरे शब्दों मे…..

*******

जब शीशे की अलमारी में रख कर जूते बेचें जाऐं
और किताबें फुटपाथ पर बिकती हों…तो समझलो कि दुनिया को ज्ञान की नहीं जूतों की जरूरत है…!!!

*******

जिस रोज तेरे चाहने वालो को तू बेहद बुरी
लगेगी, उस दिन भी तू हमे बेहद खूबसूरत लगेगी !

*******

ऐ बारिश जरा खुलकर बरस, ये क्या तमाशा है….!!
इतनी रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती है…!!!!

*******

मेरी बहादुरी के किस्से कितने मशहूर थे इस शहर में,
पर तुझे खो जाने के डर ने मुझे कायर बना दिया…..

*******

किस्मत इक ऐसी तवायफ़ है जो हर किसी के लिये नही नाचती…!

*******

जिंदगी की शुरुआत कुछ यूँ  हूँई
तुम मिले और दुनियां खत्म हो गई..!!

*******

हर शख्स मोहब्बत के काबिल नहीँ होता,

और जो काबिल होता है वो ही हासिल नहीँ होता..

*******

मालूम सबको है जिंदगी बेहाल है ..

लोग फिर भी पूछते है क्या हाल है…

*******

ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे।
जिस दिन तुझे देखा, यकीन भी हो गया।

*******

टिकटें लेकर बैठें हैं मेरी ज़िन्दगी की कुछ लोग ….

तमाशा भी भरपूर होना चाहिए…

*******

ऐ जिन्दगी..!! जा कर ढूंढ़, कोई खो गया है मुझसे,

वो न मिला तो सुन, तुझे भी ख़ुदा हाफिज…!!

*******

में वो काम नहीं करता जिसमे खुदा मिले!
मगर में वो काम जरूर करता हु जिसमे दुआ मिले!

*******

तुम जिंदगी की वो कमी हो..
जो जिंदगी भर रहेगी..

*******

ना तोल मेरी  मोहब्बत  अपनी  दिल्लगी  से,

देखकर मेरी  चाहत  को अक्सर  तराजु  टुट जाते हैं…

*******

दौलत के तराजू में तोलों तो फ़कीर हैं हम…

दरियादिली में हम जैसा नवाब कोई नहीं……

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जिंदगी में एक दुसरे के जैसा होना ज़रूरी नही होता ……

एक दुसरे के लिए होना ज़रुरी है..!!!

*******

” तुम्हारा हर अंदाज अच्छा है ,
सिवाय नजर अंदाज करने के ”

*******

गुज़र गया आज का दिन भी पहले
की तरह,

न हमको फुर्सत मिली न उन्हें ख्याल आया..

*******

मत सोना कभी किसी के कन्धे पर सर रख कर,
जब ये बिछडते हे तो रेशम के तकिये पर भी नीँन्द नहीँ आती..

*******

वक़्त के साथ रिश्ते भी बदल जाते हैं,

शुक्रिया तुम्हारा तुमने बदल कर मुझे इस बात का यक़ीन दिला दिया..!!

*******

बना लो उसे अपना जो दिल से तुम्हे चाहता हे |

खुदा की कसम ये चाहने वाले बड़ी मुश्किल से मिलते है…

*******

मेरी दीवार पर ना जाने कितने कैलंडर हो गए बूढ़े….
तेरे आने का वादा कयामत से ज़रा कम है…।।

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“अंतर” मां जेने राखो, एनाथी “अंतर” क्यारेय न राखो..

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लोग पूछते है मेरी खुशियों का राज क्या  है . .

इजाज़त हो… तो तेरा नाम बता दूँ.,,♥♥

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आयेंगें हम याद तुम्हे इक बार फिर से !
जब अपने ही फैसलें तुम्हे सताने लगेंगे !

*******

तुम मेरी जिंदगी मे ऐसे शामिल हो..
जैसे मंदिर के दरवाजे पर बंधे हुए मन्नत के धागे….

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जो शख्स ढूंढता था कभी अपनी खुशियाँ मुझमें
उसे बड़े मनहूस से लगते हैं मेरे साये भी इन-दिनों…!!

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मेरी तन्हाई मार डालेगी दे दे कर तानें मुझको ,
एक बार आ जाओ इसे तुम खामोश कर दो…

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दिल मेरा उसने ये कहकर वापस कर दिया,

दुसरा दिजीए…ये तो टुटा हुआ है….!!.

*******

जिंदगी पण साली इयर फोन  जेवी छे,

गमे तेटली साचवो ने, गुचवाइ जाय छे।

*******

आज अजीब किस्सा देखा हमने खुदखुशी का,
एक शख्स ने ज़िन्दगी से तंग आकर महोब्बत कर ली ।

*******

सारा जहां मिलता है…!!

बस वो नहीं मिलता….!!
.
जिसमे जहां मिलता है…!!

*******

पुछो जरा पोधो से वोभी हसकर कह देंगे….

छाव बेवफा नीकली तो हमने धुप से मोहाबत करली……

*******

सबब रोने का अगर पूछे वो, तो फक़त इतना कह देना,,,
मुझे हँसना नहीं आता, जहाँ पर तुम नहीं होतेiiiii

*******

जो निखर कर बिखर जाये वो कर्तव्य है और जो बिखर कर निखर जाए वो व्यक्तित्व हैं.

*******

लेने दे मुझे तू अपने ख़्वाबों की तलाशी,
मेरी नींद चोरी हो गयी है, मुझे शक है तुझ पर !!!‪

*******

मुझे तुम अच्छे या बुरे नहीं लगते ………….
मुझे तुम सिर्फ मेरे लगते हो ….

*******

बचपन में जब चाहा हँस लेते थे, जहाँ चाहा रो सकते थे…

अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए, अश्कों को तनहाई..!!!!

*******

अबकी बार सुलह कर ले मुझसे ऐ दिल वादा करते हे,
फिर न देंगे तुझे किसी जालिम के हाथ में ।

*******

बार-बार आईने में खुद को देखकर !

क्यूँ मेरी इकलोती महोब्बत को नज़र लगाते हो

*******

मत पुछ मेरे इतनी जागने की वजह
ऐ चाँद…..
तेरा ही हमशक्ल है वो जो मुझे सोने नहीँ देता…..

*******

मैं फिर से, ठीक तेरे जैसे की तलाश में हूँ..
गलती कर रहा हू, लेकिन होशोहवास में हूँ !!

*******

नज़र को अपनी परख पे बड़ा ग़ुरूर था…
दिल में तू बस गया , दिल का क़सूर था !!

*******

करीब आओगे तो शायद हमे समझ लोगे…
ये फासले तो गलतफहमिया बढाते है..!!!

*******

मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से,
वर्ना शौक तो अब भी है बारिशों में भीगने का…

*******

रहेगा गीला “तक़दीर” से हमेशा
इस बात का हमे .!!

जिसको उम्र भर चाहा
उसी के लिए उम्र भर तरसे …!

*******

सौ बार कहा दिल से….चल भुल भी जा उसको…..

सौ बार कहा दिल ने…… तुम दिल से नही कहते..!

*******

ना चाहते हुए भी तेरे बारे में बात हो गई…

कल आईने में तेरे आशिक़ से मुलाक़ात हो गई..!!

*******

बहुत अमीर हो गया हूँ मैं यारो,
गम ,दर्द ,दुःख सब है मेरे पास!!

********

तुम किसी और से मालूम तो करके देखो,
हम किसी ओर के कितने है और तुम्हारे कितने!!!

*******

उस खुशी का…..हिसाब कैसे हो ??

तुम जो पूछ लो…कैसे हो ??

*******

जो मुँह तक उड़ रही थी, अब लिपटी है पाँव से,

बारिश क्या हुई मिट्टी की फितरत बदल गई……..

*******

जिंदगी..
कैसी गुज़र रही है, सभी पूछते हैं,

कैसे गुजारता हूँ, कोई पूछता नहीं..

*******

तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया…

ख़ुश हूँ कि कुछ न कुछ तो मेरे पास रह गया…

*******

ऐ दिल तड़पना बंद कर अब तू रातों को सोता क्यूँ नही.
वो भी किसी का हो गया तू भी किसी का होता क्यूँ नहीं!

*******

तू मेरे दिल पे हाथ रख के तो देख,
मैं तेरे हाथ पे दिल ना रख दूँ तो कहना..!!

*******

अपनी उदासियो में ढूंढ लेना मुझे….!!

ये मुस्कुराहटे तो दगाबाज़ है…..!!

*******

जिसके लफ़्ज़ों में हमे अपना अक्स मिलता है,

बड़े नसीबों से ऐसा कोई शख़्स मिलता है…

*******

पुछनें से पहले ही सुलझ जाती है कई सवालो की गुत्थियां
कुछ आँखे इतनी हाजिर…जवाब होती है

*******

ये निगाहें हैं जो तुम्हारी…
किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं…

कोई इन्हें पढ़ ले अगर इक दफ़ा…
तो शायर हो जाए…

*******

तू मुझसे दूरियाँ बढ़ाने का शौक पूरा कर …

मेरी भी जिद है तुझे हर दुआ में मागुँगा

*******

मेरा वक्त बदला है… रूतबा नहीं
तेरी किस्मत बदली है… औकात नहीं

*******

सांसे बस दिखाने के लिये लेता हूं

वरना जिंदगी तो मेरी तुम ही हो..

*******

यार सुना है इश्क से तेरी बहुत बनती है ,

एक एहसान कर,उस से मेरा कसूर तो पूछ…!

*******

सुनो चांद रिटायर होने वाला है,
तुम नौकरी के लिए अर्जी क्यों नहीं दे देती.

*******

ख़ुदा तूने तो लाखों की तकदीर संवारीहै;

मुझे दिलासा तो दे के अब मेरी बारी है.

*******

हर वक्त,हर रोज..तेरा ही खयाल..
ना जाने किस कर्ज की किश्त हो तुम..!!

*******

उदास ज़िन्दगी, उदास वक्त, उदास मौसम…

न जाने कितनी चीज़ों पे इल्ज़ाम लग जाता है एक तेरे बात न करने से….

*******

ये नज़र नज़र की बात है कि किसे क्या तलाश है;
तू हँसने को बेताब है….
मुझे तेरी मुस्कुराहटों की प्यास है….

*******

तुझे ख़्वाबों में पाकर दिल का क़रार खो ही जाता है,

मैं जितना रोकूँ ख़ुद को तुझसे प्यार हो ही जाता है..

*******

लोग चुराने लगे है status मेरे,
गुजारिश है गम भी चुरा लो !

*******

उठो तो ऐसे उठो, फक्र हो बुलंदी को भी;
झुको तो ऐसे झुको, बंदगी भी नाज़ करे

*******

देख ली न तुमने मेरे ऑसुओ की ताकत ll
कल रात मेरी ऑखे नम थी ll
आज तेरा सारा शहर भीगा हैं ll

*******

वो बचपन के दिन भी क्या खूब थे
जहाँ न दोस्त का मतलब पता था
और
न मतलब की दोस्ती….

*******

दर्द  हल्का  है
सांसे भारी है

जिए जाने की  रस्म  जारी है …

*******

हैरान हूँ तेरा इबादत में झुका सर देखकर..,
ऐसा भी क्या हुआ जो खुदा याद आ गया….

*******

अंदर से तो कब के मर चुके है हम

ए मौत तू भी आजा, लोग सबूत मांगते है..!!!!

*******

आज टूटेगा गुरूर चाँद का बस तुम देखना यारो….

आज मेने उनसे छत पर आने को कहा है ।।

*******

इश्क कहता है मुझे इक बार कर के देख,
तुझे मौत से न मिलवा दिया तो मेरा नाम बदल देना..

*******

इत्तेफाकन मिल जाते हो जब तुम राह में कभी….
यूँ लगता है करीब से ज़िन्दगी जा रही हो जैसे…..

*******

मशवरा चाहिए कि
दिल अकसर ग़मगीन रहता है

दिल बदल डालें
या…दिल में रहने वाले..

********

कहने को कुछ नहीं …आह भी चुप सी घुट रही है सीने में” !!

*******

किसी ने हमसे कहा
इश्क़ धीमा ज़हर है…

हमने मुस्कुराके कहा
हमें भी जल्दी नहीं है…

*******

किस किस तरह छुपाऊ में अब तुम्हे

मेरी मुस्कान में भी तुम नज़र आने लगे हो

*******

एक राज की बात बताये किसी को बताना नही
इस दुनिया मे अपने सिवा कुछ भी अपना नही होता

*******

जानता हूँ तुम सो गयी हो….मुझे पढ़ते हुए
मगर मैं रातभर जागूँगा…तुम्हें लिखते हुए

*******

जो मौत से ना डरता था, बच्चों से डर गया…
एक रात जब खाली हाथ मजदूर घर गया…

*******

सुबह होती नही शाम ढलती नही
न ज़ाने क्या खूबी है आप में
आप को याद किए बिना खुशी मिलती नही

*******

क्यू करते हो, मुझसे इतनी खामोश मोहब्बत,
लोग समझते हैं, इस बदनसीब का कोई नही..!!

*******

बस ये ना कहना की तुम मेरी नही हो,
बाकि हर बात तुम्हारी मंजुर है मुझको..

*******

आज मुस्कुराने की हिम्मत नहीं मुझ में..

आज टूट कर मुझे तेरी याद आ रही है..

*******

उसकों रब से इतनी बार मागा हें
की अब हम सिर्फ हाथ उठाते हें तो
सवाल फ़रिश्ते खुद ही लिख लेते हें

*******

लगता है मेरी नींद का किसी पराये के साथ चक्कर चल रहा है

सारी सारी रात गायब रहती है.. ।।

*******

झूठी तसल्लियों के सिवा कुछ ना दे सका,

वो क़िस्मत का देवता भी शायद ग़रीब था…

*******

बहुत खामियां निकालने लगे हो आजकल मुझमें,
आओ एक मुलाकात आइने से जरा तुम भी कर लो…!

*******

आँख खुली तो जाग उठी हसरतें तमाम,

उसको भी खो दिया जिसको पाया था ख्वाव में।

*******

किसी को नींद आती है मगर ख्वाबों से नफरत है,

किसी को ख्वाब प्यारे हैं मगर वो  सो नहीं पाता  !!

*******

बहुत सोचा, बहुत समझा, बहुत ही देर तक परखा;

तन्हा हो के जी लेना मोहब्बत से बेहतर है।”

*******

डर मुझे भी लगा फांसला देख कर,
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर.

खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई,
मेरी मंज़िल मेरा हौंसला देख कर…..!!

*******

सोने जा रहा हूँ तुझे ख्वाब में देखने कि हसरत ले कर,
दुआ करना कोई जगा ना दे मुजे तेरे दीदार से पहले !

*******

मैं आँधियों से क्यों डरूँ जब मेरे अंदर ही तूफ़ान है;
मैं मंदिर मस्जिद क्यों जाऊं जब मेरे अंदर ही भगवान है।

*******

छुपा लो मुजे अपनी साँसों के दरमियाँ ,

कोई पुछे तो कह देना , ” जिंन्दगी है मेरी “..!!

*******

उसने मुझे जी भर के चाहा होगा ।।

तभी उसका जी भर गया ।।

*******

ये जो तुम हालचाल पूछते हो

बड़ा मुश्किल सवाल पूछते हो:|

*******

मैं रूठा फिर वो रूठी…

यारो एक कहानी ऐसे टूटी…

*******

मैं अपनी मुहब्बत का शिकवा तुमसे कैसे कँरु..
मुहब्बत तो हमने की हैं तुम तो बेकसूर हो..

*******

सोच रहा हूँ ख़त लिखने की, लेकिन क्या पैग़ाम लिखूँ..
तुझ बिनकाटी रात लिखूँ..
या साथ गुज़ारी शाम लिखूँ…

*******

माना कि वक्त के साथ हर चीज पुरानी हो जाती है,
एक तेरी यादें हैं कि हर रोज नई होकर आती है…!!!

*******

जब वो मुहँ मे क्लिप दबा कर,अपने खुले बालो को समेटती हे ।

खुदा कसम ज़िन्दगी रुक सी जाती हे।

********

मेरे दोस्तों ने पूँछा कैसी दिखती है वो ।।।

मैने हँसकर कहाँ  अंदाजा लगा लो दोस्तों
वो आईना नही आईना उसे देखता है ।।

*******

” जो दुःख दे उसे बेशक छोड़ दो, मगर….
जिसे छोड़ दो उसे कभी भी दुःख न दो !!”

*******

हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की, और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की,

शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है, क्या ज़रूरत थी, तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की !!

*******

ये सोचकर गरीब ने रोजा नही रखा,

शाम को क्या खाकर आजाद होंगे?

*******

हर इक शख्स यहां शिव है
सब के गले मे भात भात के विष है….!!

*******

आता है रमजान तूम्हारी यादो का

मेरी आंखें निदं के रोजे रख लेती है …

********

कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना,
मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी…

*******

बड़ी बरकत है तेरे इश्क़ में…

जब से हुआ है,
कोई दूसरा दर्द ही नहीं होता।

*******

हमारी खूबियाँ देखकर तो हमसे कोई भी प्यार कर ले,,
सच्चा हमदर्द तो वही है जो हमारी खामियाँ जानते हुए भी हमारा साथ दे ।

*******

एक वो ही तो है ज़िन्दगी में मेरी
वरना अज़नबियों से घिरा रहता हूँ मैं …!!

*******

उलझनें क्या बताऊं ज़िंदगी की…..
उसी के गले लगकर उसी की शिकायत करनी है….

*******

सुनो… यूँ “चुप” से न रहा करो,

यूँ “खामोश” से जो हो जाते हो,

तो दिल को “वहम” सा हो जाता है,

कहीं “खफा” तो नही हो..??
कहीं “उदास” तो नही हो…??

तुम “बोलते” अच्छे लगते हो

तुम “लड़ते” अच्छे लगते हो

कभी “शरारत” से, कभी “गुस्से” से,

तुम “हँसते” अच्छे लगते हो,

सुनो… यूँ “चुप” से ना रहा करो।….

*******

कभी फुर्सत में बैठकर सोचना तुम,
एक ‘लापरवाह लड़का’ क्यों तेरी परवाह करता
था?

*******

एक सफ़र हमने ज़िंदगी का ऐसा भी किया

पांव की जगह दिल को ही दुखा दिया….

*******

“हो जा मेरी कि इतनी मोहब्बत दूंगा तूझे,,,,,
लोग हसरत करेंगे, तेरे
जैसा नसीब पाने के लिए”

*******

एक तो सुकुन और एक तुम..

कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही….?

*******

वो कहानी थी, चलती
रही,
मै किस्सा था, खत्म हुआ..!!

*******

पसीना पोंछने की भी जिन्हें मोहलत नहीं मिलती ,,
उन्ही के पेट को रोटी और सरों को छत नहीं मिलती…!!

*******

अमीर के घर का कौआ
सबको मोर लगता है,
गरीब जब भूखा होता है,
तो सबको चोर लगता है…!

*******

लिखते है सदा उन्ही के लिए,
जिन्होने हमे कभी पढा नही…!!

*******

क्या कहूँ कितना मुश्किल है…!!!
अपनों में से …….अपनों को ढूँढना…!!

*******

हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना,

पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ……!!!!

*******

हर चीज़ ले लेते हैं वो दिल पर…
बस हमें छोड़ कर…!!

*******

“मेरी लिखी किताब, मेरे ही हाथो मे देकर वो कहने लगी,

इसे पढा करो, मोहब्बत सीख जाओगे…!

*******

तेरी आँखों के लिये बस इतनी सज़ा ही काफी है,
तू आज रात ख्वाबों में मुझे रोते हुए देखे !

*******

होठों से लगाकर पी जाऊ तुम्हे.,.,
सर से पाँव तक शराब जैसी हो तुम.,.,.,!!!

*******

ऐ दिल तू यूं हंसने का नाटक ना कर
.
उसे तो तेरा रोना भी नाटक लगता है…

*******

सोचा कैद ही कर लूँ,  उसे मेरे दिल में।

फिर सोचा,  कैद में खुश कौन रहता है।

*******

खुदा जाने कौन सा गुनाह कर बैठे हैं हम,,,

कि तमन्नाओं  वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं..

*******

उसने हाथो पर टेडी मेडी लकीर क्या खीच दी,

हर कोई मुझे मेरा मुकद्दर समझाने आ गया…

*******

किसी गरीब की झोली मे सिक्का डाल कर देखो।

तब पता चलेगा महंगाई के इस दौर मे दुआऐं कितनी सस्ती हैं।

*******

उसके हाथ मेँ थे, मेरे खत के हज़ार टुकङे….!!

मेरे एक सवाल का वो कितने जवाब लाई थी….!!

*******

ऐसा लगता है कुछ होने जा रहा है , कोई मीठे सपनों में खोने जा रहा है,

धीमी कर दे तेरी रौशनी ऐ चाँद , मेरा कोई अपना सोने जा रहा है .

*******

ऐसा करो ‘बिछड़ना है तो रूह से निकल जाओ’
रही बात दिल की ….उसे हम देख लेंगे…!!!

*******

मौत की हिम्मत कहां थी मुझसे टकराने की

कमबख्त ने मोहब्बत को मेरी सुपारी दे डाली…

*******

हर जगह जाए सब एक ही सवाल करते हे कोन हे वो इतनी खुश नसीब जो हर शायरी में सिर्फ उसका ही जिक्र होता है………

*******

काश  मोहब्बत भी मौत की तरह होती ,
सबको एक बार मिलती तो सही …..

*******

ऎक पुत्र ने दो खूबसुरत पंक्तियां लिखी की
पिता की मौजदगी सूरज की तरह होती है,
सूरज गरम जरुर होता है अगर न हो तो अँधेरा छा जाता है|

*******

रिश्ते मौके के नहीं,

भरोसे के मोहताज होते है..

*******

लोग तो खुद के लिए अपना प्यार बदल देते हैं पर मैं अपने प्यार के लिए खुद को बदल दूंगा ।

*******

इंतज़ार करना बंद करो. क्योंकि सही समय कभी नहीं आता..

*******

मेरी जिन्दगी का सबसे ‘हसीन’ पल भी तुम हो और ‘गमगीन’ पल भी तुम हो.
.
क्युंकि.
.
तुम्हे ‘चाह’ तो सकता हूं पर ‘पा’ नहीं सकता..❕

*******

हजार लोग, हजार बाते..
सवाल एक.. जवाब “तुम”..

*******

ज़िन्दगी बदलने के लिए लड़ना पड़ता है और आसान करने के लिए समझना पड़ता है….!!

*******

तू अपनी चेहरे की सिलवटों की परवाह न कर!!
हम अपनी शायरी में लिखेंगे हमेशा जवां तुझको…!!

*******

लेने दे मुझे, तू अपने ख़्वाबों की तलाशी..
मेरी नींद चोरी हो गयी है, मुझे शक है तुझ पर…!!

*******

सच्चे दोस्त हमे कभी गिरने नहीं देते,
ना किसी कि नजरों मे
ना किसी के कदमों मे.!!

*******

मत पूछो यारो ये इश्क कैसा होता है …..

बस जो रुलाता है ना…….
उसे ही गले लगाकर रोने को जी चाहता है……

*******

मुझे कुछ भी नहीं कहना बस इतनी गुजारिश है….
बस उतनी बार मिल जाओ तुम जितना याद आते हो…

*******

धड़कने दिलो की कभी बंद नहीं होगी।
बस तुम इस दिल से निकलकर कही मत जाना…

*******

सूना है आज वो छत पर सोने जा रही है,
खुदा खैर कर उन सितारो की….कही उसे चाँद समझ कर जमीं पर ना उतर आये।

*******

मैं अपनी मुहब्बत का शिकवा तुमसे कैसे कँरु,

मुहब्बत तो हमने की हैं तुम तो बेकसूर हो….

*******

सारा जहाँ और सारी दुनियाँ घूम कर आना,

तुम्हें अपने सिवा कोई अपना मिले तो मुझे बताना…..

*******

यू खाली पलकें झुका देने से नींद नहीं आती,

सोते वही लोग है, जिनके पास किसी की याद नहीं होती….

*******

आ लिख दूँ कुछ तेरे बारे में, मुझे पता है कि…

तूम रोज़ ढूँढ़ती हो खुद को मेरे अल्फाज़ों में…….

*******

ज़िन्दगी इतनी भी मज़बूर नहीं ए दोस्त।
ज़िगर से जियो तो मौत भी जीने की अदा बन जाती है॥

*******

बिक जाएँ बाज़ार में हम भी लेकिन उससे क्या होगा..

जिस कीमत पर तुम मिलते हो
.
उतने कहाँ है दाम अपने..………

*******

खुदकी….photo…निकालनेमें.. जरा-सा ..भी ..वक्त नही लगता.. पर..खुदकी…image ..बनानेमें… बहोत समय लग जाता है..

*******

मोहब्बत जीत जाएगी अगर तुम मान जाओ तो..

मेरे दिल मैं तुम ही तुम हो अगर तुम जान जाओ तो..

*******

याद किया करो जनाब…
वरना याद किया करोगे…

*******

बस यही सोच कर हर तपिश में जलते आये हैं,
धूप कितनी भी तेज़ हो समंदर सुखा नहीं करते..!

*******

मैं आईना हूँ टूटना मेरी फितरत है, इसलिए पत्थरों से मुझे कोई गिला नहीं।

*******

रास्ते इतनी दूर हमें ले आये हैं.!
भूल गए क्यों निकले थे अपने घर से.

*******

कभी जिन्दगी का ये हुनर भी आजमाना चाहिए,
जब अपनों से जंग हो, तो हार जाना चाहिए….

*******

लोट आया हु फिर से इस महफिल मै अंदाज वही बस अल्फाज नये है||||

*******

अजीब दस्तूर है इस मोहब्बत का…

जिन्हें मिली उन्हें क़दर नही……
हमें क़दर थी हमें मिली नही…

*******

कुंडली में “शनि” दिमाग में “मनी” और जीवन में “दुश्मनी” तीनो हानिकारक होते हे !!

*******

अपनी कमजोरी को कभी दुनिया के सामने मत लाओ,
लोग कटी पतंग को बडी जमकर लूटते हैं…

*******

गुमान न कर अपनी खुश नसीबी का,
खुदा ने चाहा तो इश्क़ तुजे भी होगा !

*******

काश आंसुओं के साथ यादे भीं बह सकती,
तो एक दिन तस्सल्ली से बैठ कर रो लेते …

*******

सोचता हूँ टूटा ही रहने दूँ इस दिल को..

शायरी भी हो जाती है और जीत भी लेता हूँ कई दिलों को..!

*******

यही हुआ कि हवाएँ ले गयी उड़ा के मुझे,
तुझको क्या मिला ख़ाक में मिला के मुझे…!

*******

मेरा एक हाथ पूरी दुनिया से लडने के लीये काफी है..
एकबार तू दूसरा थामकर तो देख…

*******

जिंदगी में जादू बहुत देखे,

पर विश्वास बीमार होने पर ‪‎माँ‬ के नजर उतारने वाले जादु पर सबसे ज्यादा हुआ..

*******

” हम मेहमान नहीं…रौनक-ऐ-महफ़िल हैं,
मुद्दतों याद रखोगे के जिंदगी में कोई आया था.!!

*******

इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे,…
इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे..

*******

अभी शीशा हूँ सबकी आँखों में चुभता हूँ,
जब आईना बनूँगा सारा जहाँ देखेगा..

*******

बहोत रोका इस दिल को__! लेकिन, कहाँ तक रोकता__!!
मोहब्बत बढ़ती ही गई__तेरे नखरों
की तरह__!!

*******

वो कीस्सा तेरी अदा का मुजसे भुलाया ना गया,
मेरे ही दील में महेफिल ! और मुजे ही बुलाया ना गया…!!!

*******

आँख बंद करके चलाना खंजर मुझ पे,
कही मैं मुस्कुराया तो तुम पहले मर जाओगे….!!

*******

अजीब लोगों का बसेरा है तेरे शहर में,

ग़ुरूर में मिट जाते हैं मगर याद नहीं करते..!

*******

हमने भी मुआवज़े की अर्जी डाली है साहिब..!!
उनकी यादों की बारिश ने खूब तबाह किया है भीतर तक ..!!

*******

बीवी भी हक़ जताती है, माँ भी।
शादी क्या हुई हम तो कश्मीर हो गए।

*******

सभी को छोड़ के खुद पर भरोसा कर लिया मैंने,
वो मैं, जो मुझमें मरने को था, जिन्दा कर लिया मैंने !

*******

मेरी तमन्ना न थी तेरे बगैर रहने की ….
लेकिन
मज़बूर को ,मज़बूर की ,मजबूरिया.. मज़बूर कर देती है ..!!!!

*******

कुछ चीजें होती है इतनी बे मतलब

जैसे… तेरे बिना……… ये सुबह..!!

*******

नाजाने कहा गुजरता है अब वक्त उनका,

जिनके लिये कभी हम वक्त से भी ज्यादा कीमती थे…

*******

ज्यादा कुछ नहीं बदला उनके और मेरे बीच में….!!
पहले नफरत नहीं थी अब मोहब्बत नहीं हैं….!!

*******

रिश्ते हमेशा “हम” ही होते हैं,

“मैं” कभी रिश्तों में नहीं आता..!

*******

हर एक फिक्र मेरी जहाँ से हट जाती है,

हँस कर बेटी मेरी जब मुझसे लिपट जाती है ।

*******

सहमी सी बची हुई तनख्वाह …
रोज़ पूछती है , आज तारीख क्या है … ?

*******

मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो,
मेरी तरह तुम भी झूठे हो…..

*******

तज़ुर्बा मेरा लिखने का बस इतना सा है !!
मैं सुनता हूँ वाह वाह अपनी ही तबाही पर..

*******

तुम जैसा मुझे कौन,कब,कहाँ और कैसे मिलेगा सोचो बताओ…..वरना मेरे हो जाओ….

*******

लड़कियों को खुश करने में दस ड्रामे होते हैं,
लड़कों का क्या, लड़की देखते ही खुश हो जाते हैं..

*******

“दरवाज़े बड़े करवा लिए हैं अब हमने भी अपने आशियाने के…

क्योंकि कुछ दोस्तों का कद बड़ा हो गया है चार पैसे कमाकर..!!”

*******

बहुत कुछ लिखने को मन करता है,
पर डरते है कही हमारा यार खफा ना हो जाये..

*******

इज़ाज़त हो तो मांग लूँ तुम्हें…
सुना हैं तक़दीर लिखी जा रही हैं…

*******

रूठा हूँ मैं, मुझको आकर मनाओ,

निगाहों का तेरी, हुनर देखना है..!

*******

मरहम नहीं तो.. हमारे ज़ख़्मों पर, नमक ही लगा दो,

हम तो.. तेरे छू लेने से ही,ठीक हो जायेंगे…

*******

तू मुझमेँ पहले भी थी तू मुझमें अब भी है,
पहले मेरे लफ़्ज़ों में थी..अब मेरी खामोशियों में है…!!

*******

जिस घाव से खून नहीं निकलता,समज लेना
वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है…

*******

यही बहोत है कि बैठे है सर झुकाये हुए,
मुझे उजाड़ करके वो शख्स शर्म सार तो है।

*******

गलती एक बार होती है ………
जो दोहरायी जाय …………
वो गलती नहीं “मरज़ी” होती है ……!!!

*******

इतना शौक मत रखो इन इश्क की गलियों में जाने का..
क़सम से रास्ता जाने का है आने का नही..!!

*******

झूठ बोलते है वो जो कहते हैं “हम सब मिट्टी से बने हैं,
मैं एक शख़्स से वाक़िफ़ हूँ जो पत्थर
का बना है..!

*******

एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम
और
आज कई बार
बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है…

*******

मुझ से हर बार नज़रें चुरा लेती है वो ,
मैंने कागज़ पर भी बना के
देखी हैं आँखें उसकी”

*******

साथ भी जिया जा सकता था,पर नही , यादों का लिबास ओढे …तुम वहां मुस्कुराते रहे …और हम यहां ।

*******

अगर रुक जाए मेरी धड़कन तो मौत न समझना…..
कई बार ऐसा हुआ है तुझे याद करते करते …!!

*******

मीठी यादो के साथ गिर रहा था …
पता नहीं क्यों.. फिर भी मेरा वह आंसू खारा था !

*******

मंजिल का नाराज होना भी जायज था…,
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे…!

*******

ना प्यार करती ना इकरार करती हो,
तो फ़िर क्यू मेरे सपने में आकर वार-वार परेशान करती हों.

*******

सजा देनी तो मुझे भी आती है..पर..तुम तकलीफ से गुजरो
ये मुझे गवारा नहीं,,,…

*******

” तुम्हारा हर अंदाज अच्छा है ,
सिवाय नजर अंदाज करने के ”

*******

आदत नहीं हमे पीठ-पीछे वार करने की दो शब्द कम बोलते हैं ,पर सामने बोलते हैं…….

*******

राज़ ज़ाहिर ना होने दो, तो एक बात कहूँ,,

.

.

.

मैं धीरे- धीरे तेरे बिन मर जाऊँगा…!!

*******

ज़िंदगी मे यू तुम खास ना होते तो,
आज तुम्हारे बिना हम युं उदास ना होते….

*******

आशिक था एक मेरे अंदर, कुछ साल पहले गुज़र गया..!!

अब कोई शायर सा है, अजीब अजीब सी बातें करता है,…

*******

मुझे जिंदगी का तजूर्बा तो नहीं पर इतना मालूम है,

छोटा इंसान बडे मौके पर काम आ सकता है।

*******

समझ नही आता वफा करें तो भी किससे करे,
मिट्टी सें बने लोग यहाँ कागज के टुकड़ो पे बिक जाते है !

*******

तुमने भी हमें बस एक दिए की तरह समझा था,
रात गहरी हुई तो जला दिया सुबह हुई तो बुझा दिया !!

*******

सुनो!! तुम एक बार पुछ लो कि ‘कैसा हुँ’….
घर मेँ पङी सारी दवाईयाँ ना फेँक दुँ तो कहना. ‌

*******

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है,
आखरी सास तक तेरा इंतजार करू !

*******

बचपन भी कमाल का था।
खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर,
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी।

*******

तुम्हें देखकर किसी को भी यकीन नही…
कि मेरे दिल का ये हाल तुमने ही किया है…

*******

शुबह हुई कि छेडने लगा है सूरज मुझको ।
कहता है बडा नाज़ था अपने चाँद पर अब बोलो ।।

*******

बस इतना सा असर होगा~हमारी यादों का
कि कभी कभी तुम~बिना बात मुसकुराओगे।

*******

सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब…
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर…

*******

ना मेरा दिल बुरा था ना उसमे कोई बुराई थी;
सब मुक़द्दर का खेल है बस किस्मत में जुदाई थी.

*******

जो बुझ गए वो दिए थे,
हमारे अंदर की आग नहीं…!!

*******

कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ.

माँ कहती है, घर की जिम्मेदारी है तुझ पर .

*******

हम तेरे लिये ही अपने मुकदर से रोज लडते रहे,
पर क्या करे तू ही थी जिसे मेरी जीत मंजूर नही थी…

*******

किसी की आदत देखनी हो तो
उसे इज्जत दो..

किसी की फितरत देखनी हो तो
उसे आजादी दो..

किसी की नीयत देखनी हो तो
उसे कर्ज दो..

किसी के गुण देखने हो तो
उस के साथ खाना खाओ..

किसी का सब्र देखना हो तो
उसे हिदायत दे कर देख लो..

किसी की अच्छाई देखनी हो तो
उस से मशवरा ले लो..!!!

*******

बे-बस कर दिया तू ने..!!!

अपने बस में करके ..!!!!

*******

हम नींद के शौक़ीन ज्यादा तो नहीं लेकिन,
तेरे ख्वाब न देखूं तो गुज़ारा नहीं होता…

*******

हर बार मुकद्दर को कुसुरवार कहना अच्छी बात नही,
कभी कभी हम उन्हें भी मांग लेते है जो किसी और के होते है…!

*******

ये उड़ती ज़ुल्फें, ये बिखरी मुस्कान।
एक अदा से संभलूँ, ,

तो दूसरी होश उड़ा देती है।,,,,

*******

कमाल का हुनर है उनके ..के पास…
वफ़ा निभाई नहीं गयी फिर भी शायरी में उन्ही का जिक्र होता है…

*******

क्या खूब ही होता अगर दुख रेत के होते,

मुठ्ठी से गिरा देते, पैरो से उडा देते!!!!

*******

कौन कहता है के वो मुझसे बिछड़कर खुश है,

उसके सामने मेरा नाम तो लेकर देखो.

*******

अगर इश्क़ हुआ दुबारा तो भी तुझसे
ही होगा….
मेरे नादान दिल को तुझ पर इतना
भरोसा है..!!

*******

“मैंने तो हमेशा ही तुझसे महोब्बत की है,
तेरे ना मानने से हकीक़त नहीं बदलेगी…!”

*******

आदत बना ली मैंने खुद को तकलीफ देने की , ताकि
जब कोई अपना तकलीफ दे तो ज्यादा तकलीफ ना हो !!

*******

“इंसान” एक दुकान है, और “जुबान”उसका ताला…!!
जब ताला खुलता है, तभी मालुम पड़ता है…
कि दूकान ‘सोने’ कि है, या ‘कोयले’ की…!!

*******

आंसू की बुँदे हैं या आँखों में नमी हैं !
न ऊपर आसमान हैं न निचे जमीन हैं !!
ये कैसा मोड़ हैं जिंदगी का…..
आपकी ही जरुरत हैं और आपकी ही कमी हैं…!

*******

अभी शीशा हूँ, सबकी आँखों में चुभता हूं,
जब आईना बनूँगा, सारा जहाँ देखेगा…!!

*******

तुम मेरी ज़िंदगी में शामिल हो ऐसे,

मंदिर के दरवाज़े पर मन्नत के धागे हों जैसे!

*******

एक सिगरेट की तरह मिली थी तू हमे ‘
कस एक पल का लगाया था और लत ‘ जिंदगी ‘
भर की लग गयी

*******

मैंने उसे बोला ये आसमान कितना बड़ा है ना
पगली ने गले लगाया और बोली इससे बड़ा तो नहीं है ना….

*******

टूट रहे हैं दिल हर जगह..
न जाने इश्क़ कहाँ है?

*******

लिख दे मेरा अगला जन्म उसके नाम पर ऐ खुदा,

इस जन्म में ईश्क थोडा कम पड गया है…!!!

*******

रोज़ जले फ़िर भी ना ख़ाक हुए,..

अजीब है ये इश्क़ बुझ कर भी ना राख हुए…

*******

दिखावे की मोहब्बत तो जमाने को हैं हमसे ,,,,,

पर ये दिल तो वहाँ बिकेगा जहाँ ज़ज्बातो की कदर होगी !!

*******

चाहे कितनी भी तकलीफ दे इश्क़……!

पर सुकून भी इश्क़ से ही होता है…..

*******

मिलावट है तेरे इश्क में कुछ “इत्र” और “शराब” की………

तभी तो कुछ महकता हूँ मै, कुछ बहकता हूँ मै…..!

*******

ना रोक कलम, मुझे दर्द लिखने दे,…

आज तो दर्द रोयेगा, या फिर,दर्द देने वाला….

*******

तुम नफरतो के धरने पर कयामत तक बैठो

मै अपने प्यार से इस्तीफा कभी नही दूंगा.!!!

*******

अश्क़ भी अब आते नहीं आँखों से..

वो कंधा ही न रहा जिसकी इन्हें आदत थी…

*******

याद आते हैं तो रूला देते हैं
अच्छे
लोगों की यही बात बुरी होती है!!!

*******

मुझे कुछ अफ़सोस नहीं के मेरे पास सब कुछ होना चाहिए था।
मै उस वक़्त भी मुस्कुराता था जब मुझे रोना चाहिए था।.

*******

शायरी से ज्यादा शुकुन मुझे कहीं नही मिला..
ये सिर्फ वही बोलती है, जो मेरा दिल कहता है..

*******

कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने,

मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये…!!!

*******

सुना है देर रात तक जागते हो आप लोग,
यादो के मारे हो या मेरी तरह इश्क मे हारे हो ??

*******

चांद को हमने कभी ग़ौर से देखा ही नहीं
उससे कहिये के कभी दिन के उजाले में मिले

*******

दोस्तों बडी अजीब है ये मोहब्बत वरना;
अभी मेरीउम्र ही क्या है जो शायरी करनी पड़ी..

*******

ये बात पता करने में तो
गुगल भी नाकाम रहा है ।
कि कहां रहते हैं वो लोग,
जो कहीं के नहि रहते ।।

*******

आज सुबह का सूरज बिलकुल आप जैसा निकला है ,
वही खूबसूरती ,
वही नूर ,
वही गुरूर ,
वही सुरूर ,
और वही आपकी तरह हमसे बहुत दूर .

*******

कहने लगी है अब तो, मेरी तन्हाई भी मुझसे…
मुझसे ही कर लो मोहब्बत, मैं तो बेवफा भी नही…

*******

धड़कनें गूँजती है सीने में,

इतने सुनसान हो गए हैं हम..

*******

मुझे मेरे मॉ-बाप ने एक ही बात सिखाई है….
बेटा कोई हाथ से छीन के लेकर जा सकता है पर नसीब से नही ..

*******

आंखे भी संभाल कर बंद करना ऐ दोस्तो,
पलको के बीच भी, सपने टूट जाया करते है…!

*******

परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो,
चलूँगा उसी राह पर जो सीधी और साफ हो…!

*******

आपकी कीमत तब तक है..!
जब तक आपके पास ऐसा कुछ है..!
जो पैसों से ना खरीदा जा सके..!!

*******

थक गया हूँ, दिल का सुकून ढूँढ़ते ढूंढते,
बस खत्म कर अब ये खेल जिन्दगी..

*******

रंग तेरी यादो का ना उतरा अब तक,
लाख बार खुद को आँसुओ से धोया हमने…

*******

तेरे बाद हमने दिल का दरवाजा खोला ही नही..

वरना बहुत से चाँद आए इस घर को सजाने के लिए..

*******

सपनों में भी मुठ्ठी बंद रखता हूँ…!

कहीं तेरा हाथ न छूटे हाथों से….!!

*******

ऐ मेरे दिल से खेलने वाले याद रख..

खेल के भी कुछ उसूल हुआ करते हैं..

*******

“क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में. दोस्तों.

वो लोग ही बिछड़ गए. ‘जो जिंदगी हुआ करते थे !!

*******

दोस्तों में छिपे होंगे वो भेड़िये पहचानें कैसे..
अपने हैं जो उनपर शक करें भी तो कैसे..

*******

लाश पता नही किस बदकिस्मत की थी,मगर

क़ातिल के पैरो के निशान बड़े हसीन थे !!!

*******

सबक तो तूने बहुत सिखाये
ए जिंदगी

मगर शुक्रिया तेरा
किसी का दिल तोड़ना नही सिखाया…

*******

ना जाने कितनी अनकही बातें साथ ले गया वो,
और लोग झूठ बोलते रहे कि…खाली हाथ गया है ।

*******

आ भी जाओ कि जिंदगी कम है

तुम नहीं हो तो हर खुशी कम है …

*******

तुम हो मेरे प्यार की भाषा,
हररोज लिखिता हु मे तुम्हें जरा जरासा.

*******

“शाम खाली है जाम खाली है,ज़िन्दगी यूँ गुज़रने वाली है,

सब लूट लिया तुमने जानेजाँ मेरा,मैने तन्हाई मगर बचा ली है”

*******

दिल तो दोनों का टूटा हैं ..

वरना चाँद में दाग और सूरज में आग ना होती…

*******

दिल में रहने की इजाजत नहीं मांगी जाती….

ये तो वो जगह है जहाँ कब्ज़ा किया जाता है…..!!!!!

*******

जिन्दगी की दौड़ में..तजुर्बा कच्चा ही रह गया..

हम सिख न पाये ‘फरेब’ और दिल बच्चा ही रह गया..

*******

मरने के नाम से जो रखते थे होठों पे उंगलियां..
अफसोस वही लोग मेरे दिल के कातिल निकले..

*******

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Shayri Part 32


यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर ,
तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये..

*******

इतना भी हमसे नाराज़ मत हुआ करो,
बदकिस्मत ज़रूर हैं हम मगर बेवफा नहीं।

*******

तुम पुछो और मैं ना बताऊँ, अभी ऐसे हालात नहीं……
बस एक छोटा सा दिल टुटा है,और कोई बात नहीं ……….!!

*******

तुम आए थे, पता लगा…सुन कर, अच्छा भी लगा…पर गेरों से पता चला,बेहद बुरा लगा….!!

*******

सीख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर के रिवाज,

जिससे मतलब निकल जाए उसे जिंदगी से निकाल देना…

*******

कभी जिन्दगी का ये हुनर भी आजमाना चाहिए,
जब अपनों से जंग हो, तो हार जाना चाहिए

*******

“यकीनन” मुझे आज भी इश्क है तुमसे।
बस अब बयाँ करने की आदत नही रही।

*******

हमारा दिल बहुत ज़ख़्मी है लेकिन…!
मुहब्बत सर उठा के जी रही है…!!

*******

कहीं पर भी होती अगर एक मंज़िल,
तो गर्दिश में कोई सितारा न होता !
ये सारे का सारा जहां अपना होता,
अगर यह हमारा तुम्हारा न होता..!

*******

झूझती रही ..
बिखरती रही …
टूटती रही …
कुछ इस तरह ज़िन्दगी …… निखरती रही !

*******

कभी आवाज में कशिश थी कभी नजरो में नशा था,
फिर जो तेरा असर होने लगा होश मै खोने लगा ..

*******

तू सब्र देख,
मैं सितम देखता हूँ..!!

*******

ये जो हर मोड़ पे आ मिलती है मुझसे,
ये बदनसीबी मेरी दीवानी तो नही ?

*******

जिन्हें गुस्सा आता है वो लोग सच्चे होते हैं ,
मैंने झूठों को अक्सर मुस्कुराते हुए देखा है …… !!!

*******

दोनों ही बातों से तेरी, एतराज है मुझको,
क्यूँ तू जिंदगी में आई,और क्यूँ चली गई…

*******

जीने के आरजू में मरे जा रहे है लोग,
मरने के आरजू में जिया जा रहा हु में.

*******

छे तेने सुख नथी…
नथी तेने दुःख नथी…

*******

लिखने चले थे कुछ ख्याल,,,

जाने कब वो शायरी बन गई…

*******

तुम तो मुझे रुलाकर दूर चले गये..
मै किससे पूछूँ मेरी खता क्या है..

*******

मर रहे है पल-पल तेरी यादों में,
दम नहीं था सनम तेरे वादों में.

*******

तुम्हें नींद नहीं आती तो कोई और वजह होगी..
अब हर ऐब के लिए कसूरवार इश्क तो नहीं..!!

*******

रात की सीढ़ी पर चढ़कर. ..
आसमां से कुछ सपने उतारने हैं….

*******

रुका हुआ है वो रास्ता आज भी वहाँ… ।
ठहरे थे साथ तुम्हारे हम, एक पल जहाँ ।।

*******

“क्या क्या नहीं बदला तेरे जाने से…बस एक मेरे सिवा!!”

*******

मेरी फितरत में खामोशी नहीं है…
मैं एक हंगामा हूँ, जो बोल पड़ता है…

*******

“बहुत दिन हुए तुमने, बदली नहीं तस्वीर अपनी!
मैंने तो सुना था, चाँद रोज़ बदलता हैं चेहरा अपना!!”

*******

मेरी तमन्ना न थी तेरे बगैर रहने की …. लेकिन
मज़बूर को ,मज़बूर की ,मजबूरिया.. मज़बूर कर देती है ..!!!!

*******

सिर्फ इतना सा बता दो हमें,
के किस तरह से पा लें तुम्हें..!

*******

सिलसिले यूँ ही ग़ुस्से में तोड़े नहीं जाते..
दिल की गहराईयों में हो तुम.. तुम ये बात अब मान क्युँ नहीं जाते.. !!

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सिर्फ तेरा नाम लेकर रह गई,
आज मैं जाने-अनजाने बहोत कुछ कह गई !

*******

अच्छा हुआ के उसने ही तोडा रिश्ता,
मेरे अंदर तो ऐसा होंसला नहीं था…

*******

बहोत कहा तुमने
बहोत सुना हमने
बहोत समझाया भी
पर न माने तुम..
चलो अब ख़त्म हुआ सब कुछ
लो हो जाओ ख़ुश अब “तुम” !!

*******

सौदेबाजी का हुनर कोई उनसे सीखे,

गालों का तिल दिखा कर ,सीने का दिल ले गयी ….

*******

सफ़र में मुश्किलें आयें, तो जुर्रत और बढती है ,

कोई जब रास्ता रोके , तो हिम्मत और बढती है….

*******

जिस जिस को मिली खबर सबने एक ही सवाल किया मुझसे,

तुमने क्यों की मुहब्बत तुम तो समझदार थे…!!

*******

एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये,
मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गये..!!!”

*******

बस इतना सा असर होगा हमारी यादों
का….
कि कभी कभी तुम बिना बात मुस्कुराओगे…

*******

” माना कि इस दुनिया में हर शख्स ठोकरों से पला है,
दिमाग वालों की दुनिया में दिल ढूँढना भी एक कला है.!!

*******

ख्वाब आँखों से गए
और नींद रातों से गयी…
वो जिंदगी से गए और
जिंदगी हाथों से गयी..!!

*******

कशमकश जिंदगी की एक तरफ,
मेरा ऐतबार और तेरी मोहब्बत एक तरफ…

*******

तू मुझ में पहले भी थी,
तू मुझ में अब भी है…
पहले मेरे लफ़्जों में थी,
अब मेरी खामोशियों में है..

*******

तुम्हारे बगैर ये वक़्त, ये दिन और ये रात….!!
जान मेरी….!!
गुजर तो जाते हैं मगर, गुजारे नहीं जाते….!!!

*******

“खाएं हैं लाखों धोखे….एक और सह लेंगे…
……तू ले जा अपनी डोली…..
हम अपने जनाजे को बारात कह लेंगे !

*******

बग़ैर जिसके एक पल भी गुज़ारा नहीं
होता,

सितम देखिये वही शख़्स हमारा नहीं
होता !!

*******

पलको पर रूका है ‘समन्दर’ खुमार का,,,,
कितना अजब नशा है तेरे ‘इंतजार’ का…!!!

*******

कोई ठुकरा दे तो हँसकर जी लेना,
क्यूँकि मोहब्बत की दुनिया में ज़बरदस्ती नहीं होती…

*******

अच्छे होते हैं ……….. बुरे लोग….।।।
जो अच्छा होने का नाटक तो नहीं करते.

*******

ये इश्क़ बनाने वाले की मैं तारीफ करता हूं…

मौत भी हो जाती है और क़ातिल भी पकड़ा नही जाता..

*******

हम उन दिनों अमीर थे,
जब तुम करीब थे ……

*******

मुमकिन हो तो मेरे दिल मे रह लो ,
इससे हसीन मेरे पास कोई घर नही.

*******

तेरा नाम है या डाँकटर की दवा,
जब भी लेता हु बहुत शुकुन मिलता है…

*******

सुनो ….. ना किया करो इतनी मोहब्बत हमसे,
कि मुझे खुद की फ़िक्र करने की आदत
पड़ जाये ।

*******

आज तक रखे हैं पछतावे की अलमारी में,
एक दो वादे जो दोनों से निभाये ना गए…

*******

मेरे शेर समझने के लिए जरा दिल में दर्द चाहिए,
अगर समझ ना आये तो दर्द का मतलब भी बता सकता हूँ……

*******

दिखावे की मोहब्बत तो जमाने को हैं हमसे पर…,,
ये दिल तो वहाँ बिकेगा जहाँ ज़ज्बातो की कदर होगी…

*******

दिल रोज सजता है, नादान दुल्हन की तरह..!!

गम रोज चले आते हैं, बाराती बनकर..!!

*******

झूठ बोलते थे कितना,, फिर भी सच्चे थे हम..
ये उन दिनों की बात है,, जब बच्चे थे हम..

*******

शर्त लगी थी जब पूरी दुनिया को एक ही शब्द में लिखने की,
तो वो पुरी किताबें ढुंढ रहे थे ओर मेंने
“मां” लिख दिया…

*******

काँच को ‘आईना’ बनाने के लिए
उसके पीछे ”पारा” चढ़ाया जाता है…

तभी तो जिसको ”आईना” दिखाओ…
उसका ”पारा” चढ़ जाता है……

*******

दर्द की शाम है, आँखों में नमी है,
हर सांस कह रही है, फिर तेरी कमी है.

*******

वो मेरी पूरी जिंदगी है…

क्या मैं उसका,
एक लम्हा भी नहीं..?

*******

वो सुर्ख होंठ और उनपर जालिम अंगडाईयां, तू ही बता ,
ये दिल मरता ना तो क्या करता ..!!

*******

जिंदगी की दौड़ में तजुर्बा कच्चा रह
गया.
हम ना सीख पाये फरेब…. ये दिल कम्बक्त बच्चा का बच्चा ही रह गया.

*******

ये रास्ते ले ही जाएंगे..
मंजिल तक, तू हौसला रख,
कभी सुना है कि अंधेरे ने सुबह ना होने दी हो..!!

*******

कभी-कभी में सोचता हुँ…

उसकी नजरों के सामने मेरी मौत हो,
और मुझे छूने का हक सिर्फ उसे ना हो.

*******

‘दिल -ए -ज़ज़्बात किसी पर, ज़ाहिर मत कर,

अपने आपको इश्क़ में, इतना माहिर मत कर”..!!

*******

अगर पाना है मंझिल तो अपना रहनुमा खुद बनो,
वो अक्सर भटक जाते है जिन्हें सहारा मिल जाता है.

*******

बहुत जी लिये उनके लिये
“जो मेरे लिये” सब कुछ थे,

अब जीना है बस उनके लिये
“जिनके लिये हम” सब कुछ हैं.

*******

प्यार तो आज भी उनसे हम ‪बहुत‬ करते है..
पहले ‪आखोंसे‬ बाते हुआ करती थी,
आजकल ‪‎Status‬ बदलके बयान
करतेहै.

*******

शब्दों से ही लोगों के दिलों पे राज
किया जाता है,
चेहरे का क्या, वो तो किसी भी
हादसे मे बदल सकता है…

*******

अनकहे शब्दो के बोझ से थक जाता हुँ कभी-कभी…!!!!!
पता नही खामोश रहना मजबुरी है या संमझदारी…..!!

*******

मुझे सिर्फ दो चीजोंसे डर लगता है,
तेरे रोने से और तुझे खोने से..

*******

माना की तेरे प्यार का में मालिक नहीं, पर कीरायेदार का भी कुछ हक्क तो बनता हैं !!

*******

कहती है ये दुनिया बस अब हार मान जा ,
उम्मीद पुकारती है बस एक बार और सही।।

*******

यह जरुरी नहीं मेरी हर बात तुम समझो,
मगर जरुरी यह है की,तुम मुझे तो समझो।।

*******

में यह नहीं कहता के मेरी,
खबर पुछो तुम..
खुद किस हाल में हो इतना,
तो बता दिया करो..

*******

मुहब्बत का ये क ख ग हमे ही क्योँ नही आता,
यहा जिससे मिलो वो इश्क के किस्से सुनाता है…

*******

मुहब्बत नहीं है नाम सिर्फ पा लेने का,
बिछड़ के भी अक्सर दिल धड़कते हैं साथ-साथ !

*******

प्रेम मा ताकात छे सर्व ने झुकावानी,

नही तो राम ने क्या जरुर हती
ऐठा बोर खावानी…

*******

वो बोली क्या अब भी हमारी याद आती है…!!!!

हमने भी हसकर बोला अपनी बर्बादी को कोन भूल सकता है…!!!

*******

ठान लिया था कि, अब और,,,
नहीं लिखेंगे,,,..
पर उन्हें देखा,,, और अल्फ़ाज़
बग़ावत कर बैठे..!!!

*******

रात आती है,
तेरी याद चली
आती है.

*******

बेकसूर कोई नहीं इस ज़माने मे,
बस सबके गुनाह पता नहीं चलते.

*******

समय बहाकर ले जाता है,..
नाम और निशान।..

कोई ‘हम’ में रह जाता है
और..कोई ‘अहम’ मे ll

*******

तू याद रख,या ना रख…

तू याद है,ये याद रख….!!

*******

इस दिल को तो बहला कर चुप करा लूँगा…..
पर इस दिमाग का क्या करूँ जिसका तुमनें दही कर दिया है…!

*******

जो वक़्त पर पसीना नहीं बहाते वे बाद में आंसू बहाते हैं..

*******

“दुनियादारी से रूबरू हुआ तो पता चला…जिस्म में ज़मीर का होना…इतना ज़रूरी नही…जितना जेब में रूपया होना…!!!”

*******

तेरी चाहत का ऐसा नशा चढ़ा है,

की शायरी हम लिखते है, और दर्द पूरा ग्रुप सहता है ।

*******

जिस रोज तेरे चाहने वालो को तू बेहद बुरी लगेगी,

उस दिन भी तू हमे बेहद खूबसूरत लगेगी !

*******

मुझे इस बात का गम नहीँ कि बदल गया ज़माना।
मेरी जिंदगी तो सिर्फ तुम हो कहीँ तुम ना बदल जाना।

*******

” नहीं हो सकता कद तेरा ऊँचा किसी भी माँ से …
ऐ खुदा……
तू जिसे आदमी बनाता है, वो उसे इन्सान बनाती है”

*******

हम फिर उनके रूठ जाने पर फ़िदा होने लगे,
फिर हमे प्यार आ गया जब वो ख़फ़ा होने लगे….!!

*******

फिर कभी नहीं हो सकती मुहब्बत सुना तुमने !!!

वो शख्स भी एक था और मेरा दिल भी एक ।

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गहरी बातें समझने के लिए गहरा होना जरुरी है,,,

और गहरा वही हो सकता है जिसने गहरी चोटें खायी हो..

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मिटाने की कोशिश तुमने भी की, हमने भी की…
हमने फासला और तुमने हमारा वजूद…

*******

मयखाने से पूछा आज,इतना सन्नाटा क्यों है..??
उसने कहा..
साहब, लहू का दौर है,शराब कौन पीता है..!!

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दांव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते।
टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते।

*******

मैंने सब कुछ पाया, बस तुझको
पाना बाकी है..
यूं तो मेरे घर में कुछ कमी नहीं, बस तेरा आना बाकी है.!!

*******

वो बड़ी इबादत के बाद मिलता है,
जिन्हें देखने को दिल तरसा करता..

*******

उसने कहा कंहा रहते हो आज कल ?
काश उसने एक बार अपने दिल में देखा होता।

*******

बहुत खूबसूरत है आखै तुम्हारी,
इन्हें बना दो किस्मत हमारी.

हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियाँ,
अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी…

*******

“थोड़ी._`सजा,.:
उन्हें भी दे देते` जज_साहब. . . .

जिसकी वजह से लोग सड़को पर सोते है…!!

*******

तुम्हारी मुस्कान से ही शुरू हुई हमारी कहानी….

मुस्कराते रहना यही आखरी तमन्ना है हमारी….

*******

वक्त ने बदल दिए तेरे मेरे रिश्ते
की परिभाषा,

पहले दोस्ती , फिर प्यार , और फिर अजनबी सा अहसास ”

*******

बीजाने ” वाह ” कहेवा माटे
आपणा मां रहेली ” हवा ”
काढवी पड़े ……..

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दिल भी बड़ा अज़ीब मयकश है,
मिले न कुछ तो प्यास ही पी जाता है…..

*******

जो हैरान हैं मेरे सब्र पर उनसे कह दो,
जो आसूँ जमीं पर नहीं गिरते, दिल चीर जाते हैं…!!!

*******

बेशर्म हो गयी हैं ये ख्वाहिशें मेरी…
मैं अब बिना किसी बहाने के तुम्हे याद करने लगा हूँ …

*******

ज्यादा फर्क नही रखा खुदा ने हम दोनों के बीच…!!
तुझे चाहने वाले बहुत है तो मुझे ठुकराने वाले बहुत…!!

*******

जिन्दगी में दो चीजें कभी मत कीजिए …..झूठे आदमी के साथ प्रेम और सच्चे आदमी के साथ गेम ।…

*******

बचपन से लेकर आज तक सिर्फ अच्छे काम हि किये ,
बस गलती से इश्क हो गया…

*******

” बुरा ” हमेशा वही बनता हे,
जो ” अच्छा ” बन के टूट चूका होता हे ..

*******

बिछड़कर फिर मिलेंगे यकीन कितना था…
बेशक ख्वाब ही था मगर.. हसीन कितना था….

*******

आज ख्वाब में आना जरूर,
सिर्फ तुमसे मिलने के लिए रोज सोता हूँ.

*******

यूँ सामने आकर ना बैठो,

सब्र तो सब्र है,

हर बार नही होता!!!

*******

कुछ नाकामयाब रिश्तों में
पैसे नहीं..,
बहुत सारी ‘उम्मीदें और वक्त’ खर्च हो जाते हैं…!

*******

याद किया करो जनाब,
वरना याद किया करोगे…!

*******
दाग तेरे दामन के धुले ना धुले !!
नेकिया तेरी तराजू में तुले न तुले !!
आज ही गुनाहों से कर ले तोबा !!
ख़ुदा जाने कल तेरी आँख खुले ना खुले !!

*******

मेरे बस मे नहीं अब हाल-ए-दिल बयां करना,
बस ये समझ लो, लफ़्ज़ कम मोहब्बत ज्यादा हैं !!

*******

कहने को ही मैं अकेला हूं..पर हम चार है..
एक मैं..मेरी परछाई..मेरी तन्हाई.. और तेरा एहसास..

*******

मैं कहाँ से लाऊ ,,बता बिकता कहाँ है ? वो नसीब जो तुझे ,,उम्र भर के लिए मेरा कर दे ..!!

*******

जो लोग दर्द को समझते हैं
वो लोग कभी भी दर्द की वज़ह नही बनते…….

*******

हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन
पाओगे,
नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग
जाओगे!

*******

जनाजा उठा है आज कसमों का मेरी
एक कन्धा तो तेरे वादों का भी बनता है….!!!

*******

आज मुझसे पूछा किसी ने कयामत का मतलब ,
और मैंने घबरा के कह दिया रूठ जाना तेरा…

*******

मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो
दोस्तो..!!
रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे..!!

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शर्मों हया से उनकी पलकों का झुकना इस तरह ”
जैसे कोई फूल झुक रहा हो एक तितली के बोझ से।

*******

मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच कर मागना क्योकि…
मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का..!!

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ना शौक दीदार का… ना फिक्र जुदाई की,
बड़े खुश नसीब हैँ वो लोग जो…मोहब्बत नहीँ करतेँ…

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हद से बढ़ गया है तेरा नज़र अदाज करना..
ऐसा सलुक न करो की हम भुलने पे मजबुर हो जाये….।

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” कभी किसी का जो होता था इंतज़ार हमें…
 बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे..”

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उदास रहता है मोहल्ले की बारिशों का पानी आजकल,

सुना है कागज की नाव बनाने वाले बच्चे , अब बड़े हो गये है…

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कभी देखेंगे ए-जाम तुझे होठों से लगाकर,

कि मुझमे तू उतरता है कि तुझमे मैं उतरता हूँ…

*******

नाकामयाब मोहब्बत ही सच्ची होती है !!
कामयाब होने के बाद मोहब्बत नहीं बचती !!

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“तू तो हँस हँसकर जी रही है, जुदा होकर भी..,

कैसे जी पाया होगा वो, जिसने तेरे सिवा जिन्दगी कभी सोची ही नहीं..”

*******

वो बार बार पूछती है कि क्या है मौहब्बत ??

अब क्या बताऊं उसे कि उसका पूछना और मेरा न बता पाना ही मौहब्बत है !

*******

ना डालो दिल मेरा, मेरे सीने में फिर से तुम,,
तुम्हारे पास ही रहने दो, वहाँ ये खुश तो रहता है…!!

*******

मंज़िलों से गुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग,
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता”.

*******

लगता है मेरी नींद का किसी के साथ चक्कर चल रहा है,
सारी सारी रात गायब रहती है..!

*******

एक मैं था जो लफ्ज़ ढूंढ ढूंढ कर थक गया…
वो ख़रीदे हुए फूल दे कर इज़हार कर गए…

*******

ये रिश्ते भी अजीब हे…

बिना विश्वास के शुरु नहीं होते . . .
और बिना धोखे के ख़तम नहीं होते …

*******

उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ!
सामने न सही पर आस-पास हूँ!
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे!
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ!

*******

कहने लगी है अब तो मेरी तन्हाई भी मुझसे,

मुझसे ही कर लो मोहब्बत , मैं तो बेवफा भी नही..

*******

अजीब खेल है ये मोहब्बत का;
किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला!

*******

जब तक तुम्हें न देखूं!
दिल को करार नहीं आता!
अगर किसी गैर के साथ देखूं!
तो फिर सहा नहीं जाता!

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अपने उसूल कभी यु भी तोड़ने पड़े.,
खता उसकी थी हाथ मुझे जोड़ने पड..

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यूँ तो तमन्ना दिल में ना थी लेकिन…
ना जाने तुझे देखकर क्यों आशिक बन बैठे…

*******

ज़िंदा रहना है तो हालात से डरना कैसा,
जंग लाज़िम है तो.. लश्कर नहीं देखे जाते…

*******

अच्छी सुरत को सवरने कि जरुरत कया हे।
सादगि मे भी कयामत कि अदा होती है।

*******

ना ज़ख्म भरे,ना शराब सहारा हुई..!! ना वो वापस लौटीं,ना मोहब्बत दोबारा हुई..!!

*******

सच कभी नही होते मैंने वो सपनोका खेल देखा है ,
दर्द देना नही चुकते मैंने वो अपनोंका खेल देखा है ….

*******

फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क मुकम्मल,
इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है !

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बात मुक्कदर पे आकर रूक गयी है वरना….
कोई कसर तो ना छोडी थी तुझे चाहने मे….!!!

*******

” आज कुछ और नहीं बस इतना सुनो..
मौसम मस्त है लेकिन तुम जैसा नहीं..”

*******

प्यार मे कितनी बाधा देखी,
फिर भी कृष्ण के साथ राधा देखी..

*******

” प्यार की तरह आधा अधूरा सा अल्फाज था मैं;
तुमसे जुडा ज़िंदगी की तरह पूरी गजल बन गया.”

*******

जहाँ भूली हुई यादें दामन थाम लें दिल का,
वहां से अजनबी बन कर गुज़र जाना ही अच्छा है.

*******

बडी देर करदी मेरा दिल तोडने मे,
नजाने कितने शायर आगे चले गये.

*******

कलाई जो पकडू तो बहुत शोर मचाती है..

ये चूड़िया आखिर तेरी लगती क्या है।।…

*******

खता इतनी की उनको पाने की कोशिश की,,

अगर छीनने की कोशिश करते तो आज वो हमारे होते…

*******

वो शायद मेरी आखिरी सरहद हो जैसे,
क्योकि सोच जाती ही नहीं उससे आगे….!!

*******

चैन से रहने का हमको यूं मशवरा मत दीजिये,
अब मज़ा देने लगी हैं ज़िंदगी की मुश्किलें…!!

*******

सुन दोस्त…..
इश्क कर ,धोखा खा और शायर बन जा ….

*******

फितरत, सोच और हालात में फर्क है, वरना,इन्सान कैसा भी हो दिल का बुरा नही होता…

*******

भुकम्प सा है दिल की गलियो मे!!!

शायद तेरे एहसास गुज़रे है इधर से!!!

*******

कभी जो मै अगर कह दु।भुला चुका हूँ तुझको मै!
तभी बस सोच लेना कि,
लगा हु झूठ बोलने मै…

*******

लोग तब तक आप को मूर्ख समझना बन्द नही करते,
जब तक आप उन्हे मूर्ख बनाना न शुरू कर दें….!!

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ढूंढ़ने में बड़ा मजा आता है…

दिल में बसा कोई अपना जब खो जाता है….!!!

*******

चलो नींद के दफ्तर में हाज़िरी लगा आते हैं,
वो सपनो में आये तो ओवर टाइम भी कर लेंगे…।

*******

अगर चाहते हो की खुदा मिले..
तो वो करो जिससे दुआ मिले…

*******

“पैसा” इंसान को ऊपर ले जा सकता है,
लेकिन इंसान पैसे को “ऊपर” नहीं ले जा सकता…

*******

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको!
खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको!
हम तो कुछ देने के काबिल नहीं है!
देने वाला हज़ार खुशिया दे आपको!

*******

चाँद को बैठाकर पहरों पर; तारों को दिया निगरानी का काम; एक रात सुहानी आपके लिए; एक स्वीट सा ‘ड्रीम’ आपकी आँखों के नाम! शुभ रात्रि!

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वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे!
दुनिया में हम खुश नसीब होंगे!
दूर से जब इतना याद करते है आपको!
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे?

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ऐ जिंदगी तू सच में बहुत ख़ूबसूरत है,
फिर भी तू, उसके बिना अच्छी नहीँ लगती…

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मुदत बाद मिले हम और उसने कहा ” तुझे भुल जाना चाहती हूँ मैं…. ”

आसूं आ गए आखों में ये सोच कर कि इसे अबतक याद हुं मैं…

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हारनेवाले वो होते हैं,
जिनके शब्द उसके कर्म से बड़े हैं,
और जितनेवाले वो हैं
जिनके कर्म उनके शब्द से बड़े होते हैं

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“हुनर” सड़कों पर तमाशा करता है और “किस्मत” महलों में राज करती है!!

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मेरे मुकद्दर में तो सिर्फ यादें है तेरी..
जिसके नसीब में तू है, उसे ज़िन्दगी मुबारक..

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जिंदगी को इतना सिरियस लेने की जरूरत नही यारों, यहाँ से जिन्दा बचकर कोई नही जायेगा!

*******

अँधेरा हो रहा है।।।
चलो दिल जलाते है।।।

*******

वक़्त ने ज़रा सी करवट क्या ली
गैरो की लाइन में सबसे आगे पाया अपनों को !!!!!

*******

जरुरत और ख्वाइश दोनों ही तुम हो,
खुदा बड़ा मेहरबाँ हैं कोई एक तो पूरी होगी !!

*******

जाने कितनी रातो की नींदे ले गया वो…
जो पल भर मोहब्बत जताने आया था…

*******

वो पूछते हैं इतने गम में भी खुश क्युँ हो,
मैने कहा प्यार साथ दे न दे यार साथ हैं……..

*******

क्या ख़ूब होगा जिस दिन तेरा दीदार होगा,
एक दीवाने के लिए इससे बड़ा क्या उपहार होगा..!!!

*******

बस ज़रा स्वाद में कड़वा है,.
नहीं तो 
“सच” का कोई जवाब नहीं…।

*******

” घबरा के आसमान की तरफ देखते हैं लोग..
जैसे खुदा ज़मीन पर मौजूद ही न हो…”

*******

ये रिश्ते भी अजीब है, बिना विश्वास के शुरु नहीं होते,
और बिना धोखे के ख़तम नहीं होते..!!!

*******

इतना भी प्यार किस काम का,
भूलना भी चाहो तो नफ़रत की हद तक जाना पड़े…

*******

उसकी मोहब्बत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन,
दिल करता है के उम्र भर उसकी इंतज़ार करूँ….

*******

दो अक्षर की “मौत” और तीन अक्षर के “जीवन” में ढाई अक्षर का “दोस्त” बाज़ी मार जाता हैं..

*******

ये बात समझने में उम्र बीत गई ग़ालिब,
बचपना करने से बचपन वापिस नहीं आता !!!

*******

” निंदा ” तो उसी की होती है जो ” ज़िंदा ” है,
मरे हुए की तो बस तारीफ ही होती है ।

*******

मैं थोड़ी देर तक बैठा रहा उसकी आँखोंके मैखानेमें;
दुनिया मुझे आज तक नशे का आदि समझती है।

*******

तेरे मेरे दरमियाँ जो फासला है,

वो तेरी साजिश है या खुदा का फैसला है..!!

*******

तुम मुझमे पहले भी थे, तुम मुझमे अब भी हो,
पहले मेरे लफ़्ज़ों में थे, अब मेरी खामोशियों में हो !

*******

नफरतों से भरी इस दुनिया में कोई है जो मेरी खुशियों की फ़िक्र करता है,
भगवान उनकी हर तमन्ना पूरी करे, जो अपनी प्रार्थना में भी मेरा ज़िक्र करता है !

*******

तुझे उदास भी करना था खुद भी रोना था…

ये हादसा भी मेरी जान कभी तो होना था..!!

*******

क़ुर्बान हो जाऊं मुस्कराहट पे तुम्हारे,
या इसे देखकर जीने का एक बहाना ढूंढ लूं…

*******

फिर वही दिल की गुज़ारिश, फिर वही उनका ग़ुरूर…

फिर वही उनकी शरारत, फिर वही मेरा कुसूर…!!

*******

इकरारनामा मुहब्बत का लिए घूमतेहैं….
बस… इक तेरे दस्तखत मिल जाते…

*******

उसने कहा क्या चल रहा है आजकल

हमने भी कह दिया “सिर्फ साँसे”!

*******

सब कुछ हासिल नहीं होता है जिंदगी में..
किसी का काश और किसी का अगर रह ही जाता है…

*******

जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में,
उनकी यादें कसम से कमाल की होती हैं..

*******

तुम्हारी शर्तो से शहेनशाह बनने से बहेतर है,
की अपनी शर्तो पे फ़क़ीर बन जाऊँ ..!!!

*******

चलो मुस्कुराने की वजह ढुंढते हैं,
तुम हमें ढुंढो.. हम तुम्हे ढुंढते हैं..!

*******

मैँ कैसा हूँ’ ये कोई नहीँ जानता,
मै कैसा नहीँ हूँ’
ये तो शहर का हर शख्स बता सकता है…

*******

ये तो बड़ा मुझ पर अत्याचार हो गया, खामख्वाह मुझे तुझसे प्यार हो गया |

*******

कभी हम हीं थे तेरे हमसफर ऐ दोस्त,
मंजिल मिल गई तुम्हें तो पहचानते नहीं।

*******

ढूंढते हो क्या आँखों में कहानी मेरी….
खुद में गुम रहना तो आदत है पुरानी मेरी…..

*******

आदत बना ली मैंने खुद को तकलीफ देने की ,
ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो ज्यादा तकलीफ ना हो…!!!

*******

मुझे अपने, लफ़्जो से,
आज भी शिकायत है…
ये उस वक्त, चुप हो गये,
जब इन्हें बोलना था…

*******

मुझे वजह ना दो हिन्दू या मुसलमान होने की,
मुझे तो सिर्फ तालीम चाहिए एक ”इंसान” होने की..

*******

जिस तरह अपनी पहचान खुद बनाई है.. उसी तरह
अपनी जन्नत भी खुद बनाऊंगा…!!.

*******

लिख के उसे मिटाने की बुरी आदत है कि,

इसी वजह से मैं उसके तकदीर में आते-आते रह गया।

*******

कबूल करो मुझे बिना आजमाए हुए,
कि हीरा परखे बगैर भी हीरा होता है !!

*******

“अपनी जिद को अंजाम पर पहुँचा दू तो क्या…,,,,
तू तो मिल जायेगी पर तेरी मोहब्बत का क्या….???”

*******

वो पूछते हैं क्या नाम है मेरा…
मैंने कहा बस अपना कहकर पुकार लो…!!

*******

वो बदल गयी,वक्त की मजबूरियाँ बोलकर..
साफ शब्दों में खुद को,बेवफा न बोली..

*******

सांसे बस दिखाने के लिये लेता हूं.
वरना जिंदगी तो मेरी तुम ही हो!

*******

क्या किस्मत पाई है रोटीयो ने भी निवाला बनकर,
रहिसो ने आधी फेंक दी,
गरीब ने आधी में जिंदगी गुज़ार दी!!

*******

कुछ उनकी मजबुरीयां, कुछ मेरी कश्मकश बस युँ ही,.एक खूबसूरत कहानी को खत्म कर दिया हमने.

*******

तु मेरी चाहत का एक लफ्ज भी ना पढ सकी..
..
मै तेरे दिए हुए दर्द कि किताब पढते पढते अक्सर सो जाता हू..!!

*******

हम भी फूलों की तरह अक्सर तनहा ही रहते हैं,
कभी खुद से टूट जाते है तो कभी कोई और तोड़ जाता है..

*******

मैंने छोड़ दिया है किस्मत पर यकीन करना,,,
अगर लोग बदल सकते है तो किस्मत क्या चीज है …..

*******

उनके ही लौटने का बेसब्री से हमे इन्तजार है..
अरसा गुजर चूका है पर अब भी उसका इन्तजार है..!!

*******

तुम मेरे पास थे ..हो.. और रहोगी…
ख़ुदा का शुक्र है यादों की कोई उम्र नहीं होती..

*******

तुम से मुमकिन हो तो फिर रोक दो साँसें मेरी,,
दिल जो धड़केगा, तो फिर याद तो तुम आओगे..!!

*******

“अफवाह थी… कि मुझें इश्क हुआ है… पर लोगों ने पूछ पूछ कर आशिक बना दिया..!!

*******

दुश्मन भी हमारी हालत पै हस कर बाेला,
जिसका हम कुछ ना कर पाये,
उसका माैहबबत ने क्या हाल कर दीया…!!!

*******

“शिकायत खुद से भी है औरो से भी और खुदा से भी.,
जो चाहा वो हासिल नही,जो मिला वो मुझे मंजूर नही..”

*******

तुम सामने आये तो.अजब तमाशा हुआ..
हर शिकायत ने जैसे, खुदकुशी कर ली”.

*******

रहता हूँ मयखाने में तो शराबी ना समझ मुझे …
जो मंदिर में रहता है वो, हर शख़्स पुजारी नहीं होता …

*******

मोहब्बत को मज़बूरी का नाम मत देना,
हकीक़त को हादसों का नाम मत देना,
अगर दिल में हो प्यार किसी के लिए तो,
उससे कभी दोस्ती का नाम मत देना…

*******

एक घमंडी लडकी कहती है की …मत देख मेरे सपने मुझे
पाने की तेरी औकात नहीं ….मैंने भी देख कर कह
दिया ….आना हो तो आजा मेरे
सपनो में…हकीकत में आने की तेरी औकात नहीं ….

*******

“आज फिर किसी ने ये अहसास दिला दिया कि,
ज़िस्म मे ज़मीर का होना उतना ज़रूरी नही जितना कि ज़ेब मे रुपयों का होना…”

*******

नहीं करेंगे आज के बाद कभी मन्नतें
तुम्हारी….
खुदा जब राजी होगा तब तुम
तो क्या, हर चीज़ मेरी होगी…..

*******

ज़रूरी तो नहीं के जो ‘शायरी’ करे उसे
‘इश्क’ हो,
ज़िन्दगी भी कुछ ‘ज़ख़्म’ “बे-मिसाल ”
देती है !!

*******

उल्टी ही चाल चलते हैं, इश्क़ में दीवाने !
आँखों को बंद करते हैं, दिदार के लिये !!

*******

“इतनी तो तेरी सूरत भी नहीं देखी मैने,
जितना तेरे इंतज़ार में घड़ी देखी है!”

*******

मेरे आसुंओ के दाम तू चुका नहीं पायेगी..,
तू मेरी मौहब्बत न ले सकी तो दर्द
क्या खरीदेगी….!!

*******

मेरी हथेली को तुम अपने पास रख लो, जब दुआ मांगो तो इसको भी उठा देना..

खुशी मिले तो अपने हाथ आगे कर देना गम मिले तो मेरी हथेली में थमा देना…

*******

ला तेरे पेरों पर मरहम लगा दूं…

कुछ चोट तो तुझे भी आई होगी मेरे दिल को ठोकरमार कर…!!!

*******

जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से…..
एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है..

*******

अपने शब्दों में ताकत डालें आवाज में नहीं.
बारिश से फूल उगते हैं, तूफ़ान से नहीं….

*******

नमक होना चाहिए स्वाद अनुसार,
और अकड होनी चाहिए औकात अनुसार ।

*******

मेरा दर्द किसी की हसने की वजह जरुर बन सकता है!
लेकिन मेरी हसी किसी के दर्द की वजह नहीं बननी चाहिए!

*******

जिनके इरादे नेक होते हैे,
उनके दोस्त अनेक होते हैं.!

*******

तक़दीर का ही खेल है सब,
पर ख़्वाहिशें है की समझती ही नहीं…..

*******

बारिश और महोबत दोनों ही यादगार होते हे,
बारिश में जिस्म भीगता हैं और महोबत मैं आँखे…..

*******

सोचता हूँ धोखे से ज़हर दे दूँ..
सभी ख्वाहिशों को दावत पे बुला कर..

*******

मुझमे खामिया बहोद सी होंगी मगर एक खूबी भी है मै कीसीसे रिश्ता मतलब के लीये नहीं रखता…

*******

शाख़ से तोड़े गए फूल ने हंस कर ये कहा,
अच्छा होना भी बुरी बात है इस दुनिया में.

*******

किसी के दिल में क्या छुपा है ये बस खुदा ही जानता है,
दिल अगर बेनकाब होता तो सोचो कितना फसाद होता!!!!

*******

ओ सनम जिस रब ने तुजे चांद सी सूरत दी है ,
उसी रब ने मुजे तेरे लिये बेपनाह मोहब्बत भी दी है.

*******

दुश्मन और सिगरेट को जलाने के
बाद….
उन्हे कुचलने का मज़ा ही कुछ
और होता है……!!!

*******

शराब पीने का शौक ऱखते है….पर नशे मे बोतल गीर ना जाऐ उसका खौफ भी रखते हैैैै…….

*******

बहाने मौत के तो तमाम नज़र आते हैं,
जीने की वजह तेरे सिवा, कुछ नही…….

*******

बेशक तुम्हारे बिना जिन्दगी काट सकता हूँ… . .
जिन्दगी जी नहीं सकता…

*******

कदम रखना सम्हल कर महफिले-रिंदा में ए जाहिद,

यहां पगडी उछलती है, इसे मयखाना कहते है..

*******

नादान दुनिया हरेक बात का दिन तय करती है ,
“दोस्ती” का जश्न किसी दिन का मोहताज नही..

*******

तेरी आँखों से यून तो सागर भी पिए हैं मैने,
तुझे क्या खबर जुदाई के दिन कैसे जिए हैं मैने…

*******

झूठ कहते हैं लोग, शराब गम हल्का कर देती है ,
मैंने देखा है अक्सर खुद को नशे में रोते हुए …….

*******

जिक्र तेरा है, या कोई नशा है,,,!

जब-जब होता है, दिल बहक जाता है..

*******

सिर्फ़ परेशाँ जाते हैं…

मंदिर भी मयखाने भी…!!!

*******

ये शाम का तस्व्वुर, ये मयखाने का बयान…
तुम खुदा न होते तो हम ख़ुद को खुदा समझते….

*******

मंज़िलों के ग़म में रोने से मंज़िलें नहीं मिलती;
हौंसले भी टूट जाते हैं अक्सर उदास रहने से।

*******

हमने भी जिन्दगी के आगे कभी हाथ न फैलाए थे;
वो तो ये आँखें ही खुदगर्ज निकल गईं,
जो रोज नए ख्वाब देख हमें नीचा दिखाती रहीं…!!

*******

इश्क के फूल खिलते हैं तेरी खूबसूरत आंखों में..,
जहां देखे तू एक नजर वहां खुशबू बिखर जाए॥….

*******

हाथ मेँ पैमाना थाम| है, उँगलियोँ मे सिगरेट फाँसा है.. धुँआ धुँआ तेरी यादे है, हकीकत तेरा नशा है..

*******

‘मेरी चाहत को मेरे हालात के तराजू में कभी मत तोलना,
मेने वो ज़ख्म भी खाए है जो मेरी किस्मत में नहीं थे.

*******

इतने ज़ालिम न बनो
तुम पे मरते हैं,, तो…
मार ही डालोगे क्या…..?

*******

कोई इज्जत ढकता है फटे चिथड़ों से ग़ालिब…
कोई नंगा हो के महफिले लूट लेता है…..

*******

बस इन्सान ही है जो किसी से मिलता जुलता नहीं..
वरना ज़माना तो भरपूर मिलावट का चल रहा है…

*******

मोह्हबत तो वो बारिश है जिससे छूने की चाहत में..
हथेलिया तो गीली हो जाती है पर हाथ खाली ही रह जाते है..

*******

कहाँ जा रहे हो तुम बिछड़ कर हमसे,
कौन सी जगह है जहां यादों से बच पाओगे…

*******

वादा दोनों ने किया जीना मरना साथ,
कहीं जिस्म नीला हुआ कहीं पीले हाथ.”

*******

तौहीन ना कर शराब को कड़वा कह कर,
जिंदगी के तजुर्बे शराब से भी कड़वे होते है.

*******

किसी के ज़ख्म का मरहम, किसी के ग़म का ईलाज ।।
लोगो ने बाँट रखा है मुझे.. दवा की तरह।।

*******

“एक रोटी न दे सका कोई उस नादान को ,
लेकिन वो तस्वीर लाखों में बिक गई जिसमे वो भूका बैठा था। ”

*******

सिमटते जा रहें हैं दिल और ज़ज्बात के रिश्ते…..

सौदा करने मे जो माहिर है, बस वही धनवान है…..!!!

*******

ये पेड़ ये पत्ते ये शाखें भी परेशान हो जाएं !
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाएं…

*******

हार जाउँगा मुकदमा उस अदालत में, ये मुझे यकीन था..
जहाँ वक्त बन बैठा जज और नसीब मेरा वकील था…

*******

मे तो खेर इन्सान हु सनम..

हवा भी तुझ को छू कर देर तक नशे मे रेहती हे…!!

*******

“जिंदगी के सफ़र को लफ्जों में पिरोया है.,
अपनी हर ग़ज़ल को दर्द में भिगोया है.,
PLEASE आज वाह-वाह न कहना.,
क्यूंकि दिल आज फिर किसीकी याद में रोया है..”……….;-(;-(;-(

*******

तेरा याद आ जाना”
हो सकती है. ” बात ज़रा सी ”
मगर, यह बात बहुत देर तक याद आती है…

*******

फ़क्र ये के तुम मेरे हो,
फ़िक्र ये पता नही कब तक…

*******

दो अक्षर की “मौत” और तीन अक्षर के “जीवन” में ढाई अक्षर का “दोस्त” बाज़ी मार जाता हैं…

*******

ज़रा “क़रीब” आओ.. तो शायद हमे समझ पाओ..
यह “दूरियां” तो सिर्फ गलत फेहमियां बढाती हैं.. !

*******

रह रह के ताजा हो जाते हैं जख्म ,
हवा भी मजाक करती है खिड़कियों के सहारे…

*******

यूँ तो मारे थे पत्थर मुझे बहुतों ने लेकिन
जो दिल पे लगा वो पत्थर तेरा था।

*******

किस्मतवालों को ही मिलती है पनाह मेरे दिल में,
यूं हर शख़्स को तो जन्नत का पता नहीं मिलता……

*******

“रात भर गिरते रहे उनके दामन में मेरे आँसू…..
सुबह उठते ही वो बोले कल रात बारिश गजब की थी…….”

*******

मदद नाते-रिश्तेदारों से ना लेना कभी !
वक्त बेवक्त बदनाम एहसान गिनाए जाते हैं !!

*******

अपने सायें से भी ज़यादा यकीं है मुझे तुम पर,
अंधेरों में तुम तो मिल जाते हो, साया नहीं मिलता……..!!

*******

फट गयी है कमीज रिश्ते की
ग़लतफ़हमियों की कील में फंस के,
सोचता हूँ माफ़ी के धागे से सी दूंगा कभी…

*******

“ख़ुदा का हुक्म होता है तो फिर ऐसा भी होता है ,
हवाओं को चरागों की हिफाज़त करनी पड़ती है !”

*******

हमसे मत पूछो जिंदगी के बारे मे ,
अजनबी क्या जाने अजनबी के बारे मे ….

*******

एक हद तक तुझे चाहा तो,ख़ुदा को भी मंज़ूर था,
फिर उस हद के बाद तो, ख़ुदा को भी जलन होने लगी……!!

*******

माना कि बहुत कीमती है वक़्त तेरा मगर…
हम भी नवाब हैं बार-बार नहीं मिलेंगे…!!

*******

अजीब है न हमारे देश का संविधान…गीता पर हाथ रखकर कसम खिलायी जाती है सच बोलने के लिये.. मगर गीता पढ़ाई नहीं जाती सच को जानने के लिये..!!

*******

“चंद साँसे खरीदने के लिए ,
रोज़ कुछ ख़्वाब बेच देता हूँ…!”

*******

यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझको,

खुशी है कि तुम उम्मीद पर खरे उतरे ….!!

*******

एक बार नही हजारबार ये दिल तुटा

पर मोहब्बत करने का शौक अभी तक नही छुटा.!

*******

फ़रिश्ते ही होंगे जिनका इश्क मुकम्मल होता है,
हमने तो यहाँ इंसानों को बस बर्बाद होते देखा है…

*******

ज्यादा बोझ लेकर चलने वाले अक्सर डूब जाते हैं.
फिर चाहे वो अभिमान का हो
या गुमान का………..

*******

ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,

तन्हाई मैं खुद अपनी तस्वीर न देखा कर …

*******

किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया है ये दिल,
कोई रहता भी नही,
और कमबख्त बिकता भी नही…

*******

ये चंद लोग जो बस्ती में सबसे अच्छे हैं,,

उन्हीं का हाथ है मुझको बुरा बनाने में..

*******

नवाबी तो हमारे खुन मे है..
पर
पता नही
ये दिल कैसे गुलामी करना सीख गया!!

*******

तजुर्बे ने शेरों को खामोश रहना सीखाया,
क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता…

*******

चले आते हो बिना वजह खयालो मे,
एक वजह तो बताते दूर होने की..!!

*******

हर रोज़ बदलते हो प्रोफाइल पिक्चर..
तुम कहीं ठहरो तो कोई पहचान बने..

*******

अजब ज़ज्बा है जवानी मेँ इशक करने का
उम्र जीने की और शोँक मरने का…

*******

वो खेलती है मुझसे मुझे भी ये पता है ,,,
पर उसके हाथ का खिलौना होने में भी एक मज़ा है .!

*******

ना ऊँच नीच में रहू ना जात पात में रहूँ !!!!
तु मेरे दिल में रहे प्रभु और में औक़ात में रहूँ !!

*******

लगती है जिन के दिल पर, वोह आँखों से नहीं रोते,
जो अपनों के ही ना हो पाये, वोह किसी के नहीं होते…

*******

मुह माँगा दाम दूंगा यारो…
मुझे ऐसे काबिल सपेरे से मिलवा दो…
जो आस्तीन में छुपे साँपों को निकाल दे…।

*******

रात भर की उदासियों के बाद,
ये भी एक हुनर ही मानो,
कि हम,
हर सुबह एक बार फिर से जिंदगी सँवार लेते हैं …!

*******

दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो…
वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं…!!!

*******

अनजान थे हम एक दुसरे से,
तब तक फिक्र ना कोई थी…

बस एक रोज की मुलाकात ने,
एक दूजे का जरूरतमंद बना दिया |।।

*******

चलो दूर चलते है इस इंटरनेट से…

घर के रिश्ते “इंतजार” कर रहे है….

*******

“दीन तो कुतो के आते है,
अपना तो जमाना आयेगा.!”

अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर
उंगलिया…
जिनकी हमें छूने की औकात
नहीं होती…

*******

अगर तू वजह न पूछे तो एक बात कहूँ ….!
बिन तेरे अब हमसे भी जिया नहीं जाता…

*******

चेहरे पर सुकून तो बस दिखाने भर का है..
वरना बेचैन तो दिल जमाने भर का है…!..

*******

अच्छी सूरत को सवारने की ज़रूरत क्या है;

सादगी भी तो क़यामत की अदा होती है।

*******

तुझसे अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले….;
जो हर बात पर कहते हैं.. ‘तुम्हें नहीं छोड़ेंगे”

*******

सुना है जो शराब पीते हैं उनकी दुआ कुबूल नहीं होती !!
जिन्हें शराब मिल जाए उन्हें किसी दुआ की ज़रूरत नहीं होती…

*******

अक्सर वो फैसले मेरे हक़ में गलत हुए,
जिन फैसलो के नीचे तेरे दस्तखत हुए..!!

*******

वो दुआएं काश मैने दीवारों से मांगी होती,,
ऐ खुदा……
सुना है कि उनके तो कान होते है…

*******

बेटी को गर्भ में मारने वाले परिवार के लड़को को सूनी कलाई मुबारक हो।

*******

“ये नज़र चुराने की आदत आज भी नही बदली उनकी…!!
कभी मेरे लिए ज़माने से और अब जमाने के लिए हमसे………..!!

*******

इन्सान का लहू पीना यह रस्म आम है,
अंगूर की शराब का पीना हराम है ………..

*******

ऊसकी बोहोत याद आ रहि है….
दोस्तो दुवा करो
मेरी याददास्त चली जाए…..

*******

देख ज़माने ने,कैसी तोहमत लगाई है;

नशीली आखें तेरी और शराबी हमें कहते है..!!

*******

बेटियों के जन्म पर मातम मनाने वालों…
.
आज उस घर में जाकर देखो जहाँ बेटियाँ नही है ।।

*******

जिस दिन अख़बार में छपेगा ये समाचार,

के देश में नही हुआ एक भी बलात्कार,

उसी दिन सार्थक होगा रक्षाबंधन का त्यौहार….

*******

परिन्दो को मिलेगी मन्जिल यकीनन,, ये फैले हुए उनके पन्ख बोलते हैं।।
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,, जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं।।

*******

जब भी रब दुनिया की किस्मत में चमत्कार लिखता है.

मेरे नसीब में थोड़ा और इंतज़ार लिखता है.

*******

बहुत तमन्ना थी तुम्हारा हो जाने की….
पर क्या पता था…
कि तुम्हें आदत ही नहीं किसी को अपना बनाने की…

*******

मिलने का वादा मुंह से तो उनके निकल गया,
पूछी जगह जो मैंने, कहा हंस के की ख़्वाब में…

*******

जिसकी फितरत थी बगावत करना ,
तुमने उस दिल पर हुकूमत की है..

*******

हम वो शेर हे जीसकी गुफा मे लोगो के पेरो के आने
के नीसान होते हे…. पर जाने के नही….

*******

कितने बरसों का सफर यूँ ही ख़ाक
हुआ।
जब उन्होंने कहा “कहो..कैसे आना हुआ ?”

*******

सुबह को तेरे जुल्फों ने शाम कर
दिया…..

*******

बिखर बिखर सी गयी हैं किताबें
साँसों की…
ये कागज़ात कब कहाँ उड़ जाए ये ख़ुदा जाने…

*******

वो इश्क़ था
या
बवाल था…..

ये
जान-लेवा
सवाल था…..!!!

*******

एक साथ-एक याद, एक याद-एक
दुख, एक दुख-एक चुप, एक चुप-एक रात,
एक रात-एक साथ…

*******

इस ‘नहीं ‘का कोई इलाज नहीं…….
रोज़ कहते हैं आप आज नहीं….!!

*******

हाथों की लक़ीरों में वो मिल
जाए तो क्या बात हो,
वो जिसके बिना ये
हथेलियाँ सूनी सी लगती ह…

*******

ऐ सनम, जिसने तुझे चाँद सी सूरत
दी है……….
उसी अल्लाह ने मुझको भी मुहब्बत दी है…..!!

*******

“बला की प्यास के मारे हैं हम दोनों ज़माने में,
तुम्हारे सामने दरिया, हमारे सामने हो तुम।।।

*******

कुछ अज़ब ढंग से छुआ है हवा ने रुख
को मेरे…
कहीं तुमने इसे चूमके तो नहीं भेजा था ??

*******

तुम्हारे पहले भी बहुत सारे सवाल थें
ज़िन्दगी पर, मौत पर हार पर,
जीत पर तुम्हारे आने पर भी सवाल
वही हैं, पर जवाब एक ही है – “तुम”

*******

हम हलकी हलकी आहें भरते हैं उन्हें
देखके…
उनके कानो से जुल्फें जब हट
जाया करती है…

*******

ज़िस्म से मेरे तडपता दिल कोई
तो खींच लो​ , मैं बगैर इसके
भी जी लूँगा मुझे अब ये यकीन
है ……

*******

तुम्हे छेड़ने का मन करता हैं… छोड़ने
का नही…

*******

“तुझको बिल्कुल भूल गया हूँ,
जा तू भी क्या याद करेगा…।।।

*******

वो परिंदे जो उड़
जाते है फ़िर लौटकर नहीं आते
उनका हिसाब क्या ? दर्द और
राहत दो मासूम परिंदे
ज़िन्दगी से उड़कर कहाँ जाते है ?

*******

वफा, मजहब,
ईमानदारी …कैसी बात करते
हो?

उस दौर में इंसान थे, ये दौर
कुछ और है…

*******

तुम्हारे जुल्फों के पनाह में… मरके
थोडा जी लेने दो ना…

*******

कब तलक ख़ुद को समेटा जाये,
चल कोई ख़्वाब निचोड़ा जाये…

*******

तुम्हारे सपने पूरे नहीं हुए….?
मुझे तो नींद तक नहीं आती….

*******

पथ्थर समझ के हमें मत ठुकराओ ,
कल हम मंदिर में भी हो सकते है…

*******

वक़्त ख़ुशी से काटने का मशवरा देते
हुये ..
रो पड़ा वो ख़ुद ही मुझको हौंसला देते हुये !

*******

इश्क़ कहता है इश्क़बाज़ी कर,
अकल कहती है ख़ुदा राज़ी कर,
इश्क़ करता है बात क़ायदे की,
अकल करती है बात फायदे की…

*******

“क्या कोई नई बात नज़र आती है
हम में …!!
आईना हमें देख के हैरान
सा क्यूँ है”?

*******

तन्हा रात में जब तेरी याद आयी, तन्हाई मिटाने को हमने एक सिगरेट जलाई,
ना जाने कैसे कयामत हो गयी, और धुएं ने भी तेरी तस्वीर बनायी |

*******

बिछड़ के मुझसे तुम अपनी कशिश न
खो देना,
उदास रहने से चेहरा ख़राब होता है।

*******

किताब में दबी….. जब
तेरी उलटी तस्वीर नज़र आती है
“तेरा वो पलट के देखना याद
आता है….”

*******

मैंने मन ही मन कहा और तुमने सुन
भी लिया । बड़ी जल्दी सुन लेते
हो..

*******

आजकल कुछ ख़ास लगती हो, बात
क्या है कुछ तो छुपाती हो!

*******

दिल के छालों को कोई शायरी कहे कोई बात नहीं,
तकलीफ़ तो तब होती है जब लोग वाह-वाह करते हैं।

*******

सुबूत हैं मेरे घर में धुएं के ये धब्बे ….
अभी यहाँ पर उजालों ने ख़ुदकुशी की है…

*******

लोग जाते हे मंदीर मस्जीद, दुआ मांगने राम से,
जनमदीन हो मुबारक, तु मीला हमे साकी जाम से |

*******

उठो तो ऐसे उठो, फक्र हो बुलंदी को भी;
झुको तो ऐसे झुको, बंदगी भी नाज़ करे

*******

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Shayri Part 31


चलो अच्छा हुआ, जो तुम मेरे दर पे
नहीं आए , तुम झुकते नहीं, और मै
चौखटें ऊंची कर नही पाता …

*******

समेट कर रखे ये कोरे पन्ने एक रोज
बिखर जाएंगे …
जिंदगी तेरे किस्से खामोश रहकर
भी बयां हो जाएंगे…

*******

कोई अजनबी ख़ास हो रहा है,
लगता है फिर प्यार हो रहा है !!

*******

वो तूफ़ान है या ज़लज़ला है,
जो भी है है बड़ा दिलजला है ।

*******

मेरी फितरत ही कुछ ऐसी है कि,
दर्द सहने का लुत्फ़ उठाता हु मैं…

*******

“हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते …..
वक़्त की शाख़ से लम्हें नहीं तोड़ा करते”

*******

मैंने पूछा लोग कब चाहेंगे, मुझे
मेरी तरह……
बस मुस्कुरा के कह दिया सवाल अच्छा है….!!

*******

उसने यह सोचकर अलविदा कह
दिया……
गरीब लोग हैं, मुहब्बत के सिवा क्या देँगे…..!!

*******

न करवटे थी न बेचैनियाँ थी,,
क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले…

*******

मैं क्या महोब्बत करूं किसी से, मैं तो गरीब हूँ….
लोग अक्सर बिकते है, और खरीदना मेरे बस में नहीं….

*******

अब तो इन आँखों से भी जलन होती है मुझे…
खुली हो तो ख्याल तेरे!
बंद हो तो ख़्वाब तेरे!..

*******

मेरी आँखों को सुर्ख़ दैख कर केहते हे लौग,,

लगता हे…तेरा प्यार तुझे आज़माता बहुत हे..

*******

सबब तलाश करो…..अपने हार जाने का,,

किसी की जीत पर रोने से कुछ नहीं होगा..

*******

लेकर के मेरा नाम मुझे कोसता तो है,
नफरत ही सही, पर वह मुझे सोचता तो है…

*******

खुद को खुद की खबर न लगे
कोई अच्छा भी इस कदर न लगे….

आपको देखा है उस नजर से
जिस नजर से आपको नजर न लगे ..

*******

छुपा लूंगा तुझे इस तरह से मेरी बाहों में;
हवा भी गुज़रने के लिए इज़ाज़त मांगे;
हो जाऊं तेरे इश्क़ में मदहोश इस तरह;
कि होश भी वापस आने के इज़ाज़त मांगे।

*******

पूछते थे ना कितना प्यार है हमें तुम से

लो अब गिन लो… ये बूँदें बारिश की…

*******

इस कदर उधार लेके खाया है मेने,,,कि दुकानदार भी हमारी जिंदगी की दुआ करते हैं…

*******

घर में तो अब क्या रक्खा है ! वैसे आओ तलाश करें,
शायद कोई ख्व़ाब पड़ा हो इधर उधर किसी कोने में…

*******

तेरे प्यार में हुनर आ गया है
वकीलों सा,

मुझसे मिलने की
तारीख पर तारीख दिए जाते हो …

*******

रोक कर बैठे हैं कई समंदर आँखों में
दगाबाज़ हो सावन तो क्या…
हम खुद ही बरस लेंगे…

*******

हो गई हो कोई भूल, तो दिल से माफ़ कर देना….
सुना है कि, सोने के बाद, हर किसी की सुबह नहीं होती..!!

*******

तम्मन्ना है की कोई हमारी सख्शियत से भी प्यार करे।

वरना हैसियत से प्यार तो तवायफ़े भी करती हैं।

*******

दिल है कदमों पे किसी के सर झुका हो या न हो,
बंदगी तो अपनी फ़ितरत है, ख़ुदा हो या न हो।

*******

यूँ तो सिखाने को ज़िन्दगी बहुत कुछ सिखाती है…!!

मगर ,,
झूठी हंसी हँसने का हुनर तो बस मोहब्बत ही सिखाती है…!!

*******

मैँ कैसा हूँ’ ये कोई नहीँ जानता,

मै कैसा नहीँ हूँ’

ये तो शहर का हर शख्स बता सकता है…

*******

एक तेरे बगैर ही ना गुज़रेगी ये जिंदगी….
बता मैँ क्या करूँ सारे ज़माने की मोहब्बत लेकर॥

*******

जेबका वजन बढाते हुए
अगर दिलपे वजन बढे….
तो समझ लेना
कि सौदा घाटेका ही है..!

*******

उस्ताद ए इश्क सच कहा तूने.,
बहुत नालायक हूँ मै…
मुद्दत से इक शख्स को अपना बनाना नही आया.

*******

“कुछ लोग दुनिया से डर कर फैसले छोड़ देते हैं ,
और कुछ लोग हमारे फैसले से डर कर
दुनिया छोड़ देते हैं…!!

*******

चांद रोज़ छत पर आकर इतराता बहुत था,
कल रात मैंने भी उसे तेरी तस्वीर दिखा दी.

*******

हम ना कहते थे वक्त ज़ालिम है,

देखलो ! ख़्वाब हो गए तुम भी।

*******

औरों के लीए जीते थे, कीसी को कोई शीकायत न थी।
अपने लीए जीने का क्या सोचा, सारा ज़माना दुश्मन हो गया…

*******

कितनी छोटी सी दुनिया है मेरी,
एक मै हूँ और एक दोस्ती तेरी…!!

*******

रात भारी सही कटेगी ज़रूर बापु,
दिन कडा था, मगर गुज़र के रहा..

*******

वो दुआएं काश मैने दीवारों से मांगी होती,,
ऐ खुदा……
सुना है कि उनके तो कान होते है…

*******

तुम्हारे ख्वाबों को गिरवी रखके…

तकिये से रोज़ रात थोड़ी नींद उधार लेता हु..

*******

शायरी मेरा शौक नहीं….
ये तो मोहोब्बत की कुछ सज़ाएं हैं…

*******

पलकें खुली सुबह तो ये जाना हमने,
मौत ने आज फिर हमें ज़िन्दगी के हवाले कर दिया.!

*******

हर बार मिली है मुझे अनजानी सी सज़ा,

मैं कैसे पूछूं तकदीर से मेरा कसूर क्या है।

*******

नरम नरम फूलों का रस निचोड़ लेती है..
पत्थर के दिल होते है तितलियों के सीने में…

*******

अजीब सी बेताबी है तेरे बिना,
रह भी लेते है और रहा भी नही जाता…

*******

“जाने क्यों रिश्तों में जज्बात बदल जाते हैं.
कभी लोग तो कभी हालात बदल जाते हैं.”

*******

लोग जाते हे मंदीर मस्जीद, दुआ मांगने राम से,
जनमदीन हो मुबारक, तु मीला हमे साकी जाम से |

*******

दुअा करो कि सलामत रहे मेरी हिम्मत,
यह एक चिराग कई आंधियो पर भारी है !!

*******

ना इश्क़ हार मानता

और ना ही दिल बात मानता

क्यों नहीं तुम ही मान जाते,,,,

*******

“टूट जाऊँ मोहब्बत में या फिर टूट कर मोहब्बत करुँ….
इस बार मेरे पास बस इक यहीं रास्ता हैं..”

*******

सिगरेट के साथ बुझ गया सितारा शाम का,
मयखाने पुकारे.. ग्लास की उम्र होने आई है…

*******

लोग मेरी दीवानगी को फ़कीरी समझते रहे..

मैं तो उसे देखने की खातिर भीक मांगता रहा ..

*******

“ज़माना जब भी मुझे मुश्किल मे डाल देता है.
मेरा ख़ुदा हज़ार रास्ते निकाल देता है”..

*******

दुनियाँ की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाया करती है दोस्तो…

एक ” कामयाबी ही है जो ठोकर खा के ही मिलती है …!!”

*******

जब तक हम किसी के हमदर्द नही बनते,
तब तक हम दर्द से और दर्द हमसे जुदा नही होता…!!!

*******

एक बेबफा के जख्मो पे मरहम लगाने हम गए..
मरहम की कसम मरहम न मिला मरहम की जगह मर हम गए…

*******

लगता है बारिश भी मैखाने जाकर आती है..!!

कभी गिरती, कभी संभालती,
तो कभी लड़खड़ा कर आती है..!!

*******

क्या रोग दे गई है ये नए मौसम की बारिश,
मुझे याद आ रहे हैं मुझे भूल जाने वाले…!!!!

*******

इतने जालिम न बनो कुछ तो दया सीखो,
तुम पे मरते हैं तो क्या मार ही डालोगे।।

*******

शीशे में डूब कर पीते रहे उस
‘जाम’ को…

कोशिशें तो बहुत की मगर,
भुला न पाए एक ‘नाम’ को !!

*******

मैने फल देख के इन्सानों को पहचाना है,
जो बहुत मीठे हों अंदर से सड़े रहते हैं !

*******

गुलाम हु मै अपने घर के संस्कारो का ,
वरना मै भी लोगो को उनकी औकात दीखाने का हुनर रखता हुं..!!!

*******

तुझमेँ और मुझमेँ फर्क है सिर्फ इतना,
तेरा कुछ कुछ हूँ मैँ,और मेरा सब कुछ है तू…..

*******

जो न मानो तो फिर तोल लेना तराजू के पलड़ों पर,

तुम्हारे हुस्न से कई ज्यादा मेरा इश्क भारी है।

*******

फटी जेब सी ज़िन्दगी, सिक्को से दिन…
लो आज फिर ..इक गिर कर गुम हो गया..!!

*******

इक न इक रोज़ कहीं ढूँढ ही लूँगा तुझको,,

ठोकरें ज़हर नहीं हैं, कि मैं खा भी न सकूँ..

*******

सिर्फ ख्वाबो से ही नही मिलता सुकुन सोने का ,
किसी की याद मे जागने का मजा ही कुछ और है…

*******

तु मिल गई है ताे मुझ पे नाराज है खुदा,
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है..!!

*******

तुम सामने आये तो, अजब तमाशा हुआ..
हर शिकायत ने जैसे, खुदकुशी कर ली..!!

*******

निग़ाहों में अभी तक दूसरा कोई चेहरा ही नहीं आया.. !!

भरोसा ही कुछ ऐसा था,तेरे लौट आने का…!!

*******

परेशान न हो, में गम में नहीं हुं,
सिफॅ मुस्कराने कीआदत चली गई हैं !

*******

ख़ुशी तकदीरो में होनी चाहिए,
तस्वीरो में तो हर कोई खुश नज़र आता है…

*******

तू बदनाम ना हो,
सिर्फ इसलिये जी रहा हूं मै

वरना तेरी चौखट पे मरने का
इरादा तो रोज़ ही होता है…..

*******

शब्द मुफ्त मिलते है…,
आप जिस तरह उपयोग करे,
वैसी कीमत चुकानी पड़ती है…।

*******

जाम तो उनके लिए है
जिन्हें नशा नहीं होता
हम तो दिनभर “तेरी यादों के
नशे में यूँ ही डूबे रहते है।

*******

जहर …
मरने के लिए थोडा सा.. !
लेकिन.
जिंदा रहने के लिए ……. बहुत
सारा पीना पड़ता है ..!!

*******

नाम छोटा है मगर दील बडा रखता हुँ….¡¡¡
पैसो से इतना अमीर नही….¡¡¡

मगर अपने यारो के गम खरीदने की औकात रखता हु…

*******

मुश्किलोंकी लहरोंको चिरकर मंजील हम पा लेंगे..
ऐ जिंदगी तु बस देखती जा..

*******

“जो तालाबों पर चौकीदारी करते हैँ.
वो समन्दरों पर राज नहीं कर सकते”..

*******

यार तो अक्सर मदिरालय मे हीं मिलते हैं,
वर्ना अपने तो मंदिर में भी मुँह मोड़ते हैं…

*******

जब हो थोड़ी फुरसत, तो अपने मन की बात हमसे कह लेना…….
बहुत खामोश रिश्ते…. कभी जिंदा नहीं रहते…….

*******

दुनिया में रहने के लिये दो ही जगह अच्छी हे,
किसीके ‘दिल’ में या किसीके ‘दुआ’ में. दिल तो हमारे नसिब नही, बस दुवा में याद रखना….

*******

मत पूछ के किस तरह से चल रही है जिन्दगी…….,,,
उस दौर से गुजर रहे है…..,,जो गुजरता ही नही..!

*******

लब ये कहते हैं कि चलो अब मुस्कुराया जाये,

सोचती हैं आखे, दिल से दगा कैसे किया जाये….!!

*******

एक तरफ एक क़ातिल है एक तरफ एक हसीना !
मै क़ातिल की तरफ गया,सोचकर की वो एक ही बार मौत देगा !!

*******

कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है…

*******

अब ढूढ़ रहे हें , वो मुझ को भूल जाने के तरीके…!!
खफा हो कर उसकी मुश्किलें आसन कर दी मेने..!!

*******

“एक ही बात इन लकीरों में अच्छी हैं..
धोखा देती हैं, मगर रहती हाथ में ही हैं..”

*******

खुदा भी आख़िर पुछेगा मुझसे,,

मुझे पाँच वक़्त…उसे हर वक़्त..

*******

तफसीले छोड़ो…
बस इतना सुनो…

तुम बिछड़ गए…
हम बिखर गए…

*******

जुबाँ न भी बोले तो,
मुश्किल नहीं…

फिक्र तब होती है जब…
खामोशी भी बोलना छोड़ दें…।।

*******

क्यों गरीब समझते हैं हमें ये जहां वाले,

हजारों दर्द की दौलत से मालामाल हैं हम…

*******

हम रखते है ताल्लुक तो निभाते है जिंदगी भर,
हम से बदले नहीं जाते रिश्ते, लिबासो की तरह.

*******

एक तेरी ख़ामोशी जला देती है इस पागल दिल को;
बाकी तो सब बातें अच्छी हैं तेरी तस्वीर में !!!

*******

एक बस तुम से बात हो जाए तो रात को दिल कहता है..

“आज दिन अच्छा था”…….

*******

लबों पे अपने कुछ सवाल ले आते थे रोज़… वो इन्हें चूमकर… अक्सर जवाब छोड़ जाया करती थी…

*******

कुछ कुछ सिगरेट के धुएँ का काम था,
और बाकी का काम
तुम्हारे लबों पे सुलगते इश्क ने
और ये लब मेरे… काले से हो गए…

*******

सब वैसा ही है,
कल जैसा।
बस मैं तुमसा हो गया,
और तुम आज भी वही हो,
बेखबर।

*******

मेरे हर ख़्वाब को पूरा करने का ख़्वाब देखते हैं पिताजी…
कुछ सपने उनके अधूरे रह गए होंगे शायद….

*******

अभी मुठ्ठी नहीं खोली है मैंने आसमां सुन ले..
तेरा बस वक़्त आया है मेरा तो दौर आएगा…!!

*******

खामोशियाँ कर दें बयान तो अलग बात है,
कुछ दर्द हैं जो लफ्जों में उतारे नहीं जाते…

*******

मुफ्त मे अहसान न लेना यारों ,,,
दिल अभी ओर भी सस्ते होंगे बाज़ार में …..

*******

अब समझ लेते हैं, मीठे लफ़्ज़ की कड़वाहटें ,
हो गया है ज़िन्दगी का तजुर्बा थोड़ा बहुत…

*******

इतना कीमती न कर तू खुद को,अक्सर लोग मँहगी चीजों को देखकर छोड़ देते हैं!

*******

सुखे पेड़ों पर परिन्दे भी नहीं आते,,

मुफ़लिसी हो तो मेहमान भी घर नहीं आते..

*******

लोग कहते हैं कि तुम्हारी आसतिन मे साँप है ।
मगर क्या करें हमारा वजूद ही चंदन का है ।

*******

तु मिल गई है ताे मुझ पे नाराज है खुदा..

कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है..!!

*******

कितने झूठे हो गये है हम,
बच्चपन में अपनों से भी रोज रुठते थे, आज दुश्मनों से भी मुस्करा के मिलते
है!!

*******

जो फ़किरी मिजाज रखते हे वो ठोकरो मे भी ताज रखते हे ,
जीनको कल की फ़िकर नही वो मुठ्ठी मे भी आज रखते है ॥

*******

इश्क की गहराईयों में खूबसूरत क्या है,
मैं हूँ, तुम हो और कुछ की ज़रुरत क्या है!!?

*******

मेरी दोस्ती का फायदा उठा लेना, क्युंकी…
मेरी दुश्मनी का नुकसान सह नही पाओगे…!

*******

छोटे थे तो सब नाम से बुलाते थे
बड़े हुए तो बस काम से बुलाते है!

*******

लौट आता हूँ वापस घर की तरफ…
हर रोज़ थका-हारा, आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ या काम करने के लिए जीता हूँ।

*******

मैं एकेला नही रहता हुं जब मैं मेरे साथ होता हूँ ,
मैं तन्हा हो जाता हूँ जब मैं तेरे साथ होता हूँ…

*******

हँस कर दर्द छुपाने की कारीगरी मशहूर है मेरी,,,
पर कोई हुनर काम नहीं आता ,जब तेरा नाम आता हैं…!!

*******

ये खामोश मिजाजी तुम्हें जीने नहीं देगी ,,,
इस दुनिया में जीना है तो कोहराम मचा दो।।

*******

मुझे इतना नीचे भी मत गिराना हे ईश्वर! कि मैं पुकारूँ और तू सुन ना पाये;
और इतना ऊँचा भी मत उठाना कि तू पुकारे और मैं सुन ना पाऊं।

*******

तुझे हकीक़त में अक्सर लोग मुझसे छीन लेते हैं,
तुम मिलने मुझसे आया करो अब सिर्फ ख़्वाबों में।

*******

अमीर होता तो खरीद लाता दिल नकली…!
दिलदार हूँ इसलिये दे रहा हू दिल असली…!

*******

तु भी समज जाओगे अंजामे मौहब्बत ऐ दोस्त,
मौत किस्तो मे जब आती है तो बहुत ददॅ होता है…

*******

मैं तेरे नसीब कि बारिश नहीं जो तुजपे बरस जाऊं!
तुजे तक़दीर बदलनी होगी मुझे पाने के लिए!

*******

दर्द सेहने की आदत कुछ इस कदर हाे गई,
की जब दर्द नहीं मिलता ताे दर्द हाेता है..!!

*******

वो अच्छा है तो अच्छा है,वो बुरा है तो भी अच्छा है,,
दोस्ती के मिजाज़ में, यारों के ऐब नहीं देखे जाते!!

*******

मुझे लिख कर कही महफूज़ कर लो दोस्तो ..

आपकी यादाश्त से निकलता जा रहा हूँ में !!

*******

आओ ….. ताल्लुकात को कुछ और नाम दें,
..
ये दोस्ती का नाम तो बदनाम हो गया..

*******

आसमा में मत ढूढ अपने सपनों को,
सपनों के लिए तो जमी जरूरी है.

सब कुछ मिल जाये तो जीने का क्या मजा,
जीने के लिए एक कमी भी जरूरी है…

*******

मैं सब जगह हूँ…|| पसंद करने वालों के “दिल” में, और नापसंद करने वालों के “दिमाग” में…

*******

जंगल मे जब शेर चैन की निन्द सोता है,
तो कुतो को गलतफहमी हो जाती है
के इस जंगल मे अपना राज है…

*******

सुना है मोहब्बत कर ली तुमने भी

अब किधर मिलोगे ?

पागलखाने या मैखाने…!!!

*******

ऐ खुदा काश तेरा भी एक खुदा होता तो
तुझे भी ये अहसास होता कि,
दुआ कुबुल ना होने पे कितनी तकलीफ होती है…

*******

जिन्दगी प्यार की दो चार घड़ी होती है |
कोन सी चीज महुब्बत से बड़ी होती है ||

*******

उसे बोल दो कि मेरे खवाबो मे ना आया करे,
रोज आँख खुलती हे और दिल टुट जाता हे!!

*******

उसे हम याद आते है मगर फुर्सत के लम्हों में !
यह बात और है की उसे फुर्सत ही नहीं मिलती .

*******

आओ कुछ देर ज़िक्र कर्रें उन दिनों का,
जब तुम हमारे और हम तुम्हारे थे..!!

*******

वो मेरि होगि तो लोट आएगि एक दिन मेरे पास,
हम जिसे प्यार कर्ते हे उसे कैद नहि कर्ते..!!!

*******

तूम्हारे बाद मेरा कोन बनेगा हमददॅ ..;;

मेने अपने भी खो दीए.. तूम्हे पाने कि जीद मे …;

*******

तेरी चुप्पी ग़र… तेरी कोई मज़बूरी है.!.

तो रहने दे… इश्क़ कौन सा ज़रूरी है..!!

*******

हमने अपने नसिब से ज्यादा अपने दोस्तो पर
भरोसा रखा है.”क्यु की नसिब तो बहोत बार बदला है”. लैकिन मेरे दोस्त अभी भी वहि है”

*******

जा जाकर धड़क उसके सीने में ऐ दिल…
हम उसके बिना जी रहे है तो तेरे
बिना भी जी लेंगे!!….

*******

निकले थे कुछ अच्छा करने, पर बदनाम हो गए…
अब अफसोस क्या करना जब सरेआम हो गये…!!

*******

दुखती रग पर ऊँगली रखकर पूछ रही हो कैसे हों …
तुमसे ये उम्मीद नहीं थी दुनिया चाहे जैसी हों …

*******

सजा तो मुझे मिलना ही थी मोहब्बत में !
मैंने भी तो कई दिल तोड़े थे तुझे पाने के लिए!

*******

रेस वो लोग करते है जीसे अपनी किस्मत आजमानी हो,

हम तो वो खिलाडी है…!!
जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है.

*******

झूठ अगर यह है कि तुम मेरे हो,तो यकीन मानो , मेरे लिए सच कोई मायने नहीं रखता…

*******

मैं तेरे नाम का एक सपना हूँ

और तू?
तू मेरे हिस्से की नींद हैं
जो मुझसे दूर… बहुत दूर रहती हैं…

*******

खुशियाँ तो कब की रूठ गयी हैं काश की,
इस ज़िन्दगी को भी किसी की नज़र लग जाये..

*******

उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था ए दोस्त…..

भूल गये थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती…

*******

कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है…

*******

वो दोस्त मेरी नजर में
बहुत माएने रखते है,

वक़्त आने पर सामने
जो मेरे आइने रखते है…

*******

ये इश्क भी क्या चीज़ है ग़ालिब..
एक वो है जो धोखा दिए जाते हैं..

और एक हम है,
जो मौका दिए जाते हैं……

*******

समंदर के बीच पहुँच कर फ़रेब किया तुमने,
तुम कहते तो सही किनारे पर ही डूब जाते हम…

*******

दर्द तो अकेले ही सहते हैं सभी.
भीड़ तो बस फ़र्ज़ अदा करती है….

*******

प्यार के नाम पे यहाँ तो लोग खून पीते है,
मुझे खुद पे नाज़ है की मैं सिर्फ शराब
पीता हु..!!!

*******

पलकों की हद को तोड़ कर दामन पे आ गिरा,

एक अश्क़ मेरे सब्र की तौहीन कर गया….

*******

दूर ईतना ही जाना ….
की तेरी आहट से आवाज़ मेरी टकराती रहे …

*******

इधर आ रक़ीब मेरे, मैं तुझे गले लगा लूँ
मेरा इश्क़ बे-मज़ा था, तेरी दुश्मनी से पहले…

*******

मेरी फितरत ही कुछ ऐसी है कि,
दर्द सहने का लुत्फ़ उठाता हु मैं…

*******

गुनाह है गर इश्क तो……………
कबूल है मुझे हर सज़ा इश्क की…

*******

उसने यह सोचकर अलविदा कह
दिया……
गरीब लोग हैं, मुहब्बत के सिवा क्या देँगे…..!!

*******

न करवटे थी न बेचैनियाँ थी,,
क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले…

*******

मैंने पूछा लोग कब चाहेंगे, मुझे
मेरी तरह……
बस मुस्कुरा के कह दिया सवाल अच्छा है….!!

*******

लफ़्ज़ों से काश बयाँ कर पातें,
ख़ामोशियाँ क्या असर करती हैं..!!!

*******

लिपटे तुझसे कुछ यूँ… कि बिछड़ने का तरीक़ा भूल गए…

*******

तुमसे पहले भी रातें बीतती थी बिना नींद के ही…
तुम्हारे आने से इन आंखों को जागने का एक मतलब मिल गया…

*******

साला किस्मत भी ऐसी है की जिस दिन मेरा सिक्का चलेगा न,
ठीक उसी दिन सरकार सिक्कों पे रोक लगा देगी।

*******

चले जाएंगे तुझे तेरे हाल पर छोड़कर… कदर क्या होती है ये तुझे वक्त सिखा देगा…

*******

एक आह पे मेरी गिरते थे जिनके हजारो आंसू…..
आज वो भी मेरे ज़ख्मो पे मुस्कुराने लगे ….!

*******

दर्द की चाहत किसे होती है मेरे दोस्त,
ये तो मोहब्बत के साथ मुफ़्त में मिलता है..!!

*******

बहुत मुस्कुरा रहे हो जनाब,
लगता है तुम्हारा इश्क अभी नया नया है ।..

*******

ऐ जिंदगी तू सच में बहुत ख़ूबसूरत है…!
फिर भी तू, उसके बिना अच्छी नहीँ लगती…!!

*******

उनकी चाल ही काफी थी इस दिल के होश उड़ाने के लिए…

अब तो हद हो गई जब से वो पाँव में पायल पहनने लगे !!

*******

हैसियत की बात ना कर दोस्त,
तेरी जेब से बड़ा मेरा दिल है.!!

*******

शायरी से ज्यादा प्यार मुझे कहीं नही मिला..
ये सिर्फ वही बोलती है, जो मेरा दिल कहता है…!!!

*******

क्या हुआ अगर हम किसी के दिल में नहीं धड़कते, आँखों में तो बहुतों के खटकते हैं…

*******

ना हि हम नेता हे ओर ना हि गुंडे पर ,,
जहा जाते वहा लोग हाथ जोडते कयुकि हम ठककर है।।।।

*******

ख्वाईशें बाादशाहों को गुलाम बना लेती है,
पर सब्र गुलाम को बादशाह बना देता है..!!!

*******

अब अगर हमको खुशी मिल भी गई तो कहाँ रखेंगे
हम….
आँखों में हसरते है और दिल में किसी का ग़म….

*******

पैदा तो सभी मरने के लिये ही होते है..
पर मौत ऐसी होनी चाहिए, जिस पर जमाना अफसोस करे…!!

*******

कभी किसी की, मोहब्बत को मत परखना मेरे दोस्त…
क्योकि..
किसी गरीब कपड़ो के अन्दर, एक अमीर दिल मौजूद हो सकता है..!

*******

‘सब्र’ एक ऐसी ‘सवारी’ है जो अपने ‘सवार’ को कभी गिरने नहीं देती;
ना किसी के ‘क़दमों’ में और ना किसी के नज़रों ‘में’।

*******

बस इन्सान ही है जो किसी से मिलता जुलता नहीं,
वरना ज़माना तो भरपूर मिलावट का चल रहा है…….

*******

ये मोहब्बत भी आग जैसी है ..लग जाये
तो बुझती नही..और…बुझ जाये तो..जलन होती है…!

*******

तू तो ख्वाब थी, हकीकत कभी हुईं तो नहीं…
मैंने बस ख्वाब हारा है, तुझे पाने का हौसला तो नहीं..!

*******

कुछ लौग ये सोचकर भी मेरा
हाल नहीं पुँछते…!

कि यै पागल दिवाना फीर कोई
शैर सुना देँगा .!!

*******

बचपना अब भी वही है हममें ….
बस ज़रूरतें बड़ी हो गयीं हैं ….

*******

झुक के जो आप से मिलता होगा,
उस का क़द आप से ऊँचा होगा…

*******

मर जाता हूँ, जब यह सोचता हूँ
मै तेरे बग़ैर जी रहा हूँ…

*******

वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त…..
मजा तो तब है जब वक्त बदल जाये पर यार ना बदले….

*******

तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं,
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं…

*******

वो तो कह कर चली गयी की मुझे कल से भूल जाना..

सदियों से में”आज”को रोक कर बैठा हूँ !!

*******

मसला जब भी चला है खूबसूरती का,
फैसला सिर्फ आपके चहेरेने कियां है….!!!

*******

आईना खफा हो गया,
जब चहेरे बदल गये………..

*******

याद तो अब भी है तेरी, दिल में..
पर वो रास्ता, वो मंजिले खत्म हो गयीँ..!

*******

वो बड़े ताज्जुब से पूछ बैठा मेरे गम
की वजह..
फिर हल्का सा मुस्कराया, और कहा,
मोहब्बत की थी ना… ??

*******

मत कर यूं बेपनाह इश्क, ऐ नादां दिल उनसे..
बहुत जख़्म लगते हैं, जब उँचाई से गिरते हैं..!

*******

तू रूठी रूठी सी रहती है ऐ जिंदगी!!!,
कोई तरकीब बता तुझे मनाने की!!!,

मैं साँसें गिरवी रख दूंगा अपनी!!!,
बस तू कीमत बता मुस्कुराने की!!!

*******

कबर को देख के ये रंज होता है “दोस्त”,
के इतनीसी जगह के लिए मरना पड़ा…

*******

हार ने के लिये तो बहुत कुच है मेरे पास.
बस मेरी ” जीत “सिफँ तुम…

*******

मोहब्बत भीख है शायद..
बड़ी मुश्किल से मिलती है.!!

*******

नही हो सकता कद
तेरा ऊँचा किसी भी माँ से….

ए खुदा…..!! तू जिसे आदमी बनाता है,
वो उसे इन्सान बनाती है….!!

*******

तलाशी लेकर मेरे हाथों की, क्या पा लोगे तुम बोलो…
बस..
चंद लकीरों में छिपे, अधूरे से कुछ किस्से हैं..!

*******

शायरी मेरा शौक नही, दोस्तों….
ये तो, मोहब्बत की कुछ सज़ाएं हैं.!!

*******

न दर्द हुआ सीने में, न माथे पे शिकन आई…
इस बार जब दिल टूटा तो बस मुस्कान आई…

*******

बात तो सिर्फ जज़्बातों की है
वरना,
मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती…

*******

ख़ामोशी छुपाती है ऐब और हुनर दोनों ,

शख्सियत का अंदाज़ा गुफ्तगू से होता है ..!!

*******

काश किस्मत भी नींद
की तरह होती ,
हर सुबह खुल जाती …

*******

सुलग रही हैं अगरबितयाँ सी मुझ में,
तेरी याद ने महका भी दिया और जला भी दिया…

*******

दिलों में खोट है ज़ुबां से प्यार करते हैं…

बहुत से लोग दुनिया में यही व्यापार करते हैं…

*******

दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे,
जब बरसी ख़ुशियाँ …
न जाने भीड़ कहा से आई………

*******

“उम्र भर चलते रहे …मगर कंधो पे आये कब्र तक,

बस कुछ कदम के वास्ते गैरों का अहसान हो गया……!!

*******

मुझे किस तरफ जाना है कोई खबर नहीं,ए-दोस्तों,
मेरे रस्ते खो गए…मेरी मोहोब्बत की तरह.

*******

अजीब कहानी है इश्क और मोहब्बत
की,
उसे पाया ही नहीं फिर भी खोने से
डरता हूँ…

*******

दिलो जान से करेंगे हिफ़ाज़त तेरी..
बस एक बार तू कह दे कि ” मैं अमानत हूं तेरी..

*******

हो सके तो अब कोई सौदा ना करना….!
मैं पिछली महोब्बत में जिन्दगी हार
आया हूँ!

*******

क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज,
हाल हमारा पूँछ कर …
हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा हैं. .

*******

साला दिल तो सिने मैं होता है….पर
जब टूटता है,
तो दर्द पुरे जिस्म मैं होता है…

*******

एक शर्त पर खेलूँगा ये प्यार की बाज़ी,
मैं जीतू तो तुझे पाऊँ, और हारूँ तो तेरा हो जाऊ…

*******

हथेलियों पर मेहँदी का ”जोर ना डालिये…

दब के मर जाएँगी मेरे “नाम” कि लकीरें…!!!!

*******

ये बड़े शहर और बेइंतेहा ऊँची इमारतें…
के अब ये अँधेरा रात में कम और दिल में ज्यादा होता है…!!

*******

तुम्हारा ख्याल भी तुम्हारी तरह मेरी नही सुनता….!!
जब आता हैतो बसआता ही चला जाता है….!!

*******

नशा दौलत का हो, या शोहरत का
चूर कर देता है।
और नशा अगर मोहब्बत का हो,तो मशहूर कर देता है।।

*******

मैं तुम्हारी कुछ मिसाल तो दे दूँ…….
मगर जानां… !

जुल्म ये है कि …
बे-मिसाल हो तुम” …!!!

*******

क़ाश कोई ऐसा हो,
जो गले लगा कर कहे,
तेरे दर्द से,
मुझे भी तकलीफ होती है..

*******

इंसान बिकता है …
कितना महँगा या सस्ता ये
उसकी मजबूरी तय करती है…!

*******

आज फिर जख्मों पर नमक डाला गया है….

फिर मुद्दा तेरा-मेरा आज उछाला गया है…

*******

इश्क़ में ख्वाब का ख्याल किसे,
ना लगी आँख, जब से आँख लगी।

*******

जब पैसा होता हे तब आप दुनिया को देखते हो,
जब नहो तब दुनिया को समजते हो…

*******

शेर अगर चूप है तो इसका मतलब ये नही .की वो दहाड़ना भूल गया…

*******

बहुत उदास बैठे हो….

कहो तो दिल दूं खेलने के लिए….!!

*******

चलो आज फिर थोड़ा मुस्कुराया जाएँ,
बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाएँ…

*******

मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है;
पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है।

*******

तड़पते है नींद के लिए तो यही दुआ निकलती है !!!
बहुत बुरी है मोहबत,
किसी दुश्मन को भी ना हो…!!

*******

हम मतलबी नहीं की चाहने वालो को धोखा दे ,
बस हमें समझना हर किसी की बसकी बात नही !!!

*******

तुं हर जगह खबसुरती तलाश न कर,
हर अच्छी चीज मेरे जैसी नहीं होती !

*******

खुशियाँ पैसों की मोहताज नहीं होती.. खुशियाँ हो तो बरकत भी हो जाती है।

*******

ये तारों की नीरसता और चाँद का धुंधलापन — मेरी बेबसी का बयान हैं।

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अजब दस्तूर है ज़माने का,, लोग यहाँ पूरी इमानदारी से अपना ईमान बेचते हैं,,

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मुझको मेरे अकेलेपन से अब शिकायत नहीँ है।
मैँ पत्थर हूं मुझे खुद से भी मुहब्बत नहीँ है।

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तेरे हाथों में मुझे अपनी तक़दीर नज़र आती है;

देखूं मैं जो भी चेहरा तेरी तस्वीर नजर आती है…

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मेरी मौत पे किसी को अफ़सोस हो न हो,,
ऐ दोस्त पर तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफर चला गया..!!

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कितना भी चमके,
पीठ पीछे हर आईना काला ही हाेता है..!!

*******

क्या बताये कैसे कैसे मिल जाते है लाेग,
रहम दिल क्या हुए राेज छल जाते है लाेग..!!

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कर सको तो किसी को खुश करो
दुःख देते तो हजारों को देखा है….

*******

ए दोस्त…..

कौन कहता है की मुझ में कोई कमाल रखा है……

मुझे तो बस कुछ दोस्तो ने संभाल रक्खा है……

*******

इश्क़ बुझ चुका है,
क्यूंकि हम ज़ल चुके हैं….

*******

नहीं चाहिए वो जो मेरी किस्मत में नहीं ,
भीख मांग कर जीना मेरी फितरत में नहीं..!!

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हमने तो इससे कंही ज्यादा सहा है जिंदगी में,
आपका हमसे मुहँ मोड़ जाना कोई बड़ी बात नही..!!

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ढूंढ़ रही है वो मुझसे ख़फ़ा होने का तरीका,
सोचता हूँ थप्पड़ मारकर उसकी मुश्क़िल आसान कर दूँ..!!

*******

खेल ताश का हो या ज़िन्दगी का

अपना इक्का तभी दिखाना चाहिए

जब सामने वाला बादशाह निकाले..

*******

“तुम शिकायतें बहुत करती हो,बिछड़ने की!
पहले भी यही करती थी पर, मिलने की!!”

*******

शायद अब इश्क उतर रहा है सर से…..
मुझे अलफ़ाज़ नहीं मिलते शायरी के लिए….!

*******

‘नमक’ की तरह हो गयी है जिंदगी…
लोग ‘स्वादानुसार’ इस्तेमाल कर लेते हैं…!!!

*******

तेरे गुस्से पर भी आज हमें प्यार आया है..
चलो कोई तो है.. जिसने इतने हक से, हमें धमकाया है..!!

*******

जिंदगी बस इतना अगर दे दे तो काफी है… के सर
से चादर न हटे , और पांव भी चादर में रहे…!!!

*******

“दर्द को दर्द से न देखो,
दर्द को भी दर्द होता है,
दर्द को ज़रूरत है दोस्त की,
आखिर दोस्त ही दर्द में हमदर्द होता है”

*******

लहराती जुल्फे , कजरारे नयन , और ये रसीले होंठ …
बस कत्ल बाकी है , औज़ार तो सब पुरे हैं …

*******

चलो सिक्का उछाल के कर लेते हैं फैसला आज,
चित आये तो तुम मेरे और पट आये तो हम तेरे.

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नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से..
मैंने आने न दिया उसको तेरी याद से पहले…!!

*******

किस्मत तो लिखी थी मेरी सोने की कलम से,
पर इसका क्या करें कि स्याही में ज़हर था..

*******

ये मोहब्बत है या नफरत कोई इतना तो समझाए,
कभी मैं दिल से लड़ता हूँ कभी दिल मुझ से लड़ता है…

*******

अपनी तक़दीर में तो कुछ ऐसा ही सिलसिला लिखा है,
किसी ने वक़्त गुजारने के लिए अपना बनाया,
तो किसी ने अपना बना कर वक़्त गुज़ार लिया.

*******

जीतने वाला ही नहीं, बल्कि ‘कहाँ हारना है’ ये जानने वाला भी सिकंदर होता है..

*******

सब कुछ पा लिया मैंने , पर वो तेरे मेंहदी लगे हाथ मेरे ना हो सके..!!

*******

अब तो डरने लगा हुँ मैं …जब कोई कहता हैं की “मेरा विश्वास तो करो”.

*******

तेरे होते हुए भी तन्हाई मिली है,
वफ़ा करके भी देखो बुराई मिली है,

जितनी दुआ की तुम्हे पाने की,
उस से ज़यादा तेरी जुदाई मिली है…

*******

मैने कभी जुठ बोलना सीखा नही, ईसीलीये तो कई लोग मूजसे नफरत करते है…

*******

वो मेरी हसरत थी मैं उसकी जरुरत था ..

फिर क्या था ,

जरुरत पूरी हो गई हसरत अधूरी रह गई…

*******

नजर अंदाज करने कि कुछ तो वजह बताई होती,

अब में कहाँ कहाँ खुद में बुराई ढूँढू …!

*******

जब गिला शिकवा अपनों से हो तो ख़ामोशी भली…,,,

अब हर बात पर जंग हो जरूरी तो नहीं…!!!

*******

इश्क ने कब इजाजत ली है आशिक़ों से,
वो होता है, और होकर ही रहता है..!

*******

दिल ने आज फिर तेरे दीदार की ख्वाहिश रखी है,
अगर फुरसत मिले तो ख्वाबों मे आ जाना….. !

*******

तुम आओ और कभी दस्तक तो दो इस दिल पर…
प्यार उम्मीद से कम हो तो सज़ा-ऐ-मौत दे देना ॥

*******

तुम याद भी आते हो तो चुप रहते हैं, ….!!
के आँखो को खबर हुई तो बरस जाएंगी !!

*******

बिछड़ के वों रोंज मिलता हैं ख़्वाब नगर में…!!

अगर ये नींद भी ना होंती तों हम मर गये होंते…!!

*******

उसने पूछा कि कौनसा तोहफा है मनपसंद….?
मैंने कहा..वो शाम जो अब तक उधार है..

*******

कोई दगा देता है किसी को….
तो ‘तुम्हारी’ और याद आती है….

*******

कारन अगर रोने का पूछे तो फ़कत इतना कह देना….
मुझे हँसना नही आता, जहाँ पर वो ना हो….

*******

ऐ मोहब्बत तू शर्म से डूब मर,एक शख्श को तू मेरा ना कर सकी…!!!

*******

जब सब तेरी मरजी से होता हे…
तो ऎ खुदा, ये बन्दा गुनाहगार केसे हो गया…

*******

वो शख्स फिर से मुझे तोड़ गया आज ,

जिसे कभी हम पूरी दुनिया कहा करते थे…

*******

याद नहीं वो रूठा था या मैं रूठा था,

साथ हमारा जरा सी बात पे छूटा था….

*******

तुम्हे हक़ है अपनी ज़िन्दगी जैसे चाहे जियो तुम…

बस जरा एक पल के लिए सोचना तुम मेरी ज़िन्दगी हो ….

*******

काश ये मोहब्बत ख्वाब सी होती,
बस आँखे खुलती और किस्सा खत्म.

*******

कुछ लोग ये सोचकर भी मेरा हाल नहीं पुँछते…!

कि ये पागल दिवाना फीर कोई शैर सुना देँगा….

*******

उलझते जाते है तेरे हर सवाल से ए ज़िन्दगी,
क्यों तुझे ज़वाबों से इतना लगाव सा है।।

*******

हमे भी आते हैं अंदाज़ दिल तोड़ने के,

हर दिल में खुदा बसता है यही सोचकर चुप हू मै ।।

*******

हम तो उम्र भर के मुसाफ़िर हैं..
मत पूछ, तेरी तलाश में कितने सफ़र किए हैं हमने ।।

*******

वक़्त के साथ ढल गया हूँ मैं,
बस ज़रा-सा बदल गया हूँ मैं l

*******

दिल से
मजबूर हुये
बैठे थे…
हाथों में तुम्हारी
तस्वीर लिये बैठे थे…..!!!

*******

जान दे सकते हैं हम ,
आपकी खातिर यही हमारे बस में है,

गरीब लोग हैं
नहीं करते बातें सितारे तोड़ लाने की … !

*******

चीजों की कीमत मिलने से पहले होती है,
और इंसानों की कीमत खोने के बाद…!

*******

कुछ लोगों को क्या खूब खुशियाँ मिलती है,
प्यासे को पानी नहीं मिलता,
और समुन्दर में नदियां मिलती हैं..!!

*******

एक तुम को अगर चुरा लूँ मैं….
हाय !
सारा जमाना गरीब हो जाये….!!

*******

ऐसा नहीं कि शख्स अच्छा नहीं था वो ,
जैसा मेरे ख्याल में था बस वैसा नहीं था वो ……

*******

हिचकियों को न भेजो अपना मुखबिर बना के..
हमें और भी काम हैं तुम्हें याद करने के सिवा..

*******

सोचा आज उसके सिवा कुछ और सोचूं,
और अभी तक इसी सोच मे हूँ की क्या सोचूँ??!!

*******

कुछ खास नहीं इन हाथों की लकीरों में,,
मगर तुम हो तो एक लकीर ही काफी है….

*******

दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती हैं…
शाम ढले इस सूने घर में मेला लगता है..

*******

हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए…
जब हम सिमट के आपकी बाहों में आ गए…

*******

बुझतें हुएं दिये पे हवाने असर किया,
मां ने दुआएं की तो दवाने असर किया.

– डो. नवाज देवबंदी

*******

मोहब्बत में सर झुका देना कुछ मुश्किल नहीं,
रौशन सूरज भी चाँद कि ख़ातिर डूब जाता है…

*******

शायरी मे सिमटते कहाँ है दिल के दर्द दोस्तो..
बहला रहे है खुद को जरा आप लोगो के साथ..

*******

ज़िन्दगी मिली भी तो क्या मिली,बन के बेवफा मिली…..

इतने तो मेरे गुनाह ना थे,जितनी मुझे सजा मिली….

*******

जुर्म गर मैंने किया है तो बताया जाए,
ऐसे चुप चाप न सूली पे चढाया जाए !!

*******

तुमको नाराज ही रहना है तो कोई बात करो ,
के चुपचाप रहने से मोहब्बत का गुमान होता है . . !!

*******

रुसवाई का डर है या अंधेरों से मुहब्बत खुदा जाने…
अब मैं चाँद को अपने आँगन में उतरने नही देता !!

*******

अरमान ही बरसो तक जला करते है मेरे दोस्त।
इंसान तो बस इक पल मे खाक हो जाता है…

*******

तलाश है इक ऐसे शक्स की , जो आँखो मे उस वक्त दर्द देख ले,

जब दुनियाँ हमसे कहती है, क्या यार तुम हमेशा हँसते ही रहते हो…

*******

चाहे दुआ कबुल हो या ना हो पगली ,

मुझे लोगों की तरह खुदा बदलना नहीं आता आदी…

*******

ना ज़ख्म भरे, ना शराब सहारा हुई।
ना वो वापस लौटे, ना मोहब्बत दोबारा हुई।

*******

तुमने ही सफ़र कराया था मोहब्बत की कश्ती का,
अब नजरे ना चुराओ मुझे डूबता देख कर..!.

*******

लोग रोज नसें काटते हैं ….
प्यार साबित करने के लिये,
पर कोई, सूई भी नही चुभने देता….
“रक्तदान” करने के लिये…..

*******

मुस्कुरा दो जरा खुदा के लिये,
शम्मे महेफिल में रोशनी कम है !

*******

ए शराब ..
मुझे तुमसे मोहब्बत नही । मुझे तो उन
पलों से मोहब्बत है जो तुम्हारे कारण मै
दोस्तौ के साथ बिताता हूँ….

*******

ना जाने क्या कशिश है उनकी मदहोश
निगाहो मे…..
नजर अंदाज कितना भी करो नजर उनपे ही पड़ती है ।

*******

फासलों को तय करने का होसला तो है,
महज अपने जहन मे तु मुझे रहने तो दे .

*******

वो अल्फाज़ ही क्या जो समझाने पड़े..
मैनें मोहब्बत की थी वकालत नहीं…!!

*******

किसी को युँ रुलाया नहीं करते,
झूठे खवाब किसी को दिखाया नहीं करते,
अगर कोई आपकी जिन्दगी में खास नहीं है,
तो उससे रह-रह कर ये एहसास दिलाया नहीं करते.

*******

अहसासों के काग़ज पर,
ख़ुद को लिखता रहता हूँ…

*******

“बुरे वक़्त का लम्हा हूँ,
अंधा, गूंगा, बहरा हूँ…

*******

गिरने को हूँ यूँ समझो,
एक पुराना कमरा हूँ…

*******

ये ना समझना कि खुशियो के ही तलबगार है हम,

तुम अगर अश्क भी बेचो तो उसके भी खरीदार है हम !

*******

तुम्हारा आना एक ख़्याल था,
जाना भी एक सपने जैसा है…

*******

सब आप की आँखों से जहाँ देख रहे हैं,
मैं आप की आँखों में जहाँ देख रहा हूँ ।

*******

सच ही लिखा था मेरे हाथों की लकीरों में ग़ालिब…
कि अगर तू प्यार करेगा तो बिखर जाएगा…!!

*******

वक़्त भी लेता है करवटें कैसी कैसी,
इतनी तो उम्र भी ना थी जितने सबक सीख लिए हमने…

*******

जब हौसला बना लिया ऊँची उड़ान का…
फिर देखना फिज़ूल है कद आसमान का…

*******

खुदा करे, सलामत रहें दोनों हमेशा,
एक तुम और दूसरा मुस्कुराना तुम्हारा.

*******

अजीब सा जहर है तेरी यादों मै..!!
मरते मरते मुझे सारी ज़िन्दगी लगेगी…!!

*******

कुछ खास नही बस इतनी सी है मोहब्बत मेरी .. !!

हर रात का आखरी खयाल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम…!!!

*******

कौन खरीदेगा अब हीरों के दाम में तुम्हारें आंशू ..!
वो जो दर्द का सौदागर था, मोहब्बत छोड़ दी उसने..!

*******

नमक तुम हाथ में लेकर, सितमगर सोचते क्या हो,,
हजारों जख्म है दिल पर, जहाँ चाहो छिड़क डालो…!!

*******

मुझे भी ज़िन्दगी में तुम ज़रूरी मत समझ लेना,
सुना है तुम ज़रूरी काम अक्सर भूल जाते हो…!!

*******

तुम जुआरी बड़े ही माहिर हो ..
एक दिल का पत्ता फेक कर जिदंगी खरीद लेते हो ..

*******

अक्सर लोग प्यार में कसमें खाते हैं….
पर जो कसमों का मोहताज हो…
वो प्यार कैसा..?????

*******

गर मुहब्बत खेल है ,हमने खुद को दांव पे लगा दिया है,
अब दुआ करते हैं रब से, तुम ज़रूर जीतो……..

*******

करीब आने की कोशिश तो मैं करूँ लेकिन;
हमारे बिच कोई फ़ासला दिखाई तो दे !!

*******

मेरी खामोशी देखकर मुझसे ये ज़माना बोला,
तेरी संज़ीदगी बताती है तुझे हँसने का शौक़ था कभी…!!

*******

ज़रा शिद्दत से चाहो तभी होगी आरज़ू पूरी।
हम वो नहीं जो तुम्हे खैरात में मिल जायेंगे .

*******

आटा कम पड़ गया था, माँ ने बटवारा कुछ इस तरह किया. मेरे हिस्से की भूख, उसके हाथ लगी. उसके हिस्से की रोटियाँ, मेरे हाथ.

*******

दिलों से खेलना हमे भी आता हे ,
पर जीस खेल में खिलौना टूट जाये ;
वो खेल हमे पसंद नही ।

*******

फर्क है दोस्ती और मोहोब्बत मे…
बरसो बाद मिलने पर
दोस्ती सीने से लगा लेती है,
और मोहब्बत,
नज़र चुरा लेती है…!!

*******

समझौतों की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया,
इतने घुटने टेके हमने आख़िर घुटना टूट गया…

*******

सिखा दिया दुनिया ने मुझे ,अपनो पर भी शक करना ।मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था ! …

*******

देखना .. एक दिन बदल जाऊगा पूरी तरह मैं,
तुम्हारे लिए न सही..
लेकिन…तुम्हारी वजह से ही सही..!!

*******

हाल पूछा न खैरियत पूछी
आज भी उसने,
हैसियत पूछी.

*******

इश्क़ महसूस करना भी इबादत से कम नहीं,
ज़रा बताइये, छू कर खुदा को किसी ने देखा हैं?

*******

तुम्हारी आँखों की तौहीन है जरा सोंचो
तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है !!

*******

दोनों जानते हे के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,
फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही हे !!

*******

पहले तो यूँ ही गुजर जाती थी …….
तुमसे मोहब्बत हुई तो रातों का एहसास हुआ……!!

*******

“खुद ही रोये और रोकर चुप हो गऐ.बस यही सोच कर कि आज कोई अपना होता तो रोने नही देता”.?

*******

वो लड़ेंगे क्या कि जो खुद पर फ़िदा हैं।।

हम लड़ेंगे, हम ख़ुदाओं से लड़े हैं।।

*******

हाथ पर हाथ रखा उसने तो मालूम हुआ,
अनकही बात को कैसे सुना जाता है।

*******

“चिलम को पता है अंगारों से आशिकी का अंजाम,
दिल में धुआं और दामन में बस राख ही रह जाएगी।।

*******

मेरे दुश्मन भी, मेरे मुरीद हैं शायद,
वक़्त बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं ,
मेरी गली से गुज़रते हैं छुपा के खंजर,
रु-ब-रु होने पर सलाम किया करते हैं !

*******

ढूंढ कर लाओ कोई हो तो सुलाने वाला,
सैंकड़ों लोग हैं दुनिया में जगाने वाले.

*******

यारा बता दे झरा कैसे करुँ मेँ ईझहार ए ईश्क ????
शायरि वोह समजती नहीँ और अदाए
हमें आती नहीँ |

*******

मेरे अलावा किसी और को अपना महबूब बना कर देख ले,
तेरी हर धड़कन कहेगी उसकी वफ़ा मैं कुछ और बात थी…

*******

हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए…
जब हम सिमट के आपकी बाहों में आ गए…

*******

उसका मिलना तक़दीर में ही नही था,
वरना…
मैंने क्या कुछ नही खोया, उसे पाने के लिए..!!

*******

परवाह करने वाले रूला जाते है,
अपना समझने वाले पराया बना जाते है,
चाहे जितनी वफाऐं कर लो इनसे,
न छोडेगे तुमको कहकर छोड जाते हैं….!

*******

सब कुछ मिला सकून की दौलत नहीं मिली,
एक तुज को भुल जाने की मोहलत नहीं मिली,
करने तो बहुत काम थे अपने लिए…!!
मगर हमको तेरे ख्यालो से फुर्सत नहीं मिली..

*******

ना तेरे आने कि खुशी ना तेरे जाने का गम,
गुजर गया वो जमाना जब तेरे दीवाने थे हम…।

*******

तू एकबार मेरी निगाहो मे देख कर कह दे, कि हम तेरे काबिल नही. !
कसम तेरी चलती साँसो की, हम तुझे देखना तक छोड़ देंगे…

*******

वहां से पानी कि एक बूँद भी न निकली …

तमाम उम्र जिन आँखों को झील लिखते रहे हम…..

*******

मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है…

मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं…!!

*******

कसुर इतना था की निगाहे उठादी सच के सामने…
वो कमबख्त झुठ सुनने बैठे थे ।

*******

वो मोबाइल के इक फोल्डर में तेरी तस्वीरें इकठ्ठा की है मैंने..
बस इसके सिवा और ख़ास कुछ
जायदाद नहीं है मेरी..!!

*******

ये जो तुम बार बार हवा देते हो, तो ये यादों के पन्ने फड़फड़ाते हैं….!!

भूल जाने दो अब, क्यों मुझे बार बार जगा देते हो…..!!!

*******

खरीदने निकला था थोड़ी ख़ुशी,
ज्यादा खुश तो वो मिले जिनकी जैबें खाली थी !!

*******

दुआ करते हैं हम सर झुका के,आप अपनी मंज़िल को पाए,अगर आपकी राहों मे कभी अंधेरा आए,तो रोशनी के लिए खुदा हमको जलाए.

*******

वो रूठ के बोली… “तुम्हें सब शिकायतें मुझ ही से हैं,”

हम ने सर झुका के कह दिया..,”मुझे सब उम्मीदें भी तो तुझ ही से हैं”..!!

*******

कल एक फ़कीर ने मेरी आँखों में झांक के बोला,
ऐ बन्दे तू तो बहुत खुशमिजाज़ था… इश्क़ होने से पहले……..

*******

शहंशाही नहीं ईसानियत अदा कर मेरे मौला,
मुझे लोगो पर नहीं दिलो पर राज करना है….

*******

हाेशीयार हम भी थे के मैफील मै बैठकर पिते रहे|
शराबी हि सहि, पर हमने खुद के जनाझे कि तैयारी करली….

*******

” तू रख यकीन बस अपने इरादों पर,
तेरी हार तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ! ”

*******

बेशक पलट के देख वो बीता कल है…
पर बढ़ना तो उधर ही है जहाँ आने वाला कल है..

*******

मुट्ठी भर उजाला बांट दीया
और कहा.. लो हो गयी सुबह !

*******

आसमाँ इतनी बुलंदी पे जो इतराता है,
भूल जाता है ज़मीं से ही नज़र आता है.

*******

सिगरेट जलाई थी तेरी याद भुलाने को,
मगर कम्बख्त
धुए ने तेरी तस्वीर बना डाली..!!

*******

सूरत तो फिर भी सूरत है…
मुझे तो तेरे नाम के लोग भी अच्छे लगते
है…!!

*******

बेबसी की शायरी करने वाले दो ही तरह के होते है,
या तो ठुकराए हुए , या फिर अपनाए हुए…

*******

आंखे कितनी भी छोटी क्यु ना हो,
ताकत तो उसमे सारे आसमान देखने
कि होती हॆ..!

*******

अपने सायें से भी ज़यादा यकीं है मुझे तुम पर,
अंधेरों में तुम तो मिल जाते हो, साया नहीं मिलता……..!!

*******

बादल चाँद को छुपा सकता है आकाश को नही…….
हम सबको भुला सकते है आप को नही…

*******

इन्कार किया जिन्होंने मेरा समय देखकर…
वादा है मेरा,
ऐसा समय भी लाऊंगा कि मिलना पड़ेगा मुझसे समय लेकर..”

*******

प्यार ,एहसान ,नफरत ,दुश्मनी जो चाहो वो मुजसे करलो… आप की कसम वही दुगुना मीलेगा..!!

*******

एक तन्हा रात…
एक आधा चांद …
एक टुकडा नींद…
एक चेहरा तुम …

*******

खैलती है मेरे दुखो के साथ,
जिंदगी किस कदर शरारती है..

*******

ये जब जब भरमाती है,
कुछ न कुछ सिखाती है.
ये ज़िंदगी है ,
देती है तक़लीफ़,
तो संग मुस्कुराती भी है..!!!

*******

मैंने उस शख्स को कभी हासिल ही नहीं किया,
फिर भी हर लम्हा लगता है कि, मैंने उसे खो दिया…..

*******

अब तेरी याद क्यूँ नहीं आती…
अब तो मसरूफ़ भी नहीं हूँ मैं…

*******

ये तो शौक है मेरा दर्द लफ्जो मे बयां करने का,
नादान लोग हमे युं ही शायर समझ लेते है,.

*******

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे,
अब आँख भर आती है मगर तुम नजर नहीँ आते।

*******

तेरी जुदाई का शिकवा करूँ भी तो किससे करूँ।
यहाँ तो हर कोई अब भी मुझे तेरा समझता हैं।

*******

खूशबू की जंजीरो से
सितारो की हदो तक……,
इस शहर मे सब कुछ है, सिर्फ
तेरी कमी है….

*******

मैं हर काम गलत करता हु पर ,,
कोई गलत काम नहीं करता।

*******

मेरे दिल में ज्यादा देर तक रुकता नहीं कोई ,
लोग कहते हैं मेरे दिल में साया है तेरा …

*******

गुजर जायेगा ये दौर भी,जरा सा इत्मिनान तो रख ।
जब खुशिया ही नहीं ठहरी, तो गम की क्या बिसात ।।

*******

मुश्किल हो रहा है जीना मेरा…
तुझे कसम है मेरी, दे दे वापस दिल मेरा.. ..

*******

हम किसीको अपनी मरजी से चाह तो सकते है,..
लेकिन
उसे ये नहीं केह सकते की तुम मुझ से ही महोब्बत करो.

*******

पगली तेरी मोहोबत ने मेरा ये हालकरदिया है;
मैं नहीं रोता, लोग मुझे देख कर रोते हैं….

*******

जो बात “हम” में थी, वो बात ना “तुम” में हैं, ना “मुझ” में हैं !!

*******

आज अपनी फालतू चीजें बेच रहा हूँ
मैं…..!!

है कोई ऐसा जिसे मेरी शराफत
चाहिए….।।

*******

करती है बार बार फोन, वो ये कहने के लिए…

कि जाओ, मुझे तुमसे बात नही करनी…

*******

दिए हैं ज़ख़्म तो मरहम का तकल्लुफ न करो….
कुछ तो रहने दो, मुझ पे एहसान अपना….

*******

खामोशी भी बहुत कुछ कहती है…
पर कान नही दिल लगाकर सुनना पड़ता है…!

*******

नहीं चाहिए वो सब जो मेरी किस्मत में नहीं,
भीख मांग कर जीना मेरी फितरत में नहीं ।

*******

हर किसी के नसीब मेँ कहाँ लिखी है चाहतेँ,

कुछ लोग दुनिया मेँ आते है फ़कत तन्हाइयों के लिये॥

*******

हर रात का आखरी खयाल या सुबह की पहली सोच सिर्फ तुम हो!

*******

जीभ सुधर जाए …
तो जीवन सुधरने में वक्त नहीं लगेगा…

*******

आ गया है फर्क तुम्हारी नजरों में यकीनन…
अब एक खास अंदाज़ से नजर अंदाज़ करते हो हमे…

*******

कोई ठुकरा दे तो हँसकर जी लेना,
क्यूँकि मोहब्बत की दुनिया में
ज़बरजस्ती नहीं होती!

*******

मेरी खमोशियो के राज़ ख़ुद मुझे ही नहीं मालूम…
जाने क्यू लोग मुझे मगरूर समझते है…

*******

तू मेरे दिल पे हाथ रख के तो देख,
मैं तेरे हाथ पे दिल ना रख दूँ तो कहना..!!

*******

सजा मेरे हिस्सेकी उनको बस ईतनी ही देना मेरे मौला;
तारे मै गिनता रहु और वो रात-भर करवटे बदलती रहे!

*******

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Posted by on April 29, 2015 in અંગત, Shayri

 

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Shayri Part 30


मैं हँसता हूँ तो बस अपने गम छिपाने के लिए,…

और लोग देख के कहते हैं काश हम भी इसके जैसे होते……

*******

क्या हुआ अगर हम किसी के दिल में
नहीं धङकते ….?

आँखों में तो बहुतो के खटकते हैं ….!!!

*******

“कर लेता हूँ बर्दाश्त हर दर्द इसी आस के साथ..
की खुदा नूर भी बरसाता है … आज़माइशों के बाद”..

*******

ये तेरे बाप का खरीदा हुआ खिलोना नहीँ जिसे तू केसे भी तोड दे ! ये मेरा दिल हे इसे बेचने का इरादा नहीँ ओर खरीदने की तेरी ओकात नहीँ..

*******

तुम्हारे पास आता हूं तो सांसें भीग जाती हैं,
मुहब्बत इतनी मिलती है के’ आंखें भीग जाती हैं.

*******

ये सर्द हवाएं मुझसे कहती है कि दिसम्बर आ गया है.
मुझे ऊन बाहों की गर्माहट का इंतज़ार आज भी है…

*******

मेरे लफ्जों की ज़ुबां से उफ़ नहीं होता !
लिख कर बर्बादिया मैं खुद नहीं रोता !!

*******

नाबुरा होगा, ना बढ़िया होगा,
होगा वैसा, जैसा नजरिया होगा ।

*******

लगता है मेरा खुदा मेहरबान है मुझ पर, मेरी दुनिया में तेरी मौजूदगी यूँ ही तो नहीं है|

*******

फिर पलकों पर ठहर गइ नमी,
दिल ने कहा बस “ऐक तेरी कमी”..!!

*******

मुझे तू इस क़दर अपने क़रीब लगता है ….
तुझे अलग से जो सोचूँ, अजीब लगता है..!!!

*******

नहीं मिला कोई तुम जैसा आज तक,

पर ये सितम अलग है की मिले तुम भी नही…

*******

मैं राज़ तुझसे कहूँ, हमराज़ बन जा ज़रा.
करनी है कुछ गूफतगू, अलफ़ाज बन जा ज़रा…

*******

अब अपने ज़ख़्म दिखाऊँ किसे और किसे नहीं …!
बेगाने समझते नहीं और अपनो को दिखते नहीं.

*******

गुलाब, ख्वाब, ज़हर, जाम क्या-क्या है ?
मैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या-क्या है ?

*******

तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।

*******

एक मैं हूँ , किया ना कभी सवाल कोई
एक तुम हो , जिसका कोई जवाब नहीं.

*******

उसने मेरा हाथ थामा था उस पार जाने के लिए…
और मेरी एक ही तमन्ना थी कभी किनारा ना आए….

*******

प्रेम शुं छे खबर छे ?!
तुं जवाब लखे त्यां सुघी हुं
typing.. typing..
वांच्या करु ते !….

*******

हमे आंखे मिलाने के शौक न था,
तुम्हे देखा तो आदत खराब हो गई…

*******

उनको आ सकी न निभानी मुहब्बत,

अब पड़ रही है हमको भुलानी मुहब्बत,

*******

“ग़मों को आबरू अपनी ख़ुशी को गम समझते हैं,
जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें बस हम समझते हैं.

*******

दोनों जानते हे के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,
फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही हे !!

*******

नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं…

*******

लगता तो बेखबर सा हूँ लेकिन खबर में हूँ,
अगर तेरी नजर में हूँ तो सबकी नजर में हूँ।

*******

शाम तक सुबह की नज़रों से उतर जाते हैं,
इतने समझौतों पे जीते हैं कि मर जाते हैं…

*******

कहाँ तक आँख रोएगी कहाँ तक किसका ग़म होगा,
मेरे जैसा यहाँ कोई न कोई रोज़ कम होगा…

*******

वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त,,,
मजा तो तब है जब वक्त बदल जाये पर यार ना बदले….!!

*******

तेरा ज़िक्र..तेरी फ़िक्र..तेरा एहसास..तेरा ख्याल…

तू खुदा तो नहीं…. फिर हर जगह क्यों हे…!!

*******

तेरी वफाओं का समन्दर किसी और के लिए होगा,
हम तो तेरे साहिल से रोज प्यासे ही गुजर जाते हैं !!

*******

कमाल करती हो तुम भी… बडे बेरहम अंदाज से करते हो नज़र अंदाज भी….

*******

दिल की कीमत तो मुहब्बत के सिवा कुछ ना थी…

जितने भी मिले सूरत के खरीद्दार मिले…

*******

कैसी कैसी रीत चलीँ और कैसे कैसे मेल,

तब खेल खेल मेँ प्यार हुआ अब प्यार हो गया खेल…!!

*******

तमन्ना है कि कोई हमारी शख्सियत से भी प्यार करे…..
वरना हैसियत से प्यार तो तवायफ भी करती है….

*******

आज उदासी ने भी हाथ जोड़कर कहा मुझसे…
तुझे तेरे प्यार का वास्ता,मेरा आसियाना छोड…

*******

जब तुम नज़र नहीं आते,
मुझे कुछ नज़र नही आता ..

*******

मुझे मालूम है ऐसा कभी मुमकिन
ही नहीं,
फ़िर भी हसरत रहती है कि तुम याद
करोगे…

*******

मलहम नही तो हमारे जख्मो पर नमक ही लगा दे.

हम तो तेरे छूने से ही ठीक हो जायेंगे ..

*******

उम्र कितनी मंजिले तय कर चुकी..!!
दिल बेचारा वही का वही रह गया..!!

*******

न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की,
अब वजह नही मिलती मुस्कुराने की.

*******

कल रात चाँद बिकुल उनके जैसा था
वही नूर….. वही गरूर……वही सरूर,
वही उनकी तरह…… हमसे कोसो दूर ।।।

*******

क्यु ना छोड़ दे मंजिल की फ़िक्र!!!
राह चलना भी तेरे साथ किसी जन्नत से तो कम नहीं …

*******

मैं चाहता हूँ….तुझे यूँ ही उम्र भर देखूं,
कोई तलब ना हो दिल में….तेरी तलब के सिवा …

*******

अभी तो दिल कर रहा है कि बस सो जाऊं ,
तेरे ख्यालों के बे-हद जंगल में खो जाऊँ ……

*******

ये दिल की लगी कम क्या होगी,
ये इश्क़ भला कम क्या होगा….

जब रात हैं ऐसी मतवाली, फिर सुबह का आलम क्या होगा …!!!

*******

पढ़ लेता हूँ तुझे हर बार,
वोह दो नीली रेखाये गवाह है व्होट्स एप की!!

*******

जाते जाते उसने पलट कर मुझसे कुछ यूं कहा,
तुम हमें भुल जाओ, हम तो तुमसे प्यार सिखने आए थे…..

*******

शायरी शॊक नहीं, और नाही कारोबार मेरा,
बस दर्द जब सह नहीं पाता,तो लिख लेता हूँ…

*******

एक वो पगली है जो मुझे समझती नहीं…
और यहा सब मेरी शायरी को पढ़ पढ़ के दीवाने होते जा रहे है.

*******

वक्त के साथ-साथ बहुत कुछ बदल जाता है….

लोग भी… रास्ते भी… अहसास भी….
और कभी – कभी… हम खुद भी..!!!

*******

एक पल में ले गयी मेरे सारे गम खरीद कर…
कितनी अमीर होती है ये बोतल शराब की…

*******

मैं तो पहले भी था महफ़िल में,
मैं तो अब भी हूँ महफ़िल में,
फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि, पहलेतुम थी,अब ये शराब है महफ़िल में.

*******

माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही….
पर ये सच ह के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही,

उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन,
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही..

*******

मैं वक़्त बन जाऊं, तू बन जाना कोई लम्हा…

मैं तुझमे गुज़र जाऊं, तू मुझमें गुज़र जाना…

*******

मेरी आँखों में झाँकने से पहले ज़रा सोच लीजिए,
जो हमने नजरे झुका ली तो क़यामत होगी,
और हमने नज़रें मिला ली तो मोहब्बत होगी।।

*******

वो भी क्या दिन थे..

जब घड़ी एकाध के पास होती थी

और समय सबके पास होता था………..

*******

स्याही थोड़ी कम पड़ गई वर्ना किस्मत
तो अपनी भी खूबसूरत लिखी गई थी..

*******

सिर्फ मैं ही हाथ थाम सकूँ उसका …मुझ पर इतनी इनायत सी कर दे …

वो रह ना पाये इक पल भी मेरे बिना …ऐ रब .. उसको मेरी आदत सी कर दे ..!!

*******

तेरे गुरूर को देखकर तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने,
ज़रा हम भी तो देखे कौन चाहता है तुम्हे
हमारी तरह…!!!

*******

याद करने की हम ने हद कर दी मगर,
भूल जाने में तुम भी कमाल करते हो..

*******

मत पूछो कितनी मोहब्बत है मुझे उनसे ! बारिश की बूँद भी अगर उन्हें छू ले…. तो दिल में आग लग जाती है ….!!

*******

दिल तो यु ही किसी का चुरा लेते हम… मगर माँ कहेती है चोरी करना बुरी बात हे…

*******

मुझे मालूम था के लौट के अकेले ही आना है ,

फिर भी तेरे साथ चार कदम चलना अच्छा लगा !!

*******

इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया, ए-ज़िन्दगी..
चलने का न सही,,,,
सम्भलने का हुनर तो आ गया…

*******

प्यार तो अचानक ही हो जाता है,
इरादे से जो हो उसे तो सेटिंग कहते है.

*******

जिक्र तेरा हुआ तो हम महफ़िल छोड़ आये,,,
हमें गैरों के लबों पे तेरा नाम
अच्छा नहीं लगता….

*******

मेरी ईन नशीली आँखों मै मत देख ऐ सनम,
नशा हो गया तोह ऊतरेगा नही ।

*******

वो दिन जो गुजरे तेरे साथ….
काश….जिँदगी उतनी ही होती…..

*******

मैं बड़ो कि इज़्जत इसलिए करता हु,
क्यूंकि उनकी अच्छाइया मुझसे ज़्यादा है…
और छोटो से प्यार इसलिए करता हु,क्यूंकि उनके गुनाह मुझसे कम है…

*******

एक तू मिल जाती, इतना काफ़ी था,
सारी दुनियाँ के तलबगार नहीं थे हम..!!

*******

हम अपने दिल की बात बताकर चले आये,
सुना है महफ़िल में अभी तक ख़ामोशी है……

*******

तुम गरदन जुकाने की बात करते हो, हम वौ है जो आंख उठाने वालोकी गरदन पऱसाद मै बाट देते है..।।

*******

आप मुझसे मिलने आये हो ….
….. बैठो…..
.
.
मै खुद को बुलाकर लाता हूँ…….

*******

अकल कितनी भी तेज ह़ोनसीब के बिना नही जित सकती ,
बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद..कभी बादशाह नही बन सका ।

*******

ज़िंदगी मे सच्चे लोगो की तलाश करना छोड़ड़ दिया हमने,
लोग तो सिर्फ़ वक़्त बिताने और दिल जलाने के लिए हे मिलते हे.

*******

मिल ही जाएगा हम को भी कोई ना कोई टूट के चाहने वाला..
अब शहर का शहर तो बेवफा नही होता….

*******

जंगल मैं शेर से और शहर मैं हम से
बच के रहना …..,,,,,,
शेर तो सिर्फ फाडते है मगर हम बिच
रस्ते मैं गाडते हैं…

*******

क्यूँ पता पूछते हो श्याम के नाम का,
बस C /O लिख दो राधा के नाम का……

*******

“क्षमा करने से पिछला समय तो नहीं बदलता,
लेकिन इससे भविष्य सुनहरा हो उठता है।”

*******

महसूस खुद को तेरे बिना मैंने कभी किया नहीं।
तू क्या जाने लम्हा कोई मेने कभी जिया नहीं!!!

*******

परेशां हूँ कि…….परेशानी नही जाती ।
बचपन तो गया पर नादानी नही जाती !

*******

माँ के बिना दुनिया की हर चीज कोरी है ।
दुनिया का सबसे सुंदर संगीत माँ की लोरी है ।

*******

बेचैनी जब भी बढ़ती है धुंए में उड़ा देता हूँ ,
और लोग कहते हैं मैं सिगरेट बहुत पीता हूँ !

*******

ये शहर आजकल वीरान पड़ा है,
सुनने में आया है कि,
उनकी पायल खो गयी है !

*******

मैं क्या जानूँ दर्द की कीमत ?
मेरे अपने मुझे मुफ्त में देते हैं !

*******

दो चार नहीं मुझे सिर्फ एक ही दिखा दो दोस्त,

वो शख्स जो अन्दर से भी बाहर की तरह हो।

*******

यहाँ सब खामोश है कोई आवाज़ नहीं करता….
सच बोलकर कोई किसी को नाराज़ नहीं करता….

*******

ज़िन्दगी रही तो कल फिर होगी महफ़िल में गुफ्तगू दोस्तों,
अगर इस रात ही चल बसे तो अपना सलाम आखरी है..!!

*******

कुछ ऐसे हादसे भी होते हैं जिंदगी में..
इंसान बच तो जाता है पर जिंदा नहीं रहता.

*******

बस ज़ायके में थोड़ा कड़वा है..
वरना सच का कोई ज़वाब नहीं ॥

*******

कुछ सपनों को पूरा करने निकले थे गाँव से,
किसको पता था कि गाँव जाना ही एक सपना बन जायेगा.

*******

आज मैंने जज्बात भेजे….
तुमने फिर अलफ़ाज़ ही समझे…!

*******

सारे सपने तोड़कर बैठे हैं,दिल का अरमान छोड़कर बैठे हैं..
ना कीजिये हमसे वफ़ा की बातें, अभी-अभी दिल के टुकड़े जोड़कर बैठे हैं…!

*******

कैसे भूलेगी वो मेरी बरसों की चाहत को,
दरिया अगर सूख भी जाये तो रेत से नमी नहीं जाती…

*******

मरना होता तो कबके मर गए होते…
.
.
तेरी यादों में
हर रोज़
.
.
मरने का मज़ा ही कुछ अलग है …!!

*******

तुम खुश-किश्मत हो जो हम तुमको चाहते है..
वरना, हम तो वो है जिनके ख्वाबों मे भी लोग इजाजत लेकर आते है…!!

*******

ख्वाहिशों को जेब में रखकर निकला कीजिये,
जनाब;
खर्चा बहुत होता है, मंजिलों को पाने में!

*******

कोई दौलत पर नाज़ करते हैं,
कोई शोहरत पर नाज़ करते हैं,
जिसके साथ आप जैसा दोस्त हो,
वो अपनी किस्मत पर नाज़ करते हैं.

*******

मैंने तो बस उसको पाने की ज़िद्द की थी…
मेरा खुदको खोने का कोई इरादा नहीं था…

*******

वो बार-बार मुझसे
पूछती है….आखिर क्या है
मोहब्बत………….

अब क्या बताऊँ उस को कि उसका पूछना और मेरा न बता पाना ही मोहब्बत है………

*******

चले आओ मेरे परिंदों लौट कर अपने आसमान में,

देश की मिटटी से खेलो, दूर-दराज़ में क्या रक्खा है ?

*******

साँसें तेरी रोक दूँ,या मेरी रोक लूँ,
मरना तो किस्मत में
आखिर, मेरा ही लिखा है….

*******

इक ख़त कमीज़ में उसके नाम का क्या रखा,
क़रीब से गुज़रा हर शख्स पूछता है कौन सा इत्र है जनाब।।

*******

मुझे मालुम है तुम खुश हो बहोत इस जुदाई से,
अब ख्याल रखना, तुम्हें तुम जैसा ना मिल जाए।

*******

वो भी तडप ना जाये तो,
लानत है मुजे मेरे ईश्क पर..

सिर्फ निगाहै मिलने कि देरी है…

*******

फ़ोन पर वो दो रूहें देर तक खामोश सी रही.
लफ़्ज़ सारे गायब थे, मगर हज़ारों बातें हो गयी…

*******

मैं नींद में ही सही जाग तो रहा था मगर,
खुली जो आँख तो ख़्वाबों के सिलसिले टूटे।

*******

तलाश में बीत गई सारी जिंदगानी;
अब समझा की खुद से बड़ा कोई हमसफ़र नहीं होता…

*******

रोज़ कलम लेके बैठता हूँ अपना गुनाह लिखने के लिये,

और मुझे बस तेरा ही नाम याद आता है!

*******

कुछ दिन तो तेरी यादें वापस ले ले..

'पागल'

मैं कई दिनों से सोया नहीं….!!

*******

सर्द हवाएँ क्या चली फिज़ाओं में….

हर तरफ तेरी यादों की धुँध बिखर गई…

*******

जिंदगी के किसी मोड़ पर अगर हम बुरे लगें,

तो ज़माने को बताने से पहले हमको बता देना!

*******

लोग बदनाम करते गऐ…
हमारा नाम होता गया….

*******

हक़ीक़त ज़िद किये बैठी है चकनाचूर करने की,
मगर हर आँख फिर सपना सुहाना ढूँढ़ लेती है…

*******

आँखों में तेरी कोई करिश्मा ज़रूर है…
तू जिसको देख ले;
वो बहकता ज़रूर है…

*******

चाँदनी चाँद करता है चमकना सितारोँ को पडता है,
मोहब्बत आँखे करती है तडपना दिल को पडता है|

*******

याद महबूब की और शिद्दत सर्दी की…
देखते हैं हमें कौन बीमार करता है..!

*******

कब तक याद करूँ मैं उसको कब तक अश्क़ बहाऊँ,
यारो अब तो रब से दुआ करो मैं उसको भूल ही जाऊँ…

*******

मैंने अपनी हर एक सांस तुम्हारी गुलाम कर रखी हैं,
लोगो मैं ये ज़िन्दगी बदनाम कर रखी हैं.

अब ये आइना भी क्या काम का मेरे … मैंने तौ अपनी परछाई भी तुम्हारे नाम कर रखी हैं ….

*******

मुद्दतों से उसके इंतजार में हुँ यारों,
कही पढ़ लिया था कि सच्ची मोहब्बत
लौटकर आती है..!

*******

मुझसे अगर पूछना है तो मेरे जज्बात पूछ,
जात और औकात तो सारी दुनिया को पता है!

*******

मेरे जैसा सौदागर नहीं मिलेगा तुमको,
फरेब खरीदता हूँ मोहब्बत दे कर..

*******

उसकी जीत से होती है ख़ुशी मुझ को,
यही जवाब मेरे पास अपनी हार का था.

*******

छु जाते हो तुम मुझे हर रोज एक
नया ख्वाब बनकर..
.
.
ये दुनिया तो खामखा कहती है
कि तुम मेरे करीब नहीं..""

*******

चार लाइन दोस्तों के नाम-

काश फिर मिलने की वजह मिल जाए
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए,
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,
क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए..

*******

मुहब्बत शोर है, तो, शोर मत कर
इबादत है अगर, कुछ, और मत कर….
नज़ाकत से, नफ़ासत से, निभाना
ये कच्ची डोर है, तू जोर मत कर …….

*******

निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया,

भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का…..!

*******

सारा जहाँ चुपचाप है..
आहटें ना साज़ है……..
क्यों हवा ठहरी हुई है……..
आप क्या नाराज़ है…….!!!

*******

जुकी जुकी नजर तेरी, कमाल कर जाती हे,
उठती हे एक बार तो, सवाल कर जाती हे.

*******

मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है,
उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…

*******

एक बार और उलझना हैं तुमसे,
बहुत कुछ सुलझाने के लिये!!

*******

काश कोई एक रात ऐसी भी आ जाये,
नींद आ जाये पर तेरी याद न आये…

*******

जबसे तुम्हारे नाम की मिश्री होंठ लगाई है,
मीठा सा गम् है और मीठी सी तनहाई है …

*******

बुला रहा है कौन मुझको उस तरफ,
मेरे लिए भी क्या कोई उदास बेक़रार है…

*******

खुद को खो दिया हमने , अपनों को पाते पाते !
और लोग पूछते है , कोई तकलीफ तो नहीं …!!!

*******

बहुत खुबसूरत है हमारा सनम |
खुदा ऐसा चेहरा बनाता है कम ||

*******

मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है,
उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…

*******

एक तेरा ही नशा हमें मात दे गया वरना…
मयखाना भी हमारे हाथ जोड़ा करता था…

*******

यही तो मज़बूरी है यारों, पत्तों में जेक और लाइफ में ब्रेक लगती है
तब ना इक्का काम आता है ना सिक्का।…

*******

है परेशानियाँ यूँ तो बहुत सी ज़िंदगी में..
तेरी मोहब्बत सा मगर, कोई तंग नहीं करता…!!

*******

लहू बेच-बेच कर, जिसने परिवार को पाला ।
वो भूखा सो गया, जब बच्चे कमानेवाले हो गये।

*******

मैँ कभी बुरा नही था उसने मुझे बुरा कह दिया……
फिर मैँ बुरा बन गया ताकी उन्हे कोई
झुठा ना कह दे……!!

*******

कागज में लिपटी रोटियाँ मैं खाऊँ भी तो कैसे,
खून से लथपथ आते हैं अखबार आजकल !!

*******

जिस चीज़ पे तू हाथ रखे वो चीज़ तेरी हो,
और जिस से तू प्यार करे, वो तक़दीर मेरी हो.

*******

गले में सोना ….. टेशन में रौना …..
प्यार में गम …. और " वॉटसअप " में
हम ,, फेमस हे यार…..

*******

सोचता हूँ की, कभी भी अब तुझें याद नहीं करूँगा..
फिर सोचता हूँ ये फ़र्क़ तो रहने दो हम दोनों में….

*******

हमें अपना इश्क़ तो एक तरफा और अधूरा ही पसंद है;
पूरा होने पर तो आसमान का चाँद भी घटने लगता है..

*******

जब चाहूँ तुम्हे मिल नहीं सकता,
लेकिन जब चाहूँ तुम्हे याद कर सकता हूँ ….

*******

ऐसा नही कि, मेरे इन्तजार की…उन्हें खबर नही,
लेकिन….
तड़पाने की आदत तो….उनकी फितरत में शुमार है…..!!

*******

कहीं नाराज न हो जाए उपरवाला मुझ से,
हर सुबह उठते ही,
उससे पहले तुझे जो याद करता हूँ.

*******

दिल की उम्मीदों का हौंसला तो देखो,
इंतजार उसका जिस को अहसास तक
नहीं …..

*******

कितने अनमोल होते हैं
ये अपनों के रिश्ते…..!!

कोई याद न करे
तो भी इंतज़ार रहता है…!!

*******

आंखे तेरी हो या मेरी,

बस इतनी सी ख्वाईश है

की ये कभी नम ना हो……….

*******

फेस पे स्माईल की,
और जिंदगी में स्टाईल की कमी नहीं होनी चाहिए.

*******

लोग आपके पास क्या है वो देखते है, आप क्या है वो नहीं देखते.!!

*******

मै वो शख्स नही , जो दिल पे खंजर न
खा सकूँ ! !
तू इतना इमान रखना , कि वार सामने से करना ! !

*******

किसी से बदला लेने का आनंद दो चार दिन ही रहेगा;
लेकिन माफ कर देने का आनंद जिंदगी भर रहेगा..!!!

*******

अगर मुहब्बत की हद नहीं कोई,
तो फिर दर्द का हिसाब क्यों रखूँ…

*******

न मैं था…
न मैं हूँ…
न मैं रहूँगा…
तुम्हारे बगैर…

*******

अच्छा हुआ……तुम किसी और के हो गए।
खत्म हो गई फिक्र………..तुम्हेँ अपना बनाने कि।

*******

मैं तुम्हारे चहरे की मुस्कान बन सकूं तो और क्या चाहिए मुझे.. !!

*******

"हकिकत" से बहोत दूर है, "ख्वाहिश" मेरी..!!!
फिर भी एक "ख्वाहिश" है कि एक ख्वाब "हकिकत" हो…

*******

हर रोज इतना मुस्कुराया करो की
ग़म भी कहे….
यार…. मै गलती से कहा आ गया…!!

*******

कहने को तो अपने दोस्तों का हृदय समुन्दर की तरह विशाल है,
पर इतना नमक भरा है जो किसी काम ही नहीं आता…

*******

"तू क्या गई मेरी ज़िंदगी से,
यहाँ आँसुओं ने अपना घर कर लिया"…!!!

*******

माँ ने बालों में फिरायी हैं उंगलियाँ अभी अभी,
तुम न जाने किसको जन्नत कहते हो?

*******

पूरी तरह से जीना
कब का भूल चूका हूँ मैं,

कुछ तुम में जिन्दा हूँ
कूछ खुद मे बाकी हूँ मैं..!!

*******

आसरा इक उम्मीद का देके मुझ से मेरे अश्क न छीन…,
बस यही एक ले दे के बचा है…, मुझ में मेरा अपना…!!!

*******

माँ के हाथ मे जादू है किस्मत को संवार देने का..
फिर वो हाथ सिर पर फिरे या गालों पर पड़े..

*******

ख्यालों को ख्यालों का ख्यालों में ख्याल आया,
कि ख्यालों को ख्यालों का ख्यालों में ख्याल था…

*******

कुछ डरी सहमी ठिठकी और आगे बढ़ गई..
मजबूर थी क्या करती…गैरत मेरी,
जरूरतों को तलाशने बेशर्मी की हद से गुजर गई.

*******

तुम खुश हो ना.. बस .. और क्या चाहिए.. मेरे जाने से ही सही ..

*******

तुम्हारी जुल्फ के साये में शाम कर लूँगा,
सफ़र इस उम्र का पल में तमाम कर लूँगा…

*******

रुक गयी मेरी कलम दर्द-ए-दिल बयाँ करते-करते,
मेरी मोहब्बत को उसने अपना रुतबा समझ लिया !!

*******

वो सामने है मेरे
और जुदा भी है..

वो गुनहगार है मेरा
और खुदा भी है.!!

*******

प्रीत न कीजिये पंछी जैसी, जल सूखे उड जाय!
प्रीत तो कीजिये मछली जैसी, जल सूखे मर जाय!

*******

सन्नाटा सा हैं
इक शोर के बाद
शायद किसी रिश्ते ने
दम तोड़ा होगा !!!

*******

सब सो गये अपने हाले दिल बयां करके,

अफसोस की मेरा कोई नहीं
जो मुझसे कहे तुम क्यों जाग रहे हो।

*******

लत ऐसी लगी है कि तेरा नशा मुझसे छोड़ा नहीं जाता,
हकीम भी कह रहा है कि इक बूँद इश्क भी अब जानलेवा है……!!

*******

ये रात चांदनी बनकर आपके आँगन आये,
ये तारे सारे लोरी गा के आपको सुलायें,
हो आपके इतने प्यारे सपने यार , कि नींद में भी आप मुस्कुराएँ .

*******

प्यारी सी रात मे, प्यारे से अन्धेरे मे,
प्यारी सी नींद मे, प्यारे
से सपनो मे, प्यारे से अपनो को,
प्यारी सी गुड नाईट.

*******

गिरी मिली एक बोतल शराब की,,,तो ऐसा लगा मुझे

जैसे बिखरा पड़ा था एक रात का
सुकून किसी का !!!

*******

बना लो उसे अपना जो दिल से तुम्हे चाहता है।
खुदा की कसम ये चाहने वाले बडी मुश्किल से मिलते है॥

*******

कुछ लम्हे गुजारे तूने मेरे साथ,
तुम उन्हें वक्त कहेते हो और हम उन्हें जिंदगी कहेते हे ..

*******

हंसते हुए होठों ने भरम रखा हमारा ,
वो देखने आया था किस हाल में हम है.

*******

जरुरते तोड देती है इन्सान के घमंड को,
न होती मजबुरी तो हर बंदा खुदा होता.

*******

उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे….!!
हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे….!!

*******

इसलिए खामोश रह के उम्र पूरी काट दी…
ज़िन्दगी तुझसे बहस का फायदा कोई नहीं…

*******

तुजे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था,
भूल गए थे के किस्मत बदलते देरनहीं लगती…!!

*******

ताल्लुक़ टूट कर बाद में जो कुछ भी रह गये,

मगर मोहब्बत में वो पहला मुस्कुराना हमेशा याद आता है…!!

*******

उसकी हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले !
काश उसे भी मेरे नसीब में लिखा होता !!

*******

रोज कहाँ से लाऊँ,
एक नया दिल,
तोड़ने वालों ने तो,
मजाक बना रखा है…

*******

बस.. एक तुम्हे पाने की तमन्ना ही नहीं रही …
मोहब्बत तो आज भी तुम से बेशुमार करते है !!

*******

खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!
वरना हम दिल  चुरा भी लेते हैं..!

*******

तेरे मिलने का गुमान..तेरे न मिलने की खलिश,
वक़्त गुज़रेगा तो ज़ख्म भी भर जायेंगे ।।

*******

मै यादों का किस्सा खोलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

मै गुजरे पल को सोचूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

अब जाने कौन सी नगरी में,
आबाद हैं जाकर मुद्दत से.

मै देर रात तक जागूँ तो ,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

कुछ बातें थीं फूलों जैसी,
कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,

मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

वो पल भर की नाराजगियाँ,
और मान भी जाना पलभर में,

अब खुद से भी रूठूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं ।

*******

हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं ।

हम इसी वास्ते हर शख्स से कम मिलते हैं ।

*******

हमने उनसे कहा की अब छोड़ दो या तोड़ दो हमें ।

उन्होंने हंस कर गले लगाया और कहा …छोड़ तो हम रहे हैं….टूट तो अपने आप जाओगे ।

*******

कोन कहेता है की दोस्ती बराबरी वालो में होती है..

सच तो ये है की दोस्ती में सब बराबर होता है.

*******

अगर जिंदगी में जुदाई ना होती;
तो कभी किसी की याद आई ना होती;
साथ ही गुजरता हर लम्हा तो शायद;
रिश्तों में इतनी गहराई ना होती।!!!!

*******

हौंसला मत हार, गिरकर ऐ मुसाफिर,..
अगर दर्द यहाँ मिलता है तो, दवा भी यहीं मिलेगी…!

*******

ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़,
मेरी अपनी मंजिलें, मेरी अपनी दौड़..!

*******

"ना खुशी खरीद पाता हूं और ना गम बेच पाता हूं

फिर भी ना जाने क्यूं हर रोज बाजार जाता हूं।

*******

अब जिस के जी में आए, वही पाए रौशनी…
हम ने तो दिल जला के सर-ए-आम रख दिया…

*******

दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं,
लोग अब मुझ को तेरे नाम से पहचानते हैं…

*******

किसी ने आज पूछा हमसे कहाँ से लाते हो ये शायरी…!!
मैं मुस्करा के बोला "उसके ख्यालो मे डूब कर" ..!!

*******

तेरी यादों के सिरहाने सिर रख के आज फ़िर सोने चले है…

शब्बा ख़ैर…

*******

डूबकर तेरी झील सी गहरी आँखों में,
एक मयकश भी शायद पीना भूल जाए.

*******

निरंतर कार्य करने वाला मरने से कुछ घंटे पूर्व ही वृद्ध होता है।………..

*******

तू रात भर करवटें बदलती है मुझमें. .
मैं सलवटों-सा बचा रह जाता हूँ सुबह.

*******

लफ्ज़ तो सारे सुने सुनाये है,,
अब तु मेरी ख़ामोशी में ढुँढ जिक्र अपना..

*******

एक रिश्ता गुमनाम सा चला हाँथ थाम के,

एक रिश्ता घुटता रहा ता-उम्र ले कर फेरे सात…

*******

मेरा प्यार सच्चा था इस लिये तेरी याद आती है,

अगर तेरी बेवफाई भी सच्ची है तो अब यादों मे मत आना.

*******

आपकी धड़कन से हैं रिश्ता हमारा,
आपकी साँसों से हैं नाता हमारा,
भूल कर भी कभी भूल न जानI,
आपकी यादों के सहारे हैं जीना हमारा.

*******

कौन कहेता है की मुझ में कोइ कमाल रक्खा है,
मुझे तो बस कुछ अपनो ने संभाल रक्खा है,,,!!

*******

किसी ने हम से पुछा इतने छोटे से दिल मे इतने सारे दोस्त कैसे समां जाते है….!!!
हम ने कहा वैसे ही जैसे छोटी सी हथेली मे तकदीर की लकीरें बन जाती है….

*******

मैंने कहा आज झूठ का दिन हैं…..
वो मुस्करा के बोले, फिर तुम मेरे हो!!

*******

जब छोड़ गये सब,
तब मिला मुझे रब…!!!

*******

मगरूर दुनिया जो कहती है तो कहने दो,
हम हर किसी को मुड़ कर देखा नहीं करते…

*******

भुखा शेर हमला करता है ……. और ……. जखमी शेर तबाही…….

*******

कलम मे जँग लग गया था ,तेरे आने से,

धार ओर भी तेज हो गयी है तेरे जाने से..!!

*******

सब सो गये अपने हाले दिल बयां करके,
अफसोस की मेरा कोई नहीं जो मुझसे कहे तुम क्यों जाग रहे हो।

*******

तुम दुआ के वक़्त जरा मुझे भी बुला लेना,

दोनों मिलकर एक दूसरे को मांग
लेंगे..

*******

रात तो वक्त की पाबंद हैं ढल जायेगी,

देखना ये हैं चिरागो का सफ़र कितना हैं!

*******

तुम आना हर रोज़ सुबह की नर्म धुप बनके…

मैं चिड़ियों की चहचहाहट बनके तुम्हारा इंतज़ार किया करूंगा….

*******

अपने मंसूबों को नाकाम नहीं करना है,
मुझको इस उम्र में आराम नहीं करना है.

*******

इंसान जब दिल के हाथो मजबूर होता है,
तो झूठे प्यार पर भी बडा गुरुर होता है.

*******

बस तुम्हे पाने की तमन्ना नहीं रही …
मोहब्बत तो आज भी तुम से बेशुमार करते है ! !

*******

वो दिन जो गुज़रे तेरे साथ,
काश ज़िन्दगी उतनी ही होती.

*******

मेरी वफा कि गवाही सितारे देते रहेँ ,
बस मेरे चाँद को ही मुझ पे यकीन ना आया.

*******

जिंदगि कि एक सच्चाइ.

आपको दिनभर हसाने वाला आदमि,रात को अकेले मे बहुत रोता हे.,!

*******

पूरी दुनिया स्वार्थी है ,
भगवान ही एक सारथी है…

*******

डूबे हुओं को हमने बिठाया था और फिर
कश्ती का बोझ कहकर उतारा हमें गया !!!"

*******

उनका अक्सर यकीन करता हूँ ,
जिनकी बातों पर शक गुजरता है …..

*******

रेस वो लोग करते है जीसे अपनी किस्मत आजमानी हो,

हम तो वो खिलाडी है…!!
जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है..

*******

हम बादशाहो के बादशाह हे इसलीए गुलामो जेसी हरकते करते नही,….
नोटो पर फोटो हमारा भी हो सकती है…
पर लोगो की जेब मे रहना हमारी फीतरत नही….!!!

*******

तेरे दर पे आने से पहले, मैं बड़ा कमज़ोर होता हूँ …
पर तेरी दहलीज़ को छू लेते ही, मैं कुछ और होता हूँ..!!

*******

रात को जब चाँद सितारे चमकते हैं,
हम हरदम फिर तेरी याद में तड़पते हैं,
आप तो चले गए हो छोड़कर हम को,
मगर हम मिलने को तरसते है।

*******

गर रूठ जाये कोई अपना तो झट से मना लो उसे…
के अक्सर रिश्ते बिखर जाते है इक दूजे के इंतज़ार में….

*******

तेरी एक ख़ुशी की खातिर मैने कितने गम छुपाये,
अगर में एक बार रोता तो तेरा शहर डूब जाता.

*******

अपनी मर्जी से तो मुझे खाक भी मंजूर है…
तेरी शर्तो पर तो ताज भी मंजूर
नहीं…!!!

*******

मैं किसी से बेहतर करुं
क्या फर्क पड़ता है..!
मै किसी का बेहतर करूं
बहुत फर्क पड़ता है..!!

*******

मेरी हैसियत का अंदाज़ा यह सोच के लगा लो…

हम उसके नहीं होते जो हर किसी के हो जाते हैं !

*******

फूल सबनम में डूब जाते हैँ, जख्म मरहम में डूब जाते हैं…
जब मिलता नही कोई सहारा, हम तेरे गम में डुब जाते है…!

*******

सच सुनने से न जाने क्यों कतराते हैं लोग…!
सुन कर झूठी तारीफ, खूब मुस्कुराते है लोग…!!

*******

हमारे मुल्क में ईमानदारी
फुटबाल की तरह है !
पसंद सभी करते हैं,,,,
पर खेलता कोई कोई ही है !!

*******

रूलाने में अक्सर उन्ही का हाथ होता है….
जो कहते है कि

तुम हँसते हए बहुतs अच्छे लगते हो ….

*******

में बहता पानी हु मेरा रास्ता
बदल सकते हो मेरी मौहबत नही…

*******

मत ढूंढो मुझे इस दुनिया की तन्हाई में..
ठण्ड बहुत है, मैं यही हूँ,
अपनी रजाई में.

*******

शादी करंट के तार की तरह होती हैं…!!!

सही जुड़ जाये तो सारा जीवन रोशन…!!!!

और गलत जुड़ जाये तो जिंदगी भर झटके…!!!

*******

चलतें तो हैं वो साथ पर अंदाज देखिए..
जैसे की इश्क करके वो एहसान कर रहें है..

*******

तुमसा कोई दूसरा जमीन पर हुआ;
तो रब से शिकायत होगी!
एक का तो झेला नहीं जाता;
दूसरा आ गया तो क्या हालत होगी!

*******

ना किसी के आभाव में जियो,
ना किसी के प्रभाव में जियो,
ये जिंदगी आपकी है,
बस इसे अपने मस्त स्वाभाव में जियो.

*******

शांखो से गिर कर टूट जाऊ मै वो पत्ता नही,
आंधियो से कह दो कि अपनी औकात मे रहें…

*******

तेरा प्यार भी प्याज कि तरह निकला.

परतें खुलती गयी आंसूं निकलते गए…..

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प्यार का पहला.. इश्क का दूसरा और मोहब्बत का तीसरा अक्षर अधूरा होता है।
हम तुम्हे इसलिए चाहते हैँ, क्योँकि चाहत का हर अक्षर पूरा होता है।

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चलो मुस्कुराकर उठो,
कल के गम कल देखे जायेंगे … ।।

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उस शख्स को पाना इतना मुश्किल भी नही मेरे दोस्त,
मगर जब तक दूरी न हो मोहब्बत का मजा नही आता…

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चलता रहूँगा मै पथ पर, चलने में माहिर बन जाउंगा..

या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाउंगा..

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दुसरा मौका सिफॅ कहानियां देती है, जिंदगी नहीं….

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कभी मिले तुम्हे फुरसत तो इतना जरुर बताना,

वो कौनसी मौहब्बत थी हम तुम्हे दे ना सके….

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मिलना किस काम का अगर दिल ना मिले,
चलना बेकार हे जो चलके मंज़िल ना मिले.

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जिंदा है तो बस तेरी इश्क की रहमत पर,

हम मर गये तो समझना तेरा प्यार कम पड गया….

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उदासियों की वजह तो बहुत है जिंदगी मे..
पर बेवजह खुश रहने का मजा ही कुछ और है..

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मुझे भी पता था की लोग बदल जाते हैं अक्सर..
मगर मैंने कभी तुम्हे लोगो मे गिना भी तो नहीं था..

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क्यों घबराता है पगले दुःख होने से,
जीवन तो प्रारम्भ ही हुआ है रोने से।

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ठंडी हवाए क्या चली मेरे शहर में ..
हर तरफ यादों का दिसंबर बिखर गया ..!

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मैं जिंदगी बेच कर भी सपने पुरे करुगा तेरे ,
तू बस सपने जरा बड़े देखना …

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सर्द मौसम में बहुत याद आते हैं,
धुँध में लिपटे हुए वादे तेरे……. !!!!

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मेरी पलकों की नमी इस बात की गवाह है..
मुझे आज भी तुमसे मोहब्बत बेपनाह है…!!!

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मेरे नज़दीक आ के देख मेरे एहसास का आलम,
मेरा दिल धक्क से रह जाता है तेरे नाम के साथ ..

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जिस चेहरे का श्रृंगार उदासी करले उस चेहरे पे तो मक्खी तक बेठना पसंद नहीं करती ।।।।

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दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो,
वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं..

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मै खुश हू कि उसकी नफ़रत का अकेला वारिस हू,
वरना मोहब्बत तो उसे कई लोगो से है…

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वक्त बहुत कम है साथ बिताने में,
इसे न गवांना कभी रूठने मनाने में,
रिश्ता तो हमने बांध ही लिया है आप से,
बस थोड़ा सा साथ दे देना इसे निभाने में।

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मुद्दतें हो गयीं हैं चुप रहते-रहते,
कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते..

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सुधर गया मैं तो फिर पछताओगे,
ये जूनून ही तो मेरी पहचान है …

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ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़,
मुझको आदत है मुस्कुराने की..

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ऐ ज़िंदगी काश तू ही रूठ जाती मुझ से,
ये रूठे हुए लोग मुझ से मनाये नहीं जाते…

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रोज रो रो कर मैं जीता तो जीता कैसे,
इस लिए मैं मुस्कुरा कर रोज मरता हूँ !

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तुम्हें अपना कहने की तमन्ना थी दिल में…
लबों तक आते आते तुम ग़ैर हो गए !!

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महोब्बत होनी थी, सो हो गई हमको…
अब नसिहते छोड़िए, दिजिये दुआ हमको…!

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कभी कभार की मुलाक़ात ही अच्छी है दोस्त……
कद्र खो देता है रोज रोज का आना जाना….!!!!!

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इन्सान दीवारें बनाता है और उसके बाद यह सोचकर परेशान होता रहता है कि दीवार के पीछे क्या हो रहा है…..!!!

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ना किसी को तू सता ना किसी की आह ले.,
हो सके तो कर भलाई वरना अपनी राह ले…

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ज्यादा लगाव ना रख मुझसे ,
मेरे दुश्मन कहते है मेरी उम्र छोटी है ,
डर मौत का नहीं , तेरे अकेलेपन का है !!!

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बाजार के रंगों से रंगने की मुझे जरुरत नही….
पगली तेरी याद आते ही ये चेहरा गुलाबी हो जाता है.

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मैं क्यों कहूँ उससे की मुझसे बात करो….!

क्या उसे नहीं मालूम की उसके बिना मेरा दिल नहीं लगता….!

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मत कर यकीन यहां पल भर की मुलाकात पर।
जरुरत ना हो तो लाेग यहां सालों के रिश्ते भुल जाते हैं।।।

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आज और कुछ नहीं बस इतना समजलाे,
गर में हु तन्हा ताे वजह तुम हाे…

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कितनी जल्दी ये शाम आ गई;
गुड नाईट कहने की बात याद आ गई;
हम तो बैठे थे सितारों की महफ़िल में;
चाँद को देखा तो आपकी याद आ गई.

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अगर मैं भी मिजाज़ से पत्थर होता
तो खुदा होता या तेरा दिल होता …..?

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बचपन से सिखाया गया था,
एक हाथ दे एक हाथ ले ।
कमबख्त दिल के सोदे ने सारे उसूल भुला दिये ॥

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मुझे किसीके बदल जाने का गम नहीं था ।
बस कोई ऐसा था,जिससे ये उम्मीद नहीं थी ॥

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तुम गरदन जुकाने की बात करते हो ,
हम वौ है जो आंख उठाने वालो
की गरदन पऱसाद मै बाट देते है..।।

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बचपन से अच्छा बनने का शोख था ।
साला बचपन खतम शौख खतम ॥

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जरूरी नहीं जो खुशि दे उसीसे प्यार करो।
सच्ची मुहोब्बत तो अक्सर दिल तोडने वालों से ही होती है।

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किसी की आँखों से आंसू पोछना भी
स्वच्छ भारत का अभियान है ।

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दुश्मन को कैसे खराब केह दूं ।
जो हर महेफिल मे मेरा नाम लेते है।

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कुछ तो बात है, मेरी महेमान नवाजि मे ।
जो गम एक बार आता हे जाने का नाम नहि लेता।

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मुझ में बेपनाह मुहब्बत के सिवा कुछ भी नही,
तुम अगर चाहो तो मेरी साँसो की तलाशी ले लो..

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क्यों तुझे पाने के लिये मिन्नते करु ।
मुझे तुझसे मुहोब्बत है कोइ मतलब तो नहीं ॥

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तुम्हारे चाँद से चेहरे पे ग़म अच्छे नहीं लगते;
हमें कह दो चले जाओ जो हम अच्छे नहीं लगते;

हमें वो ज़ख्म दो जाना जो सारी उम्र ना भर पायें;
जो जल्दी भर के मिट जाएं वो ज़ख्म अच्छे नहीं लगते।

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आदते अलग हे हमारी दुनिया वालो से, कम दोस्त रखते हे.. मगर लाज्वाब रखते है…

क्योंकि, बेशक हमारी गेंग छोटी है-…
पर सदस्य उसमे सारे सुलतान मिर्झा जैसे रखते हे…!!

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जिंदगी तू ही बता तुझे कैसे प्यार करू…
तेरा हर एक दिन मेरी उम्र कम कर देती हैं..!

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डरता हूँ कहने से की मोहब्बत है तुम से ……!!
की मेरी जिंदगी बदल देगा तेरा इकरार भी और इनकार भी …!!

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पानी की हर "बूंद" का सम्मान करें…
चाहे वो "आसमान" से टपके या "आँखों "से

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शायद "वेद" पढ़ना आसान हो सकता है ……
लेकिन किसी की "वेदना" पढ़ना कठिन है …….!!

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हो मुमकिन तो आकर देखो कभी.!
बहुत कुछ है जो अब तक नहीं बदला.!

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खूशबू की जंजीरो से
सितारो की हदो तक…
इस शहर मे सब कुछ है सिर्फ
तेरी कमी है.!!!

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इस बहते दर्द को मत रोको ये तो सज़ा है किसी के इंतेज़ार की,
लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी पर ये तो निशानी हैं किसी के प्यार की..

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टूट गए तो गीदड़ भी सताएगा।।
और
जुड़ गए तो शेर भी गभरायेगा।

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2 लोगों से होशियार रहो..

एक वो जो तुम में वो कमी बताएं जो तुम में नहीं।
दुसरे वो जो तुम में वो खूबी बताते रहें जो तुम में नहीं।

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न रुकी वक़्त की गर्दिश और न ज़माना बदला..
पेड़ सुखा तो परीन्दो ने, ठिकाना बदला…!

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खुशमिजाजी, मशहूर थी हमारी
सादगी भी कमाल की थी…
हम, शरारती भी इंतेहा के थे
अब, तन्हा भी बेमिसाल हैं..!

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घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में हमारे..
हम से वो परिंदे, उड़ाये नहीं जाते….!

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रूह को अपनी करके एक तेरे हवाले !!!!!!!

एक जिस्म लिए सारे ज़माने में घूमता हूँ !!!!!!!!!!

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कौन चाहता है रिहा होना तेरी यादों से,
ये तो वो क़ैद है जो जान से ज़्यादा अजीज़ है…..!!

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कभी इतना मत मुस्कुराना की नजर लग जाए जमाने की,
हर आँख मेरी तरह मोहब्बत की नही होती….!!!

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तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने,
हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं…

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दम तोड देती हे माँ बाप की ममता,
जब बच्चे ये कहते हे की तुमने हमारे लिए किया ही क्या है?

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“अगर हम स्वयं ही अपना राज़ गुप्त नहीं रख सकते तो किसी और से इसे गुप्त रखने की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं?”

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लोग कहते है की सुधर जाओ,वरना…जिंदगी रूठ जाएगी..

हम कहते है…

जिंदगी तो वैसे भी रूठी है,
पर हम सुधर गई तो…

हमारी पहचान रूठ जायेगी..!!

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आज तेरा दिन है कल मेरा होगा लेकिन जब मेरा दिन होगा वोह तैरा आख़री दिन होगा….

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दुआ करते हैं हम सर झुका के,
आप अपनी मंज़िल को पाए.
अगर आपकी राहों मे कभी अंधेरा आए,
तो रोशनी के लिए खुदा हमको जलाए…

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लाली बीगाडनी है 'गर…तो आ, बीगाड़ ले,
काजल बीगाडनेको कहीं और जा!!

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मै तड़पते हुये भी मुस्सकुराता हूं…
उसने कहा था मेरा मुस्कुराना सुकुन देता है…

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जीसकी सजा बश तूम हौ मुजे वो गुन्हा करना है…

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एक उम्र है जो तेरे बगैर गुज़ारनी है,
और एक लम्हा भी तेरे बगैर गुज़रता नही….

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सोचता हूँ कि तेरे दिल में उतर के देख लूँ ,,

क्या बसा है ,जो मुझे बसने नहीं देता !!

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दिल मजबूर हो रहा है तुम से बात करने को……
बस जिद ये है कि बात की शुरुआत तुम करो……

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ये तनहा सी ज़िन्दगी डराती है मुझे हर शाम….

एहसान है की एक खोखली हिम्मत देता है ये जाम…..

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चलो सारी कायनातका बटवारा करते है…
तुम सिर्फ मेरे.. बाकी सब तुम्हारा…

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जिस्म है शीशे का, पत्थर का जिगर रखते हैं,
इसलिए तो हम, तुम्हारे ऊपर मरते हैं |

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पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,
दिल में क्या है वो बात नही समझती,

तन्हा तो चाँद भी सितारों के बीच में है,
पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती…

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आँखों से आंसू न निकले तो दर्द बड जाता है;
उसके साथ बिताया हुआ हर पल याद आता है.

शायद वो हमें अभी तक भूल गए होंगे; मगर अभी भी उसका चेहरा सपनो में नज़र आता है.

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रेल में खिड़की के पास बैठ के हर दफ़ा महसूस हुआ है,
जो जितना ज्यादा क़रीब है वो तेजी से दूर जा रहा हे।

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कुछ सोचूं तो तेरा खयाल आ जाता है, कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है,
कब तक छुपाऊं दिल की बात, उसकी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है !

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ना मुस्कुराने को जी चाहता है;
ना आंसू बहाने को जी चाहता है.

लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में;
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है.

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दिल साफ़ करके मुलाक़ात की आदत डालो,
धूल हटती है तो आईने भी चमक उठते हैं..!

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किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया हैं ये दिल,

कोई रहता भी नहीं और कमबख्त बिकता भी नहीं..

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झुठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते हैं..
तरक्की के बाज़ की उडान में कभी आवाज़ नहीं होती ।

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हाय कितना मासूम था उनका बात करने का लहज़ा…!
धीरे से जान कह के… बेजान कर दिया ……!!

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इंसान चाहे कितना भी साफ़ वो उसकी परछायी काली ही होती है…

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मेरी जगह कोई और हो तो चीख उठे,
मैं अपने आप से इतने सवाल करता हूँ…

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नाराज़गी भी मोहब्बत की बुनियाद होती हे,
मुलाक़ात से भी प्यारी किसी की याद होती हे………

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अपने किस किस राज को, बे पर्दा करुं दोस्तों..
जिस उम्र मे अक्ल आती है, उस उम्र में हम मुहब्बत कर बैठे..!

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निकाल दे दिल से ख्याल उसका,

यादें किसी की तकदीर बदला नहीं करती…

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होश में थे तो हुए हवाले, तेरी हसीन यादों के..
इन दिनों चूर हूँ नशे में, तेरे उन झूठे वादों के..!

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जिस दिन तुम्हारा सबसे करीबी साथी तुम पर गुस्सा करना छोड दे तब समझ लेना चाहिए कि तुम उस इंसान को खो चुके हो"

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"वो कहते है कि उनपर कोई ग़ज़ल लिखूं,
मैं एक ग़ज़ल पर कैसे दूसरी ग़ज़ल लिखूं !"

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कोई नहीं मरता सिर्फ़ ठंड के कारण,
मरते हैं लोग सरकारी फ़ंड के कारण !!

नेता बाबू खा जाते है कंबल वाला फण्ड,
और बदनाम हो जाती है दिसंबर वाली ठण्ड !!

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तेरे मुस्कुराने का असर सेहत
पे होता है……..
लोग पूछ लेते है..दवा का नाम
क्या है…….!!

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तुम आसपास ना आया करो जब मे शराब पीता हूँ,
क्या हे कि मुझसे दुगुना नशा सँभला नही जाता..!!

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जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई,
उन रिश्तो को संभाले रखना जिन के बिना गुज़ारा नहीं होता।

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क्या पता था कि महोब्बत हो जायेगी,
हमें तो बस तेरा मुस्कुराना अच्छा लगा था..

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तुजे पा न सके,
तो भी सारी जिंदगी तुजे प्यार करेंगे..

ये जरूरी तो नहीं जो मिल ना सके,
उसे छोड दिया जाये..!!

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शेर खुद अपनी ताकत से राजा कहलाता है; 

जंगल मे चुनाव नही होते…

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नहीं मांगता ऐ खुदा कि,
जिंदगी सौ साल की दे !

दे भले चंद लम्हों की,
लेकिन कमाल की दे ….!!

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तू होठो से कितना भी ना कह ले
ऐ सनम,
तेरी आँखों में मोहब्बत हमें दिख
ही जाती है..!!

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मुझे रूला कर सोना तो तेरी आदत बन गई है,
जिस दिन मेरी आंख ना खुली
तुझे निन्द से नफरत हो जायेगी….

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मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर..

हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते हैं…

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जब छोटे थे तो बड़ी बड़ी बातों में 'बह' गए ,

बड़े हुए तो छोटी छोटी बातों में 'बंट' गए..।

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फिर नये साल की सरहद पर खडे है हम,
राख हो जायेगा ये साल भी हैरत कैसी….

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सोमवार तो बीत गया ,
उम्मीद है अब मंगल होगा..!!

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आँखों में अब समाती नहीं कोई भी सूरत….
काश तुझे गौर से न देखा होता.

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धडकनों को
कुछ तो काबू में कर ए दिल..
.
अभी तो पलकें झुकाई है,
मुस्कुराना
अभी बाकी है उनका…!!!

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मुझको समझाया ना करो अब तो हो चुकी,
मुहब्बत मशवरा होती तो तुमसे पूछ के करते…

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न पूरी तरह से क़ाबिल न पूरी तरह से पूरा है,
हर एक शख्स कहीं न कही से अधूरा है…

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कैसे लडूंगा मुक़द्दमा खुद से तेरी जुदाई का …!!
ये दिल भी वकील तेरा,
ये जान भी गवाह तेरी…

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किसके लिए जन्नत बनायी है तुने ऐ खुदा…।…
कौन है यहाँ इस जहां मे जो गुनाहगार नहीं…।।

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रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती,
जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है।

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हथेली पर रखकर नसीब,
हर शख्स अपना मुकद्दर ढूँढ़ता है,
सीखो उस समन्दर से,
जो टकराने के लिए पत्थर ढूँढ़ता है….

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कौन कहता है सवारने से बढती है ख़ूबसूरती…
जब दिल में चाहत हो तो चेहरे अपने आप निखर जाते है…!!

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मुझे तो तुमसे नाराज
होना भी नहीँ आता…
न जाने तुम से कितनी
मोहब्बत कर बैठा हूँ मैँ.!!

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एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद,
दूसरा सपना देखने के हौसले को 'ज़िंदगी' कहते हैं.!!!

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वैसे तो ,गिलास मेरा ,बहुत छोटा है…!
पर ,ना जाने कितनी ,बोतलो का कातिल है !!

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चलो छोड़ो…तुम्हें क्या बताना मुहब्बत के दर्द को…!!
जान जाओगे तो जान से जाओगे…!!

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मैने कभी किसीको अपने दिल से दुर नही किया,
बस जीनका दिल भर गया वो मुजसे दुर हो गया..!!!

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बहुत शौक है न मुझे मार डालने का तुझे !!
एक काम करो, लगा के ज़हर होंठो पे, मेरी बाहों मे आ जाओ !!!!

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कौन कहता है की तेरी ख़ूबसूरती में दम है!
अरे पगली लोग तो तुझे इसलिए देखते है क्योंकि तेरे आशिक हम है।।

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जिस दिन वोह मेरी सलामती की दुआ करती है ।

उस दिन जेब में रखी सीगरेट भी टूट जाती है …

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बेरंग हैं पानी फिर भी जिन्दगी कहलाता हैं,
ढेर सारे रंग हैं शराब के फिर भी गन्दगी कहलाती हैं।।

लोग भी कमाल करते हैं…

जिन्दगी के गम भुलाने के लिये, गन्दगी में जिन्दगी मिलाकर पीते हैं…

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क्या कमी थी मुझ मेँ..
जो तुमने मुझे छोड़ दिया..
वफ़ा करनी नहीँ आई
या मैँ गरीब था.!!

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सुना है तुम्हारी एक निगाह से क़तल होते हैं लोग,
एक नज़र हमको भी देख लो
कि ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती…

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जो चीज़ मेरी है उसे कोई और ना देखे …
इंसान भी मोहबत में बच्चो की तरह सोचता है..

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मौत से कैसा डर, मिनटों का खेल है.. आफत तो जिंदगी है, बरसों चला करती है..

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न किसी के दिल की हूँ आरजू….
न किसी नज़र की हूँ जुस्तजू….
मैं वो फूल हूँ जो उदास हो…
ना बहार आए तो क्या करू …

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मुझे ग़म भी उन का अज़ीज है,
के उन ही की दी हुई चीज़ है…
यही गम है अब मेरी जिंदगी,
इसे कैसे दिल से जुदा करू …

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फिर नींद से जाग कर आस-पास ढ़ूढ़ता हूँ तुम्हें…
क्यूँ ख्वाब मे इतने पास आ जाती हो तुम….

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मीठी बाते ना कर ऐ नादान परिंदे…,
इंसान सुन लेगा तो पिंजरा ले आएगा…

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उसके प्यार में, हुनर आ गया है वकीलों सा…….

मेरे प्यार को वो,तारीख पर तारीख दिये जा रहा है !!

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सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने
मेरी नींदों से..

या तो दोनों आते हैं .. या कोई नहीं आता !!!

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चलो अब जाने भी दो..क्या करोगे दासता सुनकर..,
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं,और बयां हमसे होगी नहीं…

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कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे
तुम्हारे सिवा,
एक मौत ही है जिसका मैं
वादा नही करता…….. ।।

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पी है शराब हर गली की दुकान से,
दोस्ती सी हो गयी है शराब की जाम से ;
गुज़रे है हम कुछ ऐसे मुकाम से,
की आँखें भर आती है मोहब्बत के नाम से..!

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सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें ,
इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना ।

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हम राजा नहि जो मारे जाए, यहा तो पुरा शतरंज ही हमारा है। जब चाहे सारे मोहरे समेट देंगे।।…

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न चाहकर भी मेरे लब पर ये फ़रियाद आ जाती है,
ऐ चाँद सामने न आ किसी की याद आ
जाती है…

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दिल ने मानी नहीं मेरी वरना,
मैं तुम्हे भूलने के हक़ में था..

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जिंदगी भी तवायफ की तरह होती है,
कभी मज़बूरी में नाचती है कभी मशहूरी में ।

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