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Monthly Archives: November 2014

कैंची और सुई


एक दिन किसी कारण से स्कूल में छुट्टी की घोषणा होने के कारण,एक दर्जी का बेटा, अपने पापा की दुकान पर चला गया ।

वहाँ जाकर वह बड़े ध्यान से अपने पापा को काम करते हुए देखने लगा ।

उसने देखा कि उसके पापा कैंची से कपड़े को काटते हैं और कैंची को पैर के पास टांग से दबा कर रख देते हैं ।

फिर सुई से उसको सीते हैं और सीने के बाद सुई को अपनी टोपी पर लगा लेते हैं ।

जब उसने इसी क्रिया को चार-पाँच बार देखा तो उससे रहा नहीं गया, तो उसने अपने पापा से कहा कि वह एक बात उनसे पूछना चाहता है ?

पापा ने कहा-बेटा बोलो क्या पूछना चाहते हो ?

बेटा बोला- पापा मैं बड़ी देर से आपको देख रहा हूं , आप जब भी कपड़ा काटते हैं, उसके बाद कैंची को पैर के नीचे दबा देते हैं, और सुई से कपड़ा सीने के बाद, उसे टोपी पर लगा लेते हैं, ऐसा क्यों ?

इसका जो उत्तर पापा ने दिया-उन दो पंक्तियाँ में मानों उसने ज़िन्दगी का सार समझा दिया ।

उत्तर था- ” बेटा, कैंची काटने का काम करती है, और सुई जोड़ने का काम करती है, और काटने वाले की जगह हमेशा नीची होती है परन्तु जोड़ने वाले की जगह हमेशा ऊपर होती है ।

यही कारण है कि मैं सुई को टोपी पर लगाता हूं और कैंची को पैर के नीचे रखता हूं……..!!

Source:  Whatsapp msg

 

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प्रभु की लीला


एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन भ्रमण पर निकले तो उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राहमण को भिक्षा मागते देखा अर्जुन को उस पर दया आ गयी और उन्होंने उस ब्राहमण को स्वर्ण मुद्राओ से भरी एक पोटली दे दी।

जिसे पाकर ब्राहमण ख़ुशी ख़ुशी घर लौट चला। पर राह में एक लुटेरे ने उससे वो पोटली छीन ली।

ब्राहमण दुखी होकर फिर से भिक्षावृत्ति में लग गया।

अगले दिन फिर अर्जुन की दृष्टि जब उस ब्राहमण पर पड़ी तो उन्होंने उससे इसका कारण पूछा।
ब्राहमण की व्यथा सुनकर उन्हें फिर से उस पर दया आ गयी और इस बार उन्होंने ब्राहमण को एक माणिक दिया।

ब्राहमण उसे लेकर घर पंहुचा और चोरी होने के डर से उसे एक घड़े में छिपा दिया। दिन भर का थका मांदा होने के कारण उसे नींद आ गयी, इस बीच ब्राहमण की स्त्री उस घड़े को लेकर नदी में जल लेने चली गयी और जैसे ही उसने घड़े को नदी में डुबोया वह माणिक भी जल की धरा के साथ बह गया।

ब्राहमण को जब यह बात पता चली तो अपने भाग्य को कोसता हुआ वह फिर भिक्षावृत्ति में लग गया।

अर्जुन और श्री कृष्ण ने जब फिर उसे इस दरिद्र अवस्था में उसे देखा तो जाकर सारा हाल मालूम किया।

सारा हाल मालूम होने पर अर्जुन भी निराश हुए और मन की मन सोचने लगे इस अभागे ब्राहमण के जीवन में कभी सुख नहीं आ सकता।

अब यहाँ से प्रभु की लीला प्रारंभ हुई।

उन्होंने उस ब्राहमण को दो पैसे दान में दिए।

तब अर्जुन ने उनसे पुछा “प्रभु मेरी दी मुद्राए और माणिक भी इस अभागे की दरिद्रता नहीं मिटा सके तो इन दो पैसो से इसका क्या होगा” ?

यह सुनकर प्रभु बस मुस्कुरा भर दिए और अर्जुन से उस ब्राहमण के पीछे जाने को कहा।

रास्ते में ब्राहमण सोचता हुआ जा रहा था कि”दो पैसो से तो एक व्यक्ति के लिए भी भोजन नहीं आएगा प्रभु ने उसे इतना तुच्छ दान क्यों दिया”?

तभी उसे एक मछुवारा दिखा जिसके जाल में एक मछली तड़प रही थी।
ब्राहमण को उस मछली पर दया आ गयी उसने सोचा”इन दो पैसो से पेट कि आग तो बुझेगी नहीं क्यों न इस मछली के प्राण ही बचा लिए जाये”यह सोचकर उसने दो पैसो में उस मछली का सौदा कर लिया और मछली को अपने कमंडल में डाल दिया।
कमंडल के अन्दर जब मछली छटपटई तो उसके मुह से माणिक निकल पड़ा।

ब्राहमण ख़ुशी के मारे चिल्लाने “लगा मिल गया मिल गया ”..!!!

तभी भाग्यवश वह लुटेरा भी वहा से गुजर रहा था जिसने ब्राहमण की मुद्राये लूटी थी।
उसने सोचा कि ब्राहमण उसे पहचान गया और अब जाकर राजदरबार में उसकी शिकायत करेगा इससे डरकर वह ब्राहमण से रोते हुए क्षमा मांगने लगा और उससे लूटी हुई सारी मुद्राये भी उसे वापस कर दी।

यह देख अर्जुन प्रभु के आगे नतमस्तक हुए बिना नहीं रह सके।

जब आप दूसरे का भला कर रहे होते हैं,
तब आप ईश्वर का कार्य कर रहे होते हैं।

 

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Shayri Part 25


दहेज़ में बहु क्या लायी…
ये सबने पूछा…
लेकिन एक बेटी क्या क्या छोड़ आई…
किसी ने सोचा ही नहीं…

*******

“हमारी गलतियों से कही टूट न जाना,
हमारी शरारत से कही रूठ न जाना
तुम्हारी चाहत ही हमारी जिंदगी हैं
इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना ”

*******

हजार गम मेरी फितरत नही बदल सकते ;
क्या करू मुझे आदत हे मुस्कुराने की ।

*******

ख्वाबो में मेरे आप रोज आते हो,
कभी दर्द, कभी खुशियाँ दे जाते हो,
कितना प्यार करते हो आप मुझ से,
शिर्फ़ मेरे इस सवाल का जबाब टाल जाते हो.

*******

ऐ दिल सो जा कसम से कोई नहीं, कोईनहीं, कोईनहीं,दरवाजा सिर्फ तेज हवा से खुला है …!

*******

बड़ी सादगी से उसने कह दिया, रात
को सो भी लिया कर….
रातो को जागने से मोहब्बत लौट नहीं आती …

*******

हुए बदनाम मगर फिर भी न सुधर पाए हम,
फिर वही शराब, फिर वही इश्क, फिर
वही तुम…!!!!!

*******

यह सोच कर सब को याद कर के सोते है हम,
पता नहीं ज़िन्दगी मैं कोनसी रात आखरी हो………

*******

गीले कागज कि तरह है जिंदगी अपनी,
कोई जलाता भी नहीं,और कोई बहाता भी नहीं!!

*******

ऐ ज़िँदगी, अब तू ही रुठ जा मुझसे..
ये रुठे हुए लोग, मुझसे मनाए नहीँ जाते…

*******

कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा,
एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता।

*******

पर्दा तो होश वालों से किया जाता है ,
बेनकाब चले आओ हम तो नशे में है..!!

*******

तेरे गुरूर को देखकर तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने,
ज़रा हम भी तो देखे कौन चाहता है तुम्हे
हमारी तरह…!!!

*******

दुश्मनों को हराओ या ना हराओ,

लेकिन उनके सामने जरूर मुस्कुराओ !!

*******

में तो तुझ पर अपनी जान भी लुटा दुँ,
पर तू मुझसे मेरे जैसी मोहब्बत तो कर..!!

*******

जहाँ सफाई देनी पड़ जाय हर बार,
वो रिश्ते कभी गहरे नही होते !!!

*******

हम ना रहें भी तो हमारी यादें वफा करेंगी तुम से,

ये ना समजना की तुम्हें चाहा था बस दो दिन के लिए !!

*******

माजरा क्या हे ये भी बता दो !
आजकल ख्वाबों मे छा जाते हो…

*******

तेरी चाहत तो मुक़द्दर है, मिले न मिले;

राहत ज़रूर मिल जाती है, तुझे अपना सोच कर…

*******

माना कि तुम्हारा नाम सुनतेही नशा चढ जाता हैँ,
लेकिन हम भी वो हे जिनका नाम सुनतेही अच्छे अच्छोँ का नशा उतर जाता हैँ…

*******

सालो साल बातचीत से उतना सुकून नही मिलता,
जितना सिर्फ एक बार गले लग कर मिलता है।

*******

मुझे हर बात पर यूँ लड़ना अच्छा नही लगता,
अच्छा लगता है लड़ने के बाद प्यार जताना…

*******

सही कहते हैं दुनियावाले,
बहुत ग़रीब हो गया हूँ मैं…

एक फकत…
तू ही तो दौलत थी मेरी |….

*******

दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे,
जब बरसी ख़ुशियाँ …
न जाने भीड़ कहा से आई.

*******

बांसुरी से सीख ले एक नया सबक . . . . .
ऐ जिन्दगी-
लाख सीने में जख्म हो फिर भी गुनगुनाती है..!!

*******

हमने ईक माला की तरह तुमको अपने आप मे पिरोया है,
याद रखना तुटे अगर हम तो बिखर तुम भी जाओगे।!

*******

बादशाह तो मैं कहीं का भी बन सकता हूँ पर,

तेरे दिल की नगरी में हुकूमत करने का मज़ा ही कुछ और है….

*******

हाथों की लकीरों मैं तुम हो ना हो ….

जिदंगी भर दिल में जरूर रहोगे…

*******

जिन्दगी भर कोई साथ नहीं देता यह जान लिया हमने,
लोग तो तब याद करते हैं जुब वह खुद अकेले हों..

*******

खुद को भूल न जाऊं भटक न जाऊं कहीं…
एक टुकड़ा आइना जेब में रखता हूँ अक्सर…

*******

ज़ुल्म इतना ना कर की लोग कहेँ तुझे
दूश्मन मेरा,
हमने ज़माने को तुझे अपनी “जान”‘
बता रख्खा हे..

*******

तेरी चुप्पी ग़र…तेरी कोई
मज़बूरी है….
तो रहने दे…
इश्क़ कौन सा ज़रूरी है….

*******

मैंने कब कहा कीमत समझो तुम मेरी,

हमें बिकना ही होता तो यूँ तन्हा ना होते।।

*******

तेरी ख्वाहिश कर ली तो कौन सा गुनाह किया,
लोग तो इबादत में सारी कायनात मांगते खुदा से।

*******

टूट जायेंगी तेरी ज़िद की आदत उस वक़्त…
जब मिलेगी ख़बर तूजको की याद करने वाला अब याद बन गया है!!!

*******

निंद से क्या शिकवा जो आती नही रात भर,
कसुर तो उन सपनों का है जो सोने नही देते ।..

*******

भरोसा बहुत बङी पूँजी है यूँ ही नहीं बाँटी जाती…

यह…

खुद पर रखो तो ताकत और दूसरे पे रखो तो कमजोरी बन जाता है…

*******

धडकनों को
कुछ तो काबू में कर ए दिल..
.
अभी तो पलकें झुकाई है,
मुस्कुराना
अभी बाकी है उनका…!!!

*******

इतनी दूरियां ना बढ़ाओ थोड़ा सा याद ही कर लिया करो,
कहीं ऐसा ना हो कि तुम-बिन जीने की आदतसी हो जाए…

*******

मुझे आदत नहीं यूँ हर किसी पे मर मिटने की…! .
पर तुझे देख कर दिल ने सोचने तक की मोहलतना दी…!!

*******

नजर और नसीब के मिलने का इत्तफाक कुछ ऐसा है कि,
नजर को पसंद हमेशा वही आता है ,जो नसीब मे नही होता…!!

*******

इस कदर भूखा हूँ साहब,
कभी कभी धोखा भी खा लेता हूँ!

*******

दर्द भी वो दर्द जो दवा बन जाये !
मुश्किलें बढ़ें तो आसां बन जाये !!

जख्म पा कर सिर झुका देता हूँ !
जाने कौन पत्थर ख़ुदा बन जाये !!

*******

ज़रा सा बात करने का सलीक़ा सीख लो तुम भी…
इधर तुम होठ हिलाते हो उधर दिल टूट जाते है…

*******

अपने खुदा से जब भी अपना मुक़द्दर मांगेंगे ,
और भले ही कुछ न मांगें, तुम्हें उम्र-भर मांगेंगे ….

*******

काश के होता ये दिल पत्थर का यारो
खुद घायल हो जाते चोट पहुँचाने वाले..

*******

तुझे पाना.. तुझे खोना…
तेरी ही याद मेँ रोना….

ये अगर इश्क है..
तो हम तनहा ही अच्छेँ हैँ.!!

*******

अरे बददुआये … ये किसी ओर के लिए रख,

मोहब्बत का मरीज हूँ, खुद ब खुद मर जाऊँगा…

*******

इतनी कामीयाबि हाँसिल
करूंगा की तु जे माफी मांगने के लिये
भी लाईन मेँ खडा होना पडेगा…

*******

तुम जब भी मिलो तो नजरे उठा कर मिला करो जान-ए-जाना
मुजे पसंद है तुम्हारी आँखों में अपना चेहरा देखना…..!!

*******

किसी फकीर की झोली में जब मैंने एक सिक्का डाला ,
तब ये जाना कि इस मंहगाई के दौर में दुआएँ आज भी कितनी सस्ती है !!

*******

लाख करो गुज़ारिशें लाखों दो हवाले,
बदल ही जाते हैं आखिर बदल जाने वाले..!!!

*******

ख़ूबियों पर तो आपकी कईयों का दिल मचला होगा,
पर मज़ा प्यार का तब है,
जब कमियों को देख,कोई हमसफ़र बना ले आपको …!!

*******

हज़ार बार ली है तुमने तलाशी मेरे दिल की,

बताओ कभी कुछ मिला है इसमें तुम्हारे सिवा…

*******

दिल तो रोज सजता हे , एक नादान दुलहन की तरह ,
और गम रोज चले आते हे , बाराती बनकर….

*******

हाले दिल किस से केहतें ददॅ भी उसीने दिया जो वजह थी मुस्कुराने की.!!

*******

बहुत खूबसूरत वहम है मेरा….कहीं तो कोई है….
जो सिर्फ मेरा है…!!

*******

लोग कहते हैं कि इश्क मत करो,
कि हुस्न सर पे सवार हि जाये,
हम कहते हैं कि इश्क इतना करो,
कि पत्थर दिल को भी तुमसे प्यार हो जाये.

*******

तलाश कर मेरी कमी को अपने दिल में एक बार ।
दर्द हो तो समझ लेना मुहब्बत अभी बाकी है ।।

*******

शाम से आंख में नमीं सी है,
आज फिर आपकी कमी सी है !

*******

पगली तेरी महोब्बत ने मेरा ये हाल कर दिया है।
मैं नहीं रोता,लोग मुझे देख कर रोते है।

*******

कितना मुश्किल सवाल पूछा है . . .
आज उसने मेरा हाल पूछा है . . . !

*******

कुछ तो बात है मेरी मेहमान-नवाजी में….
कि ग़म एक बार आते है तो जाने का नाम नहीँ लेते…

*******

वो भी शौकीन हैं इतने कि गूगल पर हमारी शायरी ढूंढते हैं, 
उनको लगता है कि जज्बात भी बाजार में बिकते हैं..!!

*******

ख़ुशी का पल भी आएगा एक दिन…
ग़म भी तो मिल रहे हैं
बिना तम्मना किये…!

*******

एक ही बात इन लकीरों में अच्छी है…
धोखा देती हैं मग़र रहती हाथों में ही हैं …!!

*******

मैं तेरे नसीब कि बारिश नहीं जो तुजपे बरस जाऊं,
तुजे तक़दीर बदलनी होगी मुझे पाने के लिए…

*******

जो मेरे बूरे वक्त मे मेरे साथ हैं में उन्हें वादा करता हु मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिये होगा…!

*******

कुछ नही था मेरे पास खोने को,
लेकिन जबसे तुम मिले हो डर गया हूँ मैं…

*******

मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख,
मुझसे भी बुरे हैं लोग तू घर से निकलकर देख…!

*******

जो दिल के आईने में हो वो ही प्यार के काबिल ,
वरना दीवार के काबिल तो हर तस्वीर होती है ……..

*******

एक ऐसा भी वक़्त होता है,
जब मुस्कराहट भी आह होती है..!!

*******

अजीब सी आदत,
और गज़ब की फितरत
है अपनी ,

नफरत हो या मोहब्बत,
बड़ी सिद्दत से करते हैं ।।

*******

धोखा देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक,

हर काँच के टुकड़े को हीरा नहीं कहते….!!

*******

कुछ लोग बडे होने के वहम में मर गये…

और जो लोग बडे थे वो अहम में मर गये…

*******

ज़िंदगी में कभी मुस्कुराने की दुआ ना देना,
मुझे पल भर मुस्कुराने की सज़ा मालूम है।

*******

वो शख्स जिसकी आँखों में इंकार के सिवा कुछ भी नही,
ना जाने क्यों उसकी आँखों पे जिंदगी लुटाने को जी चाहता है।।

*******

जी तो चाहता है, चीर के रख दूं तुझे…
ए दिल,
न तूं रहे तुझमे
और
न मुहब्बत रहे मुझमें.!!

*******

तेरी आँखों के जादू से तू ख़ुद नहीं है वाकिफ़;
ये उसे भी जीना सीखा देता जिसे मरने का शौक़ हो।

*******

मोहब्बत मेँ कभी कोई जबरदस्ती नहीँ होती,
जब तुम्हारा जी चाहे तुम बस मेरे हो जाना.

*******

जितना चाहे रूला ले मुझको तूँ ऐ
जिन्दगी….
हंसकर गुजार दूँगा तुझको,
ये मेरी भी जिद्द है…!!

*******

जब भी बही खाते निकलेंगे तेरे मेरे क़र्ज़ के !
तुझ पे मेरी मोहब्बत उधार निकलेगी और मुझ पे तेरे सितम !!

*******

कितने अनमोल होते हैं
ये अपनों के रिश्ते,
कोई याद न करे
तो भी इंतज़ार रहता है…!!!

*******

सिर्फ रिश्ते टूटा करते हैं साहब,
मुझे तो उनसे इश्क़ हुआ है….

*******

ए मोहब्बत, तुझे पाने की कोई राह नहीं….
तू तो उसे ही मिलेगी, जिसे तेरी परवाह नहीं…….

*******

बहोत अहेसान हैं तेरा मुजपे ए जींदगी,
तुने वो सीखा दीया जो हम कभी समज भी नहीं पाते थे..!

*******

सबूत गूनाहो के होतेहै, ,,,,,
बेगुनाह मुहब्बत का क्या सबूत दू,,!

*******

जुबाँ न भी बोले तो ,
मुश्किल नहीं…

फिक्र तब होती है जब,
खामोशी भी बोलना छोड़ दें…।

*******

लिख देना ये शब्द मेरी कब्र पे दोस्तों,

की मौत अच्छी है पर दिल का लगाना
अच्छा नहीं..!

*******

दिल साफ़ करके मुलाक़ात की आदत डालो,
धूल हटती है तो आईने भी चमक उठते हैं..!

*******

कुछ मुलाकाते दरवाजे खोल जाती है,
या तो दिल के या तो आंखो के..

*******

मैं रात भर जन्नत की सैर करता रहा यारों,

सुबह आँख खुली तो सर माँ के कदमों में था…

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आईना देख क्या लिया मैंने.

अब कोई भी बुरा नहीं लगता…

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खुद को मेरे दिल में ही छोड़ गए हो.!!
तुम्हे तो ठीक से बिछड़ना भी नहीं आता..!!

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हथेली पे उसका नाम तो लिख लिया ऐ दोस्त ….
पर ये न सोचा कि… तकदीर तो खुदा लिखता है।….

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मेरे तो सारे अंदाजे गलत निकले ,

तुम कभी अपने थे ये भी भरम निकले।

*******

मैंने तुझसे कुछ ख़ास तो माँगा नहीं है, ए ज़िन्दगी,
फिर क्यूँ तू किश्तों में, सब कुछ छीना करती है?

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अपने कमाए हुए पैसो से खरीदो,
शोक अपने आप कम हो जायेंगे..!!!

*******

एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए,तू आज भी बेखबर है कल की तरह..!

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बेचैनी भी जहाँ सुकून देने लगती है.
आ देख, उस दौर से गुजर रहा हूँ मैं.

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दुनियाँ की हर चीज…
ठोकर लगने से टूट जाया करती है.

एक कामयाबी ही है…
जो ठोकर खा के ही मिलती है …!!

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मेरे हौसले पर मयकदे को भी हैरत है,
एक जाम ख़त्म होता है दूसरा भर जाता है….

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रोज़ रोज़ गिर कर मुकम्मल खड़ा हूँ,
ज़िन्दगी देख, में तुझसे कितना बड़ा हूँ.

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आज तुम हर साँस के साथ याद आ रहे हो….
अब तुम्हारी याद रोक दु या अपनी सांस…||

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चुपके चुपके लेकर नाम तेरा , गुज़र देंगे ज़िन्दगी …
बे-ख़बर ज़माने को बतायेंगे , प्यार ऐसे भी होता है….

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नींद उड़ा कर मेरी कहते है वो कि सो जाओ कल बात करेंगे,
अब वो ही हमें समझाए कि कल तक हम क्या करेंगे…

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शुरू तो कर दी तलाश ख़ुद की,
अब तू मिले तो मैं भी मिलु…

*******

ए खुदा, मुसीबत में डाल दे मुझे…
किसी ने बुरे वक्त में साथ आने का वादा किया है..!

*******

जो उड़ते हैं अहम के आसमानों में
जमीं पर आने में वक़्त नहीं लगता,
हर तरह का वक़्त आता है ज़िंदगी में
वक़्त के गुज़रने में वक़्त नहीं लगता..

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कैसे भुला देते हैं लोग तेरी खुदाई को, या रब!

मुझसे तो तेरा बनाया हुआ एक शख्स, भुलाया नहीं जाता……..

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मैंने इस बहाने बोई नहीं दिल में उम्मीदें,
की कौन जंगल में उगे पेड़ो को पानी देगा ……

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रोकना मेरी हसरत थी और चले जाना उनका शौक,
वो शौक पूरा कर गए मेरी हसरतें तोड़ कर…

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किसी गरीब को मत सता,
गरीब बेचारा क्या कर सकेगा,
वोह तोह बस रो देगा,
पर उसका रोना सुन लिया ऊपर वाले ने,
तोह तू अपनी हस्ती खो देगा.

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हम ये नहीं चाहते कि कोई आपके लिए दुआ ना मांगे;
हम तो बस इतना चाहते है कि कोई दुआ में आपको ना मांगे।

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कोई उसे जा के कह दो कि मैं साँस लेना चाहता हूँ ,
वो मेरे वजूद से अपनी यादों की रस्सियां खोल दे…..

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उन लम्हों की यादें ज़रा संभाल के रखना,
जो हमने साथ बिताये थे

क्यों की

हम याद तो आयेंगे मगर लौट कर नहीं !

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मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है ;
तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना…

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काली घटाओं ने हमें पीना सीखा दिया,
जामें शराब ने हमें जीना सीखा दिया….

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कास तुम भी हो जाओ
तुम्हारी यादो की तरह,
.
न वक़्त देखो न बहाना,
.
बस चली आओ!

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तुमसे मिलने का सबसे बड़ा फायदा ये हुआ ,

कि मुझे अपनी जिंदगी से प्यार हो गया है …………

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सुना है तेरी सूरत को देखने वाले.,
कोई और नशा नहीं करते।

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तेरी आँखों की तौहीन है ये … जरा सोचो ,.,
तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है .,.!!!

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दिल में चाहत का होना जरूरी है..
वरना
याद तो रोज दुश्मन भी करते हैं…!!

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नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार पे….
अगर में तेरे हि अंदाज मे तुझसे बात करुं…

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तुम्हारा जिक्र हुआ तो महफ़िल छोड़ आये गैरों के लबों पे तुम्हारा नाम अच्छा नहीं लगता…..

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लाख करो गुज़ारिशें लाखों दो हवाले,

बदल ही जाते हैं आखिर बदल जाने वाले..!!!

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चलो मान लेता हु मुझे मोहब्बत करना नहीं आता,
लेकिन आप ये बतावो की आप को दिल तोडना किस ने सिखाया..!!

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मुस्कुराने से शुरु और रुलाने पे खतम..
ये वो ज़ुल्म है जिस्से लोग मुहब्बत कहते है .!!

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माना की तू चाँद जेसी हैं तुझे देखने
को लोग तरसते हैं., मगर हम भी सूरज जेसे हैं… लोग हमे देखकर अपना सर झुकाते हैं…

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मत पूछ दास्ताँ ऐ इश्क़ ! बस जो रुलाता है .
उसी के गले लग कर रोने को दिल चाहता है …

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ज़िन्दगी में भागे जा रहे हैं, कामयाबी की तलाश में.
सुकून से ही दूर जा रहे है,सुकून की तलाश मे.

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मेरे खुदा ले चल ऐसे मंजर पर मेरे कदम,

जहां न कुछ पाने की खुशी हो, न कुछ
खोने का गम ……..

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तू बदनाम ना हो इसलिये जी रहा हूँ मैं,
वरना तेरी चौखट पे मरने का इरादा रोज़ होता है….

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बहुत कुछ बदला है मैंने अपने आप में,
लेकिन ..!
तुम्हे वो टूट के चाहने की आदत,
अब तक नहीं बदली ..!!

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सुलग रही है अगरबत्तियां सी मुझ में ,

तुम्हारी याद ने महका भी दिया , जला भी दिया ….

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देख लेती हु तस्वीर तेरी .. जब भी परेशान होती हूँ..
मानो मेहेज़ तस्वीर से ही तू मेरे दर्द खिंच लेता हो …

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ये दिन जब थका देता हैं… वो शाम को फ़ोन कॉल पे तेरी मीठी आवाज़… फिज़ाओं की तरह… मेरे सारे थकान को उड़ा ले जाती हैं… “माँ”

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कुछ फ़ुर्सत के लम्हों का इंतज़ार करता हूँ… पूरे दिन खुद को ख़र्च करके… मैं पूरा शाम, तुझपे खर्च करने का इंतज़ार करता हूँ….

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थाली हैं… माँ के हाथों से बनी रोटियाँ नहीं
बिस्तर हैं… माँ की नर्म गोदी नहीं गायब हैं….

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वो कुछ रातों से मेरे नींदों में दबे पाँव चलके आती हैं…
और फिर सुबह को शिकायत करती हैं कि उसे नींद ठीक से आई नहीं…

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तुझपे खर्च करने के लिए बहुत कुछ नहीं है मेरे पास… थोड़ा वक़्त हैं… थोड़ा मैं हूँ…

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ज़िन्दगी बदलने के लिए लड़ना पड़ता है,
आसान करने के लिए समझना पड़ता…

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मै आज भी अपने मुकद्दर से शर्त लगाता हूँ..भरी बरसात में कागज की पतंग उड़ाता हूँ …

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“महसूस जब हुआ कि सारा शहर,
मुजसे जलने लगा है ,

तब समझ आ गया कि
अपना नाम भी चलने लगा है”

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शीकवा करने गये थे और इबादत सी हो गई,
तुजे भुलाने की जीद, अब तेरी आदत सी हौ गई..!!

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हराना है तो मैदान में आके हराना,

वरना दिल जीतने की आदत तो बचपन से है.

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ये जमाना जल जायेगा किसी शाेले की तरह,
जब उसके हाथ में खनकेगा मेरे नाम का कंगन..!!

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“तुम मेरी ज़िन्दगी का वो इकलौता सच हो,

जिसके बारे में मैंने दुनिया के हर सख्श से झूठ कहा है..”

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अगर प्यार करती है तो आ सामने,
यूंह छीप छीप के सटेटस पढने का क्या मतलब है..!!

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भूखा पेट, खाली जेब, और झूठा प्रेम –
इंसान को जीवन में बहुत कुछ सिखा जाता है।

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“एक रास्ता यह भी है, मंजिलों को पाने का,

कि सीख लो तुम भी हुनर, हाँ में हाँ मिलाने का.”

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अकेले रहने का भी एक अलग सकुन है….
.
.
ना किसी के लौट आने कि उम्मीद…!
ना किसी से अलग होने का डर…!!

*******

ऐ कलम जरा रुक रुक कर चल, क्या गजब का मुकाम आया हैं। थोड़ी देर ठहर जा उसे दर्द ना हो, तेरी नोंक के नीचे उसका नाम आया हैं।

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जिस चेहरे को देख कर हसते थे हम…. आज उसी ने रुला दिया… खुद ने तो फोन किया नहीँ… हमने किया तो कौलर ट्युन “तुझे भुला दिया”…

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आज उसने अपने हाथ से पिलायी हे यारो,

लगता हे आज नशा भी नशे मे हैं…!

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अजीब पैमाना है यहाँ शायरी की परख का,

जिसका जितना दर्द बुरा, शायरी उतनी ही अच्छी,

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काश कयामत के दिन हिसाब हो सब
बेवफाओं का,…

और तुम मेरे गले लग के
कहो की मेरा नाम मत लेना..

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हर सांस सुंदर है,
जबसे तू दिल के अंदर है…

*******

क्या पता कि कब कहा से मारेगी,

बस की मे ज़िन्दगी से डरता हूँ,

मौत का क्या हें, एकबार मारेगी…

*******

भगवान से कुछ मांगना ही है तो हमेशा अपनी माँ के सपने पूरे होने की दुआ माँगना

तुम खुद बे खुद आसमान की ऊंचाइया छु लोगे ।।

*******

करो फिर से कोई वादा कभी न बिछड़ने का,
तुम्हें क्या फर्क पड़ता है फिर से मुकर जाना…

*******

यूँ तो सिखाने को ज़िन्दगी
बहुत कुछ सिखाती है…!!
मगर—
झूठी हंसी हँसने का हुनर तो
बस मोहब्बत ही सिखाती है…!!

*******

दिल में मोहब्बत का होना जरूरी है..

वर्ना,याद तो रोज दुश्मन भी किया करते है !

*******

हुकूमत की है हमने कोई लूट
नहीं, वो नीलाम
भी हुए…
तो आखरी बोली हमारी रहेगी…

*******

मत कर नफरत मुझसे इतनी मै भी तेरी तरह इन्सान हू ,
फर्क इतना है तुम”महफिलो की रोनक हो,और में तन्हाईका बादशाह । ….

*******

तेरी दोस्ती का गुलाम हुं वरना. . शहेनसा से भी गुलामी करवाने की नवाबीयत रखता हुं….

*******

किसी को नींद आती है मगर खाव्बों से नफरत है,
किसी को खाव्ब प्यारे हैं मगर वो सो नहीं सकता|

*******

“अक्ल कहती है की मारा जाएगा,
इश्क कहता है की देखा जाएगा”..

*******

तेरी मोहब्बत से लेकर तेरे अलविदा कहने तक,

मेंने सिर्फ तुजे चाहा है, तुजसे कुछ नहीं चाहा !!!

*******

हेंसीयत तो इतनी हैं की..
जब आंख उठाते हैं तो नवाब भी सलाम ठोकते है..

*******

तू मुझे अपना बना या ना बना तेरी मजीॅ तू जमाने में’ बदनाम ‘ तो मेरे नाम से है !!

*******

अपनी ज़िन्दगी की बस इतनी सी कहानी है,
कुछ हम खुद बबाॅद हुवे थे और कुछ उनकी मेहरबानी थी…

*******

“ये ज़िन्दगी चल तो रही थी…
पर तेरे आने से मेने जिना सुरु कीया”..

*******

सामान बाँध लिया है मैंने, बताओ..
कहाँ रहते है वो लोग जो कहीं के नहीं रहते??? 

*******

तुम मेरे हो इस बात में कोई शक नहीं…
पर तुम किसी और के नहीं होगे ‘
बस इस बात का यकीन दिला दो…

*******

तेरा नाम था आज किसी अजनबी की जुबान पे…
बात तो जरा सी थी पर दिल ने बुरा मान लीया..

*******

मुझ से मिलना तो तेरे ही नसीब में
था शायद…….

इतनी हसीन तो मेरे हाथों की लकीरें
नही थी……!!!!

*******

मेने तक़दीर पे यक़ीन करना छोड़ दिया है …!

जब इंसान बदल सकते है तो ये तकदीर क्यो नही….!!

*******

सिर्फ तेरे सामने शरीफ बनने का दिखावा करता हूं..!
वरना आके देख ले… जहां पेर रखता हूं..! सलाम करने वाले की लाइन लग जाती हैं…

*******

महरम न सही एक जख्म ही दे दो ..
महूसस तो हो के कोई हमें भुला नही..

*******

गोली मार मार के हम अपने दुश्मन की लाश को सड़क पर उस तरह फेकेंगे …
जेसे जुआरी जुआ खेलते टेबल पे ताश के पत्ते फेकता है…

*******

में चिज महंगी और महान बेचता हूं।।

लेाग ईमान बेचते हैं और मैं मुसकान बेचता हूं।।

*******

अजीब शक्श था वो___
जिंदगी बदल कर, खुद भी बदल गया….

*******

पानी में तैरना सीख ले मेरे दोस्त,
आँखों में डूबने वालों का अंजाम बुरा होता है !!

*******

ना जाने कैसे, इम्तेहान है…
अपने ये आजकल..
मुक़दर, मोहब्बत और दोस्त
तीनो नाराज़ से रहते है!!

*******

दर-बदर, चोट खाने के बाद…

मुझें दवा मिली भी तो… मैखांने मे.!!

*******

कितना भी कर ले, चाँद से इश्क़….
रात के मुक़द्दर मे, अँधियारे ही लिखे हैं!

********

उस शख्स को पाना, इतना मुश्किल भी नही, मेरे दोस्त..
मगर जब तक दूरी न हो, मुहब्बत का मजा नही आता..!

*******

ज़ंजीर बदली जा रही थी…
मैं समझा था, रिहाई हो गयी है..!

*******

अतीत के पन्ने, पलट कर देखे
तो कुछ लम्हे आज भी हमें पुकारते हैं,
अब तो हम बस, कुछ वहमों के सहारे जिन्दगी गुजारते हैं..!

*******

लिख दूं….तो लफ्ज़ तुम हो
सोच लूं….तो ख़याल तुम हो
मांग लूं….तो मन्नत तुम हो
चाह लूं….तो मुहब्बत भी….तुम ही हो..

*******

कुछ लोग किस्मत की तरह होते हैं जो दुआ से मिलते हैं…
और कुछ लोग दुआ की तरह होते हैं
जो किस्मत बदल देते हैं…

*******

अजीब तरह के लोग हैं इस दुनिया में,

अगरबत्ती भगवान के लिए खरीदते हैं, और फ्लेवर खुद की पसंद का…!!

*******

कितना मौन सा पसर गया है बीच हमारे…
कभी यहाँ खिलखिलाहटें बसा करती थीं!!

*******

“मुद्तों के बाद उसको किसी के साथ खुश देखा तो एहसास हुआ …
काश की उसको बहुत पहले हे छोड़ दिया होता ….”

*******

बहुत “पाक़” रिश्ते होते हैं नफरत के !!

कपडे अक्सर मोहब्बत में ही उतरते हैं !!!!

*******

कुछ लोग सिखाते है मुझे मोहब्बत के क़ायदे कानून…..!!

नही जानते वो इस गुनाह में हम सज़ा-ए-मौत के मुज़रिम हैं…..!

*******

ज़िन्दगी तो बस इम्तहान ले रही थी हम कमबख्त उसे मजाक समझ बेठे।।

*******

खुसबू कैसे ना आये मेरी बातों से यारों,
मैंने बरसों से एक ही फूल से मोहब्बत की है..

*******

काश तेरा दिल दिवार होता,
बंदा अपना नाम तो लिखता !

*******

माना तू हसीन है… मगर इस क़दर कहाँ……..
जितना मेरी निगाहों ने तुझे बना रखा है….

*******

तूम मिल गयी थी,
तो खुदा नाराज़ हो गया था मुझसे,

कहता था…
अब तो तूं कुछ मांगता ही नहीं है..

*******

आज कल सब कहते हैं, मैं बुझा-बुझा सा रहता हूँ;
अगर जलता रहता तो कब का खाक हो जाता!

*******

आओ हम चाँद का क़िरदार अपना ले..

दाग अपने पास रख ले, और रोशनी बाँट दें..

*******

इतने छोटे बनिए की हर कोई आपके साथ बैठे,
ओर इतने बड़े बनिए की जब आप खड़े हो तो कोई बैठा ना रहे…!

*******

धडकनों की यही तो खास बात है,,

भरे बाज़ार में भी,
किसी एक को सुनाई देती है…

*******

आज कोई एक बुरी आदत छोडनी है..
कमब्खत तय केसै करु..
ना ” शराब ” छौड सकता हु ना तुम्है ….

*******

पसीने की सियाही से जो लिखते हैं इरादों को,,

हाँ…. उनके मुक़द्दर के सफ़े कोरे नहीं होते…

*******

ये जो तुमने खुद को बदला हे…

ये बदला हे…..
या “बदला” हे ..!!!

*******

एय खुदा …
तुजसे एक सवाल है मेरा …
उसके चहेरे क्यूँ नहीं बदलते ??
जो इन्शान ” बदल ” जाते है …. !!

*******

फ़ुरसत अगर मिले तो मुझे पढ़ना ज़रुर,,

मैं नायाब उलझनों की मुकम्मल किताब हुँ…

*******

काँटों पर चलकर फूल खिलते हैं,
विश्वास पर चलकर …भगवान .. मिलते हैं,
एक बात याद रखना दोस्त,,,,,!!
सुख में सब मिलते है,
लेकिन दुख में सिर्फ ..भगवान .मिलते है…

*******

कितना मुश्किल है मनाना उस शख्स
को ..

जो रूठा भी ना हो और बात
भी ना करे …

*******

जनाब मत पूछिए हद हमारी गुस्ताखियों की,
हम आईना ज़मीं पर रखकर आसमां कुचल दिया करते है…

*******

लफ्जो से तो L.K.G. के बच्चे भी खेलते हैं,
पर मजा तब हैं, जब लीखने का अंदाज कुछ शायराना हो !…

*******

दौलत चाहे बेईमानी से घर आये,
पर उसकी पहरेदारी के लिए सबको इमानदार शक्स चाहिए…

*******

कोई मज़बूत सी ज़ंजीर भेजो,
तुम्हारी याद पागल हो गई है…

*******

आखिर थक हार के, लौट आया मै बाज़ार से,
यादो को बंद करने के ताले, कही मिले नही !!

*******

किसी ने मुझसे पूछा “कैसी है अब जिंदगी”….
मैने मुस्कुरा कर जवाब दिया… “वो खुश है ….

*******

अपनी नाकामी का एक सबब ये भी है

दोस्तो,
चीज जो मांगते है सब से जुदा मांगते है…

*******

नाम बदनाम होने की चिंता छोड़ दी मैंने… अब जब गुनाह होगा, तो मशहुर भी तो होगे…!

*******

मैं हर किसी के लिए अपने आपको
अच्छा साबित नहीं कर सकता,
लेकिन
मै उसके लिए बेहतरीन हूं जो मुझे समजते है…

*******

कोई वकालत नहीं चलती ज़मीन वालों की ,
जब कोई फैसला आसमान से उतरता है ..!!

*******

मुझे घमंड था की मेरे चाहने वाले बहुत हैं इस दुनिया में,
लेकिन बाद में पता की सब चाहते हैं अपनी जरूरत के लिए…

*******

तुझे क्या पता की मेरे दिल में कितना प्यार हैं तेरे लिए,

जो कर दूँ बयाँ तो तुझे नींद से नफरत हो जाए..!!

*******

कुछ लाेग सिर्फ, ये साेचकर , बुरे बन जाते है,
कि
अच्छे लाेगाें काे ताे भगवान भी जल्दी ऊपर बुला लेते है…।।

*******

तुम मेरी बातों का जवाब नहीं देते तो कोई बातनहीं,
आओगे जब हमारी कब्र परतो हमभी ऐसा ही करेंगे।??????

*******

मैंने जान बचा के रखी है, एक जान के लिए,
इतना इश्क कैसे हो गया, एक अनजान के लिए…!!

*******

तू डालता जा शराब मेरे प्याले में,जब तक ना निकले वो मेरे खयालो से |

*******

टूट जायेंगी तेरी “जिद” की आदत उस वक़्त…
जब मिलेगी ख़बर तूजको की याद करने वाला, अब याद बन गया है !!

*******

कोई मुझे भी पत्थर सा दिल ला दो यारों..

आखिर मुझे भी इंसानो की बस्ती में ही जीना है…!!

*******

मुझसे दूरियाँ बनाकर तो देखो…
फिर पता चलेगा कितना नज़दीक हूँ मैं..

*******

वक़्त कब क्या रंग दिखाए हम नहीं जानते,

वर्ना जिस “राम” को रात को राज्य मिलने वाला था,

उसे सुबह वनवास ना मिलता….!!!!!

*******

लहरों को शांत देख कर ये न समझना की समंदर में रवानी नहीं है..
जब भी उठेंगे तूफान बन के उठेंगे..
अभी उठने की ठानी नहीं है …

*******

मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू,
कि सस्ती सी कमीज अनमोल हो गयी…

*******

हाथों की लकीरों मैं तुम
हो ना हो…..

जिदंगी भर दिल में जरूर रहोगे…….

*******

अपने लफ़्ज़ों पर ग़ौर कर के बता ..
लफ्ज़ कितने थे, तीर कितने थे !!

*******

जहर के असरदार होने से कुछ नही होता दोस्त,
खुदा भी राजी होना चाहिए मौत देने के लिये.!!

*******

सुनो ! महफूज कर लो न हमें खुद में..
के बिन तेरे,
बेवजह बिखर रहे हैं हम..

*******

जानते हो मुहब्बत किसे कहते है..? किसी को सोचना, फ़िर मुस्कुराना और फ़िर आँसू बहाते हुए सो जाना…!!

*******

वक़्त बहुत कुछ, छीन लेता है …
खैर मेरी तो सिर्फ़ मुस्कुराहट थी ….!!

*******

कब तक मिलती पनाह हमेँ बहुत भीड़ थी उसके दिल मेँ….

हम खुद ना निकलते तो निकाल दिए जाते….!!!!

*******

अपने पैरों पर खड़े होकर मरना,घुटने टेक कर जीने से कहीं बेहतर है…..!!

*******

कुछ इस तरह ख्‍़याल तेरा जल उठा कि बस
जैसे दीया-सलाई जली हो अँधेरे में,
अब फूंक भी दो, वरना ये उंगली जलाएगा!

*******

वो नदी थी वापस मुड़ी नहीं,
मैं समंदर था आगे बढ़ा नही।

*******

जिंदगी देने वाले,
मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये.

*******

उठाना खुद ही पड़ता है थका टुटा बदन
अपना।
की जब तक साँसे चलती है कन्धा कोई
नही देता।

*******

मैने सीखा है इन पत्थर की मुर्तीयों से,

भगवान बनने से पहले पत्थर बनना जरुरी है…

*******

मरने वाले को रोने वाले
हजार मिल जायेंगे मगर

जो जिंदा है उसे समजने
वाला एक भी नही मीलता. !!!!!!

*******

चलने दो जरा आँधियां हकीकत की….
न जाने कौनसे झौंके में अपनों के मुखौटे उड़ जाएं….

*******

कठपुतली के दर्द को भला किसने जाना है !

डोर नचाती है,खुश होता जमाना है !

*******

मेरी आधी फिक्र,आधे ग़म तो यूँही मिट जाते हैं,
जब प्यार से तू मेरा हाल पूछ लेती है !!!!

*******

दुशमन सामने आने से भी डरते थे . . .
और वो पगलि दिल से खेल के चलि गई . .

*******

जब वो नाराज होता है,

तब मुझे दुनिया की सबसे महेंगी चीज उसकी मुस्कान लगती है…

*******

बहाना कोई ना बनाओ तुम मुझसे खफा होने का…
तुम्हें चाहने के अलावा कोई गुनाह नहीं है मेरा…!!

*******

जुआ तो वो खेलते है
जीसे अपनी किस्मत आझमानी है
हम तो किस्मत से ही जुआ खेलते है..!!

*******

टाईम से आ जाया करो दिल दुखाने
वरना….;
ऐसे तो हम तुम्हें भूलते जायेंगें …..

*******

हजारों साल बीते,
पर इसका खारापन नहीं जाता,

न जाने किसके आंसू हैं,
समंदर तेरे पानी में..!

*******

मजबूर जरूर हु पर किसी का गुलाम नहि !!
सलतनत भले हि छोटि है पर
आज भी अकेला सुलतान हु !!

*******

मौत ने पुछा-
मैं आऊँगी तो, स्वागत करोगे कैसे…!!

मैंने कहा-
राह में फूल बिछाकर पूछुंगा…
कि आने में इतनी देर कैसे…!!!??

*******

बस एक यही बात उसकी मुझे अच्छी लगती है,,,,

उदास कर के भी कहती है,,,,

तुम नाराज़ तो नहीं हो ना….

*******

बहुत नजर अंदाज करने लगी हो तुम आजकल..
बाज आ जाओ वरना इन्ही आँखो से ढुढती फिरोगी एक दिन …

*******

अक्सर पूछते है लोग किसके लिए लिखते हो…
अक्सर कहता है दिल काश कोई होता…

*******

नाम भी होगा और काम भी होगा
होसला कभी मत हारना,
क्योंकि डूबते सूरज को देखकर लोग दरवाजे बंद कर देते है…

*******

झूठ कहते हैं लोग कि मोहब्बत सब कुछ छीन लेती है,..
मैंने तो मोहब्बत करके, ग़म का खजाना पा लिया !!

*******

चलो छोड़ दो हमको मगर इतना बता दो
के तुम मुझे याद करते थे या वक़त बरबाद करते थे…

*******

हाल पूछती नहीं दुनिया जिंदा लोगों का,
चले आते हैं ज़नाज़े पे बारात की तरह……

*******

आज कोई एक बुरी आदत छोडनी है..
कमब्खत तय केसै करु..
ना सीगरेट छौड सकता हु ना तुम्है…

*******

बस इतना जान लो
के तन्हा नही हो तुम…
मैं हूँ कहीं भी लेकिन;
तेरे संग-संग हूँ….!!!

*******

उमर की राह मे रास्ते बदल जाते हैं वक़्त की आँधी मे इंसान बदल जाते हैं सोचते हैं आपको इतना याद ना करें लेकिन आँख बंद करते ही इरादे बदल जाते है…

*******

मोहब्बत नही थी तो एक बार समझाया तो होता !!
बेचारा दिल तुम्हारी खमोशी को इश्क समझ बैठा !!

*******

कुछ तो रहम कर एय संगदिल सनम
इतना तडपना तो लकीरों मे भी न था..

*******

दुनिया के लिए आप एक व्यक्ति है…
पर परिवार के लिए आप उनकी दुनिया है .

*******

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..
कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है…

*******

इश्क़ पाने की तमन्ना में कभी कभी ज़िंदगी खिलौना बन जाती है;
जिसे दिल में बसाना चाहते हैं वो सूरत सिर्फ याद बन रह जाती है।

*******

मे तेरी ज़िन्दगी से चला जाऊ ये तेरी दुआथी..!
और तेरी हर दुआ कबूल हो ये मेरी दुआ थी….

*******

करीब इतना रहो कि रिशतो मै प्यार रहे।
दूर भी इतना रहो कि आने का इन्तजार रहे।

*******

कितने वर्षो का सफ़र ख़ाक हुआ….
जब उसने पुछा कहो कैसे आना हुआ.,.

*******

जरा तो शर्म करती तू
मुहब्ब्त चुप चुप के और
नफरत सरे आम ..!!!

*******

में छोड़ तो सकता हूँ लेकिन छोड़ नहीं पाता उसे,
वो मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरहा है !

*******

बस 2 दिन की ये जिंदगानी है।
आज तेरी सुनी है कल अपनी सुनानि है।

*******

#ChetanThakrar
#9558767835

 
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Posted by on November 17, 2014 in અંગત, Shayri

 

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ताकि घर चल सके,….


35 + उम्र के मित्रो के लिए एक कविता…
____________________________

जीवन में पैतीस पार का मर्द कैसा होता है ?

थोड़ी सी सफेदी कनपटियों के पास,

खुल रहा हो जैसे आसमां बारिश के बाद,

जिम्मेदारियों के बोझ से झुकते हुए कंधे,

जिंदगी की भट्टी में खुद को गलाता हुआ,

अनुभव की पूंजी हाथ में लिए,

परिवार को वो सब देने की जद्दोजहद में,

जो उसे नहीं मिल पाया था,

बस बहे जा रहा है समय की धारा में,

एक खूबसूरत सी बीवी,

दो प्यारे से बच्चे,

पूरा दिन दुनिया से लड़ कर थका हारा,

रात को घर आता है, सुकून की तलाश में,

लेकिन क्या मिल पाता है सुकून उसे,

दरवाजे पर ही तैयार हैं बच्चे,

पापा से ये मंगाया था, वो मंगाया था,

नहीं लाए तो क्यों नहीं लाए,

लाए तो ये क्यों लाए वो क्यों नहीं लाए,

अब वो क्या कहे बच्चों से,

कि जेब में पैसे थोड़े कम थे,

कभी प्यार से, कभी डांट कर,

समझा देता है उनको,

एक बूंद आंसू की जमी रह जाती है,

आँख के कोने में,

लेकिन दिखती नहीं बच्चों को,

उस दिन दिखेगी उन्हें, जब वो खुद, बन जाएंगे माँ बाप अपने बच्चों के,

खाने की थाली में दो रोटी के साथ,

परोस दी हैं पत्नी ने दस चिंताएं,

कभी,

तुम्हीं नें बच्चों को सर चढ़ा रखा है,

कुछ कहते ही नहीं,

कभी,

हर वक्त डांटते ही रहते हो बच्चों को,

कभी प्यार से बात भी कर लिया करो,

लड़की सयानी हो रही है,

तुम्हें तो कुछ दिखाई ही नहीं देता,

लड़का हाथ से निकला जा रहा है,

तुम्हें तो कोई फिक्र ही नहीं है,

पड़ोसियों के झगड़े, मुहल्ले की बातें,

शिकवे शिकायतें दुनिया भर की,

सबको पानी के घूंट के साथ,

गले के नीचे उतार लेता है,

जिसने एक बार हलाहल पान किया,

वो सदियों नीलकंठ बन पूजा गया,

यहाँ रोज़ थोड़ा थोड़ा विष पीना पड़ता है,

जिंदा रहने की चाह में,

फिर लेटते ही बिस्तर पर,

मर जाता है एक रात के लिए,

क्योंकि

सुबह फिर जिंदा होना है,

काम पर जाना है,

कमा कर लाना है,

ताकि घर चल सके,….ताकि घर चल सके…..ताकि घर चल सके।।।।

 

Shayri Part 24


तुम मेरे पास थे ..हो.. और रहोगी…

ख़ुदा का शुक्र है यादों की कोई उम्र नहीं होती..

*******

औकात क्या है तेरी,
ए जिँदगी

चार दिन कि मुहोब्बत
तुझे तबाह कर देती है…

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इतनी क्या जल्दी है मुझे छोड़ने की ,
अभी तो हद बाकी है मुझे तोड़ने की !!

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हमनें आगोश-ऐ-मोहोब्बत से सिखा है सबक,
.
.
जिसको रोना नहीं आता वो मोहोब्बत कर लें।

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चेहरा बता रहा था कि मारा है भूख ने,
सब लोग कह रहे थे कि कुछ खा के मर गया..

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मेरी नींदें उज़ाडने वाली…
ये बता अब तेरे ख्वाब कौन देखेगा..?

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मुझे इंतज़ार करना बेहद पसंद है,
ये वक़्त उम्मीद से भरा होता है..

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मैं सफल होना नही चाहता,
मैं चाहता हूँ कि मेरी जिन्दगी सफल हो |

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मेरे हक मे खुशिओं क़ी दुआ करते हो
तुम खुद मेरे क्यो नही हो जाते …!!

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हमने तो खुद से इंतकाम लिया

तुमने क्या सोचकर मुहब्बत की ?

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किसान के लड़के ने अपने नाम के आगे Dr. जोड़ लिया….

गाँव मे हल ने कोने मे पड़े पड़े दम तोड़ दिया.

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नए अमीरों के घर भूलकर भी मत जाना
हरेक चीज़ की क़ीमत बताने लगते हैं…

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मेरे अलफ़ाज़ तो चुरा लोगे..

वो दर्द..

कहाँ से लाओगे ..

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समझ नहीं आता ,
उदासी के बाज़ार में…..
कहाँ-कहाँ खर्च करूँ ख़ुशी…..

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जीने के लिए रोज़ हँस लेता हुँ,
मगर, रोज़ थोड़ी थोड़ी
ज़िन्दगी बेच लेता हुँ…

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निकाल दे दिल से ख्याल उसका,

यादें किसी की तकदीर नहीं बदला करती….

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किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है । ये मुझे जितने नहीं देगी, और हार मैं मानुंगा नहीं…

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मैं अपने दुश्मन के भी गले लग जाऊँ…
शर्त ये है वो तुझसे
मिलकर आया हो…!

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आखिर गिरते हुऐ आँसुओं ने पूछ ही लिया…..
.
.
निकाल दिया न मुझे उसके लिऐ जिसके लिए तु कुछ भी नही…

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हो सके तो मुड़ के देख लेना, जाते जाते,

तेरे आने के भ्रम में,ज़िन्दगी गुज़ार लेंगे…

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मेरी आवारगी में कुछ कसूर तुम्हारा भी है….
ऐ.. दोस्त
जब तुम्हारी याद आती है तो घर अच्छा नही लगता……..

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मेरे बस मे हो तो लहरो को इतना हक़ भी ना दू….
लिखु नाम तेरा किनारे पे और लहरो को छुने तक ना दू….

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हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गये;

हम समंदर से भी गहेरे हो गये….

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दो हिस्सों में बंट गये मेरे दिल के तमाम अरमान…..

कुछ तुजे पाने निकले ..
कुछ मुजे समजाने निकले…

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किस तरह संभालोगे तुम जिंदगी के रिश्ते..
ज़रा सी एक जबान तो संभाली नहीं जाती..

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यूँ तो सिखाने को ज़िन्दगी बहुत कुछ सिखाती है…!! मगर….
झूठी हंसी हँसने का हुनर तो बस ‘मोहब्बत’ ही सिखाती है…!

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” बन्दा खुद की नज़र में सही होना चाहिए,
दुनिया तो भगवान से भी दुखी है ”

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“रुका हुआ है अज़ब धुप छाँव का मौसम,

गुज़र रहा है कोई दिल से बादलों की तरह..!!”

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“अब आई हो तो थोड़ी देर ठहर के जाना,

तुम बरसात हो,
कोई रूठी हुई महबूबा नहीं.”

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बचपन चवन्नी से हरे नोट में बदल गया…
मगर…बाज़ार बंद हो गया खुशियों का….

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दुसरा मौका सिफॅ कहानियां देती है, जिंदगी नहीं….

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गिनती ठीक से सीखा नहीं उस बच्चे ने…
मगर
इतना मालूम हैं खुशियाँ बांटने से बढती हैं …

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कुछ लोगों का दिल जीत लिया आकर इस
बरसात ने
और कुछ इस सोच में डूबे हैं की आज वो सोयेंगे कहां:(:(

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जी भर गया है तो बता दो,

हमें इनकार पसंद है….इंतजार नहीं…!

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लोग शोर से जाग जाते है….
मुजे तुम्हारी खामोंसी सोने नही देती….

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जिसको गलत तस्वीर दिखाई उसको ही बस खुश रख पाया…..
जिसके सामने आईना रक्खा हर शख्स वो मुझसे रूठ गया………

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हर कोई पूछता है ‘करते क्या हो तुम . . कि जैसे..मोहब्बत कोई काम ही नही..!

*******

जगडो का समाधा करता है. उसे वकील कहते है.
और
जो जगडा नही होने देता. उसे वडील
कहते है.

*******

दिल दुखाया करो इजाज़त है,
भूल जाने की बात मत करना ..!!

*******

सारी रात जागता रहा मै,
चाँद की एक झलक के खातिर…
पर कमबख्त बादलों को तरस भी ना आया,
मेरी बेचैनियों पर…….

*******

मिजाज अच्छा है आज हमारा,,,
ऐ_दोस्त,,,,,
सितम करना हो तो लौट आओ…..

*******

जिंदगी जख्मो से भरी हैं वक़्त को मरहम बनाना सीख लो ,

हारना तो मौत के सामने फिलहाल जिंदगी से जीतना सीख लो…

*******

बेख़बर हो गये हैं कुछ लोग,
जो हमारी ज़रूरत तक महसूस नही करते,
कभी बहुत बातें किया करते थे हमसे,
अब ख़ैरियत तक पूछा नही करते…

*******

“कांटो से बच बच के चलता रहा उम्र भर……

क्या खबर थी की चोट एक फूल से लग जायेगी……

*******

ज़रूरत’ दिन निकलते ही निकल पड़ती है ‘डयूटी’ पर,

‘बदन’ हर शाम कहता है कि अब ‘हड़ताल’ हो जाए ।।

*******

“इस कदर नसीब की हुकूमत है अपनी जिंदगी मे….

कि…

अब इन आँखों में ख्वाब और दिल में तमन्नाएँ भी इजाजतें लेकर आती हैं…

*******

तेरे नाम से ही जाने जाते हैं हम….!

ना जाने ये “शोहरत” है या “बदनामी”…!!

*******

हमारे मनाने की अदा इतनी हसीं होगी की….
तुम उम्र भर रूठे रहने को कोशिश करोगी…

*******

त्याग दी सब ख्वाहिशें, निष्काम बनने के लिए,
‘राम’ ने खोया बहुत कुछ, ‘श्री राम’ बनने के लिए !!

*******

“जिसे पूजा था हमने वो तो ख़ुदा ना हो सका
हम ही इबादत करते करते फ़क़ीर हो गये…….!!

*******

ताज्जुब न कीजिएगा गर कोई दुश्मन भी आपकी खैरियत पूछ जाए..
ये वो दौर है जहाँ, हर मुलाकात में मकसद छुपे होते है…

*******

एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी..

जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं..

और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं..

*******

जब भी होती है गुफ्तगु खुद से..
तेरा जिक्र जरूर आता है…!!

*******

गए थे उनके हुस्न को बेनकाब करने,
खुद उनके इश्क का नकाब पहनकर आ गए……

*******

कोई ना आएगा तेरे सिवा मेरी ज़िंदगी में ….!!
एक मौत ही है, जिसका हमवादा नहीं करते…!!!

*******

“दिल से बेहतर तो रावण है…
साल में एक ही दिन जलता है….

*******

इतनी तो सूरत
भी नही देखी मेने …….
जितनी तेरे इंतजार में घडी देखी है ।

*******

मैं अपने गम में रहता हूँ नबाबों की तरह
परायी ख़ुशी के पास जाना मेरी आदत नही…

*******

उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत,

हम तो बस भरोसे पे बिक गए…

*******

“ऐ ख़ुदा, तू रोज़ मेरे गुनाह गिना करता है…
मुझे आने दे, तेरी नाइंसाफ़ियों का हिसाब भी हम करेंगे…

*******

हम बेवजह बेवक्त मुस्कुरा देते हैं,
कइ दुश्मनों को तो हम युं ही हरा देते हैं..!

*******

“बड़े अज़ीबो-गरीब हैं ये दर्द के रिश्ते,
जिसे देखो अपना दिखाई देता है।।।

*******

कि एक बार आज फिर खुदखुशी की हमने,
कि तेरी गली से निकले और तेरा दीदार हो गया।”

*******

क्यूँ भटकते हो सरेराह , बारिश का लुफ्त लेने को ।।।

कभी मेरी आँखों में ठहर के देखो , ये बेइंतहा बरसती है…..

*******

आज फिर छाये है उनकी रहमत से बादल।
भीगना है या तरसना किस्मत में खुदा जाने।।

*******

बड़ी बड़ी खुवाहिशे,
खाली खाली जेब.

*******

ज़माने भर की ईदों से हमें
क्या वास्ता ग़ालिब,,…

हमारा चाँद दिख जाये, हमारी ईद
हो जाये…

*******

भूतकाल भव्य था…और भविष्य
उज्ज्वल है…
तकलीफ तो साली आज है ….

*******

इक तुम भी ना कितनी जल्दी सो जाते हो,
लगता है इश्क को तुम्हारा पता देना पड़ेगा…

*******

हालात हैं,
वक़्त हैं,
या खुदा हैं।।।
ये रह रह के मुझे परखता कौन हैं।

*******

आओ के तुम्हें देखकर इफ़्तार कर लें हम,

इक मुद्दत हो गई है, इन आँखों को रोज़ा रखे हुए.

*******

तजुर्बे ने शेरों को खामोश रहना सीखाया,

क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता..

*******

अगर जिन्दगी इतनी अच्छी होती तो हम इस दुनिया में रोते- रोते हुए न आते..!!
और यह जिन्दगी बुरी होती तो जाते-जाते लोगों को रुलाकर न जाते…!!

*******

किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया है ये दिल,
कोई रहता भी नही,
और कमबख्त बिकता भी नही…

*******

हमारी तडप तो कुछ भी नही है हुजुर.!
सुना है आपके दीदार के लिऐ
तो आईना भी इंतजार करता है..!!!

*******

आयने भि तुजे कम पसंद करते हे ,क्युकि उसे
भि पता हे तुजे हम पसंद करते हे..!!!

*******

सम्भाले तो हूँ खुदको तुझ बिन,
मगर
जो छू ले कोई तो बिखर जाऊं मैं…

*******

शायरी छोड़ दी तो भूलने लगी हैं दुनिया;
जब लिखते थे शायरी तो एक नाम था अपना घायल ।

*******

हम तो शिकवा भी नहीँ कर सकते तुम्हारे दूर जाने का?
हमेँ तो हक भी नहीँ दिया तुमने रुठने और मनाने का…!!!

*******

थक गया करते-करते याद तुझको
अब तुझे मैं याद आना चाहता हूँ.

*******

बलखाने दे अपनी जुल्फों को हवाओं में,
जूड़े बांधकर तू मौसम को परेशां न कर.

*******

लीजिये तोड़ दिया उसने मेरे भरोसे को,

मैं तो सोचता था,टूटने के लिये तो बस शीशा बना है…

*******

तेरे तो सिफॅ दोसत अचछे होंगे ,
हमारे तो दुशमन भी दमदार होते है..।।

*******

आदत हमारी ख़राब नहीं

दोस्तों

बस ज़िन्दगी नवाबी जीते है…

*******

जो मेरे बूरे वक्त मे मेरे साथ हैं,
में उन्हें वादा करता हूँ

मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिये होगा…!

*******

अकेला वारिस हूँ उसकी तमाम नफरतों का,
जो शख्स सारे शहर में प्यार बाटंता है!

*******

बस एक बात की उस को खबर ज़रूरी है,
के वो हमारे लिये किस क़दर ज़रूरी है !!

*******

तेरी जुदाई में और तो कुछ ना हो सका,
बस मोहब्बत से नफरत हो गयी…

*******

प्यार के नाम पे यहाँ तो लोग खून पीते है,
मुझे खुद पे नाज़ है की मैं सिर्फ शराब
पीता हु……

*******

अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी,
आशिक़ हो या हो आतंकवादी….

*******

जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ,
किस्मत की रोटी तो कुत्ते को भी नसीब होती है.!!

*******

जब मेरी नब्ज देखी हकीम ने तो ये
कहा,
कोई जिन्दा है ईस मे.. मगर ये मर
चुका है !!!!

*******

ये हुस्न ये मौसम ये बारिश और मस्त ये मदमस्त हवाएँ …
लगता है आज फिर मोहबत ने किसी का साथ दिया है।

*******

फुरसत मिले तो चाँद से मेरे दर्द की कहानी पुछ लेना…
एक वही तो है हमराज मेरा तेरे सो जाने के बाद…

*******

ये तों अच्छा हैं कि मेरे शहर के
लोगों के ख़वाब पूरे नहीं होते,
वरना हर गली में ना जाने
कितने ताजमहल होते..??

*******

शतरंज की चालों का खौफ़ उन्हें होता है जो सियासत करते है,

साहेब !हम तो मोहबबत करते हैं !!..

*******

इश्क है तो कुबूल कर लो सरेआम दुनिया के सामने…
वो जो बंद कमरों मे होता है उसे हवस कहते है…

*******

सुरज ढलते ही रख दिये उसनें मेरे होठो पर होठं,

इश्क का रोजा था और गज़ब की ईफतारी थी…

*******

शुकर मान के मेने तुझसे कभी मुलाकात नहीं कि…. !! वरना !!

तेरे दिल को तेरे खिलाफ कर देता……

*******

इतना रोई मेरी मौत पे मुझे जगाने के
लिए……….
मै मरता ही क्यो अगर वो थोड़ा रो देती
मुझे पाने के लिए !!.

*******

इस कदर भूखा हूँ ऐ मेरे दोस्तों….

कि आजकल धोखा भी खा लेता हूँ!!

*******

प्रेम वो चीज है जो इंसान को कभी मुरझाने नहीं देताऔर नफरत वो चीज है जो इंसान कोकभी खिलने नहीं देती….

*******

कितनी खुबसूरत सी हो जाती है उस वक़्त दुनिया,

जब हमारा अपना कोई कहता है तुम याद आ रहे हो..!!

*******

लोग ग़लतियां कर के बदनामी से बच गये…
मैं चंद ख्वाब देख के भी गुनहगार हो गया।

*******

जुलम इतना ना कर की लोग कहे तुझे दुश्मन मेरा ,
हमने जमाने को तुझे अपनी जान बता रखा है !!

*******

किस के लिए जन्नत बनायी है तूने एखुदा..
कौन है यहाँ जो गुनाह-गार नहीं …??

*******

दुनिया को अक्सर वो लोग बदल कर जाते है,
जिन्हे दुनिया कुछ बदलने लायक नहीं समझती है..‪.

*******

तरस गए हैं तेरे लब से कुछ सुनने को हम…..

प्यार की बात न सही….

कोई शिकायत ही कर दे……….

*******

अगर इश्क करना हैं तो जज्बातो को एहमियत देना सिखो;

चेहरे से शुरु हुई महोब्बत अक्सर बिस्तर पर खत्म हो जाती हैं !!

*******

जिस इंसान की हर बात आपको सोचने पर मजबुर कर दे …
उस इंसान के साथ कभी दुश्मनी मत करो ..

*******

मुझे दुश्मनों से भी खुद्दारी की उम्मीद रहती है…!
.
.
सर किसी का भी हो कदमो में अच्छा नहीं लगता…!!

*******

मुहब्बतें भी अजीब, उसकी नफरतें भी कमाल…
मेरी तरह का ही, मुझ में समां गया इक शख्स…

*******

चाँद से नजदीकियां बढ़ने लगी है,
आदमी में फासला था, फासला है.

*******

वो जान गयी थी हमें दर्द में मुस्कराने की आदत हैं,
वो रोज नया जख्म देती थी मेरी ख़ुशी के लिए…

*******

बस यही सोच कर तूझसे मोहब्बत करता हूँ,,

मेरा तो कोई नही मगर तेरा तो कोई हो……

*******

आज़मा ले मुझको थोडा और, ए खुदा…
तेरा बंदा बस बिखरा हैं अब तक, टूटा नही…

*******

बुलंदी की उडान पर हो तो… जरा सबर रखो,
परिंदे बताते हैं कि… आसमान में ठिकाने नही होते….

*******

लडकियोंसे अच्छे शराबी है….
ग्लास जरूर तोड़ते हैं लेकिन दिल नहीं…

*******

हंसने की इच्छा ना हो…
तो भी हसना पड़ता है…
कोई जब पूछे कैसे हो…??
तो मजे में हूँ कहना पड़ता है…

*******

मजबूरियां ओढ़ के निकलता हूँ घर से,
वर्ना शौक तो अब भी है
बारिशों में भीगने का….!!

*******

मत पुछ कि कितनी महोबत्त है उस से,,
,
,
,
बारीस की बुंद भी उसे छुले ,,!
तो दिल मेँ आग लग जाती ह…

*******

जीवन में अगर आप कामयाब हो तो सब माफ़ है ..
वर्ना सब आपके बाप है. . .

*******

मैं सफल होना नही चाहता, मैं चाहता हूँ कि मेरी जिन्दगी सफल हो |

*******

जिन्दगी के मजे लो,
नही तो वक्त तो तुम्हारे मजे लेता ही रहेगा…

*******

हर रात जान-बूझ कर रखता हूँ दर खुला,
कोई तो हो लूटेरा जो मेरे गम भी लूट ले…

*******

कभी पीठ पीछे आपकी बात चले तो घबराना मत,

बात उन्हीं की होती है..

जिनमें कोई बात होती है ..

*******

बुलंदियों को पाने कि ख्वाइश तो बहुत है मगर ,

दूसरों को रौंदने का हुनर कहाँ से लाऊं ??????

*******

उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ।।

ढूँढने उस को चला हूँ जिसे पा भी न सकूँ।।

*******

मैं अपने मुस्कराहट की आड़ में अपनी बेचैनी छुपा लेता हूँ,
मुस्कुराहटें सबके साथ बाँटी जा सकती हैं, बेचैनी नहीं…

*******

अब भला किस्मत में कहाँ वो छलकते पैमाने ,
हम तोह यादों के जाम चूम कर सूखे होंठ भिगो लें ….

*******

सरेआम ये शिकायत है मुझे ज़िन्दगी से,
क्यों मिलता नहीं मिजाज मेरा किसी से…!!

*******

मेरे व्यक्तित्व और मेरे व्यवहार को
कभी मत मिलाईयेगा !!

क्योंकि मेरा व्यक्तिव मै हूँ और मेरा
व्यवहार आप पर निर्भर करता है.!!

*******

ज़ख्म देने वालो पर, कोई असर नही होता…
लोग यूँही यादों से, ज़ख्मों को छेडते रहते हैं…!!

*******

नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं …..

*******

बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को…!
क्यू कि इश्क़ हार नही मानता और दिल बात नही मानता.

*******

किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये.
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता.

*******

जिदंगी तेरे ख्वाब भी कमाल के है…
तु गरीबों को उन महलों के सपने दिखाती है..
जिसमें अमीरों को नींद नहीं आती..

*******

शांत बैठा हुँ तो ये मत समझना कि आग
नहीँ है मेरे अंदर,
डरता हुँ कहीँ समन्दर कम ना पड़ जाये
बुझाने के लिये….।

*******

यूं तुझको पाने का ख्वाब देखने की कुछ तो सजा होगी,

पर हमारे फिर से मिलने की कोई तो वजह होगी…

*******

“ख़ूबसूरत था इस क़दर कि महसूस ना हुआ..!!

कैसे, कहाँ और कब मेरा बचपन चला गया”..!!

*******

नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की, तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं …..

*******

किसे फ़िक़र है ज़माने के ज़ुल्मो सितम की,
दर्द अच्छे लगते है जब वो ज़ख्मो पे हाथ रखते है…

*******

इक तेरा ही नशा था जो शिकस्त दे गया मुझे।
वरना मयखाने भी तौबा करते थे मेरी मयकशी से ।।

*******

हासिल करके तो हर कोई मोहब्बत कर सकता है,

बिना हासिल किए किसीको चाहना कोई हमसे पूछे !!

*******

हमदर्दी ना करो मुझसे ऐ मेरे हमदर्द दोस्तों !!
वो भी बड़े हमदर्द थे जो दर्द हजारों दे गए !!

*******

शब्द दील से नीकलते है,
दीमाग से तो मतलब नीकलते है…

*******

सब कुछ हासिल नहीं होता ज़िन्दगी में यहाँ….
किसी का काश तो किसी का अगर छूट ही जाता है…!!!!

*******

तेरी आँखों की कशिश भी खींचती है इस कदर,

ये दिल सिर्फ बहलता नहीं बहक जाने की जिद करता है।

*******

मेरे तो दर्द भी औरो के काम आते है
मै रो पङुं तो कई लोग मुस्कराते ह!!!ै

*******

उसी का शहर,
वही खुदा और वहीं के गवाह…

मुझे यकीन था,
कुसूर मेरा ही निकलेगा |।।

*******

एक पत्थर कभी आसमान मे उछाला था मैने,
आज अपनी हालत देखकर लगता है,
कही वो उपर वाले को तो नही लग गंई ..

*******

लोग इन्सान देखकर मोहब्बत करते हैं,

मैने मोहब्बत करके इन्सानों को देख लिया |

*******

हम सबको मिला है,
मौत से उधार कुछ वक्त,
जिसे हम,
ज़िन्दगी कहते हैं !………

******

बैठें तो किस उम्मीद पर बैठे रहें यहाँ,
उठें तो उठ के जायें कहाँ तेरे दर से हम ………

*******

तुम अगर लौट आओ तो मुझे ज़रा पहले बता देना,
मुझे खुद को ढूंढने में कुछ वक़्त लगेगा…..!!!

*******

फिर ,इश्क का ,जूनून सर पर है !…मयखानो ,से कह दो ,मधुशाला का ,दरवाजा खुला रखे !!

*******

हर साल पहली बरिश की ये बूँदे… चेहरे के साथ और भी बहुत कुछ गीला कर जाती है…

*******

“दुवा कभी खाली नही जाती,
बस लोग ईन्तजार नही करते…

*******

हज़ार तोड़ के आ जाऊं उस से रिश्ता,
मैं जानता हूँ वह जब चाहेगा बुला लेगा…

*******

जब भी में टुटता हुँ तुम्हे ढुढता हुँ !!!

तुमने एक बार कहां था ना हम एक है !!!!!!

*******

तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे…

अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती…

*******

उम्रकैद की तरह होते हैं कुछ रिश्ते , जहाँ जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नहीं…

*******

सोचता हूँ कि कभी भी तुझे अब याद ना करूँगा मैं,

फिर सोचता हूँ कि ये फर्क तो रहने दो हम दोनों में…………

*******

गलती स्वीकार करने और पाप छोड़ने में कभी देर नहीं करना चाहिए
क्योंकि सफर जितना लम्बा होगा, वापसी उतनी ही मुश्किल होगी………!!

*******

कौन कहता है कि मुहब्बत की शुरूआत निगाहों से होती है!!!!
हमने उन्हें भी इश्क करते देखा है , जिनके आँख नहीं होते .

*******

चुप रहना ही बेहतर है, जमाने के हिसाब से,
धोखा खा जाते है, अक्सर ज्यादा बोलने वाले !!

*******

बहुत नज़दीक आती जा रही हो,
बिछड़ने का इरादा कर लिया है क्या…..!!

*******

अजीब शर्त रखी दिलदार ने मिलने की,
सूखे पत्तों पर चलकर आना और आवाज़ भी न हो…

*******

तेज रफ़्तार ज़माने में फुरसत में बड़े हैं लोग…
मेरी बातें करते हुए चौराहों पर खड़े हैं लोग….

*******

नहीं करेंगे आज के बाद कभी मन्नतें तुम्हारी….
खुदा जब राजी होगा तब, हर चीज़ मेरी होगी….

*******

जब कभी भी बादलों में घिरता है,
चाँद लगता है आदमी की तरह l

*******

काफ़ी है मेरे दिल कि तसल्ली को यही बात।।
आप आ न सके आप का पैग़ाम तो आया।।

*******

बता किस कोने में,
सुखाऊँ तेरी यादें

बरसात बाहर भी है,
और भीतर भी है.

*******

ऐ बादल !
मेरी आँखे तुम रख लो . .
.
.
कसम सें बड़ी माहिर हैं
बरसने मे . . .

*******

शुक्र मना जिंदगी तुझपे अहसान किया है,
तुझपे मेरे क़त्ल का इल्ज़ाम नही है..!!

*******

वाह वाह बोलने की आदत डाल लो,
मै मोहब्बत में अपनी बरबादियां लिखने
वाला हुं……

*******

न जाने कैसे आग लग गई बहते हुए पानी में…

हमने तो बस कुछ खत बहाऐ थे उसके नाम के..!!!!!

*******

ज़माने भर की ईदों से मुझे क्या मतलब,
मेरा चाँद मिल जाये, मेरी ईद हो जाये.

*******

एक बाजी के सिवा क्या निकली,
ज़िंदगी भी तो इक जुआ निकली ।

*******

बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को
क्यू कि
इश्क़ हार नही मानता ,और दिल बात
नही मानता ,,,,,,!!!

*******

किसी पर मर जाने से शुरु होती है मोहब्बत……….

इश्क जिन्दा लोगों का काम नही.

*******

हमें आदत नहीं हर एक पे मर मिटने की…
तुझे में बात ही कुछ ऐसी थी दिल ने सोचने की मोहलत ना दी…

*******

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में..!!
एक ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आजतक किनारा ना मिला.!!

*******

क्यूँ शिकायत हो खताओं की कभी ऐ दोस्त,
ज़िंदगी यूँ भी खताओं के सिवा कुछ भी नहीं।।।

*******

मैं सुनाऊँगा तुम्हें अपना भी अफ़साना मगर,
इस कहानी में बलाओं के सिवा कुछ भी नहीं।।।

*******

कोशिशें की समझदार बनने की..

लेकिन खुशियाँ बेवकूफियों से
ही मिली….!!

*******

ये किस मोड़ पर ले आए हालात मुझे,
लोग दुआ देते हैं या ख़ैरात मुझे।।।

*******

कहीं मैं डूबने से बच न जाऊँ, सोचकर ऐसा
मेरे नज़दीक से होकर कोई तिनका नहीं निकला |

*******

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में..!!
एक ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आजतक किनारा ना मिला.!!

*******

राख से भी आयेगी खुशबू मोहब्बत की;
मेरे ख़त को तुम यूँ सरेआम जलाया न करो l

*******

आदत बना ली मैंने, खुद को तकलीफ देने की, ताकि जब अपना कोई तकलीफ दे, तो तकलीफ ना हो…

*******

वो मेरि होगि तो लोट आएगि एक दिन मेरे पास,
हम जिसे प्यार कर्ते हे उसे कैद नहि कर्ते..!!!

*******

यूँ तो मैं दुश्मनों के काफिलों से भी
सर उठा के गुजर जाता हूँ…
बस,
खौफ तो अपनों की गलियों से गुजरने में लगता है, कि कोई धोखा ना दे दे |।।

*******

लोग कहते हैं की ईद आई हैं ,
तूम आ जाओ तो यकीन आ जाये….

*******

बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी आज

ज़रा वक़्त पर आना…

मेहमान-ए-ख़ास हो तुम !!

*******

खुबसूरत तो नाला भी होता है,
बस नजर सूअर की चाहिए….

*******

बहुत खूबसूरत है ना वहम ये मेरा…

कि तुम जहाँ भी हो सिर्फ मेरे हो …

*******

है इश्क़ तो फिर असर भी होगा,
जितना है इधर उधर भी होगा…

*******

ऐ सुनो तुम इतने भी अच्छे नही हो..

बस मेरे चाहत -ए-दिल ने सिर पर चढा रखा है.

*******

शराब _शराब हैं , मैं ज़हर भी पी जाऊँ,
शर्त ये है कोई बाहों में सम्भाले मुझको..

*******

धमकियाँ देते हो जुदाई की…
उफ्फ…
मुहोब्बत में बदमाशियाँ…

*******

वक़्त की कीमत कोई उस अख़बार से पूछे . . .
दिन बीत जाने के बाद जिसकी कोई कीमत नहीं होती . . .

*******

वो पूछते हैं ईतने गम में भी खुश क्युँ हो..!!!
मैने कहा प्यार साथ दे न दे यार साथ हैं…..

*******

दिन गुज़र जाता है तपते हुए सूरज की तरह ,
शाम आती है तो ढल जाने को जी चाहता है….!!

*******

जिस दिन खुद से दोस्ती हो जायेगी,
इस कमबख्त अकेलेपन से निजात मिल जायेगी..

*******

दिखा ईद का चाँद तो मांगी ये दुआ रब से,
दे दे तेरा साथ ईद का तोहफा समझ कर…

*******

दो तरहसे देखने में इन्सान छोटे नजर आते हे,

एक दूर से और एक गुरुर से. . .

*******

उधर से चाँद तुम देखो,इधर से चाँद हम देखे..!
निगाहें यूँ टकराये के दो दिलो की ईद हो जाये..!

*******

अपने वजुद पे इतना ना इतरा ऐ जिंदगी..
वह तो मौत है जो तूझको मोहलत देती जा रही है..

*******

जाने क्यूँ बरसने से, मुकर जाता है हर बार,
मेरे हिस्से में आया है, जो टुकड़ा बादल
का…

*******

लोग मुझे पत्थर मारने आये तो वो भी साथ थे….
जिनके गुनाह कभी हम अपने सर लिया करते थे….

*******

बहुत ख़ूबसूरत है, ये वहम हमारा….

कि वो जहाँ भी हैं, सिर्फ हमारें हैं…….

********

यारा उदास मुस्कुराहटों के पीछे, ग़म के रेले हैं,
अब तुम्हे क्या बताएं, कि तुम बिन हम कितने अकेले हैं……

*******

कौन कहता है की खुदा दिखाई नहीं देता,
एक वोही तो दिखता है जब कोई दिखाई नहीं देता…

*******

हुस्न हर बार शरारत में पहल करता है ,
बात बढती है तोह इश्क के सर आती है……….

*******

अगर देखनी है कयामत तो चले आओ हमारी महफिल मे. .
सुना है आज की महफिल मे वो बेनकाब आ रहे हैँ…!!!

*******

ऊसने आकर मिजाज पूछ लिया,
अब कहाँ तबिअत संभलती है …….

*******

तुम्हारे खुश होने के अंदाज से लगता है….
कुछ टुटा है बड़ी खामोशी से तेरे अन्दर….

*******

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए….
वो अगर ज़ेहन से उतर जाएँ…..!!

*******

आसान सा रास्ता है बदनाम होने का यारो ,
ज्यादा कुछ नही फ़कत मोहब्बत कर लो …..

*******

खुद में भी तलाश किया लोगों से भी पूछा…
तेरे दूर जाने की वजह आज तक नहीं मिली…

*******

महबूब का घर हो या फरिश्तों की ज़मी..
जो छोड़ दिया फिर उसे मुड़ कर नहीं देखा…

*******

क्यों हम फिर अलग होके यहाँ नफरत को बो रहे हैं,
हासिल नहीं कुछ होता, बस अपनों को खो रहे हैं….

*******

बूँदे कुछ यूँ गिरी क़ि कुछ ख़्याल भीग गये…

*******

तूने प्यार सौदा समजके ही किया होता तो अच्छा होता.
मुनाफे के लिए ही सही तेरा प्यार थोडा तो सच्चा होता …

*******

जिनके इरादे नेक होते हैे..

उनके दोस्त अनेक होते हैं !!

*******

तुम्हीं ने अपनी लत लगाईं थी,
फिर तुम्हारी शामत तो आनी ही थी।

*******

अब तुम्हारे बिना ईद कैसे हो..!
चाँद ही तो दिखा है, तुम तो नही….

*******

कुछ तुम ले गये… कुछ ज़माना ….
इतना सकून …हम लाते भी कहाँ से..!!

*******

पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र,
आज हरे कल सूख जाएं……

क्यों ना जड़ों से सीखें, रिश्तेदारी निभाना….!!

*******

तु आये तो इद , नहीतो रोजा ,
तनहाइ अब बन गइ है बोजा ।

*******

मुबारकबाद तो देना चाहते थे हम ऊनको ईद की,
बीच में उनके फेके पत्थरो की दीवार आ गयी…

*******

आप आसमान में तकते रह गए.……
हमने चाँद खिड़कियों पर देखा है…..

*******

सोचता हूँ धोखे से ज़हर दे दूँ..

सभी ख्वाहिशों को दावत पे बुला कर ।।।

*******

जी भर गया है तो बता दो….
हमें इनकार पसंद
है….
इंतजार नहीं…!

*******

आज की रात कुछ ख़ास है . . कहो तो मांग लू तुम्हे…. .
कहते हैं के आज की रात दुआएं क़बूल होती हैं…

*******

नहीं चाहिए मुझे ऐसा कोई तोहफा जो मेरी उम्र बढ़ा दे;
दे दे मुझे कोई ऐसी दुआ जो मुझे चैन की नींद सुला दे।

*******

लोग कहते हे शराब पीने से कलेजा जलता हे…

और हम कहते हे शराब

तभी पी जाती हे जब कलेजा जलता हे।।

*******

शब्द शब्द सब कोइ कहे, शब्द के हाथ न पांव;
एक शब्द औषधि करे और इक शब्द करे सो घाव.

*******

भूखा पेट, खाली जेब, और झूठा प्रेम,

इंसान को जीवन में बहुत कुछ सिखा जाता है।

*******

तेरे प्यार की कोई दुसरी निशानी दे मुजे,
ये आंसु तो रोज गीर के सुख जाते हैं !

*******

इश्क़ के चर्चे भले ही सारी दुनिया में होते होंगे …
पर दिल तो ख़ामोशी से ही टूटते हैं ..

*******

वैसे तो एक आँसू ही बहा के मुझे ले जाए,
ऐसे कोई तूफ़ान हिला भी नहीं सकता..

*******

कभी हक़ीक़त में भी बढ़ाया करो ताल्लुक़ हमसे…..

अब ख़्वाबों की मुलाक़ातों से तसल्ली नहीं होती..!!

*******

सारी दुनियाँ मैं ईद है,
लेकिन
हमारा चाँद आज भी गुम है….

*******

आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख,
जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है।।।

*******

ख्वाहिशें रोज़ दंगे करतीं हैं घर में….
रिश्तों में अक्सर, कर्फ्यू लग जातें हैं…

*******

यूँ तो हर शाम उम्मीदों में गुज़र जाती थी।।
आज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया।।

*******

ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया।

जाने क्यों आज तेरे नाम पे रोना आया।

*******

अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें..
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं।

*******

पहले सौ बार इधर और उधर देखा है

तब कहीं डर के तुम्हें एक नज़र देखा है।

*******

कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते,

कुछ रिश्ते नाम के ही होते हैं…

*******

परेशानियों ने भी क्या खूब याद रखा मेरे घर का पता….
बस ये खुशिया ही है जो आवारा निकली….!!

*******

कुछ लोग मेरी शायरी से सीते है अपने ज़ख़्म,

कुछ लोगो को मैं चुभता हु एक नोक की तरह….

*******

तकलीफें तो हज़ारों हैं इस ज़माने में,
बस कोई अपना नज़रअंदाज़ करे तो, बर्दाश्त नहीं होता…

*******

पता है गलत हो, फिर भी अड़े हो…
तुम दिल दुखाने के, माहिर बड़े हो….!!!

*******

खबर नहीं मुझे यह जिन्दगी कहाँ ले जाए;
कहीं ठहर के मेरा इंतज़ार मत करना।

*******

जब मुझे यकीन है के खुदा मेरे साथ है।
तो इस से कोई फर्क नहीं पड़ता के कौन कौन मेरे खिलाफ है।।

*******

काश ये इश्क भी चुनावों की तरह होता…
हारने के बाद विपक्ष में बैठकर कम से कम दिल खोलकर बहस तो कर लेते.

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मिलने की तमन्ना मे जी रहा हूँ ………..!
यूँ ज़िन्दगी से मुझको भी कोई मोहब्बत
नहीं है………..!!

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आईना भला कब किसी को सच बता पाया है,
जब भी देखो दांया, तो बायां नज़र आया है….

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उनके खूबसूरत चेहरे से नकाब क्या उतरा,
जमाने भर की नीयत बेनकाब हो गयी…!

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कमाल का ताना दिया आज किसी ने कि….
अगर वो तेरा है तो तेरे पास क्यूँ नहीं..?

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बड़ा घाटे का सौदा है सदा ये साँस लेना भी,
बढ़े है उम्र ज्यूँ-ज्यूँ ज़िंदगी कम होती जाती है…

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तारीफ तेरी आखो की ज़माने से हमने बहुत सुनी है,

जब भी पलके जुखी तब महोब्बत लाखो को हुई हैं…

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एक बात पुछु जवाब मुस्कुराके देना ..

मुझे रुला कर खुश तो होना ??

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और तो कुछ नहीं चाहिए मुझे तुझसे…
ए ज़िन्दगी,
बस वो एक शख्स लौटा दे जो मुझे तुझसे भी प्यारा हैं ….

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पागल नहीं थे हम जो तेरी हर बात मानते थे ,

बस तेरी खुशी से ज्यादा कुछ अच्छा ही नही लगता था…

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जब तमन्ना जवान होती है,
ज़मीं भी आसमान होती है।।।

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मैं फिर से, ठीक तेरे जैसे की तलाश में हूँ..

गलती कर रहा हू लेकिन होशोहवास में हूँ…

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जाम का नशा होता तो पी जाता,
पर तुझे किस तरह पियूँ…!!!

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वो ज़ुल्म करते रहे,हम शिकार होते रहे,

हमें भी शौक़ था,ज़ालिम को आज़माने क़ा…

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तू जरा हाथ मेरा थाम के देख तौ सही …

लोग जल जायेगें मेहफील मे , चिरागो की तरह …

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यारा दिल की बातें जो तुम समझ
जाते ,
इन आँखों को आंसुओं की जरूरत
ना होती ………

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चुपचाप चल रहे थे सफर-ए-हयात में,

तुम पर नजर पड़ी तो गुमराह से हो गये…

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कहना ही पड़ा उसे
शायरी पढ़ कर हमारी
कंबख्त की हर बात मोहब्बत से भरी है.!!

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छोड तो सकता हुँ पर छोड नहीँ पाता …
वो शख्स मेरी बिगडी हुई आदत बन गया है___!!

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अगर गुलाम बनोगे तो कुता समजकर लात मारेगी दुनिया..
अगर गुलाम बनाओगे तो शेर समजकर सलाम ठोकेगी दुनिया…

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कमाई तो जनाज़े के दिन पता चलेगी..
दौलत तो कोई भी कमा लैता हे…….!!

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चलते थे इस जहाँ में कभी सीना तान के हम,
ये कम्बख्त इश्क़ क्या हुआ घुटनो पे आ गए हम !!!!!

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नहीं पसंद है ये सब, लेकिन कुछ तो ऐसा पसंद है, कि बस, इसके कारण इस धरती पर रहना पसंद है…

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आखिर देता मुझे ये कैसी सजा भी तू…
है गलती भी तेरी और खफ़ा भी है तू …!!

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हर रोज़ पीता हूँ तेरे छोड़ जाने के ग़म में,
वर्ना पीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं,
बहुत याद आते है तेरे साथ बीताये हुये लम्हें,
वर्ना मर मर के जीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं|

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काश मेरी ज़िन्दगी का अंत कुछ इस तरह हो,
की मेरी कबर पे बना उनका घर हो,
वो जब जब सोये ज़मीन पर,
मेरे सीने से लगा उसका सर हो…

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मैंने दिल के दरवाजे पर चिपका दी है एक चेतावनी,,,

फ़ना होने का दम रखना तभी भीतर कदम रखना..!!

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मुस्कराहट यूँ मेरे दिल के जख्मों को छुपा लेती है,
माँ जैंसे अपने बच्चों के ऐबों को सबसे छुपा लेती है…

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कभी भूख से बहुत गहरा रिश्ता रखता होगा..
वो जो आजकल अपनी रोटी बाँट कर खाता है !!

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हाथ में पैमाना , उँगलियों में सिगरेट फँसा है |
धुआँ धुआँ यादें हैं , हकीकत बस नशा है |

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जो मेरे बूरे वक्त मे मेरे साथ हैं,
में उन्हें वादा करता हूँ…
मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिये होगा…

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तेरी यादे भी समंदर के किनारों
पे आती लहेरो की तरह है ,
जो ना खुद सूखती है न किनारों
को सूखने देती ह…

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बरसती बारिशों से बस इतना ही कहना है —
के इस तरह का मौसम मेरे अंदर भी रहता है —

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मुझे मालूम है तूमनें बहुत बरसातें देखी है,
मगर मेरी इन्हीं आँखों से सावन हार जाता है…

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चाहत की राहो में काँटा भी फुल है,
चाहत को तौलना दुनिया की भूल है.

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लफ्ज़ दो ही अच्छे लगते है तुम और तुम्हारी याद…………………

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तेरे ही नाम से ज़ाना जाता हूं मैं,
ना जाने ये शोहरत है या बदनामी…

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दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में एक है,
समझदारों को समझाना…..

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कागज़ पे रख कर रोटियां खायें भी तो कैसे???

खून से लथपथ आता है अखबार आज कल…

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एक समंदर जो मेरे काबू में है
और इक कतरा है जो संभलता नही,
एक जिंदगी है जो तुम्हारे बगैर बितानी है
और इक लमहा है जो गुजरता नहीं ।

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दीवारो पर बस एक नाम लिखा था मुहब्बत….!
बारिश की बूंदों ने उसे चूम चूम के मिटा दिया…!!

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जितना छिड़का है….तूने ज़ख़्मों पे….उतना खाया नही….नमक तेरा….!

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गुजरूँगा तेरी गली से अब गधे लेकर ..!

तेरे नखरों के बोझ मुझसे उठाए नहीं जाते ..!!

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सच्चाई के आईने काले हो गये,
बुजदिलों के घर मेँ उजाले हो गए।

झूठ बाजार मेँ बेखौफ बिकता रहा,
मैंने सच कहा तो जान के लाले हो गए!

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उसीसे पुछलो उसके इश्क़ की किम्मत ..,

हम तो बस भरोसे पे बिक गए ….!!!

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नया हू अभी धिरे धिरे सिख जाऊंगा.. पर,
किसीके सामने झुक कर अपनी पेहचान
नहि बनाऊंगा…..!

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जिन्दा रहो जब तक ,लोग कमियां ही निकालते हैं ,

मरने के बाद जाने कहाँ से इतनी अच्छाइयां ढूंढ लाते हैं।

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ये चाँद चमकना छोड़ भी दे, तेरी चांदनी मुझे सताती है,
तेरे जैसा ही था उसका चेहरा, तुझे देख के वो याद आती है.

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लफ्जो की बनावट मुझे नहीं आती….

मुझे तुमसे मोहब्बत है…सीधी सी बात है ।

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अगर बिकी तेरी दोस्ती तो पहले ख़रीददार हम होंगे!

तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत पर,
पर तुझे पाकर सबसे अमीर हम होंगे…

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बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं…

अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती…

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#9558767835

 
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Posted by on November 14, 2014 in અંગત, Shayri

 

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…अधूरी लगती है,


इक़ दर्द छुपा हो सीने में, तो मुस्कान अधूरी लगती है,
जाने क्यों बिन तेरे, मुझको हर शाम अधूरी लगती है,

कहनी है तुमसे दिल की जो, वो बात जरुरी लगती है,
तेरे बिन मेरी गज़लों में , हर बात अधूरी लगती है,

दिल भी तेरा हम भी तेरे, एक आस जरुरी है,
अब बिन तेरे मेरे दिल को, हर सांस अधूरी लगती है,

माना की जीने की खातिर, कुछ आन जरुरी लगती है,
जाने क्यों,”मन”को तेरे बिन, ये शान अधूरी लगती है,

 

लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते ..!


कोर्ट में एक अजीब मुकदमा आया,
एक सिपाही एक कुत्ते को बांध कर लाया.
सिपाही ने जब कटघरे में आकर कुत्ता खोला,
कुत्ता रहा चुपचाप, मुँह से कुछ ना बोला..!
नुकीले दांतों में कुछ खून-सा नज़र आ रहा था,
चुपचाप था कुत्ता, किसी से ना नजर मिला रहा था.
फिर हुआ खड़ा एक वकील ,देने लगा दलील,
बोला, इस जालिम के कर्मों से यहाँ मची तबाही है.
इसके कामों को देख कर इन्सानियत घबराई है,
ये क्रूर है, निर्दयी है, इसने तबाही मचाई है.

दो दिन पहले जन्मी एक कन्या, अपने दाँतों से खाई है,
अब ना देखो किसी की बाट,
आदेश करके उतारो इसे मौत के घाट…

जज की आँख हो गयी लाल,
तूने क्यूँ खाई कन्या, जल्दी बोल डाल..
तुझे बोलने का मौका नहीं देना चाहता,
लेकिन मजबूरी है, अब तक तो तू फांसी पर लटका पाता…

जज साहब, इसे जिन्दा मत रहने दो.

कुत्ते का वकील बोला, लेकिन इसे कुछ कहने तो दो,
फिर कुत्ते ने मुंह खोला ,और धीरे से बोला,
हाँ, मैंने वो लड़की खायी है,
अपनी कुत्तानियत निभाई है,
कुत्ते का धर्म है ना दया दिखाना,
माँस चाहे किसी का हो, देखते ही खा जाना.

पर मैं दया-धर्म से दूर नही,
खाई तो है, पर मेरा कसूर नही,
मुझे याद है, जब वो लड़की छोरी कूड़े के ढेर में पाई थी,
और कोई नही, उसकी माँ ही उसे फेंकने आई थी,
जब मैं उस कन्या के गया पास
उसकी आँखों में देखा भोला विश्वास,
जब वो मेरी जीभ देख कर मुस्काई थी,
कुत्ता हूँ, पर उसने मेरे अन्दर इन्सानियत जगाई थी.

मैंने सूंघ कर उसके कपड़े, वो घर खोजा था,
जहाँ माँ उसकी थी, और बापू भी सोया था,
मैंने भू-भू करके उसकी माँ जगाई,
पूछा तू क्यों उस कन्या को फेंक कर आई!!!?
चल मेरे साथ, उसे लेकर आ,
भूखी है वो, उसे अपना दूध पिला.

माँ सुनते ही रोने लगी,
अपने दुख सुनाने लगी,
बोली, कैसे लाऊँ अपने कलेजे के टुकड़े को!!?

तू सुन, तुझे बताती हूँ अपने दिल के दुखड़े को,
मेरी सासू मारती है तानों की मार,
मुझे ही पीटता है, मेरा भतार,
बोलता है लङ़का पैदा कर हर बार,
लङ़की पैदा करने की है सख्त मनाही.
कहना है उनका कि कैसे जायेंगी ये सारी ब्याही!!!

वंश की तो तूने काट दी बेल,
जा खत्म कर दे इसका खेल.
माँ हूँ, लेकिन थी मेरी लाचारी,
इसलिए फेंक आई, अपनी बिटिया प्यारी.

कुत्ते का गला भर गया,
लेकिन बयान वो पूरे बोल गया….!
बोला, मैं फिर उल्टा आ गया,
दिमाग पर मेरे धुआं सा छा गया.

वो लड़की अपना, अंगूठा चूस रही थी,
मुझे देखते ही हंसी, जैसे मेरी बाट में जग रही थी.
कलेजे पर मैंने भी रख लिया था पत्थर, फिर भी काँप रहा था मैं थर-थर.

मैं बोला, अरी बावली, जीकर क्या करेगी…!!?
यहाँ दूध नही, हर जगह तेरे लिए जहर है, पीकर क्या करेगी..!!?

हम कुत्तों को तो, करते हो बदनाम,
परन्तु हमसे भी घिनौने, करते हो काम.
जिन्दी लड़की को पेट में मरवाते हो,
और खुद को इंसान कहलवाते हो.
मेरे मन में, डर कर गयी उसकी मुस्कान
लेकिन मैंने इतना तो लिया था जान.

जो समाज इससे नफरत करता है,
कन्याहत्या जैसा घिनौना अपराध करता है,
वहां से तो इसका जाना अच्छा,
इसका तो मर जान अच्छा.

तुम लटकाओ मुझे फांसी, चाहे मारो जूत्ते,
लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते,
लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते ..!